Category: National

  • मणिपुर के डिप्टी सीएम पर क्यों हो गया बवाल, कुकी समुदाय ने किया विधायकों का बहिष्कार

    मणिपुर के डिप्टी सीएम पर क्यों हो गया बवाल, कुकी समुदाय ने किया विधायकों का बहिष्कार


    नई दिल्ली। मणिपुर में नई सरकार बनते ही चुराचांदपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क गई। जानकारी के मुताबिक तुइबोंग इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और नई सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोगों ने आग जलाकर प्रदर्शन किए। भीड़ को नियंत्रण करे के प्रयास में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़प हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी गई है।

    उपमुख्यमंत्री का हो रहा था विरोध

    यह झड़प समुदाय के एक विधायक नेमचा किपगेन के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने के विरोध में हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी तुइबोंग बाजार के पास जमा हुए और टायर जलाकर किपगेन के खिलाफ नारे लगाए। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति तब और बिगड़ गई जब सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। वहां तैनात कर्मियों की तुलना में भीड़ की संख्या अधिक थी और उन्होंने पथराव किया जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।

    उन्होंने बताया कि इस घटना में दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बलों को भेजा गया है।” कांगपोकपी के रहने वाले किपगेन के बुधवार शाम को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से जिले में तनाव व्याप्त है।

    कुकी समुदाय ने कर दी बहिष्कार की घोषणा

    मणिपुर सरकार में तीन कुकी-जो विधायकों के शामिल होने के बाद एक संगठन ने उन पर समुदाय के साथ विश्वासघात करने और मेइती समुदाय के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की। कई समूहों ने कुकी बहुल चूड़ाचांदपुर जिले में शुक्रवार को ‘पूर्ण बंद’ का आह्वान भी किया। मणिपुर में मई 2023 में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क उठी थी, जिसके चलते पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।

    कुकी-जो समुदाय के नेताओं द्वारा समुदाय के लिए एक अलग प्रशासनिक इकाई की मांग के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने यह पदभार भाजपा नेता एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के लगभग एक वर्ष बाद संभाला। कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट की विधायक एल. दिखो ने मणिपुर के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। विधानसभा में कुकी-जो समुदाय के कुल 10 विधायक हैं, जिनमें से सात भाजपा से हैं।

    हमार जनजाति के विधायक एन. सनाते, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उस दल का हिस्सा थे, जिन्होंने इंफाल में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर राज्य में सरकार गठन का दावा पेश किया। इस दल में कुकी-जो जनजाति के एक अन्य विधायक, एल. एम. खौते भी शामिल थे। हमारे लोग कुकी-जो समुदाय का हिस्सा हैं।

    कुकी जो परिषद (केजेडसी) ने गुरुवार को एक बयान में मणिपुर सरकार के गठन में कुछ कुकी-जो विधायकों की भागीदारी की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हुए कहा कि यह 13 जनवरी 2026 के लुंगथू प्रस्ताव का घोर उल्लंघन है।प्रस्ताव के अनुसार, कुकी-जो समुदाय के सदस्य सरकार गठन में तभी भाग लेंगे जब केंद्र और राज्य के अधिकारियों से लिखित आश्वासन प्राप्त होगा कि एक विधायिका के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में एक अलग प्रशासन होगा।

    इसमें कहा गया है कि सरकार में शामिल होकर, इन कुकी विधायकों ने प्रभावी रूप से खुद को मेइती लोगों के साथ जोड़ लिया है और उन्होंने अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है। संगठन ने बयान में कहा, ”केजेडसी मणिपुर सरकार के गठन में भाग लेने वाले सभी कुकी-जो विधायकों की निंदा करता है और कुकी-जो के सभी क्षेत्रों में उनके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की घोषणा करता है।”

    संगठन ने कुकी-जो लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी सामाजिक, पारंपरिक या सार्वजनिक मामले में उनके साथ सहयोग या संबंध न रखें। संगठन ने कहा कि यह बहिष्कार तब तक लागू रहेगा जब तक वे कुकी-जो लोगों के सामूहिक रुख के अनुरूप स्वयं को स्थापित नहीं कर लेते। कुछ कुकी उग्रवादी संगठनों ने भी समुदाय के विधायकों को सरकार गठन में भाग लेने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है।

