Category: National

  • इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर

    इंडिगो पर बड़ा एक्शन… DGCA ने लगाया 22.2 करोड़ का जुर्माना, अब शेयरों पर निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली।
    बीते दिसंबर महीने में इंडिगो एयरलाइन (Indigo Airlines) की ओर से की गई मनमानी पर अब सरकार ने बड़ा एक्शन (Big Action) लिया है। दरअसल, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर हुई दिक्कतों के लिए इंडिगो एयरलाइन पर ₹22.2 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इस खबर के बाद अब सोमवार को इंडिगो के शेयर (Share) पर निवेशकों (Investors) की नजर रहेगी। बता दें कि डीजीसीए ने 68 दिनों के लिए हर दिन ₹3 लाख का जुर्माना और इसके अलावा ₹1.80 करोड़ का एक बार का सिस्टमैटिक पेनल्टी लगाया है। इस तरह, इंडिगो पर लगाया गया कुल जुर्माना ₹22.2 करोड़ हो गया है।


    परफॉर्मेंस

    इंडिगो के शेयर की बात करें तो बीएसई पर 4738.70 रुपये पर है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर में मामूली तेजी आई थी। अब सोमवार को शेयर का कैसा परफॉर्मेंस रहेगा, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन सरकार की कार्रवाई से निवेशक सहमे हुए हैं। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 6,225.05 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 3,946.40 रुपये है।


    इंडिगो पर सरकार की कार्रवाई

    दरअसल, डीजीसीए ने दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो संकट की उड़ानों में व्यवधान की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर उस पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही एक अधिकारी को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है। नियामक ने एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को भी इस मामले में आगाह किया है। बता दें कि 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द रही थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी। इसके बाद भी कई दिन तक बड़े पैमाने पर व्यवधान था लेकिन डीजीसीए ने अपनी कार्रवाई के लिए सिर्फ इन्हीं तीन दिनों को आधार बनाया है। जांच समिति ने 26 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

    नियामक ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को आगाह करके छोड़ दिया है जबकि मुख्य परिचालन अधिकारी इसिडर पोरक्रस को विंटर शिड्यूल और फ्लाइट ड्यूटी से संबंधित नये नियमों के असर के आकलन में विफल रहने के लिए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर) जैसन हर्टर को मौजूदा जिम्मेदारियों से मुक्त करने और कोई भी जिम्मेदारी का पद न देने का आदेश दिया गया है। इंडिगो से 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने के लिए भी कहा गया है। कंपनी जैसे-जैसे डीजीसीए के निर्देशों के अनुरूप लक्ष्यों को हासिल करती जाएगी, बैंक गारंटी की राशि उसे वापस मिलती जाएगी।

  • कश्मीरी गेट अब अकेला नहीं! दिल्ली मेट्रो में 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब बनेंगे, आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर

    कश्मीरी गेट अब अकेला नहीं! दिल्ली मेट्रो में 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब बनेंगे, आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर


    नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की तस्वीर बदलने जा रही है। लंबे समय तक कश्मीरी गेट ही राजधानी का एकमात्र ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन रहा, जहां तीन मेट्रो लाइनें मिलती हैं। लेकिन अब फेज-4 के तहत आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर भी ट्रिपल-इंटरचेंज बनेंगे, जिससे दिल्ली में यात्रा और तेज, आसान और सुविधाजनक होगी।

    फेज-4 में तीन नए सुपर हब
    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कहा है कि फेज-4 के पूरा होने के बाद ये तीनों स्टेशन ऐसे हब बनेंगे जहां तीन-तीन लाइनें एक ही प्लेटफॉर्म/कनेक्शन पॉइंट पर मिलेंगी। इससे यात्रियों को बार-बार लाइन बदलने की परेशानी कम होगी और सफर का समय भी घटेगा।

    खासकर उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    कश्मीरी गेट की मौजूदा भूमिका
    वर्तमान में कश्मीरी गेट स्टेशन रेड, येलो और वायलेट लाइन को जोड़ता है और रोजाना भारी संख्या में यात्रियों का यह प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट है। यह स्टेशन उत्तर/उत्तर-पश्चिम दिल्ली को मध्य और दक्षिण दिल्ली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता रहा है।

    2026 तक 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब
    फेज-4 में सबसे पहले आजादपुर ट्रिपल-इंटरचेंज के रूप में काम करेगा, जहां येलो, पिंक और मैजेंटा लाइन मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार यह हब 2026 के अंत तक चालू हो जाएगा, जिससे उत्तर, पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा आसान हो जाएगी।

    नई दिल्ली स्टेशन बनेगा एयरपोर्ट-हब
    नई दिल्ली स्टेशन भी जल्द ही येलो लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस और ग्रीन लाइन से जुड़कर ट्रिपल-इंटरचेंज बन जाएगा। इससे एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। हालांकि, ग्रीन लाइन का विस्तार अभी शुरू नहीं हुआ है और इसे चालू होने में कुछ साल लग सकते हैं।
    लाजपत नगर होगा दक्षिण दिल्ली का नया हब
    लाजपत नगर स्टेशन वायलेट, पिंक और प्रस्तावित गोल्डन लाइन को जोड़कर दक्षिण दिल्ली में एक प्रमुख कनेक्टिविटी पॉइंट बन जाएगा। इससे दक्षिण दिल्ली में ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को रूट बदलने की जरूरत कम होगी।

    फेज-5 (ए) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भी बनेगा हब
    फेज-5 (ए) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन को भी ट्रिपल-इंटरचेंज बनाने की योजना है, जहां येलो, वायलेट और मैजेंटा लाइनें मिलेंगी। इससे सेंट्रल विस्टा और सरकारी इलाकों तक पहुंच और आसान होगी।

    DMRC का दावा
    DMRC अधिकारियों का कहना है कि ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशनों से यात्रियों का समय बचेगा, मेट्रो का उपयोग बढ़ेगा और सड़क ट्रैफिक व प्रदूषण कम होंगे।

  • देश की जेन-जी को भाजपा के विकास मॉडल पर सबसे ज्यादा भरोसा: पीएम मोदी

    देश की जेन-जी को भाजपा के विकास मॉडल पर सबसे ज्यादा भरोसा: पीएम मोदी


    नई दिल्ली। मालदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस सपने को साकार करने में पूर्वी भारत की भूमिका सबसे अहम है और अब यह क्षेत्र तेजी से विकास की राजनीति को अपना रहा है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत भ्रम और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझाकर रखा गया जिससे यहां विकास की रफ्तार धीमी रही। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और जनता विकास सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है। पीएम मोदी ने दावा किया कि देश की जेन-जी भाजपा के विकास मॉडल पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रही है क्योंकि युवा वर्ग को अवसर रोजगार और स्थायी भविष्य चाहिए।पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा में पहली बार भाजपा सरकार बनी है त्रिपुरा कई वर्षों से भाजपा पर भरोसा जता रहा है और असम में लगातार पार्टी को मजबूत जनसमर्थन मिल रहा है। हाल ही में बिहार में भी भाजपा-एनडीए की सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में भी सुशासन की बारी है।

    पीएम मोदी ने दावा किया कि जहां-जहां वर्षों तक भाजपा को लेकर गलत जानकारी फैलाई गई वहां भी अब लोग सच्चाई समझ रहे हैं और पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार बंगाल की जनता भी भाजपा को विजयी बनाएगी।प्रधानमंत्री ने हालिया शहरी निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है। खासतौर पर मुंबई की बृहन्मुंबई नगर निगमबीएमसी में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर कभी भाजपा की जीत को असंभव माना जाता था वहां भी अब अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा का मेयर बनना देश की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत है।

    विपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल के हर गरीब परिवार को पक्का घर मिले और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ आम लोगों तक पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार केंद्र से भेजे गए गरीबों के पैसे का सही इस्तेमाल नहीं होने दे रही है।आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल देश का एकमात्र राज्य है जहां यह योजना लागू नहीं की गई है। इससे गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है और इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है।

