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  • तमिल संस्कृति भारत की साझा विरासत पोंगल समारोह में बोले पीएम मोदी- भरी रहे थाली और जेब सुरक्षित रहे धरती

    तमिल संस्कृति भारत की साझा विरासत पोंगल समारोह में बोले पीएम मोदी- भरी रहे थाली और जेब सुरक्षित रहे धरती


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पोंगल के पावन अवसर पर तमिल संस्कृति और परंपराओं के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित भव्य पोंगल समारोह में शामिल होकर प्रधानमंत्री ने न केवल इस उत्सव की खुशियों को साझा किया बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने का एक नया मंत्र भी दिया।

    ग्लोबल फेस्टिवल बना पोंगल: पीएम मोदी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पोंगल केवल एक क्षेत्रीय पर्व नहीं बल्कि एक ग्लोबल फेस्टिवल बन चुका है। उन्होंने कहा दुनिया भर में फैला तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। मैं भी उन प्रेम करने वालों में से एक हूँ और इस विशेष पर्व को आप सभी के साथ मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने तमिल संस्कृति को दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक बताते हुए इसे सदियों को जोड़ने वाली कड़ी करार दिया।

    अन्नदाता के प्रति आभार और प्रकृति का संतुलन प्रधानमंत्री ने पोंगल के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस त्योहार में हमारे अन्नदाता की कड़ी मेहनत छिपी है। यह सूर्य देव और धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। पीएम मोदी ने कहा हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारी थाली भी भरी रहे हमारी जेब भी भरी रहे और हमारी धरती भी सुरक्षित रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगली पीढ़ी के लिए मिट्टी की सेहत बनाए रखना और जल संरक्षण करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।तमिल विरासत से प्रधानमंत्री का गहरा जुड़ाव अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पिछले एक साल में तमिल संस्कृति से जुड़े अपने सुखद अनुभवों को साझा किया। उन्होंने गंगई कोंडा चोलपुरम मंदिर में प्रार्थना वाराणसी के ‘काशी तमिल संगमम’ की जीवंत ऊर्जा और रामेश्वरम में पंबन ब्रिज के उद्घाटन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये अनुभव तमिल विरासत की समृद्धि और महानता का साक्षात् प्रमाण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिल संस्कृति पूरे भारत की साझा विरासत है जो एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और अधिक सशक्त बनाती है।

    एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संदेश प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल जैसे पर्व हमें सिखाते हैं कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने संसाधनों के समझदारीपूर्ण उपयोग का आह्वान करते हुए कहा कि जब हम प्रकृति की देखभाल करेंगे तभी हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। केंद्रीय मंत्री के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक तमिल वेशभूषा संगीत और पकवानों ने मिनी तमिलनाडु का दृश्य उत्पन्न कर दिया जहाँ प्रधानमंत्री ने सभी को पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

  • प्रयास विफल हो सकते हैं, प्रार्थना नहीं’-DK शिवकुमार की पोस्ट से सियासी हलचल तेज़

    प्रयास विफल हो सकते हैं, प्रार्थना नहीं’-DK शिवकुमार की पोस्ट से सियासी हलचल तेज़

    नई दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार ने राज्य में सत्ता संघर्ष के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अहम पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “प्रयास भले ही विफल हो जाये, लेकिन प्रार्थना विफल नहीं होती।” इस पोस्ट को राजनीतिक जानकार सियासी संदेश के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं और यह पोस्ट उनके इंतजार और उम्मीद की झलक देती है।

    मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान

    कर्नाटक में कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान लगातार जारी है। वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार दोनों ही पार्टी आलाकमान के फैसले के इंतजार में हैं। सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि पार्टी आलाकमान ही अंतिम निर्णय करेगा। राजनीतिक विश्लेषक इसे सियासी संतुलन और फासलों को कम करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

    राहुल गांधी से हुई अहम मुलाकात

    राज्य में चल रही सियासी चर्चाओं के बीच मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मैसुरु एयरपोर्ट पर DK शिवकुमार और CM सिद्धारमैया से अलग-अलग मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से राजनीतिक स्थिति और संभावित बदलाव पर चर्चा की। इस मुलाकात को सियासी अटकलों के बीच निर्णायक कदम माना जा रहा है।

    सोशल मीडिया पोस्ट का राजनीतिक महत्व

    DK शिवकुमार का ट्वीट सिर्फ एक उद्धरण नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि वह मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोस्ट अपने समर्थकों को उत्साहित करने और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए भी किया गया है।