    बुधवार रात कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और सड़क पर बांस रखकर नेमचा किपगेन के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का विरोध किया। कुकी लिबरेशन आर्मी (लेटखोलुन) ने एक बयान में कहा कि वह एक “स्पष्ट और अंतिम चेतावनी” जारी कर रही है। संगठन ने कहा कि कोई भी कुकी-जो प्रतिनिधि, जो सरकार के गठन में भाग लेने का फैसला करता है, उसे समुदाय के लोगों के साथ विश्वासघात करने वाला माना जाएगा।

    बयान में कहा, ”ऐसे किसी भी कदम के चलते अगर कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उन कुकी-जो विधायकों पर ही होगी।” मणिपुर में तीन मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है, जिसकी शुरुआत पहाड़ी जिलों में निकाली गई एक आदिवासी एकजुटता रैली के बाद हुई थी। यह रैली बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में निकाली गई थी। हिंसा में अब तक कुकी और मेइती समुदायों के सदस्यों तथा सुरक्षा कर्मियों सहित कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है, तथा हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

  • जनकपुरी में बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरा, मौत, दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दिए..

    जनकपुरी में बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरा, मौत, दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दिए..


    नई दिल्ली । दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात एक बाइक सवार युवक गहरे गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। युवक पालम से जनकपुरी की ओर आ रहा था तभी सड़क पर बने गड्ढे में गिरा। घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश फैल गया।

    स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि गड्ढा काफी समय से खुला हुआ था और इसे दिल्ली जल बोर्ड ने खोदा था। लोगों का कहना है कि नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और लापरवाही जारी रही। युवक पालम से जनकपुरी की तरफ आ रहा था और वह सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में गिर गया। बताया जा रहा है कि युवक गंभीर रूप से घायल होने के कारण पूरी रात वहीं फंसा रहा जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

    दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया:
    दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि घटना की गंभीर जांच की जाएगी। इसके लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी प्रकार की लापरवाही या कमी पाई जाती है तो ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

    AAP का आरोप:
    दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक मासूम बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरकर रातभर फंसा रहा और उसकी मौत हो गई लेकिन दिल्ली की बीजेपी सरकार ने इससे कोई सबक नहीं लिया। वे रोज झूठ बोलते हैं।

    पिछला मामला:
    हाल ही में नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क पर गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटा दिया और एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।

  • UP Panchayat Election 2026: यूपी पंचायत चुनाव लेकर बड़ी खबर आई सामने, अब राज्य आयोग ने जारी किया ये खास आदेश

    UP Panchayat Election 2026: यूपी पंचायत चुनाव लेकर बड़ी खबर आई सामने, अब राज्य आयोग ने जारी किया ये खास आदेश


    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं. जिसके तहत जिला निर्वाचन अधिकारियो को सूचनाओं में विसंगतियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. चुनाव आयोग के आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं.  राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में सभी जिला मजिस्ट्रेट और जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत एवं नगरीय निकाय को जानकारी दे दी है. जिसमें पंचायती राज द्वारा उपलब्ध कराए गए सदस्य ग्राम पंचायत एवं सदस्य क्षेत्र पंचायत के आंकड़ों में अंतर मिला है. इसलिए आयोग ने इसे पोर्टल पर ठीक करने का निर्देश दिया है.

    चुनाव आयोग ने दिए निर्देश

    जिला निर्वाचन अधिकारी के ये कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. जिसमें ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत विवरण का मिलान करने को कहा गया है. आयोग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के परिसीमन के बाद सूचना उपलब्ध कराई गई है.  आयोग ने निदेशक को निर्देश दिए हैं कि पंचायती राज द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना से आयोग के पोर्टल पर जनपदों द्वारा फ़ीड की गई सदस्य ग्राम पंचायत एवं सदस्य क्षेत्र पंचायत की सूचना में भिन्नता पाई गई है. इसलिए इस सूचना का ग्राम पंचायत की सूचना को मिलान करते हुए आयोग के पोर्टल पर शुद्ध किया जाए.

    ग्राम पंचायत डाटा में मिली अशुद्धता
    चुनाव आयोग ने साफ़ कहा कि डाटा की शुद्धता निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए जरूरी है. इसलिए जल्द से जल्द ये सूचनाओं के विवरण का सत्यापन कर पोर्टल पर सही विवरण दर्ज कराया जाए. बता दें उत्तर प्रदेश में जल्द ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं, जिसे लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है. कयास लग रहे है कि इस साल अप्रैल-मई में ये चुनाव कराए जा सकते हैं, चुनाव की ये पूरी प्रक्रिया दो महीने में पूरी हो जाएगी.