    प्रधानमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर भी बात की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत देशभर में लाखों परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल शून्य किया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल के लाखों परिवार भी इसका लाभ उठाएं लेकिन राज्य सरकार इस दिशा में आगे नहीं बढ़ रही है।मालदा और पश्चिम बंगाल के विकास को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जाएंगे। उन्होंने मालदा की ‘मैंगो इकोनॉमी’ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा किया।

    जूट किसानों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जूट का समर्थन मूल्य करीब 2400 रुपये था जो अब बढ़कर साढ़े 5500 रुपये से अधिक हो गया है। पहले दस वर्षों में जूट किसानों को केवल 400 करोड़ रुपये मिले थे जबकि पिछले 11 वर्षों में यह राशि बढ़कर 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह बदलाव भाजपा की किसान-हितैषी नीतियों का प्रमाण है।

  • पीएम मोदी का बयान: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मां काली और मां कामाख्या की पावन भूमि को जोड़ रही है

    पीएम मोदी का बयान: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मां काली और मां कामाख्या की पावन भूमि को जोड़ रही है

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को विकास की नई दिशा देने वाले कई अहम प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से बंगाल की प्रगति को और तेज करने का अभियान शुरू हो गया है, जिससे आम लोगों की जिंदगी आसान होगी और व्यापार-कारोबार को नई मजबूती मिलेगी।

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से बदलेगी लंबी दूरी की यात्रा

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज से भारत में स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो रही है, जो लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और यादगार बनाएंगी। यह ट्रेन ‘मां काली की धरती’ बंगाल को ‘मां कामाख्या की भूमि’ असम से जोड़ती है, जो सांस्कृतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा।

    चार अमृत भारत एक्सप्रेस से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

    प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि आज बंगाल को चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी मिली हैं। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल, न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली, अलीपुरद्वार–बेंगलुरु और अलीपुरद्वार–मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों से खासतौर पर उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे यात्रियों को सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

    रेलवे आधुनिकीकरण से बढ़े रोजगार के अवसर

    पीएम मोदी ने कहा कि रेल ट्रैक मेंटेनेंस से जुड़ी नई सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने इसे भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में ही रेल इंजन, डिब्बे और मेट्रो कोच तैयार हो रहे हैं, जो देश की तकनीकी क्षमता की पहचान बन चुके हैं।

    आत्मनिर्भर भारत की पहचान बनती भारतीय रेल

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज अमेरिका और यूरोप से भी ज्यादा लोकोमोटिव बना रहा है और कई देशों को पैसेंजर ट्रेन व मेट्रो कोच का निर्यात कर रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल का तेजी से विद्युतीकरण हो रहा है, स्टेशन आधुनिक बन रहे हैं और देशभर में 150 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है।

    विकास, रोजगार और भविष्य की मजबूत नींव

    प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि यह बदलाव सिर्फ ट्रेनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के विकास, रोजगार सृजन और बेहतर भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि आधुनिक और हाई-स्पीड ट्रेनों का मजबूत नेटवर्क बंगाल के लोगों को सीधा लाभ पहुंचा रहा है।

  • खेल क्षेत्र में मौका: साई ने 26 खेलों के लिए 323 सहायक कोच पदों पर मांगे आवेदन

    खेल क्षेत्र में मौका: साई ने 26 खेलों के लिए 323 सहायक कोच पदों पर मांगे आवेदन

    नई दिल्ली। भारत में खेलों के बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन को और सशक्त बनाने की दिशा में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। साई ने देशभर में कोचिंग और एथलीट सपोर्ट को मजबूती देने के लिए 26 खेलों में 323 सहायक कोचों की सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए योग्य भारतीय नागरिकों से आवेदन मांगे गए हैं। यह भर्ती न केवल युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का अवसर है, बल्कि भारतीय खेलों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है।

