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  • Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह

    Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की होटल व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब लगभग खत्म हो गया है। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों को इस बार विदेश दौरों की तरह पांच सितारा होटल की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आयोजकों की ओर से की गई व्यवस्था पर संतोष जताया है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि दोनों भारतीय टीमें एशियन गेम्स के आयोजकों की ओर से तय किए गए आवास में ही रहेंगी। बोर्ड की प्राथमिकता खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल सुनिश्चित करना है और मौजूदा व्यवस्था को इसी नजरिए से स्वीकार किया गया है।

    दरअसल भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर बेहतर सुविधाओं वाले पांच सितारा होटलों में ठहराया जाता है। ऐसे में जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए जब पांच सितारा होटल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई तो सवाल उठने लगे थे कि क्या बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था करेगा। नागोया में शीर्ष श्रेणी के होटलों की उपलब्धता सीमित होने को इस पूरे मामले की बड़ी वजह बताया गया। आयोजकों के सामने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की चुनौती भी है।

    शुरुआत में यह चर्चा भी थी कि अगर भारतीय टीम को निर्धारित होटल पसंद नहीं आया तो खिलाड़ियों के लिए टोक्यो या ओसाका जैसे शहरों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन यह विकल्प व्यावहारिक नहीं माना गया क्योंकि मैच और अभ्यास स्थल से लंबी दूरी खिलाड़ियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती थी। ऐसे में बीसीसीआई ने आयोजकों के साथ समन्वय करते हुए उसी व्यवस्था को स्वीकार करने का फैसला किया जो एशियन गेम्स के लिए तैयार की गई है।

    बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ होटल की स्टार रेटिंग नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सुविधा और गोपनीयता को लेकर थी। रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों को अलग अलग कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। यानी पांच सितारा होटल नहीं होने के बावजूद टीम के खिलाड़ियों को अलग कमरे मिलेंगे ताकि आराम और तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो। बीसीसीआई ने होटल की तस्वीरों और वीडियो के जरिए भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी।

    होटल के अलावा बीसीसीआई की चिंता खेल सुविधाओं को लेकर भी थी। खास तौर पर मैदान की गुणवत्ता पिच और ड्रेसिंग रूम जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। बाद में निरीक्षण और बातचीत के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर भी संतोषजनक स्थिति सामने आई। यानी बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि टीम के लिए पांच सितारा होटल से ज्यादा जरूरी सुरक्षित ठहराव अच्छी खेल सुविधाएं और मैच स्थल तक आसान पहुंच है।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची नागोया क्षेत्र में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। क्रिकेट प्रतियोगिता भी इस बड़े खेल आयोजन का हिस्सा होगी और भारत ने पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मजबूत टीमें उतारी हैं। पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि भारतीय दल से पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि बीसीसीआई ने इस बार पांच सितारा होटल की सुविधा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने के बजाय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रतियोगिता से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है। आयोजकों की तय व्यवस्था में रहकर टीम इंडिया अब अपना पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और एशियन गेम्स में पदक जीतने पर लगाएगी।

  • पेगुला ने नवारो का सपना तोड़ा, अब सबालेंका की चुनौती: US Open खिताब से सिर्फ 2 जीत दूर अमेरिकी स्टार

    पेगुला ने नवारो का सपना तोड़ा, अब सबालेंका की चुनौती: US Open खिताब से सिर्फ 2 जीत दूर अमेरिकी स्टार

    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 में अमेरिकी स्टार जेसिका पेगुला ने शानदार वापसी करते हुए महिला एकल के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पेगुला ने अपनी हमवतन एमा नवारो को तीन सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में 3-6 6-4 6-3 से हराया। करीब 2 घंटे 21 मिनट तक चले इस मुकाबले में पेगुला को शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने दबाव से बाहर निकलते हुए लगातार शानदार खेल दिखाया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ पेगुला ने लगातार तीसरे सेमीफाइनल में जगह बनाई है और अब वह अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर एक और कदम बढ़ा चुकी हैं।

