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  • रोहित-विराट के विश्व कप भविष्य पर संदीप पाटिल का बड़ा बयान, कहा- दोनों रहें या नहीं, भारत को नहीं होगी परेशानी

    रोहित-विराट के विश्व कप भविष्य पर संदीप पाटिल का बड़ा बयान, कहा- दोनों रहें या नहीं, भारत को नहीं होगी परेशानी

    नई दिल्ली । भारत के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। 2027 वनडे विश्व कप में अब करीब एक साल का समय बचा है और टूर्नामेंट शुरू होने तक रोहित 40 जबकि विराट 39 साल के हो जाएंगे। ऐसे में दोनों के विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल बने हुए हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय ऑलराउंडर संदीप पाटिल ने टीम की बेंच स्ट्रेंथ का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर भविष्य में रोहित और विराट टीम का हिस्सा नहीं रहते हैं, तो भी भारतीय टीम के सामने बड़ी समस्या नहीं होगी।

    ‘रोहित-विराट रहें या नहीं, कोई परेशानी नहीं’

    पाटिल ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों का भविष्य कई चीजों पर निर्भर करेगा। इनमें उनकी खुद खेलने की इच्छा, फिटनेस और चयनकर्ताओं की रणनीति शामिल है। उन्होंने कहा, ‘यह इन दोनों खिलाड़ियों पर निर्भर करता है। क्या वे खेलना जारी रखना चाहेंगे? क्या वे अपनी फिटनेस बनाए रख पाएंगे? चयनकर्ताओं की रणनीति क्या है? क्या चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं? मौजूदा खिलाड़ियों के साथ हमें हमेशा यह भी देखना होगा कि अगर इन खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने का समय आता है तो क्या हमारे पास उनकी जगह लेने के लिए कोई मजबूत खिलाड़ी है।’

    पाटिल ने आगे कहा, ‘भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ को देखते हुए, जिसके बारे में मैंने अभी बात की, मुझे नहीं लगता कि कोई समस्या होगी, चाहे विराट या रोहित टीम में हों या नहीं।’

    दोनों दिग्गजों को बताया ‘लीजेंड’

    हालांकि, पाटिल ने रोहित और विराट के योगदान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों लंबे समय से भारतीय क्रिकेट का हिस्सा रहे हैं और उन्हें दिग्गजों के रूप में याद किया जाएगा। पाटिल ने कहा, ‘ये दोनों खिलाड़ी कई वर्षों से टीम के साथ हैं और उन्हें लीजेंड के तौर पर देखा जाएगा। रोहित शर्मा सफेद गेंद के क्रिकेट में शानदार खिलाड़ी रहे हैं। जहां तक विराट की बात है, उनके बारे में मैं जितना कहूं, उतना ही कम होगा।’

    वेस्टइंडीज सीरीज में दोनों टीम का हिस्सा

    फिलहाल रोहित और विराट के वनडे भविष्य पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। दोनों को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। शुभमन गिल कप्तान और केएल राहुल उपकप्तान हैं। वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। इस टीम चयन के साथ रोहित और विराट के पास 2027 विश्व कप की तैयारियों के बीच वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने का एक और मौका होगा।

  • विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है और इस सीरीज में क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विराट कोहली पर टिकी रहेंगी। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट अब वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली यह सीरीज उनके लिए खास हो सकती है। साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले विराट के पास अपनी लय बनाए रखने के साथ साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है।

    विराट कोहली वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने से सिर्फ 59 रन दूर हैं। उन्होंने अब तक 302 पारियों में 58.59 की शानदार औसत से 14941 रन बनाए हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में विराट 59 रन बना लेते हैं तो वह वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। उनसे पहले यह उपलब्धि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हासिल कर चुके हैं। सचिन के नाम वनडे क्रिकेट में 18426 रन दर्ज हैं। इस लिहाज से विराट के लिए आगामी सीरीज का हर रन एक नए रिकॉर्ड की ओर कदम होगा।

