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  • 16 साल का इंतजार हुआ खत्म धीरज बोम्मादेवरा ने शूट ऑफ में जापान को हराकर रचा भारतीय तीरंदाजी का इतिहास

    16 साल का इंतजार हुआ खत्म धीरज बोम्मादेवरा ने शूट ऑफ में जापान को हराकर रचा भारतीय तीरंदाजी का इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय तीरंदाजी के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। भारत के स्टार रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो इससे पहले कोई भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज नहीं कर सका था। धीरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को बेहद रोमांचक मुकाबले में शूट ऑफ के जरिए हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस शानदार जीत के साथ भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी में 16 साल से चला आ रहा इंतजार भी खत्म हो गया।

    25 वर्षीय धीरज ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त प्रदर्शन किया। विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद सेना के इस जवान ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में अपनी सटीक निशानेबाजी का दम दिखाया। फाइनल में उनका सामना दुनिया के 20वें नंबर के जापानी तीरंदाज नाकानिशी जुन्या से हुआ। मुकाबला पांच सेट तक चला और दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पांच सेट के बाद स्कोर 5-5 से बराबर था। इसके बाद फैसला शूट ऑफ से हुआ जहां धीरज ने 10-9 के अंतर से जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।

    धीरज की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि विश्व कप फाइनल में भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज के लिए इससे पहले स्वर्ण पदक का सपना अधूरा रहा था। भारत की ओर से जयंत तालुकदार ने 2010 में एडिनबर्ग में विश्व कप फाइनल में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद लंबे समय तक भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में स्वर्ण हासिल नहीं कर सके। अब धीरज ने उस सूखे को खत्म कर इतिहास अपने नाम कर लिया है।

    धीरज की सफलता के पीछे सिर्फ उनकी प्रतिभा नहीं बल्कि परिवार का संघर्ष और त्याग भी छिपा है। करियर के शुरुआती दौर में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं थी। साल 2017 में बेहतर प्रशिक्षण के लिए उन्हें महंगे विदेशी उपकरणों की जरूरत थी लेकिन पैसों की कमी बड़ी चुनौती बन गई। हालात यहां तक पहुंच गए कि धीरज की मां रेवती ने बेटे का सपना पूरा करने के लिए अपना मंगलसूत्र तक गिरवी रख दिया। इसी रकम से उनके लिए नया धनुष खरीदा गया।

    एक समय धीरज तीरंदाजी छोड़ने का मन भी बना चुके थे लेकिन परिवार के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। उनके पिता श्रवण कुमार भी तीरंदाजी से जुड़े रहे और आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ तीरंदाजी जजों में शामिल हैं। परिवार के इसी समर्थन और धीरज की मेहनत ने उन्हें आज दुनिया के शीर्ष तीरंदाजों में खड़ा कर दिया है।

    इस साल जून में तुर्किये के अंताल्या में विश्व कप स्टेज तीन में धीरज ने दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी शानदार फॉर्म का संकेत दिया था। अब विश्व कप फाइनल में गोल्ड जीतकर उन्होंने भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। विश्व कप फाइनल में इससे पहले भारत के लिए डोला बनर्जी ने 2007 में महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। धीरज की जीत ने पुरुष वर्ग में भी भारत का झंडा सबसे ऊंचा कर दिया है।

  • अरुण जेटली स्टेडियम में ऐतिहासिक पल भारत अफगानिस्तान मुकाबले से पहले गूंजा वंदे मातरम

    अरुण जेटली स्टेडियम में ऐतिहासिक पल भारत अफगानिस्तान मुकाबले से पहले गूंजा वंदे मातरम


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। क्रिकेट के मैदान पर पहली बार राष्ट्रीय गान जन गण मन से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का वादन किया गया। इस दौरान स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों के साथ दर्शकों ने भी सम्मान के साथ खड़े होकर राष्ट्रीय गीत को सुना। यह मौका भारतीय क्रिकेट और देश के खेल इतिहास में खास माना जा रहा है।

    मुकाबला शुरू होने से पहले आमतौर पर राष्ट्रीय गान बजाने की परंपरा रही है। हालांकि इस बार कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से हुई और उसके बाद राष्ट्रीय गान जन गण मन बजाया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने स्टेडियम के माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच भी इस दौरान खास उत्साह नजर आया।

    बताया गया कि यह आयोजन राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों का हिस्सा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इससे संबंधित दिशा निर्देश जारी किए गए थे। इन्हीं दिशा निर्देशों के तहत अरुण जेटली स्टेडियम में वंदे मातरम के सभी छह छंद प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रीय गीत के पूरे संस्करण को प्रस्तुत करने में करीब 3 मिनट 10 सेकेंड का समय निर्धारित किया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय गान के लिए करीब 52 सेकेंड का समय रखा गया। इस तरह पूरे कार्यक्रम की अवधि लगभग 4 मिनट 2 सेकेंड रही।

    नए दिशा निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय गीत के वादन के दौरान वहां मौजूद लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े रहने के लिए कहा गया है। राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण संस्करण के इस्तेमाल को कुछ औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों और विशेष अवसरों के लिए मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले से पहले भी इसका आयोजन किया गया।

    वंदे मातरम का भारतीय इतिहास में विशेष महत्व है। इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने रचा था। वर्ष 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसके शुरुआती दो छंदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद वर्ष 1950 में संविधान सभा ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता दी।

    क्रिकेट मुकाबले की बात करें तो भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम में संजू सैमसन को विकेटकीपर की जिम्मेदारी दी गई जबकि अभिषेक शर्मा और ईशान किशन टीम का हिस्सा रहे। तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी शिवम दुबे अक्षर पटेल अर्शदीप सिंह जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती भी प्लेइंग इलेवन में शामिल रहे। हालांकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला।

    इस ऐतिहासिक शुरुआत के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों में वंदे मातरम को लेकर क्या परंपरा आगे बढ़ती है। भारत अफगानिस्तान मुकाबले से पहले हुआ यह आयोजन निश्चित तौर पर क्रिकेट के मैदान पर यादगार पलों में शामिल हो गया है।

  • एक ही दिन तीज और गणेश चतुर्थी महिलाओं के लिए खास रहेगा आज का दिन दोपहर में गणेश स्थापना और रातभर होगा जागरण

    एक ही दिन तीज और गणेश चतुर्थी महिलाओं के लिए खास रहेगा आज का दिन दोपहर में गणेश स्थापना और रातभर होगा जागरण


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर आठवीं बार एशिया कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। टीम की इस शानदार उपलब्धि के बाद देशभर से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इस ऐतिहासिक जीत के लिए शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।

    यूएई में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट की तरह निर्णायक मुकाबले में भी अपना दबदबा कायम रखा। टीम के खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए श्रीलंका को 72 रन से मात दी। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीतकर अपनी मजबूती का परिचय दिया। फाइनल में मिली इस जीत को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम की जीत पर खुशी जताते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम के खेल में आत्मविश्वास निरंतर शानदार प्रदर्शन और जबरदस्त जज्बा नजर आया। प्रधानमंत्री ने महिला खिलाड़ियों की मेहनत और उनके प्रदर्शन की तारीफ करते हुए इस उपलब्धि को भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बताया।

    पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह जीत देशभर के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम की इस सफलता से युवा क्रिकेट के साथ साथ दूसरे खेलों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। खिलाड़ियों की मेहनत आत्मविश्वास और लगातार बेहतर प्रदर्शन ने एक बार फिर यह दिखाया है कि भारतीय महिला क्रिकेट किस तेजी से नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को एशिया कप जीतने पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर टीम की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने एशियाई क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमित शाह ने टीम के पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखने की तारीफ की और कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पूरे देश को रोमांचित किया।

    महिला टीम की इस जीत को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और फाइनल जैसे अहम मुकाबले में भी दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया। श्रीलंका के खिलाफ 72 रन की जीत ने भारतीय टीम की तैयारियों और मजबूत इरादों को सामने रखा।

    आठवीं बार एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह एशियाई क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। खिलाड़ियों की इस सफलता ने देश के क्रिकेट प्रशंसकों में भी उत्साह भर दिया है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री समेत देश की कई हस्तियों की ओर से मिल रही बधाइयां इस ऐतिहासिक जीत की अहमियत को और बढ़ा रही हैं।

  • US Open में रिबाकिना का तूफान सबालेंका को हराकर जीता खिताब अब करियर में 3 ग्रैंड स्लैम

    US Open में रिबाकिना का तूफान सबालेंका को हराकर जीता खिताब अब करियर में 3 ग्रैंड स्लैम


    नई दिल्ली। कजाकिस्तान की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेना रिबाकिना ने यूएस ओपन 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए आर्यना सबालेंका को शिकस्त देकर पहली बार इस प्रतिष्ठित खिताब पर कब्जा कर लिया है। न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में रिबाकिना ने वर्ल्ड नंबर दो सबालेंका को 6-4 5-7 6-2 से हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब 2 घंटे 21 मिनट तक चला और निर्णायक सेट में रिबाकिना ने अपने आक्रामक खेल से मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया।

    फाइनल का सबसे खास पल तब आया जब रिबाकिना ने चैंपियनशिप प्वाइंट पर शानदार ऐस लगाकर मुकाबला खत्म किया। उनके करियर का यह तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले वह 2022 में विम्बलडन चैंपियन बनी थीं। इसके बाद 2026 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। अब उसी साल यूएस ओपन जीतकर रिबाकिना ने अपने करियर के सबसे शानदार दौर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।

    इस जीत के साथ रिबाकिना ने आर्यना सबालेंका का लगातार तीसरी बार यूएस ओपन चैंपियन बनने का सपना भी तोड़ दिया। सबालेंका के पास ओपन एरा में लगातार तीन बार यूएस ओपन खिताब जीतने वाली चुनिंदा महिला खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने का बड़ा मौका था लेकिन रिबाकिना ने उनके अभियान पर रोक लगा दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच हाल के मुकाबलों में भी रिबाकिना ने लगातार अपनी मजबूत चुनौती पेश की है। उन्होंने इससे पहले डब्ल्यूटीए फाइनल्स और इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी सबालेंका को हराया था।

    फाइनल के पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में अपनी सर्विस बचाई लेकिन रिबाकिना लगातार दबाव बनाने में सफल रहीं। 2-2 के स्कोर के बाद उन्हें ब्रेक प्वाइंट मिला और उन्होंने इसका फायदा उठाते हुए 3-2 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस को मजबूती से संभाला और सबालेंका को वापसी का मौका नहीं दिया। रिबाकिना ने पहला सेट 6-4 से जीतकर मुकाबले में शुरुआती बढ़त बना ली।

    दूसरे सेट में सबालेंका ने जोरदार वापसी की। उन्होंने अहम मौकों पर ब्रेक प्वाइंट बचाए और रिबाकिना की आक्रामकता का सामना करते हुए स्कोर को बराबरी के करीब पहुंचा दिया। 4-4 के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। रिबाकिना ने 4-5 पर दो ब्रेक प्वाइंट बचाए लेकिन इसके बाद सबालेंका ने दबाव बनाए रखा। रिबाकिना की कुछ गलतियों का फायदा उठाकर उन्होंने दूसरा सेट 7-5 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक सेट में पहुंचा दिया।

    तीसरे सेट में रिबाकिना ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। 2-1 के बाद उन्होंने सबालेंका की सर्विस तोड़ दी और अपनी बढ़त मजबूत कर ली। सबालेंका ने वापसी की कोशिश की लेकिन रिबाकिना की तेज सर्विस और सटीक ग्राउंडस्ट्रोक के सामने वह ज्यादा देर टिक नहीं सकीं। 4-2 के बाद रिबाकिना ने एक और ब्रेक हासिल किया और मैच पूरी तरह अपनी मुट्ठी में कर लिया। आखिरकार 5-2 पर खिताब के लिए सर्व करते हुए उन्होंने मुकाबला खत्म किया और पहली बार यूएस ओपन चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    जीत के बाद रिबाकिना ने रैकेट गिराकर दोनों हाथ ऊपर उठाए और भावुक अंदाज में जश्न मनाया। दूसरी ओर सबालेंका इस हार से बेहद निराश नजर आईं और उन्होंने गुस्से में अपना रैकेट तोड़ दिया। रिबाकिना की यह जीत न सिर्फ उनके लिए बल्कि महिला टेनिस के लिहाज से भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी को हराकर यूएस ओपन की नई चैंपियन के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है।

  • श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला

    श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के मुकाबलों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के कुछ अहम नॉकआउट मुकाबलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर में खेले जाने वाले मुकाबले अब जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजे की जगह 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगे। इसका सीधा असर भारतीय टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर भी पड़ेगा। हालांकि महिला क्रिकेट के मुकाबलों की टाइमिंग में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेलेगी। यह मैच जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। जापान भारत से 3 घंटे 30 मिनट आगे है इसलिए भारतीय दर्शक इस मुकाबले को सुबह 10 बजे से देख सकेंगे। वहीं सुबह के स्लॉट में होने वाले मुकाबले पहले की तरह जापान में सुबह 9 बजे शुरू होंगे जिसका मतलब भारत में इनका प्रसारण सुबह 5 बजकर 30 मिनट से होगा।

    टाइमिंग में यह बदलाव केवल क्वार्टर फाइनल तक सीमित नहीं है। 1 अक्टूबर को होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भी जापान के समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा। भारतीय टीम के इस चरण तक पहुंचने की पूरी संभावना मानी जा रही है। इसके बाद 3 अक्टूबर को होने वाला गोल्ड मेडल मुकाबला भी दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू किया जाएगा। ऐसे में अगर श्रेयस अय्यर की टीम फाइनल तक पहुंचती है तो भारत में क्रिकेट फैंस को गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला सुबह 10 बजे से देखने को मिलेगा। वहीं पहला क्वार्टर फाइनल जिसमें पाकिस्तान शामिल है पहला सेमीफाइनल और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला सुबह 9 बजे के जापानी समय से ही खेले जाएंगे।

    मैचों की टाइमिंग में बदलाव की वजह भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जिस स्थान पर एशियन गेम्स के क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए जाएंगे वहां फ्लडलाइट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जापान में शाम जल्दी होने के कारण आयोजकों को लंबे चलने वाले पुरुष मुकाबलों को समय से पहले समाप्त कराने की जरूरत महसूस हुई। इसी वजह से दोपहर वाले मैचों को आधा घंटा पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इस बदलाव की जानकारी सभी संबंधित पक्षों तक पूरी तरह नहीं पहुंची थी। भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों ने भी इस संबंध में अनभिज्ञता जताई थी जबकि आधिकारिक कार्यक्रम में संशोधित समय अपडेट कर दिया गया है।

    एशियन गेम्स में भारत की टीम को बेहद मजबूत माना जा रहा है। पिछली बार ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता था। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर वरुण चक्रवर्ती रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची और नागोया में होना है। भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को होने वाला टी20 मुकाबला एशियन गेम्स क्रिकेट प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। यह मुकाबला अलग कार्यक्रम के तहत सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम की मजबूत स्क्वॉड को देखते हुए इस बार भी गोल्ड मेडल की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

  • सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब जो रूट के नाम 69 अर्धशतकों के साथ दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में मचाई हलचल

    सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब जो रूट के नाम 69 अर्धशतकों के साथ दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में मचाई हलचल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में रूट ने ऐसी शानदार पारी खेली जिसने इंग्लैंड को जीत दिलाने के साथ उनके नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज कर दिया। रूट ने 69 गेंदों में नाबाद 62 रन बनाए और इसी पारी के दौरान उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब जो रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

    पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। इसके बाद जो रूट ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। रूट ने बिना किसी दबाव के रन बनाए और अपनी पारी को अर्धशतक में बदल दिया। जैसे ही उन्होंने 50 रन का आंकड़ा पार किया वैसे ही उनका नाम क्रिकेट इतिहास के एक खास रिकॉर्ड के साथ जुड़ गया।

    जो रूट की यह टेस्ट क्रिकेट में 69वीं फिफ्टी थी। इससे पहले सबसे ज्यादा टेस्ट अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने अपने शानदार टेस्ट करियर में 68 अर्धशतक लगाए थे। रूट ने अब 69वीं फिफ्टी पूरी करके सचिन को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज शिवनारायण चंद्रपॉल 66 अर्धशतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भारत के राहुल द्रविड़ और ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर के नाम 63 63 टेस्ट अर्धशतक दर्ज हैं।

    रूट की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड लंबे समय से कायम था। सचिन ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था और उसके बाद से कई बड़े बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचे लेकिन कोई भी इसे पार नहीं कर सका। अब इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल कर लिया है। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है और यही वजह है कि वह टेस्ट क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड के आसपास लगातार नजर आ रहे हैं।

    पाकिस्तान के खिलाफ इसी मुकाबले में रूट ने एक और खास उपलब्धि अपने नाम की। उन्होंने एजबेस्टन के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में अपने 1000 रन पूरे कर लिए। यह दुनिया का चौथा मैदान है जहां रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। इससे पहले लॉर्ड्स मैनचेस्टर और द ओवल में भी वह यह कारनामा कर चुके हैं। उनके अलावा केवल जैक कैलिस और रिकी पोंटिंग ही चार अलग अलग मैदानों पर टेस्ट में 1000 से ज्यादा रन बनाने की उपलब्धि हासिल कर सके हैं।

    इस मुकाबले का नतीजा भी इंग्लैंड के लिए बेहद खास रहा। इंग्लैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। पाकिस्तान पहली पारी में केवल 133 रन पर सिमट गया था। इसके बाद दूसरी पारी में टीम ने वापसी करते हुए 449 रन बनाए जिसमें शान मसूद ने 95 बाबर आजम ने 76 और रजाउल्लाह ने 81 रन की पारी खेली। इसके बावजूद इंग्लैंड की पहली पारी का 453 रन का स्कोर निर्णायक साबित हुआ और पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने केवल 130 रन का लक्ष्य रखा।

    इंग्लैंड ने इस लक्ष्य को सिर्फ दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। जो रूट 62 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि जॉर्डन कॉक्स ने भी 59 रन की नाबाद पारी खेली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पाकिस्तान का सीरीज में पूरी तरह सफाया कर दिया और जो रूट ने अपने बल्ले से एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका सहवाग को पीछे छोड़ने के लिए चाहिए तीन छक्के

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका सहवाग को पीछे छोड़ने के लिए चाहिए तीन छक्के


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। सीरीज का पहला मुकाबला नई दिल्ली में खेला जाएगा और इस मैच में सबसे ज्यादा नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहने वाली है। 15 साल के वैभव के पास अपने घरेलू मैदान पर पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उतरने का मौका है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो वह बल्ले से धमाल मचाने के साथ ही पूर्व भारतीय विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का एक खास रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से अलग पहचान बनाई है। भारत के लिए अब तक खेले छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 193 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32 से ज्यादा है जबकि स्ट्राइक रेट 189 के करीब रहा है। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले हैं। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने केवल छह अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में 14 छक्के जड़ दिए हैं।

    अब उनके सामने वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड है। सहवाग ने भारत के लिए 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे और इस दौरान उनके बल्ले से 394 रन निकले थे। उनका स्ट्राइक रेट 145 से ज्यादा रहा था। सहवाग ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 16 छक्के लगाए थे। ऐसे में वैभव अगर अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मुकाबले में तीन छक्के लगाने में सफल रहते हैं तो वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए छक्कों के मामले में सहवाग से आगे निकल जाएंगे।

    हालांकि दोनों खिलाड़ियों के रिकॉर्ड की तुलना करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि सहवाग का अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर काफी छोटा रहा था। वहीं वैभव अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं। इसके बावजूद केवल छह मैचों में 14 छक्के लगाना उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा देता है। वैभव जिस अंदाज में बड़े शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं उसे देखते हुए तीन छक्कों का यह आंकड़ा उनके लिए मुश्किल लक्ष्य नहीं माना जा सकता।

    वैभव का टी20 क्रिकेट में ओवरऑल रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली है। वह अब तक 40 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं और उनके नाम 148 छक्के दर्ज हैं। आईपीएल 2026 में भी उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 237 से ज्यादा रहा था। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। पूरे सीजन में उनके बल्ले से 72 छक्के निकले और वह आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बने।

    भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में फिलहाल रोहित शर्मा सबसे आगे हैं। उनके नाम 205 छक्के हैं। सूर्यकुमार यादव 179 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं जबकि हार्दिक पांड्या 126 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। विराट कोहली 124 छक्कों के साथ चौथे और अभिषेक शर्मा 104 छक्कों के साथ पांचवें नंबर पर हैं।

    अब सबकी नजर वैभव पर होगी कि क्या वह अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में मैदान पर उतरते हैं और क्या तीन छक्के लगाकर सहवाग को पीछे छोड़ने में सफल रहते हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज के मुकाबले 13 15 और 17 सितंबर को नई दिल्ली में खेले जाएंगे। ऐसे में युवा वैभव के पास अपने घरेलू मैदान पर एक और यादगार प्रदर्शन करने का शानदार मौका होगा।

  • वैभव सूर्यवंशी फिर मचाएंगे धमाल संजू की होगी वापसी नीतीश या शिवम में एक बाहर जानिए कैसी हो सकती है भारत की Playing 11

    वैभव सूर्यवंशी फिर मचाएंगे धमाल संजू की होगी वापसी नीतीश या शिवम में एक बाहर जानिए कैसी हो सकती है भारत की Playing 11


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज 13 सितंबर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने जा रहा है। सीरीज के तीनों मुकाबले इसी मैदान पर खेले जाएंगे और पहले मैच से पहले टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने कई अहम फैसले होंगे। खास तौर पर विकेटकीपिंग ओपनिंग और ऑलराउंडर के स्लॉट को लेकर टीम मैनेजमेंट को संतुलन बनाना होगा। संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई है जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने हालिया प्रदर्शन से अपनी जगह काफी मजबूत कर ली है।

    संजू सैमसन के लिए यह सीरीज वापसी का बड़ा मौका है। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया गया है। 2026 में उनका टी20 इंटरनेशनल प्रदर्शन भी प्रभावशाली रहा है। ऐसे में उनके पहले मुकाबले में प्लेइंग 11 में शामिल होने की पूरी संभावना है। हालांकि असली सवाल यह है कि टीम में उनके साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी किसे मिलेगी। ईशान किशन भी टीम के मजबूत विकल्प हैं और हाल में घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उन्हें टीम मैनेजमेंट की नजरों में मजबूत बनाता है।

    दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाना आसान नहीं होगा। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में दो अर्धशतक लगाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। ऐसे प्रदर्शन के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें प्लेइंग 11 में मौका मिलने की संभावना काफी मजबूत है।

    ओपनिंग में वैभव के साथ अभिषेक शर्मा को उतारा जा सकता है। हालांकि जिम्बाब्वे सीरीज में अभिषेक का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था। ऐसे में उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी। टीम के पास संजू को ऊपर भेजने का विकल्प भी मौजूद है। अगर मैनेजमेंट संजू को ओपनिंग में उतारता है तो बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल वैभव और अभिषेक की जोड़ी को मौका मिलने की संभावना अधिक दिखाई दे रही है।

    मिडिल ऑर्डर में कप्तान श्रेयस अय्यर और उपकप्तान तिलक वर्मा की जगह मजबूत नजर आती है। दोनों टीम के बल्लेबाजी क्रम को स्थिरता देने के साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। ईशान किशन को भी मध्यक्रम में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भारत एक साथ संजू और ईशान दोनों को प्लेइंग 11 में शामिल कर सकता है।

    सबसे बड़ा चयन पेंच नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे को लेकर हो सकता है। दोनों को एक साथ खिलाने के बजाय टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से किसी एक को मौका मिल सकता है। अगर भारत को बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई और पावर हिटिंग चाहिए तो शिवम दुबे उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। इसलिए अंतिम फैसला पिच और टीम की रणनीति को देखकर लिया जा सकता है।

    गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की वापसी सबसे बड़ा आकर्षण होगी। उनके साथ अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती को मौका मिल सकता है जबकि अक्षर पटेल टीम के ऑलराउंड संतुलन में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 13 सितंबर को शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

  • भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में लगातार तीसरा बड़ा बदलाव कमलेश जैन ने छोड़ा पद अब यह सीरीज हो सकती है आखिरी जिम्मेदारी

    भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में लगातार तीसरा बड़ा बदलाव कमलेश जैन ने छोड़ा पद अब यह सीरीज हो सकती है आखिरी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। टीम इंडिया के फिजियो कमलेश जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI को अपना इस्तीफा सौंप दिया है हालांकि बोर्ड की ओर से अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। कमलेश जैन फिलहाल तीन महीने के नोटिस पीरियड पर हैं और भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में आने वाले समय में उनकी टीम इंडिया से आधिकारिक विदाई हो सकती है।

    कमलेश जैन इस समय नई दिल्ली में भारतीय टीम के साथ मौजूद हैं। टीम यहां अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तैयारी कर रही है। भारतीय टीम का कार्यक्रम आने वाले महीनों में काफी व्यस्त रहने वाला है। अफगानिस्तान के बाद टीम जापान के खिलाफ टी20 मुकाबला खेलेगी और इसके बाद एशियन गेम्स में भी भारतीय खिलाड़ियों का एक्शन देखने को मिलेगा। इसी दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज भी खेली जानी है।

    मौजूदा स्थिति को देखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज कमलेश जैन का भारतीय टीम के साथ आखिरी असाइनमेंट हो सकती है। यह सीरीज दिसंबर की शुरुआत में समाप्त होगी। हालांकि BCCI चाहे तो उन्हें इससे पहले भी नोटिस पीरियड पूरा होने से पहले कार्यमुक्त कर सकता है। फिलहाल इस संबंध में बोर्ड की ओर से कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

    कमलेश जैन के इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह लगातार होने वाली यात्राओं को बताया जा रहा है। भारतीय टीम के साथ करीब साढ़े चार साल बिताने के बाद अब वह अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं। टीम और BCCI से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक कमलेश जैन ने भारतीय टीम के साथ अपने कार्यकाल का पूरा आनंद लिया लेकिन लगातार यात्रा और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अब वह अपने परिवार को ज्यादा वक्त देना चाहते हैं। यही वजह उनके इस्तीफे के पीछे प्रमुख मानी जा रही है।

    चेन्नई के रहने वाले कमलेश जैन जून 2022 में भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बने थे। उन्होंने नितिन पटेल की जगह ली थी। नितिन पटेल उस समय बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़ गए थे। भारतीय टीम में आने से पहले कमलेश जैन कोलकाता नाइट राइडर्स यानी KKR के साथ काम कर चुके थे। राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में BCCI ने उन्हें भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था।

    कमलेश जैन का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हालिया इंग्लैंड दौरे के बाद फील्डिंग कोच टी दिलीप ने भी टीम इंडिया का साथ छोड़ दिया था। इसके अलावा असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट भी भारतीय टीम से अलग हो चुके हैं। डोशेट अब KKR से जुड़ गए हैं।

    ऐसे में कमलेश जैन का इस्तीफा भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव की कड़ी को आगे बढ़ाता है। अब देखना होगा कि BCCI उनके इस्तीफे को कब स्वीकार करता है और उनकी जगह टीम इंडिया के फिजियो की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।

  • Women Asia Cup 2026 : बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंची टीम इंडिया

    Women Asia Cup 2026 : बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंची टीम इंडिया


    दुबई।
    महिला एशिया कप 2026 (Women Asia Cup 2026) के सेमीफाइनल (Semifinal) में बांग्लादेश (Bangladesh) को रौंदकर भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) ने फाइनल का टिकट कटवा लिया है. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में शेफाली वर्मा की 64 रनों की तूफानी पारी के दम पर भारत ने 149 रनों का स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में बांग्लादेश की महिला टीम (Bangladesh women’s team) 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 109 रन ही बना सकी. हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम ने 40 रनों से मुकाबला जीत लिया।

    शुक्रवार (11 सितंबर) को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच दूसरा सेमीफाइनल खेला जाएगा. ये मैच जीतने वाली टीम 13 सितंबर को भारत के खिलाफ फाइनल खेलेगी. बता दें कि अब तक हुए महिला एशिया कप के हर संस्करण में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया है. 10 में से 7 बार भारतीय महिला टीम एशिया कप की चैंपियन बनी है।

    बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली शानदार जीत में आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा का अहम योगदान रहा. उन्हें तीन जीवनदान मिले और उन्होंने इसका भरपूर फायदा उठाते हुए 40 गेंदों पर 64 रन बना दिए. इस दौरान शेफाली ने 7 चौके और 3 छक्के जड़े. उनकी इस पारी के दम पर भारत ने 149 रनों का स्कोर खड़ा किया।


    गेंदबाजी में चमकी दीप्ति शर्मा

    बल्ले से शेफाली वर्मा ने कोहराम मचाया तो गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा का जलवा देखने को मिला. स्टार ऑलराउंडर ने 4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट चटकाए. वहीं, नंदिनी शर्मा ने 10 रन देकर 2 विकेट चटकाए. बांग्लादेश की तरफ से शोर्ना अख्तर ने सबसे ज्यादा 22 रन बनाए और वो अंत तक नाबाद रहीं. 40 गेंदों पर 64 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाली स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. एशिया कप 2026 में भारतीय महिला टीम की ये लगातार चौथी जीत है. इससे पहले ग्रुप स्टेज में भारत ने थाईलैंड, हांगकांग और पाकिस्तान को बुरी तरह रौंदा था।

    8वीं बार चैंपियन बनना चाहेगी टीम इंडिया
    एशिया कप में भारतीय महिला टीम का दबदबा रहा है. 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में 10 संस्करण हुए हैं और हर बार भारत ने फाइनल तक का सफर तय किया है. इसमें से 7 बार टीम इंडिया चैंपियन भी बनी है. अब हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी की नजर 8वें खिताब पर होगी।