Category: National

  • भारत-चीन हवाई संपर्क बहाली की दिशा में कदम, 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच रोजाना उड़ान चलेगी

    भारत-चीन हवाई संपर्क बहाली की दिशा में कदम, 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच रोजाना उड़ान चलेगी


    नई दिल्ली । 
    भारत और चीन के बीच लंबे समय से प्रभावित हवाई संपर्क अब दोबारा बहाल होने जा रहा है। चाइना सदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच नियमित सीधी यात्री उड़ान सेवा फिर शुरू करने का ऐलान किया है। करीब छह साल के अंतराल के बाद शुरू होने वाली यह सेवा दोनों देशों के बीच यात्रियों की आवाजाही के साथ व्यापार और पर्यटन संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे और BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर दोनों देशों के बीच गतिविधियां बढ़ी हैं। शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। ऐसे समय में दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल करने का फैसला आपसी संबंधों में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

    भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के बाद प्रभावित हुई थीं। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा तनाव के कारण भी हवाई संपर्क सामान्य नहीं हो सका। लंबे समय तक सीधी उड़ानें बंद रहने से यात्रियों को दोनों देशों के बीच यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ा।

    चाइना सदर्न एयरलाइंस के मुताबिक, ग्वांगझू-नई दिल्ली मार्ग पर बोइंग 737 सीरीज के विमानों से रोजाना एक उड़ान संचालित की जाएगी। ग्वांगझू इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमान स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 3:35 बजे रवाना होगा और शाम 7 बजे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगा।

    नई दिल्ली से वापसी की उड़ान रात 8:20 बजे रवाना होगी। यह विमान अगले दिन तड़के 4:15 बजे ग्वांगझू एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। इस तरह दोनों दिशाओं में नियमित सीधी सेवा उपलब्ध होने से भारत और चीन के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की संभावना है।

    हवाई संपर्क बहाल होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ावा मिल सकता है। लंबे समय से बाधित सीधी उड़ान सेवा शुरू होने से यात्रियों के लिए दोनों देशों के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा आसान होगी।

    चाइना सदर्न एयरलाइंस के इस ऐलान के साथ वह दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाएं बहाल करने वाली प्रमुख चीनी एयरलाइनों में शामिल हो गई है। इससे पहले चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस और एयर चाइना भी भारत और चीन के बीच अपनी सेवाएं बहाल कर चुकी हैं।

    भारत और चीन के बीच संबंधों में लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच हवाई संपर्क की बहाली को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच रोजाना सीधी उड़ान शुरू होने से दोनों देशों के नागरिकों, कारोबारियों और पर्यटकों के लिए सीधा संपर्क फिर मजबूत होने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

  • Delhi Gurugram News: मानसिक रूप से बीमार दोस्त को घुमाने आई युवती ने भीड़ बढ़ने पर युवक को सुरक्षित संभाला

    Delhi Gurugram News: मानसिक रूप से बीमार दोस्त को घुमाने आई युवती ने भीड़ बढ़ने पर युवक को सुरक्षित संभाला

    नई दिल्ली । दिल्ली से गुरुग्राम घूमने आए एक युवक की शनिवार को फ्रेंड्स कॉलोनी में अचानक तबीयत बिगड़ गई। युवक को मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। इलाके में मौजूद लोगों की भीड़ देखकर वह घबरा गया और असहज होकर बदहवास जैसी स्थिति में पहुंच गया। उसके साथ मौजूद महिला मित्र ने स्थिति को समझते हुए तुरंत उसे संभाला और सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश की।

    जानकारी के अनुसार, दोनों दोस्त युवक का मन बहलाने और उसकी मानसिक स्थिति को बेहतर रखने के उद्देश्य से दिल्ली से गुरुग्राम आए थे। घूमने के दौरान वे सिविल लाइन क्षेत्र स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी पहुंचे। इसी दौरान वहां अचानक मौजूद भीड़ पर युवक की नजर पड़ी और वह घबरा गया। भीड़ के बीच वह असहज महसूस करने लगा और उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई।

