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  • उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    उत्तर भारत में 'कोल्ड वेव' का अलर्ट: दिल्ली से यूपी तक पारा गिरा, पंजाब में तापमान 0°C दर्ज

    नई दिल्ली। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर शुक्रवार को जारी रहा। कश्मीर के अलावा कई जगहों पर रात का तापमान शून्य से नीचे रहा। पंजाब के एसबीएस नगर (नवांशहर) जिले का बल्लोवाल सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम था। इस सीजन में न्यूनतम तापमान में पहली इतनी गिरावट दर्ज की गई।

    हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान
    राज्य के सात जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 2.7, बठिंडा में तीन और अमृतसर में 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा का भिवानी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार, हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, गुरुग्राम में 4.9 डिग्री जबकि फरीदाबाद में 4.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा, दोनों राज्यों के कई स्थानों पर सुबह के समय कोहरे के कारण ²श्यता कम हो गई। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। अलवर, नागौर, फतेहपुर और करौली सहित चार स्थानों पर न्यूनतम तापमान लगभग तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पांच दिनों की शीतलहर के बाद दिल्ली के तापमान में मामूली सुधार
    लगातार पांच दिनों की शीतलहर के बाद शुक्रवार को राजधानी के तापमान में मामूली सुधार देखा गया। दिन में चटक धूप भी खिली, जिसने कंपकंपाती ठंड से राहत दी। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। आइजीआइ एयरपोर्ट पर सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता घटकर 150 मीटर रह गई।

    मौसम विभाग ने शनिवार के लिए मध्यम से घना कोहरा छाने व दिन में आंशिक रूप से बादल रहने का यलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में हल्की वर्षा होने की भी संभावना है।

    सोनमर्ग में बर्फबारी, जम्मू में पारा गिरा
    श्रीनगर में चिल्ले कलां के बीच पर्यटन स्थल सोनमर्ग सहित कश्मीर के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से शीतलहर ने शुक्रवार को फिर जोर पकड़ लिया। घाटी के अधिकांश हिस्सों में दिन के पारे में गिरावट आई है। जम्मू में भी कड़ाके की ठंड से कोई राहत नहीं मिली है। वहीं, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.5, पहलगाम में माइनस 2.6, गुलमर्ग में माइनस 2.3, जम्मू में 4.7 और कटड़ा में 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    उत्तराखंड को बर्फबारी का इंतजार
    उत्तराखंड में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे का प्रकोप जारी है, जबकि कई स्थानों पर शीतलहर और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर के लिए घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    हिमाचल में हल्का हिमपात
    हिमाचल प्रदेश में रोहतांग सहित ¨शकुला, बारालाचा व कुंजम दर्रे में हल्का हिमपात हुआ। प्रदेश भर में कई स्थानों पर बादल छाए रहे, लेकिन वर्षा नहीं हुई। पर्यटकों सहित किसान व बागवान हिमपात और वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार शाम ऊंची चोटियों व दारचा घाटी सहित मयाड़ व कोकसर घाटी में भी हिमपात हुआ। मनाली घाटी में बादल छाए रहे। लाहुल स्पीति सहित मनाली में हिमपात की उम्मीद बढ़ गई है।

  • केंद्रीय मंत्री गडकरी आज करेंगे 4,400 करोड़ रूपये की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण–शिलान्यास

    केंद्रीय मंत्री गडकरी आज करेंगे 4,400 करोड़ रूपये की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण–शिलान्यास

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 17 जनवरी का दिन मध्यप्रदेश के लिए सौगात भरा होगा। इस दिन केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विदिशा जिले में आयोजित कार्यक्रम में 4,400 करोड़ रूपये से अधिक लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियाजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 181 किलोमीटर लम्बी ये परियोजनाएँ मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगी और प्रदेश के सड़क एवं परिवहन अवसंरचना विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिल रही ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, आवागमन की सुगमता और आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेंगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और कुशल, प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में 3 आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। ये केंद्र सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और सुरक्षित सड़कें

    इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा सहित प्रमुख औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन मार्गों पर यातायात सुगम होगा। चार-लेन चौड़ीकरण से जहां यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, वहीं ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और सड़क सुरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित होगी। कई खंडों पर ब्लैक स्पॉट सुधार, अंडरपास तथा ज्यामितीय सुधार किए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी।

    ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर: सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव

    MoRTH की पहल के तहत विदिशा और सागर जिलों में प्रस्तावित 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से युक्त होंगे। IDTR एवं RDTC अवधारणा पर विकसित ये केंद्र सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इन तीनों सेंटर का शिलान्यास भी किया जायेगा।

    लोकार्पित होने वाली परियोजनाएँ

    1. रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज-इटारसी खंड0020

    4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 12 किमी

    लागत ₹418 करोड़

    यह परियोजना ओबेदुल्लागंज-इटारसी-बैतूल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बैतूल के माध्यम से नागपुर तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करती है। पहले यह खंड दो-लेन का होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक प्रमुख बॉटलनेक बना हुआ था, जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। चार-लेन चौड़ीकरण के बाद यातायात प्रवाह सुचारू होगा, जिससे लगभग 15–30 मिनट तक का यात्रा समय बचेगा तथा ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी। परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एनिमल अंडरपास एवं साउंड-प्रूफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, जिससे टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी।

    2 देहगांव–बम्होरी मार्ग का निर्माण कार्य

    लंबाई: 27 किमी

    लागतः ₹60 करोड़

    CRIF के अंतर्गत देहगांव से बम्होरी तक 27 किमी लंबाई में सड़क निर्माण किया गया है। यह मार्ग रायसेन जिले को बाटेरा–सिलवानी–सागर मार्ग के माध्यम से सागर से जोड़ता है। परियोजना से किसानों को कृषि उत्पादों के सुरक्षित, तेज़ और सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी तथा मंडियों और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

    शिलान्यास होने वाली परियोजनाएँ

    1. भोपाल-विदिशा खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई 42 किमी

    लागत ₹1,041 करोड़

    यह परियोजना भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मार्ग को हाई-कैपेसिटी नेशनल हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करना है। परियोजना से अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय यातायात अधिक सुगम होगा तथा लंबी दूरी और माल ढुलाई ट्रैफिक की आवाजाही सुरक्षित एवं तेज़ बनेगी। इस मार्ग से रायसेन जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

    2. विदिशा-ग्यारसपुर खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई 29 किमी

    लागत ₹543 करोड़

    इस परियोजना से विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। चौड़ीकरण और ज्यामितीय सुधारों से सड़क सुरक्षा एवं ड्राइविंग आराम में वृद्धि होगी। परियोजना से सांची जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी तथा विदिशा जिले के उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं एवं अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

    3. ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई 36 किमी

    लागत ₹903 करोड़

    यह खंड क्षेत्रीय एवं लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। परियोजना से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और माल ढुलाई को गति मिलेगी। व्यापार, लॉजिस्टिक गतिविधियों और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

    4 राहतगढ़-बेरखेड़ी खंड का 4-लेन चौड़ीकरण

    लंबाई: 10 किमी

    लागतः ₹731 करोड़

    यह परियोजना राष्ट्रीय एवं अंतर-राज्यीय यातायात के लिए सड़क क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चौड़ीकरण से यातायात सुचारू होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी। इसके माध्यम से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

    5. सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) का 4-लेन निर्माण

    लंबाई 20.2 किमी

    लागत ₹688 करोड़

    यह परियोजना NH-146 को सीधे NH-44 से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित है, जिससे सागर शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा। बायपास के निर्माण से यात्रा समय में लगभग 70% तक की कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। शहरी ट्रैफिक जाम में कमी, ईंधन बचत और परिवहन लागत में कमी के साथ यह परियोजना क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।

    6. भोपाल–ब्यावरा खंड पर 05 अंडरपास (LVUP/VUP)

