Category: National

  • हरिद्वार: अचानक धंसी सड़क, पैदल जा रही महिला गड्ढे में गिरी, तत्काल रेस्क्यू से बची जान

    हरिद्वार: अचानक धंसी सड़क, पैदल जा रही महिला गड्ढे में गिरी, तत्काल रेस्क्यू से बची जान


    हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब शहर के व्यस्त ललताराव पुल के समीप अचानक सड़क धंस गई। उसी समय वहां से गुजर रही एक महिला देखते ही देखते बने गहरे गड्ढे में गिर गई। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला सामान्य रूप से सड़क पर चल रही थी और सड़क पूरी तरह सुरक्षित दिखाई दे रही थी। लेकिन जैसे ही वह एक स्थान पर पहुंची, अचानक जमीन धंस गई और वह सीधे गड्ढे में जा गिरी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बचाव होने से बड़ा हादसा टल गया।

    नीचे से गुजर रही थीं गैस पाइपलाइन और बिजली की लाइनें
    जानकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर सड़क धंसी, उसके नीचे सीवर लाइन, गैस पाइपलाइन और हाई-टेंशन अंडरग्राउंड बिजली की केबलें बिछी हुई हैं। यदि इस घटना के दौरान गैस रिसाव या बिजली से जुड़ी कोई दुर्घटना होती, तो हालात कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।

    कांवड़ मेले के दौरान बढ़ी चिंता
    यह घटना ऐसे समय हुई है जब हरिद्वार में कांवड़ मेले के चलते भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ललताराव पुल का यह मार्ग हर की पौड़ी आने-जाने वाले कांवड़ियों का प्रमुख रास्ता माना जाता है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सड़क धंसने की इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों और सड़क की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • कल से मॉनसून पकड़ेगा रफ्तार…. अगस्त में होगी झमाझम बारिश, कई राज्यों में अलर्ट

    कल से मॉनसून पकड़ेगा रफ्तार…. अगस्त में होगी झमाझम बारिश, कई राज्यों में अलर्ट

    नई दिल्ली। मॉनसून (Monsoon) की रफ्तार अगस्त के पहले हफ्ते में और तेज होने वाली है. मौसम विभाग यानी आईएमडी (IMD) के मुताबिक देश में बारिश (Rain) की कमी घटकर 14 फीसदी रह गई है, जो पिछले हफ्तों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति है. महाराष्ट्र (Maharashtra) के ऊपर बना गहरा दबाव इस सीजन का सबसे मजबूत मौसमी सिस्टम बन गया है और अरब सागर (Arabian Sea) और बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से भारी मात्रा में नमी खींच रहा है।

    इसी बीच गुजरात, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. गुजरात में सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है, अहमदाबाद में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, वहीं दिल्ली, गुरुग्राम, अलवर, बुलंदशहर, लुधियाना और बिहार में जलभराव और कटाव से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं. जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार यानि आज के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है।

    आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में मॉनसून कमजोर पड़ने की बजाय और मजबूत होने जा रहा है. मध्य भारत और उत्तर पश्चिम भारत में अब सामान्य बारिश दर्ज हो रही है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत में अब भी कमी बनी हुई है।

    महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पिछले हफ्ते बारिश में साफ सुधार देखा गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में जल्द ही नए कम दबाव के क्षेत्र बनने की उम्मीद है, जिससे अगस्त की शुरुआत में भी बारिश का दौर जारी रहेगा. अगर यही रुझान बना रहा तो जलाशयों में पानी बढ़ेगा और खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा।

    गुजरात में 31 जुलाई से 2 अगस्त तक 13 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. अहमदाबाद में रेड अलर्ट जारी करते हुए स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. सूरत, वडोदरा, भावनगर, भरूच, आणंद, नर्मदा, तापी, डांग, छोटा उदयपुर, पंचमहल, दाहोद और महिसागर में भी हाई अलर्ट है।

    गांधीनगर में अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जयंती रवि ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा की और सभी अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. हर जिले में 24 घंटे कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं. जरूरत पड़ने पर सेना, नौसेना और वायुसेना को भी राहत कार्य के लिए तैयार रखा गया है।