    युवक की हालत देखकर महिला मित्र ने बिना घबराए स्थिति को संभालने की कोशिश की। उसने युवक को भीड़ से अलग किया और उसे शांत माहौल देने का प्रयास किया। महिला मित्र की सूझबूझ और समय पर उठाए गए कदम से युवक धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने लगा। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी घटना की ओर गया, लेकिन स्थिति को संभाल लिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, युवक की मानसिक स्थिति से जुड़ी परेशानी के कारण अचानक जुटी भीड़ ने उसकी असहजता बढ़ा दी। पुलिस ने बताया कि दोनों गुरुग्राम घूमने और युवक का मन बहलाने के उद्देश्य से आए थे। फ्रेंड्स कॉलोनी में भीड़ देखने के बाद युवक की स्थिति अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी महिला मित्र ने उसे संभाल लिया।

    मौके पर महिला मित्र ने युवक को भीड़ से दूर रखने और उसे सहज माहौल उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया। उसने धैर्य के साथ युवक को संभालने का प्रयास किया। कुछ समय बाद उसकी स्थिति सामान्य होने लगी। इस दौरान किसी तरह का विवाद नहीं हुआ और न ही कोई अप्रिय घटना सामने आई।

    पुलिस के अनुसार, युवक के व्यवहार का संबंध उसकी मानसिक स्थिति से था। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने उसकी परेशानी को बढ़ा दिया था। ऐसे समय में महिला मित्र ने स्थिति को समझते हुए तत्काल प्रतिक्रिया दी और युवक को संभालने में अहम भूमिका निभाई।

    घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों की नजर भी युवक की स्थिति पर बनी रही। हालांकि, महिला मित्र के समय रहते हस्तक्षेप करने के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। युवक को भीड़ से अलग कर शांत रखने की कोशिश की गई, जिससे उसकी परेशानी धीरे-धीरे कम हुई।

    पुलिस के मुताबिक, इस घटना में किसी प्रकार का विवाद या अनहोनी नहीं हुई। दोनों का गुरुग्राम आने का उद्देश्य युवक का मन बहलाना और उसकी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाए रखना था। लेकिन फ्रेंड्स कॉलोनी में अचानक भीड़ देखने के बाद युवक घबरा गया और उसकी तबीयत बिगड़ गई।

    घटना में महिला मित्र की तत्परता से स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया। उसने युवक को अकेला छोड़ने के बजाय उसके साथ रहकर उसे सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश की। इसके बाद युवक धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आया और मौके पर स्थिति शांत रही।

  • भारत मंडपम के ब्रिक्स मीडिया सेंटर में देशी-विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय स्वाद के साथ वैश्विक व्यंजनों की खास व्यवस्था

    भारत मंडपम के ब्रिक्स मीडिया सेंटर में देशी-विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय स्वाद के साथ वैश्विक व्यंजनों की खास व्यवस्था

    नई दिल्ली ।दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में देश-विदेश से पहुंचे मेहमानों और पत्रकारों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। मीडिया सेंटर में भारतीय व्यंजनों के साथ अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के पसंदीदा वैश्विक व्यंजन भी परोसे जा रहे हैं। इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी आईटीसी होटल्स की ओर से संभाली जा रही है।

    शिखर सम्मेलन के लिए तैयार किए गए मेन्यू में भारतीय स्वाद को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके साथ ही चाइनीज और वेस्टर्न कुजीन को भी शामिल किया गया है, ताकि अलग-अलग देशों से आने वाले प्रतिभागियों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन मिल सके। मेन्यू तैयार करते समय अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की विविध पसंद को ध्यान में रखा गया है।

    आईटीसी की कॉर्पोरेट शेफ मनीषा के अनुसार, सम्मेलन के दौरान आईटीसी के विभिन्न ब्रांड्स के व्यंजनों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें बुखारा, दम पुख्त, दक्षिण तथा कबाब एंड करीज जैसे ब्रांड्स के व्यंजन शामिल हैं। पिछले डेढ़ दिन से इन व्यंजनों को प्रतिभागियों के सामने पेश किया जा रहा है, ताकि वे भारतीय पाक परंपरा के अलग-अलग स्वाद का अनुभव कर सकें।

    मनीषा ने बताया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए भोजन तैयार करना एक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है, लेकिन यह देश के व्यंजनों को सामने रखने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले जी20 और एआई समिट जैसे बड़े आयोजनों में भी आईटीसी की ओर से भोजन परोसा गया था। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व की बात है।

