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  • गाजियाबाद में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला, सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर की आत्‍महत्‍या

    गाजियाबाद में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला, सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर की आत्‍महत्‍या


    गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ‘भारत सिटी’ सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली। टीला मोड थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को हिला दिया है, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक प्रभाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    देर रात मची चीख-पुकार
    घटना रात करीब 2 बजे की है, जब बी-1 टावर के फ्लैट नंबर 907 से गिरने की तेज आवाज सुनकर लोग सहम गए। मौके पर पहुँची पुलिस ने 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी के शव बरामद किए। तीनों नाबालिग बहनों ने एक साथ मौत की छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

    सुसाइड या ‘गेम ओवर’? पुलिस को शक
    शुरुआती जांच में इस सामूहिक सुसाइड के तार ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़ते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीनों बहनें मोबाइल पर किसी ‘कोरियन लवर’ नामक टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं। आशंका है कि इसी गेम के किसी आखिरी और घातक टास्क को पूरा करने के जुनून में उन्होंने यह कदम उठाया।

    पिता का छलका दर्द: ‘कोरोना काल से शुरू हुई थी लत

    मृतकाओं के पिता चेतन कुमार के अनुसार, लॉकडाउन और कोरोना काल के दौरान बच्चों के हाथ में मोबाइल आया और धीरे-धीरे उन्हें टारगेट-बेस्ड गेम्स का चस्का लग गया। पिता ने बताया कि तीनों बहनें हमेशा एक साथ रहती थीं चाहे पढ़ाई हो, खाना हो या सोना। उनकी यह एकजुटता अंत में इस भयानक हादसे का सबब बनेगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। पुलिस तीनों बहनों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करा रही है। जांच में सामने आया है कि गेमिंग की लत के कारण वे नियमित स्कूल भी नहीं जा रही थीं। सोसाइटी के कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि घटना के समय की गतिविधियों का पता चल सके।

  • ममता बनर्जी को दिल्ली में किसका डर? पश्चिम बंगाल से आई फोर्स, कई जगह हुई तैनाती

    ममता बनर्जी को दिल्ली में किसका डर? पश्चिम बंगाल से आई फोर्स, कई जगह हुई तैनाती


    नई दिल्ली । सोमवार को चुनाव आयोग में बैठक से निकलकर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया. मैंने कहा कि हमें अफसोस है, हम न्याय के लिए यहां आए थे. हमें न्याय नहीं मिला, और आप झूठ बोल रहे हैं. वह बहुत बड़ा झूठा है. उन्होंने आरोप लगाया, हमने कहा कि हम जमीनी स्तर पर इसका मुकाबला करेंगे.
    दिल्ली पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता से स्पेशल फोर्स दिल्ली बुला ली है. डीएसपी रैंक के अधिकारी और आरएएफ की 22 सदस्यीय टुकड़ी के साथ बंगाल पुलिस का एक विशेष दस्ता विमान से दिल्ली आ गया है. इसके बाद सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर ममता बनर्जी को किस बात का डर सता रहा है कि उनको बंग भवन की सुरक्षा को अचानक ‘बुलेटप्रूफ’ करने की जरूरत पड़ गई?
    फिलहा बंग भवन, राज्य अतिथि गृह और अभिषेक बनर्जी के आवास पर दिल्ली पुलिस के अलावा बंगाल से आए सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं. कल ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बंग भवन और पश्चिम बंगाल राज्य अतिथि गृह में दिल्ली पुलिस SIR के पीड़ितों को परेशान कर रही है.
    सूत्रों के अनुसार, आज शाम 4 बजे, 181 साउथ एवेन्यू में ममता बनर्जी की तरफ से आयोजित हाई टी पार्टी में सभी टीएमसी सांसदों को आमंत्रित किया गया है. इससे पहले दोपहर 3 बजे ममता बनर्जी एसआईआर पीड़ितों के साथ बंग भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी.

    ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच तल्खी
    दरअसल ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच तल्खी राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है. सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के साथ बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गईं. ममता बनर्जी ने आयोग के अधिकारियों पर अहंकारी होने और उनके प्रतिनिधिमंडल को अपमानित करने का आरोप लगाया.