    विराट के पास भारत की धरती पर भी सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका है। घरेलू मैदान पर विराट ने अब तक 130 वनडे मैचों में 62.42 की औसत से 6867 रन बनाए हैं। वहीं सचिन तेंदुलकर ने भारत में वनडे क्रिकेट खेलते हुए 6976 रन बनाए हैं। विराट को इस आंकड़े को पार करने के लिए 110 रन की जरूरत है। अगर वह वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 110 रन बना लेते हैं तो भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के मामले में सचिन से आगे निकल सकते हैं।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी एक बड़ी उपलब्धि लेकर आ सकता है। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 10 शतक लगाए हैं। किसी एक टीम के खिलाफ 10 वनडे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट के नाम फिलहाल 9 वनडे शतक दर्ज हैं। अगर आगामी सीरीज में उनके बल्ले से एक और शतक निकलता है तो वह दो अलग अलग टीमों के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    विराट कोहली आखिरी बार इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आए थे। अब लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी का इंतजार खत्म होने वाला है। वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने के साथ विराट के सामने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हैं। 27 सितंबर से शुरू होने वाली सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसके प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजर रहेगी और विराट के सामने एक साथ कई रिकॉर्ड तक पहुंचने का मौका होगा।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में विराट की बल्लेबाजी पर खास निगाहें रहेंगी। 59 रन उन्हें 15000 वनडे रनों के क्लब में पहुंचा सकते हैं जबकि 110 रन उन्हें भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के आंकड़े के करीब ले जाएंगे। इसके अलावा एक शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके 10 शतकों का आंकड़ा पूरा कर सकता है। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले ही विराट के रिकॉर्ड्स की चर्चा ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।

  • 10 मीटर एयर राइफल में भारत का सटीक निशाना! रुद्रांक्ष हिमांशु और पार्थ ने सिल्वर जीतकर बढ़ाया देश का मान

    10 मीटर एयर राइफल में भारत का सटीक निशाना! रुद्रांक्ष हिमांशु और पार्थ ने सिल्वर जीतकर बढ़ाया देश का मान

    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शूटिंग रेंज से भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाल दिया। 21 सितंबर को हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने कुल 1890.1 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

    भारत की इस टीम को चीन की मजबूत चुनौती का सामना करना पड़ा। चीन ने 1899.0 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता। चीन का स्कोर विश्व रिकॉर्ड के रूप में भी दर्ज हुआ। भारत और चीन के बीच 8.9 अंकों का अंतर रहा। दक्षिण कोरिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस पदक के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के खाते में शूटिंग से तीन मेडल हो गए थे।

    भारतीय टीम के लिए रुद्रांक्ष पाटिल ने सबसे ज्यादा 631.8 अंक जुटाए। हिमांशु ढिल्लों ने 630.0 अंक हासिल किए जबकि पार्थ माने ने 628.3 अंकों का योगदान दिया। तीनों निशानेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन ने भारत को पोडियम तक पहुंचाया। खास बात यह रही कि टीम स्पर्धा के प्रदर्शन ने व्यक्तिगत मुकाबले के लिए भी भारत की उम्मीदें बढ़ा दीं। रुद्रांक्ष और हिमांशु ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई।

    रुद्रांक्ष ने क्वालिफिकेशन में 631.8 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया जबकि हिमांशु 630.0 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे। पार्थ माने 628.3 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। हालांकि टीम इवेंट में उनके योगदान ने भारत के सिल्वर मेडल में अहम भूमिका निभाई।

    भारत के लिए एशियन गेम्स के शूटिंग अभियान की शुरुआत भी शानदार रही थी। इससे पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में इलावेनिल वलारिवन सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद की टीम ने सिल्वर मेडल जीता था। इसके अलावा इलावेनिल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किया था। इस तरह पुरुष टीम के सिल्वर ने शूटिंग में भारत की पदक यात्रा को और मजबूत किया।

    इसके बाद पुरुषों की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भी भारत को बड़ी सफलता मिली। हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता जबकि चीन के शेंग लिहाओ ने गोल्ड हासिल किया। यानी एक ही दिन भारत के इन दोनों निशानेबाजों ने टीम स्पर्धा के बाद व्यक्तिगत मुकाबले में भी पोडियम पर जगह बनाई।