    लंबाई 5 किमी

    लागत ₹122 करोड़

    यह परियोजना ब्लैकस्पॉट सुधार के तहत विकसित की जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। अंडरपास निर्माण से हाईवे एवं स्थानीय मार्गों के बीच सुरक्षित और बाधारहित यातायात सुनिश्चित होगा। परियोजना से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा व्यापार, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

  • BMC में बुरी तरह हारी सपा, तो अबू आजमी बोले- आम आदमी के लिए चुनाव, जीतना मुश्किल हो गया है

    BMC में बुरी तरह हारी सपा, तो अबू आजमी बोले- आम आदमी के लिए चुनाव, जीतना मुश्किल हो गया है


    नई दिल्ली । पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान से एक नया विवाद खड़ा हो गया है. तिवारी के मुताबिक भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटाने में अहम भूमिका निभाई. तिवारी का कहना है कि यह फैसला सीधे तौर पर नहीं लिया गया थाबल्कि चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर पर प्रभाव डालकर इसे लागू किया गया. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड BCCI ने जब पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित की थीतब रोहित शर्मा के स्थान पर शुभमन गिल को नया कप्तान बनाया गया था.
    इस निर्णय ने क्रिकेट जगत में कई सवाल खड़े कर दिए थे क्योंकि रोहित वनडे क्रिकेट में बेहतरीन फॉर्म में थे और 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी कर रहे थे.मनोज तिवारी ने भारत के लिए 12 ओडीआई मैचों में 287 और 3 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 15 रन बनाए थे. तिवारी ने स्पोर्ट्स टुडे से कहा’अजीत आगरकर मजबूत व्यक्तित्व हैं और खुद निर्णय लेने में सक्षम हैं. लेकिन इतना बड़ा फैसला अकेले नहीं लिया जा सकता. पर्दे के पीछे कई चीजें होती हैं. इसमें कोच की इनपुट जरूर रही होगी.
    रोहित का उत्साह कम हो चुका: मनोज तिवारी
    मनोज तिवारी को इस बात पर संदेह है कि रोहित शर्मा को हटाने का फैसला पूर्णत: सेलेक्शन पैनल का था. तिवारी का कहना है कि गौतम गंभीर का दृष्टिकोण इसमें शामिल रहा होगा. तिवारी ने यह भी कबूल किया कि रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाए जाने के बाद उनकी ODI प्रारूप में रुचि कम हो गई है. उन्होंने कहा कि रोहित पहले की तरह एनिमेटेड नजर नहीं आते और मैदान पर उनका उत्साह कम दिखता है.मनोज तिवारी ने कहा’मैंने रोहित के साथ खेला है. उनको हटाया जाना काफी असम्मानजनक लगा. इतने बड़े खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था.’ तिवारी ने रोहित शर्मा के नेतृत्व और प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि रोहित एक मंझे कप्तान हैं और उन्हें हटाने का कोई क्रिकेटिंग लॉजिक नहीं था.
    मनोज तिवारी ने कहा कि रोहित शर्मा ने बतौर कप्तान दो ICC ट्रॉफी जीती हैं. 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में भी भारत जीत सकता था. तिवारी का मानना है कि रोहित की क्षमता पर संदेह करना गलत था और उनका 2027 तक खेलना बिल्कुल संभव है. तिवारी ने यह भी कहा कि यदि कप्तानी की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ी को देनी ही थीतो प्रोसेस को धीरे-धीरे और सम्मानजनक तरीके से लागू किया जा सकता था.मनोज तिवारी के इन आरोपों पर अब तक बीसीसीआईअजीत आगरकर या गौतम गंभीर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकितिवारी का बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है. क्रिकेट प्रशंसक इस फैसले को लेकर दो धड़ों में बंटे दिखाई दे रहे हैं.
  • दिल्ली विधानसभा विवाद मामले में AAP का जवाब, आतिशी के वॉइस सैंपल की नहीं जरूरत, बस कान चाहिए!

    दिल्ली विधानसभा विवाद मामले में AAP का जवाब, आतिशी के वॉइस सैंपल की नहीं जरूरत, बस कान चाहिए!


