Category: National
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लेंसकार्ट विवाद में धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री, बोले- अपनी कंपनी लाहौर में खोल लो
प्रयागराज. प्रयागराज में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लेंसकार्ट कंपनी के मालिक पर जमकर भड़के और उन्हें लाहौर जाने की सलाह दे डाली. कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने ने कहा कि ‘एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है. उसने अपने वर्करों को बोला है कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता. अरे… नकटा, तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है.धीरेंद्र शास्त्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि लेंसकार्ट जैसी कंपनियां हिंदू समाज की भावनाओं और विचारधारा को आहत करती हैं, इनका बहिष्कार होना चाहिए. उन्हें लाहौर जाना चाहिए. इन्हें भारत में व्यापार करने का अधिकार नहीं है. ऐसे शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ था. इस दस्तावेज़ में दावा किया गया था कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए कुछ धार्मिक प्रतीकों- जैसे बिंदी, तिलक और कलावा- पर रोक लगाई है.विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के सह-संस्थापक पीयूष बंसल ने सार्वजनिक रूप से सफाई दी. उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा दस्तावेज़ पुराना और भ्रामक है, जिसे पहले ही हटा दिया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि लेंसकार्ट अपने कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव नहीं करता और सभी को अपनी आस्था के अनुसार पहनावे की पूरी स्वतंत्रता है. लेंसकार्ट के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं लोग इसके बावजूद यह मुद्दा थमता नजर नहीं आ रहा है. सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और बहिष्कार की मांग कर रहे हैं. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं. भोपाल में कुछ संगठनों ने लेंसकार्ट के स्टोर्स के बाहर प्रदर्शन किया और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की. फिलहाल यह मामला धार्मिक भावनाओं, कॉर्पोरेट नीतियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच असंतुलन का एक बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है. अब देखना यह होगा कि कंपनी और संबंधित पक्ष इस विवाद को शांत करने के लिए आगे क्या कदम उठाते हैं? -

मतदान से ठीक पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा, प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात किए..
नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राज्य के दांतन क्षेत्र में हुई हिंसक घटना ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। मतदान में कुछ ही घंटे शेष रहने के बीच यह घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर फिर सवाल उठने लगे हैं। घटना पश्चिम मेदिनीपुर जिले के अंतर्गत दांतन विधानसभा क्षेत्र में उस समय हुई जब चुनाव प्रचार का अंतिम चरण चल रहा था और राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर थीं।जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल की शाम एक राजनीतिक दल के उम्मीदवार के समर्थन में निकाली जा रही बाइक रैली के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। रैली में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल थे जो शांतिपूर्ण तरीके से प्रचार अभियान का हिस्सा थे। जैसे ही यह रैली दांतन क्षेत्र के एक हिस्से में पहुंची, वहां पहले से मौजूद एक समूह के साथ टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। देखते ही देखते यह टकराव हिंसक झड़प में बदल गया जिसमें लाठी डंडों और अन्य साधनों का उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस घटना में उम्मीदवार को चोट लगने की सूचना है जबकि कई अन्य समर्थक भी घायल हुए हैं। घटना के दौरान कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचने और आगजनी की भी स्थिति बनी जिससे इलाके में अफरा तफरी फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार अचानक हुए इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया और कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। पुलिस और केंद्रीय बलों ने प्रभावित इलाकों में गश्त और फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और लोगों में भरोसा कायम रहे। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
राजनीतिक स्तर पर इस घटना को लेकर आरोप प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। एक पक्ष ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए अपने कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित घटनाक्रम बताया है। इस विवाद के चलते क्षेत्र में राजनीतिक तनाव और अधिक बढ़ गया है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की है और वहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। मतदान केंद्रों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है तथा अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात किया गया है ताकि मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
चुनाव आयोग की निगरानी में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो।
यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि वह मतदान के दौरान शांति और स्थिरता सुनिश्चित करे ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
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कायरता के आगे नहीं झुकेगा भारत': पहलगाम के शहीदों को याद कर भावुक हुए केजरीवाल
नई दिल्ली में जम्मू कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर देशभर में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई और इस घटना को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दोहराया गया। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता और एकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और जनता का संकल्प किसी भी प्रकार की हिंसा या आतंकी गतिविधियों से कमजोर नहीं हो सकता।पिछले वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी क्षेत्र में हुआ यह हमला देश को झकझोर देने वाला था, जिसमें पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। उस समय आतंकवादियों ने अचानक हमला कर कई निर्दोष लोगों की जान ले ली थी। इस घटना में विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक शामिल थे, जिनमें महिलाएं और नवविवाहित दंपति भी थे। इस हमले ने पूरे देश में गहरा आक्रोश पैदा किया था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हुए थे।
पहलगाम की इस घटना को याद करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और इसके खिलाफ देश को एकजुट रहकर कार्य करना होगा। श्रद्धांजलि संदेश में यह भी कहा गया कि भारत एक मजबूत राष्ट्र है और इसकी शक्ति उसकी जनता की एकता और देशभक्ति में निहित है। आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाली ताकतों को किसी भी स्थिति में सफल नहीं होने दिया जाएगा।
इस अवसर पर यह भी उल्लेख किया गया कि इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार आतंकी ढांचे पर कार्रवाई की थी और कई ठिकानों को नष्ट किया गया था। इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति के रूप में देखा गया, जिसने यह संदेश दिया कि देश अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस प्रतिक्रिया के बाद सुरक्षा रणनीति को और मजबूत किया गया ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पहलगाम हमला न केवल एक सुरक्षा चुनौती था बल्कि इसने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी पुनः परखने का अवसर दिया। इसके बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया गया। पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा उपायों को बढ़ाया गया ताकि आम नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना की बरसी पर देश के विभिन्न हिस्सों में भी लोगों ने पीड़ितों को याद किया और शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की। यह संदेश दिया गया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जनभावनाओं में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि लोग इस प्रकार की घटनाओं को दोबारा नहीं देखना चाहते और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
नई दिल्ली में इस अवसर पर व्यक्त किए गए संदेशों में राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और शांति पर विशेष जोर दिया गया। यह भी कहा गया कि देश की प्रगति और स्थिरता के लिए आतंकवाद के खिलाफ निरंतर और संगठित प्रयास आवश्यक हैं ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष नागरिक को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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IRS अधिकारी की बेटी की हत्या मामले में जांच तेज, पूर्व घरेलू कर्मचारी पर संदेह..
नईदिल्ली। राजधानी दिल्ली के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में सामने आए एक गंभीर हत्याकांड ने शहरी सुरक्षा व्यवस्था और घरेलू विश्वास प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। एक वरिष्ठ भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी का शव उसके ही आवास से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में चिंता और दहशत का माहौल है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि इस घटना में घर के पूर्व घरेलू कर्मचारी की भूमिका हो सकती है, जिसे कुछ समय पहले नौकरी से हटा दिया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई विशेष टीमों का गठन कर जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है।घटना उस समय सामने आई जब मृतका के माता पिता सुबह अपने दैनिक कार्य के लिए घर से बाहर गए हुए थे। लौटने पर उन्होंने अपनी बेटी को घर के अंदर अचेत अवस्था में पाया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर का निरीक्षण किया। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि घटना के समय पीड़िता घर में अकेली थी, जिससे अपराधी को वारदात को अंजाम देने का अवसर मिला।
मृतका को लेकर जानकारी सामने आई है कि वह एक शिक्षित और महत्वाकांक्षी युवती थी, जिसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। वह अपने परिवार के साथ एक ऐसे आवासीय क्षेत्र में रहती थी जिसे सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है। इस घटना ने न केवल परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि आसपास के निवासियों में भी असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और अधिक सतर्कता की मांग कर रहे हैं।