    भारतीय शूटिंग दल का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में देश के अभियान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। रुद्रांक्ष हिमांशु और पार्थ की टीम ने दबाव के बीच सटीक निशाने लगाकर भारत को एक और रजत पदक दिलाया है और शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत चुनौती को कायम रखा है।

  • वेस्टइंडीज का भारत दौरा: शाई होप संभालेंगे कमान, टी20 में नए चेहरे तो वनडे टीम में इन खिलाड़ियों की वापसी

    वेस्टइंडीज का भारत दौरा: शाई होप संभालेंगे कमान, टी20 में नए चेहरे तो वनडे टीम में इन खिलाड़ियों की वापसी

    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ इस महीने से होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए शनिवार को टीम का एलान कर दिया है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने वनडे और टी20 दोनों टीमों का एलान कर दिया है। इन दोनों टीमों की कप्तानी शाई होप करेंगे। भारत ने भी इस सीरीज के लिए टीम घोषित कर दी थी। दोनों टीमों के बीच सीमित ओवरों की सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी।

    सीरीज का कार्यक्रम

    भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैच की वनडे सीरीज की शुरुआत तिरुवनंतपुरम से करेगी। इसके बाद दूसरा मुकाबला 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा मैच तीन अक्तूबर को मुल्लांपुर में खेला जाएगा। इसके बाद टी20 सीरीज खेली जाएगी।

    कैंपबेल की वापसी

    हैमस्ट्रिंग चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे मैच नहीं खेल पाने के बाद जॉन कैंपबेल टीम में लौट आए हैं। अगस्त में सर्जरी के बाद रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे अकीम ऑगस्टे इस दौरे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह ज्वेल एंड्रयू को शामिल किया गया है, जो टॉप और मिडिल-ऑर्डर में बल्लेबाजी का विकल्प देंगे।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाज कामिल पूरन को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। यह 2028 टी20 विश्व कप से पहले उभरती प्रतिभाओं को पहचानने और विकसित करने की दिशा में अपनाए गए दृष्टिकोण का हिस्सा है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने आठ पारियों में 159.64 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 273 रन बनाए, जबकि उनका औसत 39 रहा।

    वेस्टइंडीज की वनडे टीम में शाई होप कप्तान होंगे। उनके अलावा ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, केसी कार्टी, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जंगू, अल्जारी जोसेफ, शमार जोसेफ, विटेल लावेस, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफाने रदरफोर्ड और जेडन सील्स को जगह मिली है।

    वहीं, टी20 टीम की कप्तानी भी शाई होप करेंगे। टीम में ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेत्मायर, अकील हुसैन, शमारा जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफाने रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमार स्प्रिंगर शामिल हैं।

    वनडे और टी20 टीमों में कई खिलाड़ी समान हैं, लेकिन दोनों प्रारूपों की जरूरत के अनुसार कुछ बदलाव किए गए हैं। वनडे टीम में जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि टी20 टीम में शिमरॉन हेत्मायर, अकील हुसैन, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, क्वेंटिन सैम्पसन और रोमारियो शेफर्ड जैसे नाम नजर आते हैं।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीमित ओवरों की सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। वनडे मुकाबलों के बाद दोनों टीमें टी20 सीरीज में आमने-सामने होंगी। इस दौरे में शाई होप के नेतृत्व में वेस्टइंडीज की टीम के सामने भारतीय परिस्थितियों में दोनों प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन करने की चुनौती होगी।

  • अफगानिस्तान का 3-0 से सफाया अब अगली चुनौती तैयार, टीम इंडिया के सामने 3 महीने में 28 मैच और कई बड़े क्रिकेट मिशन

    अफगानिस्तान का 3-0 से सफाया अब अगली चुनौती तैयार, टीम इंडिया के सामने 3 महीने में 28 मैच और कई बड़े क्रिकेट मिशन


    नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के 2026 के क्रिकेट अभियान पर विराम नहीं लगने वाला है। साल के बचे हुए करीब तीन महीने भारतीय टीम के लिए बेहद व्यस्त रहने वाले हैं। इस दौरान टीम इंडिया को जापान से लेकर एशियन गेम्स और फिर वेस्टइंडीज न्यूजीलैंड तथा श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। हालिया कार्यक्रम के मुताबिक भारतीय टीम के सामने अलग अलग फॉर्मेट में कई बड़ी सीरीज हैं। जापान के खिलाफ 22 सितंबर को होने वाला मुकाबला भी खास है क्योंकि यह दोनों टीमों के बीच पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली भिड़ंत होगी।

    अफगानिस्तान के खिलाफ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया है। इसके बाद भारतीय टीम का अगला पड़ाव जापान होगा। 22 सितंबर को सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान एशियन गेम्स पर रहेगा जहां पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। भारत का पहला मुकाबला 28 सितंबर को खेला जाना है।

    एशियन गेम्स के बीच भारतीय टीम का घरेलू क्रिकेट कार्यक्रम भी जारी रहेगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में वनडे मुकाबला होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच टी20 मैच खेले जाएंगे। टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में होगा जबकि आखिरी मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में खेला जाना है। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा को भी टीम में शामिल किया है जबकि शुभमन गिल को कप्तानी सौंपी गई है।

    वेस्टइंडीज सीरीज के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी। वहां पांच टी20 मैचों के बाद पांच वनडे मुकाबले और फिर दो टेस्ट मैच प्रस्तावित हैं। टी20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होकर 1 नवंबर तक चलेगी। इसके बाद नवंबर में वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। दो टेस्ट मैचों की सीरीज नवंबर के दूसरे हिस्से से दिसंबर की शुरुआत तक चलेगी। टेस्ट क्रिकेट का यह चरण भारत के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगा।

    साल के अंतिम चरण में श्रीलंका के खिलाफ भी भारत का कार्यक्रम है। दिसंबर में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाने हैं। इस तरह अफगानिस्तान सीरीज के बाद भारतीय टीम के सामने लगातार क्रिकेट का लंबा दौर रहेगा। जापान के खिलाफ मुकाबले से शुरू होने वाला यह सफर एशियन गेम्स वेस्टइंडीज न्यूजीलैंड और श्रीलंका तक पहुंचेगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार इन मुकाबलों को जोड़ें तो भारत के सामने करीब 28 अंतरराष्ट्रीय मैचों का लंबा कार्यक्रम है। ऐसे में 2026 का आखिरी हिस्सा भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए लगातार बड़े मुकाबलों से भरा रहने वाला है।

  • इंग्लैंड फिर बना नंबर-1, भारत से छीना ICC T20I रैंकिंग का ताज, दोनों के बराबर 269 रेटिंग

    इंग्लैंड फिर बना नंबर-1, भारत से छीना ICC T20I रैंकिंग का ताज, दोनों के बराबर 269 रेटिंग


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 में 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज कर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने ICC T20I टीम रैंकिंग में भी भारत को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 की कुर्सी हासिल कर ली। हालांकि भारत और इंग्लैंड दोनों के खाते में 269-269 रेटिंग हैं, लेकिन ताजा रैंकिंग में इंग्लैंड पहले और भारत दूसरे स्थान पर है। खास बात यह है कि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने दो दिन पहले ही नंबर-1 बनने की इच्छा जताई थी और श्रीलंका के खिलाफ जीत के साथ उनकी टीम ने यह उपलब्धि हासिल कर ली।

    कुछ महीनों में दूसरी बार भारत से छीना पहला स्थान

    इंग्लैंड ने पिछले कुछ महीनों में दूसरी बार ICC T20I रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। भारतीय टीम के यूके दौरे के दौरान उसे आयरलैंड के खिलाफ 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। लगातार छह मुकाबलों में मिली इन हार का असर टीम इंडिया की रैंकिंग पर भी पड़ा और इंग्लैंड ने भारत को सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बाद पहली बार नंबर-1 की पोजिशन हासिल की थी।

    इसके बाद भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे का दौरा किया और वहां प्रदर्शन के दम पर दोबारा रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। अब श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड की 3-0 से सीरीज जीत ने एक बार फिर समीकरण बदल दिया है और भारत को दूसरे स्थान पर जाना पड़ा है।

    भारत के पास फिर नंबर-1 बनने का मौका

    टीम इंडिया के पास जल्द ही रैंकिंग में वापसी का मौका होगा। भारत का अगला टी20 मुकाबला 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होना है। इस मैच में जीत के साथ भारतीय टीम एक बार फिर नंबर-1 की स्थिति हासिल करने की कोशिश करेगी।

    इसके अलावा टीम इंडिया को एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेना है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम की नजरें इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतने के साथ अपनी T20I रैंकिंग की स्थिति मजबूत करने पर भी रहेंगी।

    श्रीलंका को 124 रन पर समेटा

    तीसरे टी20 में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। पूरी टीम 18.5 ओवर में 124 रन पर ऑलआउट हो गई। पथुम निसंका ने 36 और कमिंदु मेंडिस ने 35 रन बनाए। इनके अलावा श्रीलंकाई कप्तान चरिथ असलंका ही 15 रन का आंकड़ा पार कर सके।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर, सोनी बेकर और विल जैक्स ने 2-2 विकेट चटकाए। इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज लगातार दबाव में रहे और टीम 20 ओवर भी पूरा नहीं खेल सकी।

    बटलर ने 32 गेंदों में ठोके 62 रन

    125 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया। जोस बटलर ने सिर्फ 32 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 62 रन की तूफानी पारी खेली। कप्तान हैरी ब्रूक ने 33 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।

    इंग्लैंड ने महज 9.4 ओवर में 2 विकेट खोकर 125 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ उसने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया और इसके साथ ही ICC T20I टीम रैंकिंग में भी भारत को पीछे छोड़कर नंबर-1 स्थान पर कब्जा कर लिया।

  • एशियन गेम्स मिस करने का दर्द छलका नीरज चोपड़ा का भावुक पोस्ट बोले दोस्त टखने के बारे में नहीं पूछते

    एशियन गेम्स मिस करने का दर्द छलका नीरज चोपड़ा का भावुक पोस्ट बोले दोस्त टखने के बारे में नहीं पूछते


    नई दिल्ली। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा इस समय एशियन गेम्स 2026 में मैदान पर उतरने के बजाय बाहर से भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं। टखने की लिगामेंट इंजरी के कारण नीरज को इस प्रतियोगिता से हटना पड़ा है। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और एशियन गेम्स के दो बार के चैंपियन नीरज के लिए यह फैसला आसान नहीं रहा। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए बताया है कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका गंवाना उन्हें कितना परेशान कर रहा है।

    नीरज ने LinkedIn पर लिखा कि एशियन गेम्स उनके करियर के सबसे खास आयोजनों में से एक रहे हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीता था। ऐसे में इस बार प्रतियोगिता से बाहर रहना उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी मुश्किल है। उन्होंने नागोया पहुंची भारतीय टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह खिलाड़ियों के साथ चलना और प्रतियोगिता का हिस्सा बनना मिस करेंगे लेकिन बाहर से टीम को अपना समर्थन देते रहेंगे।

    नीरज ने बताया कि वह टखने की लिगामेंट चोट से जूझ रहे हैं। काफी विचार करने के बाद उन्हें एशियन गेम्स में नहीं उतरने का फैसला स्वीकार करना पड़ा। उनके मुताबिक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश की उम्मीदों के साथ मैदान पर उतरना सम्मान की बात है लेकिन उस मौके से दूर रहना उन्हें तकलीफ देता है। चोट के कारण वह डायमंड लीग फाइनल से भी बाहर हो चुके हैं। उनकी हालिया बड़ी प्रतियोगिता लॉजेन डायमंड लीग रही थी जहां वह श्रीलंका के रुमेश पथिरागे के बाद दूसरे स्थान पर रहे थे।

