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  • 2040 तक भारत बनेगा दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर नेवी शक्ति ब्रिटेन को छोड़ेगा पीछे; जानिए कितने देशों को पछाड़ देगा भारत

    2040 तक भारत बनेगा दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर नेवी शक्ति ब्रिटेन को छोड़ेगा पीछे; जानिए कितने देशों को पछाड़ देगा भारत


    नई दिल्ली । भारतीय नौसेना आने वाले डेढ़ दशक में समुद्री ताकत के मामले में इतिहास रचने जा रही है। मौजूदा रुझानों और स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी कार्यक्रमों की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि भारत साल 2040 तक दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर परमाणु पनडुब्बी शक्ति बन जाएगा। इस दौरान भारत न सिर्फ फ्रांस बल्कि ब्रिटेन जैसे परंपरागत समुद्री शक्ति वाले देश को भी पीछे छोड़ देगा और अमेरिका रूस व चीन के बाद शीर्ष चार नौसैनिक शक्तियों में शामिल हो जाएगा।

    फिलहाल परमाणु पनडुब्बियों की संख्या के मामले में अमेरिका दुनिया में सबसे आगे है। उसके पास 60 से 70 के बीच परमाणु पनडुब्बियां हैं जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल और अटैक पनडुब्बियां शामिल हैं। इसके बाद रूस और चीन का स्थान आता है। अभी चौथे नंबर पर ब्रिटेन और पांचवें पर फ्रांस है जबकि भारत इस सूची में तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। इस समय भारतीय नौसेना के पास दो सक्रिय परमाणु पनडुब्बियां हैं। एक तीसरी परमाणु पनडुब्बी के इस साल के अंत तक और चौथी के अगले साल सेवा में शामिल होने की उम्मीद है। यह संख्या भले ही अभी कम लगती हो लेकिन यह भारत के अब तक के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी पनडुब्बी निर्माण कार्यक्रम की शुरुआती अवस्था है।

    भारत की यह बढ़त पूरी तरह स्वदेशी कार्यक्रमों पर आधारित है। इसमें INS अरिहंत से शुरू हुई अरिहंत क्लास पनडुब्बियां भविष्य की S5 क्लास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां और प्रोजेक्ट-77 के तहत विकसित की जा रही परमाणु अटैक पनडुब्बियां शामिल हैं। भारतीय नौसेना दो S5 क्लास पनडुब्बियों का निर्माण शुरू कर चुकी है और भविष्य में चार और S5 क्लास पनडुब्बियां बनाने की योजना है। यानी कुल छह S5 क्लास पनडुब्बियां भारत की समुद्री परमाणु ताकत की रीढ़ बनेंगी। इसके साथ ही प्रोजेक्ट-77 के तहत परमाणु अटैक पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। शुरुआत में दो पनडुब्बियां बनाई जाएंगी लेकिन आगे चलकर इनकी संख्या छह तक पहुंच सकती है। ये पनडुब्बियां विमानवाहक पोतों की सुरक्षा दुश्मन पनडुब्बियों की निगरानी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करेंगी।

    अनुमान है कि 2035 तक भारत के पास कुल आठ परमाणु पनडुब्बियां होंगी जिनमें चार अरिहंत क्लास दो S5 क्लास और दो प्रोजेक्ट-77 की पनडुब्बियां शामिल होंगी। इस स्तर पर भारत फ्रांस को पीछे छोड़ देगा जिसकी परमाणु पनडुब्बियों की संख्या फिलहाल नौ के आसपास है और आगे इसमें ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। 2040 तक भारत कम से कम 10 परमाणु पनडुब्बियों का बेड़ा खड़ा कर लेगा जबकि ब्रिटेन की संख्या लगभग नौ पर स्थिर रहने की उम्मीद है। इस तरह भारत 15 साल बाद फ्रांस और ब्रिटेनदोनों देशों को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी परमाणु पनडुब्बी शक्ति बन जाएगा। INS अरिहंत से शुरू हुई यह यात्रा भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति संतुलन में निर्णायक स्थान दिलाने की ओर बढ़ा रही है।

  • गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री

    गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस परेड 2026 को पहले से कहीं अधिक समावेशी सांस्कृतिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार दर्शक दीर्घाओं को नदियों के नाम दिए जाएंगे। गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र सहित देश की प्रमुख नदियों के नाम पर दर्शक खंडों का नामकरण कर वीआईपी नॉन वीआईपी के फर्क को खत्म करने की पहल की गई है।