  • Punjab: जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मार कर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर निकलते समय हुआ हमला

    Punjab: जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मार कर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर निकलते समय हुआ हमला


    नई दिल्ली ।पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता लक्की ओबेरॉय की 6 फरवरी की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर उस समय हुईजब लक्की ओबेरॉय अरदास के बाद बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने वाले थे. तभी पहले से घात लगाए बैठे 2 अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गयाजहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए.
    पुलिल कर रही है जांच
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है. रुद्वारे और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही हैताकि हमलावरों की पहचान की जा सके कि कौन लोग थे और लक्की को क्यों निशाना बनाया गया. इस हत्या के बाद पुलिस अपनी जांच का दायरा कई पहलुओं तक बढ़ा रही है. पुरानी रंजिश से लेकर किसी बदमाश गैंग द्वारा वारदात को अंजाम देने या जिम्मेदारी लेने के एंगल तकहर संभावित कारण की गहन जांच की जा रही है.

    आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची- कांग्रेस

    पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता के लिए आम आदमी पार्टीसरकार को जिम्मेदार ठहराया है. हत्या की खबर सामने आते ही बाजवा ने एक्स पर पोस्ट कर कहाजालंधर के एक गुरुद्वारे के बाहर आप नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हुई चौंकाने वाली हत्या ने इस भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है. अगर सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैंतो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है? उन्होंने आगे सवाल कियापंजाब आज भयगिरोह हिंसा और प्रशासनिक गतिरोध की चपेट में हैजबकि AAP सरकार जनसंपर्क और बहानेबाजी में व्यस्त है. मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देना होगाइस पूर्ण व्यवस्था के पतन के लिए कौन जिम्मेदार है?

  • भारत की वायुसेना को बड़ा बूस्ट: 100 से ज्यादा राफेल विमानों की खरीद पर चर्चा, खर्च 3.25 लाख करोड़

    भारत की वायुसेना को बड़ा बूस्ट: 100 से ज्यादा राफेल विमानों की खरीद पर चर्चा, खर्च 3.25 लाख करोड़


    नई दिल्ली । रक्षा बजट बढ़ाने के बाद अब भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी जोर पकड़ रही है। खबर है कि भारत फ्रांस के साथ 100 से ज्यादा राफेल लड़ाकू विमान खरीदने पर बातचीत करने वाला है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब सीमा पर पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से संबंध तनावपूर्ण हैं।

    बड़ी डील की तैयारी

    फरवरी के तीसरे हफ्ते में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे से पहले रक्षा मंत्रालय भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल विमानों की 3.25 लाख करोड़ रुपये की खरीद पर चर्चा कर सकता है। पिछले महीने रक्षा खरीद बोर्ड ने इस प्रस्ताव को शुरुआती मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति मैक्रों 18 फरवरी को एआई शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में रहेंगे। रक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि यह प्रस्ताव अगले हफ्ते रक्षा मंत्रालय की उच्च-स्तरीय बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। इसे भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल जरूरतों और मौजूदा सुरक्षा हालात के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अभी की स्थिति
    वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास लगभग 30 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ के कारण खतरे की आशंका बढ़ गई है।

    डील का महत्व

    इस परियोजना से भारतीय वायुसेना को लंबे समय तक 4.5-जेनरेशन-प्लस मल्टीरोल लड़ाकू विमानों की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित 114 राफेल में से लगभग 80% विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इसके तहत 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर विमान शामिल होंगे, जिन्हें डसॉल्ट और भारतीय निजी कंपनियों के सहयोग से भारत में तैयार किया जाएगा।एक बार डील पूरी होने पर भारतीय वायुसेना के पास कुल 150 राफेल होंगे, जबकि भारतीय नौसेना के पास 26 एयरक्राफ्ट कैरियर-कंपैटिबल राफेल होंगे।