    वहीं अब बंगाल से देर रात स्पेशल फोर्स दिल्ली पहुंच जाएगी. ऐसा माना जा रहा है कि आज (मंगलवार) का दिन भी गहमा गहमी वाला होगा. सूत्रों के मुताबिक ममता बनर्जी की सुरक्षा और दिल्ली स्थित बंगाल सरकार की संपत्तियों की हिफाजत के लिए कोलकाता से अतिरिक्त सुरक्षा बल दिल्ली भेजा जा रहा है.

    क्यों पड़ी अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत?

    बता दें कि सोमवार को विरोध के प्रतीक के रूप में काले शॉल ओढ़े हुए टीएमसी सुप्रीमो ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के एसआईआर प्रभावित परिवारों के 12 सदस्यों के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य निर्वाचन आयुक्तों से मुलाकात की. हालांकि बैठक के बीच में ही ममता बनर्जी निकलकर चली गईं.

    वहीं ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग की बैठक का बहिष्कार करने और आयोग को बीजेपी का दलाल कहने के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों या किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए ममता बनर्जी अपनी सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहतीं. यही कारण है कि दिल्ली पुलिस के भरोसे रहने के बजाय उन्होंने बंगाल से अपनी भरोसेमंद फोर्स को तैनात करने का निर्णय लिया है.

    ममता-चुनाव आयोग के बीच संग्राम

    चुनाव आयोग के मुख्यालय से बाहर आने के बाद मीडिया से बात करते हुए, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आयोग के खिलाफ एक बार फिर तीखा हमला बोलते हुए उस पर बीजेपी के दलाल के रूप में काम करने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, इतने सारे लोग मारे गए, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? आयोग जिम्मेदार है. वे बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं.

    सीएम ने कहा, उन्होंने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया. मैंने कहा कि हमें अफसोस है, हम न्याय के लिए यहां आए थे. हमें न्याय नहीं मिला, और आप झूठ बोल रहे हैं. वह बहुत बड़ा झूठा है. उन्होंने आरोप लगाया, हमने कहा कि हम जमीनी स्तर पर इसका मुकाबला करेंगे. आपके पास बीजेपी की ताकत है, हमारे पास जनता की ताकत है. हमने बैठक का बहिष्कार किया और बाहर आ गए. मैंने इस तरह का आयोग पहले कभी नहीं देखा, वे बहुत अहंकारी हैं. वे ऐसे बात करते हैं जैसे वे जमींदार हों और हम नौकर हों.

  • अंकिता भंडारी मर्डर केस: VIP एंगल की CBI जांच शुरू, अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुआ केस

    अंकिता भंडारी मर्डर केस: VIP एंगल की CBI जांच शुरू, अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुआ केस


    नई दिल्ली । उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संस्तुति पर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच की शाखा दो ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर लिया है और सोमवार को जांच टीम उत्तराखंड पहुंच गई है. इसे राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वह न्याय के हर पहलू को सामने लाने के पक्ष में है.

    दरअसल, यह मामला एक बार फिर उस समय चर्चा में आया जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के बीच वायरल ऑडियो और सोशल मीडिया पर जारी वीडियो सामने आए. उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव के जरिए अंकिता हत्याकांड में एक वीआईपी की भूमिका का जिक्र किया था. इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया और विपक्षी दलों व विभिन्न संगठनों की ओर से सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई.

    सरकार खुलासे को लेकर गंभीर

    सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए किसी भी तरह की शंका या संदेह को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाया. नौ जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी. सरकार का स्पष्ट कहना है कि वह किसी को बचाने के बजाय सच्चाई सामने लाने में विश्वास रखती है और यदि मामले में कोई भी दोषी है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा.

    तीन आरोपियों को हो चुकी जेल

    गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में पहले ही न्यायिक प्रक्रिया के तहत बड़ी कार्रवाई हो चुकी है. वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी और उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था. एक सप्ताह बाद शव बरामद हुआ और एसआईटी की विस्तृत जांच के बाद करीब 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 97 गवाह बनाए गए, जिनमें से 47 गवाहों की अदालत में गवाही कराई गई.

    मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनंत्रा रिजॉर्ट का मालिक था, समेत तीनों आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई. पुलकित आर्य पर हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़खानी और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में दोष सिद्ध हुआ. उसके साथ ही सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भी उम्रकैद की सजा दी गई. यह फैसला अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियों ने इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती.

    वीआईपी को लेकर उठे थे सवाल

    हालांकि, घटना की रात रिजॉर्ट में पहुंचे कथित वीआईपी को लेकर सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं. अंकिता ने घटना से पहले अपने मित्र पुष्पदीप को फोन कर बताया था कि पुलकित आर्य उस पर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने का दबाव बना रहा है. यही वह बिंदु है, जिस पर अब सीबीआई की जांच केंद्रित होगी.सरकार का कहना है कि पहले चरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से सजा दिलाई गई और अब जो नए तथ्य या आरोप सामने आए हैं, उन्हें भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा. सीबीआई जांच की संस्तुति इसी सोच को दर्शाती है कि सरकार मामले की तह तक जाना चाहती है.

    राज्य सरकार सीबीआई को देगी पूरा सहयोग

    राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीबीआई को हर तरह का सहयोग दिया जाएगा. जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम करेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. सरकार का मानना है कि सीबीआई जांच से न केवल वीआईपी को लेकर फैले संदेह दूर होंगे, बल्कि पीड़ित परिवार और प्रदेश की जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा भी और मजबूत होगा. कुल मिलाकर, अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच का शुरू होना राज्य सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की नीति को दर्शाता है, जहां न्याय सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर सच्चाई को दबने नहीं दिया जाएगा.

  • India-US ट्रेड डील से शेयर बाजार को बूस्ट, ट्रंप के टैरिफ कट से निफ्टी 25,500 के पार जाने की उम्मीद

    India-US ट्रेड डील से शेयर बाजार को बूस्ट, ट्रंप के टैरिफ कट से निफ्टी 25,500 के पार जाने की उम्मीद


    मुंबई। लंबे इंतजार के बाद भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में बड़ी कटौती का ऐलान किया।
    ट्रंप के मुताबिक भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

    वर्तमान में अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ में कुल मिलाकर 32 प्रतिशत की राहत दी गई है। इससे पहले रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। इस फैसले को बजट 2026 के बाद शेयर बाजार के लिए एक और बड़ी पॉजिटिव खबर के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका असर बाजार खुलते ही दिख सकता है।

    घरेलू शेयर बाजार पर क्या पड़ेगा असर
    मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत संकेत है। चूंकि शेयर बाजार देश की आर्थिक सेहत को दर्शाता है, ऐसे में निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग संभव है।

    विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी जल्द ही 25,500 का स्तर पार कर सकता है। फार्मा, आईटी, ऑटो, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल सकती है।

    बैंक निफ्टी और सेंसेक्स भी दिखा सकते हैं तेजी
    SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एक्सपर्ट सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक, “जब दोनों सरकारों की ओर से डील का पूरा विवरण सामने आ जाएगा, तब FII और DII की ओर से खरीदारी तेज हो सकती है। इससे निफ्टी 50, सेंसेक्स और बैंक निफ्टी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।”

    लॉन्ग टर्म में भारत को होगा फायदा
    ग्रीन पोर्टफोलियो PMS के को-फाउंडर और फंड मैनेजर दिवम शर्मा का कहना है कि इंडिया-यूएस ट्रेड डील का असर सिर्फ शॉर्ट टर्म नहीं बल्कि लंबे समय तक देखने को मिलेगा।
    उनके मुताबिक, यह डील ऐसे समय में हुई है जब बाजार को पॉजिटिव ट्रिगर की सबसे ज्यादा जरूरत थी। बजट के बाद इस खबर के आने से विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है और बड़ी संख्या में FII भारत की ओर रुख कर सकते हैं।

    आज किन शेयरों पर रहेगी नजर
    इंडिया-यूएस ट्रेड डील के बाद सेबी रजिस्टर्ड स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने आज के लिए 21 चुनिंदा शेयरों में निवेश की सलाह दी है। माना जा रहा है कि इन स्टॉक्स में ट्रेड डील का सीधा फायदा देखने को मिल सकता है।
  • बारामती विमान हादसा: NCP नेता ने उठाए गंभीर सवाल, 6 मौतों में सिर्फ 5 शव क्यों?

    बारामती विमान हादसा: NCP नेता ने उठाए गंभीर सवाल, 6 मौतों में सिर्फ 5 शव क्यों?

    की सूची डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है, तो यह विसंगति क्यों? पायलटों को बार-बार क्यों बदला गया?

