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  • वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में छह टीमें आमने-सामने, भारत समेत सभी स्क्वॉड और पूरा शेड्यूल यहां जानिए हेडलाइन 2:

    वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में छह टीमें आमने-सामने, भारत समेत सभी स्क्वॉड और पूरा शेड्यूल यहां जानिए हेडलाइन 2:

    नई दिल्ली ।वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में इस बार छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने के बाद अब भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश की टीमें खेल रही हैं। टूर्नामेंट शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हो रहा है। भारत की टीम में युवराज सिंह, हरभजन सिंह, यूसुफ पठान, इरफान पठान, अंबाती रायुडू और रॉबिन उथप्पा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

    भारत चैंपियंस के स्क्वॉड में अंबाती रायुडू, युवराज सिंह, यूसुफ पठान, स्टुअर्ट बिन्नी, इरफान पठान, पवन नेगी, ऋषि धवन, रॉबिन उथप्पा, मोहित शर्मा, धवल कुलकर्णी, वरुण एरॉन, हरभजन सिंह, पीयूष चावला और अभिमन्यु मिथुन हैं। भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 46 रन की जीत से की, जबकि इंग्लैंड से उसे 21 रन से हार मिली।

    ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस में क्रिस लिन, डेविड वॉर्नर, उस्मान ख्वाजा, डी’आर्सी शॉर्ट, रॉब क्विनी, नाथन रियरडन, बेन डंक, केन रिचर्डसन, बेन हिल्फेनहॉस, जेम्स पैटिनसन, फवाद अहमद, बेन लॉफलिन और एंड्रयू टाय शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका के स्क्वॉड में फाफ डुप्लेसिस, रिचर्ड लेवी, सरेल एरवी, कॉलिन इंग्राम, अल्बी मॉर्केल, जेपी डुमिनी, एबी डिविलियर्स, डेन विलास, मोर्ने वान विक, हार्डस विलजोन, वेन पार्नेल, इमरान ताहिर, डुआने ओलिवियर और आरोन फांगिसो हैं।

    इंग्लैंड चैंपियंस की टीम में जेसन रॉय, डेविड मलान, मोईन अली, रवि बोपारा, समित पटेल, जो डेनली, फिल मस्टर्ड, टिम एंब्रोस, लियाम प्लंकेट, अजमल शहजाद, रयान साइडबॉटम, मोंटी पनेसर, स्टुअर्ट मीकर और सर जेम्स एंडरसन हैं। वेस्टइंडीज चैंपियंस में क्रिस गेल, लेंडल सिमंस, शिवनारायण चंद्रपॉल, ड्वेन ब्रावो, डेव मोहम्मद, कार्लोस ब्रेथवेट, आंद्रे रसेल, रेयाड एमरिट, चैडविक वॉल्टन, आंद्रे फ्लेचर, शेल्डन कॉटरेल, फिडेल एडवर्ड्स, सुलेमान बेन और निकिता मिलर शामिल हैं।

    बांग्लादेश चैंपियंस के प्रमुख खिलाड़ियों में इमरुल कायेस, जहुरुल इस्लाम, मोहम्मद अशरफुल, महमूदुल्लाह, शाकिब अल हसन, रोनी तालुकदार, नासिर हुसैन, शुभागता होम, जियाउर रहमान, फजले महमूद, अराफात सनी, कमरुल इस्लाम और एनामुल हक जूनियर हैं। पाकिस्तान ने जरूरी एनओसी नहीं मिलने के बाद टूर्नामेंट से नाम वापस लिया है। उसकी टीम में शाहिद अफरीदी और मोहम्मद हफीज समेत कई खिलाड़ी थे।

    टूर्नामेंट में भारत ने तीन अक्तूबर को ऑस्ट्रेलिया को 46 रन से हराया। चार अक्तूबर को दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 97 रन से मात दी और इंग्लैंड ने भारत को 21 रन से हराया। छह अक्तूबर को भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से है। इसके बाद भारत 11 अक्तूबर को बांग्लादेश और 13 अक्तूबर को वेस्टइंडीज से खेलेगा। पाकिस्तान के हटने से भारत-पाकिस्तान का 10 अक्तूबर का मुकाबला अब नहीं होगा।