    रक्षा खडसे ने बताया साई को बेस्ट कोचिंग प्लेटफॉर्म

    युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि जो कोच सबसे ऊंचे स्तर पर आगे बढ़ना, योगदान देना और उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए साई से बेहतर कोई संस्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि साई एक ऐसा इकोसिस्टम उपलब्ध कराता है, जहां कोचिंग को स्पोर्ट्स साइंस, हाई-परफॉर्मेंस इंफ्रास्ट्रक्चर, लगातार क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के शीर्ष एथलीटों के साथ काम करने का मौका मिलता है।

    एंट्री लेवल से हाई-परफॉर्मेंस कोच तक का सफर

    सहायक कोच का पद कोच कैडर के ग्रुप ‘बी’ में एंट्री लेवल पोस्ट है। चयनित उम्मीदवारों को साई के विभिन्न रीजनल सेंटर्स, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) और देशभर के प्रशिक्षण केंद्रों में नियुक्त किया जाएगा। इन्हें लेवल-6 के अनुसार वेतन और भत्ते मिलेंगे। साई के भर्ती नियमों के अनुसार, सहायक कोच आगे चलकर कोच, सीनियर कोच, मुख्य कोच और अंततः हाई-परफॉर्मेंस कोच के पद तक प्रमोशन के लिए योग्य होंगे।

    किन खेलों में कितनी भर्तियां

    साई ने जिन 26 खेलों में सहायक कोच पदों के लिए आवेदन मांगे हैं, उनमें एथलेटिक्स (28), आर्चरी (12), बैडमिंटन (16), बास्केटबॉल (12), मुक्केबाजी (19), कैनोइंग (7), साइकिलिंग (12), फेंसिंग (11), फील्ड हॉकी (13), फुटबॉल (12), जिम्नास्टिक (12), हैंडबॉल (6), जूडो (6), कबड्डी (6), खो-खो (2), रोइंग (11), सेपक टकराव (3), निशानेबाजी (28), तैराकी (26), टेबल टेनिस (14), ताइक्वांडो (11), टेनिस (8), वॉलीबॉल (10), वेटलिफ्टिंग (10), रेसलिंग (22) और वुशु (6) शामिल हैं। यह वितरण दर्शाता है कि साई ओलंपिक और पारंपरिक भारतीय खेलों—दोनों को समान रूप से बढ़ावा देना चाहता है।

    योग्यता और आरक्षण व्यवस्था

    इन पदों पर भर्ती में भारत सरकार की आरक्षण नीति लागू होगी। हर कैटेगरी में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जिससे महिला कोचों की भागीदारी बढ़ेगी। योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास साई एनएसएनआईएस, पटियाला, या किसी मान्यता प्राप्त भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय से डिप्लोमा या समकक्ष कोचिंग सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इसके अलावा, जिन खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालिंपिक, एशियन गेम्स या वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लिया है और उनके पास संबंधित कोचिंग प्रमाणपत्र है, वे भी आवेदन के लिए पात्र हैं।

    चयन प्रक्रिया और नियुक्ति

    सहायक कोचों का चयन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा होगी, जबकि दूसरे चरण में कोचिंग दक्षता परीक्षण लिया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति पूरे भारत में कहीं भी की जा सकती है और उनका अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर मान्य होगा। यह भर्ती युवाओं को एक स्थायी और सम्मानजनक करियर देने के साथ-साथ भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगी।

  • अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

    अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मोती नगर विधानसभा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये से अधिक की बहुप्रतीक्षित विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी की कर्मभूमि पर आयोजित हुआ, जिसे राजधानी के शहरी विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और मोती नगर विधायक हरीश खुराना मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता देखने को मिली।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन विकास कार्यों से मोती नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले 2 लाख से अधिक नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित यातायात और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।

    https://twitter.com/HarishKhuranna/status/2012187038662156399

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि परियोजनाओं के तहत कीर्ति नगर क्षेत्र में एक आधुनिक फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सुदर्शन पार्क और करमपुरा में नजफगढ़ ड्रेन पर दो लेन के नए पुल बनाए जाएंगे, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।

