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  • यूपी पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना के लिए कर रही हाफ एनकाउंटर, हाईकोर्ट ने DGP को किया तलब

    यूपी पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना के लिए कर रही हाफ एनकाउंटर, हाईकोर्ट ने DGP को किया तलब


    नई दिल्ली । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में कथित हाफ एनकाउंटर की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने आरोपियों के पैरों में गोली मारकर बाद में उसे मुठभेड़ बताने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि दंड देने का अधिकार केवल न्यायालयों के पास है, पुलिस के पास नहीं. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा न्यायिक अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अस्वीकार्य है, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां शासन कानून के तहत चलता है.

    हाईकोर्ट ने राज्य के डीजीपी और गृह सचिव से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में गोली मारने के संबंध में कोई मौखिक या लिखित निर्देश जारी किए गए हैं. अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे मुठभेड़अब एक नियमित घटना बनते जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना या आरोपियों को सबक सिखाना हो सकता है.

    इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई- हाईकोर्ट

    कोर्ट ने यह भी कहा कि उसके सामने अक्सर ऐसे मामले आते हैं, जिनमें मामूली अपराधों में भी पुलिस अंधाधुंध गोलीबारी कर घटनाओं को मुठभेड़ का रूप दे देती है. यह टिप्पणी अदालत ने मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार और दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की जो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए थे. अदालत ने नोट किया कि इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई, जिससे बल प्रयोग की आवश्यकता और अनुपातिकता पर सवाल उठते हैं.

    एक मामले में अदालत ने पहले राज्य सरकार से पूछा था कि क्या कथित मुठभेड़ को लेकर एफआईआर दर्ज हुई और क्या घायल का बयान मजिस्ट्रेट या चिकित्सा अधिकारी के सामने दर्ज किया गया. राज्य की ओर से बताया गया कि एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन घायल का बयान न तो मजिस्ट्रेट और न ही किसी डॉक्टर के समक्ष दर्ज किया गया. साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि पहले एक सब-इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई थी, जिसे बाद में एक इंस्पेक्टर को स्थानांतरित कर दिया गया.

    स्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ में हुई सुनवाई

    दलीलों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मुठभेड़ संबंधी दिशानिर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है. यह सुनवाई जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ में हुई.

  • योगमाया मंदिर में पूजा गुरुद्वारे में मत्था टेक विकास योजनाओं के साथ महरौली दौरे पर सीएम रेखा गुप्ता

    योगमाया मंदिर में पूजा गुरुद्वारे में मत्था टेक विकास योजनाओं के साथ महरौली दौरे पर सीएम रेखा गुप्ता


    नई दिल्ली में शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महरौली विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए 135 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते हुए सिद्धपीठ माता योगमाया मंदिर में पूजा अर्चना की और गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महरौली दौरे के दौरान कहा कि विकसित दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब हर विधानसभा हर कॉलोनी और हर घर तक विकास पहुंचे। उन्होंने कहा कि महरौली अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ अब आधुनिक सुविधाओं की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। विकास योजनाओं के माध्यम से स्वच्छता आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि महरौली की ऐतिहासिक भव्यता को सुरक्षित रखते हुए उसे इक्कीसवीं सदी की आधुनिक आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण और भविष्य का निर्माण दोनों साथ साथ किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को सशक्त और सुव्यवस्थित महरौली मिल सके।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारों ने दिल्ली को केवल विज्ञापनों में चमकाने का काम किया। महरौली की विरासत स्थानीय जरूरतें और नागरिकों की अपेक्षाएं लंबे समय तक उपेक्षित रहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की राजनीति सत्ता केंद्रित नहीं बल्कि सेवा सुशासन और विकास पर आधारित है।

    रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है उनका उद्देश्य स्वच्छता सुनिश्चित करना आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेगा।कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने प्राचीन सिद्धपीठ माता योगमाया मंदिर में दर्शन कर पूजा की। उन्होंने कहा कि माता योगमाया शक्ति संरक्षण और धर्म की दिव्य चेतना हैं जिनकी कृपा से यह क्षेत्र सदियों से आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने माता से प्रार्थना की कि हर परिवार के जीवन में सुख स्वास्थ्य और मंगल बना रहे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी पहुंचकर गुरु साहिब को नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से समाज में सेवा समर्पण और समानता की भावना निरंतर बढ़ती रहे। उन्होंने इस अवसर पर सप्तम पातशाह गुरु हर राय साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व की सभी को शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री के इस दौरे को महरौली के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जिससे क्षेत्र में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है।

  • महाबली सतपाल सिंह का योगदान: खिलाड़ी के रूप में पदक और कोच के रूप में दुनिया के मुक़ाबलों में भारत का नाम रोशन करने वाले पहलवान तैयार किए

    महाबली सतपाल सिंह का योगदान: खिलाड़ी के रूप में पदक और कोच के रूप में दुनिया के मुक़ाबलों में भारत का नाम रोशन करने वाले पहलवान तैयार किए


    नई दिल्ली। में भारतीय कुश्ती के दिग्गज सतपाल सिंह का नाम आदर और सम्मान के साथ लिया जाता है। खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में उनका योगदान अभूतपूर्व रहा है। सतपाल सिंह ने न केवल एक पहलवान के रूप में अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन करते हुए देश का प्रतिनिधित्व किया बल्कि पेशेवर खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद अपने कोचिंग करियर में सुशील कुमार योगेश्वर दत्त, रवि कुमार दहिया और अमित कुमार दहिया जैसे विश्वस्तरीय पहलवान तैयार किए।

    सतपाल सिंह का जन्म 1 फरवरी 1955 को दिल्ली में हुआ। उन्होंने हनुमान अखाड़ा में कोच गुरु हनुमान के मार्गदर्शन में कुश्ती के दाव पेंच सीखे। 16 साल तक राष्ट्रीय चैंपियन बने रहने वाले सतपाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता 19 साल की उम्र में 1974 में क्राइस्टचर्च कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के साथ मिली। इसके बाद 1978 एलबर्टा और 1982 ब्रिसबेन कॉमनवेल्थ गेम्स में भी रजत पदक जीता। एशियन गेम्स में 1974 तेहरान में कांस्य, 1978 बैंकॉक में रजत और 1982 नई दिल्ली में हैवीवेट स्वर्ण पदक उनके करियर की विशेष उपलब्धियां हैं। 1980 के समर ओलंपिक्स में पुरुष फ्रीस्टाइल 100 किग्रा में उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया।

    सतपाल पारंपरिक कुश्ती में भी माहिर रहे। भारत कुमार, रुस्तम-ए-हिंद, भारत केसरी, महाभारत केसरी, रुस्तम-ए-जमान और हिंद केसरी सहित कई राष्ट्रीय खिताब उन्होंने अपने नाम किए। उन्हें महाबली सतपाल के नाम से भी जाना जाता है।खिलाड़ी जीवन से संन्यास के बाद सतपाल सिंह 1988 से दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कोचिंग कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षण केंद्र को देश में कुश्ती का हब माना जाता है। उन्होंने सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, रवि कुमार दहिया और अमित कुमार दहिया जैसे पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार किया।भारतीय कुश्ती में योगदान के लिए सतपाल सिंह को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 1974 में अर्जुन पुरस्कार, 1983 में पद्मश्री, 2009 में द्रोणाचार्य सम्मान और 2015 में पद्मभूषण उनकी असाधारण उपलब्धियों की पुष्टि करते हैं।

    70 साल की उम्र में भी सतपाल सिंह सक्रिय हैं और लगातार नए पहलवानों को प्रशिक्षित कर देश का नाम रोशन करने में जुटे हैं। उनके अनुशासन, मेहनत और कुश्ती के प्रति समर्पण ने उन्हें खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में प्रेरक बना दिया है।

  • Budget 2026: इतिहास में एक ऐसा साल, जब बजट से पहले हलवा सेरेमनी परंपरा टूटी थी, जानें क्‍या थी वजह?

