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  • एआई समिट के बाद भारत का बड़ा रणनीतिक कदम सेना में तेजी से शामिल हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक

    एआई समिट के बाद भारत का बड़ा रणनीतिक कदम सेना में तेजी से शामिल हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक

    नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के बाद भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत अब अपनी सशस्त्र सेनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक को तेजी से शामिल कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य सेना को भविष्य के तकनीक आधारित युद्ध के लिए तैयार करना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक किसी देश की सैन्य ताकत का आकलन उसकी सेना के आकार टैंकों की संख्या और मिसाइलों की मारक क्षमता के आधार पर किया जाता था। लेकिन बदलते दौर में युद्ध की रणनीति भी बदल रही है। आधुनिक युद्ध में अब सूचना हासिल करने की गति और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है जितनी कि हथियारों की ताकत।

    रक्षा रणनीतिकार अक्सर OODA Loop का जिक्र करते हैं जिसका अर्थ है ऑब्जर्व ओरिएंट डिसाइड और एक्ट यानी स्थिति को देखना समझना फैसला लेना और तुरंत कार्रवाई करना। किसी भी सेना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह इन चार चरणों को कितनी तेजी से पूरा कर सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसी प्रक्रिया को तेज और अधिक सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    समिट के दौरान Strategic Forces Command ने एक नया स्वदेशी एआई टूल भी प्रस्तुत किया। बताया जा रहा है कि यह तकनीक भारत की सीमा निगरानी प्रणाली को काफी हद तक बदल सकती है। यह एआई सिस्टम सैटेलाइट तस्वीरों ड्रोन फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का विश्लेषण करके सीमा क्षेत्रों में संभावित सैन्य गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम है।

    रिपोर्ट के अनुसार यह सिस्टम Line of Actual Control के आसपास होने वाली गतिविधियों पर विशेष नजर रख सकता है। इसकी सटीकता लगभग 94 प्रतिशत बताई जा रही है। खास बात यह है कि यह टूल तंबू या सैन्य उपकरण जैसे स्पष्ट संकेत दिखाई देने से पहले ही संभावित सैन्य जमावड़े की पहचान कर सकता है।

    अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक की मदद से सेना किसी भी असामान्य गतिविधि को शुरुआती चरण में ही पहचान सकती है और तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती है। पहले जहां मानव विश्लेषकों को बड़ी मात्रा में डेटा का अध्ययन करने में अधिक समय लगता था वहीं एआई सिस्टम इस डेटा को तेजी से प्रोसेस करके रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे सैन्य कमांडरों को जमीन पर तनाव बढ़ने से पहले ही रणनीतिक फैसले लेने में मदद मिलती है।

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को धीरे धीरे सेना की तीनों शाखाओं में शामिल किया जा रहा है। भारतीय सेना में SAM-UN platform नामक एक सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है जिसके माध्यम से पुराने टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है।

    इन सैन्य प्लेटफॉर्मों में एआई आधारित फायर कंट्रोल सिस्टम जोड़े जा रहे हैं जिससे पुराने हथियार भी आधुनिक युद्धक्षेत्र में प्रभावी बने रह सकें। इससे नई सैन्य गाड़ियों की पूरी नई फ्लीट खरीदने की आवश्यकता भी कम हो सकती है और रक्षा संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक भारतीय सेना की रणनीति और युद्ध क्षमता को नई दिशा दे सकती है और सीमा सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बना सकती है।

  • बिहार की राजनीति में नया मोड़ नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भरा राज्यसभा नामांकन

    बिहार की राजनीति में नया मोड़ नीतीश कुमार सहित एनडीए के पांच उम्मीदवारों ने भरा राज्यसभा नामांकन


    नई दिल्ली :बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। खास बात यह रही कि नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी मौजूद रहे। इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे संभावित राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
    नामांकन प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पांचों दलों ने एक साथ अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया। इनमें नीतीश कुमार के अलावा नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार राम और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। सभी उम्मीदवार बिहार विधान सभा परिसर पहुंचे और राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

    नामांकन के दौरान अमित शाह की मौजूदगी ने इस प्रक्रिया को और भी राजनीतिक रूप से अहम बना दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीति से भी जुड़ा हो सकता है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पटना में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने अपने संदेश में जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा बनाए रखा है और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ की है।

    अपने पोस्ट में नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि उनके संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी भावना के तहत उन्होंने इस बार राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा जताई है और चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

