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  • पेपर लीक को लेकर सख्त कानून…. 10 साल कैद और 10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान, कल संसद में पेश होगा बिल

    पेपर लीक को लेकर सख्त कानून…. 10 साल कैद और 10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान, कल संसद में पेश होगा बिल


    नई दिल्ली।
    दो साल पुराने पेपर लीक रोधी कानून (Anti-paper leak law) में संशोधन करने के उद्देश्य से एक विधेयक सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किया जायेगा। इस विधेयक में आरोपियों की त्वरित सुनवाई के लिए हर राज्य में त्वरित अदालतें स्थापित करने और सजा को और कड़ा करने का प्रस्ताव किया गया है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के अनुसार प्रश्नपत्र लीक मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी।

    विधेयक को पेश किए जाने से पहले सदस्यों को वितरित की गई इसकी प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। संगठित अपराधों के लिए विधेयक में कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

    मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल तक की कैद का प्रावधान है, जबकि संगठित रूप से धोखाधड़ी और प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के लिए पांच से 10 साल तक की कैद और कम से कम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। यह विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। आमतौर पर किसी विधेयक को एक ही दिन पेश करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध नहीं किया जाता है।

    सरकार ने घोषणा की कि वह प्रस्तावित कानून लेकर आ रही है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई, जब हाल के दिनों में नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों ने जोर पकड़ लिया था। नीट मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले सप्ताह की कार्यवाही बाधित रही। नये विधेयक पर विपक्ष का रुख अभी स्पष्ट नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह आम सहमति के आधार पर कदम उठाएंगे।

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद कॉजपा ने शनिवार को 36 दिनों से जारी प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस विधेयक में 15 अवैध कृत्यों का उल्लेख किया गया है, जिनमें प्रश्नपत्र लीक करना, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ करना, फर्जी वेबसाइट बनाना और फर्जी प्रवेश पत्र जारी करना शामिल हैं।

  • सरकार-CJP वार्ता के बाद दिखी सौहार्द की तस्वीर, JP नड्डा बोले- 'हाथ तो मिलाइए'; गर्मजोशी से हुआ हैंडशेक

    सरकार-CJP वार्ता के बाद दिखी सौहार्द की तस्वीर, JP नड्डा बोले- 'हाथ तो मिलाइए'; गर्मजोशी से हुआ हैंडशेक


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी। समझौते के बाद दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर एक आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP नेताओं से हाथ मिलाकर बातचीत के सकारात्मक माहौल का संदेश दिया।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त होने के बाद जब दोनों पक्ष उठने लगे, तभी जेपी नड्डा ने मुस्कुराते हुए CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका से कहा, “हाथ तो मिलाइए…”। इस पर रांका भी मुस्कुरा दिए और आगे बढ़कर उन्होंने नड्डा से हाथ मिलाया। इसके बाद CJP के दूसरे प्रवक्ता सौरव दास ने भी जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से हाथ मिलाया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।

    20 जून से चल रहा था आंदोलन
    CJP के नेतृत्व में 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन जारी था। आंदोलन में देशभर के हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया और कई विपक्षी दलों ने भी इसका समर्थन किया। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए विवाद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद आंदोलन ने और तूल पकड़ लिया था। इसी दिन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर सरकार और CJP के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई थी। इसके बाद लगातार तीन दौर की बातचीत के जरिए दोनों पक्ष सहमति तक पहुंचे।

    आंदोलन समाप्त करने का ऐलान
    संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से तय समयसीमा में सहमत बिंदुओं को लागू करने के आश्वासन के बाद संगठन आंदोलन वापस ले रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 3 मई के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई है। वहीं, प्रवक्ता आशुतोष रांका ने देशभर के छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की। उनका कहना था कि संगठन की सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बन चुकी है।

    चार सप्ताह बाद होगी समीक्षा बैठक
    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार आंदोलन से जुड़े छात्रों को उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रतियां उपलब्ध कराएगी और भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पांच सूत्रीय मांगों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच चार सप्ताह बाद फिर बैठक आयोजित की जाएगी।

  • राम मंदिर चढ़ावा मामले में नई SIT की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट में 3 IPS अधिकारियों का पैनल पेश करेगी यूपी सरकार

    राम मंदिर चढ़ावा मामले में नई SIT की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट में 3 IPS अधिकारियों का पैनल पेश करेगी यूपी सरकार


    लखनऊ। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन मामले की सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार नई विशेष जांच टीम (SIT) के गठन के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

    सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित एसआईटी में लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस, अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर को शामिल करने का प्रस्ताव है। इन नामों पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा।

    इससे पहले गठित एसआईटी में लखनऊ मंडल के तत्कालीन कमिश्नर विजय विश्वास पंत और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार शामिल थे। अब उनकी जगह दो आईपीएस अधिकारियों को शामिल करने की तैयारी की गई है।