    Budget 2026: इतिहास में एक ऐसा साल, जब बजट से पहले हलवा सेरेमनी परंपरा टूटी थी, जानें क्‍या थी वजह?


    नई दिल्ली। देश का आम बजट 2026 कल यानी 1 फरवरी, रविवार को संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए पेश करेंगी। हर साल बजट से पहले हलवा सेरेमनी की खास परंपरा निभाई जाती है, लेकिन इतिहास में ऐसा एक साल भी आया जब यह रस्म नहीं हो सकी।

    हलवा सेरेमनी क्या होती है?
    हर साल बजट के ड्राफ्ट तैयार होने के बाद, नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। इस दौरान बड़ी कढ़ाही में हलवा बनाया जाता है और वित्त मंत्री इसे मंत्रालय के कर्मचारियों और अधिकारियों में बांटती हैं। यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि बजट प्रक्रिया की शुभ शुरुआत का प्रतीक भी है।

    इतिहास और लंबी परंपरा
    आजादी के बाद से यह रस्म लगातार निभाई जाती रही है। हर सरकार ने इसे बनाए रखा है। यही वजह है कि जब किसी साल यह परंपरा टूटी, तो वह घटना इतिहास में यादगार बन गई।

    कब और क्यों टूटी यह परंपरा?
    साल 2022 में दशकों पुरानी हलवा सेरेमनी पहली बार नहीं हुई। इसका कारण कोरोना महामारी की तीसरी लहर थी। संक्रमण तेजी से फैल रहा था और बड़े समूह में इकट्ठा होना खतरनाक माना गया। इसलिए वित्त मंत्रालय ने फैसला किया कि नॉर्थ ब्लॉक में सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को इकट्ठा करना सुरक्षित नहीं होगा, और हलवा सेरेमनी रद्द करनी पड़ी। हालांकि सीधे हलवा नहीं परोसा गया, लेकिन परंपरा की भावना बनी रही। बजट से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को मिठाई उनके घर या ऑफिस पर भेजी गई। इस तरह सुरक्षा और परंपरा दोनों का संतुलन रखा गया।

    हलवा सेरेमनी का और भी महत्व

    हलवा सेरेमनी केवल मिठाई बांटने तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही बजट की गोपनीय प्रक्रिया की शुरुआत भी होती है। समारोह के बाद अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह अलग-थलग हो जाते हैं। मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग बंद हो जाता है। अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं, उनके लिए खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। यह सुनिश्चित किया जाता है कि बजट की कोई जानकारी लीक न हो। इस प्रकार हलवा सेरेमनी मिठास का प्रतीक होने के साथ-साथ बजट की गंभीरता और गोपनीयता का संकेत भी बन जाती है।

  • असम चुनाव से पहले कांग्रेस निकालेगी मेगा यात्रा, राहुल नहीं गौरव गोगोई संभालेंगे कमान

    असम चुनाव से पहले कांग्रेस निकालेगी मेगा यात्रा, राहुल नहीं गौरव गोगोई संभालेंगे कमान


    गुवाहाटी । असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस राज्य में अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर रही है। पार्टी ने फरवरी में एक बड़ी मेगा यात्रा आयोजित करने का योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक इस यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई करेंगे, जबकि राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अलग-अलग चरणों में इसमें शामिल होंगे।

    यात्रा हाइब्रिड मोड में होगी, जिसमें बस यात्रा, पदयात्रा, नुक्कड़ सभाएं और बड़े जनसमूह के कार्यक्रम शामिल होंगे। पार्टी का उद्देश्य सीधे जनता से संवाद करना और राज्य में सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करना है। यात्रा की सटीक तारीख और नाम को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और संभावना है कि संसद सत्र समाप्त होने के बाद इसकी शुरुआत की जाएगी।

    कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही

    असम में कांग्रेस चुनाव से पहले पूरी ताकत झोंक रही है। संगठन को मजबूत करने और चुनावी बढ़त हासिल करने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। गौरव गोगोई, जो प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ लोकसभा में उपनेता भी हैं, को चुनावी चेहरा बनाया जा रहा है। पार्टी इस कदम से भाजपा के लगातार हमलों का सामना करना चाहती है, खासकर राहुल गांधी पर गमछा विवाद के बाद।