जांच में पुलिस को सबसे अहम सुराग घर के पूर्व घरेलू कर्मचारी से मिला है। वह व्यक्ति कुछ समय पहले तक इसी घर में कार्यरत था और उसे लगभग डेढ़ महीने पहले नौकरी से हटा दिया गया था। पुलिस को आशंका है कि नौकरी से हटाए जाने के बाद उत्पन्न हुई रंजिश इस घटना के पीछे एक संभावित कारण हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच को गति दी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है, जिससे घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसकी तलाश के लिए कई टीमों को अलग अलग स्थानों पर भेजा गया है। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में घरेलू सुरक्षा और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच की आवश्यकता को उजागर किया है। एक उच्च पदस्थ परिवार के घर में हुई इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मौजूदा सुरक्षा प्रणाली पर्याप्त है या इसमें और सुधार की जरूरत है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है और वे प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और दोषी को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी। जांच कई महत्वपूर्ण दिशाओं में जारी है और हर पहलू को गंभीरता से परखा जा रहा है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और न्याय सुनिश्चित हो सके।
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नई दिल्ली में दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता हुआ, तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान
नई दिल्ली में उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है, जहां तापमान में लगातार वृद्धि के साथ भीषण गर्मी का असर तेज होता जा रहा है। दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में दिन के समय चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम के मौजूदा पैटर्न को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या पर सीधा असर पड़ रहा है।नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तापमान पहले ही सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है और लगातार बढ़ती गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में नमी की कमी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से लू जैसी स्थिति बन रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर दिन के समय आवाजाही में कमी देखी जा रही है, जो गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है।उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी मौसम का यही रूप देखने को मिल रहा है, जहां लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिन के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य से कम गतिविधि देखी जा रही है। गर्म हवाओं के साथ तेज धूप के कारण लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता महसूस हो रही है। मौसम के इस बदलते स्वरूप ने कृषि और दैनिक कार्यों पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव डालना शुरू कर दिया है।बिहार और झारखंड में भी गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है। शाम के समय कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल दिखाई देने से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन यह स्थिति अस्थायी साबित हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रह सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में मौसम में कुछ राहत देखने को मिल रही है, जहां हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है, जिससे मैदानी क्षेत्रों की तुलना में स्थिति अलग दिखाई दे रही है। हालांकि यह बदलाव सीमित क्षेत्रों तक ही दिखाई दे रहा है।पंजाब और हरियाणा में भी मौसम में अस्थायी परिवर्तन देखा जा रहा है, जहां कुछ स्थानों पर धूल भरी हवाएं और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इससे तापमान में थोड़ी कमी आई है, लेकिन गर्मी का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मौसम के इस उतार चढ़ाव के कारण लोगों को लगातार बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ रहा है।पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं, जिससे वहां का मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। हालांकि भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन तापमान नियंत्रण में रहने से गर्मी का असर कम महसूस किया जा रहा है। इस प्रकार देश के अलग अलग हिस्सों में मौसम का भिन्न स्वरूप देखने को मिल रहा है।मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर और मध्य भारत में आने वाले दिनों में सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक होगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचने की आवश्यकता है। शरीर में पानी की कमी को रोकने और हल्के कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। -

दौलत की दौड़ में अडानी आगे: अंबानी को पीछे छोड़ बढ़ा वैश्विक रुतबा
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पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: देश ने याद किए पीड़ित, पीएम मोदी ने दिया सख्त संदेश