    रक्षा बजट में वृद्धि

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में पेश बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया। यह कुल बजट का 14.68% है और पिछले वर्ष से 15% अधिक है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से रक्षा बजट में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में रक्षा बजट 4.84 लाख करोड़ रुपये, 2022-23 में 5.25 लाख करोड़, 2023-24 में 5.94 लाख करोड़, 2024-25 में 6.2 लाख करोड़ और 2025-26 में 6.81 लाख करोड़ था। इस बार पहली बार रिकॉर्ड 1.03 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद रक्षा बजट GDP का सिर्फ 2% है, जो चीन के मुकाबले समान है।
  • NCP के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर अब संजय राउत का बड़ा बयान, यह पूरी तरह से…

    NCP के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर अब संजय राउत का बड़ा बयान, यह पूरी तरह से…


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद NCP के दोनों गुटों विलय को लेकर सियासी गलियारों में लगातार चर्चा जारी है. शरद पवार गुट के नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि विलय को लेकर बातचीत अंतिम दौर में था जबकि दिवंगत अजित पवार गुट के नेता इन दावों को खारिज कर रहे हैं. इस बीच शिवसेनायूबीटीके सांसद संजय राउत ने इस पर एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि एनसीपी के विलय का मामला उन्हीं पर छोड़ देना चाहिए.संजय राउत ने गुरुवार05 फरवरीको मुंबई में मीडिया से बात करते हुए एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की अटकलों पर कहा अगर यह उनकी समस्या है तो उन्हें इसका समाधान निकालना चाहिए लेकिन एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे शरद पवार को सलाह दे रहे हैं यह बहुत दिलचस्प है.

    NCP गुटों के बीच चर्चाओं से हमारा कोई लेना-देना नहीं

    शिवसेनायूबीटीके मुखपत्र सामना के मुताबिक संजय राउत ने आगे कहा जिन लोगों को शरद पवार राजनीति में लाए जिन्हें पद प्रतिष्ठा और ताकत दी वही अब शरद पवार को सलाह दे रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए लेकिन यह पूरी तरह से उनका आंतरिक मामला है. शरद पवार और अजित पवार गुट के नेताओं के बीच चल रही चर्चाओं से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. हमारा ध्यान इंडिया अलायंस और महाविकास अघाड़ी पर फोकस है.

    28 जनवरी को विमान हादसे में अजित पवार का निधन
    बता दें कि 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के अध्यक्ष अजित पवार का निधन हो गया. इस घटना के तीन दिन बाद 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्हें पार्टी के विधायक दल का नेता भी चुना गया. वहीं अध्यक्ष पद को लेकर एनसीपी में मंथन जारी है.

  • PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: राज्यसभा में कहा भारत की अर्थव्यवस्था को पीछे धकेला

    PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: राज्यसभा में कहा भारत की अर्थव्यवस्था को पीछे धकेला


    नई दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज तेज गति से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश को यहां तक पहुंचाने में सबसे बड़ी चुनौती पिछली सरकारों की नीतिगत विफलताओं को सुधारना रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया गया, जबकि मौजूदा दौर में देश फिर से वैश्विक मंच पर मजबूती के साथ उभर रहा है।

    कांग्रेस ने इकोनॉमी को 6वें से 11वें नंबर तक गिराया
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के समय भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस के लंबे शासन में ऐसा दौर आया जब देश की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान तक फिसल गई। उन्होंने कहा कि यह भारत की क्षमता की कमी नहीं, बल्कि गलत नीतियों का नतीजा था। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आज भारत फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा चुका है।

    कम महंगाई, तेज विकास दर भारत की पहचान

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत एक मेजर इकोनॉमी के रूप में खड़ा है, जहां उच्च विकास दर और नियंत्रित महंगाई का दुर्लभ संतुलन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह संतुलन अपने आप में भारत की आर्थिक मजबूती और सही नीतियों का प्रमाण है। विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

    युवा आबादी भारत की सबसे बड़ी ताकत
    पीएम मोदी ने भारत की युवा जनसंख्या को देश का सबसे बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई समृद्ध देश तेजी से बूढ़े हो रहे हैं और वहां की आबादी घट रही है, तब भारत लगातार युवा होता जा रहा है। यह डेमोग्राफिक डिविडेंड भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अलग पहचान देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के टैलेंट, स्किल और नवाचार को गंभीरता से देख रही है। युवा शक्ति के सपने, संकल्प और सामर्थ्य भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।

    राष्ट्रपति के अभिभाषण में झलका भारत का विजन
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के उज्ज्वल भविष्य की स्पष्ट झलक मिली है। इसमें मध्यम वर्ग, गरीब, किसान, महिलाएं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी हर वर्ग और हर क्षेत्र की प्रगति को सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है, जो विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।

