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  • सोनीपत में बनते थे नकली ₹20 के सिक्के, 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में खपाए

    सोनीपत में बनते थे नकली ₹20 के सिक्के, 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में खपाए

    सहारनपुर। सिक्के असली जैसे दिखें और खनक भी वैसी ही हो, इसके लिए हरियाणा के सोनीपत में बाकायदा फैक्टरी चला रहे गिरोह का सहारनपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह यहां तैयार किए गए नकली ₹20 के सिक्कों को पंजाब, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक पहुंचाता था। जांच में अब तक 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में खपाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों और सिक्कों की खपत वाले ठिकानों की पड़ताल कर रही है।

    शहर कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में सहारनपुर, पंजाब, बिहार और संत रविदास नगर के रहने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह है, जो मोहाली का रहने वाला है।

    काम बंटे थे, मोबाइल और रजिस्टर में चलता था हिसाब

    पुलिस के मुताबिक गिरोह में सात से आठ सदस्य शामिल थे और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। कोई नकली सिक्के तैयार करने में लगा था तो कोई उन्हें अलग-अलग इलाकों में पहुंचाने और बाजार में चलाने का काम करता था। गिरोह में फाइनेंसर की भूमिका निभाने वाला सदस्य मोबाइल फोन और रजिस्टर में सिक्कों की सप्लाई का पूरा हिसाब रखता था।

    जांच में सामने आया कि सरगना ने नकली सिक्के तैयार करने की फैक्टरी सोनीपत में स्थापित कर रखी थी। यहां सिक्के बनाने से लेकर उनकी फिनिशिंग तक का इंतजाम था। इसके बाद तैयार सिक्कों को पंजाब, बिहार, दिल्ली के साथ बदायूं, संत रविदास नगर और सहारनपुर समेत उत्तर प्रदेश के अन्य इलाकों में भेजा जाता था।

    बाजार ही नहीं, शराब ठेके और टोल प्लाजा भी निशाने पर

    पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ₹20 के नकली सिक्कों को सामान्य बाजार में चलाते थे। इसके अलावा सरकारी शराब के ठेकों और टोल प्लाजा पर भी इन्हें खपाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिक्के किन-किन लोगों के माध्यम से इन स्थानों तक पहुंचते थे और आगे इन्हें बाजार में कौन चलाता था।

    1.28 लाख के नकली सिक्के, पांच लाख के अधबने सिक्के मिले

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹20 के 6,400 नकली सिक्के बरामद किए हैं, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब पांच लाख रुपये के अधबने सिक्के भी मिले हैं। तलाशी में ₹500-₹500 के 20 नोट, सिक्के तैयार करने वाली छह मशीनें, पांच लोहे की डाई, बिना मुहर की 39 डाई और मुहर लगी 20 डाई बरामद की गई हैं।

    इसके साथ ही डाई पॉलिश करने की मशीन, दो घिसाई पत्थर, आठ मोबाइल फोन, दो कार और नकली सिक्के तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं। सात हिसाब-किताब रजिस्टर, पैड और एक चेक बुक भी बरामद की गई है।

    दो युवकों से पूछताछ के बाद खुली गिरोह की कड़ी

    एसएसपी अभिनंदन सिंह के अनुसार, पुलिस को पिछले कुछ दिनों से बाजार में नकली सिक्के चलाए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने गिरोह तक पहुंचने के लिए निगरानी शुरू की।

    इसी मामले में कुछ दिन पहले दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान तीन अन्य सदस्यों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब बरामद मोबाइल फोन, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर नेटवर्क की आगे की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।

    70 करोड़ की खपत का हिसाब तलाश रही पुलिस

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में खपाने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसियां बरामद रजिस्टर, मोबाइल फोन और मशीनों की जानकारी को खंगाल रही हैं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस रकम के सिक्के किन-किन शहरों और बाजारों तक पहुंचे।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए गिरोह के साथ और कितने लोग जुड़े थे। सोनीपत की फैक्टरी में सिक्के बनाने से लेकर उन्हें अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाने और अंतिम स्तर पर खपाने तक की पूरी चेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