    नीरज के करियर में चोटों के कारण पहले भी ब्रेक आया है। 2019 में उन्हें दाएं हाथ की कोहनी की सर्जरी करानी पड़ी थी। 2022 में ग्रोइन इंजरी के कारण वह कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे। 2023 में मसल स्ट्रेन ने उनकी तैयारियों को प्रभावित किया जबकि 2024 में एडडक्टर की परेशानी के कारण उन्होंने एक प्रतियोगिता से नाम वापस लिया था। अब टखने की चोट ने उनके 2026 सीजन को प्रभावित किया है।

    इस पूरे दौर में नीरज ने दोस्तों के साथ को खास महत्व दिया है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी लंबे समय तक ट्रेनिंग यात्रा और प्रतियोगिताओं के कारण घर से दूर रहते हैं। ऐसे में आसपास के लोगों का साथ उन्हें सकारात्मक और जमीन से जुड़ा रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में हमेशा सलाह की जरूरत नहीं होती। कई बार किसी दोस्त का फोन करना और खेल या चोट से अलग किसी विषय पर बातचीत करना ही काफी होता है।

    नीरज ने बताया कि उनके कुछ दोस्त जानते हैं कि वह इस समय अच्छी जगह पर नहीं हैं लेकिन फोन करने पर वे उनसे टखने के बारे में सवाल नहीं करते। वे सामान्य बातें करते हैं हंसते हैं पुरानी यादें साझा करते हैं और मिलने की योजनाएं बनाते हैं। नीरज के मुताबिक ऐसी बातचीत उन्हें याद दिलाती है कि जिंदगी सिर्फ अगली प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। उनका यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारतीय दल एशियन गेम्स में अपनी चुनौती पेश कर रहा है और नीरज मैदान से दूर रहकर टीम का समर्थन कर रहे हैं।

  • एशियन गेम्स में ऐन वक्त पर बड़ा बदलाव: तूर की किट नहीं पहुंची तो पवन सहरावत को मिली फ्लैग बियरर की जिम्मेदारी

    एशियन गेम्स में ऐन वक्त पर बड़ा बदलाव: तूर की किट नहीं पहुंची तो पवन सहरावत को मिली फ्लैग बियरर की जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से ठीक पहले भारतीय दल के फ्लैग बियरर को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले शॉटपुट स्टार तजिंदरपाल सिंह तूर को महिला स्टार शूटर मनु भाकर के साथ भारत का फ्लैग बियरर चुना गया था लेकिन अब तूर ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी जगह कबड्डी स्टार पवन सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब पवन सहरावत मनु भाकर के साथ भारतीय दल की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे।

    फ्लैग बियरर बदलने की वजह तजिंदरपाल सिंह तूर की आधिकारिक किट का समय पर नागोया नहीं पहुंच पाना बताया गया है। तूर के मुताबिक उनकी आधिकारिक किट अभी भारत में ही थी और उन्हें जानकारी दी गई कि यह किट 19 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे नागोया एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद एयरपोर्ट से ओपनिंग सेरेमनी के आयोजन स्थल तक पहुंचने में लगने वाला समय इतना कम होगा कि उनके लिए समारोह में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से तूर ने भारतीय ओलंपिक संघ को बता दिया कि वह ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

    तूर ने यह भी बताया कि अगर उन्हें फ्लैग बियरर बनाए जाने की जानकारी कुछ दिन पहले मिल जाती तो उनके कोच जरूरी इंतजाम कर सकते थे। उनके कोच एक दिन पहले ही नागोया पहुंच चुके थे और संभवत उनके लिए किट लेकर आ सकते थे। लेकिन आखिरी समय में मिली जानकारी और किट की देरी के कारण यह व्यवस्था नहीं हो सकी। तूर ने यह भी कहा कि एथलेटिक्स टीम के किसी खिलाड़ी को अब तक आधिकारिक किट नहीं मिली है।

