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  • राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, शिकायतों के बाद हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी; संदीप गुप्ता को फिर मिली पुरानी जिम्मेदारी

    राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, शिकायतों के बाद हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी; संदीप गुप्ता को फिर मिली पुरानी जिम्मेदारी

    नई दिल्ली । राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में बदलाव के बीच अलग-अलग शिकायतों और आरोपों के चलते मंदिर की जिम्मेदारियों से हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी हो गई है। नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आगमन के बाद संदीप गुप्ता, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को उनके पुराने दायित्वों के साथ बहाल किया गया है। इस फैसले के बाद मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं में पुराने कर्मचारियों की भूमिकाएं फिर से बहाल होने का सिलसिला सामने आया है।

    इन तीनों कर्मचारियों को अलग-अलग मामलों के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाया गया था। संदीप गुप्ता तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लॉकर व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लॉकर में सामान रखने को लेकर एक विदेशी महिला से उनकी कहासुनी हुई थी, जिसके बाद महिला ने ट्रस्ट को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर तत्कालीन अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने संदीप को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद उन्हें काम से हटा दिया गया था।

    संदीप गुप्ता शहीद कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे हैं। मंदिर में उन्हें काम दिए जाने के पीछे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा गया था। नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आने के बाद संदीप की बहाली की सिफारिश की गई। इसके बाद उन्हें दोबारा उसी स्थान पर तैनात कर दिया गया और पुरानी जिम्मेदारी सौंप दी गई।

    दूसरी ओर, बजरंग पाठक प्रसाद व्यवस्था के प्रभारी थे। रामजन्मभूमि परिसर में तैनात एक महिला क्षेत्राधिकारी ने अपने मेहमानों के लिए प्रसाद दिलाने की सिफारिश की थी। बजरंग पाठक ने इसके लिए ट्रस्ट से आदेश लाने की बात कही और सिफारिश के आधार पर प्रसाद उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी ने ट्रस्ट से उनकी शिकायत की थी।

    शिकायत के बाद तत्कालीन अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने रामलला के आभूषणों और दानदाताओं से प्राप्त वस्तुओं की देखरेख करने वाले केडी तिवारी तथा प्रसाद व्यवस्था प्रभारी बजरंग पाठक को राम मंदिर से हटाकर बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया था। केडी तिवारी ने वहां अपनी नई तैनाती पर काम शुरू कर दिया था, जबकि बजरंग पाठक ने आदेश का पालन नहीं किया और कारसेवक पुरम में सेवा देते रहे। इसके बाद उन्हें भी व्यवस्था से बाहर कर दिया गया था।

    अब स्वामी गोविंद देव गिरि के फैसले के बाद केडी तिवारी और बजरंग पाठक की भी राम मंदिर की पुरानी जिम्मेदारियों पर वापसी हो गई है। इससे मंदिर की व्यवस्थाओं में कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर नए प्रशासनिक दौर की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

    इस बीच चढ़ावा प्रकरण के बाद महासचिव पद से त्यागपत्र देने वाले विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपतराय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र भी तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे। दोनों ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसी भी तरह की परेशानी या समस्या होने पर उन्हें इसकी जानकारी दी जाए। दोनों ने करीब एक घंटे तक सेवा केंद्र में कर्मचारियों के साथ समय बिताया।

  • यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू, फरवरी-मार्च 2027 में मतदान की तैयारी तेज होने के संकेत

    यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू, फरवरी-मार्च 2027 में मतदान की तैयारी तेज होने के संकेत

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी और प्रशासनिक तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। मौजूदा परिस्थितियों और प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए इन राज्यों में फरवरी से मार्च के बीच मतदान कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    पांचों राज्यों में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा चुनावी राज्य है और यहां विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा। इसके बावजूद चुनाव इससे काफी पहले कराए जा सकते हैं। यदि फरवरी या मार्च में मतदान होता है, तो उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से करीब दो महीने पहले ही अपने प्रतिनिधियों के चुनाव का मौका मिल जाएगा।