    ये पांच आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने जुबली पार्क से उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह निवासी टावर डी-पांच, पेंटाहोम सोसायटी, जिरखपुर, मोहाली; हिमांशु उर्फ गुल्लू निवासी बरसी, सहारनपुर; कुलदीप निवासी आवास विकास, सहारनपुर; संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन निवासी लड्डू गांव, मधुबनी, बिहार और अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी पीपरीश रामेश्वरम, जिला संत रविदास नगर (भदोही) को गिरफ्तार किया है।

  • आकाश आनंद को रामदास आठवले का ऑफर, बोले- मायावती ने निकाला तो RPI में आइए

    आकाश आनंद को रामदास आठवले का ऑफर, बोले- मायावती ने निकाला तो RPI में आइए

    मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सहयोगी दलों ने सीट बंटवारे को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने मायावती के भतीजे आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। वहीं, आरपीआई के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता ने साफ किया कि पार्टी भाजपा से विधानसभा चुनाव में 25 सीटें मांगेगी। सहमति नहीं बनी तो आरपीआई अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी करेगी।

    मुरादाबाद में आयोजित संविधान सम्मान रैली में पहुंचे आठवले ने मायावती और राहुल गांधी पर निशाना साधा। इसी दौरान उन्होंने कहा कि मायावती ने अपने भतीजे आनंद को पार्टी से निकाल दिया है और आरपीआई उन्हें अपने साथ लेने के लिए तैयार है।

    ‘आनंद अच्छा काम कर रहे थे, हम साथ लेने को तैयार’
    रामदास आठवले ने कहा कि मायावती ने अपने भतीजे आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया, जबकि वह अच्छा काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरपीआई आनंद को अपने साथ लेने के लिए तैयार है। आठवले ने बसपा पर आरपीआई के चुनाव चिह्न हाथी के अतिक्रमण का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि आरपीआई का अपना राजनीतिक इतिहास और पहचान है।

    भाजपा से 25 सीटें मांगेगी आरपीआई
    मुरादाबाद में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता ने विधानसभा चुनाव को लेकर आरपीआई की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पार्टी भाजपा से 25 सीटों की मांग करेगी। गुप्ता ने कहा कि आरपीआई का संगठन भले ही छोटा हो, लेकिन पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर को लखनऊ में रैली आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि भाजपा के साथ सीटों को लेकर सहमति नहीं बनती है तो आरपीआई अकेले चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेगी।

    राहुल गांधी पर आठवले का हमला
    संविधान सम्मान रैली को संबोधित करते हुए रामदास आठवले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जनता को भड़काने का काम करते हैं और संसद में हंगामा करते हैं। आठवले ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें शिरडी लोकसभा सीट से चुनाव हराया था और सरकारी आवास से उनका सामान बाहर फिंकवा दिया गया था। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें सहयोग मिला और प्रधानमंत्री ने उन्हें तीसरी बार मंत्रिमंडल में शामिल किया है।

    ब्रिक्स को लेकर बोले- बढ़ेगा व्यापार
    केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स सम्मेलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं और भारत ने सभी देशों के साथ समन्वय स्थापित किया है। आठवले ने दावा किया कि चीन भारत की सीमा तक नहीं आएगा और देशों के बीच समन्वय से व्यापार बढ़ेगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास विरोध के अलावा कोई मुद्दा नहीं है और वह केवल शोर मचा रहा है।

    उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं पहुंची
    मुरादाबाद में आयोजित कार्यक्रम में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं जुटने पर पार्टी नेताओं में नाराजगी दिखाई दी। इसे स्थानीय संगठन की कमजोरी माना गया। प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता ने इस पर जिलाध्यक्ष से नाराजगी जताई और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की हिदायत दी। अब नजर इस बात पर है कि आरपीआई की 25 सीटों की मांग पर भाजपा क्या रुख अपनाती है और आकाश आनंद को दिया गया रामदास आठवले का राजनीतिक न्योता आगे किस रूप में सामने आता है।

  • भारत से रिश्ते नए सिरे से मजबूत करना चाहता है बांग्लादेश, विदेश राज्य मंत्री ने द्विपक्षीय बातचीत को बताया जरूरी

    भारत से रिश्ते नए सिरे से मजबूत करना चाहता है बांग्लादेश, विदेश राज्य मंत्री ने द्विपक्षीय बातचीत को बताया जरूरी