    अब यह जिम्मेदारी 30 वर्षीय पवन सहरावत को दी गई है। पवन भारतीय कबड्डी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और पिछली एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा थे। मैदान पर अपने आक्रामक खेल के लिए पहचान बनाने वाले सहरावत के लिए फ्लैग बियरर बनना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चीफ-डे-मिशन सहदेव यादव ने भी पवन सहरावत को फ्लैग बियरर बनाए जाने की पुष्टि की है।

    ओपनिंग सेरेमनी में अब पवन सहरावत और मनु भाकर भारत की ओर से तिरंगा थामेंगे। मनु भाकर निशानेबाजी में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनके साथ पवन की मौजूदगी भारतीय दल के लिए खास तस्वीर पेश करेगी। एक तरफ शूटिंग की स्टार खिलाड़ी और दूसरी तरफ कबड्डी के चर्चित खिलाड़ी भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    वहीं भारतीय एथलेटिक्स टीम फिलहाल नागोया में नहीं है। टीम 13 सितंबर से टोक्यो के पास यूनिवर्सिटी ऑफ त्सुकुबा में अनुकूलन शिविर में हिस्सा ले रही है। एथलेटिक्स टीम के 21 सितंबर को नागोया पहुंचने की योजना है जबकि एथलेटिक्स की प्रतियोगिताएं 23 सितंबर से शुरू होनी हैं। ऐसे में तजिंदरपाल सिंह तूर का ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं होना उनकी प्रतियोगिता से जुड़ी तैयारियों को प्रभावित करने वाला मामला नहीं है।

    फ्लैग बियरर में हुआ यह बदलाव एशियन गेम्स की शुरुआत से ठीक पहले सामने आया है। तूर की जगह अब पवन सहरावत को मौका मिला है और वह मनु भाकर के साथ भारतीय दल की अगुवाई करेंगे। भारतीय टीम की नजर इस बार एशियन गेम्स में मजबूत प्रदर्शन और अधिक से अधिक पदक हासिल करने पर है।

  • विराट कोहली से मुलाकात के बाद मुंबई लौटे शिंदे का iPhone हुआ गायब: रात 3 बजे मचा हड़कंप और 4 बजे विमान में मिला फोन

    विराट कोहली से मुलाकात के बाद मुंबई लौटे शिंदे का iPhone हुआ गायब: रात 3 बजे मचा हड़कंप और 4 बजे विमान में मिला फोन


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ मुंबई लौटने के बाद उस समय अजीब स्थिति बन गई जब उनका iPhone अचानक गायब हो गया। लंदन के करीब एक सप्ताह के दौरे से वापस लौटे शिंदे को घर पहुंचने के लगभग एक घंटे बाद पता चला कि उनका मोबाइल फोन उनके पास नहीं है। इसके बाद उनकी टीम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और फोन की तलाश शुरू कर दी गई। जांच के दौरान पता चला कि फोन किसी अन्य जगह पर नहीं बल्कि उसी ब्रिटिश एयरवेज के विमान में छूट गया था जिससे शिंदे मुंबई पहुंचे थे। करीब एक घंटे की तलाश के बाद फोन विमान के अंदर मिल गया और रात करीब 4 बजे उसे शिंदे को वापस सौंप दिया गया।

    रिपोर्ट के मुताबिक एकनाथ शिंदे करीब एक सप्ताह के लंदन दौरे पर थे। वह 5 सितंबर को अपने करीबी सहयोगियों के साथ ब्रिटेन के लिए रवाना हुए थे। दौरे के दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। लंदन से मुंबई लौटते समय उन्होंने ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट से यात्रा की। विमान करीब रात 2 बजे मुंबई पहुंचा था। एयरपोर्ट से निकलने के बाद शिंदे अपने घर चले गए। घर पहुंचने के लगभग एक घंटे बाद रात करीब 3 बजे उन्हें महसूस हुआ कि उनका iPhone उनके पास नहीं है।

