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  • अमेलिया केर बनीं नंबर-1 ऑलराउंडर, ICC महिला टी20 रैंकिंग में बड़ा बदलाव

    अमेलिया केर बनीं नंबर-1 ऑलराउंडर, ICC महिला टी20 रैंकिंग में बड़ा बदलाव


    नई दिल्ली । दुबई में मंगलवार को जारी ताजा आईसीसी महिला टी20 रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। न्यूजीलैंड की स्टार खिलाड़ी Amelia Kerr एक बार फिर दुनिया की नंबर-1 टी20 ऑलराउंडर बन गई हैं। केर ने टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले यह उपलब्धि हासिल की है। हालांकि टॉप पोजीशन पर उनकी बढ़त बेहद मामूली है, क्योंकि वेस्टइंडीज की कप्तान Hayley Matthews उनसे सिर्फ कुछ रेटिंग अंकों से पीछे हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच टॉप स्थान की रेस अब और रोमांचक हो गई है।

    हरमनप्रीत कौर की टॉप-10 में वापसी
    भारतीय महिला टीम की कप्तान Harmanpreet Kaur ने भी रैंकिंग में सुधार किया है और वह एक बार फिर टॉप-10 बल्लेबाजों में शामिल हो गई हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक मुकाबले में नाबाद अर्धशतक लगाने के बाद उन्हें यह फायदा मिला। उनकी वापसी को भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप से पहले एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    बल्लेबाजी और गेंदबाजी रैंकिंग में भी बदलाव
    बल्लेबाजों की सूची में ऑस्ट्रेलिया की जॉर्जिया वोल और बेथ मूनी शीर्ष स्थानों पर बनी हुई हैं। वहीं इंग्लैंड की युवा बल्लेबाज एलिस कैप्सी ने शानदार छलांग लगाई है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में इंग्लैंड की Linsey Smith ने नंबर-1 स्थान बनाए रखा है, जबकि पाकिस्तान की Sadia Iqbal उनसे पीछे हैं। टॉप-10 में लॉरेन बेल और चार्ली डीन को भी फायदा मिला है, जिससे इंग्लैंड का दबदबा बढ़ा है।

    ऑलराउंडर्स में कड़ा मुकाबला
    ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में अमेलिया केर और हेली मैथ्यूज के बीच टक्कर सबसे दिलचस्प बनी हुई है। स्कॉटलैंड की कप्तान कैथरीन ब्राइस ने भी ट्राई-सीरीज में अच्छे प्रदर्शन के बाद लंबी छलांग लगाई है और टॉप-20 के करीब पहुंच गई हैं।

  • श्रीलंका में ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत, इंडिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी

    श्रीलंका में ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत, इंडिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी


    नई दिल्ली । श्रीलंका के दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार से ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत हो गई। इस मुकाबले में पहले मैच में India A और Sri Lanka A आमने-सामने हैं। टॉस जीतकर इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

    कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस के बाद कहा कि पिच सूखी है और शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम 270 के आसपास का स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराछिगे ने कहा कि उनकी टीम की कोशिश विपक्ष को 250–260 के भीतर रोकने की होगी।

    वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सक
    आईपीएल 2026 के चर्चित युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। ओपनिंग करने उतरे सूर्यवंशी ने आक्रामक शुरुआत की और 12 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें 3 चौके शामिल रहे। लेकिन वह लंबी पारी नहीं खेल सके और मोहम्मद शिराज की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने से इंडिया ए की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ा गई, लेकिन मिडिल ऑर्डर से टीम को संभालने की उम्मीद है।

    पिच और मौसम का असर
    दांबुला की पिच को सूखा और हल्की दरारों वाला बताया गया है। शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को मदद मिलने की संभावना है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है। मौसम साफ है और धूप खिली हुई है, जिससे पूरे मैच में बिना रुकावट के खेल होने की उम्मीद है।

    मजबूत मिडिल ऑर्डर पर नजर
    इंडिया ए की टीम में ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, आयुष बडोनी जैसे बल्लेबाज शामिल हैं, जिनसे बड़ी साझेदारियों की उम्मीद है। टीम का लक्ष्य एक मजबूत स्कोर खड़ा कर श्रीलंका ए पर दबाव बनाना रहेगा। श्रीलंका ए की गेंदबाजी यूनिट में स्पिन और पेस दोनों का मिश्रण है, जिससे मिडिल ओवरों में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

    सीरीज में तीन टीमें शामिल
    इस ट्राई-नेशन सीरीज में इंडिया ए और श्रीलंका ए के अलावा Afghanistan A भी हिस्सा ले रही है। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा मौका मानी जा रही है।

  • न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले विवादों में घिरा इंग्लैंड क्रिकेट, नाइटक्लब कांड में कप्तान बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन के खिलाफ जांच शुरू

    न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले विवादों में घिरा इंग्लैंड क्रिकेट, नाइटक्लब कांड में कप्तान बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन के खिलाफ जांच शुरू

    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पटल पर शानदार प्रदर्शन कर रही इंग्लैंड की टेस्ट टीम दूसरे मुकाबले से ठीक पहले एक गंभीर अनुशासनात्मक विवाद की चपेट में आ गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला के बीच इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और स्टार तेज गेंदबाज गस एटकिंसन पर टीम के कड़े प्रोटोकॉल्स और मर्यादाओं को तोड़ने के गंभीर आरोप लगे हैं। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि सोमवार तड़के लंदन के एक नाइटक्लब में हुई एक कथित घटना के दौरान ये दोनों खिलाड़ी वहां मौजूद थे, जिसके बाद क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय आंतरिक जांच बिठा दी है।

    यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इंग्लिश टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड को 115 रनों के बड़े अंतर से मात देकर श्रृंखला में बढ़त बनाई थी। शानदार जीत के ठीक बाद सोमवार की सुबह एक नाइटक्लब में घटी इस अनपेक्षित घटना ने क्रिकेट प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। ईसीबी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बोर्ड इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के समापन के बाद खिलाड़ियों द्वारा किए गए टीम प्रोटोकॉल के उल्लंघन की गहनता से पड़ताल कर रहा है।

    क्रिकेट बोर्ड ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र जांच के लिए क्रिकेट रेगुलेटर्स को भी पूरी तरह सूचित कर दिया है। ईसीबी के अधिकारियों का कहना है कि वे इस घटना से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्य जुटा रहे हैं और पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही अनुशासनात्मक समिति कोई सख्त कदम उठाएगी। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि दूसरे टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की अंतिम टीम का एलान इस मामले के तथ्यों की समीक्षा करने के बाद ही सही समय पर किया जाएगा, जिससे दोनों खिलाड़ियों के खेलने पर संशय गहरा गया है।

    यह अप्रत्याशित विवाद इंग्लैंड की टीम के लिए एक बड़ा और अनचाहा झटका साबित हो सकता है, विशेषकर इसलिए क्योंकि बेन स्टोक्स न केवल टीम के कप्तान हैं बल्कि उनके नेतृत्व में टीम बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। वहीं दूसरी ओर, ऑलराउंडर और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच में कुल 7 विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी थी और इंग्लैंड की जीत के मुख्य सूत्रधार बने थे। ऐसे में टीम के दो सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों के खिलाफ जांच बैठना आगामी मैच की रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।

    फिलहाल ईसीबी ने नाइटक्लब के भीतर हुई वास्तविक घटना के विवरण को सार्वजनिक नहीं किया है और जांच पूरी होने तक गोपनीयता बनाए रखने की बात कही है। दोनों देशों के बीच श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच 17 जून से लंदन के द ओवल मैदान पर खेला जाना निर्धारित है। खेल प्रेमियों और विश्लेषकों की नजरें अब ईसीबी के अगले कदम और टीम चयन पर टिकी हुई हैं, क्योंकि कप्तान पर होने वाली किसी भी संभावित कार्रवाई का सीधा असर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका और टीम के मनोबल पर पड़ना तय है।

  • श्रीलंका के खिलाफ टी20 श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज टीम घोषित, विश्व कप में खराब प्रदर्शन के बाद टीम में हुए 3 बड़े बदलाव

    श्रीलंका के खिलाफ टी20 श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज टीम घोषित, विश्व कप में खराब प्रदर्शन के बाद टीम में हुए 3 बड़े बदलाव

    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मैदानों पर खेली जाने वाली आगामी तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए अपनी 15 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम का एलान कर दिया है। हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद कैरेबियाई टीम की यह पहली टी20 श्रृंखला है, जिसके चलते चयनकर्ताओं ने भविष्य की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए टीम में कई चौंकाने वाले और बड़े फेरबदल किए हैं। इस महत्वपूर्ण श्रृंखला में टीम की कमान एक बार फिर स्टार बल्लेबाज शाई होप के हाथों में सौंपी गई है।

    मेजबान वेस्टइंडीज के लिए यह टी20 सीरीज साख बचाने और खोई हुई लय वापस पाने का एक बड़ा अवसर है। इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज बारिश से बुरी तरह प्रभावित रही थी, जहां केवल एक ही मैच का परिणाम आ सका था। उस एकमात्र मुकाबले को जीतकर श्रीलंका ने वनडे सीरीज अपने नाम कर ली थी, जबकि बाकी के दो मैच भारी बारिश के कारण रद्द करने पड़े थे। वनडे सीरीज की इस निराशा को पीछे छोड़कर कैरेबियाई टीम अब सबसे छोटे प्रारूप में पलटवार करने की रणनीति तैयार कर रही है।

    चयनकर्ताओं ने टीम को मजबूत और संतुलित बनाने के लिए अनुभवी बल्लेबाज जॉनसन चार्ल्स, क्वेंटिन सैम्पसन और तेज गेंदबाज जेडेन सील्स को टीम से ड्रॉप कर दिया है। इनके स्थान पर युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी एकीम ऑगस्टे, जेवेल एंड्र्यू और ऑलराउंडर शमर स्प्रिंगर को टीम में जगह दी गई है। हालांकि, टीम के मुख्य तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ अभी भी टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। टीम के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने इन बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि विश्व कप की निराशा के बाद अब वे टीम को एक नया आकार देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

    कोच डैरेन सैमी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि भारत में हुए विश्व कप के बाद यह हमारी पहली टी20 सीरीज है और यह हमारे लिए बेहद अहम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम उसी जज्बे, जुझारूपन और एकजुटता के साथ मैदान पर उतरेगी जिसके लिए वेस्टइंडीज क्रिकेट को विश्व भर में जाना जाता है। सैमी के अनुसार, टीम का मुख्य लक्ष्य बुनियादी चीजों को दुरुस्त करना, एक सामूहिक इकाई के रूप में आगे बढ़ना और श्रीलंका के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन करके घरेलू फैंस को गौरवान्वित होने का मौका देना है।

    इस टी20 श्रृंखला का पूरा कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है, जिसके तहत तीनों मुकाबले जमैका के ऐतिहासिक सबीना पार्क स्टेडियम में खेले जाएंगे। श्रृंखला का पहला मैच 11 जून को, दूसरा मैच 13 जून को और तीसरा व अंतिम मैच 14 जून को आयोजित होगा। वेस्टइंडीज के लिए सबसे राहत की बात यह है कि इस समय वैश्विक स्तर पर कोई बड़ी टी20 लीग नहीं खेली जा रही है, जिसके चलते उनके सभी प्रमुख और सीनियर खिलाड़ी चयन के लिए उपलब्ध रहे, जिससे बोर्ड को एक मजबूत टीम चुनने में मदद मिली है।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    नई दिल्ली। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसके आसपास फिलहाल दुनिया की कोई भी बड़ी क्रिकेट टीम नजर नहीं आती है। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों के बेहद शर्मनाक अंतर से शिकस्त दे दी। इस विशाल जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया है, जहां क्रिकेट की महाशक्तियां मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें भारत के आसपास भी नहीं ठहरती हैं।

    यह मुकाबला जीतने के साथ ही अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम का बिना हारे लगातार 15 मैच खेलने का अनोखा सिलसिला पूरा हो चुका है। भारतीय टीम ने साल 2010 से लेकर 2026 तक के सफर में अफगानिस्तान के खिलाफ सभी प्रारूपों को मिलाकर कुल 15 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 12 मैचों में टीम इंडिया ने एकतरफा जीत हासिल की है। इस सफर के दौरान भारतीय टीम को एक भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है, जिसने भारत को विश्व क्रिकेट इतिहास की सबसे लंबी अजेय स्ट्रीक का मालिक बना दिया है।

    इस वैश्विक सूची पर नजर डालें तो भारत के बाद दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड की टीम मौजूद है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ लगातार 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। वहीं युगांडा ने नाइजीरिया के खिलाफ लगातार 13 मैच जीते थे। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इन 15 मुकाबलों के इतिहास में केवल एक मैच साल 2023 के टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बारिश की भेंट चढ़ा था, जबकि दो बेहद रोमांचक मुकाबले टाई पर समाप्त हुए थे। इनमें से पहला टाई मुकाबला साल 2018 के एशिया कप के दौरान दुबई में खेला गया वनडे मैच था, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विपक्षी टीम ने भारत को कड़ी टक्कर दी थी।

    इसके बाद साल 2024 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों देशों के बीच खेला गया द्विपक्षीय टी20 मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में शुमार हो गया था, जहां एक ही मैच में दो बार सुपर ओवर का ड्रामा देखने को मिला था। उस ऐतिहासिक मैच में कप्तान रोहित शर्मा के शानदार 121 रनों और रिंकू सिंह की आतिशी पारी के दम पर भारत ने विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे अफगानिस्तान ने बराबर कर दिया था। अंततः रवि बिश्नोई की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने वह दोहरा सुपर ओवर मुकाबला अपने नाम किया था।

    क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को बेहद बुरी तरह रौंदकर भारत ने साफ कर दिया है कि खेल के हर फॉर्मेट में उसकी बादशाहत क्यों कायम है। मुल्लांपुर स्टेडियम की पिच पर भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन ने विपक्षी टीम को मैच के किसी भी सत्र में संभलने का मौका नहीं दिया। भारतीय क्रिकेट के इस स्वर्णिम दौर में यह नया विश्व रिकॉर्ड खिलाड़ियों की निरंतरता और टीम के मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को दर्शाता है, जिसने देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

  • तिलक वर्मा की कप्तानी और वैभव का विस्फोटक अंदाज, मुकाबला होगा रोमांचक

    तिलक वर्मा की कप्तानी और वैभव का विस्फोटक अंदाज, मुकाबला होगा रोमांचक


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस युवा खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह नाम है वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले वैभव अब एक नई परीक्षा के लिए तैयार हैं। श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए उन्हें यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ टी20 क्रिकेट के स्टार नहीं, बल्कि लंबे प्रारूप में भी टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज बन सकते हैं।

    दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में इंडिया-ए का पहला मुकाबला श्रीलंका-ए से होना है। इस मैच पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर होगी क्योंकि पहली बार वैभव सूर्यवंशी 50 ओवर के प्रारूप में इतनी बड़ी जिम्मेदारी के साथ मैदान पर उतरेंगे। आईपीएल में उनके बल्ले ने जिस तरह गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई थीं, उसी प्रदर्शन की उम्मीद अब इंडिया-ए के समर्थक भी कर रहे हैं।

    वैभव के लिए यह सीरीज सिर्फ रन बनाने का मंच नहीं, बल्कि अपने क्रिकेटिंग व्यक्तित्व को साबित करने का अवसर भी है। टी20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करना और सीमित गेंदों में तेजी से रन जुटाना अलग बात है, लेकिन वनडे प्रारूप में धैर्य, तकनीक और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। श्रीलंका की पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाती हैं, जहां बल्लेबाजों को हर रन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में वैभव की तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होगी।

    चयनकर्ताओं की नजर भी इस युवा बल्लेबाज पर टिकी हुई है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह बना चुके वैभव यदि इस सीरीज में भी सफल रहते हैं, तो उनके लिए भारतीय क्रिकेट के दरवाजे और तेजी से खुल सकते हैं। शानदार प्रदर्शन उन्हें भविष्य के तीनों प्रारूपों के खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकता है।

    हालांकि टीम की जिम्मेदारी सिर्फ वैभव पर नहीं होगी। कप्तान तिलक वर्मा के सामने भी अपनी नेतृत्व क्षमता और बल्लेबाजी कौशल साबित करने की चुनौती होगी। अनुभवी ऋतुराज गायकवाड़, प्रभसिमरन सिंह, आयुष बदोनी और अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। वहीं गेंदबाजी विभाग में अंशुल कम्बोज, यश ठाकुर और अरशद खान विपक्षी बल्लेबाजों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह त्रिकोणीय सीरीज भारतीय क्रिकेट के कई उभरते सितारों के लिए बड़ा मंच साबित हो सकती है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। यदि उनका बल्ला श्रीलंका की धरती पर भी आईपीएल जैसा कहर बरपाता है, तो भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है। अब सभी की निगाहें दांबुला के मैदान पर टिकी हैं, जहां युवा प्रतिभा अपने करियर का नया अध्याय लिखने उतरने वाली है।

  • महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने के उद्देश्य से आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। इंग्लैंड और वेल्स के ऐतिहासिक मैदानों पर आयोजित होने जा रहे क्रिकेट के इस सबसे बड़े महाकुंभ की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। रविवार को टूर्नामेंट के आधिकारिक उद्घाटन के सिलसिले में एक भव्य ‘कैप्टंस मीट’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर सभी 12 प्रतिभागी देशों के कप्तानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें खेल भावना के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक संदेश के माध्यम से इस आगामी संस्करण को महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे भव्य और क्रांतिकारी टूर्नामेंट करार दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंग्लैंड और वेल्स के प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियमों में इस बार रिकॉर्ड संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचेंगे, जिससे महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को एक नया आयाम मिलेगा। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक प्रसारण नेटवर्क के व्यापक विस्तार के कारण दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमी इस बार अपनी पसंदीदा महिला क्रिकेट टीमों और खिलाड़ियों को लाइव एक्शन में देख सकेंगे।

    प्रशासनिक और तकनीकी दृष्टिकोण से इस बार का टूर्नामेंट कई मायनों में अनूठा होने जा रहा है क्योंकि महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार 12 टीमें खिताब की दौड़ में शामिल हो रही हैं। टूर्नामेंट का आधिकारिक आगाज 12 जून को पहले ग्रुप मुकाबले के साथ होगा। यह इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता का 10वां संस्करण है और साल 2009 में आयोजित हुए उद्घाटन सत्र के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड इसकी पूर्ण रूप से मेजबानी कर रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन इंग्लैंड और वेल्स के सात सबसे प्रमुख क्रिकेट मैदानों पर किया जाएगा।

    टूर्नामेंट के समीकरणों पर नजर डालें तो सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-A में छह बार की सर्वाधिक सफल चैंपियन टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर पदार्पण कर रही नीदरलैंड्स की टीम को जगह मिली है। वहीं दूसरी ओर ग्रुप-B में मेजबान इंग्लैंड के साथ गत विजेता न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। लीग चरण के दौरान प्रत्येक टीम कुल पांच-पांच मुकाबले खेलेगी और दोनों समूहों की शीर्ष दो टीमें नॉकआउट चरण अर्थात सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, जहां न्यूजीलैंड की टीम अपने मौजूदा चैंपियन के खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं छह बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम का दबदबा बरकरार रखने की चुनौती होगी। मेजबान इंग्लैंड भी अपनी पूर्व कप्तान और वर्तमान मुख्य कोच शार्लोट एडवर्ड्स के मार्गदर्शन में साल 2009 की खिताबी सफलता को अपनी घरेलू धरती पर दोहराना चाहेगी। टूर्नामेंट के वार्म-अप मैचों की प्रक्रिया छह जून से डर्बी, लॉफबोरो और कार्डिफ में पहले ही शुरू हो चुकी है। मुख्य चरण के बाद दोनों महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले क्रमशः 30 जून और 2 जुलाई को लंदन के द ओवल मैदान पर खेले जाएंगे, जबकि विश्व विजेता का फैसला करने वाला ऐतिहासिक फाइनल महामुकाबला 5 जुलाई को मक्का ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा।

  • 'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां मात्र 15 वर्ष की आयु में एक युवा बल्लेबाज ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर सीनियर राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपने बल्ले से रनों का अंबार लगाने वाले युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को चयनकर्ताओं ने आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया है। इस चयन के साथ ही वैभव के पास मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दशकों पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने का एक बेहद सुनहरा अवसर आ गया है।

    यदि वैभव सूर्यवंशी को आगामी दौरों पर किसी भी मुकाबले में भारत की ओर से खेलने का अवसर प्राप्त होता है, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इस अभूतपूर्व प्रतिभा को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व भारतीय कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव की जमकर सराहना की है। उन्होंने अपने आधिकारिक डिजिटल मंच पर बयान देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है, तो वैभव सूर्यवंशी में क्रिकेट के भगवान का बेटा बनने की पूरी क्षमता दिखाई देती है।

    पूर्व मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत ने हालांकि टीम प्रबंधन को एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह भी दी है। उनका मानना है कि इस युवा खिलाड़ी के चयन में उम्र कोई बाधा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन और रनों के आधार पर टीम में जगह बनाई है। इसके बावजूद, टीम मैनेजमेंट को उन्हें अंतिम एकादश (प्लेइंग XI) में शामिल करने की जल्दबाजी से बचना चाहिए। श्रीकांत के अनुसार, वैभव को आगामी तीन वर्षों के लिए 16 सदस्यीय मुख्य टीम में स्थान की गारंटी दी जानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ रहकर खेल की बारीकियों को सीख सकें और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह परिपक्व कर सकें।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, वैभव का यह फास्ट्रैक चयन उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन का परिणाम है, जहां उन्होंने पूरे सीजन में कुल 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ पर अपना अधिकार जमाया था। अपने करियर के दूसरे ही सीजन में यह कीर्तिमान रचने वाले वे दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, इस 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने एक ही आईपीएल सीजन में कुल 72 गगनचुंबी छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के बरसों पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी नेस्तनाबूद कर दिया था, जिसने चयनकर्ताओं को उन्हें सीनियर टीम में शामिल करने के लिए मजबूर किया।

    भारतीय टीम का आगामी आयरलैंड दौरा 26 जून से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है, जिसके तुरंत बाद टीम को इंग्लैंड के खिलाफ भी सीमित ओवरों की श्रृंखला खेलनी है। इसके अतिरिक्त, चयनकर्ताओं ने दूरगामी सोच का परिचय देते हुए वैभव सूर्यवंशी को आगामी एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय क्रिकेट दल में भी स्थान दिया है। वर्तमान में शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों की मौजूदगी के बीच, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन इस युवा खिलाड़ी को कब और किस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण करने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करता है।

  • मानव सुथार की गेंदबाजी ने मचाया कहर, रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम

    मानव सुथार की गेंदबाजी ने मचाया कहर, रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम


    नई दिल्ली। मानव सुथार ने 22 ओवर में मात्र 33 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। यह प्रदर्शन उन्हें भारत के टेस्ट इतिहास में डेब्यू पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी स्पेल बनाने वालों की सूची में शामिल कर देता है। भारत के लिए डेब्यू टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ स्पेल का रिकॉर्ड अब भी नरेंद्र हिरवानी के नाम है, जिन्होंने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 8 विकेट लेकर इतिहास रचा था।

    रिकॉर्ड्स की कतार में मानव सुथार
    मानव सुथार ने कई अहम उपलब्धियां अपने नाम कीं-
    भारत की ओर से पिछले 35 वर्षों में डेब्यू पर 6 विकेट लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल
    अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन
    इस सदी में डेब्यू पर 5+ विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय स्पिनर
    इससे पहले यह उपलब्धि अमित मिश्रा ने 2008 में हासिल की थी।

    अफगानिस्तान की बल्लेबाजी बिखरी
    Afghanistan national cricket team की पारी में केवल रहमत शाह ही संघर्ष करते नजर आए और उन्होंने 60 रनों की उपयोगी पारी खेली। कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी और अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सके।

    भारत की मजबूत पकड़
    प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लेकर तेज गेंदबाजी में योगदान दिया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को भी एक सफलता मिली। इसके चलते भारत ने पहली पारी के आधार पर 412 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली है।

    डेब्यू टेस्ट में ही मानव सुथार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें भविष्य के प्रमुख स्पिनरों की सूची में ला खड़ा किया है। उनका यह स्पेल भारतीय टेस्ट क्रिकेट के यादगार प्रदर्शनों में गिना जाएगा।

  • तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर की मौजूदगी, प्रिंस के लिए जगह बनाना चुनौती

    तीन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर की मौजूदगी, प्रिंस के लिए जगह बनाना चुनौती


    नई दिल्ली। जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के बाद भी भारत की तेज गेंदबाजी लाइन-अप कमजोर नहीं हुई है। जिम्मेदारी अब मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगी, जिनके साथ अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्प मौजूद हैं। हर्षित राणा की खासियत यह है कि वह गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं, जिससे उनकी प्लेइंग-11 में दावेदारी और मजबूत हो जाती है।

    प्रिंस यादव के लिए चुनौती क्यों बढ़ी?
    प्रिंस यादव ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 मैचों में 16 विकेट लिए थे। उन्होंने एक यादगार स्पेल में विराट कोहली को भी क्लीन बोल्ड कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बावजूद टीम में पहले से ही स्थापित तेज गेंदबाज मौजूद हैं, जिससे प्रिंस को सीधे प्लेइंग-11 में जगह मिलना मुश्किल लग रहा है।

    ऑलराउंडर्स ने भी बढ़ाई प्रतिस्पर्धा
    टीम में नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट अक्सर ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देता है जो अतिरिक्त बैलेंस प्रदान करते हैं।

    क्या सिर्फ एक-दो मैच का मौका मिलेगा?
    सूत्रों के अनुसार, अगर प्रिंस यादव को मौका मिलता भी है, तो वह संभवतः आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती मैचों तक सीमित रह सकता है। क्योंकि इस दौरे पर भारत को सिर्फ दो टी20 मुकाबले आयरलैंड के खिलाफ खेलने हैं।

    चयन पर भी उठ रहे सवाल
    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रिंस को लगातार मैच खेलने का मौका नहीं मिलता, तो उन्हें भारत ए या किसी अन्य डेवलपमेंट सीरीज में भेजना ज्यादा उपयोगी हो सकता था, जहां उन्हें नियमित गेम टाइम मिलता।

    टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी यूनिट इस समय बेहद प्रतिस्पर्धी है, और यही वजह है कि प्रिंस यादव के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना आसान नहीं दिख रहा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देकर भविष्य का निवेश मानता है या नहीं।