    मौजूदा समय में पांचों राज्यों के विधानसभा कार्यकाल समाप्त होने की तारीखों पर नजर डालें तो सबसे पहले मणिपुर का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को पूरा होगा। इसके अगले दिन यानी 14 मार्च को गोवा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होगा। पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च और उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 28 मार्च 2027 को समाप्त होना है। उत्तर प्रदेश में सबसे बाद में 22 मई 2027 को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल पूरा होगा।

    ऐसे में चुनाव कार्यक्रम इस तरह तैयार किए जाने की संभावना है कि पांचों राज्यों में मतदान की प्रक्रिया 13 मार्च से पहले पूरी हो जाए। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी करने और परिणाम घोषित करने के लिए चुनाव आयोग को पर्याप्त समय की जरूरत होगी। इसी वजह से फरवरी से मतदान शुरू होने की संभावना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    चुनाव की तैयारियों में जनगणना और मतदाता सूची से जुड़े काम भी महत्वपूर्ण हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में जनगणना का काम 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच पूरा किए जाने की योजना है। चुनाव और जनगणना दोनों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। खासतौर पर शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तैनाती दोनों प्रक्रियाओं में होने के कारण इनके बीच समय का तालमेल बेहद जरूरी होता है।

    जनगणना की तारीखों में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर संभावित टकराव कम होने की उम्मीद है। इससे चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन के लिए चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना आसान हो सकता है।

    मतदाता सूची को लेकर भी पांचों राज्यों में प्रक्रिया चल रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या करीब 13.4 करोड़ बताई गई है। गोवा में यह संख्या करीब 10.6 लाख और मणिपुर में करीब 19.3 लाख रह गई है। पंजाब और उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची जारी होने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।

    आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीटों के समीकरण, उम्मीदवारों के चयन, गठबंधन की संभावनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां आने वाले महीनों में और तेज होने की उम्मीद है। खासकर उत्तर प्रदेश में चुनावी मुकाबला राष्ट्रीय राजनीति पर भी व्यापक असर डाल सकता है।

    हालांकि मतदान की सटीक तारीखों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। अंतिम चुनाव कार्यक्रम निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित किया जाएगा। फिलहाल प्रशासनिक तैयारियों और विधानसभा कार्यकाल की समयसीमा को देखते हुए फरवरी-मार्च 2027 का दौर पांचों राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • चेन्नई मेट्रो के विज्ञापन पर मचा बवाल, ‘गर्लफ्रेंड देगी 0% इंटरेस्ट’ वाले दावे पर महिला सम्मान को लेकर उठे सवाल

    चेन्नई मेट्रो के विज्ञापन पर मचा बवाल, ‘गर्लफ्रेंड देगी 0% इंटरेस्ट’ वाले दावे पर महिला सम्मान को लेकर उठे सवाल

    नई दिल्ली । चेन्नई मेट्रो में लगे एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए इस विज्ञापन में गर्लफ्रेंड की तुलना ब्याज से की गई है। विज्ञापन में दावा किया गया कि गर्लफ्रेंड शायद शून्य प्रतिशत इंटरेस्ट दे, जबकि एफडी पर 14 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। विज्ञापन का यह अंदाज अब सवालों के घेरे में आ गया है।

    चेन्नई मेट्रो के डिब्बों और परिसरों में लगाए गए इस विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखने को मिली। विज्ञापन में वित्तीय निवेश को आकर्षक तरीके से पेश करने के लिए निजी रिश्ते का उदाहरण इस्तेमाल किया गया था। लेकिन यही तुलना विवाद की वजह बन गई।

    विज्ञापन को लेकर आपत्ति जताने वालों का कहना है कि किसी वित्तीय उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं और निजी रिश्तों को इस तरह इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इस तरह की भाषा महिलाओं को एक वस्तु की तरह पेश करती है और सार्वजनिक स्थान पर ऐसे संदेश से महिलाओं की गरिमा प्रभावित हो सकती है।

    मामला राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गया है। डीएमके की सांसद तमिझाची थंगापांडियन ने विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने मांग की कि इस विज्ञापन को मेट्रो से तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना महिलाओं की प्रतिष्ठा के लिए उचित नहीं है।