    लीग चरण के अन्य मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया-बांग्लादेश और इंग्लैंड-वेस्टइंडीज सात अक्तूबर को, ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश-वेस्टइंडीज नौ अक्तूबर को, इंग्लैंड-दक्षिण अफ्रीका 10 अक्तूबर को, ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज 11 अक्तूबर को, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड 13 अक्तूबर को और बांग्लादेश-दक्षिण अफ्रीका 14 अक्तूबर को होंगे। दोनों सेमीफाइनल 16 अक्तूबर और फाइनल 18 अक्तूबर को शारजाह में खेला जाएगा।

  • शून्य पर आउट हुए विराट कोहली ने फील्डिंग में जीता दिल, नन्ही फैन की आवाज पर दिया ऐसा प्यारा रिएक्शन

    शून्य पर आउट हुए विराट कोहली ने फील्डिंग में जीता दिल, नन्ही फैन की आवाज पर दिया ऐसा प्यारा रिएक्शन


    नई दिल्ली। विराट कोहली भले ही वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में बल्ले से खास कमाल नहीं कर सके लेकिन मैदान पर उनका एक छोटा सा रिएक्शन फैंस का दिल जीत गया। मुकाबले के दौरान विराट कोहली शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गए थे। हालांकि जब वह दूसरी पारी में भारतीय टीम के लिए फील्डिंग करने मैदान पर उतरे तो स्टेडियम में मौजूद फैंस का उत्साह एक बार फिर देखने लायक था। इसी दौरान विराट और एक नन्ही फैन के बीच हुआ प्यारा सा पल कैमरे में कैद हो गया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    विराट कोहली को देखने और उनकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचे थे। विराट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैदान पर वह जहां भी दिखाई देते हैं वहां दर्शकों का जोश अचानक बढ़ जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस सीरीज के पहले मुकाबले में विराट ने शानदार शतक लगाकर अपनी फॉर्म का संकेत दिया था। ऐसे में तीसरे वनडे में भी फैंस को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह खाता खोले बिना ही आउट हो गए।

    बल्लेबाजी में निराशा के बावजूद फील्डिंग के दौरान विराट कोहली को देखकर फैंस का उत्साह कम नहीं हुआ। इसी बीच स्टैंड में बैठी एक छोटी बच्ची अपने पसंदीदा क्रिकेटर का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करने लगी। बच्ची ने मासूम अंदाज में विराट को आवाज लगाई और कहा कि विराट मेरी तरफ तो देख लो। उसकी यह गुहार कुछ ही देर में विराट तक पहुंच गई।

    मैदान पर फील्डिंग कर रहे विराट कोहली की नजर जब उस नन्ही फैन पर पड़ी तो उन्होंने उसकी ओर देखकर हाथ हिला दिया। विराट का यह छोटा सा रिएक्शन बच्ची के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं था। अपने पसंदीदा क्रिकेटर को अपनी ओर देखते और हाथ हिलाते देखकर बच्ची खुशी से झूम उठी। उसके चेहरे की खुशी देखकर आसपास मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।

    विराट कोहली और उनकी इस नन्ही फैन का यह पल अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। फैंस विराट के इस सादगी भरे अंदाज की तारीफ कर रहे हैं। क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले विराट का अपने फैंस के प्रति यह प्यारा व्यवहार लोगों को काफी पसंद आया है। खासकर उस बच्ची के लिए यह पल शायद हमेशा यादगार रहने वाला है।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे बल्लेबाजी के लिहाज से भले ही अच्छा नहीं रहा लेकिन फील्डिंग के दौरान उनका यह अंदाज चर्चा में आ गया। विराट की लोकप्रियता सिर्फ उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं है बल्कि फैंस के साथ उनका जुड़ाव भी उन्हें खास बनाता है। स्टेडियम में मौजूद उस बच्ची की एक छोटी सी गुहार और विराट का हाथ हिलाकर जवाब देना इसका खूबसूरत उदाहरण है।

    अब विराट कोहली अगली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नीली जर्सी में नजर आ सकते हैं। वनडे वर्ल्ड कप 2027 को देखते हुए विराट के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। फैंस उम्मीद कर रहे होंगे कि मैदान पर अगली बार विराट बल्ले से भी ऐसा ही जवाब दें जैसा उन्होंने अपनी नन्ही फैन को दिया और एक बड़ी पारी खेलकर फिर सुर्खियां बटोरें।

  • Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर

    Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर


    लखनऊ।
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 (Aichi-Nagoya Asian Games 2026) में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब टीम इंडिया (Team India) की नजरें वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ टी20 सीरीज (T20 Series) पर हैं. दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर (मंगलवार) को लखनऊ (Lucknow) के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होगा।

    भारतीय टीम ने हाल ही में एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. फाइनल में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने बल्ले से अहम योगदान दिया था. वहीं शिवम दुबे ने ऑलराउंड खेल दिखाया था।


    कप्तान श्रेयस अय्यर पर बड़ी जिम्मेदारी

    टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. एशियन गेम्स में भी अय्यर की अगुवाई में भारत ने गोल्ड जीता था. अब उनकी कोशिश वेस्टइंडीज के खिलाफ भी जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने की होगी. हालांकि, वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता. वनडे सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की थी. ऐसे में कैरेबियाई टीम टी20 सीरीज में मजबूत वापसी करना चाहेगी।


    संजू-अभिषेक कर सकते हैं ओपनिंग

    पहले टी20 के लिए संभावित प्लेइंग-11 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है. नंबर-3 पर ईशान किशन उतर सकते हैं. इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा मध्यक्रम को मजबूती देंगे. एशियन गेम्स के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक और तिलक पर एक बार फिर नजरें रहेंगी।


    शिवम दुबे और नीतीश रेड्डी देंगे ऑलराउंड विकल्प

    मध्यक्रम में शिवम दुबे और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का विकल्प भी देंगे. वहीं अक्षर पटेल स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आ सकते हैं. गेंदबाजी में कुलदीप यादव मुख्य स्पिनर होंगे, जबकि तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभाल सकते हैं. दूसरे तेज गेंदबाज के तौर पर प्रिंस यादव को मौका मिलने की संभावना है।


    कोच गंभीर का वैभव पर बड़ा बयान

    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, ‘वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं और अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन कभी-कभी आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है क्योंकि हम ड्रेसिंग रूम में वह सुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं।


    गोल्ड के बाद अब टी20 सीरीज पर नजर

    एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड जीतने के बाद टीम इंडिया के सामने अब नई चुनौती वेस्टइंडीज की है. लखनऊ में होने वाला पहला टी20 ना सिर्फ पांच मैचों की सीरीज का आगाज होगा, बल्कि गोल्ड मेडल मैच के बाद भारतीय टीम के नए अभियान की शुरुआत भी करेगा।


    पहले टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    पहले टी20 में वेस्टस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग-11:
    शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर.

    भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, नमन धीर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।


    वेस्टइंडीज का स्क्वॉड:
    शाई होप (कप्तान), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर।


    टी20 सीरीज का फुल शेड्यूल

    पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 (लखनऊ)
    दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 (रांची)
    तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 (इंदौर)
    चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 (हैदराबाद)
    पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 (बेंगलुरु)

  • सूर्यकुमार यादव को रणजी टीम में भी नहीं मिली जगह, उपलब्धता बताने के बाद चयन से बाहर होने पर उठे बड़े सवाल

    सूर्यकुमार यादव को रणजी टीम में भी नहीं मिली जगह, उपलब्धता बताने के बाद चयन से बाहर होने पर उठे बड़े सवाल


    नई दिल्ली। सूर्यकुमार यादव के क्रिकेट करियर को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। टीम इंडिया से बाहर होने के बाद अब उन्हें मुंबई की रणजी ट्रॉफी टीम में भी जगह नहीं मिली है। खास बात यह है कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की चयन बैठक से पहले सूर्यकुमार यादव से पूछा गया था कि क्या वह रणजी ट्रॉफी का मुकाबला खेलना चाहते हैं। बताया गया कि सूर्या ने इसके लिए अपनी सहमति भी जताई थी। इसके बावजूद जब मुंबई की टीम का ऐलान हुआ तो उनका नाम स्क्वॉड में नहीं था। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है।

