Category: National

  • किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?

    किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?


    नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना अधिकार है, लेकिन आलोचना करते समय देश की छवि को नुकसान पहुँचाना बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है। उनका यह बयान एलन मस्क की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में आया, जिसमें मस्क ने कहा कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में लगभग 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे।

    रिजिजू का राहुल गांधी को संदेश
    रिजिजू ने कहा कि आमतौर पर वे विदेशी हस्तियों की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस बार मस्क की पोस्ट का हवाला इसलिए दिया ताकि राहुल गांधी को एक सीख दी जा सके। उन्होंने साफ किया कि आलोचना और राष्ट्रहित के बीच स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक भारतीय के रूप में हमें देश की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।

    संदर्भ: राहुल गांधी की आलोचना

    राहुल गांधी लंबे समय से केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि बजट में बेरोजगारी, कमजोर विनिर्माण क्षेत्र, पूंजी निकासी और किसानों की समस्याओं जैसी गंभीर चुनौतियों को नजरअंदाज किया गया।

    सरकार का रुख

    वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को 21वीं सदी में भारत की आर्थिक प्रगति की नींव बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम कदम करार दिया।

  • NCP महाराष्ट्र में BJP-नेतृत्व वाले NDA के साथ बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनील तटकरे ने किया खारिज

    NCP महाराष्ट्र में BJP-नेतृत्व वाले NDA के साथ बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनील तटकरे ने किया खारिज


    नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन NDA का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन दिवंगत अजित पवार की विचारधारा और मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

    विलय की अफवाहों पर प्रतिक्रिया

    हाल ही में यह दावा किया गया था कि NCP और शरद पवार की राकांपा का विलय 12 फरवरी को घोषित किया जाएगा। इस पर तटकरे ने कहा, “हमारा रुख स्पष्ट है। पार्टी और अजित दादा की विचारधारा को हम आगे बढ़ाएंगे। राजग के साथ हमारा सहयोग कायम रहेगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अजित पवार की सहमति के बिना कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया गया।

    शपथ और पार्टी संबंध
    तटकरे ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की जल्दबाजी पर कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और राकांपा को मजबूत करने के लिए लिया गया। उन्होंने भाजपा की प्रशंसा करते हुए कहा कि गठबंधन में हमेशा सम्मानजनक व्यवहार रहा है।

    अस्थियों का अंतिम संस्कार और आगे की प्रक्रिया
    सुनील तटकरे ने बताया कि अजित पवार की अस्थियों को राज्य के सभी जिलों में ले जाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, राकांपा के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विलय या आगे की राजनीतिक दिशा का फैसला सुनेत्रा पवार करेंगी और उनका निर्णय पार्टी में सभी के लिए बाध्यकारी होगा।

  • बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!

    बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!


    नई दिल्ली : महाराष्ट्र के बारामती में जब लाखों लोग अपने प्रिय नेता ‘अजित दादा’ को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, उसी दौरान इस दुखद मौके का फायदा उठाकर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया. अंतिम संस्कार के दौरान सोने की चेन चोरी की चौंकाने वाली वारदात सामने आई है.28 जनवरी को राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में दुखद निधन हुआ था. उनका बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम दर्शन के लिए महाराष्ट्र के कोने-कोने से लाखों की संख्या में लोग बारामती पहुंचे थे और पूरे शहर में शोक का माहौल था.

    15 लोगों के गले से छीन ली गई चेन

    इसी भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए चोरों के एक गिरोह ने लोगों को निशाना बनाया. जानकारी के मुताबिक, करीब 15 लोगों के गले से सोने की चेन चोरी कर ली गई. चोरी किए गए गहनों की कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये आंकी जा रही है.इस बीच कुछ संदिग्ध चोरों को नागरिकों ने रंगे हाथों पकड़कर पकड़ लिया, जबकि कुछ आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया.

    8000 पुलिसकर्मी थे तैनात

    खास बात यह है कि उस दिन बारामती में करीब 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात थे. इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी की घटना होने से पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.पीड़ित नागरिकों की शिकायत पर बारामती तालुका पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मोहम्मद यूनुस राजकुमार आठवले, एजाज मिरावले, मोहम्मद सिराज, बालू बोत्रे सहित दो अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

    बारामती के लोगों में नाराजगी

    फिलहाल, सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. एक तरफ जहां अजित पवार के अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक था, वहीं दूसरी ओर चोर लोगों के गले से सोने की चेन चोरी करने में लगे हुए थे. इस घटना से बारामती शहर में भारी नाराजगी फैल गई है.

