Category: National

  • देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ

    देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ


    नई दिल्ली।
    देश में एक बार फिर मौसम करवट (Weather change) लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तर भारत (North India) में तीन पश्चिमी विक्षोभों (Western disturbances) का प्रभाव रहेगा। इसके चलते 31 जनवरी और 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश (Rain) होगी। बर्फबारी होने की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में छिटपुट से भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 1-2 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की-मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    सुबह के समय पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा बना रहेगा, जो दृश्यता प्रभावित करेगा। न्यूनतम तापमान में अगले कुछ दिनों में 3-5 डिग्री की वृद्धि संभव है, लेकिन ठंड बनी रहेगी। 2 से 3 फरवरी तक मौसम की गतिविधि थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी कम होगी, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम साफ होने लगेगा। पूर्वी और दक्षिणी भारत (जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल) में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहेगा, केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है।


    इन राज्यों में बारिश होने के आसार

    गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 2 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है। कोहरा अब कम होगा और तापमान में स्थिरता आएगी। 4 फरवरी को मौसम सामान्य रहेगा। अधिकांश राज्यों में आसमान साफ होगा और बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की ठंड बनी रहेगी। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में मौसम सामान्य रहेगा, कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 5 फरवरी से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे 5 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब-हरियाणा में फिर से हल्की-मध्यम बारिश/बर्फबारी शुरू हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में छिटपुट बारिश संभव है।

  • इस मुस्लिम देश के पूर्व राष्ट्रपति ने किया भगवान तिरुपति बालाजी का पूजन…हाथ जोड़कर पैदल ही पहुंचे मंदिर

    इस मुस्लिम देश के पूर्व राष्ट्रपति ने किया भगवान तिरुपति बालाजी का पूजन…हाथ जोड़कर पैदल ही पहुंचे मंदिर


    बेंगलुरु।
    इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो (Former Indonesian President Joko Widodo) ने गुरुवार को तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (Lord Venkateswara Swamy Temple at Tirumala) में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो भी वायरल हो रहा है। वह मंदिर परिसर में हाथ जोड़कर पैदल ही दर्शन के लिए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने विडोडो का स्वागत किया और बाद में उन्हें मंदिर में दर्शन के लिए ले गए।

    एक अधिकारी ने बताया, ‘‘इंडोनेशिया के सातवें राष्ट्रपति (विडोडो) ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और उनका स्वागत टीटीडी के अधिकारियों ने किया।’’ दर्शन के बाद टीटीडी के अधिकारियों ने उन्हें रेशमी वस्त्र और प्रसाद भेंट किया तथा रंगनायकुला मंडपम में भगवान वेंकटेश्वर की एक तस्वीर प्रदान की।

    कभी बौद्ध और हिंदू राजाओं का था शासन
    बता दें कि इंडोनेशिया सबसे बड़ा मुस्लिम राष्ट्र है, इसके बावजूद यहां हिंदू संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है। इसे मुनियों का देश कहा जाता है। यहां की आबादी करीब 27 करोड़ है जिनमें से 90 करोड़ मुस्लिम हैं। यहां कभी हिंदू और बौद्ध राजाओं का राज हुआ करता था। ऐसे में आज भी इंडोनेशिया में कई प्रसिद्ध हिंदू मंदिर हैं। इसके अलावा यहां रामायण की भी मान्यता है।

    यहां 8वीं सदी में मुस्लिम व्यापारी पहुंचे थे। इसके बाद धीरे-धीरे यहां इस्लाम का प्रचार होने लगा। कछ शासकों ने इस्लाम अपनाया तो घराने ही इस्लामिक हो गए। जो मुस्लिम व्यापारी यहां आते थे वे यहां की स्थानीय महिलाओं से शादी करते थे। ऐसे में धर्मांतरण का एक बड़ा दौर यहां चला। इसी वजह से हिंदू और बौद्ध राजाओं वाला देश एक मुस्लिम राष्ट्र बन गया।

  • बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल

    बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल


    दरभंगा।
    बिहार (Bihar) बर्ड फ्लू (Bird flu) पांव पसार रहा है। दरभंगा शहर (Darbhanga city) में पिछले 15 दिनों में हजारों कौवों (Thousands Crows) की मौत हो गई है। डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग की ओर से कराई गई जांच में इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। आम लोगों से सतर्क रहने और किसी आशंका पर प्रशासन को सूचित करने की अपील डीएम ने की है। स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के जिलो को अलर्ट किया है।