    उन्होंने बताया कि आईटीसी के पूरे भारत में करीब 140 होटल हैं और बड़े आयोजनों के दौरान अलग-अलग स्थानों से विशेषज्ञ शेफ को एक साथ लाया जाता है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक शेफ मेन्यू तैयार करने और भोजन बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    आईटीसी होटल के एरिया शेफ राजदीप कपूर ने भी मेहमानों का भारतीय भोजन का आनंद लेने के लिए स्वागत किया। वहीं, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आईटीसी होटल्स के प्रतिनिधि रजनीश मल्लर ने बताया कि मीडिया सेंटर में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मीडिया से जुड़े लोग मौजूद हैं। उनके अनुसार, मेन्यू को इस तरह तैयार किया गया है कि भारतीय व्यंजनों की विशेषता के साथ वैश्विक स्वाद और पसंद को भी जगह मिल सके।

    मेन्यू में भारतीय भोजन और आरामदायक भोजन के विकल्पों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों को शामिल करने की कोशिश की गई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों से आए मेहमानों की भोजन संबंधी पसंद को ध्यान में रखते हुए विविध विकल्प उपलब्ध कराना है।

    आईटीसी की स्थापना 1910 में इंपीरियल टोबैको कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के नाम से हुई थी। वर्ष 1970 में इसका नाम इंडिया टोबैको कंपनी लिमिटेड किया गया और 1974 में कंपनी का नाम बदलकर आईटीसी लिमिटेड कर दिया गया। कंपनी के होटल कारोबार की शुरुआत 1975 में चेन्नई में पहली प्रॉपर्टी के साथ हुई थी।

    वर्तमान में आईटीसी होटल्स और वेलकम होटल जैसे ब्रांड्स के तहत 150 से अधिक प्रॉपर्टीज संचालित की जाती हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी कंपनी की पाक कला से जुड़ी टीम भारतीय व्यंजनों और वैश्विक कुजीन के जरिए मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था संभाल रही है।

  • Jhansi: भुवनेश्वर से ग्वालियर जा रहे ट्रक में 214 किलो गांजा, दो गिरफ्तार, कीमत 1.07 करोड़

    Jhansi: भुवनेश्वर से ग्वालियर जा रहे ट्रक में 214 किलो गांजा, दो गिरफ्तार, कीमत 1.07 करोड़

    झांसी। बबीना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने सुकुवां-ढुकुवां रोड पर नयाखेड़ा के पास कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 214 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए है। टीम ने ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ बबीना थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ट्रक को सीज कर दिया गया है।

    एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतपाल उर्फ सत्यपाल (46), निवासी सौदापुर, थाना बार्डर टाउन, जिला पानीपत, हरियाणा और मोहन कुशवाहा (27), निवासी सिंधिया नगर, थाना बहोड़ापुर, ग्वालियर के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से ट्रक में छिपाकर रखा गया 214 किलो गांजा बरामद किया गया।

    ओडिशा से ग्वालियर पहुंचाना था गांजा
    पुलिस पूछताछ में मोहन कुशवाहा ने बताया कि उसका पड़ोसी आकाश कुशवाहा गांजे का काम करता है। वह आकाश के साथ किराये की गाड़ी से भुवनेश्वर, ओडिशा गया था। वहां आकाश के साथियों ने ट्रक में गांजा लोड कराया। उसे यह माल ग्वालियर पहुंचने के बाद उतारने के लिए कहा गया था।

    वहीं ट्रक चालक सतपाल ने पुलिस को बताया कि वह ट्रक किराये पर लेकर चलाता है। उसकी 7 सितंबर को आकाश से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि आकाश ने ही ट्रक में गांजा रखवाया और इसके बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। रास्ते में संपर्क बनाए रखने के लिए ढाबों के फोन से बात करने के लिए कहा गया था।

    न्यायालय में पेश किए जा रहे दोनों आरोपी
    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बबीना थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गांजा बरामद होने के बाद ट्रक को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी, इसे ग्वालियर में किसे सौंपा जाना था और इस नेटवर्क में आकाश कुशवाहा समेत अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

  • गणेश उत्सव से पहले बिजली कंपनी की तैयारी, 167 से अधिक विसर्जन स्थलों पर 2,958 फ्लडलाइट्स से होगी रोशनी

    गणेश उत्सव से पहले बिजली कंपनी की तैयारी, 167 से अधिक विसर्जन स्थलों पर 2,958 फ्लडलाइट्स से होगी रोशनी

    नई दिल्ली ।मुंबई में आगामी गणेश उत्सव को देखते हुए गणेश पंडालों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत पंडालों को घरेलू दर पर अस्थायी बिजली कनेक्शन देने की सुविधा मिलेगी। आवेदन जमा करने के 48 घंटे के भीतर कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि उत्सव के दौरान पंडालों में बिजली आपूर्ति को लेकर परेशानी न हो।

