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  • नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू


    मुंबई।
    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport) से यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। अब यह हवाई अड्डा 12 घंटे के बजाय पूरे 24 घंटे संचालित (Operated 24 hours) होगा। आज यानी 01 फरवरी से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे विमान सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे पहले यह एयरपोर्ट केवल सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ही कार्यरत था।

    बता दें कि यात्रियों के लिए इसकी शुरुआत 25 दिसंबर से की गई थी। शुरुआत में सीमित समय और सीमित उड़ानों के साथ परिचालन शुरू किया गया था, लेकिन अब परिचालन समय बढ़ाए जाने से उड़ानों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र पर हवाई यातायात का दबाव भी कम होगा।


    प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही

    हालांकि फिलहाल देर रात और आधी रात की उड़ानों का आधिकारिक शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जल्द ही मध्यरात्रि की सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। वर्तमान समय में नवी मुंबई एयरपोर्ट से आखिरी उड़ान रात 9 बजकर 50 मिनट पर रवाना होती है, जबकि पहली उड़ान सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर संचालित की जाती है। 24 घंटे की अनुमति मिलने के बाद एयरलाइंस कंपनियां अपने स्लॉट्स धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

    विमानन उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मार्च के अंत में जब एयरलाइंस का समर शेड्यूल लागू होगा, तब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। फिलहाल जहां प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही हो रही है, वहीं अप्रैल महीने तक यह संख्या बढ़कर 20 प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।


    सिर्फ 19 दिनोंमें एक लाख यात्रियों ने किया सफर

    अभी तक एयरपोर्ट पर केवल दो अतिरिक्त विमानों को शामिल किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों और हफ्तों में कई विमानन कंपनियां नवी मुंबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती हैं। इससे घरेलू के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रास्ते भी खुलेंगे। नवी मुंबई एयरपोर्ट ने 12 जनवरी को एक अहम परिचालन उपलब्धि भी हासिल की थी। एयरपोर्ट के शुरू होने के महज 19 दिनों के भीतर ही एक लाख यात्रियों ने यहां से सफर किया था, जो इसकी लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।

    देश के विमानन ढांचे को करेगा मजबूत
    वैश्विक स्तर पर अगर देखा जाए तो यूरोप और अमेरिका में कई हवाई अड्डों पर रात के समय उड़ानों पर प्रतिबंध होता है। आमतौर पर शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वहां रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक एयरपोर्ट बंद रहते हैं। इस दौरान यदि कोई यात्री फंस जाता है तो उसे टर्मिनल छोड़ना पड़ता है। इसके विपरीत भारत के प्रमुख हवाई अड्डे 24 घंटे खुले रहते हैं, जिससे यात्रियों को रात के समय भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध होता है। नवी मुंबई एयरपोर्ट का 24×7 संचालन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो यात्रियों की सुविधा, एयरलाइंस की क्षमता और देश के विमानन ढांचे को मजबूत करेगा।

  • रिक्शा चालक पिता की बेटी से अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टार तक, अनुराधा देवी थोकचोम की संघर्ष और स्वर्णिम सफलता की कहानी

    रिक्शा चालक पिता की बेटी से अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टार तक, अनुराधा देवी थोकचोम की संघर्ष और स्वर्णिम सफलता की कहानी

    नई दिल्ली। मणिपुर बीते कुछ वर्षों में भारतीय खेल जगत का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। इस छोटे से राज्य ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अपने जज्बे और मेहनत से भारत का नाम रोशन किया। इन्हीं नामों में एक है अनुराधा देवी थोकचोम, जिन्होंने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय महिला हॉकी में अपनी अलग पहचान बनाई। अनुराधा न सिर्फ एक बेहतरीन खिलाड़ी रहीं, बल्कि उनकी जिंदगी की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।