    सिद्धारमैया ने सियासी अटकलों को खारिज किया

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के निर्णय का सभी नेता पालन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलाभकारी बदलावों और सत्ता फेरबदल की चर्चा केवल अफवाहें हैं। हालांकि, राहुल गांधी से हुई मुलाकात और DK शिवकुमार का ट्वीट इसे राजनीतिक मोड़ और भविष्य के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में जारी सत्ता संघर्ष और सियासी खींचतान के बीच DK शिवकुमार का ट्वीट और राहुल गांधी से मुलाकात ने राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पोस्ट और निजी चर्चा से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में सत्ता संरचना पर अभी भी निर्णायक फैसले बाकी हैं, और पार्टी आलाकमान की भूमिका इस समय सबसे अहम बनी हुई है।

  • कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती… रूस से ईंधन खरीदने के मामले में तीसरे स्थान पर आया भारत

    कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती… रूस से ईंधन खरीदने के मामले में तीसरे स्थान पर आया भारत


    नई दिल्ली।
    रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों (Public sector Refineries) द्वारा कच्चे तेल के आयात (Crude oil Imports) में भारी कटौती (Significant Reduction ) के बाद दिसंबर 2025 में रूस से इस ईंधन को खरीदने के मामले में भारत तीसरे स्थान पर आ गया है। यूरोपीय शोध संस्थान सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इसके अनुसार भारत द्वारा रूस से कुल हाइड्रोकार्बन आयात दिसंबर में 2.3 अरब यूरो रहा, जो पिछले महीने के 3.3 अरब यूरो से कम है।

    रिपोर्ट में कहा गया, तुर्की भारत को पीछे छोड़ते हुए दूसरा सबसे बड़ा आयातक बन गया, जिसने रूस से दिसंबर में 2.6 अरब यूरो के हाइड्रोकार्बन खरीदे। चीन शीर्ष खरीदार बना रहा, जिसकी रूस के शीर्ष पांच आयातकों से होने वाली निर्यात आय में 48 प्रतिशत (छह अरब यूरो) की हिस्सेदारी रही।

    सीआरईए ने कहा कि भारत के रूसी कच्चे तेल के आयात में मासिक आधार पर 29 प्रतिशत की भारी गिरावट हुई। रिपोर्ट के अनुसार इस कटौती की मुख्य वजह रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी रही, जिसने दिसंबर में रूस से अपने आयात को आधा कर दिया। सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों ने भी दिसंबर में रूसी आयात में 15 प्रतिशत की कटौती की।


    तेल की कीमतें प्रभावित होने के आसार नहीं

    क्रिसिल रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रमों से कच्चे तेल की कीमतों पर निकट भविष्य में कोई ठोस प्रभाव पड़ने के आसार नहीं है क्योंकि वैश्विक आपूर्ति में इस लातिन अमेरिकी देश की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत बेहद कम है।

    वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में इस देश की हिस्सेदारी केवल 1.5 प्रतिशत है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल के दिनों में काफी हद तक स्थिर रही हैं जो 60 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के ठीक ऊपर बनी हुई हैं। भारत के संदर्भ में, वेनेजुएला से होने वाला आयात भारत के कुल आयात का 0.25 प्रतिशत से भी कम है। वित्त वर्ष 2024-25 में हुए लगभग 14,000 करोड़ रुपये के आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक थी।

  • SC का बड़ा फैसला…. ससुर की संपत्ति पर विधवा बहू का भी अधिकार

    SC का बड़ा फैसला…. ससुर की संपत्ति पर विधवा बहू का भी अधिकार


    नई दिल्ली।
    विधवा महिलाओं (Widowed women) के हक में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण पोषण अधिनियम 1956 (Hindu Adoption and Maintenance Act, 1956) के तहत ससुर की मौत के बाद विधवा बहू भी उनकी संपत्ति से मेंटिनेंस का दावा कर सकती है। जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने दीवानी अपीलों को खारिज करते हुए कहा कि इस ऐक्ट की धारा 21 (VII) में विधवा बहू को भी शामिल किया गया है। पति की मौत ससुर की मौत से पहले हुई हो या बाद में, विधवा बहू उनकी संपत्ति से भरण-पोषण की हकदार है।