    पहले भी हुई थी कार्रवाई
    राम मंदिर में चढ़ावे के आभूषणों के कथित गबन की शिकायत के बाद यूपी सरकार ने एसआईटी से जांच कराई थी। जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। इसी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के एक अन्य पदाधिकारी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

    पुराने पहचान पत्रों से फिर मिलेगी एंट्री
    इस बीच मंदिर प्रशासन ने निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए एक अंतरिम फैसला लिया है। हाल ही में अमान्य किए गए चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पुराने पहचान पत्र और प्रवेश पास फिलहाल दोबारा मान्य कर दिए गए हैं। नई पास व्यवस्था लागू होने तक अधिकृत कर्मचारी, इंजीनियर और तकनीकी अधिकारी इन्हीं पहचान पत्रों के आधार पर मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।

    निर्माण कार्य प्रभावित होने के बाद लिया गया फैसला
    ट्रस्ट के नेतृत्व में बदलाव के बाद पुराने पहचान पत्रों पर रोक लगा दी गई थी, जिससे मंदिर निर्माण से जुड़ी एजेंसियों के कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश में दिक्कतें आने लगी थीं। एलएंडटी, टाटा, इंडिया इंजीनियर्स लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम जैसी संस्थाओं के इंजीनियरों और कर्मचारियों के काम पर भी इसका असर पड़ा। मंदिर परिसर में चारदीवारी, संग्रहालय, ट्रस्ट कार्यालय और विश्राम गृह सहित कई परियोजनाओं का कार्य बाधित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल पुराने पासों को अस्थायी रूप से फिर से वैध करने का निर्णय लिया है।

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह बोले- BJP में पद नहीं, देश और छात्रों का हित सर्वोपरि

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह बोले- BJP में पद नहीं, देश और छात्रों का हित सर्वोपरि


    नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में किसी भी पद से अधिक महत्व देश, युवाओं और विद्यार्थियों के हित का है। उन्होंने कहा कि प्रधान का इस्तीफा इसी सोच और संगठन की कार्यशैली का प्रतीक है।

    अमित शाह ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्र, युवा पीढ़ी और छात्र हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सिद्धांत को दर्शाता है।

    छात्रों के हित में लिया गया फैसला
    धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों और NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि यह निर्णय छात्रों के भविष्य की रक्षा और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

    पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई के लिए सरकार प्रतिबद्ध
    अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधार लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं और इससे NEET में सफल विद्यार्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित होगा।

    प्रधान के कार्यकाल की उपलब्धियों का किया उल्लेख
    गृह मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं को बढ़ावा देने, पीएम श्री स्कूलों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने में प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए भी कई अहम पहल कीं। अमित शाह के अनुसार उनका कार्यकाल विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।

  • शिक्षा मंत्रालय की कमान अब प्रह्लाद जोशी के हाथ, केंद्र सरकार ने सौंपी अतिरिक्त जिम्मेदारी

    शिक्षा मंत्रालय की कमान अब प्रह्लाद जोशी के हाथ, केंद्र सरकार ने सौंपी अतिरिक्त जिम्मेदारी


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे जोशी अब शिक्षा मंत्रालय का दायित्व भी निभाएंगे। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक कार्यशैली के कारण उन्हें सरकार के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है।

    कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में जन्मे जोशी वर्ष 2004 से धारवाड़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे और उनका परिवार मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं।

    रेलवे स्कूल से विश्वविद्यालय तक की पढ़ाई

    प्रह्लाद जोशी की प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल, हुबली में हुई। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय के केएस आर्ट्स कॉलेज, धारवाड़ से स्नातक (बीए) की डिग्री प्राप्त की। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी।

    आरएसएस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

    जोशी का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़कर शुरू हुआ। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाई और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम किया। 1990 के दशक में हुबली ईदगाह मैदान पर तिरंगा फहराने के आंदोलन और ‘कश्मीर बचाओ’ अभियान के दौरान उनकी पहचान व्यापक स्तर पर बनी।

    संगठन में निभाईं कई अहम जिम्मेदारियां

    भाजपा संगठन में प्रह्लाद जोशी ने विभिन्न पदों पर कार्य किया। वर्ष 1995 से 1998 तक वे भाजपा के धारवाड़ जिला अध्यक्ष रहे। इसके बाद 1998 से 2003 तक जिला महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली। आगे चलकर वे कर्नाटक भाजपा के महासचिव बने और वर्ष 2013 से 2016-17 तक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    लगातार पांचवीं बार बने सांसद

    प्रह्लाद जोशी ने वर्ष 2004 में पहली बार धारवाड़ से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज करते हुए पांचवीं बार सांसद बने। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार में उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री बनाया गया। वहीं, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के साथ उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