    अब तक गणतंत्र दिवस परेड में दर्शक दीर्घाओं की पहचान ए बी सी या अंकों के आधार पर होती थी जिससे वीआईपी संस्कृति की झलक दिखाई देती थी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह व्यवस्था बदलने का उद्देश्य हर नागरिक को समान सम्मान का अनुभव कराना है। नदियों के नाम भारतीय संस्कृति सभ्यता और एकता के प्रतीक हैं और इनके जरिए राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाएगा।

    इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की समग्र थीम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित रखी गई है। इसी भावना को परेड झांकियों आमंत्रण पत्रों टिकटों और कर्तव्य पथ की सजावट में प्रमुखता से दिखाया जाएगा। रक्षा सचिव ने बताया कि परेड में सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा ताकि सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमता और युद्ध तत्परता को प्रभावी तरीके से देश और दुनिया के सामने रखा जा सके।

    गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए इस बार कुल 77 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 हजार विशेष आमंत्रित अतिथि होंगे जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और जनसेवा में योगदान के लिए बुलाया गया है। आम जनता के लिए 32 हजार टिकट बिक्री पर रखे गए हैं। टिकट ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी उपलब्ध हैं जिन्हें राजीव चौक सहित कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों से खरीदा जा सकता है।

    दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 26 जनवरी को मेट्रो यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू होंगी ताकि लोग समय पर कर्तव्य पथ पहुंच सकें। यह कदम खासतौर पर आम नागरिकों को परेड से जोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय रंग भी देखने को मिलेगा। यूरोपीय संघ EU परिषद और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष मुख्य अतिथि होंगी। साथ ही यूरोपीय संघ की नौसेना का एक मार्चिंग दस्ता भी परेड में हिस्सा लेगा जो भारत और यूरोप के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक होगा।

    परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की जाएंगी। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों की और 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की होंगी। सभी झांकियों की थीम स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम रखी गई है जो देश की सांस्कृतिक विरासत विविधता और राष्ट्रभक्ति को दर्शाएगी। सेना के मार्च पास्ट में नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स विशेष आकर्षण होंगी वहीं पशु दस्ता भी परंपरागत रंग जोड़ेगा। गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल को लेकर 19 20 और 21 जनवरी को सुबह 10:15 से दोपहर 12:30 बजे तक कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन आज पीएम मोदी करेंगे, ये हैं ट्रेन की खासियतें

    वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन आज पीएम मोदी करेंगे, ये हैं ट्रेन की खासियतें

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है। अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार कोच में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं।

    वंदे भारत स्लीपर को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके इंटीरियर में भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा। बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर थकान भरा न लगे।

    सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का भरोसा

    सुरक्षा के मामले में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन काफी एडवांस है। इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी उपलब्ध है। ड्राइवर के केबिन में आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं।

    स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान

    रेल मंत्रालय के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर में यूवीसी डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगी है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करती है। यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है। इसका मतलब है कि अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।

    आराम और प्रीमियम सुविधाएं

    ट्रेन का बाहरी लुक आधुनिक और एयरोडायनामिक है, जिससे यह स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत कम होगी। दरवाजे ऑटोमैटिक हैं, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे।

    वंदे भारत स्लीपर की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। यात्रियों के लिए हाई क्वालिटी कंबल, कवर, एडवांस्ड बेडरोल और कैटरिंग सर्विस जैसी प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    आरामदायक यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था:

    एर्गोनोमिक बर्थ और बेहतर कुशनिंग

    शोर कम करने की तकनीक

    सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में

    कोच संरचना और किराया

    इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे:

    11 थर्ड एसी

    4 सेकंड एसी

    1 फर्स्ट एसी

    किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक होगा। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया लगभग 2,300 रुपये के आसपास रहेगा।

  • स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने FSL रिपोर्ट से दी सफाई: आतिशी के वीडियो में कोई छेड़खानी नहीं पाई गई

    स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने FSL रिपोर्ट से दी सफाई: आतिशी के वीडियो में कोई छेड़खानी नहीं पाई गई

    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने ‘गुरुओं’ को लेकर टिप्पणी मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के वीडियो की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट सार्वजनिक की। स्पीकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो में किसी प्रकार की छेड़खानी या संपादन नहीं हुआ है। एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार ऑडियो और वीडियो पूरी तरह प्रमाणिक हैं।