    मरे हुए नगर निगम की ओर से जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खोदकर वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया। इसमें कबीर सेवा संस्थान ने भी सहयोग किया। इस दौरान स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम भी मौजूद रही। बताया गया है कि मरे हुए कौवों की संख्या करीब 10 हजार है। मौके पर पहुंचे वार्ड पार्षद नफीसुल हक रिंकू और नवीन सिन्हा ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है। दरभंगा जिले के कई इलाकों से मुर्गों और मुर्गियों की मौत होने की सूचना मिल रही है। विभागीय टीम सैंपल लेकर जांच कर रही है।

    जिला प्रशासन ने लोगों से फिलहाल चिकेन और अंडा खाने से परहेज करने की अपील की गई है। साथ ही किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने को कहा गया है। कबीर सेवा संस्थान के संरक्षक और वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा ने कहा कि एक किलोमीटर के दायरे में सभी पॉल्ट्री फार्म व बिक्री केंद्र की निगरानी सहित पक्षियों को रखने वाले पॉल्ट्री फार्म की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोलकाता और भोपाल में कराई गई जांच की रिपोर्ट गुरुवार की देर रात आई है। इसमें इन कौवों की मौत का कारण बर्ड फ्लू बताया गया है। कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने की खबर से जिले में हड़कंप मच गया है।

    जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। डीएम कौशल कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी मृत पक्षी को हाथ न लगाएं। उधर, डीएम कौशल कुमार ने गुरुवार को जिला पशुपालन अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि शहर के वार्ड 31 में मृत कौवों के नमूने की जांच में एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। अत: नगर आयुक्त व वन प्रमंडल से समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्र में बचाव सं संबधित काम कराएं। साथ ही पूरे जिले में इसकी निगरानी सुनिश्चित अकराएं।

  • जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग

    जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग


    रांची।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (Mahendra Singh Dhoni) को झारखंड सरकार (Jharkhand Government) पर्यटन के क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर (Brand Ambassador) बनाने की तैयारी में है। पर्यटन विभाग के इस प्रस्ताव की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द ही राज्य सरकार इसकी अधिसूचना जारी कर सकती है।

    सूत्रों के अनुसार, राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐसा फैसला लिया गया है। पर्यटन को लेकर धौनी जल्द ही जागरूक करते नजर आ सकते हैं। बता दें कि बीते साल मंत्री सुदिव्य और धौनी में शिष्टाचार मुलाकात के बाद से ही ब्रांड एंबेसडर बनाने की चर्चा होने लगी थी।

    हाल ही में हुई थी CM हेमंत सोरेन से अचानक मुलाकात

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली रवाना हुईं। उनके साथ गुरुवार शाम विधायक कल्पना सोरेन भी गईं हैं। एयरपोर्ट तक मुख्यमंत्री भी गए। इस बीच मुख्यमंत्री की भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से मुलाकात हुई। हेमंत ने एक्स पर मुलाकात की तस्वीर अपलोड कर लिखा ‘माही से अचानक मिलना हुआ।’

  • Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ

    Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ


    मुंबई।
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा अजीत पवार) (Nationalist Congress Party – NCP Ajit Pawar) में शुक्रवार को तेजी से बदलते घटनाक्रम में महाराष्ट्र (Maharashtra) के दिवंगत पूर्व उप-मुख्यमंत्री की जगह पर उनकी पत्नी सुनेत्रा अजीत पवार (Sunetra Ajit Pawar) को सूबे की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस पर सुनेत्रा पवार ने अपनी सहमति दे दी है।

    राकांपा (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे उनकी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में पार्टी के सभी नेता उपस्थित रहेंगे। बैठक के बाद सारी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी जाएगी।