    नई दिल्ली । बांग्लादेश ने भारत के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि ढाका नई दिल्ली के साथ ऐसा रिश्ता बनाना चाहता है, जो आपसी हितों पर आधारित हो। उन्होंने दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी बताया।

    हुमायूं कबीर के मुताबिक भारत और बांग्लादेश के बीच बातचीत किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए नहीं, बल्कि सीधे द्विपक्षीय स्तर पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को नए रिश्ते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आपसी हितों को प्राथमिकता देनी होगी।

    कबीर ने शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंधों को असहज बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को भारत के साथ संबंधों को लेकर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने वाली सोच से बाहर निकलना होगा। उनका कहना था कि नई दिल्ली के साथ रिश्तों को संतुलित तरीके से देखा जाना चाहिए और इसे बांग्लादेश के दूसरे देशों के साथ संबंधों के व्यापक हिस्से के रूप में समझना चाहिए।

    बांग्लादेश का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत में BRICS समिट अपने अंतिम दौर में है। बांग्लादेश ने कहा था कि उसके प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर निमंत्रण नहीं दिया गया था। ढाका के अनुसार, उन्हें BIMSTEC के अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया गया था। BIMSTEC बंगाल की खाड़ी से जुड़े दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के सात देशों का क्षेत्रीय संगठन है।

    इससे पहले अगस्त में भी प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा टल गया था। BRICS समिट से पहले भारत ने दोनों देशों के बीच अलग द्विपक्षीय बैठक के लिए उन्हें 22 अगस्त को भारत आने का निमंत्रण दिया था। हालांकि यात्रा से पहले ही यह कार्यक्रम स्थगित हो गया।

    उस समय बांग्लादेश ने भारत के सामने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था। दोनों देशों के बीच इस विषय को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। उस दौरान हुमायूं कबीर ने कहा था कि माहौल अनुकूल होने पर द्विपक्षीय दौरे होंगे और जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है।

    भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ने की एक वजह शेख हसीना की भारत में मौजूदगी और उनके सार्वजनिक राजनीतिक बयानों को भी माना गया। 5 अगस्त को शेख हसीना ने दिल्ली से वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। यह कार्यक्रम अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था।

    इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बांग्लादेश सरकार ने आपत्ति जताई थी। ढाका का कहना था कि भारत में रहते हुए हसीना का सार्वजनिक राजनीतिक बयान देना दोनों देशों के संबंध सामान्य करने की कोशिशों को प्रभावित कर सकता है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने दावा किया था कि भारत को पहले इस संबंध में आगाह किया गया था।

    भारत ने हालांकि शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस रोकने से इनकार किया था। भारत का कहना था कि कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था की ओर से आयोजित किया गया था और सरकार का उससे कोई संबंध नहीं था। अब बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री की ओर से सीधे संवाद और आपसी हितों पर आधारित नए रिश्ते की बात दोनों देशों के संबंधों को लेकर ढाका के रुख को सामने रखती है।

  • हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पहल, अब अहम फैसलों का आसान हिंदी सार ऑडियो-वीडियो बुलेटिन में मिलेगा

    हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पहल, अब अहम फैसलों का आसान हिंदी सार ऑडियो-वीडियो बुलेटिन में मिलेगा

    नई दिल्ली ।हिंदी दिवस के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने लोगों तक न्यायिक फैसलों की जानकारी आसान भाषा में पहुंचाने की दिशा में एक नई पहल की घोषणा की है। कोर्ट जल्द ‘हिंदी जन सूचना सेवा’ शुरू करेगा। इस सेवा के तहत सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों और आदेशों का सरल हिंदी में सार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही रोजाना हिंदी में ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे।

    प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रोजाना 15 से 30 मिनट का हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन जारी किया जाएगा। इसमें महत्वपूर्ण फैसलों और आदेशों की जानकारी आसान भाषा में दी जाएगी। संबंधित फैसले का आधिकारिक लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोग जरूरत पड़ने पर मूल आदेश या फैसले तक पहुंच सकें।

    सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कानूनी और न्यायिक जानकारी को आम लोगों के लिए अधिक सहज बनाना है। अदालतों के फैसले अक्सर लंबे और कानूनी शब्दावली से भरे होते हैं, जिसके कारण उन्हें हर व्यक्ति के लिए समझना आसान नहीं होता। ऐसे में सरल हिंदी में फैसलों का सार लोगों को महत्वपूर्ण न्यायिक जानकारी समझने में मदद करेगा।

    इस सेवा में ऑडियो और वीडियो माध्यम को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य उन लोगों के लिए सुविधा बढ़ाना है, जिन्हें लंबे कानूनी दस्तावेज पढ़ने या उनकी जटिल भाषा समझने में परेशानी होती है। यह पहल विशेष रूप से आम लोगों, वादकारियों और दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है।

    नई हिंदी जन सूचना सेवा की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्य कांत की पहल पर की जा रही है। इसके साथ ही आगे चलकर इस व्यवस्था को अन्य भारतीय भाषाओं में भी शुरू करने की तैयारी है। इससे अलग-अलग भाषाओं में न्यायिक फैसलों की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्था का विस्तार किया जा सकेगा।

    सुप्रीम कोर्ट पहले भी न्याय व्यवस्था में भारतीय भाषाओं के इस्तेमाल और फैसलों की पहुंच बढ़ाने के लिए कदम उठाता रहा है। कोर्ट ने ‘सुवास’ यानी Supreme Court Vidhik Anuvaad Software नाम का एआई आधारित अनुवाद सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इसकी मदद से सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली और कन्नड़ समेत कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है।

    अब तक करीब 30 हजार फैसलों का हिंदी में अनुवाद किया जा चुका है। बड़ी संख्या में फैसले ई-एससीआर पर भी उपलब्ध हैं। संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल अन्य भाषाओं में भी फैसलों के अनुवाद की व्यवस्था की गई है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर फैसलों के आधिकारिक क्षेत्रीय अनुवाद भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और कई जज समय-समय पर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि न्याय की जानकारी आम लोगों तक प्रभावी तरीके से तभी पहुंच सकती है, जब वे अदालत के फैसलों को अपनी भाषा में समझ सकें। ‘हिंदी जन सूचना सेवा’ इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाली पहल है।

    कोर्ट की ओर से बताया गया है कि जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद यह सेवा जल्द शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों की जानकारी सरल हिंदी में उपलब्ध होने के साथ ऑडियो और वीडियो प्रारूप में भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

  • सेमीकॉन इंडिया 2026 का 17 सितंबर को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 600 से अधिक कंपनियां लेंगी आयोजन में हिस्सा

    सेमीकॉन इंडिया 2026 का 17 सितंबर को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 600 से अधिक कंपनियां लेंगी आयोजन में हिस्सा

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। तीन दिवसीय यह आयोजन 17 से 19 सितंबर तक चलेगा। इसमें दुनिया की सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप और शिक्षाविद एक मंच पर जुटेंगे।

    इस वर्ष सम्मेलन की थीम “सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम” रखी गई है। आयोजन में भारत की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य शृंखला में विकसित हो रही क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    आयोजन में सरकार की नीतिगत सहायता, बढ़ते निवेश और विविध एवं लचीली वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं की मांग से भारत के लिए पैदा हुए अवसरों को भी सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और वैश्विक उद्योग संगठन एसईएमआई संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

    सेमीकॉन इंडिया 2026 में 600 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। इनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां होंगी। प्रदर्शनी के लिए 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। आयोजन के दौरान 150 से अधिक विशेषज्ञ और उद्योग जगत के नेता तकनीकी तथा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

    कार्यक्रम में छह देशों के पवेलियन और 12 राज्य सरकारों के पवेलियन भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा स्टार्टअप, नवाचार, छात्रों, कौशल विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष मंच तैयार किए जाएंगे।

    स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप अपनी तकनीक और नवाचार प्रस्तुत करेंगे। वहीं वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में कौशल विकास, रोजगार और करियर से जुड़े अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण “सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स वैल्यू चेन एक्सपीरियंस” होगा। इसके जरिए आगंतुकों को सेमीकंडक्टर उद्योग की पूरी मूल्य शृंखला को समझने का अवसर मिलेगा। इसमें कच्चे माल से लेकर विनिर्माण, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतिम सिस्टम निर्माण तक की प्रक्रिया प्रदर्शित की जाएगी।

    कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, स्टूडेंट हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस भी आयोजित होंगे। इनमें युवा उद्यमी, शोधकर्ता और छात्र अपने विचारों और तकनीकों को प्रस्तुत करेंगे।

    सम्मेलन में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सप्लाई चेन रेजिलिएंस, एडवांस्ड पैकेजिंग, सामग्री एवं उपकरण, चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप, नवाचार और प्रतिभा विकास जैसे विषयों पर मुख्य भाषण, पैनल चर्चा और विशेष सत्र होंगे।

    इसके अलावा छह अंतरराष्ट्रीय देशों के साथ विशेष राउंडटेबल बैठकें आयोजित की जाएंगी। महिलाओं के नेतृत्व और सशक्तिकरण, कार्यबल विकास तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। इस आयोजन के जरिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने के साथ भारत की क्षमताओं और उद्योग से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा।

  • भाजपा से इस्तीफे के बाद कांग्रेस में शामिल हुए नरेंद्र बाबू, पुराने नेताओं की अनदेखी को लेकर नेतृत्व पर लगाए आरोप

    भाजपा से इस्तीफे के बाद कांग्रेस में शामिल हुए नरेंद्र बाबू, पुराने नेताओं की अनदेखी को लेकर नेतृत्व पर लगाए आरोप

    नई दिल्ली ।कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के पूर्व विधायक और प्रदेश ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष एनएल नरेंद्र बाबू ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। भारत जोड़ो कन्वेंशन के दौरान उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने उन्हें कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया।

    नरेंद्र बाबू के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंत्री रामलिंगारेड्डी, एचएम रेवन्ना, पूर्व मंत्री रानी सतीश, रमेश बाबू, हनुमंतरायप्पा और पूर्व मेयर रमेश समेत कई नेताओं की मौजूदगी रही।

    नरेंद्र बाबू ने कांग्रेस में शामिल होने से कुछ दिन पहले ही भाजपा से अलग होने का अपना फैसला सार्वजनिक किया था। शुक्रवार को उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के प्रदेश ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष पद से भी त्यागपत्र दे दिया था।

    भाजपा छोड़ने की घोषणा करते समय नरेंद्र बाबू ने पार्टी के भीतर पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा था कि उन्होंने करीब 10 साल तक भाजपा के लिए काम किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारी और सम्मान नहीं मिला।

    नरेंद्र बाबू कर्नाटक के तिगाला समुदाय के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। भाजपा से अलग होने के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि वह अवसर देखकर पार्टी बदलने वाली राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उनके मुताबिक, पार्टी के लिए लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें जिस तरह की जिम्मेदारी और सम्मान मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला।

    उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर राजाजीनगर और महालक्ष्मी लेआउट में भी अनदेखी का आरोप लगाया था। नरेंद्र बाबू का कहना था कि उन्हें लंबे समय तक इंतजार कराया गया। साथ ही इन क्षेत्रों में उन्हें और उनके साथ काम करने वाले लोगों को नजरअंदाज किया गया।

    भाजपा से इस्तीफा देने के बाद नरेंद्र बाबू के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। अब भारत जोड़ो कन्वेंशन के दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में उनका स्वागत किया गया।

    नरेंद्र बाबू का भाजपा छोड़ना ऐसे समय हुआ है जब कर्नाटक की राजनीति में दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। हालांकि, उनके पार्टी बदलने के पीछे उन्होंने मुख्य रूप से भाजपा में पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिलने की बात कही है।

    कांग्रेस में शामिल होने के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। इस कार्यक्रम के साथ नरेंद्र बाबू का भाजपा से कांग्रेस तक का राजनीतिक सफर औपचारिक रूप से बदल गया है। उन्होंने भाजपा में करीब एक दशक तक काम करने के बाद अब कांग्रेस का रुख किया है।

  • मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बाद LAC पर चीन ने घटाई PLA की तैनाती, गलवान झड़प के बाद पहली बार डि-एस्केलेशन

    मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बाद LAC पर चीन ने घटाई PLA की तैनाती, गलवान झड़प के बाद पहली बार डि-एस्केलेशन