    एआईएडीएमके की ओर से भी विज्ञापन पर विरोध जताया गया है। पार्टी की प्रवक्ता कोवाई सत्यन ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की और संबंधित क्रेडिट सोसायटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। उनका कहना है कि लोगों को ब्याज दर के बारे में जानकारी देने के लिए महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    विवाद बढ़ने के बाद अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में विज्ञापन प्रदर्शित करने से पहले उनकी भाषा और विषयवस्तु की किस तरह जांच की जानी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में अलग-अलग आयु वर्ग के लोग आते-जाते हैं, इसलिए विज्ञापनों की भाषा को लेकर संवेदनशीलता बरतना जरूरी माना जाता है।

    इस पूरे मामले में विज्ञापन की रचनात्मक शैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। एफडी की ब्याज दर को आकर्षक बनाने के लिए रिश्ते और भावनाओं से जुड़ी तुलना करने की कोशिश की गई, लेकिन इसका संदेश लोगों के एक वर्ग को आपत्तिजनक लगा। इसी वजह से विज्ञापन का उद्देश्य पीछे छूट गया और उसकी भाषा चर्चा का मुख्य विषय बन गई।

    चेन्नई मेट्रो में लगाए गए इस विज्ञापन को लेकर अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े विषयों को ध्यान में रखते हुए ऐसे विज्ञापनों की समीक्षा होनी चाहिए। वहीं पूरा विवाद इस बात पर केंद्रित है कि क्या वित्तीय प्रचार के लिए निजी रिश्तों और महिलाओं को इस तरह तुलना का आधार बनाना उचित है।

  • MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी

    MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में सितंबर महीना शुरू होने के साथ सुबह का नजारा शीत ऋतु के आगमन की आहट देने लगा है. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) अभी कमजोर पड़ता नहीं दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

    कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और इंडो-गंगेटिक प्लेन में सक्रिय ट्रफ की वजह से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मॉनसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं. अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान है।


    दिल्ली-NCR में तेज हवा, बारिश का अलर्ट

    दिल्ली में 7 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हरियाणा-चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी 7 सितंबर को बारिश की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है।


    यूपी में भी आंधी, तेज बारिश का अनुमान

    उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को पश्चिमी हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. लखनऊ में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।


    उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा

    उत्तराखंड में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. इसके अलावा 10 से 12 सितंबर के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं. देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर, काशीपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मिट्टी के कटाव का खतरा बना हुआ है।


    मध्य भारत में भी बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मॉनसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. विदर्भ में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. भोपाल में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश

    बिहार में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    झारखंड में 8 से 11 सितंबर के दौरान बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है. राज्य के कुछ इलाकों में पहले से बने बाढ़ जैसे हालात के बीच बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।


    महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना

    महाराष्ट्र में 7 से 12 सितंबर के दौरान कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है. कोंकण तट पर कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मुंबई में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.


    पूर्वोत्तर राज्यों में भी मॉनसून सक्रिय

    पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून की गतिविधियां जारी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक बारिश का अनुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी इस दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 9-10 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।


    दक्षिण भारत में हल्की बारिश

    दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं. 7 से 12 सितंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 7 से 10 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।


    मछुआरों के लिए भी चेतावनी

    मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. अरब सागर में 11 सितंबर तक सोमालिया और ओमान तट के आसपास के कुछ हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका के पास समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।

  • बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने निकाला प्याज का बफर स्टॉक…. 10 दिन में ही बिक गई 4000 टन

    बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने निकाला प्याज का बफर स्टॉक…. 10 दिन में ही बिक गई 4000 टन


    नई दिल्ली। ए
    क ओर जहां चीनी की कीमतों (Sugar prices) में बीते दिनों त्योहारों पर मिठास कम करने का काम किया, तो वहीं प्याज (Onion Price) लोगों की आंख से आंसू निकालती हुई नजर आई. देशभर में प्याज की कीमतों (Onion Price ) में तेज उछाल देखने मिला था. इसे देखते हुए सरकार ने कांदा एक्सप्रेस (Kanda Express) के जरिए तमाम बड़े शहरों में प्याज का बफर स्टॉक रिलीज किया। सरकार ने सिर्फ 10 दिनों में ही 4000 टन बफर स्टॉक प्याज बेच दिया है।