    स्पीकर ने यह भी बताया कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में हुई बहस का ट्रांसक्रिप्ट साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच विपक्ष की मांग पर करवाई गई थी और सत्तारूढ़ दल ने भी इस पर मंजूरी दी थी।

    विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “जब वीडियो जांच के लिए भेजा गया तो 9 जनवरी को अचानक खबर आई कि पंजाब सरकार ने पहले ही इसकी जांच कर ली, रिपोर्ट आ गई और एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह जो नाटकीय घटनाक्रम रहा, आज उसका दूध का दूध-पानी का पानी हो गया है।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक कांस्टेबल एआई टूल से वीडियो की जांच कर सकता है और किस आधार पर पंजाब सरकार ने रिपोर्ट तैयार की।

    स्पीकर ने साफ कहा कि वह पंजाब सरकार की रिपोर्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा, “वीडियो में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल स्पष्ट है। जो भी घटनाक्रम पंजाब में हो रहा है, उस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच जरूरी है। सच्चाई यह है कि आतिशी की टिप्पणी पर जवाब देने से बचने के लिए विपक्ष राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है और राज्य एजेंसी का इस्तेमाल किया गया।”

  • मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    मालदा में PM के आगमन पर उत्सव का माहौल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन ने बढ़ाया जोश

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर शनिवार को खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन के उद्घाटन के लिए सुबह से ही मौजूद थे। आम जनता के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

    प्रधानमंत्री का दौरा और ट्रेन उद्घाटन
    पीएम मोदी ने मालदा टाउन स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर कोच का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पुराने मालदा बाईपास के पास के मैदान में कई अन्य ट्रेनों का उद्घाटन किया और फिर एक जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर दी गई थीं, और दूर-दूर से लोग उत्सुकता से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

    जनता की प्रतिक्रिया और उत्साह
    भीड़ में मौजूद लोगों ने खुशी और गर्व जताया। एक महिला ने कहा, “पीएम मोदी यहां आकर वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का पल है।” वहीं एक पुरुष ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत होने जा रही है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा होगी।” एक युवा ने उत्साह जताते हुए कहा कि वे देखना चाहते हैं कि इस ट्रेन में यात्रियों को कौन-कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी।

    जनता की उम्मीदें पीएम मोदी से
    कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग प्रधानमंत्री से अपनी उम्मीदें भी साझा कर रहे थे।

    देवलिना साहा ने कहा कि बंगाल में बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के अवसर बेहतर हों, और उनका मानना है कि भाजपा के आने से आतंक और असुरक्षा खत्म होगी।

    आशा मुंडा ने बंगाल की सुरक्षा मजबूत करने और आदिवासी समुदाय के लिए कदम उठाने की उम्मीद जताई।

    गायत्री सरकार पॉल ने कहा, “यह हमारे शहर के लिए खुशी का पल है। जब भी पीएम मोदी बंगाल आते हैं, वे कुछ नई सौगात लेकर आते हैं।”

    मालदा के लिए खास दिन
    इस प्रकार मालदा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन और वंदे भारत स्लीपर कोच ट्रेन का उद्घाटन एक ऐतिहासिक और गर्वपूर्ण दिन साबित हुआ। जनता की उमंग और उनकी उम्मीदें इस दिन को और भी खास बना रही थीं।

  • FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं

    FSL ने दी सफाई, आतिशी के बयान पर स्पीकर ने कहा-अब माफी के अलावा कोई रास्ता नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आतिशी मार्जिन के बयान को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि सदन की आधिकारिक रिकॉर्डिंग को विपक्ष की मांग पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में जांच के लिए भेजा गया था और रिपोर्ट अब आ चुकी है। स्पीकर के मुताबिक FSL की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि रिकॉर्डिंग में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और ऑडियो-वीडियो दोनों पूरी तरह मैच करते हैं।
    स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 8 जनवरी को दोनों पक्षों की सहमति से रिकॉर्डिंग FSL को सौंप दी गई थी, लेकिन अगले दिन अचानक पंजाब सरकार की तरफ से अपनी ‘अलтернатив जांच’ का दावा सामने आया और वीडियो को डॉक्टर्ड बताया गया। इसके साथ ही FIR भी दर्ज की गई, जिसे स्पीकर ने “नाटकीय मोड़” करार दिया। अब दिल्ली की FSL रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला और तेज हो गया है, क्योंकि रिपोर्ट ने पहले किए गए दावों को चुनौती दी है।