    हिमाचल प्रदेश में भी 27 जुलाई से 1 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा. ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला में 31 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. राज्य में जुलाई महीने में बारिश लगभग सामान्य रही है, हालांकि हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।

    दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से ओखला बैराज के चार गेट खोल दिए गए हैं. गुरुग्राम में साइबर सिटी में जलभराव को लेकर लापरवाही बरतने पर जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया और ठेकेदार पर भारी जुर्माना लगाया गया है।

    अलवर में भिवाड़ी-अलवर बाइपास पर एक बस पानी में फंस गई, जिसे जेसीबी की मदद से निकाला गया. बुलंदशहर में बारिश के दौरान नाले में गिरी छात्रा की तलाश तीसरे दिन भी जारी है. लुधियाना में सड़क धंसने से एक कार गड्ढे में गिर गई, हालांकि किसी को चोट नहीं आई. बिहार के कटिहार में गंगा और कोसी नदी के कटाव से गांव वाले दहशत में हैं और प्रशासन बचाव कार्य में जुटा है।

    जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश का दौर जारी है. लगातार बारिश के कारण शुक्रवार के लिए अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है. पवित्र गुफा के पास अचानक पानी का तेज बहाव देखा गया है।

  • पेपर लीक पर केंद्र का सख्त संदेश, प्रधानमंत्री बोले- नए कानून से परीक्षा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

    पेपर लीक पर केंद्र का सख्त संदेश, प्रधानमंत्री बोले- नए कानून से परीक्षा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में वर्षों से चली आ रही पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद से पारित नए कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सुरक्षित बनाना है, ताकि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि लंबे समय से विभिन्न राज्यों और केंद्र स्तर पर आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, विशेष टास्क फोर्स के गठन और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया जैसे उपायों के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रही है। उनका कहना था कि नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं से किए गए वादे के अनुरूप कठोर प्रावधानों वाला कानून लागू किया है। इससे पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ होगा और ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

    उन्होंने युवाओं से विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और विकसित भारत के निर्माण में उनकी प्रतिभा एवं परिश्रम को सुरक्षित रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

  • एयरपोर्ट अथॉरिटी में निकली बंपर भर्ती अनुभवी उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका 6 अगस्त से पहले करें आवेदन

    एयरपोर्ट अथॉरिटी में निकली बंपर भर्ती अनुभवी उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका 6 अगस्त से पहले करें आवेदन


    नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र में प्रतिष्ठित नौकरी की तलाश कर रहे अनुभवी पेशेवरों के लिए बेहतरीन अवसर सामने आया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एडसिल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से संविदा आधार पर सीनियर कंसल्टेंट और कंसल्टेंट सहित कुल 10 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित योग्यता के साथ 6 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती उन अभ्यर्थियों के लिए खास है जो कानून मीडिया कंटेंट राइटिंग ग्राफिक डिजाइन वीडियो एडिटिंग और क्लिनिकल साइकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अनुभव रखते हैं।

    इस भर्ती के तहत सीनियर कंसल्टेंट के छह और कंसल्टेंट के चार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। सीनियर कंसल्टेंट के पदों में कॉर्पोरेट मुख्यालय नई दिल्ली और उत्तरी क्षेत्र के कार्यालयों के लिए नियुक्तियां होंगी। वहीं कंसल्टेंट के पदों में कंटेंट राइटर ग्राफिक डिजाइनर वीडियो एडिटर और उत्तरी क्षेत्र के लिए क्लिनिकल साइकोलॉजी विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी।

    ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 जुलाई से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 अगस्त निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

    शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सीनियर कंसल्टेंट के लिए उम्मीदवार के पास कानून की प्रोफेशनल डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण की पात्रता भी होनी चाहिए। कुछ पदों के लिए क्लिनिकल साइकोलॉजी में एमफिल और वैध आरसीआई लाइसेंस अनिवार्य रखा गया है।

    कंटेंट राइटर पद के लिए मास कम्युनिकेशन जर्नलिज्म या इंग्लिश लिटरेचर में डिग्री अथवा संबंधित विषय में मास्टर डिग्री मांगी गई है। ग्राफिक डिजाइनर पद के लिए मल्टीमीडिया एनिमेशन विजुअल कम्युनिकेशन या संबंधित क्षेत्र में डिग्री या एडवांस डिप्लोमा आवश्यक है। वीडियो एडिटर पद के लिए फिल्म प्रोडक्शन मीडिया स्टडीज मास कम्युनिकेशन या विजुअल आर्ट्स से संबंधित योग्यता निर्धारित की गई है।