    गणेश उत्सव के दौरान शहरभर में बड़ी संख्या में पंडाल लगाए जाते हैं, जहां रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए बिजली की जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति से जुड़ी तैयारियां की गई हैं। पंडाल आयोजक अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ‘न्यू कनेक्शन’ सेक्शन के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

    बिजली कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गणेश पंडालों को भरोसेमंद अस्थायी बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है, ताकि उत्सव के दौरान बिजली व्यवस्था निर्बाध बनी रहे। कंपनी ने बताया कि पिछले वर्ष पूरे मुंबई में 1,000 से अधिक गणेश पंडालों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गई थी।

    इस वर्ष कनेक्शन की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने और पूरे उत्सव के दौरान भरोसेमंद बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या का तेजी से समाधान करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा।

    पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों से बिजली की वायरिंग के लिए केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पंडाल स्थल पर बिजली की वायरिंग पूरी तरह तैयार हो और मीटर केबिन में केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश मिले।

    सुरक्षा व्यवस्था के तहत कनेक्शन में मानक वायर और स्विच का इस्तेमाल करने, आपात स्थिति के लिए एक सिंगल आइसोलेशन पॉइंट रखने और तारों को मानक इंसुलेशन टेप से सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। मीटर केबिन और स्विच तक पहुंचने का रास्ता भी साफ रखने को कहा गया है।

    इसके अलावा पंडाल आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कनेक्टेड लोड स्वीकृत लोड से अधिक न हो। मीटर केबिन के पास स्पष्ट संचालन निर्देशों वाला फायर एक्सटिंग्विशर और डेंजर बोर्ड रखने के साथ उचित अर्थिंग सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

    पंडालों में अनधिकृत एक्सटेंशन या सीधे बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करने तथा वायरिंग में अनावश्यक जोड़ से बचने की हिदायत दी गई है। मीटर केबिन के प्रवेश द्वार तक पहुंच भी बाधित नहीं होनी चाहिए।

    सुरक्षा निर्देशों के तहत आम लोगों को फ्लडलाइट्स, पेडेस्टल्स, पंखों या इंसुलेटेड वायरिंग जॉइंट्स तक पहुंचने की अनुमति नहीं देने को कहा गया है। इसके साथ ही स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली का इस्तेमाल न करने की अपील की गई है।

    गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान रोशनी की व्यवस्था के लिए 167 से अधिक विसर्जन स्थलों पर 2,958 फ्लडलाइट्स लगाए जाने की भी जानकारी दी गई है। इस तरह गणेश पंडालों के अस्थायी बिजली कनेक्शन के साथ विसर्जन स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था की भी तैयारी की गई है।

  • कचरे और गंदगी से बेहाल मुंबई पर हाईकोर्ट नाराज, 26 वार्डों के अधिकारियों की सूची मांगकर दी कड़ी चेतावनी

    कचरे और गंदगी से बेहाल मुंबई पर हाईकोर्ट नाराज, 26 वार्डों के अधिकारियों की सूची मांगकर दी कड़ी चेतावनी

    नई दिल्ली ।मुंबई में कचरे और गंदगी की समस्या को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। कंजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड के आसपास प्रदूषण से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नगर निकाय को सख्त चेतावनी दी। न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की खंडपीठ ने कहा कि मुंबई को अंतरराष्ट्रीय शहर कहा जाता है, लेकिन सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे की स्थिति इस दावे पर सवाल खड़े करती है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि शहर में जगह-जगह कचरा और गंदगी दिखाई दे रही है। अदालत ने BMC की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि क्या नगर निकाय की मशीनरी पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है। अदालत के मुताबिक, सफाई व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी की स्थिति पैदा न हो और जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों का प्रभावी तरीके से पालन करें।

    हाईकोर्ट ने BMC को मुंबई के सभी 26 वार्डों में सार्वजनिक सड़कों की सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी करने वाले अधिकारियों की सूची पेश करने को कहा है। अदालत का यह निर्देश शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर वार्ड स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी अपना काम नहीं कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

    अदालत ने सुनवाई के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी भी दी। कोर्ट ने कहा कि यदि वार्ड अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करते हैं तो अवमानना की कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। इसके साथ ही BMC को सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए आखिरी मौका दिए जाने की बात कही गई।