    नई दिल्ली ।भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर लंबे समय से जारी सैन्य तनाव के बीच चीनी सेना की तैनाती में कमी सामने आई है। रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में उत्तरी सीमा के सामने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA की तैनाती में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारतीय सेना की स्थिति मजबूत है और वह किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

    रिपोर्ट में भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर जारी संपर्क का सीमा की स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही गई है। इसमें वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोआर्डिनेशन और भारत-चीन सीमा से संबंधित स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इन प्रयासों से उत्तरी सीमा पर स्थिरता लाने में मदद मिली है।

    यह घटनाक्रम 2024 में दोनों देशों के बीच हुई डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक चीन ने अब भारतीय पक्ष की डि-एस्केलेशन से जुड़ी शर्त को भी स्वीकार किया है। डि-एस्केलेशन के तहत सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या कम की जाती है। हालांकि सैनिकों को पूरी तरह पीछे स्थित बैरकों में भेजने की प्रक्रिया यानी डि-इंडक्शन अभी बाकी है। इसके बाद ही LAC पर 2020 की गलवान घाटी की झड़प से पहले जैसी स्थिति बहाल होने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।

    रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन की कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में करीब 14 से 15 हजार सैनिक हो सकते हैं। इसमें पैदल सेना के साथ मैकेनाइज्ड कॉलम, बख्तरबंद वाहन, तोपखाना, एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन वॉरफेयर से जुड़ी इकाइयां शामिल होती हैं। रिपोर्ट में LAC पर चीन की करीब 10 कंबाइंड ब्रिगेड की तैनाती का उल्लेख किया गया है, जिससे वहां बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों की मौजूदगी का संकेत मिलता है।

    हालांकि सीमा पर तैनाती में कमी के बावजूद भारत के लिए चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार PLA के करीब डेढ़ लाख सैनिक भारतीय सीमा के करीब ट्रेनिंग क्षेत्रों में भी तैनात हैं। इन क्षेत्रों से सैनिकों को जरूरत पड़ने पर LAC की ओर तेजी से भेजा जा सकता है। इसी वजह से भारतीय सेना चीन से डि-इंडक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

    गलवान घाटी में 2020 की झड़प के समय अकेले पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के करीब एक लाख सैनिक तैनात बताए गए थे। इसके बाद पिछले छह वर्षों में 3488 किलोमीटर लंबी LAC पर चीन की सैन्य तैनाती में कमी आई है।

    इसी बीच अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबानसिरी क्षेत्र में पिछले एक महीने से भारत और चीन की सेनाओं के बीच फेस-ऑफ की स्थिति बनी हुई है। गतिरोध दूर करने के लिए दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की दो बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी बरकरार है।

    रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सीमा पर स्थिरता के लिए जारी संवाद और उच्चस्तरीय संपर्क महत्वपूर्ण रहे हैं। भारत-चीन संबंधों में सैन्य स्तर की बातचीत के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक संपर्कों को भी सीमा पर स्थिति सुधारने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।

  • अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, फिर आंदोलन की तैयारी; MPSC अभ्यर्थियों के साथ महाराष्ट्र में उतरेंगे मैदान में

    अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, फिर आंदोलन की तैयारी; MPSC अभ्यर्थियों के साथ महाराष्ट्र में उतरेंगे मैदान में

    मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक दीपके और CJP के अन्य नेता महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे। पार्टी ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

    CJP ने रविवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य नेता MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन में उनके साथ खड़े होंगे। इससे पहले कुछ MPSC अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज क्षेत्र स्थित दीपके के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी।

    24 सितंबर तक का दिया अल्टीमेटम

    CJP ने MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी के अनुसार यदि 24 सितंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो अभ्यर्थियों से बातचीत के लिए राज्यव्यापी दौरा किया जाएगा।

    MPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद जारी वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि वह और CJP अभ्यर्थियों की लड़ाई में उनके साथ हैं और इस्तीफा होने तक उनका समर्थन जारी रहेगा।

