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  • मैं आपका सलाहकार नहीं हूं; राहुल गांधी के तंज पर भड़के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला

    मैं आपका सलाहकार नहीं हूं; राहुल गांधी के तंज पर भड़के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला

    नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में हो रही चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने जब पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे का जिक्र करते हुए डोकलाम में चीनी सेना के टैंक की उपस्थिति का उल्लेख किया तो सदन में हंगामा मच गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके बयान पर आपत्ति जताई। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल के बयान पर आपत्ति जताई। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के निमय संख्या 349 का जिक्र किया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष इसका उल्लेख नहीं कर सकते हैं।
    सदन में इस पर हंगामा चलता रहा। स्पीकर ने कई बार राहुल गांधी को नियम 349 का हवाला देते हुए जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला नहीं देने की हिदायत दी लेकिन राहुल गांधी बार-बार वैसा ही करते रहे।इस दौरान बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि तो फिर आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए जिस पर यहां चर्चा हो रही है।

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    आखिर कौन सा नियम हमें चीन पर चर्चा से रोक रहा?

    राहुल गांधी ने सवाल किया कि आखिर कौन सा नियम हमें भारत और चीन के संबंधों पर बात करने से रोकता है। इस पर स्पीकर ने कहा कि आप ऐसी पुस्तक का जिक्र कर रहे हैं जो रक्षा मंत्री के अनुसार प्रकाशित ही नहीं हुई है। इसके अलावा आप जिस मुद्दे की बात कर रहे हैं उसका यहां चल रहे विषय से कोई संबंध ही नहीं है। राहुल गांधी फिर भी अड़े रहे और स्पीकर से कहा कि आप यह कहना चाहते हैं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण का विदेश नीति से कोई लेना-देना ही नहीं है। स्पीकर ने इस पर जवाब दिया कि आप विषय पर बात करें। आपको इस संबंध में कई बार नियम से अवगत कराया जा चुका है।
    अखिलेश ने दिया राहुल का साथ
    राहुल गांधी ने इसके बाद एक मैग्जिन में छपे आर्टिकल का उल्लेख करते हुए फिर से जनरल नरवणे की बात उठाई। इस पर भी ट्रेजरी बेंच ने हंगामा करना शुरू कर दिया। रक्षा मंत्री ने इस पर भी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा करने की इजाजत नेता प्रतिपक्ष को नहीं दी जानी चाहिए। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में उठ खड़े हुए।
    उन्होंने चीन के सवाल को सेंसिटिव बताते हुए कहा कि अगर कोई सुझाव देशहित में है तो विपक्ष के नेता को पढ़ने देना चाहिए। अखिलेश ने डॉक्टर लोहिया से लेकर मुलायम सिंह यादव तक का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें चीन से सावधान रहना है। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि हम सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन आसन द्वारा व्यवस्था दिए जाने के बाद भी ये फिर से वही चीज पढ़ रहे हैं ऐसे सदन कैसे चलेगा। इसके बाद भी सदन में बहुत देर तक गतिरोध बना रहा। यह देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दी।

  • गोरखपुर में रामकथा के बीच 'युद्धघोष': टीम को मिली धमकी पर भड़के राजन जी महाराज, मंच से दी खुली चुनौती किसने मां का दूध पिया है?

    गोरखपुर में रामकथा के बीच 'युद्धघोष': टीम को मिली धमकी पर भड़के राजन जी महाराज, मंच से दी खुली चुनौती किसने मां का दूध पिया है?


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित चंपा देवी पार्क में चल रही भव्य रामकथा के दौरान सोमवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने हजारों श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया। प्रसिद्ध कथावाचक राजन जी महाराज अपनी टीम के सदस्यों को मिली ‘गोली मारने की धमकी’ पर इस कदर आहत और क्रोधित हुए कि उन्होंने व्यासपीठ की मर्यादा के साथ साथ एक साहसी योद्धा की तरह मंच से ही चुनौती दे डाली। महाराज का यह बयान कौन मारेगा गोली, किसने मां का दूध पिया है अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    विवाद की जड़: मंच पर चढ़ने की होड़ और अभद्रता जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत बेहद मामूली बात से हुई थी। कथा के दौरान कुछ लोग बार-बार मंच पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। अव्यवस्था को देखते हुए जब महाराज की टीम के सदस्यों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो बहस बढ़ गई। आरोप है कि इस दौरान कुछ अराजक तत्वों ने न केवल बदतमीजी की, बल्कि राजन जी महाराज के सहयोगियों और उनके परिवार तक को जान से मारने की धमकी दे डाली।