    गौरतलब है कि Election Commission of India ने 18 फरवरी को देश के 10 राज्यों में खाली हो रही 37 सीटों के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इन सीटों पर चुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने वाला है।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    नामांकन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे जहां उन्होंने नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस दौरान राज्यसभा चुनाव के साथ साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई।

  • पीएम मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब से की मुलाकात व्यापार तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर जोर

    पीएम मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब से की मुलाकात व्यापार तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर जोर

    नई दिल्ली :प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित Hyderabad House में Alexander Stubb के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और Finland के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ व्यापार निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों यानी एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए।

    बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए अलेक्जेंडर स्टब का भारत में स्वागत करना उनके लिए सम्मान और खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि स्टब जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष आयोजित होने वाले Raisina Dialogue का मुख्य अतिथि बनना भी भारत के लिए गर्व की बात है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। Ukraine से लेकर West Asia तक कई क्षेत्रों में तनाव देखा जा रहा है। ऐसे समय में भारत और यूरोप के देशों के बीच सहयोग का एक नया दौर शुरू हो रहा है जो वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

    उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ता सहयोग साझा विकास और समृद्धि के नए अवसर पैदा कर रहा है। वर्ष 2026 की शुरुआत में दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता भी हुआ है जिससे व्यापार निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भारत और फिनलैंड महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Nokia के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा फिनलैंड के आर्किटेक्ट्स के सहयोग से Chenab River पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनाया गया है।

    उन्होंने यह भी बताया कि फिनलैंड के सहयोग से Numaligarh में दुनिया की सबसे बड़ी बायो एथेनॉल रिफाइनरी परियोजनाओं में से एक स्थापित की गई है। इन परियोजनाओं से दोनों देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिली है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति स्टब की इस यात्रा से भारत और फिनलैंड के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का नया स्वरूप मिलेगा। यह सहयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर 6जी टेलीकॉम तकनीक तक और क्लीन एनर्जी से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे हाईटेक क्षेत्रों तक विस्तारित होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही अंतरराष्ट्रीय कानून संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। दोनों देशों का मानना है कि किसी भी वैश्विक विवाद का समाधान केवल सैन्य शक्ति से नहीं बल्कि बातचीत और सहयोग से ही संभव है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे यूक्रेन का संकट हो या पश्चिम एशिया का तनाव भारत और फिनलैंड शांति और स्थिरता के हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे और आतंकवाद के सभी रूपों को समाप्त करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

  • नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

    नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा


    नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और नीतीश कुमार के लंबे और भ्रष्टाचार-मुक्त राजनीतिक सफर की सराहना की। शाह ने कहा कि नीतीश का कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा और उन्होंने बिहार को जंगलराज से मुक्त करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बिहार की सड़कों और ग्रामीण विकास में भी योगदान दिया और अपनी राजनीतिक यात्रा में किसी तरह के भ्रष्टाचार का आरोप कभी नहीं लगा।

    नामांकन के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यसभा में जाने के बावजूद वे बिहार की नई सरकार को हर तरह से सहयोग देंगे। उन्होंने अपने संसदीय जीवन के महत्व और जनता के प्रति जिम्मेदारी पर जोर दिया। नीतीश के इस ऐलान के बाद तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू किया गया है और बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक कर दिया। उनका कहना था कि सहयोगी पार्टी को ताकत से दबाकर नीतीश को राज्यसभा भेजा गया।

    नीतीश के राज्यसभा नामांकन की खबर मिलते ही सुबह से ही JDU कार्यकर्ता उनके मुख्यमंत्री आवास पर इकट्ठा होने लगे। कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार को कहीं नहीं जाने देंगे। इस दौरान CM हाउस के बाहर भावुक दृश्य देखने को मिले और कई कार्यकर्ता रोते हुए नजर आए। कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भी CM हाउस से बाहर निकाल दिया।

    JDU कार्यालय में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और हंगामा किया। कई जिलों जैसे बेगूसराय और नालंदा में नीतीश के राज्यसभा जाने का विरोध हुआ। कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह, विजय चौधरी, संजय झा मुर्दाबाद के नारे लगाए, जिसके कारण JDU ऑफिस का गेट बंद कर दिया गया। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार के योगदान की चर्चा दशकों तक होती रहेगी और कार्यकर्ताओं के लिए यह फैसला सहज रूप से अपनाना मुश्किल है, लेकिन वे इसे स्वीकार करेंगे।

    अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि नीतीश कुमार 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री रहे और अब लंबे अरसे के बाद राज्यसभा सांसद के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं। शाह ने उनके प्रशासनिक कौशल, सादगी और बिहार में विकास कार्यों के लिए किए गए योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के हर गांव और घर में बिजली पहुंचाई और पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया।

    नीतीश कुमार ने भी अपने पोस्ट में कहा कि संसदीय जीवन के लिए उनका सपना है कि वे दोनों सदनों का अनुभव लें और बिहार के विकास के लिए काम करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे बिहार की नई सरकार को सहयोग दें और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखें।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्यसभा के लिए नीतीश का नामांकन और JDU कार्यकर्ताओं का गुस्सा बिहार में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह घटना न केवल राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि आगामी दिनों में बिहार की सियासत में हलचल और बढ़ सकती है।

    नीतीश कुमार का यह कदम उनके समर्थकों और आलोचकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। राज्यसभा में जाने के साथ ही वे राष्ट्रीय स्तर पर फिर से सक्रिय भूमिका निभाएंगे, वहीं कार्यकर्ताओं का विरोध और नाराजगी बीजेपी और JDU के बीच संबंधों की जटिलता को भी दर्शाता है।

  • दो दशक बाद नया राजनीतिक कदम नीतीश कुमार राज्यसभा जाना चाहते हैं नई सरकार को मार्गदर्शन देने का वादा

    दो दशक बाद नया राजनीतिक कदम नीतीश कुमार राज्यसभा जाना चाहते हैं नई सरकार को मार्गदर्शन देने का वादा


    नई दिल्ली:
    बिहार की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने साफ कर दिया है कि वे राज्यसभा जाना चाहते हैं उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में जो भी नई सरकार बनेगी उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संदेश में जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो दशक से भी अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा और समर्थन बनाए रखा है इसी विश्वास के कारण उन्हें राज्य की सेवा करने का अवसर मिला उन्होंने कहा कि जनता के भरोसे की ताकत से ही बिहार आज विकास और सम्मान की नई पहचान बना रहा है उन्होंने इस भरोसे और समर्थन के लिए एक बार फिर लोगों का धन्यवाद भी दिया

    अपने पोस्ट में उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की एक पुरानी इच्छा का भी जिक्र किया उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने संसदीय जीवन की शुरुआत की थी तभी से उनके मन में यह इच्छा थी कि वे बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें इसी क्रम में अब वे राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं

    नीतीश कुमार ने अपने संदेश में यह भी भरोसा दिलाया कि जनता के साथ उनका रिश्ता आगे भी पहले की तरह बना रहेगा उन्होंने कहा कि एक विकसित बिहार बनाने का उनका संकल्प आगे भी जारी रहेगा और वे भविष्य में भी जनता के साथ मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करते रहेंगे उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में जो भी नई सरकार बनेगी उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा

    गौरतलब है कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक माने जाते हैं वे पिछले करीब दो दशकों से राज्य की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं वर्ष 2025 में उन्होंने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी इसके साथ ही वे राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन चुके हैं

    उनका राजनीतिक सफर भी काफी लंबा और दिलचस्प रहा है वर्ष 1985 में वे पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए थे इसके बाद वर्ष 1989 में उन्होंने पहली बार लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया इसके बाद वे लगातार 1989 से 2004 तक बाढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने जाते रहे

    मार्च 2000 में उन्होंने पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था हालांकि उस समय उनकी सरकार बहुमत साबित नहीं कर सकी और मात्र सात दिनों में ही गिर गई इसके बाद वर्ष 2001 से 2004 के बीच उन्होंने केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया और रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली

    बिहार में वर्ष 2005 के बाद से नीतीश कुमार की राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत होती गई हालांकि वर्ष 2014 से 2015 के बीच कुछ समय के लिए Jitan Ram Manjhi मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उसके बाद फिर से नीतीश कुमार ने सत्ता संभाली और तब से अब तक वे राज्य की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता बने हुए हैं

    अब उनके राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर करने के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला राज्य की भविष्य की राजनीति और सत्ता संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है

  • कांग्रेस ने घोषित किए राज्यसभा के लिए 6 उम्मीदवार, तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी को फिर चुना

    कांग्रेस ने घोषित किए राज्यसभा के लिए 6 उम्मीदवार, तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी को फिर चुना



    नई दिल्ली । कांग्रेस ने गुरुवार को राज्यसभा चुनावों के लिए छह उम्मीदवारों की घोषणा की। जिनमें वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी को तेलंगाना से फिर उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने सिंघवी के अलावा छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम, हरियाणा से करमवीर सिंह बौद्ध, हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा, तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक तथा तेलंगाना से वी नरेंद्र रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है।