    प्रथमेश देशमुख की मौत के बाद गरमाया मुद्दा

    MPSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 28 वर्षीय प्रथमेश देशमुख की पुणे में मौत के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया था। उसके पास मिले कथित सुसाइड नोट में करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का उल्लेख था। इसके बाद CJP ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देशमुख ने व्यवस्था, बेरोजगारी और ग्रामीण युवाओं की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर यह कदम उठाया।

    अभिजीत दीपके ने इसी सप्ताह प्रथमेश देशमुख के परिजनों से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि देशमुख नौकरी हासिल कर परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के सपने के साथ पुणे गया था। दीपके ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परिणामों में देरी के कारण अभ्यर्थियों पर दबाव बढ़ रहा है और इसे व्यवस्था की विफलता बताया।

    जंतर-मंतर आंदोलन के बाद फिर सक्रिय CJP

    इससे पहले अभिजीत दीपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। करीब एक महीने पहले उन्होंने आंदोलन के ‘सीजन-2’ का संकेत देते हुए कहा था कि देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर फिर आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

    मनोज जरांगे को भी दिया समर्थन

    इस बीच दीपके ने महाराष्ट्र में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे को भी समर्थन दिया है। वह शुक्रवार को जरांगे से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने सरकार से जरांगे की मांगों पर बातचीत करने की अपील की।

    दीपके ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं के पास दूसरे लोगों से मिलने का समय है, लेकिन जरांगे से बातचीत क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जरांगे के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

    CJP के नए ऐलान के बाद MPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ दीपके की राजनीतिक सक्रियता आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • 2029 से पहले NDA के सभी 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह

    2029 से पहले NDA के सभी 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह

    मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वर्ष 2029 से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में UCC लागू हो चुका है और उन्हें भरोसा है कि बाकी राज्यों में भी इसे तय समयसीमा से पहले लागू किया जाएगा।

    अमित शाह ने रविवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। UCC के तहत विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में धर्म से अलग समान कानून की व्यवस्था किए जाने का प्रावधान है।

    आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का किया जिक्र

    गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की सुरक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को हर क्षेत्र में प्राथमिकता दी गई है।

    शाह ने कहा कि 2014 से पहले देश की राजनीति में भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद का बोलबाला था, जबकि भाजपा सरकार आने के बाद राजनीति का आधार प्रदर्शन और कामकाज बना है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश और रक्षा नीति भी मजबूत हुई है तथा इसमें ‘इंडिया फर्स्ट’ को प्राथमिकता दी जा रही है।

    भारत की आर्थिक प्रगति का भी किया उल्लेख

    अमित शाह ने भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत पहले कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने पहली तिमाही में GDP की 7.8 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

    गृह मंत्री ने अनुच्छेद 370, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर की स्थिति का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक ये ऐसे मुद्दे थे, जो लंबे समय तक देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बने रहे।

    मणिपुर में NRC पर नेताओं से बातचीत जारी

    मणिपुर में 1951 को आधार वर्ष मानकर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने से जुड़े सवाल पर शाह ने कहा कि राज्य के नेताओं और राजनीतिक दलों के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय होने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी।

    अवैध घुसपैठ को लेकर गृह मंत्री ने सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान की जाएगी और उन्हें देश से बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक अवैध घुसपैठिए की पहचान कर उसे हटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मातृभाषा को प्राथमिकता देने की वकालत

    भाषा को लेकर जारी बहस के बीच अमित शाह ने मातृभाषा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य के नेतृत्व को इस विषय का समाधान निकालना चाहिए। शाह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग भाषा के मुद्दे पर लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

    सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोगों के विरोध करने के अधिकार का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में इमरजेंसी नहीं लगाई जा सकती।

    चीन पर संवेदनशील जानकारी साझा करने से इनकार

    चीन और अन्य संवेदनशील रणनीतिक मुद्दों पर अमित शाह ने सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी साझा करने से सशस्त्र बलों को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को देश की रक्षा क्षमता पर पूरा भरोसा है।

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

    अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की भी घोषणा की। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा।

    17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन है। अभियान में भाजपा, NDA के सहयोगी दल, सामाजिक संगठन और आम लोग शामिल होंगे। इसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा जिलों, लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों तथा बूथ स्तर तक ले जाया जाएगा।

