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  • जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे

    जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के स्टार स्पिन गेंदबाज एडम जैंपा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। हरारे में खेले गए मुकाबले में जैंपा ने दो विकेट हासिल किए और इसी के साथ वनडे क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे में सबसे तेज 200 विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। जैंपा ने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। वॉर्न ने 125 वनडे मुकाबलों में 200 विकेट पूरे किए थे जबकि जैंपा ने यह मुकाम 123 मैचों में हासिल किया।

    ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे वनडे में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार स्कोर खड़ा किया। ट्रैविस हेड के तूफानी शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 356 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.3 ओवर में 272 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 84 रन से जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। जैंपा ने गेंद से अहम भूमिका निभाते हुए दो विकेट चटकाए और इसी दौरान अपने वनडे करियर के 200 विकेट पूरे कर लिए।

    जैंपा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। अब जैंपा 123 मैचों में यह आंकड़ा हासिल करके ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज स्पिनर बन गए हैं। हालांकि पूरी दुनिया में सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक के नाम है।

    सकलैन मुश्ताक ने केवल 104 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इस मामले में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान दूसरे स्थान पर हैं। राशिद ने 115 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब 123 मैचों के साथ जैंपा इस खास सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद शेन वॉर्न का नाम आता है जिन्होंने 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इंग्लैंड के आदिल रशिद 137 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    इस रिकॉर्ड सूची में भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो टॉप पांच में कोई भी भारतीय शामिल नहीं है। भारत की ओर से सबसे ऊपर अनिल कुंबले का नाम है। कुंबले ने वनडे क्रिकेट में 200 विकेट तक पहुंचने के लिए 147 मैच खेले थे और वह इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उनके बाद हरभजन सिंह का नाम आता है जिन्होंने 178 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे।

    एडम जैंपा के लिए यह उपलब्धि उनके वनडे करियर में एक और बड़ा पड़ाव है। ऑस्ट्रेलियाई टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी जीत दिलाने में उनकी गेंदबाजी का भी अहम योगदान रहा। अब जैंपा की नजर अपने प्रदर्शन को आगे और मजबूत करने पर होगी जबकि क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह आने वाले मुकाबलों में अपनी विकेटों की संख्या को कहां तक पहुंचाते हैं।

  • टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पर सस्पेंस बरकरार! 25 टेस्ट वाले पार्थिव पटेल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

    टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पर सस्पेंस बरकरार! 25 टेस्ट वाले पार्थिव पटेल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने अभी तक अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने या नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन इस बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले करीब छह महीनों से BCCI के भीतर पार्थिव पटेल के नाम पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चयन समिति के नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

    अगरकर को एक्सटेंशन मिलने की संभावना फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि भारतीय क्रिकेट से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार अगर BCCI और अगरकर के बीच नए कार्यकाल को लेकर सहमति नहीं बनती है तो पार्थिव पटेल को चयन समिति की कमान सौंपी जा सकती है। बोर्ड ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वार्षिक आम बैठक के बाद इतना जरूर कहा कि इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए बोर्ड के पदाधिकारियों को अधिकृत किया गया है।

    अजीत अगरकर ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन किया था। इसके अलावा ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम भी उनके नेतृत्व वाली चयन समिति ने चुनी। रिपोर्ट के मुताबिक यह मौजूदा चयन समिति के चेयरमैन के तौर पर अगरकर की आखिरी सेलेक्शन मीटिंग हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    अगरकर की स्थिति को लेकर चर्चा उस समय भी बढ़ी थी जब वह भारतीय क्रिकेट की एक अहम रिव्यू मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। इस बैठक में BCCI के शीर्ष अधिकारी हेड कोच गौतम गंभीर टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण समेत कई अहम लोग मौजूद थे। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने अगरकर की गैरमौजूदगी की वजह उनके शहर से बाहर होना बताया था।

    वहीं संभावित नए चीफ सेलेक्टर के रूप में पार्थिव पटेल का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव रहा है। 41 साल के पार्थिव ने भारत के लिए 25 टेस्ट 38 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। अगर वह चयन समिति के चेयरमैन बनते हैं तो मौजूदा पैनल में टेस्ट मैचों के लिहाज से सबसे अनुभवी सदस्य होंगे। मौजूदा पैनल में शिवसुंदर दास ने 23 प्रज्ञान ओझा ने 24 आरपी सिंह ने 14 और अजय रात्रा ने 6 टेस्ट खेले हैं।