    17 शहरों में सस्ता बेचा प्याज

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी निधि खरे ने रविवार को इस बारे में जानकारी शेयर करते हुए बताया कि सरकार ने आसमान छूती प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य इसकी रियायती बिक्री शुरू की. बफर स्टॉक से निकाले गए इस प्याज को पहले 10 दिनों में 17 शहरों में पहुंचाया गया और करीब 4,000 टन बफर प्याज बेचा जा चुका है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अपनी एजेंसियों NCCF और NAFED के जरिए 2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक जमा रखा है।


    35 रुपये प्रति किलो भाव पर बेचा

    NCCF-NAFED द्वारा प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इस बफर स्टॉक को रिटेल बिक्री के लिए निकाला गया. प्लान के तहत उत्पादक राज्यों से उपभोग केंद्रों तक प्याज को थोक में या तो कांदा एक्सप्रेस नामक स्पेशल ट्रेन से और ट्रकों द्वारा पहुंचाया जा रहा है. चुने गए प्राइस सेंसिटिव शहरों में बफर स्टॉक वाली प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेची जा रही है।

    सेक्रेटरी ने बताया कि भारी मात्रा में माल कांदा एक्सप्रेस के माध्यम से दिल्ली और चेन्नई पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में गुवाहाटी भेजने के लिए तीसरी खेप लोड की जा रही है. उन्होंने कहा कि बफर स्टॉक वाली प्याज के डिस्ट्रीब्यूशन से उपभोक्ताओं को कुछ हद तक राहत मिली है और कीमतों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है.


    NCCF ने कितना बेचा सस्ता प्याज?

    रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीसीएफ की प्रबंध निदेशक एनीस जोसेफ चंद्र ने बताया है कि फेडरेशन द्वारा ने अब तक 35 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर रिटेल बिक्री करते हुए देश के विभिन्न शहरों में 1,500 टन बफर प्याज बेचा गया है. इसके अलावा कुछ राज्यों के साथ अपने स्टोर, मोबाइल वैन, सहकारी समितियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा पहचाने गए अन्य प्लेटफार्मों के जरिए बिक्री करने के लिए समझौता किया गया है।


    अभी भी कई राज्यों में 60 के पार कीमत

    उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से साफ पता चलता है कि बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री से प्याज के अखिल भारतीय रिटेल प्राइस में गिरावट जरूर देखने को मिली है और ये रिलीज से पहले के 50.79 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में बीते 28 अगस्त को 48.5 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

    हालांकि, 5 सितंबर को देश के तमाम शहरों में Onion Price पर नजर डालें, तो इसकी कीमत दिल्ली में 58 रुपये प्रति किलो, मुंबई में 53 रुपये प्रति किलो, चेन्नई में 63 रुपये प्रति किलो और रांची में 40 रुपये प्रति किलो थी, जबकि औसत थोक मूल्य 42.79 रुपये प्रति किलो था।

  • पिंपरी-चिंचवड़ से पुणे तक अचानक बिजली गुल, सब स्टेशन में धमाके के बाद 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित

    पिंपरी-चिंचवड़ से पुणे तक अचानक बिजली गुल, सब स्टेशन में धमाके के बाद 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित


    नई दिल्ली ।
    महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे के कई इलाकों में रविवार दोपहर बिजली सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के बाद आग लगने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। अचानक बिजली गुल होने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से करीब 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए।

    चिंचवड़ स्थित बिजली सब स्टेशन में दोपहर करीब 12 बजकर 25 मिनट पर 22 केवी करंट ट्रांसफॉर्मर और ब्रेकर यूनिट में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद सब स्टेशन में आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की गई और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    सब स्टेशन में आई तकनीकी खराबी का असर हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों पर पड़ा। इसके कारण पिंपरी-चिंचवड़ के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई। पिंपरी-चिंचवड़ और भोसरी क्षेत्र में करीब 2.60 लाख उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

