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  • प्रभसिमरन और तिलक का बल्ला गरजा, अफगानिस्तान ए के खिलाफ भारत ए ने खड़ा किया 349 रन का विशाल स्कोर

    प्रभसिमरन और तिलक का बल्ला गरजा, अफगानिस्तान ए के खिलाफ भारत ए ने खड़ा किया 349 रन का विशाल स्कोर



    नई दिल्ली। ट्राई सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत ए के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान ए के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में भारतीय टीम ने निर्धारित 49 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 349 रन बनाए। टीम की ओर से प्रभसिमरन सिंह, ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने प्रभावशाली अर्धशतकीय पारियां खेलीं।

    टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पहले विकेट के लिए तेज गति से रन जुटाते हुए महज 7.1 ओवर में 74 रन जोड़ दिए। वैभव ने शुरुआत से ही अफगान गेंदबाजों पर दबाव बनाया और केवल 22 गेंदों में 44 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने 9 आकर्षक चौके लगाए। हालांकि, वह अर्धशतक से पहले ही आउट हो गए और बड़ी पारी खेलने का मौका गंवा बैठे।

    वैभव के आउट होने के बाद प्रियांश आर्या भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ और प्रभसिमरन सिंह ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने 74 गेंदों में 79 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ऋतुराज ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 गेंदों पर 66 रन बनाए।

    दूसरी ओर प्रभसिमरन सिंह ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और अफगान गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 69 गेंदों में 84 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। हालांकि, वह अपने शतक से 16 रन दूर रह गए। उनकी पारी भारत ए की बड़ी स्कोरिंग की नींव साबित हुई।

    मध्यक्रम में आयुष बदोनी बिना खाता खोले आउट हो गए, लेकिन कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। तिलक ने 73 गेंदों में 66 रन बनाए और अपनी पारी में पांच चौके जड़े। उन्होंने पारी को स्थिरता प्रदान करने के साथ-साथ अंतिम ओवरों में रन गति भी बनाए रखी।

    अंतिम ओवरों में सूर्यांश शेडगे ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों में 40 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके और दो छक्के शामिल रहे। अनुकूल रॉय ने भी उपयोगी योगदान देते हुए 8 गेंदों में नाबाद 16 रन बनाए, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था। विपराज निगम ने तीन गेंदों पर आठ रन जोड़कर टीम के स्कोर को 349 तक पहुंचाने में मदद की।

    अफगानिस्तान ए की ओर से गेंदबाजी में अब्दुल्ला अहमदजई सबसे सफल रहे। उन्होंने 9 ओवर में 68 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। फरमानुल्लाह साफी ने तीन विकेट झटके, जबकि कप्तान इमरान मीर को एक सफलता मिली।

    भारत ए के बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन ने टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब सभी की नजरें अफगानिस्तान ए की बल्लेबाजी पर होंगी कि वह इस विशाल लक्ष्य का पीछा किस तरह करती है।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज: मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच उद्घाटन मुकाबला, जानें कब और कहां देखें लाइव

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज: मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच उद्घाटन मुकाबला, जानें कब और कहां देखें लाइव


    नई दिल्ली। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट फीफा विश्व कप 2026 का बहुप्रतीक्षित आगाज 11 जून से होने जा रहा है। उद्घाटन मुकाबले में मेजबान मेक्सिको का सामना ग्रुप ए में साउथ अफ्रीका से होगा। यह मुकाबला मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक स्टेडियम एस्टाडियो एज्टेका में खेला जाएगा, जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें टिकी रहेंगी।

    फीफा विश्व कप 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहली बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और पूरे आयोजन के दौरान कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे। टीमों की संख्या बढ़ने से प्रतियोगिता पहले से अधिक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनने की उम्मीद है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि नए प्रारूप से दुनिया के विभिन्न हिस्सों की उभरती टीमें भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त करेंगी।

    उद्घाटन मैच को लेकर एक दिलचस्प संयोग भी सामने आया है। वर्ष 2010 के फीफा विश्व कप के पहले मुकाबले में मेजबान साउथ अफ्रीका मैदान पर उतरा था, जबकि इस बार वही टीम मेजबान मेक्सिको के खिलाफ विश्व कप के उद्घाटन मैच में खेलेगी। इस कारण फुटबॉल प्रशंसकों के बीच इस मुकाबले को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

    साउथ अफ्रीका ने अफ्रीकी क्षेत्र की क्वालिफाइंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप में अपनी जगह सुनिश्चित की थी। वहीं मेक्सिको घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए विजयी शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा। मेक्सिको की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा प्रतिभाएं भी शामिल हैं, जबकि साउथ अफ्रीका अपनी तेज और आक्रामक शैली के लिए जाना जाता है।

    भारतीय दर्शकों के लिए भी इस मुकाबले को देखने की पूरी व्यवस्था की गई है। विश्व कप के मैचों का लाइव प्रसारण भारत में विभिन्न खेल चैनलों पर उपलब्ध रहेगा, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी दर्शक मुकाबलों का आनंद ले सकेंगे। फुटबॉल प्रेमी अपने मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी पर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए मैच देख सकेंगे।

    मुकाबले की बात करें तो मेक्सिको के पास अनुभवी गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ, राउल जिमेनेज और सैंटियागो गिमेनेज जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर साउथ अफ्रीका की उम्मीदें कप्तान रॉनवेन विलियम्स, लाइल फोस्टर और तेबोहो मोकोएना जैसे खिलाड़ियों पर टिकी होंगी।

    विश्व कप का पहला मैच केवल दो टीमों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल महोत्सव की शुरुआत का प्रतीक भी होगा। ऐसे में दोनों टीमें जीत के साथ अभियान शुरू करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगी। फुटबॉल प्रेमियों को एक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी मुकाबले की उम्मीद है।

  • बेन स्टोक्स फिर विवादों में: नए आरोपों के बीच इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर के भविष्य पर उठे सवाल

    बेन स्टोक्स फिर विवादों में: नए आरोपों के बीच इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर के भविष्य पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान और विश्व क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले बेन स्टोक्स एक बार फिर विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। मैदान पर अपने जुझारू प्रदर्शन और बड़े मुकाबलों में मैच जिताने की क्षमता के लिए मशहूर स्टोक्स का करियर कई बार विवादों की वजह से भी चर्चा में रहा है। अब एक नए कथित विवाद ने उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की जीत के बाद टीम के कुछ खिलाड़ी जश्न मनाने के लिए पब और नाइट क्लब पहुंचे थे। इसी दौरान कथित रूप से बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन का कुछ अन्य खिलाड़ियों के साथ विवाद हो गया। कुछ रिपोर्ट्स में मारपीट जैसी घटना का भी दावा किया गया है। हालांकि, इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है और मामले की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि आगामी टेस्ट मैच के लिए स्टोक्स और एटकिंसन को टीम से बाहर रखा गया है तथा कप्तानी की जिम्मेदारी जो रूट को सौंपी गई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करना पड़ सकता है।

    बेन स्टोक्स का नाम इससे पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है। वर्ष 2017 में एक नाइट क्लब के बाहर हुई कथित मारपीट की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उस मामले में कानूनी प्रक्रिया भी चली थी और स्टोक्स को लंबे समय तक सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा 2013 में भी अनुशासन संबंधी कारणों से उन्हें इंग्लैंड लायंस टीम के दौरे से वापस भेजा गया था।

    हालिया घटनाक्रम के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में खिलाड़ियों के अनुशासन और सार्वजनिक आचरण को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक दौर में खिलाड़ियों की मैदान के बाहर की गतिविधियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई हैं जितना उनका खेल प्रदर्शन। ऐसे में किसी भी वरिष्ठ खिलाड़ी पर लगे आरोप टीम की छवि और माहौल दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड क्रिकेट के कई दिग्गज ऑलराउंडर अपने करियर के दौरान विवादों का सामना कर चुके हैं। एंड्रयू फ्लिंटॉफ और इयान बॉथम जैसे महान खिलाड़ियों के नाम भी अतीत में अनुशासन संबंधी मामलों के कारण चर्चा में रहे हैं। हालांकि, उन्होंने बाद में अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में विशेष पहचान बनाई।

    फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बेन स्टोक्स से जुड़े ताजा मामले में जांच क्या निष्कर्ष निकालती है और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड आगे क्या कदम उठाता है। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि स्थिति जल्द स्पष्ट होगी और खेल का ध्यान फिर मैदान पर लौटेगा।

  • महिला टी20 विश्व कप की सबसे अनुभवी सितारे: उम्र को मात देकर मैदान में चमकीं ये दिग्गज खिलाड़ी

    महिला टी20 विश्व कप की सबसे अनुभवी सितारे: उम्र को मात देकर मैदान में चमकीं ये दिग्गज खिलाड़ी


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से इंग्लैंड में होने जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों पर टिकी हैं। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जहां युवा प्रतिभाएं अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं, वहीं कई अनुभवी खिलाड़ियों ने भी वर्षों तक अपने प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पिछले संस्करणों में कुछ ऐसी खिलाड़ी भी मैदान पर उतरीं जिन्होंने उम्र को महज एक संख्या साबित करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया।

    इस सूची में सबसे ऊपर श्रीलंका की तेज गेंदबाज उदेशिका प्रबोधनी का नाम आता है। उन्होंने महिला टी20 विश्व कप 2024 में 40 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया था। प्रबोधनी लंबे समय तक श्रीलंका की गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी रहीं और देश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में योगदान दिया। अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में उन्होंने 100 से अधिक मैच खेलते हुए 84 विकेट हासिल किए। हालांकि, आगामी विश्व कप के लिए उन्हें श्रीलंकाई टीम में जगह नहीं मिली है।

    श्रीलंका की ही अनुभवी स्पिन गेंदबाज इनोका रणवीरा इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रणवीरा ने 2024 के विश्व कप में 38 वर्ष की उम्र में हिस्सा लिया था। उन्होंने अपने करियर में 90 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलते हुए लगभग 100 विकेट हासिल किए हैं। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में गेंदबाजी करने की क्षमता ने श्रीलंका को कई महत्वपूर्ण मौकों पर सफलता दिलाई।

    न्यूजीलैंड की स्टार बल्लेबाज सूजी बेट्स भी महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2024 के टी20 विश्व कप में उन्होंने 37 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेट्स लंबे समय से न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट की पहचान रही हैं और उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि 2026 विश्व कप के बाद वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई ले सकती हैं।

    वेस्टइंडीज की अनुभवी स्पिनर एफी फ्लेचर भी 37 वर्ष की उम्र में टी20 विश्व कप का हिस्सा रही थीं। फ्लेचर को उनकी प्रभावी स्पिन गेंदबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। कैरेबियाई टीम की सफलता में उनका योगदान लगातार महत्वपूर्ण रहा है और वह आज भी टीम की प्रमुख गेंदबाजों में गिनी जाती हैं।

    भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने 2024 के विश्व कप में 35 वर्ष की आयु में भाग लिया था। हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक मानी जाती हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई यादगार जीत दर्ज की हैं। हालांकि, 2024 विश्व कप भारतीय टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। इसी आयु वर्ग में न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन भी शामिल रही थीं।

    ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिसा पेरी ने 33 वर्ष की आयु में 2024 विश्व कप खेला था। महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार पेरी के नाम विश्व कप में सबसे अधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऑस्ट्रेलिया को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं।

    इन खिलाड़ियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि अनुभव, फिटनेस और समर्पण के दम पर खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं। महिला क्रिकेट के विकास में इन दिग्गज खिलाड़ियों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

  • महिला टी20 विश्व कप 2026: क्यों इस बार खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है भारतीय टीम?

    महिला टी20 विश्व कप 2026: क्यों इस बार खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है भारतीय टीम?


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 के शुरू होने में अब बेहद कम समय बचा है और क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें दुनिया की शीर्ष टीमों पर टिकी हुई हैं। इंग्लैंड की मेजबानी में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम को खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम अनुभव, युवा जोश और संतुलित संयोजन के साथ मैदान में उतरने जा रही है।

    भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ करेगी। पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फॉर्म को देखते हुए विशेषज्ञों और क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भारत के पास विश्व कप जीतने का सुनहरा अवसर है।

    भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत बल्लेबाजी क्रम माना जा रहा है। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना शानदार लय में हैं। दोनों खिलाड़ियों का इंग्लैंड की परिस्थितियों में अच्छा रिकॉर्ड रहा है और वे किसी भी गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बनाने की क्षमता रखती हैं। शीर्ष क्रम में उनकी सफल शुरुआत टीम को मजबूत आधार प्रदान कर सकती है।

    मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी को अतिरिक्त मजबूती देती है। जेमिमा संकट के समय पारी को संभालने और रन गति बनाए रखने के लिए जानी जाती हैं। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर बड़े मैचों की खिलाड़ी मानी जाती हैं और अपने दम पर मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। हाल के मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी लय भी टीम प्रबंधन के लिए सकारात्मक संकेत है।

    भारतीय टीम के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्होंने कई मौकों पर विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है। डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता भारत को अतिरिक्त बढ़त दिला सकती है। इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मुकाबले में उनकी आक्रामक पारी ने यह संकेत भी दिया है कि वह टूर्नामेंट में विपक्षी टीमों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।

    गेंदबाजी विभाग की बात करें तो इंग्लैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। भारतीय टीम के पास रेणुका सिंह, क्रांति गौड़ और नंदिनी शर्मा जैसी प्रतिभाशाली गेंदबाज मौजूद हैं। नई गेंद से विकेट निकालने और मध्य ओवरों में दबाव बनाने की उनकी क्षमता टीम की बड़ी ताकत मानी जा रही है।

    इसके अलावा भारत का स्पिन आक्रमण भी बेहद संतुलित और प्रभावशाली नजर आ रहा है। राधा यादव, श्री चरणी और श्रेयंका पाटिल जैसे गेंदबाज मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। विशेष रूप से मध्य ओवरों में स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकता है। अभ्यास मैचों में भी भारतीय स्पिनरों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।

    टीम संयोजन, खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और विभिन्न परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को देखते हुए भारतीय महिला टीम इस बार विश्व कप खिताब की मजबूत दावेदार दिखाई दे रही है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि टीम इस सुनहरे अवसर को ऐतिहासिक सफलता में बदल पाएगी या नहीं।

  • दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    नई दिल्ली। श्रीलंका की धरती पर आयोजित की जा रही ए-टीमों की त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण मुकाबले में आज इंडिया-ए की टीम का सामना अफगानिस्तान-ए के साथ होने जा रहा है। इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि भारतीय टीम में घरेलू और आईपीएल स्तर के कई उभरते हुए सितारे शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति ने इस दौरे पर युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खुद को परखने का एक बड़ा मंच प्रदान किया है, जहां सभी की निगाहें भारत की नई ओपनिंग जोड़ी और टीम के रणनीतिक प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

    मैच के मुख्य आकर्षण भारत के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी बने हुए हैं, जिन्होंने हाल ही में समाप्त हुए इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक शैली का लोहा मनवाया था। उन्होंने सीजन के 16 मैचों में सर्वाधिक 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा था, जो टी-20 क्रिकेट के इतिहास में किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के लिए बेहद असाधारण माना जाता है। उनके इसी फॉर्म को देखते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मैच में भारतीय फैंस को एक बार फिर बड़ी पारियों और आतिशी बल्लेबाजी की उम्मीद है।

    हालांकि इस ट्राई-सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए के खिलाफ खेलते हुए भारतीय शीर्ष क्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया था। उस मैच में वैभव सूर्यवंशी महज 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे, जिससे टीम इंडिया को शुरुआती झटके लगे थे। लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि एक या दो पारियों की विफलता इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को कम नहीं कर सकती। तकनीकी रूप से सक्षम और लंबी पारियां खेलने में माहिर सूर्यवंशी अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर इस मुकाबले में नई शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दांबुला की पिच आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद करती है, जिससे भारतीय ओपनर्स के संयम और शॉट चयन की कड़ी परीक्षा होगी।

    दूसरी ओर विपक्षी टीम अफगानिस्तान-ए को हल्के में आंकना भारतीय टीम के लिए बड़ी भूल साबित हो सकता है। अफगानी टीम के पास कई ऐसे विश्वस्तरीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाज मौजूद हैं जो किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। विशेषकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अफगानिस्तान की ए-टीम ने पिछले कुछ समय में बेहतरीन खेल दिखाया है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए क्रीज पर समय बिताना होगा और पावरप्ले का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना होगा। कप्तान और टीम प्रबंधन ने मैच से पहले रणनीति को लेकर लंबी चर्चा की है, जिसमें मध्यक्रम को मजबूती देने और अंत के ओवरों में तेजी से रन बटोरने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    इस त्रिकोणीय श्रृंखला में आगे की राह तय करने के लिहाज से भारत के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अनिवार्य माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के पास खुद को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में बनाए रखने का यह सबसे बेहतरीन अवसर है। यदि वैभव सूर्यवंशी और उनके साथी बल्लेबाज आज के मैच में अफगानिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टीम की स्थिति सीरीज में काफी मजबूत हो जाएगी। पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज दोपहर शुरू होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के लाइव स्कोरकार्ड और भारतीय टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

  • वैश्विक खेल इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन आज से, 104 कड़े मुकाबलों के बीच खिताब बचाने उतरेगी अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी की सेना

    वैश्विक खेल इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन आज से, 104 कड़े मुकाबलों के बीच खिताब बचाने उतरेगी अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी की सेना


    नई दिल्ली । खेल जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मंच फीफा विश्व कप 2026 का ऐतिहासिक शंखनाद हो गया है। उत्तरी अमेरिका के तीन देशों, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट फुटबॉल के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा और भव्य आयोजन बनने जा रहा है। खेल के स्वरूप में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए इस बार प्रतिस्पर्धा करने वाली टीमों की संख्या को बढ़ाकर 48 कर दिया गया है। टीमों की संख्या बढ़ने के कारण इस महाकुंभ में कुल 104 हाई-वोल्टेज मुकाबले खेले जाएंगे, जो दुनिया भर के खेल प्रशंसकों को एक नया रोमांच प्रदान करेंगे।

    टूर्नामेंट का आधिकारिक उद्घाटन मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक स्टेडियम में एक बेहद भव्य और रंगारंग समारोह के साथ हुआ। इस उद्घाटन समारोह में दुनिया भर के शीर्ष संगीतकारों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, जिसमें वैश्विक पॉप स्टार्स ने फीफा के आधिकारिक एंथम पर लाइव परफॉर्म किया। इस सांस्कृतिक और खेल महोत्सव को दुनिया के कोने-कोने में प्रसारित किया जा रहा है। भारतीय उपमहाद्वीप में भी खेल प्रेमियों के लिए व्यापक प्रसारण व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि वे अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में इस वैश्विक उत्सव का सीधा आनंद उठा सकें। इसके अतिरिक्त खेल के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए कुछ विशेष और महत्वपूर्ण नॉकआउट मुकाबलों के मुफ्त प्रसारण की भी व्यवस्था की गई है।

    इस बार का विश्व कप न केवल टीमों और मैचों की संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि इसकी वित्तीय संरचना भी ऐतिहासिक है। शासी निकाय ने इस टूर्नामेंट के लिए कुल प्रदर्शन-आधारित पुरस्कार राशि को बढ़ाकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। टूर्नामेंट की विजेता टीम को मिलने वाली इनामी राशि अन्य वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं की तुलना में कई गुना अधिक है। इस वित्तीय प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतियोगिता में अंतिम पायदान पर रहने वाली टीम को भी एक बड़ी धनराशि सहायता और भागीदारी शुल्क के रूप में मिलेगी, जो कई अन्य खेलों के कुल बजट से भी अधिक है। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि वैश्विक खेल बाजार में फुटबॉल का आर्थिक साम्राज्य कितना मजबूत है।

    अगर इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें तो पिछले 96 वर्षों के सफर में इस चमचमाती सुनहरी ट्रॉफी पर केवल आठ देशों का ही कब्जा रहा है। ब्राजील, जर्मनी, इटली और अर्जेंटीना जैसे दिग्गजों ने इस खेल पर हमेशा अपना वर्चस्व बनाए रखा है। इस बार भी मुख्य मुकाबला इन्हीं पारंपरिक महाशक्तियों के बीच माना जा रहा है, लेकिन टूर्नामेंट के बढ़े हुए प्रारूप ने छोटे और उभरते हुए देशों के लिए भी बड़े उलटफेर करने के रास्ते खोल दिए हैं। मध्य प्रदेश सहित भारत के तमाम राज्यों के फुटबॉल जानकारों का मानना है कि इस बार ग्रुप स्टेज में कड़े मुकाबले देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि हर टीम इस ऐतिहासिक मंच पर खुद को साबित करने के लिए पूरी जान लगा देगी।

    इस पूरे टूर्नामेंट में दुनिया भर की खेल प्रेमी जनता की नजरें विशेष रूप से डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना और उनके करिश्माई कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी हुई हैं। आधुनिक फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार मेसी के करियर का यह आखिरी विश्व कप माना जा रहा है, जिससे इस अभियान की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। अर्जेंटीना के सामने अपनी बादशाहत को बरकरार रखने की बहुत बड़ी चुनौती होगी क्योंकि फ्रांस, ब्राजील और पुर्तगाल जैसी मजबूत टीमें उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगले कुछ हफ्तों तक चलने वाला यह खेल उत्सव यह तय करेगा कि दुनिया को कोई नया चैंपियन मिलता है या फिर पुराने दिग्गजों का ही दबदबा कायम रहता है।
  • फीफा विश्व कप 2026: गोल्डन बॉल की जंग में मेसी, एमबाप्पे और यमाल आमने-सामने, कौन बनेगा टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी?

    फीफा विश्व कप 2026: गोल्डन बॉल की जंग में मेसी, एमबाप्पे और यमाल आमने-सामने, कौन बनेगा टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी?


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 का आगाज होते ही दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें सिर्फ ट्रॉफी पर ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान ‘गोल्डन बॉल’ पर भी टिक गई हैं। यह पुरस्कार विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दिया जाता है और इसके लिए हर बार दुनिया के सबसे बड़े सितारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। इस बार भी अनुभवी दिग्गजों और युवा प्रतिभाओं के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है।

    गोल्डन बॉल के प्रमुख दावेदारों में सबसे चर्चित नाम अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी का है। 39 वर्षीय मेसी पहले ही दो बार यह सम्मान जीतकर इतिहास रच चुके हैं। 2022 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने वाले मेसी अब अपने करियर के अंतिम विश्व कप में एक और यादगार उपलब्धि हासिल करने की कोशिश करेंगे। क्लब फुटबॉल में भी उनकी फॉर्म प्रभावशाली रही है, जिससे उनके समर्थकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल को इस विश्व कप का सबसे बड़ा उभरता चेहरा माना जा रहा है। महज 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। तेज रफ्तार, बेहतरीन ड्रिब्लिंग और आक्रमण में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता उन्हें गोल्डन बॉल की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाती है। यदि स्पेन टूर्नामेंट में गहरी छाप छोड़ता है, तो यमाल इतिहास रच सकते हैं।

    फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे भी इस सूची में बेहद मजबूत दावेदार हैं। 2022 विश्व कप फाइनल में हैट्रिक लगाने वाले एमबाप्पे पहले ही विश्व कप इतिहास के सबसे खतरनाक गोल स्कोररों में गिने जाने लगे हैं। उनकी गति, तकनीक और बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें हर टूर्नामेंट में खास बनाती है।

    इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन भी बेहतरीन फॉर्म में विश्व कप में उतर रहे हैं। क्लब स्तर पर लगातार गोल करने वाले केन के कंधों पर इंग्लैंड को लंबे समय बाद विश्व चैंपियन बनाने की जिम्मेदारी होगी। यदि इंग्लैंड खिताब जीतने में सफल रहता है तो केन का नाम गोल्डन बॉल की दौड़ में सबसे आगे दिखाई दे सकता है।

    ब्राजील के स्टार विंगर विनीसियस जूनियर से भी काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। क्लब फुटबॉल में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह अभी तक विश्व मंच पर अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा सके हैं। हालांकि नए माहौल और अनुभवी मार्गदर्शन में वह ब्राजील के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।

    वहीं, पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 41 वर्ष की उम्र में अपने छठे विश्व कप में हिस्सा लेने जा रहे रोनाल्डो के पास इतिहास रचने का अवसर है। यदि वह पुर्तगाल को पहली बार विश्व कप खिताब दिलाने में सफल रहते हैं, तो यह फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक होगी।

    इन छह बड़े नामों के अलावा एरलिंग हालंद, केविन डी ब्रुइन, जमाल मुसियाला, फ्लोरियन विर्ट्ज, लुइस डियाज और माइकल ओलिसे जैसे खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन से गोल्डन बॉल की दौड़ को रोमांचक बना सकते हैं। कुल मिलाकर विश्व कप 2026 में न केवल खिताब की लड़ाई दिलचस्प होगी, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की प्रतिस्पर्धा भी प्रशंसकों को रोमांचित करेगी।

  • नाइटक्लब विवाद के बीच इंग्लैंड टीम में बड़ा बदलाव, बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन दूसरे टेस्ट से बाहर

    नाइटक्लब विवाद के बीच इंग्लैंड टीम में बड़ा बदलाव, बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन दूसरे टेस्ट से बाहर


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी दूसरे टेस्ट मैच से पहले इंग्लैंड क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीम के नियमित कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को दूसरे टेस्ट के लिए घोषित स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है। यह निर्णय हाल ही में सामने आए कथित नाइटक्लब विवाद और उससे जुड़ी जांच के बीच लिया गया है। वहीं, अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को टीम की अंतरिम कप्तानी सौंपी गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की जीत के बाद हुए जश्न से जुड़ा है। बताया गया है कि खिलाड़ी पहले ड्रेसिंग रूम और बाद में लंदन के एक पब में मौजूद थे। इसके बाद कुछ खिलाड़ी चेल्सी स्थित एक नाइटक्लब पहुंचे, जहां देर रात कथित रूप से एक झड़प की घटना सामने आई। रिपोर्ट्स में बेन स्टोक्स, गस एटकिंसन, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की सुरक्षा टीम के एक सदस्य और एक रग्बी खिलाड़ी का नाम सामने आया है।

    हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि स्टोक्स और एटकिंसन सीधे तौर पर किसी शारीरिक झड़प में शामिल नहीं थे। घटना में सुरक्षा दल का एक सदस्य घायल हुआ था, लेकिन मामले में पुलिस हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ी और फिलहाल किसी आपराधिक कार्रवाई की संभावना भी नहीं जताई गई है। इसके बावजूद घटना ने इंग्लैंड क्रिकेट के भीतर अनुशासन और टीम संस्कृति को लेकर बहस छेड़ दी है।