    अमित शाह का हमला
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी बदल गई। शाह ने करेनग चापोरी में आयोजित ‘मिसिंग युवा महोत्सव’ में जनता से अपील की कि भाजपा को वोट दें ताकि राज्य को अवैध घुसपैठ से मुक्त किया जा सके।

    घुसपैठ और भूमि सुधार

    अमित शाह ने बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान घुसपैठियों की संख्या बढ़कर 64 लाख हो गई और सात जिलों में वे बहुसंख्यक बन गए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और असम की भाजपा सरकारें अब इस प्रवृत्ति को पलटने के लिए काम कर रही हैं। इसके तहत 1.26 लाख एकड़ अतिक्रमित भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया गया है। शाह ने यह भी कहा कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हाथ मजबूत करने के लिए भाजपा को तीसरी बार सत्ता में लाना जरूरी है।

  • असम CM का बयान मुस्लिम-विरोधी AIMPLB ने की SC और राष्ट्रपति से संज्ञान लेने की मांग

    असम CM का बयान मुस्लिम-विरोधी AIMPLB ने की SC और राष्ट्रपति से संज्ञान लेने की मांग

    नई दिल्ली। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड AIMPLB ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हालिया बयान को मुस्लिम-विरोधी और असंवैधानिक करार दिया है। बोर्ड ने शुक्रवार को मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले का स्वतः संज्ञान ले। शर्मा ने अपने बयान में कहा था कि असम में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान “मियां” समुदाय के लोग परेशान हैं और उन्हें मतदान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस दौरान उन्होंने बांग्लाभाषी मुसलमानों के लिए ‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल किया।

    AIMPLB ने किया गंभीर आरोप

    बोर्ड के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान मुस्लिम-विरोधी और अत्यंत विभाजनकारी है। उन्होंने चेताया कि नफरत भरी भाषा और उकसावे का प्रयोग अब राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनता जा रहा है। इलियास ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और असम के मुख्यमंत्री लगातार मुसलमानों को निशाना बनाकर भड़काऊ और असंवैधानिक बयान दे रहे हैं।

    CJI और राष्ट्रपति से अपील

    बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से तुरंत स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि एक मुख्यमंत्री के रूप में शर्मा ने संविधान की रक्षा की शपथ ली है, लेकिन उनके बयान खुले तौर पर किसी विशेष समुदाय के खिलाफ भेदभाव, उत्पीड़न और मताधिकार से वंचित करने का संकेत देते हैं। AIMPLB ने CJI और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी संवैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

    सेक्युलर दलों और नागरिकों से आग्रह

    AIMPLB ने सभी सेक्युलर राजनीतिक पार्टियों, सिविल सोसाइटी समूहों और न्याय पसंद नागरिकों से संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में एकजुट होने का आग्रह किया है।

    मुख्यमंत्री का बयान

    हिमंत शर्मा ने बुधवार को कहा कि असम में “बांग्लादेशी मियां” रहते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान ऐसे “विदेशियों” के खिलाफ पांच लाख से अधिक शिकायतें दर्ज कराई हैं। शर्मा ने शिवसागर जिले के डेमो में कहा कि “अज्ञात लोग” अब यहां से चले गए हैं और अपर असम के कुछ जिलों में ऐसे लोग रहते हैं, जहां पांच साल पहले कोई संदिग्ध नहीं था।

    उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेशी मियां असम में बस गए हैं। यदि इनमें से किसी को एसआर नोटिस नहीं मिलता, तो इसका मतलब है कि राज्य में कोई विदेशी नहीं है। भाजपा कार्यकर्ता ऐसे संदिग्ध लोगों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर रहे हैं, और सरकार या निर्वाचन आयोग इसकी जांच करेगा। शर्मा ने कहा कि यदि शिकायतें दर्ज नहीं की जातीं, तो लोग सवाल उठाएंगे कि विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