    नई दिल्ली।  दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और AAP की नेता आतिशी को लेकर जारी विवाद अब सियासी घमासान का रूप ले चुका है। भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सवाल उठाया कि जब आतिशी का वॉइस सैंपल लिया ही नहीं गया, तो वीडियो की फॉरेंसिक जांच कैसे संभव हुई। सिरसा का आरोप है कि आतिशी ने गुरुओं का अपमान किया, लेकिन पंजाब पुलिस मामले में उनके झूठ को छुपाने का काम कर रही है।
    उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके एक अधिकारी की ऑडियो जांच इस आधार पर रोकी गई थी कि वॉइस सैंपल नहीं मिला, जबकि पंजाब पुलिस बिना वॉइस सैंपल के ही जांच कर रही है।

    इस पर AAP ने शुक्रवार को जवाब दिया। पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि वीडियो में विवादित गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, इसलिए किसी वॉइस सैंपल की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा, “सिरसा जी कह रहे थे कि आतिशी का वॉइस सैंपल लिया नहीं गया, लेकिन इसमें वॉइस सैंपल की क्या जरूरत? किसी के वॉइस में गुरु शब्द ही नहीं आ रहा है। इसके लिए सिर्फ कान चाहिए। अगर सिरसा जी ध्यान से सुनेंगे, तो उन्हें भी सुनाई दे जाएगा।

    सौरभ भारद्वाज ने प्रिवलेज कमिटी के लेटर के मीडिया तक लीक होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि यह लीक उनके दफ्तर से हुआ है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मीडिया के लिए किया जा रहा है, न कि प्रिवलेज कमिटी के लिए।

    विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले में सियासी टकराव और बढ़ गया है। BJP और AAP दोनों ने अपने-अपने पक्ष में बयान जारी किए हैं। सिरसा का आरोप है कि AAP अपने झूठ और विवाद को छुपाने के लिए फॉरेंसिक जांच का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, जबकि AAP का जवाब है कि जांच साफ-सुथरी और कानूनी तौर पर वैध है, क्योंकि वीडियो में विवादित शब्द मौजूद ही नहीं है।

    इस विवाद ने दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया है। जनता और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर निगाह बनाए हुए हैं, और सियासी घमासान अब और तेज होने की संभावना है।

  • BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल

    BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगम क्षेत्रों के 2869 वार्डों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और उसके गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बनाई है। बीएमसी में पहली बार बीजेपी बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की है।

    राज ठाकरे की पार्टी MNS का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। मुंबई की 227 सीटों में MNS केवल 5 सीटों पर बढ़त दर्ज कर पा रही है। कल्याण-डोंबिवली में 122 सीटों में सिर्फ 4 सीट, ठाणे की 131 सीटों में केवल 1 सीट, नासिक की 122 सीटों में सिर्फ 2 सीट और नवी मुंबई की 1 सीट पर ही पार्टी आगे है।

    पूरे महाराष्ट्र में MNS को केवल 12 सीटें मिलीं, जबकि 22 शहरों में पार्टी का खाता तक नहीं खुला। इन शहरों में पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, भिवंडी, पनवेल, परभणी, जलगांव, धुले, नांदेड़, लातूर, अमरावती, अकोला और चंद्रपुर शामिल हैं।

    बीजेपी गठबंधन का प्रदर्शन जोरदार रहा। बीजेपी ने 1064 वार्डों में बढ़त बनाई, वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की। कांग्रेस को 222 सीटें मिली हैं।
    मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स ने साथ आकर चुनाव लड़ा, लेकिन MNS को केवल 5 सीटें ही मिलीं।

    पुणे और नासिक में राज ठाकरे ने खास जोर लगाया था, लेकिन परिणाम बेहद कमजोर रहे।
    विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी और शिंदे की शिवसेना ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। दूसरी ओर, MNS और उद्धव की शिवसेना का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे राज ठाकरे की राजनीतिक चमक पर सवाल खड़े हो गए हैं।
    इस चुनाव से यह साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी गठबंधन की ताकत और विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जबकि MNS अब सिर्फ कुछ शहरों तक ही सीमित नजर आ रही है।
  • जज यशवंत वर्मा कैश कांड, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा जांच कमेटी को वैध ठहराया