    फोन गायब होने की जानकारी मिलते ही शिंदे की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस को सूचना देने के बाद एयरलाइन की सुरक्षा टीम से संपर्क किया गया। चूंकि फोन के विमान में छूटने की आशंका थी इसलिए सुरक्षा टीम ने विमान के अंदर उसकी तलाश शुरू की। काफी जांच के बाद फोन विमान के भीतर ही मिल गया। करीब रात 4 बजे iPhone शिंदे को वापस सौंप दिया गया। इस तरह फोन गायब होने से लेकर उसके बरामद होने तक करीब एक घंटे का समय लगा।

    एकनाथ शिंदे के लंदन दौरे के दौरान उनकी मुलाकात भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली से भी हुई थी। दोनों की मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद यह दौरा चर्चा में रहा था। रिपोर्ट के अनुसार शिंदे ने लंदन में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पूर्व आवास में बने स्मारक का दौरा भी किया। इसके अलावा लंदन में वड़ा पाव खाते हुए उनकी तस्वीर और वीडियो भी चर्चा में रहे।

    शिंदे के iPhone को लेकर यह जानकारी भी सामने आई है कि वह वीडियो कॉल के लिए नियमित तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैं। बैठकों और अन्य व्यस्त कार्यक्रमों के दौरान वह कभी-कभी अपना मोबाइल निजी सहायक को भी सौंप देते हैं। ऐसे में मुंबई लौटने के बाद फोन के गायब होने की जानकारी मिलने पर उनकी टीम ने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी।

    खास बात यह है कि एकनाथ शिंदे के मोबाइल फोन के गायब होने का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले जब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे तब भी उनका एक फोन गायब हुआ था। बाद में उस फोन को भी बरामद कर लिया गया था। इस बार भी कुछ समय की तलाश के बाद उनका iPhone उसी विमान के भीतर मिल गया। फोन मिलने के बाद शिंदे और उनकी टीम ने राहत की सांस ली।

  • जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे

    जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के स्टार स्पिन गेंदबाज एडम जैंपा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। हरारे में खेले गए मुकाबले में जैंपा ने दो विकेट हासिल किए और इसी के साथ वनडे क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे में सबसे तेज 200 विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। जैंपा ने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। वॉर्न ने 125 वनडे मुकाबलों में 200 विकेट पूरे किए थे जबकि जैंपा ने यह मुकाम 123 मैचों में हासिल किया।

    ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे वनडे में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार स्कोर खड़ा किया। ट्रैविस हेड के तूफानी शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 356 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.3 ओवर में 272 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 84 रन से जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। जैंपा ने गेंद से अहम भूमिका निभाते हुए दो विकेट चटकाए और इसी दौरान अपने वनडे करियर के 200 विकेट पूरे कर लिए।

    जैंपा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। अब जैंपा 123 मैचों में यह आंकड़ा हासिल करके ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज स्पिनर बन गए हैं। हालांकि पूरी दुनिया में सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक के नाम है।

    सकलैन मुश्ताक ने केवल 104 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इस मामले में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान दूसरे स्थान पर हैं। राशिद ने 115 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब 123 मैचों के साथ जैंपा इस खास सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद शेन वॉर्न का नाम आता है जिन्होंने 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इंग्लैंड के आदिल रशिद 137 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    इस रिकॉर्ड सूची में भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो टॉप पांच में कोई भी भारतीय शामिल नहीं है। भारत की ओर से सबसे ऊपर अनिल कुंबले का नाम है। कुंबले ने वनडे क्रिकेट में 200 विकेट तक पहुंचने के लिए 147 मैच खेले थे और वह इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उनके बाद हरभजन सिंह का नाम आता है जिन्होंने 178 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे।

    एडम जैंपा के लिए यह उपलब्धि उनके वनडे करियर में एक और बड़ा पड़ाव है। ऑस्ट्रेलियाई टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी जीत दिलाने में उनकी गेंदबाजी का भी अहम योगदान रहा। अब जैंपा की नजर अपने प्रदर्शन को आगे और मजबूत करने पर होगी जबकि क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह आने वाले मुकाबलों में अपनी विकेटों की संख्या को कहां तक पहुंचाते हैं।