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  • भारत के दो और सिल्वर पर देश को गर्व, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, राजनाथ और मांडविया ने खिलाड़ियों की सराहना की

    भारत के दो और सिल्वर पर देश को गर्व, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, राजनाथ और मांडविया ने खिलाड़ियों की सराहना की


    नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के छठे दिन भारत की झोली में दो अहम रजत पदक आए। महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने 69 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, जबकि लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में इतिहास रचते हुए भारत को पहला कॉमनवेल्थ पदक दिलाया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर देशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं।

    उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हरजिंदर का दृढ़ संकल्प और गुलवीर की ऐतिहासिक उपलब्धि देश के लाखों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। उपराष्ट्रपति ने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और आगे भी इसी तरह सफलता हासिल करने की कामना की।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने गुलवीर सिंह को पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने और इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता गुलवीर की कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प का परिणाम है, जिसने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

    हरजिंदर कौर के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए एक और पदक जीतना देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हरजिंदर ने अपने समर्पण और संघर्ष से यह साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

    केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि गुलवीर सिंह ने एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन कर भारत का सम्मान बढ़ाया है। वहीं हरजिंदर कौर ने दमदार खेल दिखाते हुए पोडियम पर जगह बनाकर भारतीय वेटलिफ्टिंग की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गुलवीर सिंह को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर प्रदेश और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने इस उपलब्धि को कड़ी मेहनत, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा गुलवीर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। वहीं गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। दोनों खिलाड़ियों की सफलता ने भारत के पदक अभियान को नई मजबूती दी है और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल बना दिया है।

  • WTC 2025-27 अंकतालिका: जीत के बावजूद वेस्टइंडीज को नहीं मिला फायदा, पाकिस्तान सबसे आखिरी पायदान पर

    WTC 2025-27 अंकतालिका: जीत के बावजूद वेस्टइंडीज को नहीं मिला फायदा, पाकिस्तान सबसे आखिरी पायदान पर

    नई दिल्ली ।  वेस्टइंडीज ने पहले टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 90 रन से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। हालांकि इस अहम जीत के बावजूद कैरेबियाई टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंकतालिका में कोई बड़ा फायदा नहीं मिला और वह आठवें स्थान पर ही बनी हुई है। दूसरी ओर पाकिस्तान की लगातार खराब फॉर्म ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चौथी हार के बाद टीम अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है।

    वेस्टइंडीज ने मौजूदा WTC चक्र में अब तक 11 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, जिनमें उसे केवल दो जीत मिली हैं, जबकि सात मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इस प्रदर्शन के बाद टीम का जीत प्रतिशत 22.73 हो गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान ने अब तक पांच टेस्ट खेले हैं, जिनमें सिर्फ एक जीत दर्ज कर सका है। चार हार के साथ उसका जीत प्रतिशत महज 6.67 रह गया है, जो सभी टीमों में सबसे कम है।

    अंकतालिका में ऑस्ट्रेलिया अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शीर्ष स्थान पर कायम है। टीम ने आठ टेस्ट मैचों में सात जीत हासिल की हैं और उसका जीत प्रतिशत 87.50 है। दक्षिण अफ्रीका चार मैचों में तीन जीत के साथ 75 प्रतिशत जीत दर लेकर दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड छह मैचों में चार जीत और एक हार के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत जीत दर के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि भारत नौ टेस्ट में चार जीत और 48.15 प्रतिशत जीत के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है।

    पहले टेस्ट में पाकिस्तान को जीत के लिए 211 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन उसकी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम दूसरी पारी में केवल 120 रन पर सिमट गई। कप्तान बाबर आजम ने सबसे अधिक 58 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। पाकिस्तान के आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।

    वेस्टइंडीज की जीत के नायक तेज गेंदबाज जयडेन सील्स रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 20 रन देकर पांच विकेट झटके। केमार रोच और जस्टिन ग्रीव्स ने भी दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इससे पहले वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 311 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान 282 रन पर ऑलआउट हो गया। दूसरी पारी में कैरेबियाई टीम ने 181 रन बनाकर पाकिस्तान के सामने 211 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे मेहमान टीम हासिल नहीं कर सकी।

    इस जीत से वेस्टइंडीज ने सीरीज में बढ़त तो बना ली है, लेकिन WTC अंकतालिका में उसकी स्थिति फिलहाल नहीं बदली है। वहीं पाकिस्तान के लिए अब अगला टेस्ट मुकाबला केवल सीरीज बचाने ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी स्थिति सुधारने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।

  • एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल

    एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल


    नई दिल्ली । हॉकी इंडिया ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में स्टार डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। मौजूदा चैंपियन भारत इस बार भी स्वर्ण पदक बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगा। इस टूर्नामेंट का विजेता सीधे लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई करेगा, इसलिए यह प्रतियोगिता भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    हॉकी इंडिया ने इस बार अनुभव और युवा जोश का संतुलित मिश्रण तैयार किया है। टीम में देश के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल मिडफील्डर मनप्रीत सिंह को भी जगह दी गई है। लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ मनप्रीत टीम को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    गोलकीपिंग की जिम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा के कंधों पर होगी। डिफेंस में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच शामिल किए गए हैं। मिडफील्ड में हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकांता शर्मा, राजिंदर सिंह और राज कुमार पाल टीम की कमान संभालेंगे। वहीं फॉरवर्ड लाइन में दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और अभिषेक विरोधी टीमों के खिलाफ गोल दागने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

    भारतीय टीम को पूल-ए में मेजबान जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। इसके बाद श्रीलंका से 22 सितंबर, कोरिया से 24 सितंबर, जापान से 26 सितंबर और बांग्लादेश से 28 सितंबर को मुकाबला होगा। सभी मैच जापान के काकामिगहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम की घोषणा के बाद कहा कि भारतीय टीम पूरी तरह तैयार है और उसका सबसे बड़ा लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संयोजन टीम को सफलता दिलाने में सक्षम है।

    कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी टीम पर पूरा विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि चाहे युवा खिलाड़ी हों या अनुभवी, सभी अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए और हर मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए।

    भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में स्वर्ण पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल किया था। अब टीम की नजर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का खिताब जीतने और एक बार फिर सीधे ओलंपिक में जगह बनाने पर होगी।

    भारतीय टीम

    गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा

    डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

    मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलाकांता शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

    फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक

  • ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, गुलवीर ने रचा इतिहास, हरजिंदर ने जीता सिल्वर; अमित शाह ने दी शुभकामनाएं

    ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, गुलवीर ने रचा इतिहास, हरजिंदर ने जीता सिल्वर; अमित शाह ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में इतिहास रचने वाले गुलवीर सिंह और महिला वेटलिफ्टिंग के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली हरजिंदर कौर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भारत के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर गुलवीर सिंह को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर दौड़ में भारत के लिए पहला पदक जीतना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गुलवीर की यह सफलता देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

    गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में बारिश के बीच बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शानदार दौड़ लगाई। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धावक पूरे मुकाबले में शीर्ष धावकों के साथ बने रहे और अंतिम लैप में जबरदस्त गति दिखाते हुए 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इससे पहले उनके नाम एशियन गेम्स का कांस्य पदक और एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दो स्वर्ण पदक भी दर्ज हैं।

    वहीं महिला वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर ने भी भारत का गौरव बढ़ाया। उन्होंने 69 किलोग्राम वर्ग में कुल 227 किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। स्नैच राउंड में हरजिंदर ने 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने 240 किलोग्राम कुल वजन उठाकर जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की नया फीबे हेमन ने 218 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

    हरजिंदर की उपलब्धि पर अमित शाह ने कहा कि वेटलिफ्टिंग में भारत का पदक जीतने का सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने लिखा कि यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और संघर्ष का परिणाम है तथा भविष्य में भी उनसे ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग हमेशा से भारत के सबसे मजबूत खेलों में शामिल रही है और इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों ने इस परंपरा को कायम रखा है। दूसरी ओर एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक पदक यह संकेत देता है कि अब भारत लंबी दूरी की दौड़ जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

    गुलवीर सिंह और हरजिंदर कौर की इन उपलब्धियों ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के अभियान को नई मजबूती दी है। दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देशवासियों में उत्साह है और भारतीय दल से आगामी मुकाबलों में भी पदकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

  • शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे

    शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के लिए आईसीसी की ताजा रैंकिंग खुशखबरी लेकर आई है। कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज का स्थान हासिल कर लिया है, जबकि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 230 पायदान की जबरदस्त छलांग लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट की मजबूत होती नई पीढ़ी की तस्वीर पेश करती हैं।