    जज यशवंत वर्मा कैश कांड, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा जांच कमेटी को वैध ठहराया


    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने लोकसभा द्वारा गठित जांच कमेटी की वैधता पर सवाल उठाया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोकसभा की कार्रवाई कानूनी है और जजेस इंक्वायरी एक्ट, 1968 के तहत पूरी तरह वैध है। कोर्ट ने कहा कि जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए दोनों सदनों की सहमति जरूरी है, लेकिन जांच कमेटी का गठन सिर्फ लोकसभा की ओर से करना कानून के तहत सही है।

    जांच कमेटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार हैं, जबकि सदस्य मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और वरिष्ठ वकील बी.वी. आचार्य हैं।

    जस्टिस वर्मा को 24 जनवरी, 2026 को व्यक्तिगत रूप से कमेटी के सामने पेश होना होगा। इस तारीख के बाद पूरी जांच कमेटी के अधीन आगे बढ़ेगी।
    14 मार्च, 2025 को जस्टिस वर्मा के दिल्ली निवास में आग लगी थी। आग बुझाने के दौरान बड़ी मात्रा में जला हुआ कैश मिला था, जिसके बाद उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और न्यायिक कार्य से अस्थायी रूप से अलग किया गया।
    सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला साफ करता है कि लोकसभा की जांच कमेटी वैध है और जस्टिस वर्मा की याचिका का कोई असर नहीं होगा।
  • BMC चुनाव में BJP गठबंधन की बंपर बढ़त, निशिकांत दुबे का बड़ा सियासी हमला,‘अब मुंबई आकर मिलूंगा’, ठाकरे बंधुओं को सीधी चुनौती

    BMC चुनाव में BJP गठबंधन की बंपर बढ़त, निशिकांत दुबे का बड़ा सियासी हमला,‘अब मुंबई आकर मिलूंगा’, ठाकरे बंधुओं को सीधी चुनौती


    मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव के रुझानों में भाजपा गठबंधन (महायुति) को स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता देख महाराष्ट्र की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। इसी बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा पोस्ट कर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को खुली राजनीतिक चुनौती दे दी है। दुबे ने साफ तौर पर कहा है कि वे जल्द ही मुंबई आकर दोनों नेताओं से मुलाकात करेंगे।

    निशिकांत दुबे के इस बयान को केवल जीत की खुशी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए संकेत दिया कि मुंबई की राजनीति में लंबे समय से चला आ रहा ‘ठाकरे वर्चस्व’ अब अंतिम दौर में है और बीएमसी में बदलाव तय है।

    भाषावाद और परिवारवाद पर सीधा प्रहार
    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दुबे का यह बयान सीधे तौर पर भाषावादी राजनीति और परिवार-केंद्रित सत्ता पर हमला है। उनका संदेश साफ है

    मुंबई अब किसी एक परिवार या भाषा की राजनीति तक सीमित नहीं रही। मतदाताओं ने भाजपा की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति पर भरोसा जताया है।

    राज–उद्धव की जोड़ी को बड़ा झटका
    चुनावी रुझानों के मुताबिक, भाजपा गठबंधन 115 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक है। इसके मुकाबले उद्धव ठाकरे गुट और MNS की संयुक्त ताकत करीब 68 सीटों तक सिमटी नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस लगभग 10 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
    इसके अलावा नागपुर, ठाणे और पुणे जैसे बड़े शहरी निकायों में भी भाजपा गठबंधन मजबूत स्थिति में पहुंचता नजर आ रहा है।

    पुराने विवाद से जुड़ा नया सियासी मोड़
    यह सियासी टकराव उस पुराने विवाद से भी जुड़ा है, जब जुलाई में निशिकांत दुबे ने गैर-मराठी दुकानदारों के साथ हुई मारपीट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उस वक्त दिए गए उनके बयान“यूपी-बिहार आओगे तो पटक-पटक कर मारेंगे”ने महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक विवाद खड़ा कर दिया था।