नई दिल्ली । पहलगाम आतंकी हमले को एक वर्ष पूरा होने पर देशभर में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दर्दनाक घटना ने जम्मू कश्मीर के शांत माने जाने वाले पर्यटन स्थल को अचानक हिंसा और दहशत के केंद्र में बदल दिया था। बरसी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीड़ितों को याद करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत रुख को दोहराया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह घटना केवल एक आतंकी हमला नहीं थी, बल्कि देश की आत्मा पर लगा ऐसा घाव है जिसे समय भी आसानी से भर नहीं सकता।प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने झुकने वाला नहीं है और देश की एकता तथा संकल्प शक्ति ऐसे समय में और मजबूत होती है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। यह संदेश ऐसे समय आया जब देश इस घटना की पहली बरसी पर उन सभी लोगों को याद कर रहा था जिन्होंने अपनी जान गंवाई थी।
यह हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम क्षेत्र में हुआ था, जब बड़ी संख्या में पर्यटक वहां मौजूद थे। अचानक हुए इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और घाटी में पर्यटन गतिविधियों पर भी इसका गहरा असर पड़ा था। उस समय की भयावह स्थिति और उसके बाद का माहौल लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहा।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इस हमले के पीछे एक आतंकी संगठन से जुड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आई थी, जो सीमा पार स्थित संरचनाओं से जुड़ा बताया गया। जांच में यह भी संकेत मिले कि यह हमला पूर्व नियोजित था और इसका उद्देश्य क्षेत्र में भय और अस्थिरता पैदा करना था। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए गए।
हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने एक विशेष अभियान चलाया था, जिसके तहत सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई को रणनीतिक और सीमित उद्देश्य वाला बताया गया था, जिसका लक्ष्य केवल आतंकी ढांचे को कमजोर करना था। इस कदम ने यह संदेश दिया कि देश अब किसी भी आतंकी घटना का जवाब अधिक संगठित और निर्णायक तरीके से देगा।
पहलगाम की इस घटना की बरसी पर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने मौन रखकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। यह दिन केवल एक स्मरण नहीं रहा, बल्कि उस संकल्प का प्रतीक भी बना जिसमें आतंकवाद के खिलाफ निरंतर संघर्ष और सतर्कता की आवश्यकता को दोहराया गया। स्थानीय लोगों के लिए यह दिन आज भी उस भयावह अनुभव की याद दिलाता है जिसने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया था।
यह बरसी इस बात की भी याद दिलाती है कि सुरक्षा और शांति केवल एक घटना के बाद की प्रतिक्रिया नहीं हो सकती, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें समाज, सरकार और सुरक्षा व्यवस्था सभी की साझा भूमिका होती है। पहलगाम की घटना ने देश को यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लंबी है और इसमें एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है।
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16 साल पुराने मालेगांव ब्लास्ट मामले में राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुना अहम फैसला
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मालेगांव (Malegaon Blast) में साल 2006 में हुए बम धमाकों के मामले में बड़ा फैसला सामने आया है जहां Bombay High Court ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है यह फैसला करीब सत्रह साल बाद आया है जिससे यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और लोगों की नजरें इस पर टिक गई हैं।17 साल पुराने Malegaon Blast केस में सबूतों की कमी, कोर्ट ने आरोपियों को दी राहत—अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा ऐसे में संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी किया गया इस मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली और कई बार जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे
यह घटना आठ सितंबर 2006 को हुई थी जब मालेगांव में सिलसिलेवार धमाके हुए थे इन धमाकों में करीब पैंतालीस लोगों की मौत हो गई थी जबकि सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे घटना के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया और बाद में आरोपपत्र दाखिल किया गया हालांकि अदालत में पेश किए गए सबूत आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माने गए
2006 धमाके में 45 लोगों की गई थी जान, जांच पर उठे सवाल—फैसले के बाद एक बार फिर जांच प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई है कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाना गंभीर सवाल खड़े करता है वहीं पीड़ित परिवारों के लिए यह फैसला निराशाजनक माना जा रहा है क्योंकि उन्हें न्याय की उम्मीद थी
इस निर्णय ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित कर दिया है अब देखना होगा कि आगे इस मामले में कोई नई कानूनी पहल होती है या नहीं फिलहाल इस फैसले के साथ ही यह पुराना मामला एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है और देश भर में इस पर चर्चा जारी है
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अन्नदाता बनेगा 'ऊर्जादाता': नितिन गडकरी ने बताया क्यों जरूरी है 100% एथनॉल, अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट।