    मुंबई को रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन का अपना पहला मुकाबला 11 अक्टूबर से वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ खेलना है। इस मुकाबले के लिए घोषित टीम की कप्तानी अनुभवी सिद्धेश लाड को सौंपी गई है जबकि युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को उपकप्तान बनाया गया है। टीम में यशस्वी जायसवाल मुशीर खान सरफराज खान सुवेद पारकर शम्स मुलानी तनुष कोटियन और तुषार देशपांडे जैसे खिलाड़ी शामिल हैं लेकिन सूर्यकुमार यादव का नाम नदारद है।

    मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के चयन प्रमुख राजेश पवार ने सूर्यकुमार यादव के चयन को लेकर वजह भी बताई है। उनके मुताबिक सूर्या ने पिछले करीब 18 महीनों से कोई रेड बॉल मुकाबला नहीं खेला है। चयनकर्ताओं का मानना है कि उन्हें पहले कुछ मैचों में खेलकर लंबे फॉर्मेट की लय हासिल करनी चाहिए। इसके बाद उन्हें टीम में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि जब चयनकर्ताओं ने खुद सूर्यकुमार से उनकी उपलब्धता को लेकर संपर्क किया था तो फिर उन्हें शुरुआती मुकाबले के लिए टीम में क्यों नहीं चुना गया।

    सूर्यकुमार यादव ने टी20 क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है। वह टीम इंडिया की कप्तानी भी कर चुके हैं और टी20 विश्व कप में भारत की सफलता के दौरान उनकी भूमिका काफी अहम रही थी। ऐसे में रणजी टीम से बाहर होना उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं माना जा रहा है। खासकर तब जब वह खुद रेड बॉल क्रिकेट में वापसी की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।

    मुंबई की टीम के सामने इस सीजन की शुरुआत में एक और चुनौती भी है। पिछले सीजन में टीम की कप्तानी करने वाले शार्दुल ठाकुर शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। ट्रेनिंग के दौरान उनकी दाहिने हाथ की बीच वाली उंगली में मामूली फ्रैक्चर हुआ है। माना जा रहा है कि वह कम से कम शुरुआती दो मैचों से बाहर रह सकते हैं।

    अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सूर्यकुमार यादव रणजी क्रिकेट में वापसी के लिए किस तरह की तैयारी करते हैं और मुंबई के चयनकर्ता उन्हें अगले मुकाबलों में मौका देते हैं या नहीं। फिलहाल उनकी गैरमौजूदगी ने भारतीय क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।

  • चाइना ओपन में इगा स्वियातेक का धमाका, एक सेट और दो ब्रेक से पिछड़ने के बाद डोना वेकिक को हराकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं

    चाइना ओपन में इगा स्वियातेक का धमाका, एक सेट और दो ब्रेक से पिछड़ने के बाद डोना वेकिक को हराकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं


    नई दिल्ली। चाइना ओपन में छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन इगा स्वियातेक ने शानदार वापसी करते हुए राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। पोलैंड की स्टार खिलाड़ी ने राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में 30वीं वरीयता प्राप्त क्रोएशिया की डोना वेकिक को शिकस्त दी। मुकाबले की शुरुआत स्वियातेक के लिए मुश्किल रही और वह पहले सेट में हार गईं। इसके बाद दूसरे सेट में भी वह 2-5 से पीछे थीं। एक समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबला उनके हाथ से निकल जाएगा लेकिन स्वियातेक ने अपना खेल बदला और शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

    स्वियातेक ने पहला सेट 4-6 से गंवाया। इसके बाद दूसरे सेट में भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुईं। वेकिक ने आक्रामक खेल जारी रखा और स्वियातेक को दो बार अपनी सर्विस गंवानी पड़ी। स्कोर 2-5 होने के बाद स्वियातेक पर मैच से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था। लेकिन यहीं से उन्होंने मुकाबले की दिशा बदल दी।

    पोलिश खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाते हुए वेकिक की सर्विस दो बार तोड़ी और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपनी अपनी सर्विस बचाई और दूसरा सेट टाईब्रेकर तक पहुंच गया। यहां स्वियातेक ने ऐसा दबदबा बनाया कि वेकिक एक भी अंक हासिल नहीं कर सकीं। स्वियातेक ने टाईब्रेकर 7-0 से जीतकर मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगा दी।

    दूसरे सेट की इस शानदार जीत के बाद निर्णायक सेट में स्वियातेक का आत्मविश्वास साफ नजर आया। तीसरे सेट की शुरुआत दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे की सर्विस तोड़कर की। इसके बाद मुकाबला कुछ समय तक बराबरी का रहा। लेकिन 3-2 के स्कोर पर स्वियातेक ने वेकिक की सर्विस तोड़कर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बरकरार रखी और एक बार फिर वेकिक की सर्विस तोड़कर निर्णायक सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।

    इस तरह स्वियातेक ने करीब 2 घंटे 40 मिनट चले मुकाबले में 4-6 7-6 और 6-2 से जीत दर्ज की। मैच के बाद उन्होंने माना कि शुरुआत में वह काफी नाराज थीं। उन्हें लग रहा था कि उनका खेल पूरी तरह खराब नहीं था लेकिन कुछ गलतियों की वजह से वह मुश्किल स्थिति में पहुंच गई थीं। दूसरे सेट के दौरान उन्होंने अपने खेल में बदलाव किया और उसी का फायदा उन्हें मिला।

    अब राउंड ऑफ 16 में स्वियातेक का सामना अमेरिकी खिलाड़ी इवा जोविक से होगा। जोविक ने राउंड ऑफ 32 में कामिला राखिमोवा को सीधे सेटों में 6-1 और 7-5 से हराया है। स्वियातेक के सामने अब इस लय को बरकरार रखने की चुनौती होगी। बीजिंग में उनका पिछला प्रदर्शन भी शानदार रहा है क्योंकि वह 2023 में चाइना ओपन का खिताब जीत चुकी हैं। ऐसे में उनकी नजर इस बार भी खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने पर होगी।

  • एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, हॉकी में 44 साल बाद गोल्ड, सॉफ्ट टेनिस और MMA में भी पहली बार मेडल

    एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, हॉकी में 44 साल बाद गोल्ड, सॉफ्ट टेनिस और MMA में भी पहली बार मेडल


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 भारत के लिए कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ यादगार बन गया। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 21 गोल्ड समेत 85 मेडल अपने नाम किए। खेलों के इस बड़े मंच पर भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे मुकाम हासिल किए जो इससे पहले देश के नाम नहीं थे। महिला हॉकी में लंबे इंतजार के बाद गोल्ड मेडल मिला तो वहीं मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और सॉफ्ट टेनिस जैसे खेलों में भी भारत ने पहली बार पदक जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

    सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन रहा। सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम ने शानदार खेल दिखाया और फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने महिला हॉकी में 44 साल का इंतजार खत्म कर दिया। भारतीय टीम ने इससे पहले 1982 में एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड जीता था। इसके बाद लंबे समय तक देश को इस सफलता का इंतजार करना पड़ा। 2026 में मिली यह जीत भारतीय हॉकी के लिए बेहद खास बन गई।

    मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने इतिहास रचा। सुचिका तारियाल ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एशियन गेम्स में भारत को इस खेल का पहला पदक दिलाया। सुचिका ने प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि सेमीफाइनल में हार के कारण वह फाइनल तक नहीं पहुंच सकीं लेकिन उनका ब्रॉन्ज मेडल भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।

    सॉफ्ट टेनिस में भी भारत ने पहली बार पदक जीता। इस खेल को एशियन गेम्स में शामिल किए जाने के बाद भारतीय खिलाड़ी जय मीणा ने पुरुष वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसी तरह रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने डबल स्कल्स में भारत को पहला मेडल दिलाया।

    स्क्वैश में अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स के स्क्वैश सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। भले ही वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं लेकिन सिल्वर मेडल के साथ उन्होंने नया इतिहास बनाया। पोल वॉल्ट में बरनिका इलांगोवन ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाया।

    वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू का इंतजार भी खत्म हुआ। उन्होंने एशियन गेम्स के इतिहास में अपना पहला मेडल जीता और सिल्वर अपने नाम किया। वहीं सावन बरवाल ने मैराथन में सिल्वर मेडल जीतकर 1982 के बाद भारत को इस स्पर्धा में पहला पदक दिलाया। इन उपलब्धियों ने साबित किया कि भारतीय खिलाड़ी अब पारंपरिक खेलों के साथ नए खेलों में भी लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन

    ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन


    नई दिल्ली। मेड में पहला टेस्ट मुकाबला शुरू होने वाला है। इस अहम मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम की चिंता बढ़ गई है। स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर बैठने की संभावना जताई जा रही है। ग्रीन फिलहाल पेट की मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से उबर रहे हैं और उनकी फिटनेस को लेकर टीम कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

    कैमरून ग्रीन को यह चोट साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले के दौरान लगी थी। बताया गया कि हुक शॉट खेलने के प्रयास में उनके पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आया था। इसके बाद ग्रीन को ऑस्ट्रेलिया के दो दिवसीय वार्म अप मुकाबले में भी नहीं उतारा गया। उन्हें फिलहाल केवल हल्की फिजिकल कंडीशनिंग तक सीमित रखा गया है। ऐसे में पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    ग्रीन की चोट ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अहम भूमिका निभाते हैं। हालिया वनडे सीरीज के दौरान भी उन्हें कंधे में दर्द की समस्या थी जिसके कारण उनकी गेंदबाजी का वर्कलोड सीमित किया गया था। अब पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों प्रभावित हो सकते हैं।

    ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर होने की स्थिति में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के उनके साथी कूपर कोनोली को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकती है। कोनोली एक बैटिंग ऑलराउंडर हैं और मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी के साथ लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। डरबन की परिस्थितियों को देखते हुए उनका चयन ऑस्ट्रेलिया के लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।

    ग्रीन हाल के समय में बल्ले से अच्छी फॉर्म में भी नजर आए हैं। उन्होंने डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में शानदार शतक लगाया था। इस सीरीज में वह स्टीव स्मिथ के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। ऐसे में उनका बाहर होना टीम के बल्लेबाजी क्रम के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार ग्रीन की नजर दूसरे या तीसरे टेस्ट में वापसी पर हो सकती है। हालांकि उनकी अंतिम उपलब्धता उनकी फिटनेस और मेडिकल आकलन पर निर्भर करेगी। उनकी अनुपस्थिति की स्थिति में ब्यू वेबस्टर को भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह मजबूत करने का मौका मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज सैम हार्पर और अनुभवी निक मैडिनसन को भी शामिल किया गया है।

    अब सबकी नजर ग्रीन की फिटनेस रिपोर्ट पर होगी। ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहेगा कि जल्द वापसी के प्रयास में उनकी चोट और गंभीर हो जाए। इसलिए पहले टेस्ट में उन्हें आराम देने का फैसला लिया जाता है या नहीं यह मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे अहम सवाल बना हुआ है।

  • एशियन गेम्स के बाद टीम इंडिया का बड़ा मिशन, 26 दिनों में 10 टी20 मैच, वेस्टइंडीज से न्यूजीलैंड तक होगा जबरदस्त एक्शन

    एशियन गेम्स के बाद टीम इंडिया का बड़ा मिशन, 26 दिनों में 10 टी20 मैच, वेस्टइंडीज से न्यूजीलैंड तक होगा जबरदस्त एक्शन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब एक और बड़े और व्यस्त क्रिकेट मिशन के लिए तैयार है। टीम इंडिया को आने वाले 26 दिनों के दौरान लगातार 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं। इस लंबे और व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज से होगी। इसके बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगी जहां पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। लगातार मुकाबलों और लंबे सफर के कारण खिलाड़ियों के सामने फिटनेस बनाए रखना बड़ी चुनौती रहने वाली है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाएगा। यह मैच भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में होगा। इसके बाद 9 अक्टूबर को दूसरा मुकाबला रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा। तीसरा टी20 मैच 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में होगा। इसके बाद 14 अक्टूबर को हैदराबाद में चौथा मुकाबला खेला जाएगा जबकि सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा।

    वेस्टइंडीज सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होगी। यहां भी दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में होगा। दूसरा मैच भी इसी मैदान पर 24 अक्टूबर को खेला जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीसरा टी20 वेलिंगटन के स्काई स्टेडियम में होगा। चौथा मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जाएगा। दौरे का पांचवां और आखिरी टी20 मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन के सेडन पार्क में होगा।

    इस तरह भारतीय टीम को बेहद कम समय में 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से गुजरना होगा। घरेलू सीरीज में लगातार पांच मैच खेलने के बाद खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा। अलग मौसम और पिच के साथ लगातार यात्रा भी खिलाड़ियों की परीक्षा लेगी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड को संतुलित रखना अहम होगा।

    लगातार क्रिकेट के इस दौर में भारतीय टीम रोटेशन पॉलिसी का सहारा ले सकती है। इससे प्रमुख खिलाड़ियों को जरूरी आराम दिया जा सकता है और युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। खासकर लंबे टूर्नामेंट और लगातार सीरीज को देखते हुए फिटनेस और रिकवरी पर टीम मैनेजमेंट का विशेष ध्यान रह सकता है।

    भारतीय टीम का लक्ष्य दोनों सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत की लय को बनाए रखना होगा। हालांकि वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड दोनों टीमों को हल्के में लेना भारत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। आने वाले 26 दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं और इस दौरान अनुभव के साथ फिटनेस तथा टीम संयोजन की भी बड़ी परीक्षा होगी।

  • इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सके फिर भी करियर में मचाया धमाल, 32 की उम्र में 512 विकेट लेकर लिया संन्यास

    इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सके फिर भी करियर में मचाया धमाल, 32 की उम्र में 512 विकेट लेकर लिया संन्यास


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज क्रेग माइल्स ने महज 32 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। करीब 15 साल लंबे करियर में 500 से ज्यादा विकेट लेने वाले माइल्स ने यह फैसला अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए लिया। उनके संन्यास की खबर सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में उनकी उपलब्धियों के साथ उनके इस फैसले की भी चर्चा हो रही है। माइल्स ने ग्लूस्टरशायर काउंटी क्लब की वेबसाइट पर एक भावुक खुले पत्र के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी।

    क्रेग माइल्स ने जून 2026 में विटैलिटी ब्लास्ट के दौरान ग्लूस्टरशायर के लिए अपना आखिरी मुकाबला खेला था। इसके बाद वह क्रिकेट से दूर हो गए। इस दौरान उन्होंने अपने करियर और मानसिक स्थिति को लेकर काफी विचार किया। लगातार क्रिकेट खेलने के दबाव और खुद से रखी गई ऊंची उम्मीदों ने उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दी थीं। आखिरकार उन्होंने महसूस किया कि अब अपनी मानसिक सेहत को नजरअंदाज करके खेल को जारी रखना सही नहीं होगा।

    माइल्स ने बताया कि क्रिकेट छोड़ने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में भी उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था लेकिन तब वह खराब फॉर्म या मुश्किल दौर को खेल का हिस्सा मानकर आगे बढ़ जाते थे। इस बार परिस्थितियां अलग थीं। उन्हें महसूस होने लगा था कि वह उस मानसिक स्थिति में नहीं हैं जहां अपने तय किए हुए स्तर के मुताबिक ट्रेनिंग और प्रदर्शन कर सकें।

    तेज गेंदबाज ने अपने करियर में खुद से काफी ऊंचे मानक तय किए थे। जब प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं होता था तो वह अपनी क्षमता पर सवाल उठाने लगते थे। लगातार आत्मसंदेह और मानसिक दबाव ने उनके लिए खेल को पहले जैसा सहज नहीं रहने दिया। ऐसे में उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाने के बजाय पूरी तरह संन्यास लेने का फैसला किया ताकि अपनी सेहत और जिंदगी के दूसरे पहलुओं पर ध्यान दे सकें।

    क्रेग माइल्स का घरेलू क्रिकेट करियर शानदार रहा है। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने ग्लूस्टरशायर के लिए लंबे समय तक बेहतरीन प्रदर्शन किया। 15 साल के करियर में उन्होंने 111 फर्स्ट क्लास मुकाबले 57 लिस्ट ए मैच और 71 टी20 मुकाबले खेले। इन सभी प्रारूपों को मिलाकर उनके नाम कुल 512 विकेट दर्ज हैं। इतनी बड़ी उपलब्धि के बावजूद उन्हें इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला।

    माइल्स के करियर में वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप जैसे खिताब भी शामिल रहे। संन्यास के समय उन्होंने अपने करियर की उपलब्धियों पर गर्व जताया और कहा कि अब वह इन सफलताओं को पहले से बेहतर नजरिए से देख पा रहे हैं। ग्लूस्टरशायर के क्रिकेट निदेशक जॉन लुईस ने भी उनके फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अपनी परेशानियों के बारे में खुलकर बात करना कमजोरी नहीं बल्कि साहस और मजबूत चरित्र की निशानी है।

    क्रेग माइल्स का फैसला यह संदेश भी देता है कि खेल में उपलब्धियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों लेकिन मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। 512 विकेट और लंबा घरेलू करियर उनके प्रदर्शन की गवाही देते हैं। अब वह क्रिकेट के मैदान से बाहर एक नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।

  • एशियन गेम्स 2026 का भव्य समापन… क्लोजिंग सेरेमनी में दो गोल्ड विजेता नीरू ढांडा ने लहराया तिरंगा

    एशियन गेम्स 2026 का भव्य समापन… क्लोजिंग सेरेमनी में दो गोल्ड विजेता नीरू ढांडा ने लहराया तिरंगा


    नई दिल्ली।
    एशियन गेम्स 2026 (2026 Asian Games) का रविवार (4 अक्टूबर) को समापान हो गया. क्लोजिंग सेरेमनी (Closing Ceremony) में भारत (India) की ओर से शूटिंग (Shooting) में दो गोल्ड समेत तीन मेडल जीतने वालीं नीरू ढांडा (Neeru Dhanda) ध्वजवाहक रहीं. नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुई एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी का आगाज जापान के नेशनल एंथम के साथ हुआ. इसके बाद खिलाड़ियों की परेड शुरू हुई, जिसमें हर देश का प्रतिनिधित्व उनके ध्वजवाहक ने किया. भारतीय तिरंगे को शान से नीरू ढांडा ने लहराया. ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) का झंडा कतर को सौंपा गया, जो एशियन गेम्स के 21वें संस्करण की मेजबानी करेगा।

    भारत का प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में शानदार रहा. देश ने कुल 85 मेडल जीते, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. भारत ने एशियन गेम्स का अंत अंक तालिका में चौथे स्थान पर रहते हुए किया. पहले स्थान पर चीन का कब्जा रहा, जिन्होंने कुल 341 मेडल अपने नाम किए। इसमें 169 गोल्ड, 89 सिल्वर और 83 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. मेजबान जापान कुल 269 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर रहा. जापान ने 83 गोल्ड, 95 सिल्वर और 91 ब्रॉन्ज मेडल जीते. साउथ कोरिया ने 150 मेडल जीते, जिसमें 39 गोल्ड, 43 सिल्वर और 68 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. भारत 85 मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहा. वहीं, उज्बेकिस्तान 70 मेडल लेकर अंक तालिका में पांचवें नंबर पर रहा।

    आर्चरी में मिले 5 गोल्ड?
    भारत ने आर्चरी में शानदार पांच गोल्ड मेडल मिले. बॉक्सिंग में तीन और रेसलिंग में दो गोल्ड मेडल जीते गए. हॉकी और कबड्डी में टीम की जीत का वही पुराना जोश देखने को मिला, जिसमें पुरुषों और महिलाओं, दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीते. भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम दोनों ने ही बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. एथलेटिक्स में भी रोमांच देखने को मिला, जहां भारत के धावकों और फील्ड एथलीट्स ने दबाव और मौसम की चुनौतियों का सामना करते हुए कीमती मेडल जीते.

    गोल्फ में प्रणवी ने रचा इतिहास
    गोल्फ में भी इतिहास रचा गया, जब प्रणवी उर्स ने इस खेल में भारत के लिए महिलाओं का पहला व्यक्तिगत एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता. शूटिंग भारत के लिए मेडल दिलाने वाले सबसे मजबूत खेलों में से एक रही, जबकि वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, स्क्वैश, रोइंग, टेबल टेनिस, सेलिंग, वुशु, कुराश, एमएमए, सॉफ्ट टेनिस और दूसरे खेलों ने भी कुल मेडल की संख्या बढ़ाने में योगदान दिया।