    इन सभी पदों के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं बल्कि संबंधित क्षेत्र में पांच से दस वर्ष का व्यावसायिक अनुभव भी जरूरी है। अधिकतम आयु सीमा पद के अनुसार 40 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

    चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और अनुभव पर आधारित होगी। सबसे पहले उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। इसके बाद व्यक्तिगत साक्षात्कार आयोजित होगा और अंत में दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सफल अभ्यर्थियों को पद के अनुसार प्रति माह लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए से लेकर 1 लाख 50 हजार रुपए तक का वेतन दिया जाएगा।

    एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की यह भर्ती उन पेशेवरों के लिए शानदार अवसर है जो अपने अनुभव के आधार पर प्रतिष्ठित संस्थान में कार्य करना चाहते हैं। आकर्षक वेतन बेहतर कार्य वातावरण और राष्ट्रीय स्तर की संस्था में काम करने का मौका इस भर्ती को और भी खास बनाता है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों को अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

  • कंगना रनौत के बयान पर झांसी में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, उठाई माफी की मांग

    कंगना रनौत के बयान पर झांसी में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, उठाई माफी की मांग

    झांसी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत की कथित टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को झांसी में महिला कांग्रेस ने कचहरी चौराहा पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

    महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष आसिया सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि भाजपा विरोध और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन छात्रों के आंदोलन को अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है।

    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों से देशभर के कई छात्र मानसिक रूप से प्रभावित हुए हैं और कुछ ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया। ऐसे समय में आंदोलनरत छात्रों के संघर्ष का मजाक उड़ाना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

    प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कंगना रनौत से देश के विद्यार्थियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सांसद अपने बयान पर माफी नहीं मांगती हैं तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक किया जाएगा। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

  • फिरोजाबाद में फ्लोराइड का कहर: गर्भ से नवजात तक असर, हर महीने 2 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण की चपेट में

    फिरोजाबाद में फ्लोराइड का कहर: गर्भ से नवजात तक असर, हर महीने 2 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण की चपेट में


    फिरोजाबाद। फिरोजाबाद जिले में भूजल में बढ़ते फ्लोराइड का असर अब नवजातों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फ्लोराइडयुक्त पानी के सेवन से गर्भवती महिलाओं में कैल्शियम की कमी बढ़ रही है, जिससे कम वजन और कुपोषित बच्चों का जन्म हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिले में हर महीने औसतन दो हजार से अधिक बच्चे कुपोषण का शिकार मिल रहे हैं।

    जिला बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में 2,354 बच्चे कुपोषित और 559 बच्चे अति कुपोषित पाए गए। वहीं जून में यह संख्या क्रमशः 2,542 और 667 दर्ज की गई थी।

    351 गांवों का भूजल फ्लोराइड से प्रभावित
    जल जीवन मिशन के सर्वे के अनुसार, जिले के 790 गांवों में से 351 गांवों के भूजल में फ्लोराइड की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। कुछ क्षेत्रों में इसकी मात्रा 3 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि सुरक्षित सीमा 1 से 1.5 मिलीग्राम प्रति लीटर मानी जाती है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में टूंडला, नारखी, हाथवंत, एका और जसराना ब्लॉक शामिल हैं। अगस्त 2023 में 2,500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली ‘हर घर नल से जल’ योजना शुरू होने के बावजूद अब तक प्रभावित क्षेत्रों को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है।

    विशेषज्ञ बोले- फ्लोराइड और पोषण की कमी दोनों जिम्मेदार

    शिकोहाबाद संयुक्त चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के प्रभारी एवं सीएमएस डॉ. रमेश चंद केशव का कहना है कि फ्लोराइडयुक्त पानी गर्भवती महिलाओं के शरीर में कैल्शियम की कमी पैदा करता है, जिससे कमजोर और कम वजन वाले बच्चों का जन्म होता है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार की कमी और जन्म के बाद उचित पोषण न मिलना भी कुपोषण का बड़ा कारण है। वर्तमान में एनआरसी में सात कुपोषित बच्चों का इलाज चल रहा है।

