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  • Women T-20 Asia Cup 2026 का शेड्यूल जारी…. 5 सितंबर को होगी भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत

    Women T-20 Asia Cup 2026 का शेड्यूल जारी…. 5 सितंबर को होगी भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत


    दुबई।
    महिला टी20 एशिया कप 2026 (Women Asia Cup 2026) का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में होगा। भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) अपने अभियान की सबसे बड़ी चुनौती 5 सितंबर को पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ खेलेगी. टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा लेंगी. ग्रुप राउंड के बाद शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा।

    एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने गुरुवार (6 अगस्त) को टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया. इस बार क्रिकेट प्रेमियों की सबसे ज्यादा नजर 5 सितंबर पर रहेगी, जब भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगी।

    आठ टीमों वाला यह टूर्नामेंट 28 अगस्त से शुरू होगा और 13 सितंबर तक चलेगा. उद्घाटन मुकाबला ग्रुप-A में हॉन्गकॉन्ग और थाईलैंड के बीच खेला जाएगा।

    भारत को ग्रुप-A में पाकिस्तान, थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग और चीन के साथ रखा गया है. दूसरी ओर ग्रुप-B में मौजूदा चैम्प‍ियन श्रीलंका के साथ बांग्लादेश, मेजबान यूएई और इंडोनेशिया शामिल हैं।

    टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. दोनों ग्रुप की सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी. इसके बाद दोनों ग्रुप की टॉप दो-दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी।

    पहला सेमीफाइनल 10 सितंबर को ग्रुप-A की शीर्ष टीम और ग्रुप-B की दूसरे स्थान की टीम के बीच होगा. दूसरा सेमीफाइनल 11 सितंबर को ग्रुप-A की दूसरे स्थान की टीम और ग्रुप-B की शीर्ष टीम के बीच खेला जाएगा. फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को आयोजित होगा।

    ग्रुप-B का सबसे बड़ा मुकाबला 6 सितंबर को श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा. वहीं यूएई और इंडोनेशिया भी इसी ग्रुप का हिस्सा हैं. श्रीलंका इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरेगा, जबकि बांग्लादेश ने 2018 में महिला एशिया कप का खिताब जीता था।

    भारत महिला एशिया कप के इतिहास की सबसे सफल टीम है. भारतीय टीम अब तक सात बार चैम्प‍ियन बन चुकी है. इनमें 2004, 2005, 2006 और 2008 में वनडे फॉर्मेट में जीते गए चार खिताब शामिल हैं, जबकि 2012, 2016 और 2022 में भारत ने टी20 फॉर्मेट में ट्रॉफी अपने नाम की थी।

  • पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी

    पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम चयन में सबसे बड़ी खबर शानदार फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजी ऑलराउंडर डैन लॉरेंस की वापसी है जबकि युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। इंग्लैंड ने अनुभव और मौजूदा प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए संतुलित टीम तैयार की है जिससे पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने की कोशिश की जाएगी।

    पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा जबकि तीसरा और अंतिम मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में आयोजित किया जाएगा। शुरुआती दो टेस्ट के लिए घोषित टीम में कई ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिला है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

    डैन लॉरेंस की वापसी उनके शानदार काउंटी चैंपियनशिप प्रदर्शन का इनाम मानी जा रही है। सरे की ओर से खेलते हुए उन्होंने इस सीजन में पांच शतक जड़े हैं और 788 रन बनाकर डिवीजन वन के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। लॉरेंस केवल भरोसेमंद बल्लेबाज ही नहीं बल्कि उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाज भी हैं। ऐसे में वह बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी टीम को अतिरिक्त विकल्प देंगे। माना जा रहा है कि वह मध्यक्रम में नंबर छह पर बल्लेबाजी करेंगे और जरूरत पड़ने पर गेंद से भी अहम भूमिका निभाएंगे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड को जैकब बेथेल की गैरमौजूदगी का झटका लगा है। भारत के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज के दौरान उनके दाहिने घुटने में चोट लग गई थी। मेडिकल टीम की निगरानी के बावजूद वह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और इसी कारण उन्हें पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर रहना पड़ेगा। उनकी जगह जॉर्डन कॉक्स को शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई है। कॉक्स नंबर तीन पर उतरेंगे और टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