  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल


    नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में फिलहाल मौसम का मिज़ाज आम लोगों के लिए राहत भरा नहीं लग रहा। अगले तीन दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उनसे जुड़े मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।

    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बादलों का डेरा

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य वायुमंडल में तेज चक्रवात सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के निचले हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेताया है कि 5 से 7 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके लगातार बर्फबारी का सामना कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के साथ बादलों की गतिविधि बनी हुई है। यह मिज़ाज पूरे सप्ताह बने रहने की संभावना है।

    कश्मीर में फिर बढ़ी ठंड, तापमान में गिरावट

    कुछ दिनों की राहत के बाद कश्मीर घाटी में ठंड लौट आई है। रविवार सुबह श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात देखा गया। इस बदलाव के चलते दिन का तापमान करीब चार डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 फरवरी की रात को कुछ ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

    हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि
    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में मौसम अचानक बदल गया। छह जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि करनाल, यमुनानगर और रोहतक में ओले गिरे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 31 जनवरी की रात से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने रविवार सुबह बारिश करवायी। इसी सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर मंगलवार दोपहर तक महसूस होगा।

    हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान की चेतावनी

    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिलों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ। शिमला, कुल्लू, लाहौल, कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना और हमीरपुर में बारिश के कारण ठंड और बढ़ गई। सोलन जिले में बिजली गिरने की घटना में 54 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को राज्य के मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और हिमपात की संभावना जताई है। अगले 24 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। लाहौल-स्पीति का ताबो इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    राजस्थान में फिलहाल राहत

    राजस्थान में तापमान में वृद्धि से ठंड का असर कम हुआ है। रविवार को अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। अलवर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अजमेर में हल्की बारिश हुई, जहां 1.1 मिलीमीटर पानी गिरा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कम से कम एक दिन तक प्रदेश का मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है।

  • Gen Z दफ्तरों की जटिल अंग्रेजी से परेशान…. आसान भाषा अपनाने की उठी मांग

    Gen Z दफ्तरों की जटिल अंग्रेजी से परेशान…. आसान भाषा अपनाने की उठी मांग


    नई दिल्ली।
    ऑफिस (Office) में इस्तेमाल होने वाली भारी-भरकम अंग्रेजी (Heavy English.) आज की युवा पीढ़ी (Young Generation-Gen Z) के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। जेन-जी (1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा) का कहना है कि ऐसे शब्द न सिर्फ भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि कामकाजी संवाद को भी मुश्किल बना देते हैं। इसी को लेकर अमेरिका के भाषा शिक्षण प्लेटफॉर्म ‘प्रेपली’ ने एक रिपोर्ट जारी की है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, जब मैनेजर मीटिंग में यह कहते हैं कि “इस प्रोजेक्ट के लिए सिनर्जी चाहिए” या “क्या आपके पास इसकी बैंडविड्थ है”, तो कई युवा कर्मचारियों को इन शब्दों का सही मतलब समझने में दिक्कत होती है। भाषा विशेषज्ञों का कहना है कि हर महीने हजारों युवा इन कॉर्पोरेट शब्दों के अर्थ जानने के लिए गूगल का सहारा लेते हैं।

    रिसर्च में सामने आया है कि ‘Synergy’ सबसे ज्यादा खोजा जाने वाला ऑफिस शब्द है, जिसे हर महीने करीब 40,500 बार सर्च किया जाता है। इसके बाद ‘Paradigm’ (लगभग 27,000 सर्च) और ‘Best Practice’ जैसे शब्द सूची में शामिल हैं।


    युवाओं को कैसी भाषा चाहिए?

    आज की पीढ़ी ऐसी भाषा को प्राथमिकता देती है जो साफ, सरल और सीधी हो। उनके अनुसार, दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक अंग्रेजी मुहावरे अक्सर दिखावटी लगते हैं और बातचीत को जटिल बना देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी कर्मचारी को काम समझने के लिए शब्दों का मतलब अलग से ढूंढना पड़े, तो यह संचार की कमजोरी को दर्शाता है।