    आईसीसी द्वारा जारी नई वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। डेरिल मिचेल जनवरी से नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए थे, लेकिन हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेलने के कारण उनकी रेटिंग प्रभावित हुई। इसका फायदा शुभमन गिल को मिला और उन्होंने एक बार फिर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज का ताज अपने नाम कर लिया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की और वैभव ने तीन मैचों में 50.33 की शानदार औसत से 151 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईसीसी रैंकिंग में मिला, जहां उन्होंने एक साथ 230 स्थान की छलांग लगाते हुए 536 रेटिंग अंकों के साथ अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 48वीं रैंक हासिल की। महज 15 वर्ष की उम्र में टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचना उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना जा रहा है।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन अब भी दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए हैं। उनके खाते में 910 रेटिंग अंक हैं। वहीं तिलक वर्मा दो स्थान की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि श्रेयस अय्यर सात स्थान की बढ़त के साथ 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह शानदार प्रदर्शन टीम की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को दर्शाता है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में भी भारत को फायदा हुआ है। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे सीरीज में तीन विकेट हासिल किए, जिसके बाद उन्होंने 31 स्थान की लंबी छलांग लगाकर टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में 41वां स्थान हासिल कर लिया।

    जिम्बाब्वे की टीम सीरीज हार गई, लेकिन उसके कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी आईसीसी ने सराहा। बल्लेबाज रयान बर्ल छह स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 85वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजराबानी 10 स्थान की छलांग लगाकर 26वें नंबर पर पहुंच गए।

    वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिला है। नामीबिया के बाएं हाथ के स्पिनर बर्नार्ड शोल्ट्ज ने नेपाल और नीदरलैंड के खिलाफ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 ट्राई सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर टॉप-7 गेंदबाजों में जगह बना ली है।

    ताजा आईसीसी रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट केवल अनुभवी खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं के दम पर भी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शुभमन गिल की नंबर-1 रैंकिंग और वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक छलांग भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

  • पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज के सामने नतमस्तक हुआ पाकिस्तान, 90 रनों की करारी शिकस्त के साथ बाबर आजम की कप्तानी का खराब आगाज

    पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज के सामने नतमस्तक हुआ पाकिस्तान, 90 रनों की करारी शिकस्त के साथ बाबर आजम की कप्तानी का खराब आगाज

    नई दिल्ली । कैरेबियाई धरती पर खेले जा रहे दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में मेहमान पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को बेहद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। कप्तानी की कमान दोबारा संभालते ही बाबर आजम की अगुवाई वाली टीम खेल के चौथे दिन ही वेस्टइंडीज के सामने पूरी तरह धराशाई हो गई। दो सौ ग्यारह रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पूरी पाकिस्तानी टीम दूसरी पारी में महज एक सौ बीस रनों पर ही सिमट गई, जिसके चलते वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला नब्बे रनों के विशाल अंतर से अपने नाम कर लिया।

    चौथी पारी में छोटे लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। मेजबान गेंदबाजों की सधी हुई और धारदार गेंदबाजी के सामने मेहमान टीम के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह ढह गए। कप्तान बाबर आजम ने एक छोर संभालते हुए सबसे ज्यादा अट्ठावन रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का सहयोग नहीं मिला। टीम के केवल तीन बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा छू सके, जिससे पाकिस्तान की हार काफी पहले ही तय नजर आने लगी थी।

    वेस्टइंडीज की ओर से दूसरी पारी में तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट झटके। उनके साथ ही अनुभवी गेंदबाज केमार रोच और जस्टिन ग्रीव्स ने दो-दो सफलताएं हासिल कर पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी। पूरे मैच में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन और सात विकेट चटकाने के लिए जस्टिन ग्रीव्स को मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया। पहली पारी में भी ग्रीव्स ने लगातार पांच मेडन ओवरों में पांच विकेट लेकर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया था।

    इससे पहले मैच की शुरुआत में वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में तीन सौ ग्यारह रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। मेजबान टीम की ओर से शाई होप ने शानदार बांवे रन और कावेम हॉज ने बिरासी रनों का अहम योगदान दिया था। इसके जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी दो सौ बयासी रनों पर ही सिमट गई थी। इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में एक-शून्य की निर्णायक बढ़त बना ली है, जबकि पाकिस्तानी टीम पर अब सीरीज गंवाने का संकट मंडराने लगा है।

  • गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म

    गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला लिया है। इस बदलाव ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले सपोर्ट स्टाफ में महत्वपूर्ण परिवर्तन कर दिया है।

    रयान टेन डोशेट पिछले दो वर्षों से भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने बल्लेबाजी और रणनीतिक तैयारियों में अहम भूमिका निभाई। गौतम गंभीर के करीबी सहयोगियों में शामिल टेन डोशेट ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही अपने इस्तीफे की जानकारी बीसीसीआई को दे दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अब वह दोबारा नाइट राइडर्स समूह के साथ नई जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

    बीसीसीआई ने फील्डिंग कोच टी दिलीप का अनुबंध भी आगे नहीं बढ़ाया है। उनके स्थान पर सुभदीप घोष को नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। बोर्ड का मानना है कि नए विश्व टेस्ट चक्र और आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए सपोर्ट स्टाफ में बदलाव जरूरी था।

    रयान टेन डोशेट का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों और कुछ चुनौतीपूर्ण दौर का गवाह रहा। उनके कार्यकाल में भारत ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उल्लेखनीय सफलता हासिल की लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ कठिन दौर से भी गुजरना पड़ा। इसके बावजूद डोशेट को खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल और रणनीतिक सोच के लिए जाना जाता रहा।

    अब भारतीय टीम की नजर 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज पर है। इस दौरे पर शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे जबकि कोचिंग स्टाफ में हुए बदलावों के बीच खिलाड़ियों के सामने नई परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की चुनौती भी होगी।

    बीसीसीआई और टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि नए सपोर्ट स्टाफ के साथ टीम अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखेगी। श्रीलंका दौरा नए कोचिंग संयोजन की पहली बड़ी परीक्षा होगा और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि इन बदलावों का टीम के प्रदर्शन पर कितना प्रभाव पड़ता है।

  • भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव, रयान टेन डोशेट और टी. दिलीप का कार्यकाल समाप्त

    भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव, रयान टेन डोशेट और टी. दिलीप का कार्यकाल समाप्त


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि दोनों कोचों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और जल्द ही उनके स्थान पर नए नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी।

    सैकिया ने बताया कि टी. दिलीप का अनुबंध पिछले वर्ष समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें एक वर्ष का विस्तार दिया गया था। वहीं, रयान टेन डोशेट का अनुबंध 10 जून को समाप्त हो गया था। हालांकि, दोनों को भारत-इंग्लैंड सीमित ओवरों की श्रृंखला समाप्त होने तक टीम के साथ बनाए रखा गया, जो 19 जुलाई को खत्म हुई।

    उन्होंने कहा कि अनुबंध समाप्त होने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया, जिनमें इस्तीफे या अन्य कारणों की चर्चा की जा रही थी। सैकिया के अनुसार, यह पूरी तरह अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद लिया गया सामान्य प्रशासनिक निर्णय है।

    बीसीसीआई सचिव ने बताया कि बोर्ड नए सहायक और फील्डिंग कोच की नियुक्ति की प्रक्रिया में है तथा एक-दो दिन के भीतर नए नामों की घोषणा की जा सकती है।

    रयान टेन डोशेट ने 2024 टी20 विश्व कप जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यभार संभालने पर भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल हुए थे। बल्लेबाजी और फील्डिंग विभाग में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।

    हालांकि, इसी अवधि में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। टीम ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाई और घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में हार का सामना किया।

    फील्डिंग कोच टी. दिलीप वर्ष 2021 से भारतीय टीम के साथ जुड़े थे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 विश्व कप जैसे बड़े खिताब जीते।

  • राजस्थान में जन्मे जय मूंदड़ा को आयरलैंड की वनडे टीम में मौका, अफगानिस्तान सीरीज के लिए चयन

    राजस्थान में जन्मे जय मूंदड़ा को आयरलैंड की वनडे टीम में मौका, अफगानिस्तान सीरीज के लिए चयन


    नई दिल्ली।
    राजस्थान में जन्मे भारतीय मूल के क्रिकेटर जय मूंदड़ा को आयरलैंड की वनडे टीम में पहली बार शामिल किया गया है। हाल ही में भारत के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में शानदार गेंदबाजी करने वाले जय को अफगानिस्तान के विरुद्ध आगामी वनडे श्रृंखला के लिए चयनित किया गया है। यदि उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है तो वह आयरलैंड के लिए वनडे खेलने वाले भारतीय मूल के दूसरे क्रिकेटर बन जाएंगे।

    जय मूंदड़ा ने भारत के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करते हुए दो मैचों में पांच विकेट हासिल किए थे। उनके प्रभावी प्रदर्शन की बदौलत आयरलैंड ने भारत के खिलाफ पहली बार किसी टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में ऐतिहासिक सफलता दर्ज की। इसी प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे टीम में भी स्थान दिया है।

    राजस्थान में जन्मे जय मूंदड़ा उच्च शिक्षा के लिए आयरलैंड गए थे। वहीं उन्होंने अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाया और घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे।

    आयरलैंड और अफगानिस्तान के बीच पांच मैचों की वनडे श्रृंखला 5 अगस्त से शुरू होगी। पहले तीन मुकाबलों के लिए घोषित 14 सदस्यीय टीम में कप्तान पॉल स्टर्लिंग की भी वापसी हुई है, जो टी-20 विश्व कप 2026 के दौरान लगी चोट से उबर चुके हैं। जय मूंदड़ा के अलावा बेन कैलिट्ज और बायरन मैकडोनो को भी पहली बार आयरलैंड की वनडे टीम में शामिल किया गया है।

    चोटों के कारण आयरलैंड को कई अनुभवी खिलाड़ियों की सेवाएं नहीं मिल सकेंगी। तेज गेंदबाज जोश लिटिल, मैट हॉलैंड, क्रेग यंग, बैरी मैकार्थी, जॉर्डन नील और डेविड डेलानी चयन के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

    श्रृंखला के पहले दो मुकाबले 5 और 7 अगस्त को ब्रेडी में खेले जाएंगे, जबकि शेष तीन मैच 10, 12 और 15 अगस्त को स्टॉर्मोंट में आयोजित होंगे। यह श्रृंखला आयरलैंड के नए मुख्य कोच गैरी विल्सन का पहला अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट भी होगी।

    पहले तीन वनडे मैचों के लिए आयरलैंड की टीम:

    पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), मार्क अडायर, एंड्रयू बालबर्नी, बेन कैलिट्ज, कर्टिस कैम्फर, केड कारमाइकल, जॉर्ज डॉकरेल, गैविन होए, एंड्रयू मैकब्राइन, लियाम मैकार्थी, बायरन मैकडोनो, जय मूंदड़ा, हैरी टेक्टर और लोर्कन टकर।

  • CWG 2026: शर्मिला धनखड़ ने पैरा शॉट पुट में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास…

    CWG 2026: शर्मिला धनखड़ ने पैरा शॉट पुट में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास…


    नई दिल्ली।
    भारत (India) की शर्मिला धनखड़ (Sharmila Dhankhar) ने सोमवार को इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में देश के लिए पहला पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल (Para-athletics gold medal) जीत लिया. उन्होंने ग्लासगो में महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. शर्मिला ने 9.81 मीटर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।

    शर्मिला के गोल्ड मेडल के साथ ही भारत का पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक का 20 साल का इंतजार भी खत्म हो गया. शर्मिला के गोल्ड मेडल ने भारत को इन खेलों में दूसरा गोल्ड दिलाया है।

    इसी स्पर्धा में भारत की एक अन्य खिलाड़ी शिल्पा शायला ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. हालांकि, शिल्पा का पदक बेहद नाटकीय घटनाक्रम के बाद पक्का हुआ. शिल्पा ने 7.26 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और शुरुआत में वह चौथे स्थान पर रही थीं. वहीं नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी को शुरुआत में ब्रॉन्ज मेडल दिया गया था।

    हालांकि, भारत की ओर से की गई आपत्ति के बाद आधिकारिक समीक्षा हुई और नाइजीरियाई खिलाड़ी के एकमात्र वैध थ्रो को फाउल करार दिया गया. इसके बाद शिल्पा को चौथे स्थान से तीसरे स्थान पर अपग्रेड करते हुए ब्रॉन्ज मेडल दिया गया.

    मेडल मिलने के बाद शिल्पा भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्होंने शर्मिला के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया. हालांकि, नाइजीरिया की ओर से इस फैसले के खिलाफ काउंटर प्रोटेस्ट किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है.

    बता दें कि F57 वर्गीकरण उन पैरा एथलीटों के लिए है, जिनके निचले अंगों में दिव्यांगता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है. शर्मिला को दो साल की उम्र में बाएं पैर में पोलियो हो गया था. उन्होंने इसी साल फाजा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था. वह 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी हिस्सा ले चुकी हैं, जहां वह चौथे स्थान पर रही थीं.


    वल्लूरी अजय बाबू ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर

    भारत के पदक अभियान में वल्लूरी अजय बाबू ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 79 KG वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने कुल 330 किलो ग्राम वजन उठाया और गोल्ड मेडल से महज एक किलोग्राम से चूक गए. मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने 331 किलो ग्राम के कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता.

    वल्लूरी अजय बाबू की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने पिता श्रीनिवास राव की उपलब्धि को एक कदम आगे बढ़ाया है. उनके पिता ने 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 56 KG वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब 16 साल बाद उनके बेटे ने सिल्वर मेडल जीतकर परिवार की पदक परंपरा को आगे बढ़ाया है.

    वल्लूरी गोल्ड मेडल के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन एरी हिदायत मुहम्मद से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रह गए. मुकाबला आखिरी लिफ्ट तक बेहद रोमांचक रहा और भारतीय खिलाड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा. इसी के साथ भारत की कुल पदक संख्या अब 10 हो गई है, जिसमें 2 गोल्ड शामिल हैं।