    क्या है पूरा मामला

    यह मामला डॉ. महेंद्र प्रसाद के वारिसों के बीच का था जिनकी दिसंबर 2021 को मौत हो गई थी। डॉ. महेंद्र प्रसाद की बहू गीता शर्मा उनकी संपत्ति से भरण पोषण की मांग कर रही थी। उनके पति की मौत 2023 में हो गई थी। फैमिली कोर्ट ने यह कहते हुए मेंटनिनेंस दिलाने से इनकार कर दिया था कि ससुर की मौत के समय उनके पति जीवित थे। हालांकि हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट को आदेश दिया कि उनकी जरूरत के हिसाब से मेंटिनेंस का निर्देश दे। हाई कोर्ट के आदेश को परिवार के बाकी सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इन सदस्यों में डॉ. प्रसाद के दूसरे बेटे की विधवा बहू और लंबे समय तक लिवइन पार्टनर के रूप में रहने का दावा करने वाली महिला भी शामिल है।

    इस कानून के सेक्शन 21 में डिपेंडेंट्स के बारे में बताया गया है। इसके सब सेक्शन VIII में कहा गया है कि किसी शख्स के बेटे की विधवा भी उसकी संपत्ति से मेंटिनें की हकदार है, जब तक कि वह दूसरा विवाह नहीं करती है। इसके लिए शर्त है कि वह पति की संपत्ति या अपने पुत्र या पुत्री की संपत्ति से भरण पोषण प्राप्त करने में असमर्थ होनी चाहिए।

  • पाक-चीन की कारस्तानी पर भड़के लद्दाख के LG, बोले- ये 1962 नहीं, खुद हो जाएगा टुकड़े-टुकड़े

    पाक-चीन की कारस्तानी पर भड़के लद्दाख के LG, बोले- ये 1962 नहीं, खुद हो जाएगा टुकड़े-टुकड़े


    जम्मू
    । लद्दाख (Ladakh) के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता (Lieutenant Governor Kavinder Gupta) ने मंगलवार को शक्सगाम घाटी (Shaksgam Valley) पर चीन के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pakistan-occupied Kashmir- PoK) का पूरा क्षेत्र भारत का है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विस्तारवादी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शक्सगाम घाटी में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए चीन की आलोचना करते हुए गुप्ता ने कहा है कि यह इलाका भारत का हिस्सा है और ऐसी गतिविधियों को तुरंत रोका जाना चाहिए। भारत की आपत्तियों के मद्देनजर, चीन ने सोमवार को शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों को दोहराते हुए जोर दिया कि इस क्षेत्र में चीनी अवसंरचना परियोजनाएं ‘संदेह से परे’ हैं।

    गुप्ता ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोग भी भारत का हिस्सा बनना चाहते हैं और जल्द ही पाकिस्तान ‘खुद टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा’। जम्मू में उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘पूरा कश्मीर (पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से समेत) हमारा है। हमें नहीं पता कि पाकिस्तान ने चीन के साथ क्या सौदा किया है। चीन को यह समझना चाहिए कि उसकी विस्तारवादी नीति से कुछ भी हासिल नहीं होगा। भारत सक्षम है। यह 1962 का भारत नहीं, 2026 का भारत है। ऐसे किसी भी प्रयास को विफल कर दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय इसका संज्ञान ले रहा है।’’


    पहले से हम ज्यादा मजबूत, ये बात समझ ले चीन

    गुप्ता ने कहा कि ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चीन को यह समझना होगा कि आज भारत पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने पहले अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर भी दावा किया था। पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए राज्यपाल ने आरोप लगाया कि पड़ोसी देश अपने ही लोगों को छल चुका है और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है।


    बेचा जा रहा पाकिस्तान

    गुप्ता ने कहा, “पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसे बेचा जा रहा है। उसे अपनी संप्रभुता या अपने लोगों की कोई परवाह नहीं है। बलूचिस्तान, सिंध और कराची में आवाजें उठ रही हैं और वहां पाकिस्तानी सेना द्वारा अत्याचार किए जा रहे हैं। उन क्षेत्रों पर वस्तुतः सेना का ही शासन है।’’ गुप्ता ने संवेदनशील मुद्दों पर भड़काऊ बयानों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि पीओके पर संसद का स्पष्ट रुख है।


    ऐसे बयान नहीं दें जो भड़काऊ हो

    उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए जो भड़काऊ प्रकृति के हों। 1994 का एक संसदीय प्रस्ताव है जो स्पष्ट रूप से कहता है कि पूरा पीओके भारत का है।’’ सेना प्रमुख के हालिया बयान (जिसमें कहा गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी है) पर प्रतिक्रिया देते हुए गुप्ता ने कहा कि सशस्त्र बलों को पूर्ण राष्ट्रीय समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा देश सेना के साथ खड़ा है। सेना प्रमुख ने एक जिम्मेदार बयान दिया है और मैं इसका स्वागत करता हूं।’’ पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से शक्सगाम घाटी में स्थित 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया था, जिसे उसने अवैध रूप से कब्जा करके हासिल किया था।