  • पश्चिम बंगाल: हुमायूं कबीर ने 11 फरवरी से बाबरी मस्जिद निर्माण का किया ऐलान, ओवैसी से बढ़ी नजदीकियां

    पश्चिम बंगाल: हुमायूं कबीर ने 11 फरवरी से बाबरी मस्जिद निर्माण का किया ऐलान, ओवैसी से बढ़ी नजदीकियां


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ‘जनता उन्नयन पार्टी  के अध्यक्ष हुमायूं कबीर और एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी के बीच शुक्रवार शाम मुर्शिदाबाद में हुई मुलाकात ने नए गठबंधन की अटकलों को हवा दे दी है। इसी बैठक के दौरान कबीर ने बड़ा बयान देते हुए 11 फरवरी से बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य की शुरुआत होने की घोषणा की।

    हुमायूं कबीर के मुताबिक, 11 फरवरी को निर्माण स्थल पर करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे पवित्र कुरान के पाठ से होगी, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए मुस्लिम बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और ट्रस्ट के सदस्य मिलकर मस्जिद की नींव रखेंगे। कबीर ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में केवल समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल होंगे और इसे राजनीति से अलग रखा जाएगा।

    ममता सरकार पर सीधा हमला

    बैठक के बाद हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि AIMIM और SDPI के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है। कबीर ने दावा किया कि मार्च महीने में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी तय मानी जा रही है। कबीर ने इसे ममता सरकार के पतन की शुरुआत बताया।

    पुरानी बातचीत, नई मजबूती
    गौरतलब है कि दिसंबर से ही हुमायूं कबीर और असदुद्दीन ओवैसी के बीच बढ़ती नजदीकियों के संकेत मिलते रहे हैं। अब मुर्शिदाबाद में इमरान सोलंकी के साथ हुई ताजा बैठक के बाद इन अटकलों को और बल मिला है। AIMIM की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी पश्चिम बंगाल में मुस्लिम, दलित और वंचित समाज के अधिकारों के लिए पूरी ताकत के साथ संघर्ष करेगी।

  • मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी

    मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी


    नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने के संकेत मिले हैं। इस बदलाव से जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिली है, वहीं कई जगह ठिठुरन फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और राजस्थान में आने वाले तीन दिन मौसम अस्थिर रहेंगे। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के कारण ठंड का असर तेज हो गया है। शनिवार को यूपी के कई हिस्सों में कोहरा छाने की संभावना है और 1 से 3 फरवरी के बीच बारिश होने से सर्दी और तीखी हो सकती है।

    कश्मीर घाटी में सर्दी का सबसे कठिन दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद घाटी के अधिकतर इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस, कोनिबल में 1.0 डिग्री, पुलवामा में 0.1 डिग्री और कुलगाम में 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से ऊपर पहुंचने के कारण कड़ाके की ठंड से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

    पंजाब के अधिकांश इलाकों में शुक्रवार को रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में यह औसत के करीब बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन 1 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे हल्की ठंड लौट सकती है।

    राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को मौसम थोड़ा नरम रहा। यहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के औसत से 0.5 डिग्री अधिक है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और अगले तीन दिनों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

    राजस्थान में भी मौसम एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग जयपुर के अनुसार शनिवार से अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1 और 2 फरवरी को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के यही जिले बारिश से प्रभावित रहेंगे, जबकि जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

  • इस साल 5 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव….. असम से बंगाल तक विपक्षी गठबंधन तक अकेले घेरेगी BJP

    इस साल 5 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव….. असम से बंगाल तक विपक्षी गठबंधन तक अकेले घेरेगी BJP