    अब बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन की बढ़त के बीच दुबे का मुंबई आने का ऐलान ठाकरे खेमे के लिए एक नई और बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। यह साफ हो गया है कि बीएमसी चुनाव सिर्फ स्थानीय सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाला मुकाबला बन चुका है।

  • Nipah Virus Alert: बंगाल में हाई अलर्ट, 21 दिन का क्वारंटाइन अनिवार्य, सख्त गाइडलाइन जारी

    Nipah Virus Alert: बंगाल में हाई अलर्ट, 21 दिन का क्वारंटाइन अनिवार्य, सख्त गाइडलाइन जारी



    कोलकाता।
      निपाह वायरस के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह गाइडलाइन विशेषज्ञ डॉक्टरों की पांच सदस्यीय टीम द्वारा तैयार की गई है, जिसमें मरीजों, संदिग्धों, उनके संपर्क में आए लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल तय किए गए हैं।

    दिशानिर्देशों के अनुसार, निपाह संक्रमित या संदिग्ध मरीज के रक्त, लार, शरीर के तरल पदार्थ या छींक-खांसी की बूंदों के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को कम से कम 21 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य होगा।

    बंद या सीमित स्थान में संक्रमित व्यक्ति के साथ समय बिताने वालों को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा जाएगा और उनकी कड़ी निगरानी की जाएगी।

    होम क्वारंटाइन में सख्त निगरानी
    क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को दिन में दो बार स्वास्थ्य जांच करानी होगी। यदि बुखार, सिरदर्द, उलझन, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। ऐसे मरीजों को सीधे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा ताकि संक्रमण आगे न फैले।

    कपड़े और वस्तुएं भी बन सकती हैं खतरा
    स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि संक्रमित मरीज के कपड़ों या उपयोग में लाई गई वस्तुओं के संपर्क में आने पर भी व्यक्ति को 21 दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा।

    मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क और पीपीई किट पहनकर ही काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

    दवा और जांच को लेकर अहम निर्देश
    निपाह वायरस की कोई पक्की दवा अभी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बिना लक्षण वाले लोगों को एहतियातन एंटीवायरल दवा दी जाएगी, जबकि लक्षण दिखने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर दो वैकल्पिक एंटीवायरल दवाओं से इलाज किया जाएगा।

    निपाह संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य किया गया है और रिपोर्ट लगातार निगरानी में रखी जाएगी।

    स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अलग नियम
    यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मरीज के संपर्क में आता है लेकिन उसमें लक्षण नहीं हैं, तो वह पीपीई किट और मास्क पहनकर काम जारी रख सकता है। ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों को क्वारंटाइन की जरूरत नहीं होगी, लेकिन उन्हें लगातार दो सप्ताह तक एंटीवायरल दवा लेने के निर्देश दिए गए हैं।

    राज्य सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी और सतर्कता जरूर बरतें। निपाह वायरस को फैलने से रोकने के लिए जारी किए गए ये कदम समय रहते संक्रमण की चेन तोड़ने में अहम साबित हो सकते हैं।

  • बीएमसी चुनाव परिणाम 2026: बीएमसी में कांटे की टक्कर, शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे, उद्धव गुट से सीधी लड़ाई

    बीएमसी चुनाव परिणाम 2026: बीएमसी में कांटे की टक्कर, शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे, उद्धव गुट से सीधी लड़ाई


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे बीएमसी समेत 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव नतीजे सामने आने लगे हैं। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझानों ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। एशिया के सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी  और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है। ताजा रुझानों के मुताबिक बीजेपी 90 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना गठबंधन 71 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस फिलहाल 11 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि एनसीपी अजित पवार गुट का खाता अभी नहीं खुल पाया है। इन आंकड़ों से साफ है कि बीएमसी में सत्ता की राह अभी आसान नहीं है और अंतिम नतीजों तक समीकरण बदल सकते हैं।

    दक्षिण मुंबई के दो अहम वार्डों में बीजेपी की मजबूत स्थिति सामने आई है। वार्ड 214 से बीजेपी उम्मीदवार अजय पाटिल बढ़त बनाए हुए हैं, जहां उन्हें 2519 वोट मिले हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वियों को काफी कम मत हासिल हुए हैं। वहीं वार्ड 215 से बीजेपी के संतोष ढाले आगे चल रहे हैं और उन्हें 2246 वोट मिले हैं। इन दोनों वार्डों में बीजेपी की बढ़त ने पार्टी के हौसले और मजबूत कर दिए हैं।बीएमसी जनरल इलेक्शन 2025-26 के तहत कुल 227 चुनावी वार्डों के लिए 23 इलेक्शन डिसीजन ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। मतगणना के लिए सभी स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर्स को PWD और पुलिस विभाग से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में चल रही है।

    मुंबई के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख नगर निगमों में भी बीजेपी गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। नागपुर में बीजेपी 20 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 6 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पुणे नगर निगम में 165 सीटों में से बीजेपी 52 सीटों पर आगे है। पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम में भी मुकाबला बेहद रोचक बना हुआ है, जहां पवार परिवार के गढ़ में बीजेपी और पवार गुट दोनों 12-12 सीटों पर आगे चल रहे हैं।कुल मिलाकर शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि इस बार महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में बीजेपी की स्थिति मजबूत है, लेकिन बीएमसी में अंतिम नतीजे आने से पहले सियासी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है।

  • दिल्ली की सेहत पर खतरा: 2024 में सांस की बीमारियों से 9,211 मौतें

    दिल्ली की सेहत पर खतरा: 2024 में सांस की बीमारियों से 9,211 मौतें


    नई दिल्ली । दिल्ली सरकार द्वारा जारी 2024 की ताजा हेल्थ रिपोर्ट राजधानी की सेहत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में जहरीली हवा और बिगड़ते पर्यावरण का सीधा असर नागरिकों के फेफड़ों पर पड़ रहा है। साल 2024 में सांस संबंधी बीमारियों से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर 9,211 तक पहुंच गया है, जो कि 2023 में 8,801 था। विशेषज्ञों ने इस वृद्धि को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक ‘रेड सिग्नल’ माना है और वायु गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

    रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में मौतों का सबसे बड़ा कारण दिल और रक्त संचार से जुड़ी बीमारियां बनकर उभरी हैं। साल 2024 में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और धमनियों में रुकावट जैसी समस्याओं के कारण 21,262 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि पिछले साल यह संख्या 15,714 थी। एक ही साल में हृदय रोगों से होने वाली मौतों में आई यह भारी उछाल बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय तनाव की ओर इशारा करती है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि संक्रामक और परजीवी रोगों से होने वाली मौतों में कमी आई है। 2023 में जहां इन बीमारियों से 20,781 मौतें हुई थीं, वहीं 2024 में यह घटकर 16,060 रह गईं, जो सार्वजनिक स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम माना जा रहा है।

    शिशु स्वास्थ्य के मोर्चे पर दिल्ली ने मामूली लेकिन सकारात्मक प्रगति की है। राजधानी में शिशु मृत्यु दर 2023 के 23.61 से घटकर 2024 में 22.4 प्रति हजार रह गई है। यह गिरावट प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण की सफलता को दर्शाती है। इसके साथ ही, एक और उत्साहजनक आंकड़ा यह सामने आया कि दिल्ली में 5 वर्ष से कम उम्र के 99.1 प्रतिशत बच्चों के पास जन्म प्रमाण पत्र मौजूद है, जो नागरिक पंजीकरण प्रणाली की मजबूती का प्रतीक है।

    आबादी के मोर्चे पर रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली का विस्तार तेजी से हो रहा है और अनुमान है कि 2036 तक राजधानी की जनसंख्या 2.65 करोड़ तक पहुंच जाएगी। साल 2024 में कुल 3,06,459 जन्म दर्ज किए गए, जबकि कुल मौतों की संख्या 1,39,480 रही। मृत्यु दर में 6.16 से 6.37 की मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि बढ़ती आबादी और प्रदूषण के दोहरे दबाव के बीच दिल्ली को अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।