  • इस तरह की तुच्छ याचिका का कोई तुक नहीं… SC ने पूर्व अधिकारी को लगाई फटकार

    इस तरह की तुच्छ याचिका का कोई तुक नहीं… SC ने पूर्व अधिकारी को लगाई फटकार


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को संसद और अन्य सार्वजनिक स्थानों से विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) के चित्रों को हटाने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले पूर्व अधिकारी (Former officer) को याचिका वापस लेने की अनुमति देने से पहले भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। SC ने कहा कि इस तरह की याचिका का कोई तुक नहीं बनता।

    मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने सेवानिवृत्त भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी बी बालमुरुगन को इस तरह की याचिका दायर करने के प्रति चेतावनी दी और कहा कि अदालत का समय बर्बाद करने के लिए भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘‘इस तरह की तुच्छ याचिका… मानसिकता दर्शाती है।’’


    ‘आप खुद को क्या समझते हैं?

    वहीं पीठ याचिकाकर्ता के इस निवेदन से भी नाराज थी कि वह वित्तीय बाधाओं के कारण व्यक्तिगत रूप से मामले की बहस करने नहीं आ सकते। मुख्य न्यायाधीश ने फटकार लगाते हुए कहा, ‘‘आप आईआरएस अधिकारी थे। आप दिल्ली आकर खुद पेश हो सकते हैं और बहस कर सकते हैं। हम आप पर भारी जुर्माना लगाना चाहेंगे। आप खुद को क्या समझते हैं?’’

    याचिका में क्या?
    बता दें कि बालमुरुगन ने अपनी जनहित याचिका में संसद के केंद्रीय कक्ष और अन्य सार्वजनिक स्थानों से सावरकर के चित्रों को हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। इसके अलावा याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि सरकार हत्या या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों जैसे जघन्य अपराधों के लिए आरोपित व्यक्तियों को तब तक सम्मानित न करे जब तक कि वे बरी ना हो जाएं।

    समाज में कुछ रचनात्मक भूमिका निभाएं- SC
    याचिका को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह मामला आगे बढ़ाना चाहते हैं या वापस लेना चाहते हैं। प्रधान न्यायाधीश ने टिप्पणी की, ‘‘कृपया इन सब झंझटों में ना पड़ें। अब अपनी सेवानिवृत्ति का आनंद लें। समाज में कुछ रचनात्मक भूमिका निभाएं।’’ इसके बाद परिणाम को भांपते हुए बालमुरुगन ने याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

  • इस बार दो दिन मनेगी मकर संक्रांति…. पूजन आज और खिचड़ी का दान का शुभ महूर्त कल

    इस बार दो दिन मनेगी मकर संक्रांति…. पूजन आज और खिचड़ी का दान का शुभ महूर्त कल


    नई दिल्ली।
    मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का त्योहार इस बार दो दिन मनाया जाएगा। पहले दिन यानी आज बुधवार को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे साथ ही षटतिला एकादशी का शुभ संयोग भी बनेगा। तिथि को लेकर भ्रम दूर करते हुए ज्योतिषाचार्य विभोर इंदूसुत ने बताया कि संक्रांति का पूजन और व्रत 14 जनवरी को श्रेष्ठ रहेगा। खिचड़ी का दान 15 जनवरी को करना शास्त्र सम्मत होगा।


    दोपहर 3:07 बजे से विशेष पुण्यकाल

    ज्योतिषाचार्य विभोर इंदूसुत के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3:07 बजे से विशेष पुण्यकाल प्रारंभ होगा, जो शाम 5:41 बजे तक रहेगा। इस दौरान सूर्य पूजन, तिल-गुड़ का दान और भगवान विष्णु की आराधना श्रेष्ठ मानी गई है।


    सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी बन रहा

    ज्योतिषाचार्य रुचि कपूर के अनुसार 14 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है। इसी दिन खरमास की समाप्ति होगी और शुभ कार्य प्रारंभ हो जाएंगे।