    डिजिटल दौर से मेल नहीं खा रही कॉर्पोरेट भाषा

    जेन-जी का कहना है कि पारंपरिक कॉर्पोरेट अंग्रेजी अब डिजिटल युग की बातचीत से तालमेल नहीं बैठा पा रही है। वे चाहते हैं कि दफ्तरों की भाषा भी रोजमर्रा की बातचीत जैसी स्वाभाविक हो। यह बदलाव सिर्फ कार्यस्थल तक सीमित नहीं है—निजी जीवन में भी पुराने और भारी शब्दों की जगह आसान भाषा लेती जा रही है। भाषा विशेषज्ञों के अनुसार, हर पीढ़ी अपने समय के अनुसार भाषा को ढालती है और जेन-जी के लिए स्पष्टता और सादगी सबसे अहम है। जैसे-जैसे इस पीढ़ी की भागीदारी कार्यक्षेत्र में बढ़ रही है, वैसे-वैसे दफ्तरों में भी संवाद का तरीका बदल रहा है।


    कठिन शब्दों की जगह आसान विकल्प

    Synergy → Teamwork
    Bandwidth → Availability (समय/उपलब्धता)
    Circle Back → दोबारा बात करना

    युवाओं का मानना है कि इस तरह की सरल भाषा अपनाने से न सिर्फ काम आसान होगा, बल्कि संवाद भी ज्यादा प्रभावी बन सकेगा।

  • हरिद्वार: संत रविदास जयंती की शोभायात्रा के बाद भड़की हिंसा, तोड़फोड़ और फायरिंग में दो लोगों की मौत… गांव में तनाव

    हरिद्वार: संत रविदास जयंती की शोभायात्रा के बाद भड़की हिंसा, तोड़फोड़ और फायरिंग में दो लोगों की मौत… गांव में तनाव


    हरिद्वार।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के हरिद्वार जिले (Haridwar district) के भगवानपुर क्षेत्र (Bhagwanpur area) में संत रविदास जयंती (Sant Ravidas Jayanti) के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के बाद हालात बेकाबू हो गए। एक ही समुदाय के दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक पक्ष की ओर से की गई गोलीबारी में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपी पक्ष के घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। देर रात गांव में एक और शव मिलने से तनाव और बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस ने एहतियातन अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।

    भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में रविवार को रविदास जयंती को लेकर आयोजन किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद 27 वर्षीय आनंद, पुत्र लक्ष्मीचंद, अपने परिवार और कुछ परिचितों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में, घर के सामने रहने वाले धर्मवीर और उसके साथ मौजूद लोगों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपित पक्ष ने लाइसेंसी और अवैध हथियारों का इस्तेमाल करते हुए फायरिंग की। इसमें आनंद, उसका भाई विकास, गगनदीप और योगेंद्र गोली लगने से घायल हो गए। आनंद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। विकास को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गगनदीप और योगेंद्र को रुड़की के अस्पताल ले जाया गया। गगनदीप के पैर में गोली लगने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है, वहीं योगेंद्र को छर्रे लगे हैं और उसका इलाज जारी है।


    आरोपियों का घर फूंका

    उधर, गांव में फायरिंग के बाद अफरातफरी मच गई। घटना से गुस्साए आनंद के घरवालों-परिचितों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। मामले की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची पर लोगों ने आनंद का शव नहीं उठने दिया। रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शव पोस्टमार्टम को भेजा। इस बीच, पुलिस को सूचना मिली की गांव में धर्मवीर पक्ष का 45 वर्षीय मांगेराम, बेसुध पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मांगेराम मृत पड़ा था। पुलिस के अनुसार प्रथमदृष्टया मांगेराम की मौत पिटाई से होना लग रही है। पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।


    पुरानी रंजिश बनीं खून-खराबे की वजह

    बताया जा रहा है कि प्रधान पक्ष धर्मवीर और आनंद पक्ष के बीच पुरानी रंजिश के चलते दो साल से तनातनी बनी हुई थी। हालांकि दोनों ही पक्ष एक दूसरे के पड़ोसी होने के साथ-साथ एक ही समाज से हैं, लेकिन किसी ने भी इस तनातनी को गंभीरता से नहीं किया। रविवार को शाम को दोनों पक्ष फिर से आमने सामने आ गए। जिसके चलते मामूली कहासुनी हिंसक खूनी संघर्ष के रूप में सामने आई। जिसमें हुई फायरिंग में आनंद की मौके पर ही मौत हो गई। और तीन अन्य युवक घायल हो गए। उधर देर रात पुलिस ने बताया कि एक युवक 45 वर्षीय मांगेराम का शव क्षेत्र से ही बरामद किया गया है।


    चंद मिनटों में ही मातम में बदला खुशियां

    गांव में संत शिरोमणि जयंती पर्व को लेकर पिछले कई दिनों से गांव में तैयारियां चल रही थी। पूरे गांव में एक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा था। रविवार को पर्व के मौके पर सुबह से ही लोग मंदिर में पूजा-अर्चना में परिवार सहित जुटे थे। धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। भंडारे में बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचे। पूरे गांव में उत्साह का माहौल था। लेकिन दिन ढलते ही पूरा माहौल मातम में बदल गया।