    कचरे की समस्या पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की प्रवृत्ति का भी जिक्र किया। कोर्ट ने इस संदर्भ में सिंगापुर के सख्त नियमों का उदाहरण दिया। अदालत ने कहा कि वहां लोग केवल निर्धारित स्थानों पर ही कचरा डालते हैं और नियमों के पालन पर जोर दिया जाता है। मुंबई में भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत पर अदालत ने जोर दिया।

    हाईकोर्ट ने सफाई व्यवस्था के लिए स्पष्ट और प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार करने की आवश्यकता बताई। अदालत ने सवाल उठाया कि जब शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार गंदगी दिखाई दे रही है, तो मुंबई को अंतरराष्ट्रीय शहर कहने का आधार क्या है। अदालत की सख्ती से स्पष्ट है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

    कंजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से जुड़े प्रदूषण के मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आई टिप्पणियों में अदालत ने नगर निकाय की जिम्मेदारी और अधिकारियों की जवाबदेही को प्रमुखता दी। BMC के सामने अब शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार करने और वार्ड स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका सुनिश्चित करने की चुनौती है।

  • बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर स्वामित्व विवाद, छह पोतियों और ट्रस्टी को नोटिस, मांगे दावेदारी के सबूत

    बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर स्वामित्व विवाद, छह पोतियों और ट्रस्टी को नोटिस, मांगे दावेदारी के सबूत

    फिरोजाबाद। टूंडला के अकबरपुर स्थित प्रख्यात संत बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली के पैतृक मकान पर स्वामित्व को लेकर उठे विवाद की जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय समिति ने मामले में दोनों पक्षों से दावेदारी के समर्थन में दस्तावेज और साक्ष्य मांगे हैं। समिति के अध्यक्ष एवं एडीएम (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी ने बाबा की छह पोतियों और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के पदेन ट्रस्टी संजय गुप्ता को नोटिस जारी किए हैं।

    प्रशासन ने संबंधित पक्षों को अपनी-अपनी दावेदारी, साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि मामले की निष्पक्ष सुनवाई के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके। हालांकि, विवाद में घरौनी में संशोधन की मांग को लेकर प्रशासन के सामने कानूनी पेच भी खड़ा हो गया है। प्रदेश स्तर पर राजस्व परिषद ने फिलहाल घरौनियों में किसी भी तरह के संशोधन पर रोक लगा रखी है।

    छह पोतियों ने डीएम से की थी शिकायत
    बाबा नीब करौरी यानी लक्ष्मी नारायण शर्मा के छोटे पुत्र स्वर्गीय धर्म नारायण शर्मा की छह पुत्रियों सुनीता, अर्चना, वंदना, भावना, रितु और रिचा ने अगस्त में कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था।

    शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत नगला स्थित मकान संख्या 154-व, जिसमें बाबा का ध्यान कक्ष, भोजनालय और शयन कक्ष शामिल हैं, पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के ट्रस्टी संजय गुप्ता ने एकाधिकार कर लिया है।

    मुंबई से आए शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से भावना रावत के पति मनोज रावत ने भी डीएम से मुलाकात की थी। उन्होंने पैतृक संपत्ति को कब्जामुक्त कराने और विवाद के स्थायी समाधान के लिए डीएम की अध्यक्षता में शासकीय प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने की मांग रखी थी।

    ट्रस्ट ने आरोपों को किया खारिज
    श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने ट्रस्ट पर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट का गठन वर्ष 1996 में बाबा की धर्मपत्नी स्वर्गीय रामबेटी शर्मा ने कराया था।

    मनोज अग्रवाल के मुताबिक, वर्तमान में ट्रस्ट में 18 सदस्य हैं और बाबा की आगरा निवासी बेटी गिरजा भटेले स्वयं इसकी अध्यक्ष हैं। इसके अलावा बाबा के बड़े बेटे स्वर्गीय अनेक सिंह शर्मा की बड़ी बेटी सुनीता शर्मा के पति त्रिलोकी चंद्र शर्मा, दूसरी बेटी अर्चना शर्मा और बेटे डॉ. धनंजय शर्मा भी ट्रस्ट के सदस्य हैं।

    उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के सभी सदस्य सेवा भावना से काम कर रहे हैं और संपत्ति का कोई निजी उपयोग नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि जो भी व्यक्ति निष्पक्ष भाव से सेवा करना चाहता है, उसका स्वागत है।