    स्पीकर का AAP पर हमला, गुरुओं के सम्मान को बताया ठेस
    विजेंद्र गुप्ता ने इस प्रकरण को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि संविधानिक गरिमा और धार्मिक भावनाओं का मामला बताया।

    उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर गुरुओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई और विधानसभा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। स्पीकर ने कहा, “यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” और इस मामले की कड़ी निंदा की।

    आतिशी से माफी की मांग, पंजाब CM को दी चेतावनी
    स्पीकर ने साफ कहा कि FSL रिपोर्ट के बाद अब आतिशी मार्जिन को माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो-वीडियो में कोई अंतर नहीं है, इसलिए आतिशी को आगे आकर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए, बयान वापस लेना चाहिए और सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, स्पीकर ने पंजाब के मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि दिल्ली विधानसभा के मामलों में दखल नहीं दें।

  • संजय कपूर की संपत्ति विवाद मामले में कोर्ट ने करिश्मा कपूर से मांगे तलाक के दस्तावेज

    संजय कपूर की संपत्ति विवाद मामले में कोर्ट ने करिश्मा कपूर से मांगे तलाक के दस्तावेज


    मुम्बई।
    पिछले साल सितंबर में, करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) की दो संतान ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर (Sanjay Kapoor) की संपत्ति में हिस्सा पाने के लिए हाई कोर्ट (High Court) में याचिका दायर की और उनकी 21 मार्च 2025 की वसीयत को चुनौती दी। वसीयत में, संजय कपूर की कथित तौर पर पूरी संपत्ति प्रिया सचदेव कपूर (Priya Sachdev Kapoor) को कर दी गई है। जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने शुक्रवार को प्रिया सचदेव कपूर की याचिका पर अपने कक्ष में सुनवाई की और सूत्रों के अनुसार, करिश्मा कपूर से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।

    सूत्रों ने बताया कि बॉलीवुड अभिनेत्री के वकील ने याचिका का विरोध किया और इसकी स्वीकार्यता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रिया सचदेव कपूर 2016 के समझौते में एक असंबद्ध तीसरी पक्षकार हैं और इस मामले में उनका कोई अधिकार नहीं बनता। करिश्मा कपूर की ओर से वकील रवि शर्मा और अपूर्व शुक्ला पेश हुए, जिन्होंने दलील दी कि सहमति की शर्तें और तलाकनामा पहले से ही प्रिया सचदेव कपूर के पास मौजूद हैं।

    प्रिया कपूर के वकील ने दलील दी कि ये दस्तावेज मौजूदा संपत्ति विवाद से सीधे तौर पर संबंधित हैं, जिसमें वित्तीय प्रावधान, बच्चों को सहायता और तलाक के बाद की जिम्मेदारियों से जुड़े मुद्दे दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष बार-बार उठाए जा चुके हैं। पिछले साल 12 जून को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान गिरने के बाद संजय कपूर का निधन हो गया था। खबरों के अनुसार, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा था।

  • BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर

    BMC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत…. मुम्बई में पहली बार बनेगा BJP का मेयर


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के निकाय चुनाव (Local Body Elections.) में शुक्रवार को भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन (Mahayuti Alliance) को बड़ी जीत मिली। बीएमसी में भी भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के गठबंधन ने मिलकर ठाकरे बंधुओं की शिवसेना यूबीटी और एमएनएस को हरा दिया। शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे तक के आंकड़े के अनुसार, भाजपा 88, शिवसेना 28, शिवसेना यूबीटी 65, एमएनएस 6, कांग्रेस 24 वार्डों में या तो जीत चुकी है या फिर बढ़त बनाए हुए है। बीएमसी में भाजपा का पहली बार मेयर बनने जा रहा है, जोकि भगवा दल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले तीन दशक से बीएमसी की कमान ठाकरे परिवार के पास ही रही है। ऐसे में अब इसमें बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भाजपा की इस जीत के पीछे 5 बड़ी वजहे हैं।