    मिटकरी ने मांग की कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस संबंध में व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।

    राजनीतिक जोड़-तोड़ और विवाद

    बाद में शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी इस हादसे से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अजित पवार की बारामती यात्रा और उनकी मौत भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर हुई। राउत ने बताया कि अजित पवार भाजपा के भ्रष्टाचार और सिंचाई घोटाले से जुड़ी फाइलें अपने पास रखते थे।

    राउत ने राज्यसभा में कहा, “15 जनवरी को अजित पवार ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, और 10 दिनों के भीतर उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उनके पास 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले की फाइल थी।”

    राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया

    भाजपा सांसदों और नेताओं ने राउत के बयान पर प्रतिक्रिया दी। अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने कहा कि न्यायाधीश लोया की मृत्यु जैसी घटनाओं में सच्चाई सामने आई थी। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि “अजित पवार विमान हादसे की जांच में भी सच्चाई सामने आएगी।”
    महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं और संजय राउत “अपने मानसिक संतुलन खोकर बयान दे रहे हैं।”

  • 2027 जनगणना में जाति जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए- SC ने केंद्र को दिया निर्देश

    2027 जनगणना में जाति जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए- SC ने केंद्र को दिया निर्देश


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को केंद्र सरकार (Central Government) और भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त को 2027 में होने वाली जनगणना (Census 2027) में जाति संबंधी आंकड़ों को दर्ज करने की प्रक्रिया पर पुनः विचार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह सुझाव दिया कि जाति की गणना केवल स्व-घोषणा के बजाय सत्यापन प्रणाली के आधार पर की जाए, ताकि अधिक सटीक और पारदर्शी आंकड़े मिल सकें।

    सुप्रीम कोर्ट ने जनगणना में नागरिकों की जाति संबंधी जानकारी को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सत्यापित करने के तरीकों पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने यह निर्देश दिया कि इस विषय पर जनगणना अधिनियम 1958 के तहत संबंधित प्राधिकारियों को विचार करना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ता आकाश गोयल से कहा कि इस मामले में उठाए गए मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन न्यायालय की तरफ से इसमें हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

    मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि जनगणना की प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1958 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार संचालित होती है। इसके तहत महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय को जनगणना के विवरण और तरीके तय करने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में उठाए गए मुद्दों को विचार के लिए प्रासंगिक माना और सुझाव दिए कि इन पर महापंजीयक द्वारा गंभीरता से विचार किया जाए।

    CJI सूर्यकांत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता और उनके जैसे अन्य व्यक्तियों द्वारा जताई गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने क्षेत्रीय विशेषज्ञों की सहायता से एक मजबूत और सुरक्षित प्रणाली विकसित की होगी, ताकि कोई गलती न हो सके। अदालत ने इस मामले में महापंजीयक को दिए गए सुझावों पर विचार करने का आदेश दिया और याचिका का निपटारा कर दिया।

    इससे पहले, याचिकाकर्ता आकाश गोयल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता ने अदालत से आग्रह किया था कि नागरिकों के जाति संबंधी विवरण को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सत्यापित करने के लिए एक पारदर्शी और सार्वजनिक प्रश्नपत्र तैयार किया जाए।

    वर्ष 2027 की जनगणना, 1931 के बाद पहली बार जातिगत गणना को शामिल करने वाली जनगणना होगी और यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना भी होगी, जो अपने आंकड़ों और प्रक्रिया में पूरी तरह से डिजिटल रूप से संचालित होगी। इस संस्करण में मैंने मूल खबर का सार और जानकारी समान रखते हुए शब्दों की संख्या में समानता बनाए रखी है। साथ ही, हेडिंग को आकर्षक और संक्षिप्त रखा है।

  • महाराष्ट्र की राजनीति में नई समस्या… अजित पवार के निधन के बाद उलझी NCP के दोनों गुटों के विलय की गुत्थी?

    महाराष्ट्र की राजनीति में नई समस्या… अजित पवार के निधन के बाद उलझी NCP के दोनों गुटों के विलय की गुत्थी?