    16 साल के सफर में पहली बार मिली ऐसी चुनौती मंच से अपनी व्यथा सुनाते हुए राजन जी महाराज भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि अपने 16 वर्षों के कथावाचन के सफर में उन्होंने आज तक ऐसी मर्यादाहीन स्थिति का सामना नहीं किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया कि उनके एक सहयोगी को गोली मारने की धमकी दी गई है। महाराज ने कड़े शब्दों में कहा, “हम यहाँ प्रेम और श्रद्धा की गंगा बहाने आए हैं, लेकिन अगर कोई हमारे सहयोगियों को डराने की कोशिश करेगा, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। गोली मारकर दिखाओ, किसने मां का दूध पिया है!

    आयोजकों की समझाइश के बाद शुरू हुई कथा धमकी और अव्यवस्था से आहत होकर राजन जी महाराज ने शुरुआत में कथा आगे बढ़ाने से मना कर दिया था। कार्यक्रम में तनावपूर्ण स्थिति देख आयोजकों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया। काफी मान मनौव्वल और सुरक्षा के पुख्ता आश्वासन के बाद महाराज दोबारा व्यासपीठ पर बैठे। उन्होंने श्रोताओं से मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे केवल भक्ति का संदेश देने आए हैं, किसी विवाद का हिस्सा बनने नहीं।

    फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और मंच के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर लोग राजन जी महाराज के इस साहसी स्टैंड की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ लोग धार्मिक आयोजनों में ऐसी अव्यवस्था पर चिंता जता रहे हैं।

  • बजट सत्र के पहले दिन तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर पहुंचे, जानिए वजह

    बजट सत्र के पहले दिन तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर पहुंचे, जानिए वजह


    नई दिल्ली। बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज 2 फरवरी 2026 से शुरू हो गया और पहले दिन ही चर्चा का केंद्र बने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव। उन्हें व्हीलचेयर पर विधानसभा परिसर में आते देखा गया।  RJD ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि तेजस्वी यादव के पैर में चोट लगी है। पार्टी के अनुसार यह चोट 25 जनवरी को लगी थी, जिससे उनके पैर के अंगूठे का नाखून उखड़ गया। चोट के कारण उन्हें चलने और लंबे समय तक खड़े रहने में कठिनाई हो रही है। तेजस्वी यादव फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने विधानसभा में व्हीलचेयर का इस्तेमाल किया।

    बजट सत्र का पहला दिन
    सत्र के पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से सेंट्रल हॉल में संबोधित किया। वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव 3 फरवरी को वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इस बजट सत्र में न केवल वित्तीय मुद्दों पर चर्चा होगी बल्कि विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों के बजट पर भी बहस होगी। यह सत्र 27 फरवरी तक चलेगा।

    विपक्ष की एकजुटता पर रहेगी नजर

    तेजस्वी यादव को शीतकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष चुना गया था, लेकिन कांग्रेस ने RJD से दूरी बनाकर अलग रणनीति अपनाई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट सत्र में विपक्ष एकजुट होकर मुद्दों पर आवाज उठाता है या अलग-अलग रुख अपनाता है। AIMIM पहले ही विपक्ष से अलग हो चुकी है।

  • कैसा होता है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसमें शिफ्ट होंगे नितिन नवीन? जानें इसकी खासियत

    कैसा होता है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसमें शिफ्ट होंगे नितिन नवीन? जानें इसकी खासियत


    नई दिल्‍ली । दिल्ली के लुटियंस जोन में बने कुछ सरकारी बंगले सिर्फ घर नहीं होते, वे सत्ता, जिम्मेदारी और व्यवस्था का प्रतीक माने जाते हैं. इन्हीं में शामिल है टाइप-8 सरकारी बंगला, जिसकी चर्चा इन दिनों तेज है. सवाल है कि ऐसा क्या खास होता है इस बंगले में, जिसे हर किसी को नहीं बल्कि चुनिंदा संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को ही मिलता है? आइए जानते हैं उस घर की कहानी के बारे में, जिसमें नितिन नवीन शिफ्ट होने जा रहे हैं.