    मुकाबले की शुरुआत पेगुला के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। एमा नवारो ने पहले सेट में आक्रामक खेल दिखाया और पेगुला को लगातार दबाव में रखा। नवारो ने पहला सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया जिसके बाद पेगुला के सामने मैच में वापसी की बड़ी चुनौती थी। हालांकि अमेरिकी खिलाड़ी ने धैर्य नहीं खोया और दूसरे सेट में अपने खेल को बेहतर करते हुए वापसी शुरू कर दी। पेगुला ने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल किए और दूसरा सेट 6-4 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।

    निर्णायक तीसरे सेट में पेगुला का आत्मविश्वास और बढ़ता गया। उन्होंने नवारो की गलतियों का फायदा उठाया और अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए लगातार दबाव बनाए रखा। तीसरा सेट 6-3 से जीतते ही पेगुला ने क्वार्टर फाइनल मुकाबला अपने नाम कर लिया। जीत के बाद पेगुला के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। उन्होंने माना कि परिस्थितियां आसान नहीं थीं और उन्हें मैच के दौरान कई तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ा। पेगुला ने बताया कि न्यूयॉर्क में उमस के कारण वह अपनी सर्विस का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पा रही थीं लेकिन उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद मुकाबले में खुद को बनाए रखा।

    पेगुला ने मैच के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। बड़ी संख्या में अमेरिकी प्रशंसकों की मौजूदगी ने उन्हें मुकाबले के दौरान हौसला दिया और वापसी करने में मदद की। पेगुला के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अब तक ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने में सफल नहीं हुई हैं।

    अब सेमीफाइनल में पेगुला के सामने सबसे बड़ी चुनौती के रूप में एरिना सबालेंका होंगी। सबालेंका ने लिंडा नोस्कोवा को हराकर अंतिम चार में अपनी जगह बनाई है। सबालेंका लगातार तीसरी बार यूएस ओपन खिताब जीतने की कोशिश में हैं और इस लक्ष्य से वह अब केवल दो जीत दूर हैं। दूसरी तरफ पेगुला भी अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

    पेगुला और सबालेंका के बीच इससे पहले कई मुकाबले हो चुके हैं और आमने सामने के रिकॉर्ड में सबालेंका का पलड़ा भारी है। सबालेंका ने पेगुला के खिलाफ 9 मुकाबले जीते हैं जबकि पेगुला को 4 जीत मिली हैं। दोनों खिलाड़ियों की पिछली बड़ी भिड़ंत 2024 यूएस ओपन फाइनल में हुई थी जहां सबालेंका ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार पेगुला के पास उस हार का हिसाब बराबर करने और फाइनल में पहुंचने का सुनहरा मौका होगा।

    पेगुला की इस जीत से उनके लिए एक और बड़ा अवसर भी खुल गया है। यदि वह यूएस ओपन का खिताब जीतने में सफल रहती हैं और एलेना रयबाकिना सेमीफाइनल में हार जाती हैं तो पेगुला डब्ल्यूटीए रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बन सकती हैं। फिलहाल उनका लक्ष्य सेमीफाइनल की चुनौती पार करना है जहां उन्हें दो बार की चैंपियन सबालेंका के खिलाफ अपनी सर्वश्रेष्ठ टेनिस दिखानी होगी।

  • आशा भोसले जयंती पर याद आए उनके अनसुने किस्से, गायिकी के साथ खाना बनाने में भी माहिर थीं ताई, लता दीदी पर भी चिल्लाई थीं

    आशा भोसले जयंती पर याद आए उनके अनसुने किस्से, गायिकी के साथ खाना बनाने में भी माहिर थीं ताई, लता दीदी पर भी चिल्लाई थीं

    नई दिल्ली । ‘अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं’ जैसे सदाबहार गीतों से लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने वालीं आशा भोसले की आज 93वीं जयंती है। इस साल यह पहला जन्मदिन है जब आशा ताई हमारे बीच मौजूद नहीं हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन से करीब पांच महीने पहले 12 अप्रैल 2026 को दुनिया को अलविदा कह दिया था। अपनी मखमली आवाज से सिनेमाई दुनिया में हजारों गाने देने वाली आशा भोसले की जिंदगी में संघर्ष से लेकर सफलता तक कई दिलचस्प पड़ाव आए।