  • कॉकरोच पार्टी ने NEET आंदोलन किया खत्म, कहा-प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं

    कॉकरोच पार्टी ने NEET आंदोलन किया खत्म, कहा-प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं


    नई दिल्ली। नई दिल्ली में कई दिनों से चल रहे आंदोलन को लेकर शनिवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया जब कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। संगठन ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है। इसी भरोसे के आधार पर जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया गया है।

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन चरणों में विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि संगठन की तीन प्रमुख मांगें थीं जिनमें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों और आंदोलन के आयोजकों के खिलाफ दर्ज मामलों और एफआईआर को वापस लेना तथा भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नई कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने की गारंटी शामिल थी। उनके अनुसार सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है।

    संगठन ने यह भी दावा किया कि उसकी एक अन्य प्रमुख मांग उन परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़ी थी जिन्होंने कथित रूप से नीट विवाद के दौरान अपने परिजनों को खोया। पार्टी का कहना है कि इस विषय पर भी सरकार के साथ चर्चा हुई और संबंधित मुद्दों पर विचार का आश्वासन मिला। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

    कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी साझा करने का भरोसा दिया है। उनके अनुसार दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर की प्रतियां अगले कुछ दिनों में संगठन को उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि तय प्रक्रिया के तहत इन मामलों को वापस लेने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

    सौरव दास ने कहा कि संगठन सरकार की नीयत पर विश्वास जताते हुए आंदोलन समाप्त कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय इस समझ के साथ लिया गया है कि सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आश्वासनों को पूरा करेगी। यदि तय समय में आवश्यक कार्रवाई होती है तो यह संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता मानी जाएगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना था और अब जब सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता अपनाया है तो संगठन भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए धरना समाप्त कर रहा है। पार्टी के नेताओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में सभी लंबित मुद्दों पर औपचारिक कार्रवाई पूरी हो जाएगी और आंदोलन से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद जंतर मंतर पर कई दिनों से चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत के जरिए समाधान निकलना सबसे बेहतर रास्ता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने दिए गए आश्वासनों पर तय समय के भीतर क्या कार्रवाई करती है।

  • झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी में महिला प्रधान के बेटे की हत्‍या मामले में खुलासा, पिस्टल से हुई थी हत्या, सिर में फंसी मिली गोली

    झांसी। झांसी में महिला प्रधान के बेटे और एलएलबी छात्र संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या पिस्टल से किए जाने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। शुक्रवार शाम डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम के दौरान संजय के सिर के भीतर फंसी गोली बरामद की। गोली सिर के पिछले हिस्से में मारी गई थी, जिससे गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई। अब तक पुलिस देशी तमंचे से हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो गया कि हमलावर ने पिस्टल का इस्तेमाल किया था।

    रेस्टोरेंट में दोस्तों के साथ खाना खाते समय मारी गोली
    गुरुवार रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में भोजन करने गया था। इसी दौरान एक युवक अंदर पहुंचा और संजय के सिर पर सटाकर गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले में मृतक के भाई सर्वेश सिंह की शिकायत पर नवाबाद थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पेशेवर शूटर होने का शक
    पुलिस का मानना है कि वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे पेशेवर शूटर की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपी सीधे संजय की टेबल तक पहुंचा, बेहद करीब से एक गोली चलाई और पिस्टल लहराते हुए बाहर निकल गया। पार्किंग में मौजूद गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह धक्का देकर बाहर खड़ी बिना नंबर की बाइक पर साथी के साथ फरार हो गया।

    महज छह मिनट में दिया वारदात को अंजाम
    सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी रात 9:23 बजे रेस्टोरेंट में दाखिल हुआ और 9:29 बजे हत्या कर बाहर निकल गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बिहारी तिराहा होते हुए रक्सा टोल की दिशा में भागे। एसओजी और सर्विलांस टीम ने घटनास्थल से लेकर रक्सा टोल तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है और कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।

    छह साल से झांसी में रह रहा था संजय
    संजय सिंह मूल रूप से गरौठा क्षेत्र के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिवार में बड़ा भाई सर्वेश और बहन रचना हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। संजय अविवाहित था और पिछले छह वर्षों से झांसी में रिश्तेदार के यहां रहकर अधिवक्ता दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था।

    दतिया से लौटने के बाद पहुंचे थे रेस्टोरेंट
    संजय के दोस्त शिवम ने बताया कि गुरुवार शाम वह अधिवक्ता दशरथ सिंह और अन्य साथियों के साथ दतिया स्थित पीतांबरा पीठ के दर्शन कर लौटे थे। वापस आने के बाद सभी लोग द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे, जहां संजय ने अपने मित्र धर्मेंद्र को भी बुला लिया। भोजन समाप्त होने के तुरंत बाद एक युवक आया और संजय को गोली मारकर फरार हो गया।