    14 जनवरी को चावल और खिचड़ी का सेवन और दान वर्जित

    एकादशी के कारण 14 जनवरी को चावल और खिचड़ी का सेवन और दान वर्जित रहेगा। प्रेरणा ज्योतिष अनुसंधान अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने बताया कि एकादशी तिथि 14 जनवरी को शाम 5:53 बजे समाप्त होगी, जिसके बाद द्वादशी प्रारंभ होगी। ऐसे में श्रद्धालु संध्या के बाद दान कर सकते हैं, लेकिन 15 जनवरी की सुबह खिचड़ी दान करना उचित रहेगा। ज्योतिष अन्वेषक अमित गुप्ता भी इसी उपाय को अपनाने की सलाह देते हैं।


    मकर संक्रांति को उत्तरायण शुरू

    ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य एक राशि में एक माह तक गोचर करते हैं, फिर अगली राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य 12 राशियों के राशि चक्र को एक वर्ष में पूरा करते हैं। सूर्य जब भी एक राशि से निकलकर दूसरी में प्रवेश करते हैं इसे संक्रांति कहा जाता है। एक वर्ष में सूर्य की 12 संक्रांतियां होती हैं, लेकिन इनमें मकर संक्रांति सबसे ज्यादा महत्व रखने वाली है। सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। मकर संक्रांति को उत्तरायण शुरू होने से दिन बड़ा होने लगता है।

  • भारत की नदी में बहता था हीरा… इतना खजाना कि डच-ब्रिटिश हो गए मालामाल

    भारत की नदी में बहता था हीरा… इतना खजाना कि डच-ब्रिटिश हो गए मालामाल

    नई दिल्‍ली। भारत को सोने की चीड़िया कहा जाता था, पर क्या आपको पता है कि, इसी सोने की चीड़िया जैसे देश में एक ऐसी नदी थी जहां हीरे बहा करते थे. आज हम आपको भारत में बहने वाली हीरों के नदी के बारे में बताएंगे. कहा जाता है ये नदी जहां बहती है वहां समृद्धियों के स्रोत का कभी अंत नहीं हुआ. इस नदी और इसके आस-पास से निकालें हीरे, पूरी दुनिया में सबसे बेहतरीन माने जाते थे.

    हीरे की खानों की वजह से मिला नाम
    यह उपनाम नदी के पानी या बहाव के कारण नहीं बल्कि उसके आसपास के इलाके में हीरे की खानें और खनन के क्षेत्र होने की वजह से यह मिला था. सदियों तक कृष्णा नदी और उसके आसपास के इलाके दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक हीरा उत्पादक क्षेत्र रहे थे. व्यापारी, यात्री और शासक इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होते थे. इसने न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया बल्कि भारत के राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव को भी दूर-दराज के देशों तक पहुंचाने का काम करवाया था.
    कृष्णा नदी के किनारे खासतौर पर गोलकोंडा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से हीरे के लिए प्रसिद्ध था. गोलकोंडा के हीरे अपनी चमक, आकार और शुद्धता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर थे.

    माना जाता है कि कोह-ए-नूर, होप डायमंड और दरिया-ए-नूर जैसे प्रसिद्ध हीरे इसी क्षेत्र से निकले थे. इन हीरों ने भारत को कई शताब्दियों तक दुनिया का प्रमुख हीरा स्रोत बनाए रखा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इसकी ख्याति बढ़ाई थी.

    1,300 किलोमीटर लंबी नदी
    भूगोल की दृष्टि से कृष्णा नदी महाराष्ट्र के महाबलेश्वर के पास पश्चिमी घाट से निकलती है. यह नदी महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है. लगभग 1,300 किलोमीटर लंबी यह नदी कृषि, बस्तियों और व्यापार के लिए उपजाऊ बेसिन प्रदान करती रही है. यही वजह है कि हीरा व्यापार से जुड़े क्षेत्रों की समृद्धि में इसका बड़ा योगदान रहा है.

    गोलकोंडा केवल एक किला या खदान नहीं था बल्कि कृष्णा के ईलाकों से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय हीरा व्यापार केंद्र था. मध्यकाल में यहां से निकले हीरे भारत के पूर्वी तट के बंदरगाहों के जरिए एशिया,

    मध्य एशिया और यूरोप तक पहुंचते थे. डच, ब्रिटिश और अन्य यूरोपीय व्यापारी इन कीमती पत्थरों तक पहुंच बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करते रहते थे. 18वीं शताब्दी में ब्राजील में हीरे की खोज से पहले तक भारत दुनिया का प्रमुख हीरा स्रोत माना जाता था.
  • छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम

    छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम


    छिंदवाड़ा । मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा के अंदर गुटबाजी ने गंभीर रूप ले लिया है जिसके कारण पार्टी की एकता पर सवाल उठने लगे हैं। लोकसभा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू और भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के बीच चल रहे विवाद को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं को भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में तलब किया है। यह बैठक भाजपा के शीर्ष नेताओं हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की उपस्थिति में हुई जहां दोनों नेताओं को एक साथ बैठाकर बातचीत कराई गई और भविष्य में पार्टी की एकता बनाए रखने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया।

    गुटबाजी की यह समस्या छिंदवाड़ा भाजपा की जिला इकाई में लंबे समय से चल रही है। सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव के बीच मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार शेषराव यादव की बैठकों में सांसद बंटी साहू शामिल नहीं होते थे और इस दौरान यादव ने साहू के खिलाफ बयानबाजी भी की थी। यह विवाद जिले में जिला कार्यकारिणी गठन पदों के बंटवारे और अन्य संगठनात्मक फैसलों को लेकर और भी गहरा गया था।

    भोपाल में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं से कहा कि भाजपा ने छिंदवाड़ा में लंबे संघर्ष के बाद सफलता हासिल की है लेकिन वर्तमान स्थिति पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने दोनों नेताओं से अपील की कि वे पार्टी हित में मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर काम करें क्योंकि पार्टी की छवि और भविष्य की सफलता इसके ऊपर निर्भर है। इस बीच संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने मध्यस्थता करते हुए दोनों नेताओं को चेतावनी दी कि अगर खींचतान तुरंत खत्म नहीं की गई तो पार्टी को इसका भारी नुकसान हो सकता है।

    भा ज पा सूत्रों के अनुसार बैठक सकारात्मक रही और दोनों नेताओं ने पार्टी के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया है। हालांकि यह देखना बाकी है कि इस विवाद के समाधान के बाद पार्टी के अंदर का माहौल कैसे बनता है और आगामी चुनावों में पार्टी को इसका कितना लाभ होता है। यह घटनाक्रम भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक चुनौती बनकर सामने आया है क्योंकि छिंदवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले में आंतरिक मतभेद पार्टी की भविष्यवाणी और चुनावी रणनीति पर असर डाल सकते हैं।

  • फर्जी मतदान करने वालों से निपटेंगे उद्धव और राज ठाकरे

    फर्जी मतदान करने वालों से निपटेंगे उद्धव और राज ठाकरे


    मुंबई। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के एक बयान ने मंगलवार को नगर निकाय चुनावों में संभावित हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी। उन्होंने घोषणा की कि नगर निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान के दिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और मनसे के कार्यकर्ताओं का एक संयुक्त दस्ता गठित किया जाएगा, जिसका काम दोहरा और फर्जी मतदान करने वालों की पिटाई करना होगा।

    राउत की धमकी मुंबई और अन्य नगर निकायों के चुनावों के लिए प्रचार के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा की गई सार्वजनिक अपील के बाद आई है।

    भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बढ़ते प्रभाव के बीच मुंबई के गढ़ की रक्षा के लिए मनसे और शिवसेना (UBT) ने गठबंधन किया है।

    शिवसेना (UBT) के नेता ने यहां पत्रकारों से कहा, “हमने (शिवसेना-UBT और MNS) एक टीम बनाई है, जो 15 जनवरी को सुबह सात बजे से सक्रिय हो जाएगी। जैसे ही क्षेत्रवार दोहरे मतदाताओं की जानकारी दस्ते को मिलेगी, संयुक्त टीम ऐसे मतदाताओं से उचित तरीके से निपटेगी।” राउत की यह चेतावनी 29 नगर निकायों के चुनावों के लिए जारी जोरदार प्रचार अभियान की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें एक तरफ भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना व दूसरी तरफ मुंबई महानगर क्षेत्र में शिवसेना (उबाठा)-मनसे गठबंधन के बीच तीखी तकरार देखने को मिली है।

    विपक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष फर्जी और दोहरी मतदाता सूची का मुद्दा आक्रामक रूप से उठाया था और मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग की थी। राउत से जब दोहरी मतदाता होने का दावा करके व्यक्तियों पर हमला करने के बाद के कानूनी परिणामों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तर्क दिया कि कानून के दायरे में न आने वालों को पीटना कानून और व्यवस्था की स्थिति भंग करने के बराबर नहीं है। राउत ने पूछा, ‘क्या फर्जी मतदान कानून और व्यवस्था की परिभाषा में आता है?’