    आशा भोसले का जन्म संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर मशहूर थिएटर कलाकार और शास्त्रीय गायक थे। आशा का बचपन सुरों और संगीत के माहौल में बीता। जब वह महज 9 साल की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार आर्थिक संकट में घिर गया और जीवनयापन के लिए पुणे और कोल्हापुर से होते हुए परिवार मुंबई आ गया।

    कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने के लिए आशा भोसले ने गायकी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म ‘मझा बल’ के लिए ‘चला चला नव बाला’ गाना गाया था। साल 1943 में रिकॉर्ड किया गया यह गीत उनके शुरुआती फिल्मी सफर का अहम पड़ाव बना। आगे चलकर उन्होंने हिंदी सहित कई भाषाओं में हजारों गीत गाए और लोकगीत, गजल, शास्त्रीय संगीत, कव्वाली और बॉलीवुड गीतों में अपनी अलग पहचान बनाई।

    करियर के शुरुआती दौर में आशा भोसले को काफी संघर्ष करना पड़ा। उस समय गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का दबदबा था। कई बार जब दूसरी गायिकाएं किसी गाने को छोड़ देती थीं, तब वह आशा को मिलता था। इसी वजह से 1950 के दशक में उन्होंने वैम्प्स और बैड गर्ल्स के किरदारों के लिए कई गाने गाए। इस दौर में यह अफवाह भी रही कि आशा अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर को प्रतिद्वंद्वी मानती थीं।

    हालांकि दोनों बहनों के बीच रिश्ता बेहद खास था। एक इंटरव्यू में आशा ने बताया था कि फिल्म ‘बसंत बहार’ के गीत ‘कर गया रे मुझपे जादू’ की रिकॉर्डिंग के दौरान वह लता दीदी पर चिल्ला पड़ी थीं। दोनों इस राग भैरवी आधारित गीत की कई बार रिहर्सल कर चुकी थीं। रिकॉर्डिंग के दिन आशा को एक और गाना रिकॉर्ड करने जाना था। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद उन्होंने रिहर्सल रूम में जाकर लता से कहा कि अब चलिए, वह और इंतजार नहीं कर सकतीं। इसके बाद लता ने मुस्कुराकर उनका गुस्सा शांत किया और दोनों रिकॉर्डिंग के लिए चली गईं।

    आशा भोसले की जिंदगी में निजी उतार-चढ़ाव भी रहे। 16 साल की उम्र में उन्होंने गणपत राव भोसले से शादी की। शादी के बाद उन्हें परिवार से दूरियां भी झेलनी पड़ीं। बाद में 1960 में वह अपने बच्चों के साथ मां के घर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने फिर से गायकी शुरू की। आगे चलकर उनकी मुलाकात राहुल देव बर्मन यानी आरडी बर्मन से हुई और दोनों ने 1980 में शादी कर ली। आरडी बर्मन ने 4 जनवरी 1994 को कार्डियक अरेस्ट के कारण अंतिम सांस ली।

    गायकी के अलावा आशा भोसले को खाना बनाने का भी बेहद शौक था। वह स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में माहिर थीं और उनके हाथ का कढ़ाई गोश्त और बिरयानी बेहद पसंद किए जाते थे। उन्होंने खुद बताया था कि अगर वह गायिका नहीं बनतीं तो अच्छी कुक बनकर पैसे कमातीं। उन्होंने विदेश में अपने नाम से रेस्तरां भी खोले थे। यही वजह है कि आशा ताई की पहचान केवल सुरों की महारानी के रूप में नहीं, बल्कि बेहतरीन पाक कला के लिए भी रही।

    आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हुआ। उनका आखिरी गाना ‘द शैडोई लाइट’ था, जिसे उन्होंने गोरिल्लाज के साथ रिकॉर्ड किया था और यह 27 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ था। उनकी आवाज, संघर्ष और जिंदगी से जुड़े किस्से आज भी उन्हें संगीत प्रेमियों के बीच हमेशा खास बनाए रखते हैं।

  • रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    नई दिल्ली । ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा क्रिकेट के मैदान से इतर अब टीवी स्क्रीन पर भी नजर आने वाले हैं। पूर्व भारतीय कप्तान ‘फैमिली फुल हाउस’ से बतौर होस्ट टेलीविजन डेब्यू करने जा रहे हैं। शो का प्रीमियर 19 सितंबर 2026 को होगा। रोहित का यह नया कदम उनके क्रिकेट करियर के आखिरी दौर की ओर इशारा जरूर करता है, लेकिन इसे संन्यास का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।

    रोहित शर्मा का सपना भारतीय टीम के लिए वनडे वर्ल्ड कप जीतना है। जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 जीता था, तो रोहित शर्मा उस टीम का हिस्सा नहीं थे। रोहित की कप्तानी में भारत ने 2023 के वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे निराशा हाथ लगी।

    रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, वनडे क्रिकेट में उनका सफर जारी है और वह भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं। टीवी शो की मेजबानी उनके करियर का एक नया पहलू जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने वनडे क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया है।

    ‘फैमिली फुल हाउस’ एक फैमिली एंटरटेनमेंट शो है, जिसमें रोहित शर्मा होस्ट की भूमिका निभाएंगे। शो का पूरा फॉर्मेट अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसके प्रमोशन ने पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है। प्रोमो में रोहित के कप्तानी के दिनों के चर्चित ‘गार्डन’ कमेंट को भी दोबारा दिखाया गया है। इससे साफ है कि शो में उनके क्रिकेट करियर और उनकी मजेदार शख्सियत की झलक भी देखने को मिल सकती है।

    रोहित शर्मा के टीवी डेब्यू के बाद उनके क्रिकेट भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है, लेकिन टीवी शो की मेजबानी और इंटरनेशनल क्रिकेट को एक साथ जारी रखने में कोई आधिकारिक बाध्यता नहीं है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के नियम में ये कहीं नहीं लिखा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव क्रिकेटर्स टीवी शो होस्ट नहीं कर सकते।

    रोहित शर्मा की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर अभी से हैं। लॉर्ड्स में भारत के पिछले ओडीआई मैच में रोहित ने शानदार शतक लगाया था। वह इस ऐतिहासिक मैदान पर ओडीआई शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ओडीआई क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को सामने रखा।

    रोहित शर्मा आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी खेलते हैं। यानी फिलहाल उनके करियर में क्रिकेट और मनोरंजन, दोनों की भूमिका बढ़ती दिखाई दे रही है। टीवी पर नई पारी की शुरुआत रोहित के करियर में बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन अभी इसे क्रिकेट से विदाई नहीं माना जा सकता। खासकर ओडीआई और 2027 विश्व कप को लेकर उनकी योजनाएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

  • Shubman Gill को अभिषेक शर्मा के पिता ने दिए 5000 रुपये, मैच के तुरंत बाद वायरल तस्वीर ने जीता फैन्स का ध्यान

    Shubman Gill को अभिषेक शर्मा के पिता ने दिए 5000 रुपये, मैच के तुरंत बाद वायरल तस्वीर ने जीता फैन्स का ध्यान

    नई दिल्ली । भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल इन दिनों शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में बल्ले से दमखम दिखा रहे हैं। फाजिल्का फाल्कन्स की तरफ से सीजन का पहला मैच खेलने उतरे शुभमन गिल ने अपने खेल से फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    मैच के बाद शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में कुछ ऐसा हुआ, जिसने फैन्स का दिल जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद शुभमन गिल को अभिषेक शर्मा के पापा राजकुमार शर्मा से 5000 रुपये का खास इनाम मिला।

    दरअसल, लुधियाना लायंस के खिलाफ खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में गिल ने महज 21 गेंदों में 40 रनों की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और सबसे ज्यादा 7 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा।

    मैच में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले शुभमन गिल के प्रदर्शन से खुश होकर अभिषेक शर्मा के पिता ने गिल को शाबाशी के तौर पर 5000 रुपये का इनाम थमाया। ये पांच हजार रुपये टूर्नामेंट की तरफ से दिए गए हैं, लेकिन गिल को यह अभिषेक के पिता के हाथों से मिला है। शुभमन गिल के साथ अभिषेक शर्मा के पिता की तस्वीर भी तेजी से ध्यान खींच रही है।

    गिल की इस विस्फोटक शुरुआत की बदौलत फाजिल्का फाल्कन्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 170 रन बनाए। जवाब में अर्शदीप सिंह की कप्तानी वाली लुधियाना लायंस की टीम आखिरी गेंद तक लड़ी, लेकिन 169 रन ही बना सकी और फाल्कन्स ने यह मैच 1 रन के बेहद नजदीकी अंतर से जीत लिया।