    ईसीबी और संबंधित संस्थाएं इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने तक स्टोक्स और एटकिंसन को दूसरे टेस्ट की टीम से बाहर रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार एटकिंसन की अनुपस्थिति को औपचारिक निलंबन नहीं माना जा रहा, बल्कि यह कदम जांच प्रक्रिया और खिलाड़ी के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    इस बीच जो रूट को टीम की कमान सौंपना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक सुरक्षित और अनुभवी विकल्प माना जा रहा है। रूट इससे पहले 2017 से 2022 के बीच इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं और उनके नेतृत्व में टीम ने कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थीं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम मुकाबले में उनकी वापसी को टीम के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    रिपोर्टों के मुताबिक बेन स्टोक्स फिलहाल मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं और उन्होंने अपनी स्थिति तथा भविष्य को लेकर विचार करने के लिए कुछ निजी समय मांगा है। दूसरी ओर क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजरें ईसीबी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी।

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब इंग्लैंड क्रिकेट टीम पहले से ही अपने प्रदर्शन, अनुशासन और टीम संस्कृति को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि पहले टेस्ट से पहले मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खिलाड़ियों को देर रात तक बाहर रहने और अनुशासनहीनता से बचने की सलाह दी थी। अब दूसरे टेस्ट से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने टीम प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल में 17 जून से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की टीम नए नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। इस मुकाबले के साथ-साथ सभी की नजरें जांच के नतीजों और बेन स्टोक्स की भविष्य की भूमिका पर भी बनी रहेंगी।

  • रोहित शर्मा रचेंगे नया इतिहास, वनडे में भारत के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने के करीब

    रोहित शर्मा रचेंगे नया इतिहास, वनडे में भारत के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने के करीब


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने जा रहे हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 जून से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में मैदान पर कदम रखते ही रोहित शर्मा भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके साथ ही वह 37 साल पुराना एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे।

    धर्मशाला में खेले जाने वाले पहले वनडे मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा की उम्र 39 साल और 44 दिन होगी। इसी के साथ वह पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मोहिंदर अमरनाथ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। अमरनाथ ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच वर्ष 1989 में खेला था, उस समय उनकी उम्र 39 साल और 36 दिन थी। अब लगभग चार दशक बाद यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम दर्ज होने जा रहा है।

    हाल ही में फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद रोहित शर्मा भारतीय टीम से जुड़े हैं और चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन का भरोसा बनाए रखने में सफल रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय में चोट और फिटनेस को लेकर चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन रोहित ने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से साबित किया है कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभाने में सक्षम हैं।

    अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज भारतीय टीम के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीम के दो प्रमुख खिलाड़ी विराट कोहली और हार्दिक पांड्या चोट के कारण इस श्रृंखला का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी टीम को मजबूती प्रदान करेगी। युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम में उनका अनुभव निर्णायक साबित हो सकता है।

    रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। अब उनका पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर केंद्रित है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नजर वर्ष 2027 में होने वाले आईसीसी क्रिकेट विश्व कप पर है। रोहित की इच्छा भारत को एक और विश्व कप खिताब दिलाकर अपने शानदार करियर को यादगार तरीके से समाप्त करने की हो सकती है।

    हालांकि बढ़ती उम्र के साथ चुनौतियां भी बढ़ती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लगातार दबाव, फिटनेस बनाए रखने की जरूरत और युवा खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा रोहित के सामने बड़ी परीक्षा होगी। इसके बावजूद उनका अनुभव, तकनीक और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें भारतीय टीम का महत्वपूर्ण सदस्य बनाए हुए है।

    आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन वनडे क्रिकेट में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। यही कारण है कि टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को उनसे आगामी मुकाबलों में भी बड़ी पारियों की उम्मीद है। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में रोहित शर्मा सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए भी मैदान पर उतरेंगे। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस उपलब्धि पर टिकी रहेंगी।