    इस विकास पैकेज में कुल 67 नई सीवर पाइपलाइन परियोजनाएं और 72 सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण से यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मजबूत सड़कें, बेहतर सीवर सिस्टम और हरित पार्क किसी भी शहरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जरूरी हैं। ये सुविधाएं न केवल जीवन को आसान बनाती हैं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह पहल स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी के “स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली” के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उनके विजन को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं की योजना बनाई गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

    सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि मोती नगर में शुरू हुए ये विकास कार्य दिल्ली की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। वहीं विधायक हरीश खुराना ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में उत्साह है।

    स्थानीय लोगों ने भी इन परियोजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें, पुल और सीवर व्यवस्था न केवल रोजमर्रा की समस्याओं को कम करेंगी, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी, सुरक्षा और संपत्ति मूल्य में भी वृद्धि करेंगी।

    मोती नगर विधानसभा में 135 करोड़ रुपये की इन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास यह साफ दर्शाता है कि सही योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए दिल्ली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और रहने योग्य राजधानी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में ये परियोजनाएं दिल्ली के शहरी विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।

  • भारत के कौशल विकास को नई उड़ान: पुणे में पीएम-सेतु उद्योग परामर्श आयोजित

    भारत के कौशल विकास को नई उड़ान: पुणे में पीएम-सेतु उद्योग परामर्श आयोजित


    नई दिल्ली । भारत के कौशल विकास और उद्यमिता के भविष्य को आकार देने के लिए पुणे में 19 जनवरी 2026 को पीएम-सेतु उद्योग परामर्श का आयोजन किया गया। यह परामर्श कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय  एमएसडीई महाराष्ट्र सरकार और यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी यशादा के सहयोग से आयोजित किया गया। पीएम-सेतुप्रधानमंत्री की दृष्टि के अनुरूप एक महत्वाकांक्षी योजना हैजिसका उद्देश्य देश में भविष्य के लिए तैयारवैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल का निर्माण करना है। कार्यशाला में निर्माणवस्त्रऑटोमोटिवएफएमसीजीइलेक्ट्रॉनिक्सतेल और गैसनवीकरणीय ऊर्जा समेत 50 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी और महाराष्ट्र सरकार की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने परामर्श की अध्यक्षता की और क्षेत्र के आईटीआई और उद्योगों का दौरा भी किया।

    पीएम-सेतु योजना का केंद्र बिंदु हब-एंड-स्पोक दृष्टिकोण है। इसके तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिकीकरण के तहत विकसित किया जाएगा। 200 हब आईटीआई में उन्नत बुनियादी ढांचा और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जाएगाजबकि 800 स्पोक आईटीआई स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण का विस्तार करेंगे। योजना के तहत आईटीआई का स्वामित्व सरकार का होगालेकिन उद्योग इसका प्रबंधन करेंगे। इस तरह मांग-आधारित प्रशिक्षणशिक्षुता और उद्योगों के साथ क्लस्टर-आधारित साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि पीएम-सेतु उद्योग के लिए कौशल विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। उद्योग क्लस्टर मॉडल के जरिए वे प्रशिक्षणपाठ्यक्रम सुधारसंकाय प्रशिक्षणशिक्षुता और नियोजन प्रक्रियाओं में योगदान देंगे। इससे भर्ती लागत कम होगीउत्पादकता बढ़ेगी और उद्योग मानकों के अनुरूप कुशल प्रतिभाएं तैयार होंगी।

    योजना के प्रारंभिक कार्य पहले ही 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुके हैं। 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी राज्य संचालन समितियों को अधिसूचित किया है। परामर्श के दौरान व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु औपचारिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। इनमें महाराष्ट्र के व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय और फिएट इंडियाश्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया तथा अनुदीप फाउंडेशन के बीच साझेदारियां शामिल हैं। पीएम-सेतु योजना भारत में कौशल विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक संस्थानों का निर्माण करेगीपाठ्यक्रम को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालेगी और उभरते क्षेत्रों में मजबूत प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला तैयार करेगी। उद्योग और सरकार के सहयोग से युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का यह प्रयास भारत के कौशल विकास की यात्रा को नई दिशा देगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रनजिन्हें एमजीआर के नाम से भी जाना जाता हैको उनकी जन्‍म जयंती के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में एमजीआर की बहुआयामी विरासत की सराहना करते हुए उनकी तमिलनाडु के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। एमजीआर ने न केवल राज्य के विकास में अहम योगदान दियाबल्कि तमिल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी अपना योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एमजीआर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उन्होंने तमिलनाडु की प्रगति में एमजीआर के योगदान को उत्कृष्ट बताया और तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका को उल्लेखनीय करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके दृष्टिकोण और आदर्शों को समाज के लिए साकार करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