  • Bihar: केन्द्रीय बजट में बड़ी सौगात… पटना में गंगा तट पर 300 करोड़ की लागत से बनेगा शिप रिपेयर सेंटर

    Bihar: केन्द्रीय बजट में बड़ी सौगात… पटना में गंगा तट पर 300 करोड़ की लागत से बनेगा शिप रिपेयर सेंटर


    पटना।
    पटना (Patna) में गंगा नदी (River Ganges) के किनारे दीघा क्षेत्र (Digha area) में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक जहाज मरम्मत केंद्र (Ship Repair Center) स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय बजट (Union Budget) में इसकी घोषणा के बाद इसका मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए दीघा में कुर्जी के सामने गंगा किनारे पांच एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। केंद्र बनने के बाद जलमार्ग से माल ढुलाई और पर्यटन उद्देश्यों के लिए चलने वाले जहाजों की संख्या बढ़ेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी।


    दूर-दराज से भी जहाज पहुंचेंगे

    वर्तमान में जहाजों की मरम्मत के लिए उन्हें कोलकाता या वाराणसी ले जाना पड़ता है। पटना में सुविधा उपलब्ध होने के बाद अब स्थानीय जहाजों के साथ-साथ दूरदराज से आने वाले जहाजों की मरम्मत भी यहीं की जाएगी। इससे कोलकाता या वाराणसी तक जहाज भेजने और वापस लाने में होने वाले हजारों रुपये के परिवहन खर्च में बचत होगी। साथ ही, केंद्र के खुलने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।


    एक बार में चार जहाज की मरम्मत

    इस नए केंद्र में एक बार में चार जहाजों की मरम्मत की सुविधा होगी। इसके लिए लिफ्ट सिस्टम लगाया जाएगा। जहाज को लिफ्ट से गंगा नदी से उठाकर खुले स्थान पर रखा जाएगा, फिर मरम्मत की जाएगी और कार्य पूरा होने के बाद उसे पुनः पानी में स्थापित किया जाएगा।

    रोजगार और परिचालन के नए अवसर

    वर्तमान में गंगा में लगभग 50-60 छोटे और बड़े जहाज चलते हैं, जिनका परिचालन बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और बंगाल तक होता है। पटना में मरम्मत केंद्र की कमी के कारण सरकारी विभाग और निजी लोग जहाज संचालन में कम रुचि दिखाते थे। केंद्र खुलने के बाद परिवहन और पर्यटन विभाग जहाज परिचालन बढ़ा सकते हैं और निजी कंपनियां भी माल ढुलाई और पर्यटन के लिए जहाज संचालन कर सकती हैं।

  • यूपीआई लेन-देन जनवरी महीने में 28.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर

    यूपीआई लेन-देन जनवरी महीने में 28.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर


    नई दिल्‍ली।
    देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) (Unified Payments Interface – UPI) के जरिए होने वाला लेन-देन (Translations) जनवरी में 28.33 लाख करोड़ रुपये के मूल्य और 21.70 अरब की संख्या के साथ रिकॉर्ड स्तर (Record level.) पर पहुंच गया है।

    भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से रविवार को जारी की गई आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। एनपीसीआई के मुताबिक दिसंबर 2025 में यूपीआई के जरिए लेन-देन का मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये रहा था। मासिक आधार पर लेन-देन के मूल्य में 21 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में औसत दैनिक लेनदेन 70 करोड़ रहा जिसका औसत मूल्य 91,403 करोड़ रुपये था।

    वर्ल्डलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रमेश नरसिम्हन ने में कहा कि यूपीआई की वृद्धि की गति लगातार मजबूत हो रही है। केवल जनवरी में भारतीयों ने 28.33 लाख करोड़ रुपये के 21.7 अरब यूपीआई लेनदेन किए, जो दिसंबर की तुलना में ज्‍यादा है, जो सालाना आधार पर 28 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।

  • सकल जीएसटी संग्रह जनवरी में 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये

    सकल जीएसटी संग्रह जनवरी में 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये


    नई दिल्‍ली।
    अर्थव्‍यस्‍था (Economy) के मोर्चे पर अच्‍छी खबर है। सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्‍व संग्रह (Gross Goods and Services Tax (GST) Revenue Collection) जनवरी महीने में आयात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के दम पर 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

    जीएसटी महानिदेशालय ने रविवार को जारी आंकड़ों में बताया कि जनवरी में शुद्ध माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह में 7.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, कुल ‘रिफंड’ में 3.1 फीसदी की गिरावट आई, यह 22,665 करोड़ रुपये रहा।

    आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में घरेलू लेन-देन से सकल कर संग्रह 4.8 फीसदी बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात राजस्व 10.1 फीसदी बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा। वहीं, इस दौरान तंबाकू उत्पादों से उपकर संग्रह जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी, 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था, जब कार तथा तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था।

    उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं, जिससे सामान सस्ता हो गया। साथ ही, पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व संग्रह पर असर पड़ा है।

  • आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां सीमा शुल्क मुक्त, 3 आयुर्वेदिक एम्स, बनेंगे सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर

    आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां सीमा शुल्क मुक्त, 3 आयुर्वेदिक एम्स, बनेंगे सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने रविवार को लोकसभा (Lok Sabha) में केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026-27) पेश किया। नौवीं बार बजट पेश करते हुए वह संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि, आयकर दाखिल करने में सहूलियत, 7 रेलवे प्रोजेक्ट और तीन नए आयुर्वेदिक एम्स का प्रस्‍ताव बजट भाषण में किया है।

    वित्त मंत्री लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन साल 2026 होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। इसके साथ ही बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं हुआ है।ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इस तरह रक्षा बजट में कुल 15.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रक्षा बजट की खास बात ये है कि हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकीकरण पर पिछले साल के 1.80 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये पूंजीगत खर्च में सीधे 22 फीसदी की बढ़ोतरी है।

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, “मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए मैं 17 दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। सीतारमण ने कहा कि मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के व्यक्तिगत आयात पर आयात शुल्क से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने कहा, “मैं एक खास वन-टाइम उपाय के तौर पर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में योग्य विनिर्माण इकाइयां को घरेलू टैरिफ एरिया में रियायती ड्यूटी दरों पर बिक्री करने की सुविधा देने का प्रस्ताव करती हूं। वित्‍त मंत्री ने कहा कि ऐसी बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक तय अनुपात तक सीमित होगी।”

    वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लोकसभा में पेश करते हुए अपने बजट भाषण में कहा, “रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।” सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा, “मैं लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम, जिसे एलआरएस के नाम से जाना जाता है, के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से टीसीएस दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा, “…सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) के मुकाबले कर्ज का अनुपात जीडीपी का 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है।”

    सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर दी गई बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं। उन्‍होंने कहा क‍ि मैं सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के इंपोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।”

    सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, “केंद्रीय बजट 2026-27 में मैं सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे, जिसमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी शमिल है।”

    सीतारमण ने कहा, “भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं, ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।

    उन्‍होंने कहा कि भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है, ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा, “…मैं भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “…2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं।”

    आधारभूत संरचना पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “…हम 5 लाख से ज्‍यादा आबादी वाले शहरों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे।” सीतारमण ने कहा, “…हाई-वैल्यू, टेक्नोलॉजी-एडवांस्ड सीआईई की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बेहतर बनाने की एक योजना शुरू की जाएगी। इसमें आग बुझाने के उपकरण से लेकर लिफ्ट और टनल बोरिंग मशीन तक शामिल हो सकते हैं।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री कहा, “…मैं चुनौती मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने कहा, “पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए, मैं पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव करती हूं, अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में भी अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा…।”

    केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। उन्‍होंने कहा कि ये उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है, जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं।”

    सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बनाई है और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है। इसके साथ ही हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो। रोज़गार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को यूनिवर्सल सर्विस देने के लिए सुधार किए गए हैं। इन उपायों से लगभग 7 फीसदी की हाई ग्रोथ रेट मिली है और हमें गरीबी कम करने और हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “…हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे।” सीतारमण ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है।

    उन्‍होंने कहा कि कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले। केंद्रीय बजट 2026-27 की फिजिकल कॉपी संसद में लाई गईं।

    सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री सीतारमण को दही-चीनी खिलाई। राष्ट्रपति भवन जाने से पहले सीतारमण ने कर्तव्य भवन स्थित अपने कार्यालय के सामने अपने बजट दल के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। निर्मला सीतारमण ने 2019 में स्थापित की गई अपनी परंपरा को जारी रखते हुए बजट भाषण को ‘बही-खाते’ में ले जाना जारी रखा। ‘ब्रीफकेस’ की परंपरा को छोड़ने के बाद इसकी शुरुआत की गई थी।