    इस बिजली संकट का असर पुणे शहर के कुछ हिस्सों पर भी पड़ा। शिवाजीनगर और औंध समेत कई इलाकों में करीब 50 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली जाने के कारण घरों और कारोबार के साथ-साथ कई जरूरी सेवाओं पर भी इसका असर देखने को मिला।

    बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पुणे मेट्रो सेवा पर भी पड़ा। पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट के बीच चलने वाली मेट्रो सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था किए जाने के बाद मेट्रो सेवा को दोबारा सामान्य किया गया।

    बिजली विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति बहाल करने की कोशिश शुरू की गई। पुणे के कई इलाकों में दोपहर करीब 1 बजकर 50 मिनट तक वैकल्पिक मार्ग से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके बाद अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे बिजली लौटने लगी।

    अधिकांश इलाकों में दोपहर करीब 3 बजे तक बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अधिक समय लगा। निगड़ी और देहू रोड जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता कुछ समय तक बिजली कटौती से प्रभावित रहे।

    इस तकनीकी खराबी का असर औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ा। आंबेठाण इलाके में करीब 1,500 औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। औद्योगिक गतिविधियों को सामान्य करने के लिए भी बिजली व्यवस्था को तेजी से बहाल करने का प्रयास किया गया।

    घटना के बाद क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को अलग करने और सुरक्षित तरीके से आपूर्ति बहाल करने का काम जारी रहा। तकनीकी टीमों ने प्रभावित हिस्से की जांच और मरम्मत शुरू की, ताकि बिजली आपूर्ति को पूरी तरह स्थिर किया जा सके।

    अचानक हुए इस धमाके और आग की घटना ने पिंपरी-चिंचवड़ से लेकर पुणे तक बड़े क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया। करीब 3.10 लाख उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ा, जबकि मेट्रो और औद्योगिक गतिविधियां भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं। राहत की बात यह रही कि आग पर जल्द काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई।

  • BSP में आकाश आनंद किए गए किनारे, छोटे भाई ईशान को 15 राज्यों की मिली जिम्मेदारी

    BSP में आकाश आनंद किए गए किनारे, छोटे भाई ईशान को 15 राज्यों की मिली जिम्मेदारी


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने संगठन में एक अहम बदलाव किया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद (ईशू) को करीब 15 राज्यों में संगठन के कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है। दूसरी ओर, आकाश आनंद के सोशल मीडिया प्रोफाइल में एक और बदलाव सामने आया है। उन्होंने अपने बायो में अब खुद को ‘BSP समर्थक’ बताया है।

    पार्टी के नए संगठनात्मक फेरबदल में आकाश आनंद को फिलहाल कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वहीं ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है। उन्हें करीब 15 राज्यों में BSP की संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी के कामकाज की समीक्षा करनी होगी।

    आनंद कुमार को सौंपेंगे रिपोर्ट
    ईशान आनंद इन राज्यों में संगठन की स्थिति और पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे अपनी रिपोर्ट अपने पिता और BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को देंगे।

    ईशान को इतने बड़े स्तर पर जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी संगठन में उनकी बढ़ती भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। ईशान, आनंद कुमार के बेटे और मायावती के भतीजे हैं।

    आकाश ने फिर बदला सोशल मीडिया बायो
    BSP के संगठनात्मक बदलाव के बीच आकाश आनंद के सोशल मीडिया बायो में लगातार हो रहे परिवर्तन ने भी राजनीतिक चर्चा को हवा दी है। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने प्रोफाइल से ‘नेशनल कन्वीनर’ का उल्लेख हटाकर खुद को ‘BSP कार्यकर्ता’ बताया था। अब उन्होंने यह पहचान भी बदल दी है और बायो में सिर्फ ‘BSP समर्थक’ लिखा है।

    आकाश के बायो में हुए इस बदलाव को पार्टी में उनकी भूमिका में आए बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने BSP छोड़ने को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।

