Category: National

  • Census 2027: डिजिटल जनगणना से बदलेगा भारत का राजनीतिक, आर्थिक और नीतिगत भविष्य, हर घर–हर व्यक्ति का बनेगा रिकॉर्ड

    Census 2027: डिजिटल जनगणना से बदलेगा भारत का राजनीतिक, आर्थिक और नीतिगत भविष्य, हर घर–हर व्यक्ति का बनेगा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली।
    भारत एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही Census 2027 न सिर्फ देश की 16वीं जनगणना होगी, बल्कि यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना के रूप में दर्ज होगी। इस बार गिनती केवल आबादी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर घर, हर व्यक्ति और हर इलाके का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जो आने वाले वर्षों में देश की राजनीति, नीतियों और विकास की दिशा तय करेगा।

    इस ऐतिहासिक जनगणना में करीब 30 लाख (3 मिलियन) एंयूरेटर मैदान में उतरेंगे, जो Android और iOS आधारित मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र करेंगे।

    पहली बार नागरिकों को सेल्फ-एंयूरेशन की सुविधा भी दी जाएगी, जिसमें लोग 15 दिन के भीतर खुद अपने परिवार और घर से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि डेटा की सटीकता और पारदर्शिता भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ेगी।

    डिजिटल जनगणना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर सही लोगों तक पहुंचेंगी। अब यह साफ तौर पर पता चलेगा कि किस जिले, गांव या शहरी वार्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे संसाधनों का बेहतर बंटवारा होगा और योजनाओं की प्रभावशीलता जमीन पर दिखाई देगी।

    Census 2027 का असर केवल सामाजिक नहीं, बल्कि आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर भी बेहद गहरा होगा। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी GDP अनुमानों के साथ जब जनगणना के आंकड़े जुड़ेंगे, तब यह स्पष्ट हो सकेगा कि आर्थिक विकास का असली लाभ आम नागरिक तक पहुंच रहा है या नहीं।

    यह डेटा सरकार को यह समझने में मदद करेगा कि किन क्षेत्रों में योजनाएं सफल रहीं और कहां सुधार की जरूरत है।

    राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह जनगणना बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। इसके आधार पर भविष्य में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के पुनर्निर्धारण (डिलिमिटेशन) का रास्ता साफ होगा। दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में जन्म दर नियंत्रण की वजह से जनसंख्या स्थिर है, जबकि उत्तर, मध्य और पूर्वी राज्यों में आबादी तेजी से बढ़ी है। नए आंकड़ों के बाद संसदीय सीटों का संतुलन बदल सकता है, जिससे राजनीतिक शक्ति का केंद्र भी प्रभावित होगा। इसका सीधा असर चुनावी रणनीतियों, प्रतिनिधित्व और नीति निर्माण पर पड़ेगा।

    Census 2027 में केवल जनसंख्या नहीं, बल्कि घर की स्थिति, भाषा, धर्म, शिक्षा स्तर, रोजगार, व्यापार गतिविधियां, प्रवास, जन्म और मृत्यु दर जैसी अहम जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।

    यह डेटा गांव से लेकर शहर और वार्ड स्तर तक उपलब्ध होगा, जिससे योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान पहले से कहीं ज्यादा सटीक हो सकेगी। स्कूल, अस्पताल, सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं की योजना इसी डेटा के आधार पर बनाई जा सकेगी।

    हालांकि, इतनी बड़ी डिजिटल कवायद के साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और स्मार्टफोन की उपलब्धता, तकनीकी प्रशिक्षण, डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता जैसे मुद्दे सरकार के सामने बड़ी परीक्षा होंगे। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि डिजिटल प्रक्रिया के कारण कोई वर्ग या क्षेत्र पीछे न छूट जाए।

    इसके बावजूद, विशेषज्ञ मानते हैं कि Census 2027 भारत के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। यह न केवल देश की सामाजिक विविधता और आर्थिक ताकत को सामने लाएगी, बल्कि नीति निर्माताओं को ठोस और विश्वसनीय डेटा देगी, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं बनाई जा सकेंगी।

    कुल मिलाकर, Census 2027 सिर्फ आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि भारत की असली तस्वीर सामने लाने की कवायद है। हर घर और हर व्यक्ति की जानकारी जब डिजिटल रूप में दर्ज होगी, तब नीतियां ज्यादा सटीक, न्यायसंगत और असरदार बनेंगी। यह जनगणना भारत की राजनीति, विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देगी, जहां हर नागरिक की मौजूदगी नीति निर्माण में स्पष्ट रूप से नजर आएगी।

  • दिल्ली में बुजुर्ग NRI दंपति से डिजिटल ठगी: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 14 करोड़ रुपये की ठगी

    दिल्ली में बुजुर्ग NRI दंपति से डिजिटल ठगी: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 14 करोड़ रुपये की ठगी

    नई दिल्ली । डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें बुजुर्ग NRI दंपति को 18 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगी का शिकार बनाया गया। यह मामला साइबर ठगी की गंभीरता को सामने लाता है। पीड़िता इंद्रा तनेजा और उनके पति ओम तनेजा ने बताया कि उन्हें 24 दिसंबर 2025 को खुद को TRAI अधिकारी बताने वाले ठग का फोन आया। कॉलर ने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आपत्तिजनक कॉल्स और मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है।ठगों ने दंपति को डराने के लिए लगातार दबाव बनाया और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। इसके चलते 77 वर्षीय महिला ने 8 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 14 करोड़ रुपये RTGS के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। कॉलर ने हर बार नए बहाने और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए, जिससे दंपति मानसिक रूप से दबाव में रहे और उन्होंने ठगों की मांगें मान ली।

    पीड़ित दंपति के अनुसार, वे 2015-16 में अमेरिका से रिटायर होकर भारत लौटे थे और समाज सेवा में जुड़े हुए हैं। उनके खातों में इतनी बड़ी राशि का अचानक ट्रांसफर होना, ठगों की योजनाबद्ध साजिश को उजागर करता है। इंद्रा तनेजा ने बताया कि ठगों ने उन्हें बार-बार फोन कर धमकाया और कानून का हवाला देते हुए डराया।10 जनवरी 2026 (शनिवार) को पीड़ित दंपति ने दक्षिण दिल्ली जिले के सीआर पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया। दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने इस मामले में FIR दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि की जा रही है कि किस तरह ठगों ने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर दंपति को निशाना बनाया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की साइबर ठगी के मामले डिजिटल अरेस्ट और सरकारी पदों का डर दिखाकर किए जाते हैं, जिससे पीड़ित मानसिक दबाव में आकर बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा अधिकारी लगातार इस प्रकार के मामलों को रोकने और आम लोगों को सतर्क करने के लिए अभियान चला रहे हैं।दिल्ली पुलिस ने दंपति को सलाह दी है कि वे अपने बैंक खाते और ट्रांजेक्शन के विवरण को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध कॉल पर विश्वास न करें। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल ठगी सिर्फ तकनीकी मामलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानसिक दबाव और डर के जरिये भी बड़े आर्थिक नुकसान कर सकती है।

  • सोमनाथ मंदिर: 1000 साल पहले तोड़ा गया, फिर पुनर्निर्माण से स्थापित हुआ भारतीय गौरव का प्रतीक

    सोमनाथ मंदिर: 1000 साल पहले तोड़ा गया, फिर पुनर्निर्माण से स्थापित हुआ भारतीय गौरव का प्रतीक


    गुजरात । मैं सोमनाथ हूं, वो मंदिर जहां भगवान शिव के दर्शन से पूरा संसार शिवमय हो जाता है। आज का दिन मेरे लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि ठीक 1000 साल पहले आज के दिन ही मुझे पहली बार तोड़ा गया था। यह वह दिन था जब मुस्लिम आक्रांता महमूद गजनवी ने इस पवित्र स्थल पर हमला किया और मुझसे जुड़ी हर उस चीज को लूटा, जो मेरे गौरव का प्रतीक था। रक्त रंजित मुझसे जुड़े हर टुकड़े को लूटने के बाद, मुझे नष्ट कर दिया गया। इसके बाद के शताब्दियों में कई मुस्लिम शासकों ने मुझे बार-बार लूटा और हर बार मेरी संरचना को तोड़ा, लेकिन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बाद, मुझे पुनर्निर्मित किया गया और फिर से जगमगाया।

    सोमनाथ का ऐतिहासिक महत्व

    सोमनाथ मंदिर को भगवान शिव का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। शास्त्रों में इसे सबसे पहले स्थान पर रखा गया है, सौराष्ट्रे सोमनाथं च इस मंदिर का निर्माण चंद्रदेव ने स्वयं सोने से किया था फिर सूर्यदेव ने चांदी से और बाद में भगवान श्रीकृष्ण ने लकड़ी से इसे सुंदर रूप दिया। सोलंकी राजपूत शासकों ने इस मंदिर को पत्थर से भव्य रूप प्रदान किया जो इसे आज के रूप में देख सकते हैं। सोमनाथ मंदिर की किवदंती चंद्रदेव के साथ जुड़ी हुई है जो भगवान शिव की तपस्या करने के लिए यहां आए थे। यही कारण है कि यह मंदिर चंद्र से जुड़ा एकमात्र शिव तीर्थ माना जाता है।

    महमूद गजनवी द्वारा हमले

    सोमनाथ मंदिर की सबसे दुखद घटना 1025 ईस्वी की है, जब महमूद गजनवी ने इस मंदिर पर हमला किया और इसे लूटकर नष्ट कर दिया। गजनवी ने मंदिर के चंदन द्वार को लूटकर अफगानिस्तान के गजनी में मस्जिद में स्थापित कर दिया था। कई बार लूटने और तोड़ने के बावजूद मंदिर का आंतरिक गर्भगृह हमेशा शांति से बना रहा। स्वतंत्रता के बाद 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सोमनाथ का दौरा किया और गजनवी द्वारा लूटे गए चंदन द्वार को वापस लाकर मंदिर में स्थापित किया।

    मंदिर की अद्भुत वास्तुकला

    सोमनाथ मंदिर को चालुक्य शैली में बनाया गया है, और इसका शिखर 155 फीट ऊंचा है। मंदिर में सोने का कलश और विशाल मंडपम हैं जो इसे और भी भव्य बनाते हैं। बाणस्तंभ जो एक दिशासूचक स्तंभ है इसे मंदिर परिसर में देखा जा सकता है। इस स्तंभ पर समुद्र की दिशा में बने तीर का निशान भी स्पष्ट रूप से दिखता है। इस पर संस्कृत में लिखा है, आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव पर्यंत, अबाधित ज्योर्तिमार्ग यानी यहां से दक्षिण ध्रुव तक कोई भूमि नहीं है।

    समुद्र और शिव की कृपा

    सोमनाथ मंदिर अरब सागर के किनारे स्थित है, लेकिन एक अद्भुत बात यह है कि समुद्र की लहरें कभी भी मंदिर के गर्भगृह तक नहीं पहुंच पाई हैं। स्थानीय पंडितों के अनुसार यह भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है। माना जाता है कि समुद्र महादेव की मर्यादा को कभी नहीं लांघता जिससे मंदिर सुरक्षित रहता है।

  • ‘बुर्के वाली PM बनी तो जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे’, ओवैसी के बयान पर नितेश राणे भड़के

    ‘बुर्के वाली PM बनी तो जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे’, ओवैसी के बयान पर नितेश राणे भड़के


    नई दिल्ली| AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के बयान को लेकर लगातार राजनीति हो रही है। इस मुद्दे पर अब भाजपा नेता नितेश राणे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बुर्के वाली कल प्रधानमंत्री बन जाती है, कल ही हिंदू समाज का धर्मांतरण कर दिया जाएगा हम कल से ही जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे, आई लव महादेव के पोस्टर नहीं लगा पाएंगे। महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि ओवैसी हिजाबी महिला प्रधानमंत्री बनाने की बात करके इस देश को इस्लामिक देश बनाने की धमकी देने की कोशिश कर रहे हैं।

    मीडिया से बात करते हुए नितेश राणे ने कहा, “भौंकने वाले, कभी काटते नहीं है। देश को इस्लामी राज्य में बदलने का प्रयास बुर्का पहने प्रधानमंत्री की धमकी से शुरू होता है। ओवैसी हमें यह कहकर डराने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर कल कोई बुर्का पहनी महिला प्रधानमंत्री बन जाती है, तो सभी को जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाएगा और यह हिंदू राष्ट्र इस्लामी राज्य में बदल जाएगा। इसका मतलब है कि हम अपने घरों में पूजा भी नहीं कर पाएंगे, हम ‘जय श्री राम’ नहीं कह पाएंगे और हम ‘आई लव महादेव’ के बैनर भी नहीं लगा पाएंगे।” नितेश ने कहा, “यह धमकी देने वाले लोगों को महाराष्ट्र में खड़े रहने देना है या नहीं, यह हमें देखना होगा।”

    आपको बता दें, हैदराबाद के सांसद ने महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान कहा था कि वह चाहते हैं कि किसी दिन एक हिजाबी महिला भारत की प्रधानमंत्री बने। पाकिस्तान में उन्होंने अपने संविधान में लिख दिया कि एक मुस्लिम ही प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान में लिखा है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री बन सकता है। उनके इस बयान के बाद काफी राजनैतिक बयानबाजी हुई।

    भाजपा की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ओवैसी ऐसा ही चाहते हैं, तो सबसे पहले उन्हें अपनी पार्टी से ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए। उन्हें अपनी पार्टी के अध्यक्ष पद पर किसी महिला को बैठाना चाहिए। दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ओवैसी के इस बयान को दिन में तारे देखने जैसा बताया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि संविधान सभी को प्रधानमंत्री पद तक जाने की अनुमति देता है, लेकिन हमारा देश हिंदू प्रधान है, ऐसे में हिंदू को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए।

  • मकर संक्रांति पर लाडली बहनों को बड़ी राहत: दिसंबर-जनवरी की दो किस्तें एक साथ मिलने की संभावना

    मकर संक्रांति पर लाडली बहनों को बड़ी राहत: दिसंबर-जनवरी की दो किस्तें एक साथ मिलने की संभावना


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए मकर संक्रांति से पहले राहत भरी खबर सामने आ रही है। योजना के तहत दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की मासिक सहायता राशि एक साथ जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह प्रक्रिया पूरी होती है तो पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 3000 रुपये जमा हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

    योजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 1500 रुपये प्रतिमाह की यह आर्थिक सहायता केवल उन महिलाओं को मिलेगी जिन्होंने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। सरकार ने लाभार्थियों के सत्यापन और अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने के उद्देश्य से दिसंबर के अंत तक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया था। जिन खातों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उनकी किस्त फिलहाल रोकी जाने की संभावना बनी हुई है।बीते कुछ महीनों में इस योजना के तहत किस्तों के भुगतान में देरी देखी गई है। चुनावी गतिविधियों और तकनीकी कारणों के चलते समय पर राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी। पहले यह अनुमान लगाया गया था कि तीन महीनों की बकाया राशि एक साथ जारी होगी, लेकिन हाल ही में केवल एक माह की किस्त ही लाभार्थियों के खातों में पहुंच पाई। इसके बाद दिसंबर और जनवरी की किस्तों को लेकर महिलाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

    मकर संक्रांति को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों और पोस्टरों ने उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि त्योहार से पहले ही दो महीनों की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। वहीं, विपक्षी दल इस दावे को राजनीतिक प्रचार से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल यही कहा जा रहा है कि भुगतान की प्रक्रिया बजट और तकनीकी मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ेगी।लाडकी बहिण योजना राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक सहायता योजनाओं में शामिल है। इसके तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को मासिक सहायता दी जाती है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होती है। वर्तमान में लगभग 2.4 करोड़ महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे राज्य सरकार पर हर महीने हजारों करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ता है।

    सरकारी सूत्रों का कहना है कि योजना को लेकर किसी भी प्रकार की अंतिम जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से साझा की जाएगी। लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने बैंक खाते तथा सरकारी पोर्टल पर नियमित अपडेट चेक करते रहें।फिलहाल मकर संक्रांति से पहले दो किस्तें एक साथ मिलने की उम्मीद ने महिलाओं में उत्सुकता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से स्पष्ट घोषणा होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह राशि कब और किन शर्तों पर खातों में पहुंचेगी।

  • आज की सरकारी नौकरी: हरियाणा, राजस्थान और प्रसार भारती में 136 पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जारी

    आज की सरकारी नौकरी: हरियाणा, राजस्थान और प्रसार भारती में 136 पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जारी


    नई दिल्ली । सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज की ताज़ा खबर बेहद महत्वपूर्ण है। हरियाणा लोक सेवा आयोगHPSC राजस्थान कर्मचारी चयन आयोगRSSB और प्रसार भारती ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचनाएं जारी की हैं। कुल मिलाकर इन भर्तियों के तहत 136 पद भरे जाएंगे जिनमें असिस्टेंट इंजीनियर सुपरवाइजर और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    सबसे पहले बात करें हरियाणा लोक सेवा आयोग की। HPSC ने असिस्टेंट इंजीनियर के 50 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया 13 जनवरी 2026 से शुरू होकर 12 फरवरी 2026 शाम 5 बजे तक चलेगी। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट hpsc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग डिग्री अनिवार्य है। साथ ही उम्मीदवारों को 10वीं तक हिंदी या संस्कृत का ज्ञान होना चाहिए। आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल के अनुसार 53100 से 167800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।

    वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग ने सुपरवाइजरपर्यवेक्षक के 72 पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों के लिए है। आवेदन प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 4 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in या राज्य सरकार के SSO पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस पद के लिए ग्रेजुएशन डिग्री के साथ कंप्यूटर कोर्स का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 40 वर्ष रखी गई है जबकि SC ST और OBC वर्ग को छूट दी जाएगी। चयन के बाद उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल-7 के तहत वेतन मिलेगा।

    इसके अलावा राष्ट्रीय प्रसारक प्रसार भारती ने मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के 14 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये नियुक्तियां विभिन्न दूरदर्शन और आकाशवाणी केंद्रों के लिए होंगी। आवेदन की अंतिम तिथि 21 जनवरी 2026 है। उम्मीदवारों के पास MBA या मार्केटिंग में पीजी डिप्लोमा और कम से कम एक वर्ष का कार्य अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा 35 वर्ष से कम रखी गई है। चयनित उम्मीदवारों को शहर के आधार पर 35000 से 50000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।इन भर्तियों से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र और राज्य स्तर पर रोजगार के अवसर लगातार सामने आ रहे हैं। नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी नई भर्तियों की संभावना जताई जा रही है इसलिए उम्मीदवार सतर्क और तैयार रहें।

  • ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….

    ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….


    नई दिल्ली
    । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली लड़की प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी के इस बयान को मसूद ने दिन में तारे देखने जैसी बात बताई है। ओवैसी ने महाराष्ट्र की एक रैली में यह बयान दिया था, जिसके बाद भाजपा, कांग्रेस से लेकर तमाम दलों के नेताओं ने रिएक्ट किया।
    न्यूज एजेंसी से बात करते हुए यूपी के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “वह ऐसी बातें कर रहे हैं जो नामुमकिन हैं, यह दिन में तारे देखने जैसा है। वह ऐसी बात क्यों कर रहे हैं जो मुमकिन ही नहीं है? लोकतंत्र में सभी को अधिकार हैं। हिजाब पहनना या न पहनना एक निजी मामला है।”

    इससे पहले, ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, जो भारतीय संविधान की समावेशिता को दिखाता है।

    शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा में बोलते हुए, ओवैसी ने तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में ऐसी समावेशिता नहीं है, जो दूसरे धर्मों के लोगों को बड़े पदों पर बैठने से रोकता है।

    उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का संविधान साफ ​​तौर पर कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बाबा साहब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।”

    भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें एआईएमआईएम का अध्यक्ष किसी ‘पसमांदा’ मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को बनाने की चुनौती दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मियां ओवैसी कहते हैं कि हिजाब वाली पीएम बनेगी।

    मियां ओवैसी – संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन मैं आपको चैलेंज करता हूं कि पहले आप किसी पसमांदा या हिजाब वाली को अपनी एआईएमआईएम का प्रेसिडेंट बनाकर दिखाएं।”

    इस बीच, शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने इस बात पर जोर दिया कि लीडरशिप परफॉर्मेंस और लोगों के समर्थन पर आधारित होनी चाहिए, न कि जाति, धर्म या समुदाय पर। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में योग्यता के आधार पर एक महिला प्रधानमंत्री का समर्थन किया जा सकता है। शायना ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री पद के लिए कोई जगह खाली नहीं है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सभी जानते हैं। पहले अपने सांसदों को चुनाव जितवाइए, फिर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखिए। हां, किसी समय हम भी एक महिला प्रधानमंत्री चाहेंगे, लेकिन उनकी जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि उनके अच्छे काम और भारत के लोगों के लोकप्रिय समर्थन के आधार पर।”

  • 26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट

    26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट


    मुंबई। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने पैरवी के लिए अपनी पसंद के वकीलों के नाम की सूची अदालत को सौंप दी है। यह लिस्ट पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश की गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह सूची में शामिल वकीलों से संपर्क कर यह पता लगाए कि उनमें से कौन राणा की ओर से पेश होने के लिए सहमत है और उनकी लिखित सहमति प्राप्त करें।
    राणा ने दिल्ली और राजधानी के बाहर के करीब 10 वकीलों के नाम सूची में दिए हैं।

    सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी पसंद का वकील नियुक्त करना चाहता है। अदालत ने एनआईए को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है, ताकि वकीलों की सहमति से अदालत को अवगत कराया जा सके। इससे पहले, अदालत ने राणा को अपने परिवार से वकील की नियुक्ति को लेकर बातचीत के लिए कॉल सुविधा देने की इजाजत दी थी। फिलहाल राणा को लीगल एड काउंसिल के तौर पर अधिवक्ता पीयूष सचदेवा उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन राणा ने अपनी पसंद के वकील रखने की इच्छा जताई थी।
    आतंकी हमले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    इसके बाद, पीयूष सचदेवा को मामले से मुक्त कर दिया गया है। राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान उसने अधिवक्ता एमएस खान का नाम विशेष रूप से अपनी पसंद के वकीलों में शामिल बताया। एनआईए ने आतंकी हमले के मामले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर रखा है। मुख्य आरोपपत्र दिसंबर 2011 में दाखिल किया गया था, जबकि जुलाई 2025 में एक पूरक आरोपपत्र पेश किया गया था।

  • लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने 35 वर्षीय व्यक्ति की निर्मम हत्या के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव जालंधर बाईपास के पास एक सुनसान जगह से बरामद किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान दविंदर के रूप में हुई है, जो मुंबई में प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करता था। वह मुंबई से कुछ ही दिन पहले लौटा था और अपने घर पर करीब 15 मिनट ठहरने के बाद बाहर चला गया, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DSP) समीर वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपी शमशेर, दविंदर का मित्र था और उन्होंने बुधवार को साथ में नशीले पदार्थों का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कथित तौर पर बहस हुई। उन्होंने बताया कि बहस के बाद शमशेर ने मौके पर मौजूद धारदार हथियार से दविंदर पर कथित रूप से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शमशेर बढ़ई का काम करता है।
    अपराध को छिपाने के प्रयास में शमशेर और उसकी पत्नी ने शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, अवशेषों को बोरी में भरा और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगा दिया।
    ड्रम के अंदर मिले शव के टुकड़े

    पुलिस ने बताया कि व्यक्ति का शव कई टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके कुछ अवशेष गुरुवार को सलेम तबरी क्षेत्र में एक ड्रम के अंदर पाए गए। शव का एक अंग, ड्रम से करीब एक किलोमीटर दूर मिला था और ये सड़ना शुरू हो गया था। अधिकारी ने बताया कि अपराध के बाद इसके उजागर होने के कथित तौर पर डर के कारण उसकी पत्नी भी शव को ठिकाने लगाने में शामिल हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

  • J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद

    J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा जिले (Samba district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात घगवाल क्षेत्र के पलोरा गांव में तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल को एक नाले के किनारे पीले रंग की टेप में लिपटा पैकेट मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते की मदद से खोला गया। उन्होंने बताया कि पैकेट से हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक तलाश अभियान जारी था।


    ढलान से गिरने से सेना के 2 कुलियों की मौत

    दूसरी ओर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास ढलान से फिसलकर गिरने से सेना के 2 नागरिक कुलियों की मौत हो गई और उनके शवों को बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा दोनों कुलियों की पहचान लियाकत अहमद दीदार और इशाक अहमद खटाना के रूप में हुई है। दोनों बारामूला के चंदूसा के रहने वाले थे। दोनों कुली गुरुवार दोपहर एक अग्रिम क्षेत्र से फिसलकर एक नाले में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद श्रीनगर स्थित 15 कोर के नियंत्रण में आने वाले गुलमर्ग सेक्टर में बचाव अभियान शुरू किया गया। खोज अभियान को जम्मू क्षेत्र के पुंछ सेक्टर तक बढ़ाया गया क्योंकि यह दुर्घटनास्थल के निकट है। नियंत्रण रेखा का पुंछ क्षेत्र सेना की नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16) कोर के अधिकार क्षेत्र में आता है।