    संन्यास के बाद भी पार्थिव पटेल क्रिकेट से लगातार जुड़े हुए हैं। वह फिलहाल गुजरात टाइटन्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच की भूमिका में हैं और उपलब्धता के अनुसार कमेंट्री भी करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगले IPL सीजन में गुजरात टाइटन्स के साथ उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना थी लेकिन यदि BCCI उन्हें चयन समिति का चेयरमैन नियुक्त करता है तो फ्रेंचाइजी को अपने कोचिंग सेटअप में बदलाव करना पड़ सकता है।

    भारतीय टीम के लिए आने वाला समय भी बेहद अहम है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां चल रही हैं और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 का चक्र भी जारी है। ऐसे में चयन समिति के नेतृत्व को लेकर BCCI का फैसला टीम इंडिया की आगे की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल अगरकर के भविष्य पर अंतिम फैसला बाकी है और पार्थिव पटेल का नाम संभावित विकल्प के रूप में चर्चा में बना हुआ है।

  • जापान के खिलाफ भारत का एकतरफा दबदबा: 57 रन पर ढेर हुई टीम फिर शैफाली ने 15 गेंद में ठोके 40 रन

    जापान के खिलाफ भारत का एकतरफा दबदबा: 57 रन पर ढेर हुई टीम फिर शैफाली ने 15 गेंद में ठोके 40 रन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने जापान की पारी को महज 57 रन पर समेट दिया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने केवल 5 ओवर में 2 विकेट खोकर 59 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत का सामना अब 20 सितंबर को सेमीफाइनल में बांग्लादेश से होगा।

    टॉस जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और भारतीय गेंदबाजों ने इसे पूरी तरह सही साबित किया। जापान की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। उसकी ओर से अयाका काटो स्टेफॉर्ड ने 47 गेंदों पर 25 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि हारुना इवासाकी ने 22 गेंदों पर 10 रन की पारी खेली। इन दोनों के अलावा जापान की कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई श्री चरणी ने की। उन्होंने शानदार स्पेल डालते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट झटके। उनके प्रदर्शन ने जापान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। श्री चरणी के अलावा शैफाली वर्मा ने गेंद से भी योगदान दिया और 2 विकेट हासिल किए। श्रेयंका पाटिल और दीप्ति शर्मा को एक-एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जापान की पूरी टीम 19.5 ओवर में 57 रन पर ऑलआउट हो गई।

    58 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत में ही मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। शैफाली वर्मा ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि जापानी गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई जवाब नहीं दिखा। शैफाली ने सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 40 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। शैफाली की इस आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत के लिए लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।

    हालांकि जापान को भारतीय टीम के दो विकेट निकालने में सफलता मिली। जी कामालिनी बिना खाता खोले आउट हुईं जबकि भारती फूलमाली 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बावजूद भारत की जीत पर कोई असर नहीं पड़ा। ऋचा घोष ने भी तेजी से रन बनाते हुए 6 गेंदों पर नाबाद 12 रन बनाए और शैफाली के साथ मिलकर टीम को जीत तक पहुंचाया।

    भारत ने महज 30 गेंदों में 59 रन बनाकर मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अब टीम की नजर सेमीफाइनल पर है जहां 20 सितंबर को बांग्लादेश से मुकाबला होगा। बांग्लादेश को चीन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह मिली थी।

    भारतीय टीम के लिए जापान के खिलाफ मुकाबला गेंद और बल्ले दोनों विभागों में शानदार रहा। श्री चरणी की चार विकेट वाली गेंदबाजी और शैफाली की तूफानी पारी ने भारत को आसान जीत दिलाई। अब बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की कोशिश इस प्रदर्शन को दोहराते हुए फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • वर्ल्ड कप विजेता कोच बेन सॉयर का न्यूजीलैंड टीम से सफर खत्म: 2026 में खत्म होना था अनुबंध अब नहीं मिलेगा नया कार्यकाल