    शिकायतकर्ता पक्ष बोला- ट्रस्ट पर किसी का एकाधिकार नहीं होना चाहिए
    शिकायतकर्ता पोतियों में शामिल भावना रावत के पति मनोज रावत का कहना है कि उनका उद्देश्य ट्रस्ट पर किसी एक व्यक्ति के एकाधिकार को रोकना है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से प्रशासन के सामने डीएम की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना है कि इससे बाबा की संपत्ति का दुरुपयोग रोकने और उसकी बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    घरौनी संशोधन पर रोक ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किल
    प्रशासन ने विवाद की जांच शुरू कर दी है, लेकिन घरौनी में संशोधन की मांग के कारण मामले में कानूनी अड़चन सामने आ गई है। शिकायतकर्ता पक्ष ने घरौनी में संशोधन की मांग की है, जबकि प्रदेश स्तर पर बोर्ड ऑफ रेवेन्यू यानी राजस्व परिषद ने फिलहाल घरौनियों में किसी भी तरह के संशोधन पर रोक लगा रखी है।

    ऐसे में राजस्व नियमों की इस बंदिश के बीच जिला प्रशासन स्वामित्व विवाद का क्या कानूनी रास्ता निकालता है, इस पर निगाहें टिकी हैं। फिलहाल प्रशासन ने दोनों पक्षों से दस्तावेज और साक्ष्य मांगे हैं।

    जन्मस्थली को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी
    इधर, बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली अकबरपुर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन विकास कार्यों को गति दे रहा है। डीएम संतोष कुमार शर्मा ने जन्मस्थली पहुंचकर विकास कार्यों और प्रस्तावित कॉरिडोर की समीक्षा की।

    डीएम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन नीति-2022 में संशोधन कर नीब करौरी बाबा सर्किट को शामिल किया है। इसके तहत लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद और मथुरा/वृंदावन को आपस में जोड़ा जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    पहले चरण में 865.98 लाख के काम
    कॉरिडोर विकास के फेज-1 में 865.98 लाख रुपए की लागत से डॉरमेट्री, रेस्तरां, सभा स्थल, डिजिटल लाइब्रेरी, सीसी रोड, सेप्टिक टैंक, समरसेबुल पंप और साइट डेवलपमेंट के काम चल रहे हैं।

    वहीं फेज-2 में 222.47 लाख रुपए की लागत से टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सीसी रोड, नाली, पेवर, ट्यूबवेल, बाह्य विद्युत कार्य और म्यूरल वर्क स्वीकृत किए गए हैं।

    भूमि अधिग्रहण के बाद यहां भव्य प्रवेश द्वार, पर्यटन सुविधा केंद्र, ध्यान एवं वेलनेस सेंटर, फूड कोर्ट, म्यूजियम, ओपन एयर थिएटर, पार्किंग और प्रसाद मंडप जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

    अब जन्मस्थली के स्वामित्व विवाद में प्रशासन की जांच और दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज अहम होंगे। इन्हीं के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की दिशा तय होगी।

  • यूपी: रेलवे के ट्रैक मेंटेनेंस कोच में लगी भीषण आग, धमाके के साथ फटा सिलिंडर, एक घायल

    यूपी: रेलवे के ट्रैक मेंटेनेंस कोच में लगी भीषण आग, धमाके के साथ फटा सिलिंडर, एक घायल


    फिरोजाबाद।
    शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के मालगोदाम के पास शनिवार दोपहर ट्रैक मेंटेनेंस के लिए खड़े कोच में अचानक आग लग गई। कोच में रखी मशीन से शुरू हुई आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठने लगीं। इसी दौरान करीब 1:25 बजे कोच के अंदर रखा सिलिंडर तेज धमाके के साथ फट गया। हादसे में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है।

    घटना दोपहर करीब 1 बजे शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के पास मालगोदाम की शंटिंग लाइन पर हुई। यहां ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव के लिए कई कोच खड़े थे। इनमें से एक कोच में रखी मशीन में अचानक आग लगी। देखते ही देखते आग ने पूरे कोच को अपनी चपेट में ले लिया।

    सिलिंडर फटते ही मची भगदड़
    आग बुझाने और राहत कार्य में जुटे पुलिसकर्मी, रेलवे कर्मचारी और मौके पर मौजूद अन्य लोग सिलिंडर फटने के बाद घबरा गए। तेज धमाके की आवाज सुनते ही वहां भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे।

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। अब तक दमकल की तीन टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है।