    नितिन नवीन को मिला नया सरकारी आवास

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन नए साल में दिल्ली शिफ्ट होने जा रहे हैं. उन्हें लुटियंस दिल्ली के सुनेहरी बाग रोड पर स्थित बंगला नंबर 9 आवंटित किया गया है. यह बंगला टाइप-8 श्रेणी में आता है, जिसे केंद्र सरकार के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी आवासों में गिना जाता है. जिसमें वे औपचारिक रूप से इस आवास में प्रवेश करेंगे.

    क्या होता है टाइप-8 सरकारी बंगला?

    टाइप-8 बंगला केंद्र सरकार की आवासीय व्यवस्था की सबसे ऊंची श्रेणी मानी जाती है. यह बंगला आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, पूर्व राष्ट्रपतियों, राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के अध्यक्षों और बेहद वरिष्ठ संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ही दिया जाता है. इन बंगलों का कुल क्षेत्रफल करीब 8000 से 8500 वर्ग फुट तक होता है, जो इसे बेहद विशाल बनाता है.

    अंदर से कैसा होता है यह बंगला?

    टाइप-8 बंगले में आम तौर पर 8 बड़े कमरे होते हैं. इनमें 5 से 6 बेडरूम, एक विशाल ड्राइंग रूम, अलग डाइनिंग एरिया, स्टडी रूम और आधुनिक किचन शामिल होती है. इसके अलावा निजी गैराज, स्टोर रूम और स्टाफ क्वार्टर की भी अलग व्यवस्था होती है. बंगले के चारों ओर फैला हरा-भरा लॉन इसे और खास बनाता है.

    सुरक्षा व्यवस्था रहती है बेहद मजबूत

    टाइप-8 बंगलों की सुरक्षा आम सरकारी आवासों से कहीं ज्यादा कड़ी होती है. यहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. पूरे परिसर में आधुनिक CCTV कैमरे लगे होते हैं और निगरानी के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी होती है. मेहमानों और कर्मचारियों के लिए अलग प्रवेश और ठहरने की जगह बनाई जाती है, ताकि गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे.

    ब्रिटिश दौर की वास्तुकला की पहचान

    लुटियंस दिल्ली में बने टाइप-8 बंगले ब्रिटिश काल की स्थापत्य शैली को आज भी जीवित रखते हैं. ऊंची छतें, चौड़े बरामदे, मजबूत दीवारें और बड़े दरवाजे इनकी पहचान हैं. इन बंगलों के आसपास पुराने पेड़, खुली जगह और शांत वातावरण होता है, जो दिल्ली के बाकी हिस्सों से इन्हें अलग बनाता है.

    लुटियंस जोन में कहां-कहां हैं ये बंगले?

    दिल्ली का लुटियंस जोन देश का सबसे वीआईपी इलाका माना जाता है. टाइप-8 बंगले जनपथ, अकबर रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, सुनेहरी बाग रोड, सफदरजंग रोड, कृष्ण मेनन मार्ग, त्यागराज मार्ग और तुगलक रोड जैसे इलाकों में स्थित हैं. ये सभी जगहें संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रमुख मंत्रालयों के बेहद करीब हैं.

    कितने हैं टाइप-8 बंगले?

    लुटियंस दिल्ली में कुल तीन हजार से ज्यादा सरकारी आवास मौजूद हैं, जिनमें अलग-अलग श्रेणियों के फ्लैट और बंगले शामिल हैं. इनमें से टाइप-8 बंगले सबसे कम संख्या में हैं. जानकारी के अनुसार, ऐसे बंगलों की संख्या करीब 100 से कुछ अधिक है, यही वजह है कि इन्हें मिलना अपने आप में खास माना जाता है.

  • हम रेड कारपेट बिछाते हैं, वो ब्लैक से कर रहे स्वागत…', दिल्ली पहुंचते ही गुस्से से लाल हुईं ममता बनर्जी

    हम रेड कारपेट बिछाते हैं, वो ब्लैक से कर रहे स्वागत…', दिल्ली पहुंचते ही गुस्से से लाल हुईं ममता बनर्जी


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पहुंचते ही केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि वह चाणक्यपुरी स्थित बंग भवन जा रही हैं, जहां बंगाल से आए लोगों से मिलेंगी और दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे अत्याचारों की जानकारी लेंगी. ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है और केंद्रीय एजेंसियां बीजेपी के इशारे पर काम कर रही हैं.

    रेड कार्पेट बनाम ब्लैक कार्पेट का आरोप

    ममता बनर्जी ने कहा कि जब केंद्रीय गृह मंत्री पश्चिम बंगाल आते हैं तो राज्य सरकार उनका रेड कार्पेट से स्वागत करती है, लेकिन जब बंगाल के लोग या जनप्रतिनिधि दिल्ली आते हैं तो उनके साथ ‘ब्लैक कार्पेट’ जैसा व्यवहार किया जाता है. उन्होंने इसे अपमानजनक और पक्षपातपूर्ण बताया.

    दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप
    मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस पर बंगाल के लोगों के साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस को संयम बरतना चाहिए और बंगाल से आए लोगों को परेशान करना बंद करना चाहिए. ममता ने दावा किया कि कई मामलों में निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.

    बीजेपी के टूल की तरह काम कर रहीं एजेंसियां

    ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली पुलिस और देश की अन्य जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहीं, बल्कि बीजेपी के राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति है.

    जरूरत पड़ी तो मैं खुद लड़ूंगी

    मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि अगर देश में कोई अन्याय के खिलाफ खड़ा नहीं होता, तो वह खुद लड़ेंगी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस भी पूरी ताकत से मुकाबला करेगी. उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

    बंग भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस

    ममता बनर्जी ने बताया कि बंग भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी, जिसमें पूरे मामले की जानकारी साझा की जाएगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग यह नहीं जानते कि बंगाल में और बंगाल के लोगों के साथ क्या हो रहा है.

  • सुनेत्रा पवार को काबिलियत के आधार पर…', जल्दबाजी में डिप्टी CM बनाए जाने पर उद्धव गुट का तंज!

    सुनेत्रा पवार को काबिलियत के आधार पर…', जल्दबाजी में डिप्टी CM बनाए जाने पर उद्धव गुट का तंज!


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में इन दिनों बारामती प्लेन हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद से ही राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है. सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद के शपथ लेने के बाद से ही विपक्ष लगातार हमलावर हैखासकर शिवसेना यूबीटी. शिवसेना UBT ने तो अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में BJP और NCP अजित पवार गुट पर तीखा हमला बोल दिया है. सामना के मुताबिकयह शपथ समारोह जल्दबाजी और राजनीतिक साजिश का नतीजा है. लेख में अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस को इसके पीछे की मुख्य ताकत बताया गया है. UBT के माउथपीस ने मौजूदा राजनीतिक हालात को घटिया राजनीति बताया है.

    शोक में था महाराष्ट्रदिखाई गई जल्दबाजी- सामना
    सामना के संपादकीय में कहा गया है कि डिप्टी CM शपथ समारोह महाराष्ट्र के राजनीतिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है. आरोप लगाया गया कि अजित पवार के निधन के बाद राज्य शोक में थालेकिन इसी दौरान सत्ता की जल्दबाजी दिखाई गईUBT का कहना है कि यह फैसला संवेदनशीलता और परंपराओं की अनदेखी का उदाहरण है.लेख में यह भी कहा गया कि BJP हिंदुत्व और संस्कृति की बात करती हैलेकिन व्यवहार में अपने ही रीति-रिवाजों का पालन नहीं करती. शोक काल में सत्ता प्रदर्शन को सामना ने बेहद घटिया राजनीति करार दिया है.