    वर्ल्ड कप विजेता कोच बेन सॉयर का न्यूजीलैंड टीम से सफर खत्म: 2026 में खत्म होना था अनुबंध अब नहीं मिलेगा नया कार्यकाल


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। चार साल तक व्हाइट फर्न्स की जिम्मेदारी संभालने वाले हेड कोच बेन सॉयर अब टीम के साथ आगे काम नहीं करेंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने हाई परफॉर्मेंस स्ट्रक्चर की समीक्षा प्रक्रिया के बाद उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला किया है। सॉयर का मौजूदा अनुबंध दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला था लेकिन समीक्षा के बाद उन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले ही टीम की जिम्मेदारी से अलग कर दिया गया है।

    बेन सॉयर को जून 2022 में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। सॉयर की कोचिंग में न्यूजीलैंड ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया। इसके बाद टीम ने 2024 टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस उपलब्धि ने सॉयर के चार साल के कार्यकाल को न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट के महत्वपूर्ण दौर से जोड़ दिया।

    पद से अलग होने के बाद बेन सॉयर ने न्यूजीलैंड महिला टीम की कोचिंग को अपने लिए बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने टीम के साथ काम करने और खिलाड़ियों को नेतृत्व देने के अवसर के लिए आभार जताया। सॉयर ने कहा कि यह टीम उनके लिए बहुत मायने रखती है और पिछले चार वर्षों में टीम ने जो कुछ हासिल किया है उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने टीम से अलग होने पर निराशा भी जताई और न्यूजीलैंड क्रिकेट तथा खिलाड़ियों के भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

    न्यूजीलैंड क्रिकेट के चीफ हाई परफॉर्मेंस क्रिकेट ऑफिसर डेरिल गिब्सन ने भी सॉयर के कार्यकाल को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेन के कार्यकाल में व्हाइट फर्न्स ने बदलाव और प्रगति का दौर देखा। गिब्सन ने महिलाओं के क्रिकेट के प्रति सॉयर की प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये के लिए उनका आभार जताया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया कि टीम के अगले चरण और कार्यक्रम की भविष्य की दिशा के लिए अलग नेतृत्व की जरूरत है।

    टीम की कप्तान अमेलिया केर ने भी बेन सॉयर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि टीम सॉयर और उनके द्वारा खिलाड़ियों के लिए किए गए प्रयासों की आभारी है। केर के मुताबिक सॉयर की तैयारी का स्तर काफी ऊंचा था और उन्होंने अपनी भूमिका में पूरी मेहनत के साथ काम किया। कप्तान ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण समय में सॉयर ने टीम पर भरोसा दिखाया और मुश्किल दौर के बाद विश्व कप जीतने में उनकी भूमिका रही।

    महिला हाई परफॉर्मेंस डेवलपमेंट की प्रमुख लिज ग्रीन ने कहा कि सॉयर टीम और महिला क्रिकेट कार्यक्रम को पहले से मजबूत स्थिति में छोड़ रहे हैं। उनके अनुसार सॉयर ने एक स्पष्ट कार्यक्रम योजना और संरचना तैयार करने के लिए काफी काम किया है जो भविष्य में लंबे समय तक सफलता की दिशा में मदद कर सकती है।

    बेन सॉयर के जाने के बाद अब न्यूजीलैंड महिला टीम के नेतृत्व ढांचे में बदलाव देखने को मिलेगा। टीम के अगले हेड कोच की नियुक्ति को लेकर आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल चार साल के कार्यकाल के बाद सॉयर का व्हाइट फर्न्स के साथ सफर समाप्त हो गया है।

  • श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली

    श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली


    नई दिल्ली। कार्डिफ में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। श्रीलंका ने शुरुआत में तेजी दिखाई लेकिन शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद उसकी पारी लड़खड़ा गई। पूरी टीम 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 145 रन ही बना सकी। इसके जवाब में इंग्लैंड ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 12.1 ओवर में 146 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    श्रीलंका की पारी की शुरुआत पाथुम निसांका और लाहिरू उदारा ने तेज अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 5.3 ओवर में 56 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। निसांका ने 21 गेंदों पर 4 चौकों और एक छक्के की मदद से 37 रन बनाए। उदारा ने 20 गेंदों पर 21 रन की पारी खेली। शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद श्रीलंका के विकेट लगातार गिरते रहे और टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