    एमजीआर का जीवन राजनीतिफिल्म और समाज सेवा के क्षेत्र में प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने तमिलनाडु में शिक्षास्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीजो आज भी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। उनके नेतृत्व में तमिलनाडु ने औद्योगिक विकासआर्थिक सुदृढ़ता और सामाजिक उत्थान में नए आयाम हासिल किए। प्रधानमंत्री ने एमजीआर की छवि को केवल एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बताया कि एमजीआर ने तमिल संस्कृति और भाषा को व्यापक रूप से फैलाने में भी योगदान दियाजिससे तमिल साहित्यकला और सांस्कृतिक पहचान का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ा। उनके प्रयासों की वजह से तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित महसूस कराती है।

    एमजीआर की जयंती पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि केवल उनके योगदान को याद करने तक सीमित नहीं हैबल्कि यह नागरिकों और युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित होने का संदेश भी देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमजीआर का दृष्टिकोणउनकी सामाजिक सोच और तमिलनाडु के प्रति उनका समर्पण आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि ने एमजीआर की याद और उनके योगदान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। उनके जीवन की उपलब्धियां न केवल तमिलनाडुबल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

  • गणतंत्र दिवस 2026: लोकभवन 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खुलेगा, 26 जनवरी को विशेष भ्रमण का मौका

    गणतंत्र दिवस 2026: लोकभवन 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खुलेगा, 26 जनवरी को विशेष भ्रमण का मौका


    भोपाल । गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए एक खास मौका तैयार किया गया है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार लोकभवन को 25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खोला जा रहा है। इस तीन दिवसीय अवसर पर नागरिक न केवल राज्यपाल कार्यालय का अवलोकन कर सकेंगेबल्कि उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लघु फिल्मों का भी आनंद लेने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही लोकभवन में चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगीजो राज्य की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को दर्शाएगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आमजन को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ना और गणतंत्र दिवस के महत्व को और अधिक प्रभावी ढंग से समझाना है। उन्होंने कहा कि लोकभवन का यह खुलापन नागरिकों को राज्यपाल के कार्यालय की कार्यप्रणालीइतिहास और समकालीन गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा।

    लोकभवन में आमजन का भ्रमण तीन दिनों के लिए निर्धारित किया गया है। 25 और 27 जनवरी को लोकभवन अपरान्ह 2 बजे से सायं 8 बजे तक खुलेगाजबकि 26 जनवरीगणतंत्र दिवस के दिन विशेष तौर पर प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही आमजन भ्रमण कर पाएंगे। इस दिन लोकभवन का दौरा गणतंत्र दिवस समारोह से जुड़े उत्सव और कार्यक्रमों के साथ विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा। लोकभवन में प्रवेश और निकास की सुविधा गेट क्रमांक-1 के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने बताया कि इस दौरान नागरिकों के आराम और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। भ्रमण के दौरान आगंतुकों को लोकभवन की ऐतिहासिक संरचनाचित्रकला और राज्य के प्रशासनिक दृष्टिकोण की झलक देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा नागरिकों को छोटे वीडियो और लघु फिल्मों के माध्यम से गणतंत्र दिवस की महत्ताभारतीय संविधान और लोकतंत्र की मूलभूत अवधारणाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