    अब न रुकना है, न पीछे देखना
    पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और अब दूसरा क्वार्टर भारत के लिए निर्णायक साबित होगा। जैसे आजादी की लड़ाई में दूसरा चरण निर्णायक था, वैसे ही विकसित भारत के निर्माण का यह दौर भी ऐतिहासिक होगा। उन्होंने साफ कहा कि देश अब रुकने वाला नहीं है और पीछे मुड़कर देखने का समय भी नहीं है।सार: राज्यसभा में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसकी नीतियों से भारत की अर्थव्यवस्था 6वें से 11वें स्थान पर पहुंच गई, जबकि आज देश युवा शक्ति और मजबूत नीतियों के दम पर फिर से तेज विकास के रास्ते पर है।

  • अमित शाह ने दी 'भारत टैक्सी' को हरी झंडी: जीरो कमीशन मॉडल से ओला-उबर के एकाधिकार को बड़ी चुनौती

    अमित शाह ने दी 'भारत टैक्सी' को हरी झंडी: जीरो कमीशन मॉडल से ओला-उबर के एकाधिकार को बड़ी चुनौती


    नई दिल्ली।देश के परिवहन क्षेत्र में आज एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है जहाँ निजी कंपनियों के कमीशन आधारित मॉडल को पीछे छोड़ते हुए सरकार ने सहकारिता की शक्ति को मैदान में उतारा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज दिल्ली में देश की पहली सरकारी और सहकारी कैब सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
    सहकारिता मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी पहल का सीधा उद्देश्य कैब चालकों को निजी एग्रीगेटर्स के चंगुल से मुक्त कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक बाजार पर काबिज ओला और उबर जैसी कंपनियां ड्राइवरों की मेहनत की कमाई से 20 से 30 प्रतिशत तक का मोटा कमीशन वसूलती थीं लेकिन भारत टैक्सी का जीरो-कमीशन मॉडल इस पूरी व्यवस्था को बदलने का दम रखता है। इस प्लेटफॉर्म पर होने वाली राइड की पूरी आय सीधे चालक के खाते में जाएगी जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में आमूलचूल बदलाव आने की उम्मीद है।

    इस सेवा का सफल ट्रायल पिछले साल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में किया गया था जहाँ यात्रियों और ड्राइवरों दोनों ने इसे हाथों-हाथ लिया। भारत टैक्सी की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘ड्राइवर-मालिक’ कॉन्सेप्ट है जिसके तहत ड्राइवरों को केवल कर्मचारी नहीं बल्कि ‘सारथी’ माना गया है।

    लॉन्चिंग के मौके पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छह सारथियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट भी सौंपे जाएंगे जो इस बात का प्रतीक है कि वे स्वयं इस सहकारी संस्था के हिस्सेदार हैं। सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इन चालकों के लिए 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा भी सुनिश्चित किया है। इसके अलावा रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं इस मॉडल को मानवीय चेहरा प्रदान करती हैं।

    आम यात्रियों के लिए भी भारत टैक्सी किसी राहत से कम नहीं होगी क्योंकि इसमें ‘सर्ज प्राइसिंग’ जैसा कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। अक्सर देखा जाता है कि पीक ऑवर्स या खराब मौसम में निजी कंपनियां किराया दोगुना-तिगुना कर देती हैं लेकिन भारत टैक्सी में किराया स्थिर और पारदर्शी रहेगा। लगभग 300 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ शुरू हुई ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ इसका संचालन करेगी जिसमें सहकारी क्षेत्र के अनुभवी अधिकारी शामिल हैं।

    सरकार की योजना अगले दो वर्षों के भीतर इस सेवा का विस्तार देश के हर राज्य और प्रमुख शहर तक करने की है। दिल्ली के सात प्रमुख स्थानों पर ड्राइवर सपोर्ट सेंटर खोलकर इसकी नींव को मजबूत कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सहकारी प्रयोग सफल रहता है तो यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और गिग इकोनॉमी के लिए एक वैश्विक उदाहरण बन सकता है।
  • अपराधियों को पूरा विश्वास… ये सरकार कुछ नहीं उखाड़ सकती', सदन में खूब गरजे तेजस्वी यादव

    अपराधियों को पूरा विश्वास… ये सरकार कुछ नहीं उखाड़ सकती', सदन में खूब गरजे तेजस्वी यादव


    नई दिल्ली । बिहार विधानसभा में गुरुवार 05 फरवरी, 2026 को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जमकर भड़ास निकाली. तेजस्वी यादव ने कहा कि आप लोगों ने लोकतंत्र को डरतंत्र बना दिया है. इस सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती है. तेजस्वी ने कहा कि बिहार की हालत देखकर तो यही लगता है कि अपराधियों को पूरा विश्वास हो गया है कि ये सरकार उसका कुछ नहीं उखाड़ सकती है. बिहार के अपराधियों में डर नहीं बल्कि सरकार में शर्म भी नहीं है.

    तेजस्वी यादव ने सदन में स्पीकर से कहा कि उनके पैर का नाखून पूरा उखड़ गया है इसलिए वे अपनी बात बैठकर कहना चाहते हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने बैठने की अनुमति दे दी. इसके बाद तेजस्वी यादव ने पटना के नीट कांड का जिक्र किया. इसके अलावा उन्होंने अन्य जिलों के बारे में कहा कि मधेपुरा में महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या हुई, खगड़िया में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई. मुजफ्फरपुर में महिला और तीन बच्चों का अपहरण और फिर हत्या की गई. इसके साथ ही और भी अपराध को उन्होंने गिनवाया.

    बिहार सरकार को बताया कोल्ड स्टोरेज

    तेजस्वी यादव ने कहा कि थाना खामोश है, प्रशासन बेहोश है और सरकार पूरी तरह मदहोश है. जनता में इस सरकार के लिए अफसोस और आक्रोश है. बिहार सरकार कोल्ड स्टोरेज बन चुकी है. हर मामले को ठंडा करने में लगी हुई रहती है.

    बिहार आखिर किस चीज में नंबर वन?
    आरजेडी नेता ने कहा कि बिहार जब इतना विकास कर रहा है तो एक बात बता दें कि बिहार आखिर किस चीज में नंबर वन है? आर राज्यों के मुकाबले बिहार सबसे ज्यादा गरीब है. सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. शिक्षा के मामले में फिसड्डी है. स्वास्थ्य के मामले में फिसड्डी है. भ्रष्टाचार में अव्वल है. अपराधियों का बोलबाला है. प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है. किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. जिन गरीबों का वोट लिया उसके घर को उजाड़ रहे हैं.

  • Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PK की जन सुराज पार्टी

    Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PK की जन सुराज पार्टी


    नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी ने राज्य में हुए विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। पार्टी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को सीधे ₹10,000 ट्रांसफर किए जाने को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इसे अवैध करार दिया है और नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है।

    सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार
    जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई करेगी। याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है।

    10 हजार रुपये ट्रांसफर पर उठे सवाल

    याचिका में कहा गया है कि चुनाव से ठीक पहले और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू रहने के दौरान राज्य सरकार की ओर से महिला मतदाताओं को ₹10,000 का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया गया, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम है। पार्टी का दावा है कि इससे 25 से 35 लाख महिला वोटर्स प्रभावित हुईं, जो सीधे तौर पर भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है।

    संविधान के कई अनुच्छेदों के उल्लंघन का आरोप

    जन सुराज पार्टी ने कोर्ट से यह घोषित करने की मांग की है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चुनावी अवधि में नए लाभार्थियों को जोड़ना और उन्हें भुगतान करना संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 का गंभीर उल्लंघन है। साथ ही, चुनाव आयोग को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की भी अपील की गई है।

    जीविका दीदियों की तैनाती पर भी आपत्ति

    याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि दो चरणों में कराई गई वोटिंग के दौरान जीविका स्वयं सहायता समूह की करीब 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को पोलिंग बूथों पर तैनात किया गया, जो निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है। पार्टी ने इसे अवैध और अनुचित बताया है।

    दोबारा चुनाव की मांग

    जन सुराज पार्टी ने चुनाव में कथित भ्रष्ट आचरणों का हवाला देते हुए बिहार में फिर से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह एस. सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु सरकार 2013 मामले में दिए गए निर्देशों को लागू कराए और मुफ्त योजनाओं व डीबीटी स्कीम्स पर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश तय करे।

    बढ़ेगा सियासी तापमान

    इस याचिका के बाद बिहार की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में बिहार की सियासत की दिशा तय कर सकता है।