    कप्तान चरिथ असालंका ने 31 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 31 रन बनाए जबकि वानिंदु हसरंगा ने 22 गेंदों पर 2 चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन जोड़े। इंग्लैंड की ओर से लियाम डॉसन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने अपने चार ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। जोफ्रा आर्चर और जेमी ओवरटन को दो दो विकेट मिले जबकि सोनी बाकेर और आदिल रशीद को एक एक सफलता मिली।

    146 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने पहले ही ओवरों से आक्रामक रुख अपनाया। जोस बटलर और ए डोनाल्ड ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवर में 51 रन जोड़ दिए। डोनाल्ड ने 13 गेंदों पर 21 रन बनाए जबकि बटलर ने 16 गेंदों पर 30 रन की तेज पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के लगातार आउट होने से इंग्लैंड को कुछ झटका लगा लेकिन टीम की रन गति पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।

    पिछले मुकाबले में शतक लगाने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भी तेजी से रन जुटाए। उन्होंने केवल 8 गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 23 रन बनाए लेकिन 79 रन के स्कोर पर तीसरे विकेट के रूप में आउट हो गए। इसके बाद टॉम बैंटन ने मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    बैंटन ने महज 24 गेंदों पर नाबाद 52 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में चार छक्के और दो चौके शामिल रहे। उनका साथ विल जैक्स ने दिया जो 3 रन बनाकर नाबाद लौटे। इंग्लैंड ने 12.1 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह टीम ने 47 गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया।

    शानदार गेंदबाजी के लिए लियाम डॉसन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। लगातार दूसरी जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरा टी20 मुकाबला औपचारिकता भर रह गया है जिसमें श्रीलंका की कोशिश सीरीज का अंतिम मैच जीतकर सम्मान बचाने की होगी।

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। महज कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज के नाम छह मुकाबलों में दो अर्धशतक भी दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी। अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। गंभीर के मुताबिक वैभव को फिलहाल अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

    अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। खासकर तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनके इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान को 127 रन से हराया और तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

    सीरीज के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ इस विषय पर बातचीत बिल्कुल साफ है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट उनकी प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ है और जानता है कि वह क्या कर सकते हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव और लगातार प्रदर्शन की भी अपनी अहमियत होती है।

    गंभीर के मुताबिक जो खिलाड़ी पिछले दो तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे में फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को हटाकर वैभव को मौका देने की जल्दबाजी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि टीम मैनेजमेंट वैभव को नजरअंदाज कर रहा है बल्कि उन्हें सही समय पर मौका देने की योजना है।

    गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी तो उन्हें सिर्फ एक या दो मैचों का मौका नहीं दिया जाएगा। टीम मैनेजमेंट उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर देगा। यानी युवा बल्लेबाज को एक लंबी अवधि के मौके के लिए तैयार रहना होगा।

    गंभीर ने उम्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि क्रिकेट में इंतजार की स्थिति खिलाड़ी की उम्र देखकर नहीं बदलती। खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का उसे अगर अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा। टीम में प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा होना जरूरी है लेकिन हर खिलाड़ी को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।

    अभिषेक और संजू को लगातार मौका देने के पीछे एक और वजह भी है। गंभीर के मुताबिक टीम मैनेजमेंट अफगानिस्तान सीरीज में उस ओपनिंग कॉम्बिनेशन को दोबारा आजमाना चाहता था जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। सिर्फ तीन चार मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं माना गया। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ फिर साबित किया कि उन्हें लगातार मौके क्यों दिए जा रहे हैं।

    वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है। गंभीर के संदेश से इतना स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर भरोसा करता है। फिलहाल वैभव को इंतजार करना होगा और जब उनकी बारी आएगी तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। चयन समिति ने दोनों फॉर्मेट के लिए टीम में कई अहम बदलाव किए हैं। वनडे टीम में पांच ऐसे खिलाड़ियों की वापसी हुई है जो इंग्लैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को एक बार फिर वनडे टीम में जगह नहीं मिली है। इस फैसले के बाद उनकी वनडे टीम में वापसी का इंतजार और बढ़ गया है।