    गरीबी से निकला हौसले का सफर
    अनुराधा देवी थोकचोम का जन्म 2 फरवरी 1989 को मणिपुर के तौबुल गांव में हुआ। उनके पिता थोकचोम चुरामणि पेशे से रिक्शा चालक थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण थी। खेती और मछली पालन से जुड़े इस परिवार में तीन बच्चे थे। बड़े भाई फुटबॉल खेलते थे और खेल का माहौल घर में पहले से मौजूद था। हालांकि मणिपुर में फुटबॉल ज्यादा लोकप्रिय रहा है, लेकिन अनुराधा ने बहुत कम उम्र में हॉकी को अपना सपना बना लिया।

    हॉकी स्टिक से बदली किस्मत
    भाई-बहनों के मार्गदर्शन और अपने जिद्दी इरादों के चलते अनुराधा ने हॉकी स्टिक थामी। उन्होंने तोबुल यूथ क्लब से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में इम्फाल स्थित पोस्टीरियर हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण लिया। संसाधनों की कमी के बावजूद उनका अनुशासन और मेहनत जल्द ही रंग लाने लगी और वे राज्य स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गईं।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकी अनुराधा
    2006 में महिला हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के जरिए अनुराधा ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया। फॉरवर्ड के रूप में खेलते हुए उन्होंने भारतीय टीम के लिए 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। 2014-15 महिला हॉकी वर्ल्ड लीग में उनके शानदार प्रदर्शन की खूब सराहना हुई, जहां भारत ने पांचवां स्थान हासिल कर रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। 2016 के रियो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम की 36 साल बाद वापसी में भी अनुराधा टीम का अहम हिस्सा रहीं।

    एशिया में पदक, करियर का स्वर्णिम अध्याय
    अनुराधा 2013 क्वालालंपुर एशिया कप में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं। इसके बाद 2016 में सिंगापुर में आयोजित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम में शामिल होकर उन्होंने अपने करियर को यादगार बना दिया। इसी ऐतिहासिक जीत के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया।

    खेल के बाद नई जिम्मेदारी
    हॉकी को अलविदा कहने के बाद अनुराधा देवी थोकचोम वर्तमान में भारतीय रेलवे के लिपिक विभाग में कार्यरत हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो गरीबी भी प्रतिभा की राह नहीं रोक सकती। अनुराधा आज भी मणिपुर और देश की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

  • सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एम्स जोधपुर में हुई विशेषज्ञ जांच, मेडिकल रिपोर्ट तलब

    सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एम्स जोधपुर में हुई विशेषज्ञ जांच, मेडिकल रिपोर्ट तलब


    नई दिल्ली । जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट के निर्देश पर शनिवार सुबह कड़ी पुलिस सुरक्षा में सोनम वांगचुक को एम्स जोधपुर ले जाया गया, जहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में उनकी करीब डेढ़ घंटे तक विस्तृत चिकित्सकीय जांच की गई। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से पेट दर्द, गैस और गैस्ट्रो से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं और सामान्य इलाज से उनकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है।

    सोनम वांगचुक 27 सितंबर 2025 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि जेल में उपलब्ध खराब गुणवत्ता वाले पानी के कारण उनके मुवक्किल की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि वांगचुक को लगातार पेट से जुड़ी परेशानियां हो रही हैं और जेल में दिया जा रहा सामान्य इलाज उनकी बीमारी के लिए पर्याप्त नहीं है।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए थे कि सोनम वांगचुक को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर, विशेष रूप से गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट को दिखाया जाए। इसी आदेश के तहत शनिवार को उन्हें एम्स जोधपुर ले जाया गया। एम्स सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया और जरूरी मेडिकल टेस्ट किए। जांच के बाद उन्हें वापस जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

    गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को शुक्रवार को भी मेडिकल जांच के लिए एम्स जोधपुर लाया गया था। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक जांचें की थीं। अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट 2 फरवरी तक अदालत में पेश की जाए, ताकि आगे की कार्रवाई उसी रिपोर्ट के आधार पर तय की जा सके।

    यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की पत्नी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि वांगचुक की सेहत लगातार गिरती जा रही है और जेल की मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाएं उनकी बीमारी के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि कैदियों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता और जरूरत पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध कराना जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    इससे पहले हुई सुनवाई में जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने जेल अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया था कि सोनम वांगचुक की जांच गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से कराई जाए। राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कोर्ट को बताया था कि पिछले चार महीनों में जेल के डॉक्टरों द्वारा सोनम वांगचुक की 21 बार जांच की जा चुकी है और 26 जनवरी को भी उनकी मेडिकल जांच हुई थी। हालांकि कपिल सिब्बल ने इस दलील पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि सामान्य जांच पर्याप्त नहीं है क्योंकि समस्या की जड़ जेल का खराब पानी है। अब सभी की निगाहें सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा और जिसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

  • Budget 2026: निर्मला सीतारमण के एक के बाद एक बड़े ऐलान, जानिए किस सेक्टर को मिला क्या?

    Budget 2026: निर्मला सीतारमण के एक के बाद एक बड़े ऐलान, जानिए किस सेक्टर को मिला क्या?


    नई दिल्ली । संसद के भीतर जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया, देश की अर्थव्यवस्था की दिशा पर सबकी नजरें टिक गईं। बजट 2026 में उन्होंने एक के बाद एक ऐसे ऐलान किए, जिनका असर सीधे आम आदमी से लेकर उद्योग, स्टार्टअप, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तक दिखने वाला है। कहीं मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार देने की बात हुई, तो कहीं शहरों को आर्थिक हब बनाने का रोडमैप सामने आया। आइए, बजट 2026 के बड़े ऐलानों पर नजर डालते हैं।
    बायोफॉर्मा शक्ति मिशन की शुरुआत: सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ बायोफॉर्मा शक्ति पहल शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका मकसद देश की बायोफार्मा क्षमताओं को नई मजबूती देना है।
    हाईटेक टूल रूम और माइनिंग कॉरिडोर: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि दो अत्याधुनिक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही केरल और तमिलनाडु में नए माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
    इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके तहत तकनीकी क्षमता बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए उद्योग के नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर खास फोकस रहेगा।
    चार राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज संपन्न राज्यों में समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि दुर्लभ मृदा खनिजों और स्थायी चुम्बकों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
    SME ग्रोथ फंड का ऐलान: छोटे और मझोले उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए बजट 2026 में 10,000 करोड़ रुपये का विशेष SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन होगा और चयनित मानदंडों पर खरे उतरने वाले MSME को प्रोत्साहन मिलेगा।

  • मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के बंगले के बाहर फायरिंग… जांच में जुटी पुलिस, भारी सुरक्षाबल तैनात

    मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के बंगले के बाहर फायरिंग… जांच में जुटी पुलिस, भारी सुरक्षाबल तैनात


    मुम्बई।
    बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक (Famous Bollywood Producer-Director) रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के जुहू (Juhu) स्थित आवास के बाहर फायरिंग की खबर सामने आ रही है। इस खबर ने हर तरफ हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, उनके घर के बाहर चार राउंड फायरिंग (Four Rounds Firing) की गई है। फायरिंग की खबर सामने आते ही मुंबई पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल, पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ रोहित के घर के बाहर पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।


    अज्ञात हमलावरों ने की चार राउंड फायरिंग

    रोहित शेट्टी के करीबी ने बताया कि उनके घर के बाहर से एक अज्ञात शख्स ने गोलीबारी की और मौके से भाग निकला। मुंबई पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि रोहित शेट्टी के घर के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की। इसके बाद जुहू में रोहित शेट्टी के घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राहत की राहत की बात यह है कि इस गोलीबारी में अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है।