    टीम चयन में नए नियुक्त मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग और मार्कस ट्रेस्कोथिक की अहम भूमिका रही। हालांकि इस सीरीज में ट्रेस्कोथिक अंतरिम मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे जबकि फ्लेमिंग इसके बाद पूरी तरह टीम की कमान संभालेंगे। चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

    इंग्लैंड ने विकेटकीपर बल्लेबाज ओली पोप और तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स को भी टीम में वापस शामिल किया है। दोनों खिलाड़ी पिछली एशेज सीरीज के बाद पहली बार टेस्ट टीम का हिस्सा बने हैं। इसके अलावा सैम कुक और ओली रॉबिन्सन जैसे तेज गेंदबाजों को भी मौका दिया गया है जिससे गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत नजर आ रहा है। कप्तान जो रूट के नेतृत्व में टीम पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेगी।

    पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम:
    जो रूट कप्तान जोफ्रा आर्चर गस एटकिंसन शोएब बशीर हैरी ब्रूक ब्रायडन कार्स सैम कुक जॉर्डन कॉक्स बेन डकेट मैथ्यू फिशर एमिलियो गे डैन लॉरेंस ओली पोप ओली रॉबिन्सन जेमी स्मिथ और जोश टोंग।

  • टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपने खेल के इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर की इस उपलब्धि से दुनिया भर के क्रिकेट जगत में उनके खेल कौशल की सराहना हो रही है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर बटलर ने मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने एक ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को न केवल एक आसान और महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत टीम ने अंक तालिका में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है और लगातार मिल रही हार के सिलसिले पर भी विराम लगा दिया है।

    इस रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तिमान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। बटलर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह भी कहा कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं और आने वाले समय में नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ी इससे भी बड़े मुकाम तय करेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की खेल प्रेमियों ने काफी सराहना की।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि बटलर के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और तकनीक पर काम करना जारी रखा। कठिन दौर से गुजरने के बाद की गई यह धमाकेदार वापसी उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    हालांकि टी20 क्रिकेट के इस शीर्ष स्थान के लिए आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। कीरोन पोलार्ड अभी भी विभिन्न वैश्विक लीगों में सक्रिय हैं और उनके पास वापसी का मौका रहेगा। इसके अलावा एलेक्स हेल्स, डेविड वॉर्नर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रेस में ज्यादा पीछे न

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • चीन में होने वाले जूनियर एशिया कप के लिए तैयार भारत, शिलेइमा चानू को मिली टीम की कमान

    चीन में होने वाले जूनियर एशिया कप के लिए तैयार भारत, शिलेइमा चानू को मिली टीम की कमान


    नई दिल्ली। हॉकी इंडिया ने एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। यह प्रतिष्ठित महाद्वीपीय टूर्नामेंट 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चीन में आयोजित होगा, जहां एशिया की सर्वश्रेष्ठ जूनियर टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। भारतीय टीम में 18 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जबकि दो खिलाड़ियों को वैकल्पिक सदस्य के रूप में चुना गया है। टीम की कमान मिडफील्डर खाइदेम शिलेइमा चानू को सौंपी गई है, जिन पर टूर्नामेंट में भारत को मजबूत प्रदर्शन दिलाने की जिम्मेदारी होगी।

    शिलेइमा चानू इससे पहले भी भारतीय जूनियर महिला टीम की कप्तानी कर चुकी हैं और नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में उन्होंने शानदार नेतृत्व क्षमता दिखाई है। टीम हाल ही में यूनाइटेड किंगडम के एक्सपोजर दौरे से लौटी है, जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिला। इस दौरे ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनकी तकनीकी और सामरिक तैयारियों को भी मजबूत किया है।

    जूनियर एशिया कप को एशियाई हॉकी की नई प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़े मंचों में से एक माना जाता है। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भविष्य में सीनियर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने की मजबूत दावेदारी पेश करते हैं। यही वजह है कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट को केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि भविष्य की तैयारी के रूप में भी देख रही है।

    मुख्य कोच टिम व्हाइट ने टीम चयन के बाद खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में खिलाड़ियों ने अपने खेल के हर पहलू पर लगातार काम किया है और एक टीम के रूप में काफी प्रगति की है। उनके अनुसार यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के लिए एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करने और बड़े सपनों की ओर कदम बढ़ाने का सुनहरा अवसर होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह टीम अनुशासन, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रदर्शन के दम पर भारत को गौरवान्वित करेगी।

    भारतीय टीम में गोलकीपर के रूप में निधि और एंगिल हर्षा रानी मिंज को जगह मिली है। डिफेंस में पूजा साहू, सुप्रिया, पूजा मलिक, पार्वती टोपनो और मधु शामिल हैं। मिडफील्ड की जिम्मेदारी कप्तान खाइदेम शिलेइमा चानू के साथ तनुजा टोप्पो, बिनिमा धन, रोशनी आइंद और गीता यादव संभालेंगी। वहीं आक्रमण की कमान लालरिनपुई, पूर्णिमा यादव, सुखवीर कौर, कृष्णा शर्मा, सनिका चंद्रकांत माने और मधु सिदार के हाथों में होगी। एफ लालबियाक्सियामी और तनुश्री दिनेश कडू को वैकल्पिक खिलाड़ियों के रूप में टीम में रखा गया है।

    अब भारतीय टीम की नजर चीन में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर खिताब जीतने पर होगी। युवा खिलाड़ियों से सजी यह टीम अनुभव और ऊर्जा का बेहतरीन मिश्रण लेकर मैदान में उतरेगी और भारतीय हॉकी के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।

  • टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार

    टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और खिलाड़ियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में उतरने वाली भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ उसका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। पिछले 11 वर्षों में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं गंवाया है और अब उसकी नजर इस शानदार सिलसिले को आगे बढ़ाने पर होगी।

    भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 46 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें भारतीय टीम ने 22 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि श्रीलंका केवल 7 मुकाबले जीत सका है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े साफ बताते हैं कि लंबे समय से इस प्रतिद्वंद्विता में भारत का पलड़ा भारी रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद से श्रीलंका भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल नहीं कर पाया है। पिछले 10 टेस्ट मुकाबलों में टीम इंडिया ने हार का स्वाद नहीं चखा और यही रिकॉर्ड उसे इस बार भी मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है।

    हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका भी लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय तेज आक्रमण के लिए चुनौती जरूर है लेकिन टीम प्रबंधन ने उनकी जगह जम्मू कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया है। आकिब घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और जम्मू कश्मीर से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास भी रच चुके हैं। अब सभी की नजर उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

    टीम इंडिया के लिए एक राहत की खबर साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर भी सामने आई है। शुरुआती आशंकाओं के बावजूद उम्मीद जताई जा रही है कि वह पहले टेस्ट से पहले पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो भारत की बल्लेबाजी और भी मजबूत नजर आएगी। शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम को मजबूत बनाता है।

    सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। गाले की पिच पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रहती है इसलिए रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिनरों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा जहां भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा।

    भारतीय टीम के स्क्वॉड में शुभमन गिल कप्तान जबकि केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत साई सुदर्शन ध्रुव जुरेल रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बरार देवदत्त पडिक्कल सारांश जैन मानव सुथार और आकिब नबी टीम का हिस्सा हैं। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों से सजी यह टीम श्रीलंका में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या भारत अपना 11 साल का अजेय रिकॉर्ड कायम रखते हुए एक और टेस्ट सीरीज अपने नाम कर पाएगा।

  • पाकिस्तान की जीत से बदला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित, वेस्टइंडीज को झटका

    पाकिस्तान की जीत से बदला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित, वेस्टइंडीज को झटका


    नई दिल्ली। पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से जीत दर्ज की और इसके साथ ही आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। इस जीत का सीधा फायदा पाकिस्तान को रैंकिंग में मिला और टीम एक स्थान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गई। दूसरी ओर इस हार का खामियाजा वेस्टइंडीज को भुगतना पड़ा और कैरेबियाई टीम एक पायदान नीचे खिसककर नौवें यानी अंतिम स्थान पर पहुंच गई।

    पाकिस्तान के लिए यह जीत कई मायनों में खास रही। टीम ने न केवल तीन साल बाद विदेशी सरजमीं पर टेस्ट मैच जीता बल्कि डब्ल्यूटीसी में अपनी स्थिति भी मजबूत की। अब तक खेले गए छह टेस्ट मैचों में पाकिस्तान ने दो मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि चार मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। इस जीत के बाद टीम का जीत प्रतिशत बढ़कर 22.22 हो गया है जिससे उसे अंक तालिका में लाभ मिला। दूसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान सबसे निचले स्थान पर था लेकिन अब उसने वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ दिया है।

    वेस्टइंडीज की स्थिति इस हार के बाद और कमजोर हो गई है। टीम ने डब्ल्यूटीसी चक्र में अब तक 12 टेस्ट मुकाबले खेले हैं जिनमें केवल दो जीत दर्ज कर सकी है जबकि आठ मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। टीम का जीत प्रतिशत अब 20.83 रह गया है और इसी वजह से वह अंक तालिका में अंतिम स्थान पर पहुंच गई है। लगातार खराब प्रदर्शन ने कैरेबियाई टीम के लिए आगे की राह और कठिन बना दी है।

    मुकाबले की बात करें तो वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए थे और मजबूत शुरुआत की थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में मिली यही बढ़त अंत में निर्णायक साबित हुई। दूसरी पारी में पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखेर दी।

    वेस्टइंडीज दूसरी पारी में केवल 117 रन पर सिमट गई। टीम के पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की ओर से अली उस्मान और साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार चार विकेट अपने नाम किए। दोनों स्पिनरों ने लगातार दबाव बनाकर कैरेबियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम को जल्दी समेट दिया।

    75 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत भले ही थोड़ी धीमी रही लेकिन टीम ने बिना किसी परेशानी के केवल दो विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक दोनों 24 24 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि अजान अवैस ने 18 रन का योगदान दिया। इमाम उल हक 9 रन बनाकर आउट हुए लेकिन तब तक जीत लगभग तय हो चुकी थी।

    यह जीत पाकिस्तान के आत्मविश्वास के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि टीम ने जुलाई 2023 के बाद पहली बार विदेशी धरती पर टेस्ट मुकाबला जीता है। इससे पहले पाकिस्तान ने श्रीलंका में आखिरी विदेशी टेस्ट जीत दर्ज की थी। बाबर आजम की कप्तानी में मिली इस सफलता ने टीम को नई ऊर्जा दी है और डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका में भी उसकी स्थिति पहले से बेहतर हो गई है।

  • जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचते हुए खुद को इस फॉर्मेट का सबसे सफल रन बनाने वाला बल्लेबाज बना दिया है। द हंड्रेड 2026 टूर्नामेंट में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और वेल्श फायर के बीच खेले गए मुकाबले में बटलर ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से न केवल टीम को शानदार जीत दिलाई बल्कि वेस्टइंडीज के दिग्गज कीरोन पोलार्ड का वर्षों पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ बटलर ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।

    मुकाबले में वेल्श फायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की टीम को कप्तान जोस बटलर ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 2 चौके और 6 लंबे छक्के शामिल रहे। बटलर की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने विपक्षी गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उनकी पारी की बदौलत टीम ने केवल एक विकेट खोकर 156 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया और 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

    इस अर्धशतकीय पारी के दौरान ही जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम इस फॉर्मेट में कुल 14833 रन दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने इस मामले में कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया जिनके नाम 14803 रन थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल हैं जिन्होंने टी20 क्रिकेट में 14562 रन बनाए हैं। यह उपलब्धि बटलर की निरंतरता और लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन का प्रमाण मानी जा रही है।

    इस मुकाबले में बटलर ने केवल बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि कप्तानी में भी अपनी छाप छोड़ी। नियमित कप्तान एडम मार्करम के निजी कारणों से उपलब्ध नहीं होने पर टीम की कमान बटलर को सौंपी गई थी। उनकी कप्तानी में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और वेल्श फायर को 155 रन पर रोक दिया। टीम ने हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।

    वेल्श फायर की ओर से फिल साल्ट ने 37 गेंदों में 48 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि मैथ्यू शॉर्ट ने 47 गेंदों में 71 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

    मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की जीत में टिम सीफर्ट का योगदान भी बेहद अहम रहा। उन्होंने 36 गेंदों में नाबाद 62 रन की शानदार पारी खेली जिसमें 10 चौके शामिल थे। उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं पॉल वाल्टर ने भी 18 गेंदों में 37 रन बनाकर जीत को आसान बना दिया।

    जोस बटलर की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में उनकी महानता का भी प्रमाण है। लगातार आक्रामक बल्लेबाजी शानदार नेतृत्व और हर परिस्थिति में मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें इस दौर के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बटलर इस रिकॉर्ड को आने वाले वर्षों में कितनी ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

  • सुजल सिंह का दमदार प्रदर्शन भी नहीं बचा सका टीम को, सार्थक रंजन ने दिलाई नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स को जीत

    सुजल सिंह का दमदार प्रदर्शन भी नहीं बचा सका टीम को, सार्थक रंजन ने दिलाई नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स को जीत


    नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के 11वें मुकाबले में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स को 6 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में दमदार जीत हासिल की। इस मुकाबले में ईस्ट दिल्ली के बल्लेबाज सुजल सिंह ने नाबाद 82 रन की बेहतरीन पारी खेलकर अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया लेकिन नॉर्थ दिल्ली के कप्तान सार्थक रंजन की विस्फोटक बल्लेबाजी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। सार्थक ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया और अपनी टीम को आसान जीत दिला दी।

    171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही दो अहम विकेट गंवा दिए। वैभव कांडपाल केवल 5 रन बनाकर आउट हो गए जबकि अर्नव बग्गा भी 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 39 रन के स्कोर पर दो विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि मुकाबला ईस्ट दिल्ली की पकड़ में जा सकता है लेकिन इसके बाद कप्तान सार्थक रंजन और यश भाटिया ने पारी को शानदार तरीके से संभाल लिया।

    दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए केवल 61 गेंदों में 113 रन की विस्फोटक साझेदारी कर मैच पूरी तरह नॉर्थ दिल्ली के पक्ष में कर दिया। कप्तान सार्थक रंजन ने अपनी कप्तानी पारी में केवल 50 गेंदों का सामना करते हुए 95 रन बनाए। उनकी इस धमाकेदार पारी में 7 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे। वह शतक से केवल 5 रन दूर रह गए लेकिन तब तक टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा चुके थे। दूसरी ओर यश भाटिया ने भी शानदार जिम्मेदारी निभाई और 34 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाकर अंत तक क्रीज पर डटे रहे। नॉर्थ दिल्ली ने लक्ष्य को केवल 16 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और बड़ी जीत अपने नाम कर ली।

    इससे पहले टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 171 रन बनाए। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। अर्पित राणा 18 रन बनाकर आउट हुए जबकि ध्रुव कौशिक ने 14 रन बनाए। कप्तान मयंक रावत भी केवल 16 रन ही जोड़ सके। काव्या गुप्ता 2 रन पर आउट हो गए जबकि सूर्यांश रैना ने 16 रन का योगदान दिया।

    एक छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद सुजल सिंह ने शानदार धैर्य और आक्रामकता का परिचय दिया। उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए और अपनी टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए तथा अंत तक आउट नहीं हुए। हालांकि उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका जिसके कारण टीम 171 रन तक ही पहुंच पाई।

    गेंदबाजी में नॉर्थ दिल्ली की ओर से मयंक डागर सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 16 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। अन्य गेंदबाजों ने भी नियमित अंतराल पर विकेट लेकर ईस्ट दिल्ली को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।

    इस जीत के साथ नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने डीपीएल 2026 में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है। कप्तान सार्थक रंजन की विस्फोटक बल्लेबाजी और टीम के संतुलित प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि नॉर्थ दिल्ली इस सीजन खिताब की मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।

  • प्रीति जिंटा संग रिश्ते की चर्चाओं पर ब्रेट ली ने तोड़ी चुप्पी, अफेयर की अफवाहों का बताया सच

    प्रीति जिंटा संग रिश्ते की चर्चाओं पर ब्रेट ली ने तोड़ी चुप्पी, अफेयर की अफवाहों का बताया सच


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने आखिरकार उन चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है जो वर्षों तक उनके और बॉलीवुड अभिनेत्री तथा पंजाब किंग्स की सह मालकिन प्रीति जिंटा के रिश्ते को लेकर होती रहीं। आईपीएल के शुरुआती सीजन से दोनों के नाम को जोड़कर कई तरह की अफवाहें सामने आती रहीं लेकिन अब ब्रेट ली ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच कभी भी प्रेम संबंध नहीं था। दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त थे और आज भी उनकी दोस्ती बरकरार है।

    एक इंटरव्यू में ब्रेट ली ने कहा कि उन्होंने कभी किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को डेट नहीं किया। उन्होंने बताया कि प्रीति जिंटा उस समय पंजाब टीम की मालिक थीं और उनके साथ हमेशा एक सम्मानजनक और दोस्ताना रिश्ता रहा। ली ने कहा कि प्रीति बेहद समझदार और सम्मानित महिला हैं और वह उनका बहुत आदर करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की अटकलों और अफवाहों ने उन्हें कभी परेशान नहीं किया क्योंकि उन्हें हमेशा सच पता था। उनके अनुसार लोग अपनी तरफ से कहानियां बनाते रहे लेकिन उन्होंने कभी इन बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

    दरअसल साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत के साथ ब्रेट ली किंग्स इलेवन पंजाब टीम से जुड़े थे। वह 2010 तक इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे। इसी दौरान मैदान पर और टीम के कार्यक्रमों में प्रीति जिंटा और ब्रेट ली कई बार साथ दिखाई दिए। दोनों की अच्छी बॉन्डिंग को देखकर अफेयर की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि उस समय दोनों में से किसी ने भी इन अफवाहों पर विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

    दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2010 में प्रीति जिंटा ने भी इन चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि हर साल उनका नाम ब्रेट ली के साथ जोड़ दिया जाता है लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त हैं और इससे ज्यादा कुछ नहीं।

    ब्रेट ली की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही है। उन्होंने वर्ष 2006 में एलिजाबेथ केम्प से शादी की थी और दोनों का एक बेटा है। बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया और 2009 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद वर्ष 2014 में ब्रेट ली ने लाना एंडरसन से दूसरी शादी की और अब उनके दो बच्चे हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह कमेंट्री और विभिन्न खेल आयोजनों से जुड़े रहते हैं।

    वहीं प्रीति जिंटा फिल्मों के साथ साथ क्रिकेट की दुनिया में भी सक्रिय हैं। वह आईपीएल में पंजाब किंग्स की सह मालकिन के रूप में लगातार अपनी टीम का उत्साह बढ़ाती नजर आती हैं। हाल के दिनों में वह अपनी आगामी फिल्म बंटवारा 1947 को लेकर भी चर्चा में हैं जिसमें उनके साथ सनी देओल मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। यह फिल्म जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    ब्रेट ली के इस बयान के बाद वर्षों से चली आ रही अफवाहों पर लगभग विराम लग गया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच सिर्फ दोस्ती का रिश्ता था और दोनों ने हमेशा एक दूसरे का सम्मान किया है। यह बयान उन तमाम अटकलों का जवाब है जो लंबे समय तक क्रिकेट और फिल्म जगत में चर्चा का विषय बनी रहीं।