    वी नरेंद्र रेड्डी ने जताया आभार
    नरेंद्र रेड्डी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा “कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में मेरी घोषणा करने के लिए माननीय सोनिया गांधी, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एआईसीसी सचिव केसी वेणुगोपाल, सांसद प्रियंका गांधी, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कांग्रेस कार्यपालिका प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, पीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और कांग्रेस पार्टी हाई कमांड को मेरा हार्दिक धन्यवाद।”

    राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को
    देश के 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को निर्धारित है और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी। महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से निर्वाचित 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो जाएगा, जिससे नए सदस्यों के चुनाव के लिए सभी सीटें खाली हो जाएंगी।

    बता दें कि चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की गई थीं। नामांकन की अंतिम तिथि आज यानी 5 मार्च है, जिसके बाद 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 9 मार्च तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।

  • मौसम का बदला मिजाज दिल्ली में चुभती धूप तेज हवाएं यूपी बिहार में बढ़ेगा तापमान पहाड़ों पर फिर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ

    मौसम का बदला मिजाज दिल्ली में चुभती धूप तेज हवाएं यूपी बिहार में बढ़ेगा तापमान पहाड़ों पर फिर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ

    नई दिल्ली:  देशभर में मार्च की शुरुआत के साथ ही मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है होली के आसपास तापमान में उतार चढ़ाव के बीच अलग अलग राज्यों में मौसम का अलग रूप नजर आ रहा है भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 5 मार्च को देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ेगा जबकि पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है

    राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मार्च की शुरुआत के साथ ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है मौसम विभाग के अनुसार दिन में तेज धूप और हल्की तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा यह अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 से 5 डिग्री अधिक बताया गया है

    सफदरजंग मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से लगभग 5.8 डिग्री अधिक है वहीं न्यूनतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले सात दिनों में राजधानी का तापमान करीब 6 डिग्री तक और बढ़ सकता है जिससे गर्मी का असर और तेज होने की संभावना है

    दिल्ली के अलग अलग इलाकों में तापमान में हल्का अंतर जरूर देखने को मिला पालम मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि लोधी रोड में 32.8 डिग्री दिल्ली रिज में करीब 33 डिग्री और आयानगर में 32.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राजधानी में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और 6 मार्च से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है हालांकि इसका असर दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों पर ज्यादा देखने को नहीं मिलेगा लेकिन पहाड़ी राज्यों में मौसम में बदलाव जरूर आएगा

    उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गर्मी धीरे धीरे अपने तेवर दिखाने लगी है उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है लखनऊ कानपुर बरेली आगरा मथुरा गोरखपुर और बांदा जैसे शहरों में दिन के समय तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है

    बिहार में भी मौसम फिलहाल साफ बना हुआ है और दिन में तापमान बढ़ता नजर आ रहा है पिछले 24 घंटों में बांका राज्य का सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया इसके अलावा पटना और गया में भी गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में बिहार के तापमान में 1 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है और आने वाले एक सप्ताह में कई जिलों में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है

    वहीं झारखंड के कुछ जिलों में मौसम थोड़ा अलग नजर आ रहा है दक्षिणी जिलों पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है जबकि देवघर गोड्डा और दुमका जैसे उत्तर पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है

    देश के अन्य राज्यों की बात करें तो पंजाब और हरियाणा में मौसम सामान्य रहने की संभावना है सुबह हल्की ठंडक और दिन में धूप के कारण तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है

    गुजरात और महाराष्ट्र में भी गर्मी का असर बढ़ने लगा है अहमदाबाद सूरत मुंबई पुणे और नागपुर जैसे शहरों में दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है वहीं दक्षिण भारत के राज्यों कर्नाटक केरल तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है जहां तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है

    इधर पहाड़ी राज्यों में मौसम फिर करवट ले सकता है हिमाचल प्रदेश में 7 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है जिसके कारण लाहौल स्पीति किन्नौर चंबा और कुल्लू के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है वहीं उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भी बारिश के आसार जताए गए हैं

  • ओम बिरला ने विशेषाधिकार समिति के 15 सदस्य किए मनोनीत, रविशंकर प्रसाद होंगे अध्यक्ष

    ओम बिरला ने विशेषाधिकार समिति के 15 सदस्य किए मनोनीत, रविशंकर प्रसाद होंगे अध्यक्ष

    नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की विशेषाधिकार समिति के पुनर्गठन की घोषणा करते हुए मंगलवार को 15 सदस्यों को मनोनीत किया। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
    लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, समिति में विभिन्न दलों के सांसदों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

    समिति में शामिल सदस्य
    भारतीय जनता पार्टी से:
    बृजमोहन अग्रवाल
    रामवीर सिंह बिधूड़ी
    संगीता कुमारी सिंह देव
    जगदंबिका पाल
    त्रिवेंद्र सिंह रावत
    जगदीश शेट्टर

    कांग्रेस से:
    तारिक अनवर
    मनीष तिवारी
    मणिकम टैगोर

    अन्य दलों से:
    समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव
    द्रमुक (DMK) के टी.आर. बालू
    तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी
    शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने
    शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सावंत
    क्या है विशेषाधिकार समिति की भूमिका?

    विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थायी समिति होती है, जो सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े मामलों की जांच करती है।

    समिति उन मामलों की पड़ताल करती है जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संदर्भित किया जाता है।

    जांच के बाद यह समिति अपनी सिफारिशें सदन को सौंपती है।

    संरचना के अनुसार, लोकसभा में अध्यक्ष द्वारा 15 सदस्यों को नामित किया जाता है, जबकि राज्यसभा में सभापति द्वारा 10 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं।

    बहुदलीय प्रतिनिधित्व
    आधिकारिक सूचना के अनुसार, समिति में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और द्रमुक सहित कई दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों की जांच बहुदलीय सहभागिता के साथ की जाए।

    इस नियुक्ति के साथ ही नई समिति औपचारिक रूप से अपने कार्यों का निर्वहन शुरू करेगी।

  • Iran war: पश्चिम एशिया में फंसे लोगो की वापसी की तैयारी में जुटी सरकार.. आज 58 फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान

    Iran war: पश्चिम एशिया में फंसे लोगो की वापसी की तैयारी में जुटी सरकार.. आज 58 फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव के कारण हवाई सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। इस बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने मंगलवार को जानकारी दी कि एयरलाइनों ने अपनी उड़ानों के शेड्यूल में सावधानीपूर्वक बदलाव किए हैं और 4 मार्च को कुल 58 उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर एयरलाइंस अतिरिक्त उड़ानें चला रही हैं और विदेशी विमानन प्राधिकरणों तथा भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

    मंत्रालय के अनुसार, आज भारतीय एयरलाइनों की तरफ से 24 उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों से एमिरेट्स और एतिहाद एयरवेज ने 9 उड़ानें संचालित की हैं। सरकार ने कहा कि वह लगातार एयरलाइनों के संपर्क में है और हवाई किरायों पर नजर रख रही है, ताकि इस संकट के समय टिकट की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। मंत्रालय ने बताया कि भारतीय एयरलाइनों ने लंबी दूरी और अति लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से धीरे-धीरे फिर से शुरू करना शुरू कर दिया है।


    क्या है चार मार्च की योजना?

    ये उड़ानें उन हवाई क्षेत्रों से बचकर चलाई जा रही हैं, जो फिलहाल बंद या प्रतिबंधित हैं। बता दें कि 4 मार्च को कुल 58 उड़ानों की योजना बनाई गई है। इनमें 30 उड़ानें इंडिगो की तरफ से और 23 उड़ानें एअर इंडिया तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित की जाएंगी। भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच विदेशी एयरलाइंस भी सीमित संख्या में उड़ानें चला रही हैं, जो संचालन और हवाई क्षेत्र की स्थिति पर निर्भर हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है।


    डीजीसीए ने दी जानकारी

    मंत्रालय के अनुसार, अब तक भारतीय एयरलाइनों की 1,221 उड़ानें और विदेशी एयरलाइनों की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। केवल मंगलवार को ही भारतीय एयरलाइनों ने 104 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं। 28 फरवरी से अब तक तीन दिनों में कुल 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुई हैं। सरकार ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को स्पष्ट और समय पर जानकारी दें तथा रिफंड, री-शेड्यूलिंग और अन्य सहायता से जुड़े नियमों का पालन करें।


    एअर इंडिया ने क्या जानकारी दी?

    इस बीच एअर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए उसने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इस्राइल और कतर के लिए अपनी अधिकांश उड़ानों को 4 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। एयरलाइन ने कहा है कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे की स्थिति के अनुसार निर्णय लेगी। इसके साथ ही सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह एयरलाइनों, एयरपोर्ट ऑपरेटरों, नियामक संस्थाओं और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सके।