    पीएम मोदी पर जनता का भरोसा

    पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से भाजपा पीएम मोदी के नेतृत्व में विभिन्न चुनावों में जीत दर्ज करती आई है। लोकसभा में लगातार तीन बार से सत्ता में आ रही भाजपा पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी बंपर सीटों से जीती। एक दशक में विपक्ष को भाजपा ने बुरी तरह से उन राज्यों में भी पराजित किया है, जहां कुछ दशक पहले कोई सोच नहीं सकता था। मुंबई में मिली इस जीत के पीछे भी पीएम मोदी का बहुत बड़ा योगदान है। जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी इसका जिक्र किया और कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के विजन के साथ भाजपा ने चुनाव लड़ा और जीत मिली। फिलहाल, विपक्ष के पास पीएम मोदी का तोड़ ढूंढ पाना बहुत मुश्किल दिखाई दे रहा है।


    शिवसेना में टूट

    साल 2019 में शिवसेना और भाजपा की राह तब अलग हो गई, जब विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने ढाई साल के लिए सीएम पद की मांग कर दी। इसके बाद, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने। हालांकि, 2022 में शिवसेना टूट गई और एकनाथ शिंदे कई विधायकों और सांसदों को अपने साथ ले गए। भाजपा ने शिंदे को सीएम बना दिया। बाद में शिंदे की पार्टी को शिवसेना नाम से जाना गया और उद्धव ठाकरे को शिवसेना यूबीटी। इसके बाद से उद्धव ठाकरे की ताकत लगातार कमजोर होती चली गई। इस बीएमसी चुनाव में भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 28 वार्ड्स में जीत हासिल की और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के वोट काटे, जिसका सीधा लाभ भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को मिला।


    मनसे के साथ आने पर उत्तर भारतीय शिवसेना यूबीटी से नाराज?

    साल 2006 में अलग पार्टी बनाने वाले राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए उद्धव के साथ गठबंधन किया था। मुंबई में रहने वाले मराठी वोटर्स का मनसे को काफी सपोर्ट मिलता रहा है और इस चुनाव में भी शिवसेना और मनसे के गठबंधन को मराठी मतदाताओं के जमकर वोट पड़े। लेकिन एग्जिट पोल की मानें तो उत्तर भारतीयों का समर्थन भाजपा को ज्यादा मिला। दरअसल, राज ठाकरे की मनसे उत्तर भारतीयों के खिलाफ लंबे समय से हिंसा करती आई है और यही वजह है कि इसका फायदा भाजपा गठबंधन को सीधे तौर पर मिला। मनसे और शिवसेना के गठबंधन ने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया और महायुति के सामने हार गया।


    भाजपा ने लगा दी पूरी ताकत, खुद फडणवीस ने संभाली कमान

    बीएमसी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी। खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी कमान संभाली और जमकर प्रचार किया। भाजपा के तमाम महाराष्ट्र के मंत्रियों ने भी चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया और जनता का समर्थन हासिल किया। उद्धव और राज ठाकरे ने भी चुनावी रैलियां कीं और भीड़ भी इकट्ठी हुई, लेकिन वोटों में यह तब्दील नहीं हो सकी। शिवसेना यूबीटी और मनसे के मुकाबले भाजपा और शिवसेना का चुनाव प्रचार ज्यादा मजबूत रहा और यही नतीजों में भी दिखाई दिया।


    उद्धव के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी का भाजपा को फायदा

    देश के सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी पर पिछले लगभग तीन दशकों से ठाकरे परिवार का कब्जा रहा है। पहली बार भाजपा को जीत मिली है। शिवसेना (अविभाजति) को पिछले बार तक भाजपा से ज्यादा वार्ड पर जीत मिली, जिससे उसका लंबे समय तक मेयर रहा। लंबे समय तक राज करने की वजह से शिवसेना यूबीटी के खिलाफ एक एंटी इनकमबेंसी भी बनी और जिसका फायदा सीधे तौर पर भाजपा को मिला। साथ ही, एकनाथ शिंदे की शिवसेना का साथ होने के कारण भाजपा का पलड़ा भारी रहा।

  • मेरठ केस अपडेट: सोनू कश्यप की मौत कैसे हुई? मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

    मेरठ केस अपडेट: सोनू कश्यप की मौत कैसे हुई? मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

    नई दिल्ली।  उत्तर प्रदेश के मेरठ में सरधना के सोनू कश्यप हत्याकांड की जांच को सुलझाने के लिए भाजपा सरकार ने स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप को जिम्मेदारी सौंपी है. मंत्री नरेंद्र कश्यप ने हाल ही में सोनू कश्यप के परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द सुना था. इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और परिजनों का पक्ष अधिकारियों के सामने रखा.