नई दिल्ली। भारत के ऊर्जा भविष्य और परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया है। एक हालिया कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश को निकट भविष्य में सौ प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, वैश्विक स्तर पर विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तेल आपूर्ति की अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना समय की मांग है। वर्तमान में भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसे कम करना आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोणों से आवश्यक है।एथनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है जिसे गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। जब इसे पेट्रोल के साथ मिलाया जाता है, तो इसे ‘फ्लेक्स फ्यूल’ कहा जाता है। गडकरी ने जोर देकर कहा कि फ्लेक्स फ्यूल तकनीक न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने ब्राजील जैसे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां शत-प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग का सफल प्रयोग पहले से ही किया जा रहा है। भारत में भी इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए बीस प्रतिशत एथनॉल मिश्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने के बाद अब और बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने का समय आ गया है।
आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग सतासी प्रतिशत आयात करता है, जिस पर सालाना करीब बाईस लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। भारी मात्रा में जीवाश्म ईंधन का आयात न केवल अर्थव्यवस्था पर बोझ डालता है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण में भी बड़ी हिस्सेदारी रखता है। केंद्रीय मंत्री ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से आग्रह किया कि वे लागत के बजाय गुणवत्ता और नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करें ताकि भविष्य के वाहनों को पूरी तरह से वैकल्पिक ईंधन पर चलाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि पेट्रोल-डीजल वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए तकनीकी विकल्प तैयार करना सबसे प्रभावी तरीका होगा।
भविष्य के ईंधन के रूप में गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन पंपों के संचालन की लागत को कम करना और परिवहन की चुनौतियों का समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को कम कर एक डॉलर प्रति किलोग्राम के स्तर पर लाया जा सके, तो भारत न केवल अपनी जरूरतें पूरी करेगा बल्कि ऊर्जा के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में भी उभर सकता है। जैव ईंधन और हरित ऊर्जा के इन समन्वित प्रयासों से देश को प्रदूषण मुक्त बनाने और विदेशी मुद्रा भंडार की बचत करने में बड़ी सफलता मिल सकती है।
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बेंगलुरु में खूनी इश्क का अंत: आंखों पर पट्टी, कुर्सी से बांधा और फिर… प्रेमिका ने BF को जिंदा जला डाला!
नई दिल्ली। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने अपने ही प्रेमी की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई है कि आरोपी युवती अपने बॉयफ्रेंड द्वारा शादी से बचने और उसे नजरअंदाज किए जाने से काफी समय से परेशान थी। इसी नाराजगी और उपेक्षा की भावना के चलते उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रिश्तों में बढ़ती इस चरम हिंसा को देखकर स्तब्ध हैं।मृतक और आरोपी युवती दोनों की उम्र लगभग सत्ताईस साल बताई जा रही है और वे एक ही टेलीकॉम स्टोर में साथ काम करते थे। दोनों के बीच पिछले एक साल से प्रेम संबंध थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनके रिश्तों में कड़वाहट आने लगी थी। युवती को संदेह था कि उसका साथी अब इस रिश्ते को लेकर गंभीर नहीं है और विवाह के वादे से पीछे हट रहा है। इसी मानसिक तनाव के बीच उसने युवक को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और एक ऐसी योजना तैयार की जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।
वारदात वाले दिन युवती ने प्रेमी को अपने घर बुलाया जब वहां कोई और सदस्य मौजूद नहीं था। शुरुआती बातचीत के बाद युवती ने उसे एक विशेष सरप्राइज देने की बात कही। उसने युवक को विश्वास में लिया कि वह उसे विदेशी शैली में प्रपोज करना चाहती है। इसी बहाने उसने युवक की आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे एक कुर्सी से मजबूती से बांध दिया। जब युवक ने इस पर आपत्ति जताई, तो युवती ने इसे महज एक रोमांचक सरप्राइज का हिस्सा बताकर उसे शांत कर दिया। इसके बाद आरोपी ने पहले से तैयार रखा ज्वलनशील पदार्थ युवक पर छिड़क दिया और उसे आग के हवाले कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला और भी भयावह तब हो गया जब यह पता चला कि आरोपी महिला ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। आग लगने के बाद युवक मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन युवती उसे तड़पता हुआ देखती रही। गंभीर रूप से जलने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह प्रेमी के व्यवहार से टूट चुकी थी। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है ताकि कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।