    वनडे टीम में रवींद्र जडेजा मोहम्मद सिराज यशस्वी जायसवाल ऋतुराज गायकवाड़ और नीतीश कुमार रेड्डी की वापसी हुई है। इन खिलाड़ियों के आने से भारतीय टीम को बल्लेबाजी गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों में मजबूती मिलेगी। जडेजा के पास बाएं हाथ की स्पिन के साथ उपयोगी बल्लेबाजी का विकल्प रहेगा जबकि मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव देंगे। यशस्वी जायसवाल को रिजर्व ओपनर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है।

    वनडे टीम में कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है। तेज गेंदबाज आकिब नबी विकेटकीपर ध्रुव जुरेल और बल्लेबाज नमन धीर पहली बार वनडे टीम में शामिल किए गए हैं। इन तीनों खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिलने पर भारत के लिए वनडे डेब्यू करने का अवसर मिल सकता है। ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग के दूसरे विकल्प के तौर पर चुना गया है। इसके साथ ही केएल राहुल टीम में विकेटकीपर की भूमिका भी निभाएंगे।

    ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी इस चयन की सबसे चर्चित बातों में से एक है। पंत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में चुना गया था लेकिन चोट के कारण वह सीरीज से बाहर हो गए थे। इसके बाद वह वनडे टीम में वापसी नहीं कर पाए। अब ध्रुव जुरेल को उनसे आगे चुना गया है। पंत को अगले महीने होने वाले ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है।

    वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे जबकि केएल राहुल उपकप्तान बनाए गए हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी टीम में बरकरार रखा गया है। रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार शतक लगाया था। श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में ऋतुराज गायकवाड़ को मध्यक्रम में नंबर चार की भूमिका के लिए देखा जा रहा है।

    नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से वापस बुलाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल किया गया है। वहीं चोटिल वरुण चक्रवर्ती एशियन गेम्स की टीम से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह विप्रज निगम को शामिल किया गया है। चयन के इस बदलाव से साफ है कि टीम मैनेजमेंट नीतीश को वनडे क्रिकेट में ज्यादा मैच समय देना चाहता है।

    टी20 टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में मयंक यादव और प्रिंस यादव की वापसी हुई है। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भी टीम में बरकरार रखा गया है। उनके अलावा अभिषेक शर्मा ईशान किशन संजू सैमसन तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। अर्शदीप सिंह तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे।

    स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और इसी वजह से उन्हें दोनों टीमों में जगह नहीं मिली। हर्ष दुबे सूर्यांश शेडगे और हर्षित राणा भी चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को मुल्लांपुर में मुकाबला खेला जाएगा। पांच मैचों की टी20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके मुकाबले लखनऊ रांची इंदौर हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। इस सीरीज में भारतीय टीम के कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।

  • एशियन गेम्स में बदली टीम इंडिया की स्क्वाड नीतीश रेड्डी को मिली नई जिम्मेदारी इस युवा खिलाड़ी की एंट्री

    एशियन गेम्स में बदली टीम इंडिया की स्क्वाड नीतीश रेड्डी को मिली नई जिम्मेदारी इस युवा खिलाड़ी की एंट्री


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की स्क्वाड में बड़ा बदलाव किया गया है। बीसीसीआई ने टीम में दो अहम परिवर्तन किए हैं। ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी अब एशियन गेम्स में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगे। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया गया है। वहीं स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण एशियन गेम्स से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह युवा ऑलराउंडर विप्रज निगम को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

    बीसीसीआई ने 16 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन बदलावों की जानकारी दी। बोर्ड के मुताबिक वरुण चक्रवर्ती साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी चोट के कारण वह जापान के खिलाफ 22 सितंबर को होने वाले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भी नहीं खेल पाएंगे। वरुण की जगह दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े युवा खिलाड़ी विप्रज निगम को टीम में शामिल किया गया है। अब विप्रज भारतीय दल के साथ जापान जाएंगे और एशियन गेम्स में टीम इंडिया की जर्सी में नजर आ सकते हैं।

    नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से हटाने के पीछे बीसीसीआई की वनडे क्रिकेट को लेकर योजना अहम मानी जा रही है। बोर्ड चाहता है कि नीतीश को वनडे फॉर्मेट में ज्यादा मौके मिलें और वह इस प्रारूप में अपनी उपयोगिता साबित करें। इसी वजह से उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। इस सीरीज में मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है।