    इलाज से सुधर रही बच्चों की स्थिति
    हाथवंत की निवासी प्रियंका देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में खारा और फ्लोराइडयुक्त पानी मिलता है। उनके बच्चे का जन्म के समय वजन केवल 1.8 किलोग्राम था, जो उपचार के बाद बढ़कर 3.8 किलोग्राम हो गया है। वहीं शिकोहाबाद की संगीता देवी ने बताया कि उनके छह माह के बेटे का जन्म के समय वजन 1.6 किलोग्राम था, जो अब बढ़कर 3.4 किलोग्राम हो चुका है।

    पुष्टाहार वितरण भी बना चुनौती
    जिला बाल विकास एवं पुष्टाहार अधिकारी केसरी नंदन तिवारी ने बताया कि मेन्यू में बदलाव के कारण उत्पादन प्रभावित होने से पुष्टाहार की आपूर्ति बाधित हुई है। नतीजतन आंगनबाड़ी केंद्रों तक जून और जुलाई का पुष्टाहार नहीं पहुंच सका। जिले में 15,036 गर्भवती महिलाओं और 15,520 धात्री माताओं को इसका लाभ मिलना है।

    जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2027
    नमामि गंगे एडीएम मोहनलाल गुप्ता ने बताया कि ‘हर घर नल से जल’ योजना का कार्य दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बजट मिलने के बाद परियोजना पर काम दोबारा शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि फ्लोराइड प्रभावित गांवों में दोबारा पानी की जांच कराकर प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

    सुरक्षित फ्लोराइड की सीमा
    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, पीने के पानी में फ्लोराइड की आदर्श मात्रा 1 मिलीग्राम प्रति लीटर है, जबकि 1.5 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक फ्लोराइड स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। अधिक मात्रा में फ्लोराइड हड्डियों, दांतों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के शारीरिक विकास पर गंभीर असर डाल सकता है।

  • गोरखपुर में खाकी हुई शर्मसार: अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म के बाद की हत्या

    गोरखपुर में खाकी हुई शर्मसार: अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म के बाद की हत्या


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस महकमे को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। पुलिस की वर्दी पहने एक सिपाही ने जिला अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची का कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में हत्या कर शव चिवटहा पुल के नीचे फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की संस्तुति भेजी गई है और उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गोपालगंज निवासी पीड़ित परिवार पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में रह रहा है। बच्ची के पिता ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची। खाना खिलाने के बाद वह रात करीब नौ बजे घर लौटने के लिए निकली, लेकिन घर नहीं पहुंची।

    परिजनों ने काफी तलाश के बाद कोतवाली थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। 39 सेकंड की फुटेज में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक बच्ची से बातचीत करता और फिर उसे बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। जांच में उसकी पहचान सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई।

    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद गुरुवार तड़के चिवटहा पुल के नीचे से बच्ची का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गईं। पुलिस अब वारदात के पूरे घटनाक्रम और हत्या के कारणों की जांच कर रही है।

    एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि बच्ची को दुर्भावनापूर्ण तरीके से अगवा किया गया था। आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी और सेवा से बर्खास्त करने की रिपोर्ट भी भेज दी गई है।

    पांच बहनों में दूसरे नंबर पर थी मासूम
    परिजनों ने बताया कि बच्ची पांच बहनों में दूसरे नंबर की थी। उसकी मां नौ माह की गर्भवती है। बड़ी बहन के अस्पताल में भर्ती होने के कारण वह उसके लिए खाना लेकर गई थी। घर लौटते समय आरोपी सिपाही के संपर्क में आने के बाद वह लापता हो गई, जिसके बाद यह दर्दनाक वारदात सामने आई।

  • कांवड़ यात्रा के चलते मुरादाबाद में आज रात से लागू होगा डायवर्जन, दिल्ली-लखनऊ समेत कई रूटों पर बदलेगा ट्रैफिक

    कांवड़ यात्रा के चलते मुरादाबाद में आज रात से लागू होगा डायवर्जन, दिल्ली-लखनऊ समेत कई रूटों पर बदलेगा ट्रैफिक

    मुरादाबाद। कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुरादाबाद में गुरुवार रात से दिल्ली रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से विस्तृत डायवर्जन योजना लागू होगी। फिलहाल छोटे और चार पहिया वाहनों का आवागमन जारी रहेगा, लेकिन कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर इनके लिए भी वैकल्पिक मार्ग लागू किए जा सकते हैं।

    पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि डायवर्जन व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने के लिए प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह के अनुसार, कांवड़ यात्रा के मद्देनजर हाईवे और कांवड़ मार्ग से जुड़े थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

    इन मार्गों से गुजरेंगे भारी वाहन
    शाहजहांपुर से दिल्ली जाने वाले वाहन बदायूं, बबराला, नरौरा और बुलंदशहर होकर जाएंगे।
    मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले ट्रक और अन्य भारी वाहन संभल, बबराला, नरौरा, बुलंदशहर और हापुड़ के रास्ते भेजे जाएंगे।
    बरेली और रामपुर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिलारी, सिरसी, संभल, चौधरी सराय और गंगा एक्सप्रेस-वे के जरिए निकलेंगे।
    मुरादाबाद से मेरठ और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन गांगन तिराहा, मनोटा, सिरसी, संभल, बबराला, नरौरा, डिबाई, बुलंदशहर और हापुड़ मार्ग का उपयोग करेंगे।
    दिल्ली और गाजियाबाद से रामपुर, बरेली व लखनऊ जाने वाले भारी वाहन हापुड़, सिंभावली, डिबाई, नरौरा और बदायूं होकर गुजरेंगे।
    बिजनौर और हरिद्वार की दिशा में जाने वाले वाहनों को काशीपुर तिराहा, ठाकुरद्वारा, जसपुर, अफजलगढ़ और धामपुर मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि हल्के वाहन टीएमयू और अगवानपुर मार्ग से संचालित होंगे।

    डीजीपी के सामने पेश होगा कांवड़ यात्रा का प्लान
    गुरुवार को बरेली में डीजीपी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया जिले की ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे। प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा और सुचारु यातायात बनाए रखने के लिए व्यापक योजना तैयार की है।

    काशीपुर-रामनगर रूट पर आधी बसें चलेंगी
    31 जुलाई से 24 अगस्त तक लागू रहने वाले डायवर्जन के कारण काशीपुर-रामनगर रूट पर बस संचालन भी प्रभावित रहेगा। सामान्य दिनों में जहां 70 बसें चलती हैं, वहीं इस अवधि में केवल 35 बसों का संचालन होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रामपुर दोराहा से हर 30 मिनट पर बस उपलब्ध रहेगी। कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद 24 अगस्त से सभी बसें पहले की तरह नियमित रूप से संचालित की जाएंगी।

  • 8वीं के छात्र को 200 बार गाली लिखने की सजा, अभिभावकों ने की शिकायत; शिक्षा विभाग ने बैठाई जांच

    8वीं के छात्र को 200 बार गाली लिखने की सजा, अभिभावकों ने की शिकायत; शिक्षा विभाग ने बैठाई जांच


    अंबिकापुर ।
    छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित एक निजी स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र को कथित तौर पर 200 बार ‘मां’ से जुड़ी गाली लिखने की सजा दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद छात्र के अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से शिकायत की है। शिकायत के आधार पर शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, शहर से लगे ग्राम सरगवां स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल में 28 जुलाई को कक्षा आठ के दो छात्रों के बीच विवाद और मारपीट हो गई थी। आरोप है कि इस घटना के बाद कक्षा की शिक्षिका ने एक छात्र को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार गाली लिखने का निर्देश दिया। छात्र ने अपनी कॉपी में कुल 200 बार वही शब्द लिखे। इसके बाद उससे कहा गया कि वह कॉपी घर ले जाकर अपने माता-पिता को दिखाए और उनके हस्ताक्षर करवाकर वापस स्कूल लाए।

    घर पहुंचने पर छात्र के परिजनों ने कॉपी देखी तो वे हैरान रह गए। छात्र के पिता ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि छात्र से कोई गलती हुई थी तो शिक्षक का दायित्व उसे समझाना और सही मार्गदर्शन देना था, न कि इस प्रकार की आपत्तिजनक सजा देना। उन्होंने कहा कि इस तरह की सजा से बच्चे के मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

    मामला सामने आने के बाद छात्र संगठनों ने भी इसकी निंदा करते हुए संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद सहायक संचालक को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस प्रकार की सजा देना उचित नहीं है और शिक्षा विभाग मामले को गंभीरता से देख रहा है।

  • E20 पेट्रोल से खराब हो जाएंगे इन गाड़ियों के कल-पुर्जे…. सरकार ने संसद में दी बड़ी जानकारी

    E20 पेट्रोल से खराब हो जाएंगे इन गाड़ियों के कल-पुर्जे…. सरकार ने संसद में दी बड़ी जानकारी


    नई दिल्ली।
    E20 पर जारी बहस के बीच केंद्र ने इस मुद्दे पर संसद (Parliament) में बड़ी जानकारी दी है। सरकार ने बुधवार को कहा कि एक अप्रैल, 2005 से पेश की गई और वर्ष 2016 से पहले बनी बीएस-थ्री (BS-III) गाड़ियों को ई-20 ईंधन से चलाने पर उसके कुछ रबर पुर्जे बदलने की जरूरत पड़ सकती है।

    राज्यसभा (Rajya Sabha) में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ई-20 ईंधन (E-20 fuel) के इस्तेमाल से गाड़ियों के ‘माइलेज’ पर पड़ने वाले असर को लेकर जताई गई चिंता के बारे में ऑटोमोबाइल कंपनियों और गाड़ियों व इंजन की जांच करने वाली एजेंसियों ने साफ किया है कि गाड़ी का माइलेज सिर्फ ईंधन के प्रकार के अलावा कई अन्य कारकों से भी प्रभावित होता है।


    सरकार ने बताया- स्टडी की गई थी

    गडकरी ने कहा कि दो-पहिया और चार-पहिया गाड़ियों पर ई-20 के असर का पता लगाने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) देहरादून, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) ने मिलकर एक अध्ययन किया था।


    इंजन में बदलाव की जरूरत नहीं

    उन्होंने कहा कि अध्ययन में कार और दो-पहिया गाड़ियों के इंजन में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं पाई गई। उनके अनुसार, इन अध्ययनों से पुष्टि हुई कि पुरानी गाड़ियों के प्रदर्शन में भी कोई खास अंतर नहीं आया और न ही ई-20 इंधन के साथ चलाने पर उनमें कोई असामान्य टूट-फूट देखी गई।

    मंत्री ने कहा कि गाड़ी चलाने में आसानी, स्टार्ट होने की क्षमता (स्टार्टबिलिटी), मेटल के साथ तालमेल (मेटल कम्पैटिबिलिटी) और प्लास्टिक के साथ तालमेल (प्लास्टिक कम्पैटिबिलिटी) जैसे पैमानों पर कोई समस्या नहीं देखी गई।


    इन गाड़ियों में बदलने पड़ सकते हैं रबर पार्ट्स

    उन्होंने कहा, ‘सिर्फ एक अप्रैल, 2005 से पेश की गई और वर्ष 2016 से पहले बनी बीएस-थ्री गाड़ियों के परीक्षण के मामले में, रबर के कुछ पुर्जे और गास्केट को बदलने की जरूरत पड़ सकती है, जिसे गाड़ी की नियमित होने वाली सर्विसिंग के दौरान आसानी से ठीक किया जा सकता है।’


    कंपनियां वारंटी क्लेम देती रहेंगी

    गाड़ी चलाने, स्टार्ट होने की क्षमता, मेटल और प्लास्टिक के साथ तालमेल जैसे पैमानों पर कोई समस्या नहीं देखी गई। साथ ही ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कहा है कि वे ई-20 ईंधन का इस्तेमाल करने वाली गाड़ियों के लिए वारंटी क्लेम देती रहेंगी।

    खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब आने वाले दिनों में करीब 3 बड़े आयोजन ई20 के खिलाफ होने जा रहे हैं। वहीं, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 पेट्रोल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इसके लिए 1 अगस्त को संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया है। जबकि, 4 अगस्त को परिवहन यूनियन संसद तक मार्च की तैयारी में हैं।