    इस अवसर से आमजन न केवल राज्यपाल के दफ्तर का दौरा कर पाएंगेबल्कि उन्हें राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसारइस तरह की पहल नागरिकों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में सहायक होती है। लोकभवन में लगे चित्र और प्रदर्शनीसांस्कृतिक कार्यक्रम और लघु फिल्में सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए आकर्षक और ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करेंगी। इस तरह, गणतंत्र दिवस 2026 के दौरान 25 से 27 जनवरी तक आयोजित यह विशेष आयोजन न केवल राज्यपाल कार्यालय को आमजन के करीब लाएगाबल्कि नागरिकों को लोकतंत्रसंस्कृति और प्रशासनिक प्रणाली के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनाएगा। नागरिक इस अवसर का लाभ उठाकर लोकभवन के सुंदर और ऐतिहासिक वातावरण में सजीव अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

  • असदुद्दीन ओवैसी का सख्त बयान: AIMIM में किसी को भी पार्टी तोड़ने की कोशिश न करने की चेतावनी

    असदुद्दीन ओवैसी का सख्त बयान: AIMIM में किसी को भी पार्टी तोड़ने की कोशिश न करने की चेतावनी

    नई दिल्ली।  AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के संदर्भ में पार्टी के कॉरपोरेटर्स को सख्त चेतावनी दी है। ओवैसी ने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगम में किससे गठबंधन करना है या नहीं, इसका निर्णय पूरी तरह से पार्टी करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पार्षद खुद से फैसला नहीं ले सकता, अगर ऐसा हुआ तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    ओवैसी ने कहा, “अगर हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश हुई तो जनता से उन्हें तमाचा मिलेगा। बिहार में हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई थी, जनता ने उन्हें जवाब दिया था।” उन्होंने यह भी कहा कि कॉरपोरेटर AIMIM से चुनकर आए हैं, वे कहीं नहीं जाएंगे।

    कॉरपोरेटर्स के लिए स्पष्ट निर्देश

    ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि बीएमसी में हमारी पार्टी के 8 कॉरपोरेटर जीतकर आए हैं, इसलिए उनसे निवेदन है कि बिना पार्टी की अनुमति के कोई भी निर्णय न लें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई पार्षद स्वतंत्र निर्णय लेगा, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

    विपक्ष के वोटर लिस्ट आरोपों पर जवाब

    वोटर लिस्ट के विवादित आरोपों पर ओवैसी ने कहा कि उनकी टीम ने वोटर लिस्ट की जांच की, और यह सही पाई गई। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के वार्ड में शिवसेना का पार्षद जीत गया, जबकि अमरावती और अकोला में AIMIM के कॉरपोरेटर जीते हैं। इसके अलावा औरंगाबाद में 33 कॉरपोरेटर और बीएमसी में 8 कॉरपोरेटर AIMIM के जीत के गौरवशाली परिणाम हैं।

    कामयाबी में शामिल विभिन्न समुदाय

    ओवैसी ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव के प्रचार पर भी बात की और कहा, “मुझे खेद है कि हम वेस्ट महाराष्ट्र में प्रचार नहीं कर सके। लेकिन हमारी कामयाबी में कई हिन्दू भाई और दलित साथी भी शामिल हैं। जो पार्षद हमारे जीतकर आए हैं, वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।”

    उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उन वोटरों का धन्यवाद करेंगे, जिन्होंने AIMIM के 125 पार्षदों को चुना। ओवैसी ने अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की और कहा कि उनकी टीम ने कड़ी मेहनत की है।

    बीजेपी पर निशाना और सामाजिक संदेश

    ओवैसी ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बालासोर में मॉब लिंचिंग हुई और ओडिशा में बीजेपी की सरकार है। वहां खुलेआम हत्या हो रही है। यह हमारी समाजिक जिम्मेदारी है कि हम ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं।”

    AIMIM की रणनीति और भविष्य की योजना

    ओवैसी ने यह भी कहा कि पार्टी महाराष्ट्र में स्ट्रॉन्ग और संगठित होकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेटर और पार्टी कार्यकर्ता जनता की सेवा में लगे रहेंगे और सभी नागर निकायों में पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे। उन्होंने दोहराया कि कोई भी पार्षद स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता, और पार्टी की नीति के खिलाफ कोई कदम उठाना भारी पड़ सकता है।