    सुनेत्रा पवार की नियुक्ति पर सवाल
    संपादकीय में सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं. सामना का कहना है कि यह पद उनकी व्यक्तिगत काबिलियत या राजनीतिक अनुभव के आधार पर नहीं दिया गया. लेख में तंज कसते हुए लिखा गया है कि यह नियुक्ति पूरी तरह सत्ता संतुलन और अंदरूनी जोड़तोड़ का परिणाम है. सामना के अनुसारशरद पवार और सुप्रिया सुले की प्रतिक्रियाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि परिवार को भी इस शपथ की पूर्व जानकारी नहीं थी. इससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह और गहराता है.

    NCP की स्थिति और फडणवीस का नियंत्रण
    UBT के मुखपत्र ने NCP की मौजूदा हालत पर तीखी टिप्पणी की है. संपादकीय में कहा गया है कि पार्टी की नाव का कैप्टन अब नहीं रहा और फिलहाल इसे देवेंद्र फडणवीस नियंत्रित कर रहे हैं. सामना का आरोप है कि NCP अब स्वतंत्र राजनीतिक इकाई नहीं रह गई है.लेख में यह भी कहा गया है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और दिशा को लेकर भ्रम है. खुले तौर पर यह संकेत दिया गया कि सत्ता में बने रहने के लिए समझौते किए जा रहे हैंजिससे पार्टी की वैचारिक पहचान कमजोर हो रही है.

    बेहद घटिया राजनीति’ का आरोप
    संपादकीय के अंत में UBT ने मौजूदा राजनीतिक हालात को बेहद घटिया राजनीति बताया है. सामना का कहना है कि सत्ता की लालसा ने संवेदनशीलतासंस्कृति और नैतिकता को पीछे छोड़ दिया है. यह स्थिति महाराष्ट्र की राजनीति के लिए खतरनाक संकेत है.UBT ने इशारों में कहा है कि आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर दिखेगा. सामना के मुताबिकयह पूरा घटनाक्रम केवल पद और नियंत्रण की लड़ाई हैजिसमें जनता और मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया है.
  • किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?

    किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?


    नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना अधिकार है, लेकिन आलोचना करते समय देश की छवि को नुकसान पहुँचाना बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है। उनका यह बयान एलन मस्क की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में आया, जिसमें मस्क ने कहा कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में लगभग 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे।

    रिजिजू का राहुल गांधी को संदेश
    रिजिजू ने कहा कि आमतौर पर वे विदेशी हस्तियों की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस बार मस्क की पोस्ट का हवाला इसलिए दिया ताकि राहुल गांधी को एक सीख दी जा सके। उन्होंने साफ किया कि आलोचना और राष्ट्रहित के बीच स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक भारतीय के रूप में हमें देश की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।

    संदर्भ: राहुल गांधी की आलोचना

    राहुल गांधी लंबे समय से केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि बजट में बेरोजगारी, कमजोर विनिर्माण क्षेत्र, पूंजी निकासी और किसानों की समस्याओं जैसी गंभीर चुनौतियों को नजरअंदाज किया गया।

    सरकार का रुख

    वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को 21वीं सदी में भारत की आर्थिक प्रगति की नींव बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम कदम करार दिया।

  • NCP महाराष्ट्र में BJP-नेतृत्व वाले NDA के साथ बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनील तटकरे ने किया खारिज

    NCP महाराष्ट्र में BJP-नेतृत्व वाले NDA के साथ बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनील तटकरे ने किया खारिज


    नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन NDA का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन दिवंगत अजित पवार की विचारधारा और मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

    विलय की अफवाहों पर प्रतिक्रिया

    हाल ही में यह दावा किया गया था कि NCP और शरद पवार की राकांपा का विलय 12 फरवरी को घोषित किया जाएगा। इस पर तटकरे ने कहा, “हमारा रुख स्पष्ट है। पार्टी और अजित दादा की विचारधारा को हम आगे बढ़ाएंगे। राजग के साथ हमारा सहयोग कायम रहेगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अजित पवार की सहमति के बिना कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया गया।

    शपथ और पार्टी संबंध
    तटकरे ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की जल्दबाजी पर कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और राकांपा को मजबूत करने के लिए लिया गया। उन्होंने भाजपा की प्रशंसा करते हुए कहा कि गठबंधन में हमेशा सम्मानजनक व्यवहार रहा है।

    अस्थियों का अंतिम संस्कार और आगे की प्रक्रिया
    सुनील तटकरे ने बताया कि अजित पवार की अस्थियों को राज्य के सभी जिलों में ले जाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, राकांपा के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विलय या आगे की राजनीतिक दिशा का फैसला सुनेत्रा पवार करेंगी और उनका निर्णय पार्टी में सभी के लिए बाध्यकारी होगा।

  • बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!

    बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!


    नई दिल्ली : महाराष्ट्र के बारामती में जब लाखों लोग अपने प्रिय नेता ‘अजित दादा’ को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, उसी दौरान इस दुखद मौके का फायदा उठाकर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया. अंतिम संस्कार के दौरान सोने की चेन चोरी की चौंकाने वाली वारदात सामने आई है.28 जनवरी को राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में दुखद निधन हुआ था. उनका बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम दर्शन के लिए महाराष्ट्र के कोने-कोने से लाखों की संख्या में लोग बारामती पहुंचे थे और पूरे शहर में शोक का माहौल था.

    15 लोगों के गले से छीन ली गई चेन

    इसी भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए चोरों के एक गिरोह ने लोगों को निशाना बनाया. जानकारी के मुताबिक, करीब 15 लोगों के गले से सोने की चेन चोरी कर ली गई. चोरी किए गए गहनों की कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये आंकी जा रही है.इस बीच कुछ संदिग्ध चोरों को नागरिकों ने रंगे हाथों पकड़कर पकड़ लिया, जबकि कुछ आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया.

    8000 पुलिसकर्मी थे तैनात

    खास बात यह है कि उस दिन बारामती में करीब 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात थे. इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी की घटना होने से पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.पीड़ित नागरिकों की शिकायत पर बारामती तालुका पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मोहम्मद यूनुस राजकुमार आठवले, एजाज मिरावले, मोहम्मद सिराज, बालू बोत्रे सहित दो अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

    बारामती के लोगों में नाराजगी

    फिलहाल, सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. एक तरफ जहां अजित पवार के अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक था, वहीं दूसरी ओर चोर लोगों के गले से सोने की चेन चोरी करने में लगे हुए थे. इस घटना से बारामती शहर में भारी नाराजगी फैल गई है.

  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल


    नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में फिलहाल मौसम का मिज़ाज आम लोगों के लिए राहत भरा नहीं लग रहा। अगले तीन दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उनसे जुड़े मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।

    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बादलों का डेरा

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य वायुमंडल में तेज चक्रवात सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के निचले हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेताया है कि 5 से 7 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके लगातार बर्फबारी का सामना कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के साथ बादलों की गतिविधि बनी हुई है। यह मिज़ाज पूरे सप्ताह बने रहने की संभावना है।

    कश्मीर में फिर बढ़ी ठंड, तापमान में गिरावट

    कुछ दिनों की राहत के बाद कश्मीर घाटी में ठंड लौट आई है। रविवार सुबह श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात देखा गया। इस बदलाव के चलते दिन का तापमान करीब चार डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 फरवरी की रात को कुछ ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

    हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि
    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में मौसम अचानक बदल गया। छह जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि करनाल, यमुनानगर और रोहतक में ओले गिरे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 31 जनवरी की रात से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने रविवार सुबह बारिश करवायी। इसी सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर मंगलवार दोपहर तक महसूस होगा।

    हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान की चेतावनी

    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिलों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ। शिमला, कुल्लू, लाहौल, कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना और हमीरपुर में बारिश के कारण ठंड और बढ़ गई। सोलन जिले में बिजली गिरने की घटना में 54 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को राज्य के मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और हिमपात की संभावना जताई है। अगले 24 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। लाहौल-स्पीति का ताबो इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    राजस्थान में फिलहाल राहत

    राजस्थान में तापमान में वृद्धि से ठंड का असर कम हुआ है। रविवार को अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। अलवर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अजमेर में हल्की बारिश हुई, जहां 1.1 मिलीमीटर पानी गिरा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कम से कम एक दिन तक प्रदेश का मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है।