    प्रयागराज डिवीजन के अधिकारी ले रहे जानकारी
    आग लगने की घटना के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रयागराज डिवीजन के रेलवे अधिकारी लगातार घटनास्थल की जानकारी ले रहे हैं। आग लगने के कारणों और नुकसान का अभी विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

    सिलिंडर फटने से एक व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि हुई है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही घटना में हुए नुकसान और आग लगने की वास्तविक वजह की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • 17.29 करोड़ के नकली नोटों का नेटवर्क कितना बड़ा? NIA ने तेज की जांच, संदिग्ध लेनदेन भी दायरे में

    17.29 करोड़ के नकली नोटों का नेटवर्क कितना बड़ा? NIA ने तेज की जांच, संदिग्ध लेनदेन भी दायरे में

    सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोटों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच तेज कर दी है। स्थानीय स्तर पर जांच कर चुकी सात सदस्यीय एसआईटी ने अब तक जुटाए गए साक्ष्यों, दर्ज बयानों और बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों वाली केस डायरी NIA को सौंप दी है। एजेंसी अब इन तथ्यों को अपनी जांच से जोड़कर नकली नोटों के स्रोत, आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क के फैलाव का पता लगाने में जुटी है। संदिग्ध लेनदेन के साथ विदेशी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

    एसआईटी ने जुटाए थे बयान और साक्ष्य
    29 अगस्त को PNB के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में तीन बैंक प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला सामने आने के बाद शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की। DIG अभिषेक सिंह के निर्देश पर SSP अभिनंदन सिंह ने सात सदस्यीय SIT गठित की थी। SIT के साथ क्राइम ब्रांच ने भी आरोपियों तक पहुंचने और साक्ष्य जुटाने का काम किया।

    जांच के दौरान दर्ज किए गए बयान, बरामदगी का विवरण, सामने आए तथ्य और अन्य साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह केस डायरी NIA को सौंप दी गई है। अब एजेंसी इन तथ्यों को अपनी जांच में मिले साक्ष्यों से मिलाकर देखेगी। इससे जांच में सामने आए नए बिंदुओं और संभावित कड़ियों का पता चलने की उम्मीद है।

    नेटवर्क और लेनदेन पर NIA की नजर
    NIA की जांच का अहम बिंदु यह पता लगाना है कि नकली नोटों का नेटवर्क आखिर किस स्तर तक फैला हुआ है। एजेंसी यह भी देख रही है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं था। नकली नोटों के स्रोत के अलावा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं।

    एसपी सिटी व्योम बिंदल के मुताबिक, करेंसी चेस्ट मामले में एसआईटी ने जांच की थी और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद केस डायरी NIA को सौंप दी गई है। अब पूरे मामले की जांच NIA कर रही है।

    NIA के एसपी ने पुलिस अधिकारियों से ली थी जानकारी
    9 सितंबर को NIA के एसपी वैभव सक्सेना ने पुलिस लाइन में SSP अभिनंदन सिंह और SP सिटी व्योम बिंदल से मुलाकात की थी। इस दौरान करेंसी चेस्ट मामले में अब तक हुई जांच के साथ पुराने नकली नोट के मामलों की जानकारी भी ली गई थी। NIA ने पहले पकड़े गए नकली नोटों से जुड़े मामलों को भी अपनी जांच में शामिल किया है। एजेंसी विदेशी कनेक्शन की संभावनाओं को भी खंगाल रही है।

    मुख्य सुरक्षा अधिकारी फिर करेंसी चेस्ट पहुंचे
    PNB की करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचने का स्रोत और वहां से असली करेंसी निकलने से जुड़ी कड़ियां अभी स्पष्ट नहीं हो सकी हैं। मामले की जांच NIA के अलावा SIT और बैंक स्तर पर भी की जा चुकी है। अभी तक एक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    इसी बीच शुक्रवार को PNB की मुख्य सुरक्षा अधिकारी सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट पहुंचीं। उन्होंने मामले से जुड़े बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की और इसके बाद वापस लौट गईं।

    नकुड़ शाखा में किसान को मिला 500 का नकली नोट
    17.29 करोड़ रुपये के जाली नोटों के मामले की जांच के बीच नकुड़ कस्बे की तहसील रोड स्थित PNB शाखा से ग्राहक को 500 रुपये का संदिग्ध नोट दिए जाने का मामला सामने आया है। छापुर गांव निवासी किसान अंकित का आरोप है कि चेक के जरिये बैंक से निकाली गई रकम में यह नोट मिला था।