    नीतीश के हालिया प्रदर्शन ने भी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में उन्होंने गेंद से प्रभावी प्रदर्शन किया था। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में नीतीश ने तीन अफगानी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला था। इसके बाद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया।

    नीतीश जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ दो वनडे मुकाबले भी खेल चुके हैं। इन दोनों मैचों में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। हालांकि धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए थे। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनके सामने वनडे क्रिकेट में खुद को साबित करने का एक और अवसर होगा।

    दूसरी ओर वरुण चक्रवर्ती की चोट ने एशियन गेम्स की टीम का समीकरण बदल दिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में गेंदबाजी के दौरान उन्हें चोट लगी थी। इसके बाद वह सीरीज के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए थे। अब साइड स्ट्रेन के कारण उन्हें जापान टी20 और एशियन गेम्स से भी बाहर होना पड़ा है।

    एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर के हाथों में है जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान बनाए गए हैं। टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी यश ठाकुर और विप्रज निगम शामिल हैं। स्क्वाड में हुए बदलाव के बाद अब खास नजर युवा विप्रज निगम और वनडे टीम में शामिल किए गए नीतीश कुमार रेड्डी पर रहेगी।

  • 254 रन का विशाल स्कोर फिर 135 पर समेटा इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ दर्ज की बड़ी जीत

    254 रन का विशाल स्कोर फिर 135 पर समेटा इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ दर्ज की बड़ी जीत


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने तीन टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 119 रन से करारी शिकस्त देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वेस्ट एंड के यूटिलिटा बाउल में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 19 ओवर में 135 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान हैरी ब्रूक रहे जिन्होंने टी20 करियर का दूसरा शतक लगाते हुए नाबाद 114 रन बनाए।

    श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही इस फैसले को गलत साबित करना शुरू कर दिया। पूर्व कप्तान जोस बटलर ने पारी की शुरुआत करते हुए तेजतर्रार अंदाज में रन बनाए। बटलर ने 44 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 80 रन की शानदार पारी खेली। वह शतक से जरूर चूक गए लेकिन उनकी पारी ने इंग्लैंड को बड़े स्कोर की मजबूत नींव दे दी।

    इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया। ब्रूक ने केवल 49 गेंदों में नाबाद 114 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 चौके और छह छक्के शामिल रहे। ब्रूक ने अपना अर्धशतक महज 20 गेंदों में पूरा किया जबकि शतक तक पहुंचने के लिए उन्होंने 42 गेंदों का सामना किया। उनकी विस्फोटक पारी की बदौलत इंग्लैंड आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाने में सफल रहा।

    इंग्लैंड की पारी में विल जैक्स ने भी 12 गेंदों पर 21 रन बनाए। एन्यूरिन डोनाल्ड ने पांच गेंदों में 12 रन का योगदान दिया जबकि टॉम बेंटन ने 10 गेंदों पर 10 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से दुश्मंथा चमीरा दुनिथ वेलालागे एहसान मलिंगा और वानिंदु हसरंगा को एक-एक विकेट मिला। इसके बावजूद इंग्लैंड का स्कोर 250 रन के पार पहुंच गया।

    255 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही और बड़े लक्ष्य का दबाव साफ नजर आया। श्रीलंका की ओर से दुनिथ वेलालागे ने सबसे ज्यादा 33 रन बनाए। दासुन शनाका ने 24 रन की पारी खेली लेकिन दोनों बल्लेबाज टीम को लक्ष्य के करीब नहीं पहुंचा सके

    इंग्लैंड की गेंदबाजी के सामने श्रीलंका की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में नजर आई। सोनी बेकर ने चार ओवर में केवल 12 रन देकर तीन विकेट झटके। लियाम डॉसन और जेमी ओवरटन को दो-दो विकेट मिले जबकि जोश टंग विल जैक्स और आदिल रशीद ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। श्रीलंका 19 ओवर में 135 रन पर ऑलआउट हो गया और इंग्लैंड ने 119 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    हैरी ब्रूक को उनकी शानदार शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टी20 मुकाबला गुरुवार को भारतीय समयानुसार रात 11 बजे खेला जाएगा। श्रीलंका की नजर इस मुकाबले में वापसी करते हुए सीरीज बराबर करने पर होगी जबकि इंग्लैंड जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा
  • वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं

    वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने पर संजू सैमसन ने समझाया टीम का फैसला बोले मुश्किल निर्णय लेना आसान नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में संजू सैमसन ने बल्ले से शानदार वापसी की। उन्होंने महज 22 गेंदों में 57 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। लंबे समय से अपनी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में रहे संजू के लिए यह पारी खास रही। हालांकि मैच के बाद उन्होंने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी को लेकर बात नहीं की बल्कि आलोचना और सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के असर को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी।

    संजू ने माना कि क्रिकेटरों को लेकर लगातार होने वाली चर्चाएं और आलोचनाएं खिलाड़ी को प्रभावित करती हैं। उनका कहना था कि अनुभव के साथ उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से निपटना जरूर सीखा है लेकिन वह भी इंसान हैं। लगातार सामने आने वाली बातों का असर होना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे समझाते हुए कहा कि वह कई बार खुद को बाहरी शोर से दूर रखने की कोशिश करते हैं लेकिन कभी कभी सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर सामने आने वाली टिप्पणियां नजर आ ही जाती हैं।

    संजू ने बताया कि वह खुद को बाहरी शोर से दूर रखने के लिए वाईफाई बंद करने जैसी कोशिश करते हैं लेकिन कई बार वह दोबारा चालू हो जाता है और कुछ कमेंट सामने आ जाते हैं। उनके मुताबिक ऐसी चीजें मन को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि उनका फोकस इस बात पर रहता है कि मैदान पर उतरते समय उनका माइंडसेट साफ रहे और वह अपनी तैयारी तथा खेल पर ध्यान दें।

    उन्होंने साफ किया कि अगर वह बाहर की बातों को अपने खेल पर हावी होने देंगे तो गेंदबाजी के खिलाफ खुलकर बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाएगा। उनके अनुसार बल्लेबाज को हर गेंद पर सोच समझकर खेलना होता है और ज्यादा सोचने से स्वाभाविक खेल प्रभावित हो सकता है। इसलिए वह कोशिश करते हैं कि मैदान पर अपना ध्यान सिर्फ खेल और टीम की जरूरत पर रखें।

    इसी बातचीत के दौरान संजू सैमसन ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी अपनी राय रखी। वैभव ने हाल के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और उनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी मजबूत की है। संजू ने माना कि वैभव के प्रदर्शन को देखते हुए उसे टीम में मौका मिलना स्वाभाविक था।

    संजू ने कहा कि भारतीय टीम को संभालना आसान काम नहीं है। एक तरफ अनुभवी खिलाड़ी होते हैं तो दूसरी तरफ युवा खिलाड़ियों का शानदार फॉर्म भी चयन के फैसले को प्रभावित करता है। उन्होंने वैभव के करीब 700 से 800 रन बनाने वाले प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रदर्शन के बाद युवा खिलाड़ी को मौका देना टीम मैनेजमेंट के लिए समझ में आने वाला फैसला है।

    संजू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने हाल के दो तीन मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था जबकि वैभव अच्छी फॉर्म में थे। ऐसे में नेतृत्व समूह के सामने टीम के हित को देखते हुए फैसला लेने की स्थिति बनी। संजू ने इस फैसले को शिकायत की नजर से देखने के बजाय टीम मैनेजमेंट की मजबूरी और जिम्मेदारी को समझने की बात कही।

    उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। संजू के मुताबिक सीरीज के दौरान इस मुद्दे पर टीम के भीतर बातचीत हुई थी और सीरीज शुरू होने से पहले भी गंभीर ने उनसे काफी बात की थी। उनके अनुसार ऐसे मामलों में स्पष्ट संवाद बेहद जरूरी होता है।

    संजू ने कहा कि लोकप्रिय फैसला लेना आसान होता है लेकिन टीम के हित में कठिन फैसला लेना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने नेतृत्व समूह की तारीफ करते हुए कहा कि टीम को सबसे आगे रखते हुए मुश्किल फैसले लिए जा रहे हैं। उनका बयान यह दिखाता है कि चयन की प्रतिस्पर्धा के बीच खिलाड़ी के लिए टीम का लक्ष्य और आपसी संवाद कितना महत्वपूर्ण है।