    इस घटना से फैंस परेशान

    बता दें कि फिलहाल अभी तक पता नहीं चला कि आखिरकार डायरेक्टर के घर के बाहर फायरिंग क्यों और किस वजह से की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने सेलिब्रिटीज की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर अपना ध्यान खींचा है। वहीं, दूसरी तरफ फैंस इस घटना से काफी परेशान हैं। वहीं, अभी तक रोहित शेट्टी या उनके परिवार की तरफ से इस पूरे मामले को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

  • Budget से पहले 50 रुपये महंगा हुआ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू के दाम में कोई बदलाव नहीं

    Budget से पहले 50 रुपये महंगा हुआ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू के दाम में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली।
    आज बजट (Budget) से पहले ही LPG सिलेंडर के उपभोक्ताओं को झटका लगा है। कॉमर्शियल एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर (Commercial LPG (Liquefied Petroleum Gas) Cylinders) और घरेलू सिलेंडर (Domestic Cylinder.) के रेट आज 1 फरवरी 2026 अपडेट हुए हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के उपभोक्ताओं को दिल्ली से पटना तक करीब 50 रुपये का तेज झटका लगा है। जबकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज से 1691.50 रुपये की जगह 1740.50 में मिलेगा। कोलकाता में पहले 1795 रुपये का था और अब 1844.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर अब 1642.50 की जगह 1692 रुपये में मिलेगा। चेन्नई में अब आज से कॉमर्शियल सिलेंडर 1899.50 रुपये में मिलेगा पहले यह 1849.50 रुपये का था।


    घरेलू एलपीजी के रेट

    भारत में इंडियन ऑयल के डेटा के आधार पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की बात करें तो आज 14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में ₹853 में मिल रहा है। जबकि, पटना में इसकी कीमत ₹951 है। मुंबई में ₹852.50 और लखनऊ में ₹890.50 में मिल रहा है। कारगिल में ₹985.5, पुलवामा में ₹969, बागेश्वर में ₹890.5 का है।


    बजट डे पर कैसे रहा है ट्रेंड

    – इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 5 साल में बजट के दिन घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। जबकि, कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े और घटे भी हैं।
    – 2022 में बजट डे के दिन 1 फरवरी को कॉमर्शियल सिलेंडर के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली थी। इस दिन दिल्ली में 19 किलो वाला नीला सिलेंडर 91.50 रुपये, कोलकाता में 89 रुपये, मुंबई में 91.50 रुपये और चेन्नई में 91 रुपये सस्ता हुआ था।
    – 2023 में न तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट बदले और न ही कॉमर्शियल के।
    – 2024 में बजट डे के दिन घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं की जेब पर तो कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को 18 रुपये तक झटका लगा था।
    – 2025 में बजट डे के दिन कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं को ऊंट के मुंह में जीरा जितनी राहत मिली। सिलेंडर के दाम महज 6.50 रुपये कम हुए।

  • चावल व्यापारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी जारी, अबतक 4.50 करोड़ रुपये जब्त

    चावल व्यापारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी जारी, अबतक 4.50 करोड़ रुपये जब्त


    रांची।
    आयकर विभाग (Income Tax Department) की अनुसंधान शाखा की तीसरे दिन शनिवार को भी छापेमारी जारी है। अधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि चावल व्यापारियों (Rice Traders) के अंतरराज्यीय ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 4.50 करोड़ रुपये जब्त किया गया है। छापेमारी में मिले जेवरात के मूल्यांकन और जांच का काम अभी जारी है। साथ ही बाबा ग्रुप की फैक्टरी, मकान सहित अन्य अचल संपत्तियों के मूल्यांकन का काम अभी भी जारी है।

    चावल व्यापारियों के ठिकानों पर 29 जनवरी को शुरु हुई छापेमारी तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। छापेमारी के दौरान मिली कैश राशि के सिलसिले में संबंधित लोगों का जवाब और पैसों के स्रोत के सिलसिले में दी जानकारी की समीक्षा के बाद कुल 4.50 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।

    इसमें से दो करोड़ रुपये बाबा ग्रुप से जुड़े आढ़तियों (कमीशन एजेंट) के ठिकानों से जब्त किए गए हैं। शेष 2.50 करोड़ रुपए बाबा एग्रो फुड और बाबा फुड प्रोसेसिंग से जुड़े लोगों के ठिकानों से जब्त किए गए हैं।

    छापेमारी के दौरान मिले कच्चा व्यापार से जुड़े दस्तावेज की जांच फिलहाल जारी है। कच्चे दस्तावेज से कितने का व्यापार किया गया है, इसका अब तक आकलन नहीं हो सका है। कच्चे व्यापार से जुड़े कागजात का विश्लेषण करने के बाद इसकी पूरी जानकारी मिल सकेगी। छापेमारी के दायरे में शामिल बाबा ग्रुप की फैक्टरी, मकान और जमीन सहित कुल 10 अचल संपत्तियों के मूल्यांकन का काम भी अभी जारी है। 29 जनवरी को शुरु हुई छापेमारी के अभी और जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

    उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने गत 29 जनवरी को बाबा एग्रो, बाबा फुड प्रोसेसिंग के अलावा चावल के आढ़तिया (कमीशन एजेंट) के कुल 45 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। वर्ष 2026 में आयकर विभाग की और से की जाने वाली यह पहली छापेमारी है। यह कार्रवाई व्यापारियों की ओर से अपनी वास्तविक आमदनी छिपाकर टैक्स चोरी करने के मामले में की जा रही है।

  • पाकिस्तान ने रिहा किए सात भारतीय नागरिक, अटारी बाघा बार्डर से पहुंचे भारत

    पाकिस्तान ने रिहा किए सात भारतीय नागरिक, अटारी बाघा बार्डर से पहुंचे भारत


    चंडीगढ़।
    पाकिस्तान (Pakistan) ने शनिवार को सात भारतीय नागरिकों (7 Indian Citizens) को रिहा कर दिया। सातों भारतीय नागरिकों ने अटारी-बाघा सीमा (Attari-Wagah border) के रास्ते भारत में प्रवेश किया। भारतीय सीमा में आने के बाद सभी नागरिकों की जांच प्रक्रिया के बाद परिजनों के हवाले किया जाएगा।

    दस्तावेज के मुताबिक, यह निर्णय पाकिस्तान के गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल मंत्रालय, इस्लामाबाद के परामर्श से लिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार की ओर से संबंधित कैदियों की भारतीय नागरिकता की पुष्टि कर दी गई है और सभी कैदी अपनी-अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं। इसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

    पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गृह विभाग की ओर से जारी आदेशों के बाद इन भारतीयों को शनिवार को अटारी बॉर्डर के रास्ते सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवाले किया गया। यह सभी लाहौर की केंद्रीय जेल में बंद थे। रिहा किए जा रहे भारतीय नागरिकों में चंदर सिंह उर्फ छिंदर सिंह, गुरमीत सिंह उर्फ गुरमेज सिंह, जोगिंदर सिंह, हरविंदर सिंह, विशाल, रतन पाल और सुनील आदे उर्फ प्रसंजीत शामिल हैं। ये सभी लाहौर की केंद्रीय जेल में बंद थे।

    भारतीय सीमा में आने के बाद सभी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की गई है। इसके अलावा इन सभी के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बयान दर्ज होने के बाद जरूरत व परिस्थितियों के अनुसार बॉडी स्कैनिंग भी जा सकती है। पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सभी नागरिकों को संबंधित क्षेत्रों की पुलिस के माध्यम से परिजनों को सौंपा जाएगा।

  • गोयल ने सूडान के विदेश मंत्री से की मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

    गोयल ने सूडान के विदेश मंत्री से की मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शनिवार को नई दिल्‍ली (New Delhi) में सूडान के विदेश मंत्री मोहिएल्डिन सलीम अहमद इब्राहिम (Sudan’s Foreign Minister Mohyeldin Salim Ahmed Ibrahim) के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।

    केंद्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट में बताया, सूडान के विदेश मंत्री मोहिएल्डिन सलीम अहमद इब्राहिम के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई। साझा मूल्यों और आपसी सम्मान के माध्यम से भारत-सूडान संबंधों को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

    वाणिज्‍य मंत्री ने बताया कि हमने दोनों देशों के लिए विकास और प्रगति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टेक्नोलॉजी, खनन, सतत विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग के नए अवसरों का पता लगाया।

  • एयरबस को भारत के पहले एच175 हेलीकॉप्‍टर के लिए मिला ऑर्डर

    एयरबस को भारत के पहले एच175 हेलीकॉप्‍टर के लिए मिला ऑर्डर


    नई दिल्‍ली।
    फ्रांस की कंपनी एयरबस कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर्स (French company Airbus Corporate Helicopters) को एक निजी भारतीय ग्राहक (Private Indian Customers) से तीन हेलीकॉप्टर के ऑडर्र मिले हैं। इसमें एक एच175 हेलीकॉप्‍टर और दो एसीएच160 हेलीकॉप्टर शामिल है। हालांकि, इसकी कीमत की जानकारी कंपनी ने साझा नहीं किया है।

    एयरबस कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर्स ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसने एक निजी भारतीय ग्राहक के साथ दो एसीएच 160 हेलीकॉप्टर और एक एच175 हेलीकॉप्‍टर के लिए ऑर्डर साइन किया है। यह ऑपरेटर पहले से ही एसीएच 160 का ग्राहक है, जो भारत का पहला एच175 हेलीकॉप्‍टर ग्राहक बनेगा।

    कंपनी ने बताया कि भारतीय सिविल मार्केट में सुपर-मीडियम ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर की एंट्री के साथ एच175 हेलीकॉप्टर 16-सीट कॉन्फ़िगरेशन में आएगा। इसकी डिलीवरी 2026 में होने वाली है। वहीं, दो एसीएच160 हेलीकॉप्टर ग्राहक की जरूरतों के हिसाब से खास तौर पर कॉन्फ़िगर किए जाएंगे, जो 2027 में डिलीवर किए जाएंगे।

    भारत और दक्षिण एशिया में एयरबस हेलीकॉप्टर्स कंपनी के हेड सनी गुगलानी ने कहा, “दो एसीएच160 के लिए यह रिपीट ऑर्डर और एक भारतीय ग्राहक द्वारा पहला एच175 ऑर्डर देश में सिविल हेलीकॉप्टर मार्केट की बढ़ती मेच्योरिटी को दिखाता है। दोनों हेलीकॉप्टर पैसेंजर ट्रांसपोर्ट के लिए एकदम सही हैं और बेहतर परफॉर्मेंस और शानदार आराम देते हैं। गुगलानी ने कहा क‍ि हम ग्राहक को उनकी पसंद के लिए बधाई देते हैं और हमारे प्रोडक्ट्स पर भरोसा दिखाने के लिए उनका धन्यवाद करते हैं।

    एयरबस कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर्स का विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया, एसीएच160 पावर और एलिगेंस का एक शानदार कॉम्बिनेशन है। अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस, एसीएच160 बिज़नेस लीडर्स को समय और दूरी की बाधाओं को दूर करने में मदद करता है, जिससे वे सही समय पर, सही जगह पर महत्वपूर्ण फैसले ले पाते हैं। वहीं, सुपर मीडियम एच175 अपनी वर्सेटिलिटी, रेंज और पेलोड क्षमताओं के साथ एयरबस हेलीकॉप्टर्स के सिविल पोर्टफोलियो को पूरा करता है। अपनी क्लास में सबसे कम वाइब्रेशन और साउंड सिग्नेचर, और एडवांस्ड हेलियोनिक्स सेफ्टी सिस्टम के साथ, एच175 पैसेंजर ट्रांसपोर्ट के लिए असाधारण आराम और सुरक्षा देता है।