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  • महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका: चोट के कारण श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर

    महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका: चोट के कारण श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की प्रमुख स्पिन गेंदबाज श्रेयंका पाटिल चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। यह खबर भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि श्रेयंका टीम के गेंदबाजी आक्रमण की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती हैं।

    श्रेयंका को यह चोट नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान लगी थी। मैच में पावरप्ले का अंतिम ओवर डालते समय उनका टखना अचानक मुड़ गया, जिससे वह दर्द से कराह उठीं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। इसके बाद वह मैच में दोबारा गेंदबाजी करने नहीं लौट सकीं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेडिकल जांच में चोट गंभीर पाई गई, जिसके चलते उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर करने का फैसला लिया गया। भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी जगह 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया है। प्रेमा घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और उन्हें भविष्य की प्रतिभाशाली स्पिनरों में गिना जाता है।

    प्रेमा रावत महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेल चुकी हैं। पिछले दो सीजन में उन्होंने छह मुकाबलों में हिस्सा लिया और तीन विकेट हासिल किए। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड को सीनियर चैंपियनशिप जिताने में भी उनकी गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई थी। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि वह श्रेयंका की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकेंगी।

    हालांकि इस झटके के बावजूद भारतीय टीम का प्रदर्शन टूर्नामेंट में अब तक शानदार रहा है। भारत ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को 64 रन से हराकर जीत का आगाज किया था। इसके बाद दूसरे मैच में नीदरलैंड्स को 95 रन से करारी शिकस्त देकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली।

    नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया था। टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 47 गेंदों में 74 रन की शानदार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 38 गेंदों में 55 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    गेंदबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। श्री चरणी ने 19 रन देकर चार विकेट झटके, जबकि शेफाली वर्मा ने तीन विकेट हासिल कर ऑलराउंड प्रदर्शन का परिचय दिया। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा, जहां टीम श्रेयंका की अनुपस्थिति में जीत की लय बरकरार रखने की कोशिश करेगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ कोरिया को हराकर नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको, इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ कोरिया को हराकर नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको, इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको का शानदार अभियान जारी है। मेजबान टीम ने ग्रुप ए के अहम मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर न केवल महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, बल्कि टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली टीम बनने का गौरव भी हासिल कर लिया। ग्वाडलाहारा के एक्रोन स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको ने संतुलित खेल का प्रदर्शन करते हुए तीन महत्वपूर्ण अंक अपने नाम किए।

    मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और आक्रामक अंदाज में खेल दिखाया। हालांकि, साउथ कोरिया ने भी जवाबी हमलों के जरिए मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाए रखा। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए, लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग के कारण कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। पहले 45 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।

    दूसरे हाफ की शुरुआत मेक्सिको के लिए बेहद शानदार रही। 50वें मिनट में मिडफील्डर लुईस रोमो ने मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। गुटिएरेज द्वारा दिए गए सटीक थ्रू बॉल का शानदार फायदा उठाते हुए रोमो ने गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों मेक्सिकन समर्थक खुशी से झूम उठे।

    गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार आक्रमण किए। मैच के अंतिम चरण में कोरियाई खिलाड़ियों ने कई खतरनाक मौके बनाए, लेकिन मेक्सिको की रक्षापंक्ति और गोलकीपर रेंगल दीवार बनकर खड़े रहे। खासकर अंतिम मिनटों में रेंगल ने लगातार दो शानदार बचाव कर साउथ कोरिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने मेक्सिको की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

    इस जीत के साथ मेक्सिको ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान भी मजबूत कर लिया है। टीम ने लगातार दो मुकाबले जीतने के साथ-साथ अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। यह उपलब्धि मेक्सिको के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। वह अपनी मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप में शुरुआती दो मैच बिना कोई गोल खाए जीतने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड 1998 विश्व कप में मेजबान फ्रांस ने बनाया था, जब उसने अपने पहले दो मुकाबले बिना कोई गोल खाए जीते थे। अब मेक्सिको की नजर ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में भी जीत हासिल कर खिताब की दावेदारी और मजबूत करने पर होगी।

    फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मेक्सिको का मौजूदा प्रदर्शन उसे इस विश्व कप के मजबूत दावेदारों में शामिल कर रहा है। टीम की संतुलित आक्रमण और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे अन्य टीमों के मुकाबले अलग पहचान दिला रही है।

  • अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ी मजबूती मिली है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पुष्टि की है कि हर्षित राणा ने अपना रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब वह पूरी तरह फिट हैं। इसी के चलते उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

    बीसीसीआई के अनुसार हर्षित राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अपनी फिटनेस और रिहैब प्रक्रिया पूरी की है। वह जल्द ही चेन्नई पहुंचकर भारतीय टीम से जुड़ेंगे। चयनकर्ताओं ने उनकी फिटनेस को देखते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए भी उन पर भरोसा जताया है। हर्षित को आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी-20 टीम में भी जगह दी गई है।

    इस बीच भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम इंडिया पहले ही शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसका लक्ष्य तीसरा मुकाबला जीतकर सीरीज का क्लीन स्वीप करना होगा।

    लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 402 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 79 गेंदों में 125 रनों की विस्फोटक पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

    403 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 232 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। वहीं डेब्यू मैच खेल रहे प्रिंस यादव ने भी दो विकेट हासिल कर प्रभावित किया।

    अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने 79 रन और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रन बनाए, लेकिन उनकी पारियां टीम को हार से नहीं बचा सकीं। यह वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान की रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार रही।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। भारतीय टीम जहां क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा।

  • स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास T20I में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं

    स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास T20I में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं


    नई द‍िल्‍ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने न केवल 74 रनों की शानदार पारी खेली बल्कि इस प्रारूप में 600 चौके पूरे करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनकर एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया जो अब तक पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट में कोई भी खिलाड़ी हासिल नहीं कर सका था।

    हेडिंग्ले में खेले गए इस मैच में मंधाना ने अपनी पारंपरिक आक्रामक और क्लासिक बल्लेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 47 गेंदों पर 74 रन बनाते हुए कई आकर्षक चौके लगाए और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने चौकों की संख्या 600 के पार पहुंचा दी। यह उपलब्धि उन्होंने अपने 168वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हासिल की, जो उनकी निरंतरता और उच्च स्तर की बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है।

    मंधाना की पारी की खासियत उनकी टाइमिंग और गैप्स का सटीक उपयोग रहा, जिसके दम पर उन्होंने लगातार रन गति बनाए रखी और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी इस पारी के चलते भारत ने नीदरलैंड्स के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा किया और मुकाबले में 95 रनों से शानदार जीत दर्ज की।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाली खिलाड़ियों की सूची में अब मंधाना शीर्ष पर पहुंच चुकी हैं। उनके 604 चौकों के साथ न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 521 चौकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि पाकिस्तान के बाबर आजम, आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग और भारत के रोहित शर्मा क्रमशः पीछे हैं। यह आंकड़ा बताता है कि मंधाना किस तरह लगातार विश्व क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दबदबा बनाए हुए हैं।

    इस ऐतिहासिक पारी के दौरान मंधाना ने एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ते हुए महिला टी20 विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह उनका छठा 50+ स्कोर रहा, जो उनकी स्थिरता और बड़े मैचों में योगदान को दर्शाता है।

    मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की 115 रनों की मजबूत साझेदारी की बदौलत 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 114 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां श्री चरणी ने चार विकेट झटके और शेफाली वर्मा ने तीन विकेट लेकर टीम की जीत को सुनिश्चित किया।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने विश्व कप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अब टीम का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा, जहां एक बार फिर सभी की नजरें स्मृति मंधाना पर टिकी होंगी कि क्या वह अपनी यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रख पाती हैं।

  • नीरज चोपड़ा की वापसी पर दुनिया की नजर, 92.62 मीटर फेंक चुके श्रीलंकाई स्टार रूमेश से आज होगी महामुकाबला

    नीरज चोपड़ा की वापसी पर दुनिया की नजर, 92.62 मीटर फेंक चुके श्रीलंकाई स्टार रूमेश से आज होगी महामुकाबला


    नई दिल्ली । भारतीय एथलेटिक्स प्रेमियों की निगाहें शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग 2026 पर टिकी रहेंगी, जहां ओलंपिक और विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर चुके स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा लंबे अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी मैदान में वापसी करेंगे। पिछले साल सितंबर में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के बाद पीठ की चोट के कारण वह किसी बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाए थे। ऐसे में उनकी वापसी को लेकर खेल जगत में उत्साह के साथ-साथ उत्सुकता भी बनी हुई है।

    हालांकि नीरज की राह आसान नहीं होगी। इस बार उनके सामने पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम नहीं होंगे, लेकिन श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रूमेश थरंगा पाथिराजे सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़े हैं। रूमेश ने इस सीजन रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का शानदार थ्रो कर न केवल अपना नाम 90 मीटर क्लब में दर्ज कराया, बल्कि विश्व जैवलिन इतिहास में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

    24 वर्षीय रूमेश इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं। उनका 92.62 मीटर का थ्रो एशियाई एथलेटिक्स के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने इस सीजन कई प्रतियोगिताओं में लगातार 89 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका है और हाल ही में प्रतिष्ठित गोल्डन स्पाइक मीट का खिताब भी अपने नाम किया था।

    दूसरी ओर नीरज चोपड़ा भी दोहा के मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुके हैं। मई 2025 में उन्होंने इसी ट्रैक पर पहली बार 90 मीटर की बाधा पार करते हुए 90.23 मीटर का थ्रो किया था। हालांकि उस प्रतियोगिता में जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर के साथ उन्हें पीछे छोड़ दिया था। इस बार नीरज की कोशिश न केवल शानदार वापसी करने की होगी, बल्कि अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब पहुंचने की भी होगी।

    मुकाबले से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज ने कहा कि उन्होंने वापसी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की। करीब डेढ़ महीने पहले उन्होंने फिर से नियमित थ्रो करना शुरू किया और अंतिम ट्रेनिंग सत्र के बाद ही दोहा में खेलने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि वह खुद को पूरी तरह फिट महसूस कर रहे हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।

    नीरज और रूमेश के बीच अब तक दो मुकाबले हुए हैं और दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक बार एक-दूसरे को पीछे छोड़ा है। ऐसे में दोनों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 1-1 से बराबर है। यही वजह है कि इस भिड़ंत को इस सीजन के सबसे रोमांचक जैवलिन मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
    दोहा डायमंड लीग में केवल नीरज और रूमेश ही नहीं, बल्कि विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स, केशोर्न वॉलकॉट, जैकब वाडलेच, कर्टिस थॉम्पसन और जूलियस येगो जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रहने वाली है।

    भारतीय समयानुसार यह मुकाबला शुक्रवार रात 11 बजे के बाद शुरू होगा। चोट के बाद नीरज की यह वापसी केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले उनकी तैयारी और फिटनेस की भी बड़ी परीक्षा होगी।

  • रिटायरमेंट से लौटेंगे जॉन सीना? WWE दिग्गज बोले- एलन मस्क ही बदल सकते हैं मेरा फैसला

    रिटायरमेंट से लौटेंगे जॉन सीना? WWE दिग्गज बोले- एलन मस्क ही बदल सकते हैं मेरा फैसला


    नई दिल्ली । WWE के इतिहास के सबसे लोकप्रिय सुपरस्टार्स में शामिल जॉन सीना एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भले ही वह आधिकारिक तौर पर इन-रिंग करियर को अलविदा कह चुके हों, लेकिन उनके एक हालिया बयान ने रेसलिंग फैंस के बीच नई उम्मीद जगा दी है। सीना ने मजाकिया अंदाज में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें रिटायरमेंट से वापस आने के लिए मना सकता है, तो वह दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क हैं।

    पिछले वर्ष अपने विदाई दौरे के बाद जॉन सीना ने WWE रिंग को अलविदा कह दिया था। उनके अंतिम मुकाबले में उन्हें गुंथर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। यह मुकाबला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि सीना ने अपने करियर के आखिरी मैच में टैप आउट किया था। हालांकि रिंग से दूरी बनाने के बावजूद वह WWE से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं और रेसलमेनिया 42 तथा बैकलैश 2026 जैसे बड़े आयोजनों में विशेष भूमिकाओं में नजर आ चुके हैं।

    हाल ही में सैन एंटोनियो में आयोजित स्पेसकॉन कार्यक्रम के दौरान जब एक प्रशंसक ने उनसे पूछा कि क्या वह भविष्य में WWE में वापसी कर सकते हैं, तो सीना ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि वह किसी भी चीज की सौ प्रतिशत गारंटी नहीं दे सकते। लेकिन फिलहाल अगर कोई उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मना सकता है तो वह एलन मस्क हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि इसके लिए मस्क को अपनी अपार संपत्ति का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ेगा। जब तक ऐसा नहीं होता, वह खुद को पूरी तरह रिटायर्ड मानते हैं।

    सीना के इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है। कई फैंस इसे मजाक के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ प्रशंसकों को अब भी उम्मीद है कि WWE का यह दिग्गज किसी खास अवसर पर रिंग में वापसी कर सकता है।

    इस दौरान जॉन सीना ने अपने रिटायरमेंट टूर को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह विचार पूरी तरह उनका अपना था। सबसे पहले उन्होंने ही WWE अधिकारियों के सामने विदाई दौरे का प्रस्ताव रखा था। कंपनी को इस योजना को अंतिम रूप देने और लागू करने में लगभग डेढ़ साल का समय लगा। सीना का मानना था कि उनके लंबे और सफल करियर का समापन एक यादगार तरीके से होना चाहिए और इसी सोच के साथ उन्होंने यह योजना बनाई।

    उन्होंने ‘द जॉन सीना क्लासिक’ टूर्नामेंट को लेकर भी दिलचस्प जानकारी साझा की। सीना ने बताया कि इस टूर्नामेंट का विचार भी उनका ही था। इसे लेकर WWE के चीफ कंटेंट ऑफिसर ट्रिपल एच के साथ कई दौर की चर्चा हुई। पिछले कई महीनों से इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है और अब इसे आगे बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।

    फिलहाल जॉन सीना भले ही रिंग से दूर हों, लेकिन WWE यूनिवर्स में उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। उनके बयान और भविष्य की योजनाओं को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि रिटायरमेंट के बाद भी जॉन सीना WWE की सबसे चर्चित हस्तियों में शामिल हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भविष्य में कोई ऐसा अवसर आता है जब फैंस उन्हें एक बार फिर रिंग में मुकाबला करते हुए देख सकेंगे।

  • हैरी केन के डबल धमाके से इंग्लैंड की विजयी शुरुआत, क्रोएशिया को 4-2 से हराया

    हैरी केन के डबल धमाके से इंग्लैंड की विजयी शुरुआत, क्रोएशिया को 4-2 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए क्रोएशिया को 4-2 से हराकर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए। डलास स्टेडियम में खेले गए ग्रुप एल के इस रोमांचक मुकाबले में दर्शकों को आक्रामक फुटबॉल, शानदार गोल और जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान हैरी केन रहे, जिन्होंने दो महत्वपूर्ण गोल दागकर टीम को जीत की राह दिखाई।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने तेज गति से खेलना शुरू किया। क्रोएशिया ने शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने जल्द ही मुकाबले की कमान अपने हाथ में ले ली। 12वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली, जिसने मैच का रुख बदल दिया। हैरी केन का पहला प्रयास गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने रोक लिया, लेकिन नियम उल्लंघन के कारण पेनल्टी दोबारा कराई गई। दूसरे मौके पर केन ने कोई गलती नहीं की और इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

    हालांकि क्रोएशिया ने हार नहीं मानी। मार्टिन बटुरिना ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया और मुकाबले को फिर रोमांचक बना दिया। लेकिन इंग्लैंड ने तुरंत जवाब दिया। एक कॉर्नर किक पर हैरी केन ने बेहतरीन हेडर लगाकर अपना दूसरा गोल दागा और टीम को 2-1 से आगे कर दिया।

    पहले हाफ के अंतिम क्षणों में क्रोएशिया ने फिर वापसी की। स्टॉपेज टाइम में इवान पेरिसिक ने शानदार मूव बनाया और मूसा को पास दिया, जिन्होंने गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। पहले हाफ का अंत बराबरी पर हुआ और दोनों टीमों के बीच मुकाबला पूरी तरह खुला नजर आ रहा था।

    दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए शानदार रही। खेल शुरू होने के केवल दो मिनट बाद जूड बेलिंगहैम ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत प्रयास से गोल दागा। उन्होंने दाईं ओर से बॉक्स में प्रवेश किया और सटीक शॉट के जरिए इंग्लैंड को 3-2 की बढ़त दिला दी। इस गोल ने इंग्लैंड का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया।

    इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार हमले जारी रखे। बेलिंगहैम, डेक्लान राइस और निको ओ’रेली ने कई अवसर बनाए, लेकिन क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने कई शानदार बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी तरफ क्रोएशिया ने भी बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया।

    मैच के अंतिम चरण में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे मार्कस रैशफोर्ड ने इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उन्होंने शानदार मूव बनाते हुए चौथा गोल किया और क्रोएशिया की वापसी की सभी उम्मीदों को समाप्त कर दिया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप एल में मजबूत शुरुआत की है। कप्तान हैरी केन ने दो गोलों के साथ अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं जूड बेलिंगहैम ने भी साबित कर दिया कि वह इंग्लैंड के भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं। इंग्लैंड की यह जीत टीम को टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों के लिए और अधिक आत्मविश्वास प्रदान करेगी।

  • एनरी डर्कसन की विस्फोटक फिफ्टी से साउथ अफ्रीका की रोमांचक जीत, पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया

    एनरी डर्कसन की विस्फोटक फिफ्टी से साउथ अफ्रीका की रोमांचक जीत, पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 के 11वें मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने रोमांचक संघर्ष के बाद पाकिस्तान को 2 विकेट से हराकर महत्वपूर्ण जीत अपने नाम कर ली। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 126 रन बनाए थे, जिसके जवाब में साउथ अफ्रीका ने 16.5 ओवर में 8 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन अंततः एनरी डर्कसन की शानदार अर्धशतकीय पारी ने प्रोटियाज टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया।

    127 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान लौरा वोल्वार्ट केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं, जबकि अनुभवी बल्लेबाज सुने लुस भी सिर्फ 5 रन ही जोड़ सकीं। शुरुआती विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई थी, लेकिन एनरी डर्कसन ने मोर्चा संभालते हुए पाकिस्तान के गेंदबाजों पर पलटवार किया।

    डर्कसन ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और महज 35 गेंदों में 52 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 7 चौके और 2 शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने न केवल रनगति को बनाए रखा, बल्कि विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव भी बनाया। दूसरी ओर नादिन डे क्लर्क ने भी अहम भूमिका निभाई और 28 गेंदों में 37 रन बनाकर टीम की जीत की नींव मजबूत की।

    हालांकि डर्कसन के आउट होने के बाद मुकाबला फिर रोमांचक हो गया। साउथ अफ्रीका ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए और पाकिस्तान की टीम ने मैच में जोरदार वापसी की। एक समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पाकिस्तान की ओर झुक सकता है, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाने में सफलता हासिल की।

    पाकिस्तान की ओर से कप्तान फातिमा सना ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। गेंदबाजी में उन्होंने 16 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके, जबकि सादिया इकबाल ने भी दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इसके बावजूद उनकी मेहनत टीम को जीत नहीं दिला सकी।

    इससे पहले पाकिस्तान की बल्लेबाजी बेहद कमजोर शुरुआत के कारण बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। मुनीबा अली पहली ही गेंद पर आउट हो गईं, जबकि गुल फिरोजा, नतालिया परवेज, आयशा जफर और रमीन शमीम भी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। शीर्ष क्रम की नाकामी के बाद कप्तान फातिमा सना ने शानदार जिम्मेदारी निभाई और 38 गेंदों में नाबाद 55 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 2 छक्के लगाए। तूबा हसन ने भी 23 रनों का उपयोगी योगदान दिया, जिसकी बदौलत पाकिस्तान 126 रन तक पहुंच पाया।

    साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी में मारिजाने कैप सबसे सफल रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट लिए। शबनीम इस्माइल और अयबोंगा खाका ने भी एक-एक विकेट हासिल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

    इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि पाकिस्तान को अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन कर वापसी करनी होगी। मैच की सबसे बड़ी नायिका एनरी डर्कसन रहीं, जिनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने साउथ अफ्रीका को मुश्किल हालात से निकालकर जीत दिलाई।

  • ब्लंडेल और फिलिप्स ने संभाली न्यूजीलैंड की पारी, दूसरे टेस्ट के पहले दिन 291/7 का मजबूत स्कोर

    ब्लंडेल और फिलिप्स ने संभाली न्यूजीलैंड की पारी, दूसरे टेस्ट के पहले दिन 291/7 का मजबूत स्कोर


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच केनिंग्टन ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल रोमांच और उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा। शुरुआती झटकों के बावजूद न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक 7 विकेट के नुकसान पर 291 रन बना लिए। टॉम ब्लंडेल और ग्लेन फिलिप्स की जिम्मेदार पारियों ने टीम को संकट से निकालकर सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत में उसका यह निर्णय सही साबित होता नजर आया। न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे मात्र 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान टॉम लाथम ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए, लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके और 27 रन बनाकर आउट हो गए। हेनरी निकोल्स ने भी शुरुआत तो की, लेकिन 24 रन के निजी स्कोर पर उनकी पारी समाप्त हो गई।

    युवा बल्लेबाज रचिन रविंद्र से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह भी 33 रन बनाकर आउट हो गए। 107 रन के स्कोर तक न्यूजीलैंड अपने चार प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा चुका था और टीम दबाव में दिखाई दे रही थी। ऐसे समय में अनुभवी बल्लेबाज टॉम ब्लंडेल ने मोर्चा संभाला और डेरिल मिचेल के साथ मिलकर पारी को स्थिरता प्रदान की।

    ब्लंडेल और मिचेल ने पांचवें विकेट के लिए 81 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे न्यूजीलैंड की पारी फिर से पटरी पर लौट आई। मिचेल 44 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन ब्लंडेल ने अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए 84 गेंदों में 51 रन बनाए। उनकी पारी में छह आकर्षक चौके शामिल रहे।

    ब्लंडेल के आउट होने के बाद ग्लेन फिलिप्स ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। फिलिप्स ने तेज गति से रन बनाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। दिन का खेल समाप्त होने तक वह 74 गेंदों में 49 रन बनाकर नाबाद लौटे। अपनी पारी में उन्होंने नौ चौके लगाए और दूसरे दिन अर्धशतक पूरा करने के करीब पहुंच गए। उनके साथ काइल जेमिसन 6 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।

    इंग्लैंड की गेंदबाजी की बात करें तो युवा गेंदबाज सन्नी बेकर और जैकब बेथेल ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दोनों ने दो-दो विकेट हासिल किए। जोफ्रा आर्चर, मैथ्यू फिशर और जोश टंग को एक-एक सफलता मिली। हालांकि दिन के अंतिम सत्र में इंग्लिश गेंदबाज न्यूजीलैंड के निचले क्रम को पूरी तरह दबाव में नहीं ला सके।

    इस मैच में इंग्लैंड की टीम कई बदलावों के साथ मैदान पर उतरी है। नियमित कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते जो रूट टीम की कप्तानी कर रहे हैं। वहीं चोटिल ओली रोबिन्सन की जगह जोफ्रा आर्चर को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है।

  • हैरी केन ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप में गैरी लिनेकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर बने इंग्लैंड के संयुक्त शीर्ष स्कोरर

    हैरी केन ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप में गैरी लिनेकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर बने इंग्लैंड के संयुक्त शीर्ष स्कोरर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले ही मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया के सबसे भरोसेमंद स्ट्राइकरों में क्यों गिने जाते हैं। क्रोएशिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में केन ने दो शानदार गोल दागकर न केवल अपनी टीम को 4-2 की महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि इंग्लैंड फुटबॉल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय भी जोड़ दिया। इन दो गोलों के साथ केन ने विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा गोल करने के गैरी लिनेकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

    मैच से पहले हैरी केन को इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए दो गोलों की जरूरत थी और उन्होंने यह काम पहले हाफ में ही पूरा कर दिया। केन ने 12वें मिनट में पेनल्टी के जरिए अपना पहला गोल दागा और टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। इस गोल के साथ उन्होंने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में शूटआउट को छोड़कर पांच पेनल्टी गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके बाद हाफ टाइम से ठीक पहले उन्होंने अपना दूसरा गोल दागकर इंग्लैंड की स्थिति मजबूत कर दी और गैरी लिनेकर के 10 विश्व कप गोलों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

    हैरी केन का विश्व कप सफर 2018 में शुरू हुआ था और तब से वह लगातार बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ते आए हैं। रूस में खेले गए 2018 विश्व कप में उन्होंने छह गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया था। उस टूर्नामेंट में इंग्लैंड सेमीफाइनल तक पहुंचा था और केन टीम के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे थे। इसके बाद कतर में आयोजित 2022 विश्व कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और दो महत्वपूर्ण गोल किए। अब 2026 विश्व कप में उन्होंने अपने गोलों की संख्या 10 तक पहुंचाकर इतिहास रच दिया है।

    इंग्लैंड के लिए केन का योगदान केवल विश्व कप तक सीमित नहीं है। वह राष्ट्रीय टीम के सर्वकालिक शीर्ष गोल स्कोरर भी हैं और पिछले कई वर्षों से टीम की सफलता के प्रमुख स्तंभ रहे हैं। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने यूरो 2020 और यूरो 2024 के फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि टीम खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकी, लेकिन केन के नेतृत्व और प्रदर्शन की हर स्तर पर सराहना हुई।

    क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड ने आक्रामक फुटबॉल का शानदार प्रदर्शन किया। केन के दो गोलों के अलावा जूड बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड ने भी एक-एक गोल दागा। इंग्लैंड की यह जीत न केवल टूर्नामेंट में आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, बल्कि इसने यह भी संकेत दिया कि टीम खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल है।

    अब सभी की निगाहें हैरी केन पर टिकी हैं, क्योंकि अगले गोल के साथ वह गैरी लिनेकर को पीछे छोड़कर फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में इंग्लैंड के सबसे सफल गोल स्कोरर बन जाएंगे। जिस फॉर्म में केन नजर आ रहे हैं, उसे देखते हुए यह रिकॉर्ड टूटना सिर्फ समय की बात लग रही है।