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में एक नई असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जब अजित पवार (Ajit Pawar) के आकस्मिक निधन ने एनसीपी (NCP) के दोनों गुटों के विलय की संभावना को लेकर विरोधाभासी दावे सामने ला दिए हैं। शरद पवार (Sharad Pawar) ने यह संकेत दिया कि अजित पवार के साथ विलय को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत चल रही थी, जबकि देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और अजित पवार के गुट के अन्य वरिष्ठ नेता इस दावे से पूरी तरह इनकार कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन दावों की वैधता पर सवाल उठाया और कहा कि अजित पवार उनके साथ लगातार संपर्क में थे, लेकिन उन्होंने कभी भी विलय का विषय उठाया नहीं। फडणवीस ने यह भी कहा कि महायुति सरकार में अजित पवार की स्थिति मजबूत थी, और ऐसे में पार्टी छोड़ने या विलय की संभावना बेहद कम थी।

    एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने भी यह स्पष्ट किया कि 2023 में एनडीए में शामिल होने का फैसला अंतिम था और शरद पवार के साथ विलय पर कोई बातचीत नहीं हुई थी। तटकरे ने यह भी कहा कि अब एनसीपी (अजित पवार गुट) एनडीए का हिस्सा है, और शरद पवार पर निर्भर है कि वे अपनी पार्टी को सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल करना चाहते हैं या नहीं।


    शरद पवार का बयान: बंद दरवाजे की बातचीत

    इस बीच, शरद पवार ने इन दावों का जवाब देते हुए कहा कि विलय की चर्चा ‘बंद दरवाजे’ में हुई थी, जिसमें केवल अजित पवार, जयंत पाटिल, सुप्रिया सुले और रोहित पवार शामिल थे। उनका कहना था कि देवेंद्र फडणवीस और सुनील तटकरे जैसे लोग इस मामले से बाहर थे, और इसलिए उनके पास इस पर कोई सही जानकारी नहीं थी। इसके साथ ही, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में नेतृत्व संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रफुल पटेल और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता अब सुनेत्रा पवार को उनके दिवंगत पति के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।


    पार्थ पवार को कम प्रोफाइल रखने की सलाह

    सुनेत्रा पवार को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया है और उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ भी ली है। शरद पवार ने इस स्थिति के बारे में भी कोई जानकारी नहीं होने की बात कही, जिससे पार्टी और परिवार के बीच तनाव और गहरा गया। खासतौर पर तब, जब भाजपा ने पार्थ पवार को हालिया विवादों के मद्देनजर लो प्रोफाइल बनाए रखने की सलाह दी। यह चर्चा भी उठी कि एनसीपी पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है, क्योंकि यह सीट उनकी मां सुनेत्रा के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई है।

    वहीं, पार्थ पवार और शरद पवार एक बंद कमरे में अपने पिता के मेमोरियल पर चर्चा कर रहे थे, जबकि उनकी मां सुनेत्रा पवार राज्य की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले रही थीं। इस समय, भाजपा शरद पवार गुट को महायुति में शामिल करने को लेकर संकोच कर रही है, जिससे दोनों गुटों के विलय की संभावनाओं पर ब्रेक लग रहा है।


    एनसीपी का भविष्य और राजनीति की जटिलता

    इस स्थिति के चलते एनसीपी का भविष्य अब अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, क्योंकि दोनों गुट सत्ता पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भाजपा पर्दे के पीछे राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर रही है, जिससे एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया रुक गई है।

  • पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड

    पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड


    नई दिल्‍ली । हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के एक बार फिर सक्रिय होने से उत्तर भारत में सर्दी ने जोरदार वापसी कर ली है। पहाड़ों पर चल रही बर्फीली हवाओं का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में ठिठुरन, गलन और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आज भी कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 3 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और भारी बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत से जुड़े मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा।

    IMD ने बताया है कि 5 फरवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आएगा और लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि तब तक नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने खास तौर पर अपील की है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और पहाड़ी इलाकों में यात्रा या छुट्टियों की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। ठंड के इस दौर में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    दिल्ली-एनसीआर में सर्दी और बारिश का असर

    मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर की सुबह हल्के से मध्यम कोहरे के साथ हुई। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को सुबह और देर रात खासा सर्दी का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। राजधानी में हल्की बारिश के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।हालांकि ठंड के बीच एक राहत की खबर यह है कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। अफ्रीका एवेन्यू इलाके में सुबह 6 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 142 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है। वहीं दिल्ली के अन्य प्रमुख इलाकों में AQI अभी भी चिंताजनक बना हुआ है। पूसा में AQI 248, शादीपुर में 238, पंजाबी बाग-शिवाजी पार्क में 269, नॉर्थ कैंपस दिल्ली मिल्क स्कीम कॉलोनी में 249 और मुंडका इलाके में 278 दर्ज किया गया।

    पहाड़ों पर माइनस में तापमान

    पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से गिर गया है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लद्दाख के द्रास में माइनस 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।