    इस हत्याकांड में अब भी सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि सोनू कश्यप की मौत आखिर कैसे हुई? पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी नाबालिग थ्री-व्हीलर टेंपो चालक ने पहले सोनू कश्यप की पिटाई की, फिर उसकी हत्या कर शव को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया.

    परिजनों का आरोप पीएम रिपोर्ट नहीं सौंपी
    मृतक के परिजनों का आरोप है कि सोनू कश्यप को जिंदा जलाया गया, और इस वारदात में नाबालिग आरोपी के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं. परिजनों का कहना है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, जिसके चलते सोनू कश्यप की मौत के असली कारण पर अभी भी रहस्य बना हुआ है.

    मंत्री का दावा दोषियों पर होगी कार्रवाई
    मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए. उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में इस हत्याकांड में किसी अन्य आरोपी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के माध्यम से मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

    उधर इस मामले में विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया है. यही नहीं पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन और विपक्ष के नेताओं में नोंक झोंक भी हुई.

  • दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    दिल्ली में चार दिन इन रास्तों से बचकर निकलें, रिपब्लिक डे परेड रिहर्सल की वजह से बंद रहेंगे कई रूट

    नई दिल्ली।  गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही राजधानी दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में 17, 19, 20 और 21 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल आयोजित की जाएगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को पहले से सतर्क करते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के मुताबिक, इन चारों दिनों कर्तव्य पथ पर परेड की रिहर्सल होगी, जिसके चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात आंशिक या पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    विजय चौक से इंडिया गेट तक होगी परेड रिहर्सल
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि रिहर्सल विजय चौक से शुरू होकर इंडिया गेट तक होगी और परेड रूट को सी-हेक्सागन तक विस्तारित किया गया है। परेड के सुचारू संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान आम लोगों को अनावश्यक रूप से इस क्षेत्र में आने से बचने की सलाह दी गई है।

    उत्तर-दक्षिण आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते
    उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है। यात्री सराय काले खां और आईपी फ्लाईओवर के रास्ते राजघाट की ओर जाने वाली रिंग रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा मथुरा रोड और भैरों रोड होते हुए रिंग रोड से भी गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है। एक अन्य विकल्प लाजपत राय मार्ग है, जो मथुरा रोड से रिंग रोड को जोड़ता है।

    मध्य और नई दिल्ली के लिए सुझाए गए रूट
    यात्री अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग और कौटिल्य मार्ग से होते हुए सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट और बाबा खड़क सिंह मार्ग की ओर जा सकते हैं। वहीं, पृथ्वी राज रोड से राजेश पायलट मार्ग और सुब्रमण्यम भारती मार्ग के जरिए मथुरा रोड और रिंग रोड की ओर भी पहुंचा जा सकता है।

    पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने वालों के लिए राहत
    पूर्व से पश्चिम या पश्चिम से पूर्व दिशा में यात्रा करने वाले लोग भैरों रोड और मथुरा रोड के जरिए रिंग रोड का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद सुब्रमण्यम भारती मार्ग, राजेश पायलट मार्ग और पृथ्वी राज रोड से आगे सफदरजंग रोड और कमाल अतातुर्क मार्ग होते हुए पंचशील मार्ग, साइमन बोलिवर मार्ग, अपर रिज रोड या वंदे मातरम मार्ग की ओर बढ़ सकते हैं।

    आजादपुर, आईएसबीटी और धौला कुआं के लिए विकल्प
    यात्री रिंग रोड के जरिए आईएसबीटी, चांदगी राम अखाड़ा और मॉल रोड होते हुए आजादपुर की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा वाहन बर्फखाना से आजाद मार्केट और रानी झांसी फ्लाईओवर के रास्ते पंचकुइयां रोड, हनुमान मूर्ति और धौला कुआं की दिशा में भी जा सकते हैं।

    कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वालों के लिए एडवाइजरी
    दक्षिण दिल्ली से कनॉट प्लेस और केंद्रीय सचिवालय जाने वाले यात्रियों को मदर टेरेसा क्रिसेंट और पार्क स्ट्रीट होते हुए मंदिर मार्ग या बाबा खड़क सिंह मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एक अन्य विकल्प वंदे मातरम मार्ग और लिंक रोड के जरिए रिंग रोड से पंचकुइयां रोड की ओर जाना है।

    ट्रैफिक पुलिस की अपील
    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें, समय का अतिरिक्त प्रावधान रखें और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। नियमों का पालन कर सहयोग करने से परेड रिहर्सल के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहेगी।