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  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओवरथ्रो से लेकर रन आउट तक…. ICC ने किया कई नियमों में बदलाव

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओवरथ्रो से लेकर रन आउट तक…. ICC ने किया कई नियमों में बदलाव


    नई दिल्ली।
    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council- ICC) ने इंटरनेशनल क्रिकेट (International Cricket) में 1 अक्टूबर (गुरुवार) 2026 से कई नए प्लेइंग कंडीशन्स (New playing conditions) लागू किए गए हैं. हालांकि, जो सीरीज पहले से चल रही हैं, उनमें पुराने नियम ही लागू रहेंगे।


    1. बल्लेबाज ने समय गंवाया तो 5 रन की पेनल्टी

    अगर बल्लेबाज निर्धारित समय के अंदर अगली गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं होता है, तो
    – पहली गलती पर चेतावनी
    – दूसरी गलती पर अंतिम चेतावनी
    – तीसरी और उसके बाद हर गलती पर गेंदबाजी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन


    2. दिन के टेस्ट में पिंक बॉल का ट्रायल

    अब आपसी सहमति से दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में पिंक बॉल का इस्तेमाल ट्रायल के तौर पर किया जा सकता है. इसका उद्देश्य खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की संभावना को कम करना है.

    हालांकि, पिंक बॉल के इस्तेमाल का फैसला टेस्ट शुरू होने से पहले करना होगा. मैच शुरू होने के बाद रेड बॉल से पिंक बॉल या पिंक बॉल से रेड बॉल में बदलाव नहीं किया जा सकता.


    3. महिला क्रिकेट की गेंद के आकार और वजन के नियम सख्त

    महिला और जूनियर क्रिकेट में गेंद के आकार और वजन को लेकर नए नियम बनाए गए हैं. अब पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए तीन अलग-अलग आकार और वजन निर्धारित किए गए हैं.


    4. ओवरथ्रो की परिभाषा स्पष्ट

    अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ओवरथ्रो कब माना जाएगा. अगर कोई फील्डर गेंद को स्टंप की दिशा में फेंकता है ताकि रन रोका जा सके या रन आउट किया जा सके, तो यह ओवरथ्रो माना जाएगा. लेकिन केवल गेंद को रोकने या दूसरे फील्डर को पास करने की कोशिश में हुई मिस्फील्ड को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा.


    5. गेंद कब स्थिर मानी जाएगी?

    अब अंपायर को यह तय करने में ज्यादा अधिकार होगा कि गेंद आखिरकार स्थिर हो गई है या नहीं. गेंद का बॉलर या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा. यह नियम खासकर करीबी मुकाबलों में महत्वपूर्ण हो सकता है, जैसे मैच की आखिरी गेंद पर.


    6. रन आउट और स्टंपिंग में फील्डर का पूरा कंट्रोल जरूरी

    अगर फील्डर गेंद को पकड़कर स्टंप गिराता है, तो उसके पास गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा. सिर्फ हाथ से गेंद को छूना और उसी दौरान स्टंप गिर जाना पर्याप्त नहीं माना जाएगा.


    कब से लागू होंगे नए नियम?
    ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली इंटरनेशनल सीरीज में लागू होंगे. जो सीरीज 1 अक्टूबर से पहले शुरू हो चुकी हैं, वे पुराने प्लेइंग कंडीशन्स के तहत जारी रहेंगी. नए नियमों का फोकस खास तौर पर खेल की गति बढ़ाने, समय बर्बाद रोकने, गेंद के आकार और वजन को स्पष्ट करने और फील्डिंग से जुड़े नियमों में भ्रम दूर करने पर है.

  • रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन का खुला राज बोले कुछ चीजें सिर्फ अपने लिए होती हैं जडेजा को भी नहीं बताया पूरा किस्सा

    रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन का खुला राज बोले कुछ चीजें सिर्फ अपने लिए होती हैं जडेजा को भी नहीं बताया पूरा किस्सा


    नई दिल्ली। गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रोहित शर्मा ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वनडे करियर का 35वां शतक पूरा किया। रोहित की इस पारी ने जहां भारतीय टीम के लिए बड़े लक्ष्य का पीछा आसान बनाया वहीं शतक पूरा करने के बाद उनका अनोखा सेलिब्रेशन भी चर्चा का विषय बन गया। रोहित ने शतक पूरा करने के बाद मैदान पर जिस अंदाज में जश्न मनाया उसे देखकर फैंस से लेकर टीम के साथी खिलाड़ी तक यह जानने को उत्सुक नजर आए कि आखिर इस सेलिब्रेशन के पीछे की वजह क्या थी।

    मैच के बाद जब रोहित शर्मा से उनके इस खास जश्न के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका पूरा राज बताने से इनकार कर दिया। हिटमैन ने साफ किया कि यह सेलिब्रेशन किसी खास व्यक्ति या सार्वजनिक वजह के लिए नहीं था बल्कि उनके लिए था। रोहित ने संकेत दिया कि जिंदगी में कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें इंसान अपने तक ही रखना पसंद करता है। उन्होंने कहा कि वह इस सेलिब्रेशन को अपने लिए रखना चाहते हैं और इसके पीछे की पूरी कहानी साझा नहीं करना चाहते।

    रोहित के इस जवाब ने रहस्य को और बढ़ा दिया। खास बात यह रही कि भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा भी इस सेलिब्रेशन का मतलब जानना चाहते थे। रोहित ने बताया कि जडेजा ने उनसे पूछा था कि आखिर उन्होंने ऐसा जश्न क्यों मनाया। इस पर रोहित ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में बताएंगे। हालांकि बाद में भी रोहित ने इस खास सेलिब्रेशन की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की।

    इस मुकाबले में जडेजा ने रोहित के लिए एक अलग तरह के सेलिब्रेशन की योजना भी बनाई थी। रोहित के मुताबिक जडेजा चाहते थे कि शतक पूरा करने के बाद वह मैदान पर स्लाइड करें और फिर जंप करते हुए जश्न मनाएं। लेकिन रोहित ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि 50 ओवर तक फील्डिंग करने के बाद और फिर करीब 25 से 30 ओवर तक बल्लेबाजी करने के बाद उनके पास स्लाइड और जंप करने जितनी ऊर्जा नहीं बची थी। रोहित का यह अंदाज टीम के माहौल को भी हल्का और मजेदार बनाता नजर आया।

    मैच की बात करें तो वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। भारत को जीत के लिए 406 रन बनाने थे। इतने बड़े लक्ष्य के सामने भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत की जरूरत थी और रोहित शर्मा तथा शुभमन गिल ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड के दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और गेंद की मेरिट के हिसाब से बल्लेबाजी करने पर ध्यान दिया।

    रोहित ने गिल की बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गिल पूरी पारी के दौरान नियंत्रण में नजर आए और अंत तक उनका नाबाद रहना शानदार रहा। रोहित ने यह भी बताया कि गर्मी में लंबे समय तक फील्डिंग करने के बाद इतनी बड़ी रनचेज में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। ऐसे समय में उनके अनुभव ने अहम भूमिका निभाई।

    रोहित और गिल की 250 से ज्यादा रन की बड़ी साझेदारी ने भारत की जीत की नींव मजबूत कर दी। दोनों बल्लेबाजों ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। रोहित का 35वां वनडे शतक इस मुकाबले की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। वहीं उनके रहस्यमयी सेलिब्रेशन ने इस पारी को और भी खास बना दिया।

  • अजीत अगरकर की जगह प्रज्ञान ओझा को मिली अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी, स्थायी नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति

    अजीत अगरकर की जगह प्रज्ञान ओझा को मिली अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी, स्थायी नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की सिलेक्शन कमिटी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अजीत अगरकर का कार्यकाल अभी 4 अक्टूबर तक है, लेकिन उससे पहले ही उन्हें सिलेक्शन कमिटी की मौजूदा बैठक से अलग कर दिया गया है। उनकी जगह कमिटी के सदस्य और पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को फिलहाल अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंगलवार 29 सितंबर को गुवाहाटी में हुई सिलेक्शन कमिटी की बैठक की अध्यक्षता प्रज्ञान ओझा ने की। इस बैठक में अजीत अगरकर शामिल नहीं हुए। आने वाले न्यूजीलैंड दौरे को लेकर टीम की रूपरेखा तैयार करने के लिए 30 सितंबर को होने वाले दूसरे वनडे के दौरान भी सभी चयनकर्ताओं के स्टेडियम में मौजूद रहने की बात कही गई है।

    प्रज्ञान ओझा को फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तहत कमिटी का प्रमुख बनाया गया है। हालांकि, आगे चलकर उन्हें स्थायी रूप से चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। नए सिलेक्टर की नियुक्ति और चयन समिति की संरचना स्पष्ट होने के बाद ही यह तय होगा कि मौजूदा व्यवस्था कितने समय तक जारी रहती है।

    प्रज्ञान ओझा चयन समिति के मौजूदा सदस्यों में टेस्ट क्रिकेट के अनुभव के लिहाज से सबसे वरिष्ठ हैं। उन्होंने भारतीय टीम के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। मौजूदा चयन समिति में शिव सुंदर दास ने 23 टेस्ट, आरपी सिंह ने 14 टेस्ट और अजय रात्रा ने 6 टेस्ट मैच खेले हैं। इसी अनुभव के कारण चयन समिति की अध्यक्षता के लिए ओझा का नाम सामने आया है।

    ओझा ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। अब वह चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें समिति के सदस्यों के बीच स्वीकार्य विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

    सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि प्रज्ञान ओझा की यह जिम्मेदारी केवल अस्थायी रहेगी या उन्हें आगे भी चयन समिति का प्रमुख बनाए रखा जाएगा। इसका जवाब नए चयनकर्ता के चयन के बाद सामने आएगा। यदि पार्थिव पटेल अजीत अगरकर की जगह चयन समिति में शामिल होते हैं, तो ऐसी स्थिति में उनके चेयरमैन बनने की संभावना भी बताई जा रही है।

    वहीं, अगर परिस्थितियां अलग रहती हैं तो प्रज्ञान ओझा चयन समिति के प्रमुख के पद पर बने रह सकते हैं। इस समय चयन समिति में नेतृत्व को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है और आगे होने वाले फैसलों के बाद तस्वीर साफ होगी।

    अजीत अगरकर के कार्यकाल की अवधि पूरी होने से पहले ही उन्हें चयन समिति की बैठक से अलग किए जाने के बाद क्रिकेट प्रशासन में बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वर्तमान में प्रज्ञान ओझा की भूमिका अंतरिम है और स्थायी नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।

    न्यूजीलैंड के आगामी दौरे को देखते हुए चयन समिति के लिए आने वाले फैसले महत्वपूर्ण होंगे। टीम संयोजन, खिलाड़ियों के चयन और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा के बीच प्रज्ञान ओझा फिलहाल चयन समिति की कमान संभाल रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई चयन समिति बनने के बाद चेयरमैन पद की जिम्मेदारी किसे मिलती है।

  • मैच के बाद टीम बस से उतरते वक्त फिसले रोहित शर्मा…. कैमरे में कैद हुआ कोहली का रिएक्शन…?

    मैच के बाद टीम बस से उतरते वक्त फिसले रोहित शर्मा…. कैमरे में कैद हुआ कोहली का रिएक्शन…?


    तिरुवनंतपुरम।
    भारत और वेस्टइंडीज (India vs West Indies) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज (ODI Series) का पहला मुकाबला टीम इंडिया (Team India) ने आठ विकेट से जीत लिया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मुकाबले में विराट कोहली के नाबाद शतक से भारतीय टीम ने धांसू जीत हासिल की। अब अगला मुकाबला 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेला जाएगा। इस शतक की वजह से कोहली तो चर्चा में हैं ही, लेकिन रोहित शर्मा (Rohit Sharma) भी एक अलग वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले वनडे में भारत की जीत के बाद वह टीम बस से उतरते वक्त फिसल गए और लुढ़क कर बस की गेट पर पहुंच गए। इस घटना पर विराट कोहली का रिएक्शन भी वायरल हो रहा है।


    कब की है घटना?

    दरअसल, यह हादसा भारत बनाम वेस्टइंडीज पहले वनडे के बाद हुआ। एक्स पर वायरल हो रहे वीडियोज में विंडीज पर शानदार जीत के बाद जब भारतीय खिलाड़ी टीम बस से होटल पहुंचे, तो सारे खिलाड़ी एक एक कर बस से उतरने लगे। वहां मौजूद पैपराजी भारतीय खिलाड़ियों को उतरते हुए शूट कर रहे थे। विराट कोहली समेत कुछ खिलाड़ी पहले ही उतर गए थे। वहीं, रोहित ऊपर की तरफ देखते हुए बस की सीढ़ी से उतर रहे थे। इसी बीच उनका पैर फिसला और वह लुढ़कते हुए गेट पर जा पहुंचे। वहां मौजूद अन्य स्टाफ ने रोहित को उठाया और फिर वह कुछ बोलते दिखे। वहां हुए शोर के बाद कोहली पीछे की तरफ मुड़े और रोहित की ओर चौंककर देखते हुए नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।


    बीसीसीआई की ओर से अपडेट नहीं

    फिलहाल बीसीसीआई की ओर से रोहित को किसी प्रकार की चोट की पुष्टि नहीं की गई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में रोहित 35 गेंद में दो चौके और तीन छक्के की मदद से 32 रन बनाकर आउट हुए थे। मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल के शतकों की मदद से वेस्टइंडीज पर आठ विकेट से जीत दर्ज की। भारत ने इस तरह तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्टइंडीज ने जस्टिन ग्रीव्स के शतक की मदद से 50 ओवर में सात विकेट पर 295 रन बनाए। ग्रीव्स ने 108 गेंद में 12 चौके की मदद से 101 रन बनाए। वहीं, जॉन कैंपबेल ने 60 गेंद में 62 रन की पारी खेली। इसके अलावा आमिर जांगो ने 58 रन बनाए। भारत की ओर से कुलदीप ने चार विकेट झटके। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को दो विकेट मिले। नीतीश रेड्डी ने एक विकेट लिया।


    भारत की ओर से कोहली-गिल का शतक

    जवाब में कोहली और गिल ने शतक लगाए जिसकी मदद से भारत ने 41.4 ओवर में दो विकेट पर 300 रन बनाकर जीत दर्ज की। कोहली 88 गेंद में 10 चौके और नौ छक्के की मदद से 139 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, गिल ने 108 गेंद में 13 चौके और एक छक्के की मदद से 110 रन की पारी खेली। दूसरा वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेला जाएगा, जबकि तीसरा वनडे तीन अक्तूबर को न्यू चंडीगढ़ में होगा। तीन मैचों की वनडे सीरीज खत्म होने के बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। इसकी शुरुआत छह अक्तूबर से होगी।

  • 35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा

    35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा


    नई दिल्ली। विराट कोहली का नाम वनडे क्रिकेट के उन बल्लेबाजों में शामिल है जिन्होंने लंबे समय तक अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा है। उम्र बढ़ने के साथ जहां आमतौर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिलती है वहीं विराट कोहली के आंकड़े एक अलग कहानी बयां करते हैं। 37 साल की उम्र में भी विराट की रनों की भूख कम होती नजर नहीं आ रही है। बल्कि 35 साल की उम्र के बाद वनडे क्रिकेट में उनके आंकड़े बताते हैं कि इस दौर में भी वह लगातार बड़ी पारियां खेलने में सफल रहे हैं।

    35 साल की उम्र के बाद विराट कोहली ने वनडे में 27 पारियां खेली हैं और इस दौरान उन्होंने 1555 रन बनाए हैं। इन रनों को उन्होंने 70.68 की शानदार औसत और 100.51 के स्ट्राइक रेट से बनाया है। इस दौरान विराट के बल्ले से सात शतक और नौ अर्धशतक भी निकले हैं। यानी 27 पारियों के छोटे से आंकड़े में ही उन्होंने 16 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। यह आंकड़ा बताता है कि वनडे क्रिकेट में विराट की निरंतरता अब भी बरकरार है।

    विराट कोहली ने 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15000 रन भी पूरे किए और इस उपलब्धि तक पहुंचने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। विराट ने 15000 वनडे रन तक पहुंचने के लिए 287 पारियां लीं जबकि सचिन तेंदुलकर को इस मुकाम तक पहुंचने में 361 पारियां लगी थीं। इस तरह विराट ने 74 पारियां कम खेलकर यह आंकड़ा हासिल किया।

    विराट के नाम अब वनडे क्रिकेट में 55 शतक हैं और यह संख्या अपने आप में उनकी बल्लेबाजी की निरंतरता को दिखाती है। हालांकि सचिन तेंदुलकर के वनडे करियर में 18426 रन दर्ज हैं और इस मामले में विराट अभी काफी पीछे हैं। वनडे क्रिकेट में मैचों की संख्या और कार्यक्रम पहले की तुलना में कम होने के कारण दोनों खिलाड़ियों के करियर आंकड़ों की सीधी तुलना करना आसान नहीं है।

    विराट और सचिन की तुलना क्रिकेट में अक्सर होती रही है लेकिन केवल आंकड़ों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि दोनों में कौन बेहतर है। दोनों बल्लेबाज अलग-अलग दौर में खेले और उनके सामने क्रिकेट की परिस्थितियां भी अलग रहीं। सचिन ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के गेंदबाजों का सामना किया जबकि विराट ने आधुनिक दौर के क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    फिलहाल विराट कोहली का ध्यान आगे भी रन बनाने और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़े मुकाबलों में योगदान देने पर है। 35 साल की उम्र के बाद सात वनडे शतक और 1555 रन यह जरूर दिखाते हैं कि अनुभव के साथ उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता बनी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले मुकाबलों में विराट अपने आंकड़ों में और कितना इजाफा करते हैं।

  • बारिश ने पलट दिया एशियन गेम्स का पूरा समीकरण, भारत-पाकिस्तान फाइनल पर सस्पेंस, अब बांग्लादेश पर टिकी नजरें

    बारिश ने पलट दिया एशियन गेम्स का पूरा समीकरण, भारत-पाकिस्तान फाइनल पर सस्पेंस, अब बांग्लादेश पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता का रोमांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबले की संभावना बनने लगी है लेकिन फाइनल की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। दोनों टीमों ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले बारिश की वजह से खेले बिना ही सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब दोनों के सामने सेमीफाइनल की चुनौती है और अगर भारत तथा पाकिस्तान अपनी-अपनी भिड़ंत में जीत दर्ज करते हैं तो 3 अक्टूबर को गोल्ड मेडल मैच में दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने नजर आ सकते हैं।

    एशियन गेम्स की पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत पाकिस्तान श्रीलंका और बांग्लादेश को उनकी बेहतर रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला था। दूसरी ओर जापान नेपाल अफगानिस्तान हॉन्ग कॉन्ग मलेशिया और ओमान को ग्रुप चरण में मुकाबले खेलने पड़े। ग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जबकि ग्रुप बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग अंतिम आठ में पहुंचे।

    क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में बारिश ने पूरा समीकरण बदल दिया। पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच मुकाबला एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो गया। इसके बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला भी बारिश और गीली आउटफील्ड की वजह से शुरू नहीं हो सका। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में बेहतर रैंकिंग वाली टीम को अगले दौर में प्रवेश मिलता है। इसी नियम के तहत पाकिस्तान और भारत दोनों सेमीफाइनल में पहुंच गए।

    भारत के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास था क्योंकि क्रिकेट फैंस को 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के एशियन गेम्स में मैदान पर उतरने का इंतजार था। आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी के बाद वैभव ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि बारिश के कारण टॉस तक नहीं हो सका और भारतीय टीम को बिना खेले ही सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। भारत आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक टीम है जबकि अफगानिस्तान की रैंकिंग दसवें स्थान पर है।

    अब भारत का सेमीफाइनल श्रीलंका के खिलाफ 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे होगा। श्रीलंका और नेपाल के बीच क्वार्टर फाइनल भी बारिश की भेंट चढ़ गया था। वहीं पाकिस्तान का सामना उसी दिन सुबह 5:30 बजे बांग्लादेश से होगा। यहीं से भारत पाकिस्तान फाइनल की संभावित कहानी में नया मोड़ आता है। पाकिस्तान को फाइनल में पहुंचने के लिए बांग्लादेश को हराना होगा जबकि भारत के सामने श्रीलंका की चुनौती होगी।

    अगर दोनों टीमें अपने सेमीफाइनल जीत लेती हैं तो 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे गोल्ड मेडल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टक्कर देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल इसे सिर्फ संभावित समीकरण माना जा सकता है क्योंकि दोनों टीमों को पहले सेमीफाइनल जीतना जरूरी है। बांग्लादेश पाकिस्तान की राह में बड़ी चुनौती बन सकता है और श्रीलंका भी भारत के फाइनल के रास्ते में खड़ा है। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 में अगले दो मुकाबले क्रिकेट फैंस के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।

  • विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप होगा भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप

    विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप होगा भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने भविष्य पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला 2027 आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। कोहली ने कहा कि इस टूर्नामेंट में उनका पूरा ध्यान खिताब जीतने पर रहेगा और इसके लिए वह मैदान पर अपना सब कुछ लगाने के लिए तैयार हैं।

    2027 का वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में खेला जाना है। टूर्नामेंट के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के अलग-अलग मैदानों पर होंगे। विराट कोहली ने वर्ष 2011 में भारत में आयोजित वनडे वर्ल्ड कप से अपने विश्व कप सफर की शुरुआत की थी। उस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था और कोहली उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे।

    इसके बाद कोहली 2015, 2019 और 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इस तरह 2027 का टूर्नामेंट उनके विश्व कप करियर का पांचवां संस्करण होगा। अपने अब तक के विश्व कप सफर में कोहली ने कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। वह वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर बताए जाते हैं।

    2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी कोहली का प्रदर्शन बेहद प्रभावी रहा था। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 765 रन बनाए थे और कई अहम रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। अब 2027 में उनके सामने अपने विश्व कप करियर को खिताबी जीत के साथ समाप्त करने का लक्ष्य होगा।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले बातचीत में कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की चुनौती के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वनडे वर्ल्ड कप में मुकाबलों की इंटेंसिटी काफी ज्यादा होती है। उनके मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप में करीब 10 मैच खेलने के मुकाबले 50 ओवर के प्रारूप में एक मुकाबला काफी अधिक समय और ऊर्जा लेता है।

    कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की तुलना करते हुए कहा कि एक दिन में लगभग ढाई टी20 मैच के बराबर क्रिकेट खेलने जैसा दबाव महसूस हो सकता है। ऐसे में पूरे टूर्नामेंट के दौरान ऊर्जा और प्रदर्शन का स्तर बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा 2027 विश्व कप विदेशी परिस्थितियों में खेला जाएगा, जिससे खिलाड़ियों के सामने अलग तरह की परिस्थितियां होंगी।

    कोहली ने साफ कहा कि उनके लिए यह भारत की ओर से आखिरी विश्व कप होगा और यही बात उन्हें अतिरिक्त प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वह मैदान पर अपना सब कुछ छोड़ना चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्व कप जीतना है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह उसके लिए तैयार हैं।

    विराट कोहली के साथ रोहित शर्मा को लेकर भी 2027 वर्ल्ड कप की चर्चा जारी है। रोहित ने कहा है कि उनके लिए किसी टूर्नामेंट के बाद यह मान लेना सही नहीं है कि काम पूरा हो गया। उनके अनुसार खेलते हुए हमेशा कुछ नया हासिल करने की उम्मीद रहती है।

    रोहित ने यह भी कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट अलग तरह की चुनौती लेकर आते हैं। अलग-अलग टीमों, मैदानों और परिस्थितियों के कारण खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और रणनीति में बदलाव करना पड़ता है। ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप दोनों अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों के वनडे सफर में महत्वपूर्ण पड़ाव हो सकता है।

  • विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा

    विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कोहली ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए वह अपना सब कुछ मैदान पर झोंकने के लिए तैयार हैं।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ही प्रारूप खेल रहे हैं और दोनों की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज को भी विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुभवी खिलाड़ियों के लिए यह अगले बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक अहम चरण होगा।

    पहले वनडे से पहले बातचीत के दौरान कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की चुनौती और अपनी प्रेरणा पर बात की। उन्होंने कहा कि वनडे विश्व कप की तीव्रता किसी भी अन्य मुकाबले से अलग होती है। उनके मुताबिक अब विश्व कप में लगभग 10 मुकाबलों तक टी20 जैसी तीव्रता बनाए रखनी होती है, जबकि एक दिन में लंबे समय तक मैदान पर रहना पड़ता है।

    कोहली ने कहा कि विश्व कप में लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब मुकाबले विदेशी परिस्थितियों में खेले जा रहे हों। उनके अनुसार इस तरह का टूर्नामेंट खिलाड़ी से शारीरिक और मानसिक तौर पर बहुत कुछ मांगता है।

    विराट ने अपने भविष्य को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 2027 विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा और यही बात उनके लिए प्रेरणा का काम कर रही है। उनका लक्ष्य केवल टूर्नामेंट में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि भारत को विश्व कप जिताना है। इसके लिए उन्होंने कहा कि वह हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार हैं।

    विश्व कप में विराट कोहली का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक वनडे विश्व कप में 37 मुकाबले खेले हैं और 59.83 की औसत से 1,795 रन बनाए हैं। उनके नाम पांच शतक और 12 अर्धशतक हैं, जबकि विश्व कप में उनका सर्वोच्च स्कोर 117 रन है।

    पूरे वनडे करियर की बात करें तो कोहली ने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 58.59 है। इस प्रारूप में उन्होंने 54 शतक और 79 अर्धशतक लगाए हैं तथा उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन है। उनका वनडे स्ट्राइक रेट 93.95 रहा है।

    टी20 विश्व कप में भी कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने 35 मैचों में 58.73 की औसत से 1,292 रन बनाए हैं। उनके नाम 15 अर्धशतक हैं। वह 2014 और 2016 में दो बार टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रह चुके हैं।

    रोहित शर्मा ने भी 2027 विश्व कप को लेकर अपनी सोच सामने रखी। उन्होंने कहा कि वह अपने विश्व कप लक्ष्य को किसी ऐसे अधूरे काम के रूप में नहीं देखते जिसे पूरा करने के बाद सब कुछ खत्म हो जाए। उनके मुताबिक जब तक कोई खिलाड़ी खेल रहा है, तब तक उसके सामने कुछ नया हासिल करने की चुनौती बनी रहती है।

    रोहित ने कहा कि वह विश्व कप को लेकर उत्साहित हैं और आगे अपने लिए क्या है, इसे लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आईसीसी टूर्नामेंटों में अलग-अलग टीमों और मैदानों के खिलाफ खेलने के लिए तैयारी का तरीका बदलना पड़ता है। यही चुनौती खिलाड़ियों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।

    अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। इस सीरीज के साथ भारतीय टीम की 2027 विश्व कप की तैयारियों का एक नया चरण शुरू होगा और विराट कोहली तथा रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भी सभी की नजरें रहेंगी।

  • एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, कबड्डी में दो गोल्ड समेत एक दिन में जीते 7 पदक

    एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, कबड्डी में दो गोल्ड समेत एक दिन में जीते 7 पदक


    नई दिल्ली । एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 26 सितंबर का दिन भारत के लिए खास रहा, जब खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपने नाम किए। इनमें दो स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 30 हो गई। शनिवार का सबसे बड़ा आकर्षण कबड्डी रहा, जहां भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

    पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबला शुरुआत से ही कड़ा रहा और ईरानी टीम ने भारतीय खिलाड़ियों को लगातार चुनौती दी। हालांकि, निर्णायक समय में भारतीय टीम ने बेहतर खेल दिखाया और मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    महिला कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 37-34 से मात दी। भारतीय महिलाओं ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और करीबी मुकाबले में जीत हासिल कर अपना खिताब बरकरार रखा। महिला टीम की इस सफलता से भारत को दिन का दूसरा स्वर्ण पदक मिला।

    एथलेटिक्स में तेजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉटपुट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। उनके प्रदर्शन से भारत को एथलेटिक्स में महत्वपूर्ण पदक मिला। पुरुषों की मैराथन में सावन बारवाल ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि लंबी दूरी की दौड़ में भारत के लिए महत्वपूर्ण रही।

    शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में तिलोत्तमा सेन, विदर्सा के. विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने रजत पदक जीता। भारतीय टीम ने कुल 1,763 अंक हासिल किए और स्वर्ण जीतने वाली चीन की टीम से 10 अंक पीछे रही। चीन ने 1,773 अंक बनाए।

    400 मीटर दौड़ में प्राची चौधरी ने 53.21 सेकंड का समय निकालकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और कांस्य पदक जीता। उन्होंने फाइनल में बेहतर रणनीति के साथ दौड़ पूरी की और कई ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए पोडियम पर जगह बनाई।

    स्क्वैश में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग की ली का यी और तांग मिंग होंग की जोड़ी को कड़ी चुनौती दी। भारतीय जोड़ी को 1-2 से हार मिली, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के कारण उन्होंने कांस्य पदक पक्का कर लिया।

    हॉकी में भी भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अभिषेक ने शुरुआती दौर में गोल कर भारत को बढ़त दिलाई, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम की जीत सुनिश्चित की। इस तरह 26 सितंबर को कबड्डी के दो स्वर्ण समेत सात पदकों के साथ भारत की पदक तालिका और मजबूत हुई।

  • शुभमन गिल चोटिल होकर वनडे सीरीज से बाहर हुए तो कौन संभालेगा कप्तानी, रोहित शर्मा को मिलेगा नया ओपनिंग पार्टनर

    शुभमन गिल चोटिल होकर वनडे सीरीज से बाहर हुए तो कौन संभालेगा कप्तानी, रोहित शर्मा को मिलेगा नया ओपनिंग पार्टनर


    नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 27 सितंबर से होने जा रहा है। सीरीज शुरू होने से ठीक पहले भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल की चोट के रूप में बड़ा झटका लगा है। 25 सितंबर को अभ्यास के दौरान तेज गेंद उनकी दाहिनी कोहनी पर लगी, जिसके बाद वह दर्द में नजर आए। चोट के कारण वह दोबारा बल्लेबाजी करने नहीं लौटे और बाकी अभ्यास सत्र में रिकवरी पर ध्यान दिया।

    अभ्यास के दौरान मोहम्मद सिराज की एक तेज गेंद गिल की कोहनी पर लगी। गेंद लगते ही वह दर्द से परेशान दिखाई दिए। उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे विराट कोहली और सिराज ने भी उनका हाल जाना। इसके बाद टीम के फिजियोथेरेपिस्ट और सपोर्ट स्टाफ ने उनकी जांच की और उपचार दिया। गिल की कोहनी पर पट्टी भी बांधी गई।

    गिल के पास पहले वनडे से पहले कुछ समय जरूर है, लेकिन उनकी चोट की गंभीरता को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहेगा। भारतीय टीम के लिए अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारियां भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में कप्तान को पूरी तरह फिट हुए बिना मैदान पर उतारने का जोखिम उठाने से बचा जा सकता है।

    गिल के लिए चोट का यह पहला अनुभव नहीं है। पिछले महीने श्रीलंका में अभ्यास के दौरान उनकी उंगली में चोट लगी थी। इसके बावजूद वह समय रहते फिट होकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में हिस्सा लेने में सफल रहे थे। अब उनकी ताजा चोट को लेकर अंतिम फैसला मेडिकल आकलन और उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा।

    अगर गिल को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में आराम दिया जाता है, तो सबसे बड़ा सवाल कप्तानी को लेकर होगा। ऐसी स्थिति में उप-कप्तान केएल राहुल टीम की कमान संभाल सकते हैं। राहुल के पास वनडे क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव भी है और वह लंबे समय से भारतीय टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

    राहुल ने भारत की ओर से 15 वनडे मैचों में कप्तानी की है। इनमें भारतीय टीम ने 10 मुकाबलों में जीत दर्ज की, जबकि पांच मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा राहुल बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालते रहे हैं। इसलिए गिल की अनुपस्थिति में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

    गिल के नहीं खेलने की स्थिति में भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। रोहित शर्मा के साथ यशस्वी जायसवाल को पारी की शुरुआत करने का मौका मिल सकता है। जायसवाल पहले भी भारतीय टीम के लिए अलग-अलग प्रारूपों में ओपनिंग कर चुके हैं और गिल की अनुपस्थिति में उनके लिए यह बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    इस तरह गिल की चोट का असर सिर्फ कप्तानी पर ही नहीं, बल्कि टीम के ओपनिंग संयोजन पर भी पड़ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला उनकी फिटनेस रिपोर्ट और टीम प्रबंधन के आकलन के बाद ही सामने आएगा। सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम के लिए गिल की स्थिति सबसे अहम सवालों में से एक बनी हुई है।