    सिर्फ बायो से पार्टी छोड़ने की पुष्टि नहीं
    आकाश आनंद के सोशल मीडिया प्रोफाइल में ‘BSP समर्थक’ लिखे जाने से उनकी पार्टी से पूरी तरह अलग होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए उनकी ओर से किसी औपचारिक घोषणा या पार्टी की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा। दूसरी ओर, ईशान आनंद को करीब 15 राज्यों की जिम्मेदारी मिलने से पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता और भूमिका बढ़ने के संकेत जरूर मिलते हैं।

  • अमृतसर एयरपोर्ट के पास आसमान में दिखीं संदिग्ध उड़ती वस्तुएं, 7 फ्लाइट्स डायवर्ट

    अमृतसर एयरपोर्ट के पास आसमान में दिखीं संदिग्ध उड़ती वस्तुएं, 7 फ्लाइट्स डायवर्ट


    चंडीगढ़। पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार रात संदिग्ध उड़ती वस्तुओं के दिखाई देने के बाद सुरक्षा व्यवस्था अलर्ट मोड पर आ गई। रनवे के नजदीक आसमान में दो से चार ऐसी चीजें नजर आईं, जो पहली नजर में ड्रोन जैसी प्रतीत हुईं। संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने अलर्ट जारी कर दिया।

    घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। रनवे के आसपास उड़ती संदिग्ध वस्तुएं नजर आने के बाद एहतियातन अमृतसर पहुंचने वाली 7 उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया। इनमें कुछ विमानों को दिल्ली और कुछ को चंडीगढ़ भेजा गया।

    रुड़ाला गांव की दिशा से आईं नजर
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध उड़ती वस्तुएं रुड़ाला गांव की ओर से एयरपोर्ट की तरफ आती हुई दिखाई दीं। कुछ समय तक ये रनवे और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्र के ऊपर मंडराती रहीं।

    अमृतसर सीमावर्ती जिला होने के कारण एयरपोर्ट के आसपास इस तरह की गतिविधि को सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया गया। सूचना मिलते ही CISF, पंजाब पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। सुरक्षा टीमों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी।

    ड्रोन की पुष्टि नहीं, जांच जारी
    आसमान में दिखाई दी वस्तुएं वास्तव में ड्रोन थीं या कोई अन्य उड़ने वाली चीज, इसकी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। जांच में इन वस्तुओं के संभावित स्रोत और उनकी वास्तविक पहचान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

    घटना के बाद एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र में कुछ समय तक अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी। अब जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आसमान में दिखाई देने वाली वस्तुएं क्या थीं और वे एयरपोर्ट के आसपास कैसे पहुंचीं।

  • जयपुर निकाय चुनाव में नया समीकरण: एक मंच पर दिखे ओवैसी- बेनीवाल, तीसरे मोर्चे की अटकलें तेज

    जयपुर निकाय चुनाव में नया समीकरण: एक मंच पर दिखे ओवैसी- बेनीवाल, तीसरे मोर्चे की अटकलें तेज


    जयपुर। राजस्थान में जयपुर निकाय चुनाव के बीच रविवार को सियासी माहौल उस समय गर्म हो गया, जब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल एक ही मंच पर दिखाई दिए। दोनों नेताओं ने भट्टा बस्ती में आयोजित संयुक्त जनसभा को संबोधित किया।

    यह सभा वार्ड-146 से AIMIM प्रत्याशी फिरोज बानो के समर्थन में आयोजित की गई थी। राजनीतिक जानकार इसे महज चुनावी सभा नहीं, बल्कि दोनों दलों के संभावित तालमेल और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं।

    जयपुर में निकाय चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर, दूसरे चरण का 11 सितंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 सितंबर को की जाएगी।

    सभा में ओवैसी ने कहा कि राजस्थान की राजनीति को एक मजबूत तीसरे विकल्प की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि हनुमान बेनीवाल तीसरी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरते हैं, तो AIMIM उनका समर्थन करने को तैयार है। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच भविष्य के राजनीतिक सहयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    ओवैसी ने अपने संबोधन में भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने धार्मिक स्थलों और मस्जिदों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में नफरत फैलाने वाली राजनीति बंद होनी चाहिए। साथ ही राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकारी स्कूलों की स्थिति और हजारों कक्षाओं की कमी को सरकार की प्राथमिकता का विषय बताया।

  • दिल्ली में स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत करने की तैयारी, स्कूलों और कॉलेजों में इनक्यूबेशन केंद्रों के विस्तार पर सरकार का जोर

    दिल्ली में स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत करने की तैयारी, स्कूलों और कॉलेजों में इनक्यूबेशन केंद्रों के विस्तार पर सरकार का जोर

    नई दिल्ली ।दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी को देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में स्टार्टअप और इनक्यूबेशन नीति 2026 के क्रियान्वयन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने रविवार को स्टार्टअप संस्थापकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में नीति को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और उद्यमियों के अनुकूल बनाने को लेकर सुझाव लिए गए।

    सरकार की योजना दिल्ली में ऐसा स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने की है, जिसमें युवाओं को अपने कारोबारी विचारों को विकसित करने के साथ शुरुआती स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिल सके। इसके लिए विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में स्टार्टअप से संबंधित बुनियादी ढांचा विकसित करने तथा इनक्यूबेशन केंद्र स्थापित करने की दिशा में रोडमैप तैयार किया गया है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नई कंपनियों की संख्या बढ़ाना नहीं है। इसके साथ युवाओं के लिए नवाचार, उद्यमिता और रोजगार के अवसर तैयार करना भी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उद्योग जगत से मिले सुझावों को नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने में उपयोगी माना जा रहा है।

    शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार अपने कार्यकाल के दौरान 10 हजार से अधिक स्टार्टअप को समर्थन और प्रोत्साहन देने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसके माध्यम से युवाओं के लिए चार लाख से अधिक रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलने से रोजगार के साथ नवाचार आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

    बैठक में शामिल स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने नीति निर्माण में उद्यमियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। जिप इलेक्ट्रिक के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आकाश गुप्ता ने कहा कि नए संस्थापकों को मार्गदर्शन और इनक्यूबेशन सहायता उपलब्ध कराने से युवाओं को अपने व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कॉलेजों में पढ़ने वाले युवाओं के लिए ऐसी सुविधाओं को विशेष रूप से उपयोगी बताया।

    एस्ट्रोटॉक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गुप्ता ने भी सरकार द्वारा स्टार्टअप संस्थापकों से सीधे सुझाव लेने की प्रक्रिया की सराहना की। उनके अनुसार, कारोबार से जुड़े लोगों के अनुभवों को नीति निर्माण में शामिल करने से सरकारी योजनाओं को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सकता है। उन्होंने रोजगार सृजन को आर्थिक विकास से जोड़ते हुए स्टार्टअप क्षेत्र को शुरुआती स्तर पर सहयोग देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    कैशकरो और अर्नकरो की सह-संस्थापक स्वाति भार्गवा ने कहा कि नीति निर्माण में वास्तविक उद्यमियों की भागीदारी से उनकी चुनौतियों और जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। इससे नीतियों को जमीन पर लागू करने में भी मदद मिल सकती है।

    दिल्ली सरकार की योजना में शिक्षा संस्थानों को स्टार्टअप गतिविधियों से जोड़ना अहम है। स्कूलों और कॉलेजों में इनक्यूबेशन सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर पर उद्यमिता की जानकारी और अपने विचारों पर काम करने का अवसर मिल सकता है। इससे नए संस्थापकों के लिए मार्गदर्शन और नेटवर्किंग का आधार भी तैयार होगा।

    10 हजार स्टार्टअप और चार लाख से अधिक रोजगार का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकारी तंत्र और उद्योग जगत के बीच निरंतर समन्वय जरूरी होगा। वित्तीय सहायता, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बुनियादी ढांचा और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाओं को मजबूत करना इस नीति की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दिल्ली सरकार की पहल का उद्देश्य आने वाले वर्षों में राजधानी को नवाचार और उद्यमिता के लिए मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना है।