    राकांपा के सूत्रों ने बताया कि आज पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल के राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोरा बारामती में जाकर सुनेत्रा अजीत पवार और पार्थ पवार से मिले थे। इसके बाद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, पार्थ पवार के बीच वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बैठक हुई। इसके बाद नरेश अरोरा ने सुनेत्रा और पार्थ से इस संबंध में चर्चा की। इसपर दोनों सहमत हो गए हैं। नरेश अरोरा बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए और शनिवार को सुबह अरोरा राकांपा एपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करेंगेे। इसके बाद सिर्फ औपचारिकता के लिए राकांपा एपी के विधायकों की बैठक होगी और शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    इसकी पुष्टि करते हुए मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विधायक दल के बैठक की तो सिर्फ औपचारिकता है, सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री और राकांपा एपी का अध्यक्ष पद देना आम राकांपा कार्यकर्ताओं की इच्छा है। सुनेत्रा पवार को पार्टी कार्यकर्ता हर तरह से मदद करने को तैयार हैं।

    राकांपा एपी के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आज राकांपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले थे। इसके बाद प्रदेश कार्यालय में सुनील तटकरे ने राकांपा नेताओं के साथ बैठक की और राकांपा के सभी विधायकों को शनिवार को मुंबई में बुलाया गया है। शनिवार को दिन में ११ राकांपा विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

  • भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल

    भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चिली (India and Chile) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) (Free Trade Agreements – FTAs) के लिए बातचीत जल्द ही पूरी हो जाएगी। इस समझौते से घरेलू व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

    ग्रेटर नोएडा में भारतीय सनदी लेखागार संस्थान (आईसीएआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हम कई विकसित देशों के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही चिली के साथ एफटीए को अंतिम रूप देंगे। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रास्ते खोल देगा।भारत और चिली ने 2006 में एक तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) को लागू किया था और अब इसे एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) में बदलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस नए समझौते का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करना है।

    वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत ने मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड, ओमान, ईएफटीए (ईएफटीए), ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) सहित आठ विकसित राष्ट्रों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 32 प्रमुख यूरोपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है। गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्‍त व्‍यापार समझौते (एफटीए) के असर के बारे में बात करते हुए कहा कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

    दक्षिण अमेरिकी देश चिली के पास लिथियम, तांबा, रेनियम, मोलिब्डेनम और कोबाल्ट जैसे प्रमुख खनिजों का विशाल भंडार है। ये इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभी मध्यम स्तर पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में चिली को भारत का निर्यात 2.46 फीसदी घटकर 1.15 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 72 फीसदी बढ़कर 2.60 अरब डॉलर हो गया।

  • दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिए 500 करोड़ रुपये

    दिल्ली सरकार ने एमसीडी को दिए 500 करोड़ रुपये


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त राजधानी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और धूल से होने वाले प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 500 करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता दी है। इस धनराशि से सफाई व सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत कर धूल उड़ने की समस्या को कम किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सफाई व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार आगे भी नगर निगम को हर साल 300 करोड़ रुपये की नियमित सहायता देती रहेगी।

    इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित सरकार व नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राजधानी को साफ और स्वच्छ रखने के लिए एमसीडी को 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। राशि का कुछ हिस्सा उन कंपनियों का पुराना बकाया चुकाने में खर्च होगा जो कचरा प्रबंधन का काम करती हैं ताकि वे बेहतर तरीके से अपने काम को अंजाम दे सकें। कुछ हिस्सा सफाई व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए दिया जाएगा ताकि कचरा उठाने और उसे ले जाने में होने वाले मासिक घाटे की भरपाई की जा सके। साथ ही, कुछ हिस्सा उन खास इलाकों से कूड़ा हटाने के लिए भी दिया जाएगा जहां ठेकेदार काम नहीं करते। इसके अतिरिक्त सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत, जैसे गड्ढे भरने, छोटे पैच रिपेयर और धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के कामों पर भी राशि खर्च की जाएगी।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह पूरी राशि केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाए और इसका किसी अन्य योजना में उपयोग नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को सभी वित्तीय नियमों का पालन करते हुए खर्च की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी होगी और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को सही मायनों में विकसित दिल्ली बनाने के लिए स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सफाई व्यवस्था का भी चाक-चौबंद रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कूड़ा आदि से निकली धूल भी प्रदूषण को बढ़ाती है, इसलिए हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि राजधानी को साफ व स्वच्छ बनाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम को कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और बेहतर बनाना होगा। दिल्ली सरकार सफाई से जुड़े आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए निगम को अलग से पर्याप्त धनराशि दे रही है, ताकि सफाई के काम में बेहतर और तेजी से नतीजे मिल सकें। उन्होंने कूड़े से ऊर्जा बनाने वाले नए प्लांट लगाने के निर्देश दिए और मौजूदा प्लांट को अपग्रेड करने को भी कहा। साथ ही, हरित कूड़े के सही उपयोग पर जोर देते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक मशीनें लगाने के निर्देश एमसीडी नेताओं को दिए। उन्होंने कहा कि कूड़े का बेहतर प्रबंधन भी राजधानी को साफ-सुथरा बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गीले व सूखे कूड़े का उठाने की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाए ताकि लोगों का इस ओर रुझान बढ़े।

  • भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप

    भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप


    नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास में जिन “विदेशी आक्रांताओं” को लाया जाता है, उन्हें असल में भारतीय लुटेरे माना जाना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में महमूद गजनवी और लोदी वंश जैसे आक्रमणकारियों का उदाहरण भी दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    BJP का कड़ा रुख
    बीजेपी ने इस बयान को देश की भावनाओं के खिलाफ करार दिया और इसे “बीमार मानसिकता” बताया।

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह वक्तव्य इतिहास और देश की स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला है।

    उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं को भारत की मिट्टी में जन्मा लुटेरा बताना देश की बदनामी का कारण बनता है और ऐसे बयान से भ्रम फैलता है।

    कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी
    बीजेपी के नेताओं ने सीधे कांग्रेस को निशाना बनाया।

    शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया कि कांग्रेस और उसके समर्थक उन आक्रांताओं की महिमा मंडित करते हैं जिन्होंने मंदिरों को नष्ट किया।

    प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और आक्रांताओं के कृत्यों को नजरअंदाज करती है। उन्होंने कांग्रेस को ‘आधुनिक मुस्लिम लीग’ भी कहा।

    BJP का तर्क: इतिहास तोड़ा जा रहा है
    BJP प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुगल शासक बगदाद के खलीफा के नाम पर शासन करते थे, जैसे ब्रिटिश वायसराय ब्रिटिश राजाओं के प्रतिनिधि होते थे।
    उनका कहना है कि अंसारी का यह बयान देश की भावना के खिलाफ और भ्रम फैलाने वाला है।
    इस मामले ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान बढ़ा दिया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और यह विवाद अभी भी जारी है।

  • सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने की मांग तेज, NCP नेताओं की CM फडणवीस से मुलाकात

    सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने की मांग तेज, NCP नेताओं की CM फडणवीस से मुलाकात


    मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके पद, विभागों और एनसीपी की भविष्य की दिशा को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। पार्टी के भीतर यह मांग उठने लगी है कि उपमुख्यमंत्री का पद अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को सौंपा जाए।

    इन्हीं मुद्दों को लेकर शुक्रवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके आधिकारिक निवास वर्षा बंगले पहुंचे। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे शामिल थे। यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली, जिसमें विभागों के बंटवारे और राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा हुई।

    पोर्टफोलियो और नेतृत्व को लेकर मंथन

    अजित पवार के पास सरकार में वित्त, आबकारी और खेल जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी थी, साथ ही वे उपमुख्यमंत्री भी थे। अब पार्टी के भीतर इस बात पर गहन विचार चल रहा है कि इन विभागों की जिम्मेदारी किसे दी जाए और एनसीपी की राष्ट्रीय कमान किसके हाथ में होगी। पार्टी सूत्रों का दावा है कि एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर जो बातचीत अजित पवार कर रहे थे, उस पर अंतिम निर्णय शरद पवार ही लेंगे।

    प्रफुल्ल पटेल का बयान: जल्द हो फैसला

    मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से कहा कि पार्टी ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, “अजित पवार के विभागों और एनसीपी से जुड़े फैसलों को लेकर अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। मौजूदा हालात में कार्यकर्ताओं और जनता की भावनाओं को देखते हुए देरी ठीक नहीं है।”

    NCP में टूट और मौजूदा राजनीतिक समीकरण

    शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जुलाई 2023 में दो हिस्सों में बंट गई थी, जब अजित पवार महायुति सरकार में शामिल हुए थे। उस समय उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने पर भी अजित पवार उसी पद पर बने रहे। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच कानूनी संघर्ष हुआ, जिसमें अजित पवार के गुट को मूल एनसीपी नाम और ‘एनालॉग अलार्म घड़ी’ चुनाव चिह्न मिला। फिलहाल अजित पवार का गुट सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एसपी विपक्षी महा विकास अघाड़ी में शामिल है।

    आगे क्या?

    अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, विभागों का बंटवारा किस दिशा में होता है और एनसीपी के दोनों गुटों के भविष्य को लेकर शरद पवार क्या फैसला लेते हैं। आने वाले दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अहम साबित हो सकते हैं।

  • यूनुस की भविष्यवाणी पड़ी उलटी, कहा था भारतीय कंपनियां बांग्लादेश आएंगी, अब खुद की मिलों पर गहराया संकट

    यूनुस की भविष्यवाणी पड़ी उलटी, कहा था भारतीय कंपनियां बांग्लादेश आएंगी, अब खुद की मिलों पर गहराया संकट


    नई दिल्ली। भारत को लेकर बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम लगातार सुर्खियों में है। इसी बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस की एक पुरानी टिप्पणी फिर चर्चा में आ गई है। वर्ष 2025 में यूनुस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को लेकर उत्साहित नजर आए थे। तब उन्होंने दावा किया था कि ऊंचे टैरिफ और ज्यादा लागत के चलते भारतीय उद्योग, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर, भारत छोड़कर बांग्लादेश में निवेश करेंगे।

    अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन को दिए एक इंटरव्यू में यूनुस ने कहा था कि अमेरिका के भारी टैरिफ के कारण भारतीय कंपनियां भारत में उत्पादन करना छोड़ेंगी और बांग्लादेश में फैक्ट्रियां लगाएंगी, क्योंकि वहां लागत कम है और टैरिफ भी अपेक्षाकृत कम हैं। हालांकि मौजूदा हालात उनकी इस भविष्यवाणी से बिल्कुल उलट दिखाई दे रहे हैं।

    खुद का टेक्सटाइल सेक्टर संकट में

    जनवरी 2026 के अंत तक बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग गंभीर संकट में फंस गया है। जहां एक ओर भारत पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर बयानबाजी की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर देश की घरेलू टेक्सटाइल मिलें बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बांग्लादेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन BTMA ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से देशभर की टेक्सटाइल मिलें अनिश्चितकाल के लिए बंद की जाएंगी।

    BTMA अध्यक्ष शौकत अजीज रसेल के अनुसार मिल मालिक बैंक कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। उद्योग की पूंजी 50 प्रतिशत से अधिक घट चुकी है और कई यूनिट पहले ही ताले लगा चुकी हैं। उद्योग का आरोप है कि भारत से आयातित सस्ते सूत ने स्थानीय बाजार को नुकसान पहुंचाया है। करीब 12 हजार करोड़ टका का तैयार माल गोदामों में बिना बिके पड़ा है। वहीं गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के चलते उत्पादन क्षमता भी 50 प्रतिशत तक गिर गई है। संगठन ने सरकार से 10 से 30 काउंट के सूत पर ड्यूटी-फ्री आयात सुविधा खत्म करने और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

    भारत–EU समझौता बढ़ाएगा दबाव

    भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। यह समझौता बांग्लादेश के गारमेंट निर्यात के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अभी LDC श्रेणी में होने के कारण बांग्लादेश को EU बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलती है, जबकि भारत को करीब 12 प्रतिशत शुल्क देना पड़ता है।

    समझौता लागू होने के बाद भारत को भी शून्य टैरिफ का लाभ मिलेगा। भारत के पास कपास और सूत जैसे कच्चे माल की मजबूत उपलब्धता है, जिससे उसके उत्पाद सस्ते और बेहतर गुणवत्ता वाले हो सकते हैं। वहीं बांग्लादेश 2026-27 तक LDC सूची से बाहर हो जाएगा, जिससे उसका ड्यूटी-फ्री लाभ समाप्त हो जाएगा। ऐसे में यूरोपीय बाजार में भारत से प्रतिस्पर्धा करना उसके लिए बेहद कठिन होगा। फिलहाल EU में हर तीसरा व्यक्ति बांग्लादेशी डेनिम पहनता है, लेकिन इस डील के बाद भारत इस बाजार का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में कर सकता है।

    कुल मिलाकर, जहां मोहम्मद यूनुस भारतीय कंपनियों के बांग्लादेश आने की उम्मीद जता रहे थे, वहीं जमीनी सच्चाई यह है कि बांग्लादेश का अपना टेक्सटाइल आधार और बैकवर्ड लिंकेज तेजी से कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।