    शाह ने कहा कि अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन, उनकी उपलब्धियों और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को सामने रखा जाएगा। अभियान के तहत 12 तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गांवों में स्थानीय भाषाओं में संगीत और नाटक के कार्यक्रम भी होंगे, जिन्हें ‘अनटोल्ड स्टोरीज ऑफ नमो सेवा’ नाम दिया गया है।

    फडणवीस बोले- जनकल्याण पर रहेगा जोर

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार और भाजपा मिलकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ में हिस्सा लेंगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में NDA के सभी सहयोगी दल अभियान के साथ हैं।

    फडणवीस के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का अपना महत्व है। अभियान का उद्देश्य आम लोगों के जीवन में बदलाव लाना और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना है।

  • बिहार में हैरान करने वाला मामला: 14 साल की किशोरी के पेट से निकला करीब 2 किलो बालों का गुच्छा

    बिहार में हैरान करने वाला मामला: 14 साल की किशोरी के पेट से निकला करीब 2 किलो बालों का गुच्छा


    आरा।
    बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में रविवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां डॉक्टरों ने सर्जरी कर 14 वर्षीय किशोरी के पेट से करीब दो किलोग्राम वजन का बालों का गुच्छा निकाला। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत ठीक बताई जा रही है और वह अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती है।

    जानकारी के मुताबिक किशोरी मूल रूप से बक्सर जिले की रहने वाली है। पेट में लगातार तेज दर्द और ऊपरी हिस्से में सूजन की शिकायत के बाद परिजन उसे इलाज के लिए आरा लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान डॉक्टरों को पेट में गठरी जैसी संरचना दिखाई दी। इसके बाद सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें पेट के अंदर बालों का बड़ा गुच्छा होने की पुष्टि हुई।

    दो साल से पेट दर्द से परेशान थी किशोरी

    बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रहथुआ गांव निवासी मुन्ना सिंह की 14 वर्षीय बेटी नेहा कुमारी करीब दो वर्षों से पेट दर्द की समस्या से परेशान थी। उसके पेट के ऊपरी हिस्से में सूजन और दर्द रहता था, जो समय के साथ बढ़ता गया।

    परिजनों के मुताबिक किशोरी को भूख कम लगती थी और उसका वजन भी घट रहा था। इसके अलावा उसे उल्टी की शिकायत भी रहती थी। शुरुआत में समस्या का सही कारण सामने नहीं आ सका।

    सीटी स्कैन में सामने आया बालों का गुच्छा

    परिजन किशोरी को आरा शहर के कतीरा स्थित कंचन शल्य निकेतन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक डॉ. पी. सिंह ने आवश्यक जांच और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी।

    जांच रिपोर्ट में पेट के अंदर बालों का बड़ा गुच्छा दिखाई दिया। इसके बाद चिकित्सक ने किशोरी की सर्जरी कर उसे बाहर निकाला। ऑपरेशन के दौरान निकाले गए बालों का वजन करीब दो किलोग्राम बताया गया।

    बचपन से बाल खाने की आदत

    चिकित्सक के अनुसार किशोरी को बचपन से अपने बाल खाने की आदत थी। लंबे समय तक बाल खाते रहने के कारण वे उसके पाचन तंत्र में जमा होते गए और धीरे-धीरे एक बड़े गुच्छे का रूप ले लिया। इसी वजह से उसे पेट दर्द, सूजन और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगीं।

    डॉ. पी. सिंह ने बताया कि किशोरी के शरीर में खून की भी कमी थी। ऑपरेशन से पहले उसे दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद उसकी स्थिति सामान्य है।

    कम लोगों में पाई जाती है ऐसी समस्या

    डॉक्टर के मुताबिक अपने बाल या दूसरे व्यक्ति के बाल खाने की आदत से जुड़ी यह समस्या बहुत कम लोगों में देखी जाती है। लंबे समय तक बाल पेट में जमा होने से इस तरह की स्थिति पैदा हो सकती है।

    चिकित्सक ने कहा कि अगर किशोरी को परिजन पहले ही इलाज के लिए लेकर आते तो समस्या का उपचार काफी पहले किया जा सकता था। लेकिन इलाज में देरी के कारण पेट में बालों का गुच्छा काफी बड़ा हो गया और किशोरी को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी।