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  • मेडिकल ऑफिसर से MTS तक भर्ती: PGIMER ने जारी किया नोटिफिकेशन 19 अक्टूबर तक करें आवेदन

    मेडिकल ऑफिसर से MTS तक भर्ती: PGIMER ने जारी किया नोटिफिकेशन 19 अक्टूबर तक करें आवेदन


    नई दिल्ली। चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च यानी PGIMER ने नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए भर्ती का शानदार मौका दिया है। संस्थान ने विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कुल 60 रिक्तियां घोषित की हैं। इनमें PGIMER चंडीगढ़ में ग्रुप C के 57 पद शामिल हैं जबकि पंजाब के संगरूर स्थित PGI सैटेलाइट सेंटर में ग्रुप A B और C के 3 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 सितंबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

    PGIMER चंडीगढ़ में जिन 57 पदों पर भर्ती होगी उनमें लाइब्रेरी अटेंडेंट ग्रेड I का एक पद एनिमल अटेंडेंट का एक पद नाई का एक पद और मल्टी टास्किंग स्टाफ सफाई ग्रेड III के 54 पद शामिल हैं। वहीं PGI सैटेलाइट सेंटर संगरूर के लिए मेडिकल ऑफिसर ग्रुप A का एक पद कंप्यूटर प्रोग्रामर ग्रुप B का एक पद और फार्मासिस्ट ग्रेड II ग्रुप C का एक पद निर्धारित किया गया है।

    मेडिकल ऑफिसर के पद के लिए उम्मीदवार के पास मान्य मेडिकल क्वालिफिकेशन होना जरूरी है। इसके साथ ही संबंधित स्टेट मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और परिवार नियोजन तथा शैक्षिक तरीकों से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी। संबंधित स्पेशलिटी में पोस्टग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    कंप्यूटर प्रोग्रामर पद के लिए गणित सांख्यिकी ऑपरेशन रिसर्च फिजिक्स इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस से जुड़ी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता मांगी गई है। इसके अलावा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर के संचालन से संबंधित अनुभव भी आवश्यक होगा। फार्मासिस्ट ग्रेड II के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता के साथ फार्मेसी में डिप्लोमा और फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    लाइब्रेरी अटेंडेंट के लिए साइंस विषय के साथ मैट्रिक लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा और संबंधित अनुभव मांगा गया है। एनिमल अटेंडेंट के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता के साथ हिंदी अंग्रेजी या पंजाबी जैसी किसी भाषा में पढ़ने और लिखने की क्षमता जरूरी होगी। नाई के पद के लिए मैट्रिक पास होने के साथ कम से कम दो साल का अनुभव चाहिए। वहीं MTS पद के लिए मैट्रिक या समकक्ष योग्यता और सफाई संबंधी कार्यों की जानकारी आवश्यक है।

    आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु पद के अनुसार 30 से 35 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आयु की गणना आवेदन की अंतिम तारीख के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी।

    चयन प्रक्रिया में आवेदन की स्क्रीनिंग के बाद कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT स्किल टेस्ट इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन जैसे चरण शामिल हो सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार 18000 रुपये से लेकर 177500 रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी।

    आवेदन शुल्क सामान्य OBC और EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 1500 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि SC और ST उम्मीदवारों को 800 रुपये शुल्क देना होगा। बेंचमार्क दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 3 सितंबर से PGIMER की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर 2026 है इसलिए उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन कर दें।

  • समुद्र का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, मुंबई-कोलकाता में लाखों लोगों के घर डूबने का संकट

    समुद्र का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, मुंबई-कोलकाता में लाखों लोगों के घर डूबने का संकट


    संयुक्त राष्ट्र।
    समुद्र के बढ़ते जलस्तर का खतरा अब भविष्य की आशंका भर नहीं रह गया है। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि भारत के मुंबई और कोलकाता जैसे तटीय शहरों में लाखों लोगों के सामने विस्थापन का तत्काल खतरा पैदा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र का जलस्तर बढ़ने और जमीन के स्थायी रूप से पानी में डूबने के कारण बड़ी आबादी को आने वाले समय में अपने घर गंवाने पड़ सकते हैं।

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट ‘समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से जुड़ी चुनौतियां तथा उनसे निपटने के तरीके और उपाय’ में कहा गया है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर अब दूर का या भविष्य का खतरा नहीं है। यह प्रक्रिया पहले से जारी है और दर्ज इतिहास में किसी भी दौर की तुलना में तेज गति से हो रही है।

    सिर्फ तटीय इलाकों का नहीं, पूरे शहरों का संकट

    रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर पहले से ही शहरी बुनियादी ढांचे पर दिखाई देने लगा है। जल आपूर्ति व्यवस्था, परिवहन नेटवर्क, ऊर्जा ग्रिड, इमारतों और भूजल संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है।

    इसका असर सिर्फ संपत्ति तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि समुद्र का बढ़ता स्तर मानवाधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल, दीर्घकालिक विकास और वित्तीय स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती बन रहा है।

    मुंबई-कोलकाता समेत इन शहरों पर ज्यादा असर

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जोखिम का स्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों में अलग बताया गया है। अमेरिका के मियामी और न्यूयॉर्क तथा चीन के ग्वांगझू जैसे उच्च आय वाले शहरों में सबसे बड़ा खतरा तटीय बुनियादी ढांचे और संपत्तियों को होने वाले भारी वित्तीय नुकसान का है।

    अनुमान के मुताबिक इन शहरों में करीब 2,000 अरब से 3,500 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति जोखिम में है।

    इसके उलट दक्षिण एशिया के निचले डेल्टा क्षेत्रों और मुंबई, कोलकाता तथा ढाका जैसे शहरों में सबसे बड़ा खतरा लोगों के विस्थापन का है। रिपोर्ट के अनुसार यहां 1.4 करोड़ से अधिक लोगों के घरों के स्थायी रूप से पानी में डूबने का तत्काल खतरा है।

    सिर्फ पैसों में नहीं मापा जा सकता नुकसान

    रिपोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि तटीय क्षेत्रों के जोखिम का आकलन केवल आर्थिक नुकसान के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसमें मानवीय जिंदगी, विस्थापन और सामाजिक प्रभाव को भी वित्तीय जोखिमों के बराबर महत्व देने की जरूरत है।

    संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, समुद्र का बढ़ता जलस्तर तटीय समुदायों की कमजोरियों को और बढ़ा रहा है। इसलिए जोखिम का आकलन करने के मौजूदा तरीकों को ज्यादा व्यापक बनाने की जरूरत है।

    स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा गंभीर असर

    समुद्र के बढ़ते जलस्तर का असर जनस्वास्थ्य पर भी पड़ने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने, स्वच्छता व्यवस्था बाधित होने, चोट और मौत के जोखिम में वृद्धि की आशंका जताई गई है।

    रिपोर्ट में मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को भी रेखांकित किया गया है। लगातार बाढ़, घर और आजीविका खोने का डर तथा संभावित विस्थापन लोगों में मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।

    समुद्र का बढ़ता स्तर और जमीन का धंसना, दोहरी मार

    संयुक्त राष्ट्र ने यह भी चेताया है कि समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी और जमीन के धंसने का संयुक्त प्रभाव तटीय बाढ़ के खतरे को और गंभीर बना रहा है।

    इससे तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ जान-माल, आजीविका और महत्वपूर्ण जलीय पारिस्थितिकी तंत्र से मिलने वाली सेवाओं एवं आवासों का नुकसान बढ़ सकता है।

    रिपोर्ट का संदेश स्पष्ट है कि समुद्र का बढ़ता जलस्तर अब आने वाले दशकों की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान समय में सामने आ रही ऐसी चुनौती है, जिसके सामाजिक, आर्थिक और मानवीय प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल तैयारी जरूरी है।

  • क्रिटिकल मिनरल्स पर मिलकर काम करेंगे भारत-अमेरिका, जी20 बैठक में हुई बड़ी डील

    क्रिटिकल मिनरल्स पर मिलकर काम करेंगे भारत-अमेरिका, जी20 बैठक में हुई बड़ी डील


    एशविले।
    भारत और अमेरिका (India and America) ने अपने लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों के तहत महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई है। यह सहमति वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (US Treasury Secretary Scott Bessent) के बीच हुई बातचीत के बाद बनी है।

    दोनों नेताओं की मुलाकात सोमवार को नॉर्थ कैरोलिना (North Carolina) के एशविले में जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक (G 20 Meeting) के दौरान हुई। इस बैठक में महत्वपूर्ण खनिजों और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला को भारत-अमेरिका आर्थिक संवाद के केंद्र में रखा गया। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को स्वीकार किया और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।

    केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट को इस साल के अंत में नई दिल्ली आने का न्योता दिया, ताकि भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक हो सके। इस प्रस्तावित दौरे से दोनों सरकारों को आर्थिक और वित्तीय सहयोग की समीक्षा करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का एक और मौका मिलेगा, जिनमें साझेदारी का विस्तार किया जा सकता है।

    भारत के वित्त मंत्रालय के अनुसार, बेसेंट ने जी7 प्लस ढांचे में भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों पर जी7 के नेतृत्व वाले संवादों में भारत की भागीदारी का भी स्वागत किया।


    महत्वपूर्ण खनिजों पर दोनों देश क्यों साथ आए?

    मंत्रालय ने बताया कि ये चर्चाएं आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने और शोध व तकनीक साझा करने के उद्देश्य से की जा रही हैं। महत्वपूर्ण खनिज प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और रणनीतिक चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। एशविले में हुई बैठक ने भारत और अमेरिका को इस मुद्दे को अपनी व्यापक वित्तीय और आर्थिक साझेदारी से जोड़ने का अवसर दिया।

    सीतारमण-बेसेंट की बैठक ने इस बात को भी रेखांकित किया कि दोनों सरकारें आर्थिक मामलों पर नियमित उच्च-स्तरीय संपर्क बनाए रखने को कितना महत्व देती हैं। उनकी यह चर्चा ऐसे समय में हुई जब वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और विकास व वित्तीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करने के लिए एशविले में जुटे थे।


    भारत के लिए यह सहयोग क्यों अहम है?

    भारत के लिए महत्वपूर्ण खनिज संवादों में भागीदारी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर आपूर्ति-श्रृंखला सुरक्षा, शोध और तकनीक पर काम करने का एक अवसर प्रदान करती है। अमेरिका के लिए, भारत की भागीदारी इन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संसाधनों से जुड़े प्रयासों में एक बड़ी अर्थव्यवस्था और एक महत्वपूर्ण उभरते बाजार को जोड़ती है।

    वित्त मंत्री बेसेंट को दिया गया न्योता इस बात का भी संकेत है कि आर्थिक और वित्तीय साझेदारी नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी रहेगी। यह व्यवस्था दोनों देशों को मंत्रिस्तरीय स्तर पर व्यापक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने की अनुमति देती है।


    नई दिल्ली में बैठक कब होगी?

    इस साल के अंत में नई दिल्ली में प्रस्तावित बैठक एशविले वार्ता के बाद इन परामर्शों को जारी रखेगी। वित्त मंत्रालय ने नई दिल्ली बैठक की कोई तारीख नहीं बताई। उसने यह भी खुलासा नहीं किया कि दोनों देश महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर किन विशिष्ट पहलों को आगे बढ़ा सकते हैं।


    महत्वपूर्ण खनिज आखिर क्यों जरूरी हैं?

    महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग कई उद्योगों में होता है, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, रक्षा विनिर्माण और उन्नत तकनीक शामिल हैं। सरकारें अब अपने स्रोतों में विविधता लाने और केंद्रित आपूर्ति श्रृंखला के कारण होने वाले व्यवधानों के जोखिम को कम करने पर तेजी से ध्यान दे रही हैं।

  • देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी

    देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) एक बार फिर देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिया हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हुई है। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं में 3 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि असम के गुवाहाटी में भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्य समेत चार जिंदा दफन हो गए। मौसम विभाग ने सक्रिय मानसून के चलते 7 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कम से कम 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी (Heavy rain warning) दी है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेज बारिश होने की संभावना है।


    भूस्खलन के कारण जनहानि

    हल्द्वानी से मिली जानकारी के मुताबिक, अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में सोमवार रात भूस्खलन की चपेट में आए घर में सो रही एक महिला और उसके दो बच्चों की दबने से मौत हो गई। जिले के धार की तूनी क्षेत्र में देर रात पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि भीमताल बाईपास पर नाले में बहने से चार साल की बच्ची की जान चली गई।


    नदी के उफान में बह गईं मां-बेटी

    देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मंगलवार तड़के बरसाती रपटे में आए तेज बहाव से दो गाड़ियां बह गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया। कोटद्वार में कोल्हू नदी के उफान में महिला और उसकी एक साल की बेटी बह गई।


    उत्तराखंड में नदियां उफनाई, रास्ते बंद

    उत्तराखंड में कई नदियां उफान पर हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में बारिश से सभी नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नानकसागर बांध से 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शारदा नदी का जलस्तर मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज पर चार पहिया वाहनों का संचालन रोक दिया गया। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 1,48,813 क्यूसेक दर्ज किया गया।


    जम्मू-कश्मीर में बारिश से कई रास्ते बाधित

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। पुंछ जिले में कई नाले उफान पर आ गए। पुंछ-मेंढर मार्ग पर गांव मंगनाड़ में मंगनाड़ नाले के उफान पर आने से मार्ग करीब दो घंटे बाधित रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कठुआ जिले के बिलावर और रामकोट क्षेत्रों में भी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में कठुआ में 73 मिलीमीटर, कटड़ा में 62, पुंछ में 38.5 मिमी बारिश हुई।


    नदी का जलस्तर बढ़ा, 6 बच्चों समेत 10 फंसे

    जम्मू-कश्मीर के ही राजोरी जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बीच विभिन्न इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान बढून क्षेत्र में जमौला नदी में जलस्तर बढ़ने से 6 बच्चों समेत 10 लोग नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तत्काल संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जमौला नदी में पानी बढ़ने से कुछ लोग अचानक उसमें फंस गए थे। पुलिस जवानों और एसडीआरएफ टीम ने तुरंत पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए नदी में फंसे 10 लोगों, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला।


    कालका-शिमला ट्रैक 13 तक बंद

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ब्रिज नंबर 57 के पास मिट्टी बहने से नैरो गेज ट्रेनों का संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनों को 13 सितंबर तक रद्द कर दिया है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।

  • PM मोदी के जन्मदिन के बहाने देश को मथने की तैयारी… BJP शुरू करेगी जनसंपर्क अभियान

    PM मोदी के जन्मदिन के बहाने देश को मथने की तैयारी… BJP शुरू करेगी जनसंपर्क अभियान


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के जन्मदिन के बहाने भाजपा (BJP) ने जनसंपर्क यात्राओं और एक महीने के सेवा संकल्प अभियान (Service Pledge Campaign) के तहत पूरे देश को मथने, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और लोगों से सीधा संवाद करने की व्यापक तैयारी की है।

    योजना के तहत पीएम की जन्मभूमि वडनगर और कर्मभूमि वाराणसी से अलग-अलग यात्रा निकालने की है। इन यात्राओं से जुड़ी टीमें देश के अलग-अलग हिस्सों में बतौर लोकसेवक मोदी की उपलब्धियों की जानकारी देगी। इन यात्राओं से अछूते हिस्से में सेवा संकल्प अभियान के तहत रैलियां, रक्तदान, स्वास्थ्य जांच शिविर के जरिये लोगों से संपर्क साधा जाएगा। सेवा संकल्प अभियान का तानाबाना सोमवार देर रात तक पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, महासचिव स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में बुना गया।


    ये है यात्रा का खाका

    17 सितंबर से वडनगर और वाराणसी से शुरू हो रही यात्रा देश के विभिन्न हिस्से से गुजरते हुए 17 अक्तूबर को क्रमश: वाराणसी और वडनगर पहुंचेगी। दोनों यात्रा प्रतिदिन सौ किमी के सफर के साथ अलग-अलग तीन-तीन हजार किमी क्षेत्र को कवर करेगी। प्रतिदिन कम से कम चार कार्यक्रम करेगी।

  • अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी: उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में लिखित-फिजिकल परीक्षा से मिल सकती है छूट

    अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी: उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में लिखित-फिजिकल परीक्षा से मिल सकती है छूट


    देहरादून। उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान हो सकता है। आने वाले समय में उन्हें राज्य की कुछ नौकरियों में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा से छूट देने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन को पत्र भेजकर पूर्व-अग्निवीरों को विशेष छूट देने के लिए आवश्यक नियमों में बदलाव की सिफारिश की है।

    गृह मंत्रालय ने नियमों में बदलाव का दिया सुझाव

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती के लिए मौजूदा नियमों में जरूरी संशोधन करने को कहा है। इसके तहत उन्हें लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता और शारीरिक मानक परीक्षा से भी छूट देने की सिफारिश की गई है।

    केंद्र का तर्क है कि अग्निवीर सेना में भर्ती से पहले ही कठोर चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण से गुजरते हैं। ऐसे युवाओं के पास अनुशासन, शारीरिक दक्षता और आवश्यक कौशल पहले से मौजूद होता है। इसलिए सरकारी सेवाओं में उनकी भर्ती के दौरान दोबारा इसी तरह की परीक्षाएं लेने की आवश्यकता कम हो सकती है।

    नागरिक सेवाओं और सुरक्षा बलों में तेजी से हो सकेगा समायोजन

    गृह मंत्रालय के मुताबिक, सेना से बाहर आने के बाद पूर्व-अग्निवीरों के पास अनुशासन और सुरक्षा क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव होता है। यदि राज्य भर्ती नियमों में आवश्यक छूट देते हैं, तो इन युवाओं को नागरिक सेवाओं और सुरक्षा बलों में तेजी से समायोजित किया जा सकता है।

    सूत्रों के अनुसार केंद्र के निर्देश के बाद उत्तराखंड में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्मिक विभाग दूसरे विभागों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। इसके लिए अग्निवीरों से संबंधित मौजूदा नियमावली में बदलाव किया जाएगा और इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।

    सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने बताया कि केंद्र की ओर से किए गए अनुरोध के बाद शासन स्तर पर नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    इन ग्रुप-C पदों पर पहले से मिल रहा आरक्षण

    उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों को कई ग्रुप-C पदों पर आरक्षण का लाभ मिल रहा है। इनमें पुलिस आरक्षी, उपनिरीक्षक, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, आबकारी सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे पद शामिल हैं।

    इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बटालियन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), वन्यजीव रक्षक और खनन रक्षक के पदों पर भी 20% आरक्षण का लाभ देने की व्यवस्था जल्द लागू करने पर जोर दिया है।

    केंद्र ने मांगा रिक्त पदों का पूरा ब्योरा

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती के लिए प्रस्तावित पदों की रिक्तियों का पूरा ब्योरा भी मांगा है। इसके लिए राज्य सरकार को एक तय प्रारूप दिया गया है।

    इसमें महीनेवार, पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों की जानकारी देनी होगी। नियमों में बदलाव और नई व्यवस्था लागू होने के बाद सेना से जल्द बाहर आने वाले अग्निवीरों के बैच को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • 4 साल से नहीं कटवाए बाल-दाढ़ी, अब संकल्प तोड़ेंगे आगरा के उदय सिंह, जानिए क्‍या है वजह?

    4 साल से नहीं कटवाए बाल-दाढ़ी, अब संकल्प तोड़ेंगे आगरा के उदय सिंह, जानिए क्‍या है वजह?


    आगरा। चार साल पहले घर से चोरी हुई लाइसेंसी राइफल वापस मिलने का इंतजार कर रहे आगरा के उदय सिंह पिप्पल का अनोखा संकल्प आखिरकार पूरा हो गया। उन्होंने राइफल बरामद होने तक न बाल कटवाने और न दाढ़ी बनाने की ठान ली थी। चार साल तक उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला। अब पुलिस ने वही राइफल बरामद कर ली है, जिसके बाद उदय सिंह भी चार साल बाद अपना पुराना लुक अपनाने की तैयारी में हैं।

    राइफल के साथ सोना-चांदी और नकदी भी ले गए थे चोर
    दरअसल, 6 जून 2022 की रात बदमाश उदय सिंह पिप्पल के घर में घुसे थे। चोर उनकी लाइसेंसी राइफल और 20 कारतूस, करीब ढाई किलो चांदी, 22 तोला सोना और 4 लाख रुपए नकद चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर लिया था, लेकिन लाइसेंसी राइफल का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

    राइफल मिली तो बाल-दाढ़ी कटवाने का लिया था संकल्प
    राइफल चोरी होने के बाद उदय सिंह ने उसी दिन संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, वह न बाल कटवाएंगे और न दाढ़ी बनाएंगे। देखते ही देखते महीने बीतते गए और यह इंतजार चार साल लंबा हो गया। इस दौरान उदय सिंह अपने संकल्प पर कायम रहे। अब राइफल की बरामदगी के साथ उनका चार साल पुराना इंतजार भी खत्म हो गया है।

    25 हजार का इनामी बदमाश धौलपुर से गिरफ्तार
    थाना खैरागढ़ पुलिस, वेस्ट जोन एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश ध्रुव को धौलपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ध्रुव के खिलाफ अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। उसके कब्जे से लाइसेंसी राइफल, 315 बोर के दो जिंदा कारतूस, चोरी के 50 हजार रुपए और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

    चार साल पहले सैंया थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी यही राइफल
    पुलिस की जांच में सामने आया कि बरामद लाइसेंसी राइफल वही है, जो वर्ष 2022 में सैंया थाना क्षेत्र में पूर्व प्रधान के घर से चोरी हुई थी। यानी जिस राइफल के वापस आने का उदय सिंह चार साल से इंतजार कर रहे थे, आखिरकार वह पुलिस के हाथ लग गई। राइफल बरामद होने की खबर मिलते ही उदय सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने पुलिस, एसओजी और खैरागढ़ पुलिस टीम का आभार जताया।

    अब आईने के सामने बैठकर कटवाएंगे बाल-दाढ़ी
    डीसीपी वेस्ट आदित्य के मुताबिक, गिरफ्तार ध्रुव अपने साथियों के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र के गांवों के अलावा अलग-अलग जिलों और राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के दो अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

    चार साल पहले एक चोरी ने उदय सिंह की लाइसेंसी राइफल छीन ली थी। उसके बाद उन्होंने उसे वापस पाने तक बाल-दाढ़ी न कटवाने का संकल्प लिया। अब राइफल लौट आई है। ऐसे में उदय सिंह के लिए इंतजार सिर्फ उस पल का है, जब वह चार साल बाद आईने के सामने बैठकर बाल और दाढ़ी कटवाएंगे।

  • यूपी: शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री आवास घेरा, आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग

    यूपी: शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री आवास घेरा, आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग

    लखनऊ। 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों के मामले में अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आदेश/संस्तुति को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।

    आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग
    अभ्यर्थियों का कहना है कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अभ्यर्थियों के हित में स्पष्ट आदेश/संस्तुति जारी की है, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद शासन और संबंधित विभाग की ओर से इसका अनुपालन नहीं किया गया।

    अभ्यर्थियों के अनुसार आयोग की संस्तुति में 150 में 60 अंक यानी 40% या उससे अधिक अंक पाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानकर नियमानुसार नियुक्ति देने की बात कही गई है। उनका दावा है कि इससे ओबीसी के साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को भी लाभ मिलेगा।

    बोले- संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं
    धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह ने कहा कि अभ्यर्थी किसी पर अहसान नहीं मांग रहे, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती के अभ्यर्थियों ने वर्षों तक संघर्ष किया है और आयोग के आदेश के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। शासन को आदेश को लंबित रखने के बजाय तत्काल अमल की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

    दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
    अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उनका कहना है कि केवल नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आयोग की संस्तुति के मुताबिक जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

    सरकार के सामने रखीं ये मांगें
    – राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश/संस्तुति का तत्काल अनुपालन किया जाए।
    – 150 में 60 अंक यानी 40% अंक पाने वाले पात्र ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित अभ्यर्थियों को नियमानुसार उत्तीर्ण कर नियुक्ति दी जाए।
    – आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
    – आयोग की संस्तुति पर शासन की ओर से की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए।
    – पात्र अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए मामले का जल्द और न्यायपूर्ण निस्तारण किया जाए।

    अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का प्रभावी अनुपालन नहीं होता, तब तक उनका लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, योगेश लोधी, ललिता चौधरी, कुसुम चौधरी, अनुराग पाल, विनोद प्रजापति, राम भवन साहू, शेरा, उमेश गुप्ता, रणबहादुर वर्मा, नसीम और राकेश साहनी समेत अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे।

  • UP : ₹17 करोड़ की जाली करेंसी का खुला राज, PNB के करेंसी चेस्ट में मिले नकली नोट, 3 अधिकारी सस्पेंड

    UP : ₹17 करोड़ की जाली करेंसी का खुला राज, PNB के करेंसी चेस्ट में मिले नकली नोट, 3 अधिकारी सस्पेंड

    सहारनपुर। सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी का खुलासा महज 4.30 लाख रुपये की कमी से हुआ। आरबीआई के जयपुर कार्यालय भेजी गई रकम की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक की टीम ने करेंसी चेस्ट की जांच शुरू की, जिसमें एक-एक नोट की पड़ताल के दौरान नकली नोटों का बड़ा जखीरा सामने आया।

    11.50 करोड़ रुपये भेजे गए थे जयपुर

    सहारनपुर में पीएनबी की करीब 72 शाखाएं हैं और दो करेंसी चेस्ट संचालित होते हैं। इनमें एक घंटाघर के पास सोफिया मार्केट और दूसरा गंगोह में है। 5 अगस्त से सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट से 11.50 करोड़ रुपये आरबीआई के जयपुर कार्यालय भेजे गए थे। इसमें सड़े-गले और कटे-फटे नोट भी शामिल थे।

    जयपुर में जमा रकम की जांच के दौरान अधिकारियों को 4,30,900 रुपये की कमी मिली। इसकी जानकारी मेरठ कार्यालय को दी गई। इसके बाद बैंक मुख्यालय से टीम सहारनपुर पहुंची और करेंसी चेस्ट में रखी रकम की जांच शुरू की गई।

    पहले मिले ₹7.40 करोड़ के नकली नोट

    जांच टीम ने करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की बारीकी से जांच शुरू की। शुरुआती पड़ताल में करीब 7.40 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट मिलने की जानकारी सामने आई। जांच आगे बढ़ी तो नकली नोटों की संख्या और रकम भी बढ़ती गई।

    बैंक की टीम के मुताबिक, सोमवार देर रात तक करीब 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने का दावा किया गया है। जांच अभी जारी है, इसलिए रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    4-5 दिन से चल रही नोटों की जांच

    करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की जांच पिछले चार-पांच दिनों से चल रही है। मेरठ और दिल्ली स्थित बैंक मुख्यालय से पहुंची टीमें एक-एक नोट की पड़ताल कर रही हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद बैंक के स्थानीय अधिकारियों से लेकर मुख्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है।

    करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे नकली नोट?

    इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नकली करेंसी बैंक के करेंसी चेस्ट तक पहुंची कैसे। बैंक में रकम जमा होने से पहले नोटों की जांच की जाती है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली नोटों के बंडलों में नकली नोट किस स्तर पर शामिल हुए और वे करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।

    बड़े नेटवर्क की आशंका भी

    करीब 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के बाद किसी बड़े नेटवर्क की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली नोट कहां तैयार किए गए, इनमें किस तरह के कागज और स्याही का इस्तेमाल हुआ और इन्हें असली नोटों के बीच किस स्तर पर मिलाया गया।

    तीन अधिकारी निलंबित, हाउसकीपर हटाया

    पीएनबी की मुख्य बैंक प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक, करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय से टीम भेजी गई है और जांच जारी है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पार्ट टाइम हाउसकीपर को हटा दिया गया है।

    जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

  • सीतापुर में हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर CBIC का छापा , 15 वाहनों से पहुंची टीम, दस्तावेजों की जांच जारी

    सीतापुर में हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर CBIC का छापा , 15 वाहनों से पहुंची टीम, दस्तावेजों की जांच जारी

    सीतापुर। यूपी के सीतापुर में तंबौर कस्बे में स्थित इसराइल की हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर मंगलवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की टीम ने छापेमारी की। बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी कई वाहनों से फैक्टरी पहुंचे। टीम के साथ करीब 15 वाहन बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ पर भारत सरकार लिखा हुआ है।

    कार्रवाई के दौरान CBIC अधिकारियों ने फैक्टरी परिसर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की। टीम कारोबार से जुड़े कागजात और रिकॉर्ड खंगाल रही है। छापे की जानकारी मिलते ही फैक्टरी कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

    इसराइल के घर पर भी पहुंची टीम
    सूत्रों के मुताबिक, CBIC की टीम ने फैक्टरी के अलावा इसराइल के आवास पर भी कार्रवाई की। घर के बाहर भी कई सरकारी वाहन खड़े देखे गए। हालांकि, छापेमारी किस मामले में की गई है और जांच का दायरा क्या है, इसे लेकर अधिकारियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी वजह
    कार्रवाई की खबर फैलने के बाद फैक्टरी और आवास के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय स्तर पर छापे को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल अधिकारी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही छापेमारी की वास्तविक वजह, किसी तरह की बरामदगी या अन्य कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।