    अंकित के मुताबिक, वह अपने साथी संजीव निवासी अंबेहटी के साथ बैंक से रुपये निकालने पहुंचे थे। दोनों ने चेक के माध्यम से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये निकाले। कैशियर ने मशीन से रकम गिनने के बाद उन्हें पैसे दिए। इसके बाद दोनों एक रेस्टोरेंट पहुंचे, जहां संजीव ने रकम में से 15 हजार रुपये एक व्यक्ति को दिए। इसी दौरान दोबारा नोट गिनते समय 500 रुपये का एक नोट संदिग्ध लगा। जांच कराने पर उसे नकली बताया गया।

    इसके बाद दोनों बैंक शाखा पहुंचे और शाखा प्रबंधन से नोट बदलने की मांग की। आरोप है कि शाखा प्रबंधक और कैशियर ने शुरुआत में यह मानने से इनकार कर दिया कि नोट बैंक से दिया गया था। इससे शाखा में काफी देर तक हंगामा हुआ। अंकित के अनुसार, बाद में बैंक कर्मचारियों ने संदिग्ध नोट वापस लेकर उसकी जगह दूसरा 500 रुपये का नोट दे दिया।

    शाखा प्रबंधक संजीव अग्रवाल से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। उन्होंने सोमवार को लौटने के बाद मामले में जानकारी देने की बात कही।

    क्या दोनों मामलों का आपस में संबंध है?
    नकुड़ शाखा में ग्राहक को मिले 500 रुपये के संदिग्ध नोट का मामला जिले की PNB करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोटों की जांच के बीच सामने आया है। इससे सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई कड़ी है। हालांकि, फिलहाल स्थानीय शाखा से मिले नोट और करेंसी चेस्ट में बरामद जाली नोटों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों मामलों के बीच कोई कनेक्शन है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • BRICS शिखर सम्मेलन में साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति, भारत ने ईरान-UAE तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज किए

    BRICS शिखर सम्मेलन में साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति, भारत ने ईरान-UAE तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज किए


    नई दिल्ली ।
    भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 की शुरुआत हो गई है। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भारत के साथ रूस, चीन, ब्राजील और BRICS के अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के बीच साझा घोषणापत्र को लेकर सदस्य देशों के बीच सहमति बनने की खबर सामने आई है।

    साझा घोषणापत्र में किसी एक देश का सीधे तौर पर नाम लिए जाने की संभावना नहीं है। इसके बजाय किसी भी देश की ओर से किए जाने वाले एकतरफा युद्ध की निंदा किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। सदस्य देशों के बीच इस विषय पर सहमति बनने के संकेत मिले हैं। घोषणापत्र को शनिवार को अंतिम मंजूरी दिए जाने की संभावना है और इसके शाम करीब चार बजे जारी होने की बात कही गई है।

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच BRICS सम्मेलन का कूटनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। सदस्य देशों की ओर से ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मतभेद कम करने तथा साझा सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय संघर्ष के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है।

    BRICS में भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, इंडोनेशिया, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है, समूह के मंच पर सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने की कोशिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    इसी बीच भारत दौरे पर पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल को लेकर कड़ा रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव और धमकी के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उनका कहना था कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मसूद पेजेश्कियान के बीच भी मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सुरक्षित नौवहन और नाविकों की सुरक्षा पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से निकालने की आवश्यकता पर बल दिया।

    मुलाकात के दौरान भारत और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। पश्चिम एशिया में मौजूदा तनाव के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत में सुरक्षित नौवहन और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुख रहा।

    BRICS Summit 2026 भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने वर्ष 2026 में चौथी बार इस समूह की अध्यक्षता संभाली है। इसी वर्ष BRICS अपनी स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे कर रहा है।

    शिखर सम्मेलन के दौरान साझा घोषणापत्र पर सहमति बनने की प्रक्रिया को सदस्य देशों के बीच सामूहिक रुख तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। प्रस्तावित घोषणापत्र में किसी देश को सीधे निशाना बनाने के बजाय एकतरफा युद्ध की निंदा करने की बात सामने आई है।

    ईरान और UAE के बीच तनाव के बीच सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने की कोशिश तथा प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की बातचीत ने सम्मेलन के कूटनीतिक पक्ष को भी प्रमुखता दी है। अब साझा घोषणापत्र को अंतिम मंजूरी मिलने और उसके जारी होने का इंतजार है।