    नई दिल्ली।
    इस साल होने वाले पांच विधानसभाओं के चुनावों (Five Legislative Assemblies Elections) के लिए भाजपा (BJP) के अधिकांश हमलों के निशाने पर कांग्रेस ही रहेगी, भले ही उसका मुकाबला विपक्ष के किसी भी दल के साथ क्यू न हो। दरअसल, भाजपा का मानना है कि देशभर में उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस (Congress) है और वही विपक्ष के गठबंधन (Opposition Alliance) की धुरी भी। इन चुनावों में असम में भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है, जबकि केरल में उसे कांग्रेस और वामपंथी दलों के गठबंधनों से जूझना है। तमिलनाडु में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का अहम हिस्सा है। केवल पश्चिम बंगाल ही ऐसा है, जहां भाजपा व तृणमूल कांग्रेस में सीधा संघर्ष है।

    भाजपा के चुनाव रणनीतिकारों का मानना है कि विपक्ष के केंद्र में कांग्रेस है इसलिए भाजपा का निशाना भी कांग्रेस ही रहेगी। वैसे भी बीते 75 वर्षों में अधिकांश समय कांग्रेस के सत्ता में रहने से भाजपा को उस पर हमला करने के लिए काफी मुद्दे रहते हैं। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को देखें तो भाजपा कांग्रेस को हराकर ही केंद्र व अधिकांश राज्यों में सत्ता में है और भाजपा का बड़ा समर्थक वर्ग भी वही है, जो कभी कांग्रेस का हुआ करता था। ऐसे में बड़े स्तर पर उसके लिए चुनौती भी कांग्रेस ही बन सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक रणनीति के अनुसार भाजपा के केंद्रीय चुनाव प्रचारक सभी जगहों पर कांग्रेस को केंद्र में रखकर हमलावर रहेंगे। राज्य के नेता स्थानीय समीकरणों के अनुसार राज्य के विरोधी खेमे पर निशाना साध रहे हैं। गठबंधन की राजनीति में भाजपा अपने सहयोगी दलों की रणनीति का भी अनुसरण कर अपना ऐजेंडा भी उसी तरह से आगे बढ़ाएगी। चूंकि भाजपा राष्ट्रीय दल है इसलिए वह कई मुद्दों पर क्षेत्रीय दलों के स्तर पर नहीं जा सकती है।

  • BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?

    BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?


    जमशेदपुर।
    करोड़ों की ठगी करने वाली गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्रालि कंपनी के खिलाफ शुक्रवार को जमशेदपुर में गबन का एक और मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में शिकायतवाद के आधार पर यह मामला साकची थाने में फिल्म अभिनेता सह सांसद मनोज तिवारी, सिने स्टार गोविंदा, चंकी पांडे और शक्ति कपूर समेत कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह के साथ जमशेदपुर शाखा प्रबंधक शिव नारायण पात्रो के खिलाफ दर्ज किया गया।

    साकची थानेदार के अनुसार, मामला बर्मामाइंस निवासी जसपाल सिंह की ओर से दर्ज शिकायतवाद का है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने मैक्सीजोन कंपनी में आठ लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी की ओर से उन्हें हर माह 15 प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया गया था, लेकिन न तो तय समय पर ब्याज दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। कोर्ट के आदेश पर साकची थाने में केस दर्ज किया गया है। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    अभिनेताओं पर क्या लगा आरोप

    वादी के अनुसार, निवेश कराने से पहले उन्हें कंपनी से जुड़े फिल्म अभिनेताओं के विज्ञापन और प्रचार सामग्री दिखाई गई। इन प्रचार के जरिए भरोसा दिलाया गया कि नामी फिल्म कलाकार कंपनी के लिए काम और प्रचार करते हैं, जिससे कंपनी पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जमशेदपुर शाखा के प्रबंधक शिव नारायण पात्रो ने कहा था कि कंपनी को फिल्म अभिनेताओं का समर्थन है। इस भरोसे में आकार जसपाल सिंह ने बड़ी रकम निवेश कर दी। बाद में जब पैसे और ब्याज मांगे तो टालमटोल किया जाने लगा। शिकायतवाद पर सुनवाई के बाद अदालत ने साकची थाने को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।


    करोड़ों की ठगी में निदेशक और पत्नी हो चुके हैं गिरफ्तार

    गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड ने हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी की है। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। उन्हें पिछले साल पुलिस ने कोडरमा स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया था। अभी दोनों जेल में हैं।