    परिजनों ने रंजिश से किया इनकार, तीन पहलुओं पर जांच
    मृतक के भाई सर्वेश सिंह ने पुलिस को बताया कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और प्रधानी को लेकर भी कोई विवाद नहीं था। हालांकि उन्होंने बताया कि संजय जमीन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था।

    फिलहाल पुलिस जमीन विवाद, लव एंगल और पुरानी रंजिश समेत तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संजय गांव कम क्यों जाता था और क्या उसके पीछे कोई पुराना विवाद था।

  • झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कॉलोनी में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले पेड़ और फिर बिजली के खंभे से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया।

    घायल चालक की पहचान राजस्थान के धौलपुर निवासी पवन के रूप में हुई है। वह ट्रक (RJ 11 GD 5122) से आगरा से रेलवे कोच नवीनीकरण फैक्ट्री (आरसीएफ) में माल लेकर आया था। शुक्रवार सुबह माल उतारने के बाद रात में नो-एंट्री हटने पर वह हेल्पर के साथ आगरा लौट रहा था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय नंबर-3 से सीपरी बाजार जाने वाले मार्ग पर जीआरपी रिजर्व लाइन के पास अचानक एक स्कूटी सवार महिला ट्रक के सामने आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक मोड़ा, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे लगे पेड़ तथा बिजली के खंभे से जा टकराया।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक पवन स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। उसका बायां पैर केबिन और बोनट के बीच दब गया, जिससे पैर में कई जगह फ्रैक्चर हो गए। राहगीरों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

    सूचना मिलने पर प्रेमनगर थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पहले एम्बुलेंस की रस्सी से ट्रक को खींचने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके बाद ट्रैक्टर मंगवाकर ट्रक के अगले हिस्से को खींचा गया, जिससे केबिन में पर्याप्त जगह बनी और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    रेस्क्यू के दौरान चालक दर्द से तड़पता रहा और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से उसे बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

  • झांसी रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, समय रहते टला बड़ा हादसा

    झांसी रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, समय रहते टला बड़ा हादसा


    झांसी। झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित फूड प्लाजा के किचन में शनिवार सुबह अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। धुआं और आग की लपटें उठती देख कर्मचारियों ने तुरंत अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाने के बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए फूड प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। वहीं, रेलवे प्रशासन भी पूरे मामले की जांच कर रहा है, ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • सावन में शिवमय होगी काशी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल समेत कई देशों से आएंगे श्रद्धालु

    सावन में शिवमय होगी काशी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल समेत कई देशों से आएंगे श्रद्धालु


    वाराणसी। सावन मास की शुरुआत के साथ ही बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पूरी तरह शिवभक्ति में डूब जाएगी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक और विशेष अनुष्ठानों के लिए देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दुबई और नेपाल सहित कई देशों से भी श्रद्धालुओं के आने की तैयारी है। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है।

    सावन के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा महामृत्युंजय महादेव, मार्कंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, ओंकारेश्वर, शूलटंकेश्वर और रामेश्वर महादेव सहित प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महारुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र जाप जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहले से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

    आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल से पांच-पांच परिवार विशेष रूप से काशी पहुंचेंगे। ये श्रद्धालु जलाभिषेक, महारुद्राभिषेक और धार्मिक कथाओं का श्रवण कर भगवान शिव की आराधना करेंगे।

    अनुष्ठानों के संचालन के लिए पूर्वांचल के जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से वैदिक ब्राह्मणों को आमंत्रित किया जा रहा है। वहीं काशी के कई विद्वान ब्राह्मण भी मध्य प्रदेश के अमरकंटक और महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों पर सावन के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने जाएंगे।

    सावन को देखते हुए प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है, जबकि पूजन सामग्री और रुद्राभिषेक की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। यजमान अपने-अपने वैदिक ब्राह्मणों से अनुष्ठानों की तिथियां तय कर रहे हैं।

    सावन भर शहर में श्रीशिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, श्रीविष्णु पुराण और रामचरितमानस कथा जैसे धार्मिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं इन कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। मारवाड़ी समाज की ओर से 17 अगस्त से सप्ताहभर चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रख्यात भागवत वक्ता श्रीकांत बालव्यास काशी प्रवचन देंगे।

    पूरे सावन मास में शिवालयों में रुद्राभिषेक, महारुद्र, सप्तचंडी यज्ञ, रुद्रचंडी अनुष्ठान और महामृत्युंजय मंत्र जाप जैसे धार्मिक कार्यक्रम होंगे। श्रद्धालु सोमवार व्रत, कांवड़ यात्रा, भगवान शिव का जलाभिषेक तथा घरों में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और लेखन कर भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।