    कोहरे और शीतलहर का अलर्ट

    IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी मध्य प्रदेश में आज घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां दृश्यता बेहद कम हो सकती है। राजस्थान के 17 जिलों में कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है।

    बिहार और यूपी में बदलेगा मौसम

    बिहार के पांच जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी पटना में हल्के बादल छाए रहेंगे और धुंधली धूप के बीच ठंड का असर बढ़ सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, झांसी, आजमगढ़ और बलिया समेत कई जिलों में शीतलहर और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, मथुरा और आगरा में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है।

    मध्य प्रदेश और राजस्थान में अलर्ट

    मध्य प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडोरी और पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजस्थान में धौलपुर, जयपुर, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर और बूंदी में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। चित्तौड़गढ़, चूरू और दौसा में आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है।कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा, बारिश और बर्फबारी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह मानते हुए सतर्क रहना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

  • भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति, टैरिफ में कटौती और सहयोग बढ़ाने पर जोर

    भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति, टैरिफ में कटौती और सहयोग बढ़ाने पर जोर


    नई दिल्ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (American President Donald Trump) से हुई हालिया फोन वार्ता को उपयोगी और सौहार्दपूर्ण बताया है। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

    प्रधानमंत्री ने खुशी जताई कि “मेक इन इंडिया” उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% किए जाने की घोषणा भारतीय निर्यात के लिए फायदेमंद होगी। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम बताया और इसके लिए अमेरिकी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

    संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और प्रमुख लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं तो इससे जनता को लाभ और आपसी सहयोग के नए अवसर पैदा होते हैं। भारत ने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रयासों में अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

    प्रधानमंत्री ने भविष्य में द्विपक्षीय साझेदारी को “अभूतपूर्व ऊंचाइयों” तक ले जाने की उम्मीद जताई। विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ में संभावित राहत और बढ़ता आर्थिक सहयोग आने वाले समय में व्यापार, तकनीक और निवेश के क्षेत्रों में नए अवसर खोल सकता है।

  • अनंत सिंह कल लेंगे विधायक पद की शपथ, एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली अनुमति

    अनंत सिंह कल लेंगे विधायक पद की शपथ, एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली अनुमति


    नई दिल्ली । 2025 के विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट से जीत दर्ज करने वाले विधायक अनंत सिंह कल मंगलवार, 03 फरवरी, 2026 11 बजे विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेंगे. इसके लिए उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट से अनुमति मिल गई है. वर्तमान में वह दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बेउर जेल में बंद हैं. शपथ के लिए उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा लाया जाएगा.

    खारिज हो चुकी है जमानत याचिका

    बता दें कि जिस दुलारचंद यादव के केस में अनंत सिंह जेल में हैं जिनकी हत्या विधानसभा चुनाव के दौरान 30 अक्टूबर को हुई थी. इस कांड में उनकी गिरफ्तारी हुई और तब से वे जेल में हैं. हालांकि जमानत के लिए सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई थी लेकिन वह खारिज हो गई.

    चुनाव में प्रचार भी नहीं कर सके थे अनंत सिंह
    मोकामा सीट से अनंत सिंह की जीत होगी ये पार्टी और समर्थक जान रहे थे. वे जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे. जब दुलारचंद यादव की हत्या हुई तो आरोप लगने के बाद अनंत सिंह जेल चले गए थे और ऐसे में वे प्रचार नहीं कर पाए थे. उनके लिए ललन सिंह जैसे नेताओं ने क्षेत्र में जनसभा की थी. नतीजा आया तो बंपर अंतर से अनंत सिंह की जीत हुई.

    अनंत सिंह से पहले उनकी पत्नी मोकामा से विधायक थीं. उपचुनाव में उन्हें जीत मिली थी. 2025 के चुनाव के दौरान जब अनंत सिंह जेल से बाहर थे तो उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया. जेडीयू से टिकट मिला तो उनके सामने आरजेडी की ओर से वीणा देवी को पार्टी ने उतार दिया. हालांकि वह जीत नहीं पाईं. अब अनंत सिंह को शपथ के लिए मौका मिल गया है. नतीजे आने के बाद जेल में रहने के चलते वे शपथ नहीं ले पाए थे. अनंत सिंह हमेशा चर्चा में रहते हैं. अभी कुछ दिनों पहले सिगरेट पीते हुए उनका एक वीडियो सामने आया था जिसके बाद विपक्ष ने घेरा भी था.