    लुधियाना के गेंदबाज कार्तिक चड्ढा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जिसमें शुभमन गिल का बड़ा विकेट भी शामिल था। गिल के आउट होने के बाद प्रेरित दत्ता ने 36 रन और जयवीर भिंडर ने 21 रन बनाकर टीम का स्कोर 170 तक पहुंचाया।

    लुधियाना को जीत के लिए आखिरी ओवर में 19 रन चाहिए थे। 16 गेंदों में 37 रन जड़ने वाले माधव पठानिया ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन आखिरी गेंद पर छक्के की जगह सिर्फ चौका ही मार सके। इस तरह शुभमन गिल की टीम फाजिल्का फाल्कन्स एक रन से मैच जीतने में सफल रही।

  • हार्दिक पांड्या संग लिंकअप की अफवाहों पर अमीषा पटेल का करारा जवाब, वायरल वीडियो को लेकर बोलीं- सच में रोमांटिक था

    हार्दिक पांड्या संग लिंकअप की अफवाहों पर अमीषा पटेल का करारा जवाब, वायरल वीडियो को लेकर बोलीं- सच में रोमांटिक था

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल इन दिनों क्रिकेटर हार्दिक पांड्या के साथ कथित लिंकअप की खबरों को लेकर चर्चा में हैं। दोनों को मुंबई के ताज महल पैलेस में बातचीत करते हुए देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। वायरल वीडियो में अमीषा हार्दिक से बातचीत करती और उन्हें अपने दोस्तों से मिलवाती दिखाई दे रही हैं। इसी दौरान अभिनेत्री ने हार्दिक के कंधे पर हाथ रखा, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    वीडियो सामने आने के बाद एक सोशल मीडिया यूजर ने दोनों की मुलाकात को दोस्ती से आगे जोड़ते हुए पोस्ट साझा की। पोस्ट में अमीषा के हार्दिक के कंधे पर हाथ रखने को उनके बीच कथित रोमांटिक नजदीकी का संकेत बताया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर पहले से चल रही दोनों के लिंकअप की चर्चाओं का भी जिक्र किया गया। देखते ही देखते यह वीडियो और उस पर की गई टिप्पणी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

    अमीषा पटेल ने इस पूरे मामले पर चुप रहने के बजाय खुद जवाब दिया। अभिनेत्री ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सोशल मीडिया यूजर की पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया और उसके दावे पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। अमीषा ने लिखा कि बिल्कुल सही कहा गया है और जिस तरह उनका हाथ हार्दिक के कंधे पर था, वह सच में बहुत रोमांटिक था। उनके इस जवाब से साफ था कि वह वीडियो को लेकर बनाए जा रहे निष्कर्षों पर तंज कस रही थीं।

    इसके बाद अमीषा ने उस यूजर को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वह उसे नहीं जानतीं, लेकिन शायद उसकी कोई महिला मित्र भी नहीं होगी। अभिनेत्री ने सलाह दी कि ऐसी चीजों के बारे में पोस्ट करने से पहले उसे किसी लड़की को दोस्त बनाना चाहिए। अमीषा की इस प्रतिक्रिया के बाद उनके और हार्दिक के कथित लिंकअप को लेकर चल रही सोशल मीडिया चर्चा और तेज हो गई।

    हालांकि, वायरल वीडियो में दोनों को बातचीत करते हुए देखा गया है, लेकिन केवल इस मुलाकात और अमीषा के हार्दिक के कंधे पर हाथ रखने से किसी रोमांटिक रिश्ते की पुष्टि नहीं होती। अभिनेत्री ने भी अपने जवाब में इस दावे को स्वीकार करने के बजाय व्यंग्य के जरिए सोशल मीडिया पर लगाई जा रही अटकलों पर सवाल उठाया है। ऐसे में दोनों के बीच रिश्ते को लेकर फिलहाल कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।

    हार्दिक पांड्या की निजी जिंदगी इससे पहले भी सुर्खियों में रही है। नताशा स्टेनकोविच से अलग होने के बाद उनका नाम मॉडल माहिका शर्मा के साथ जोड़ा गया। अक्टूबर 2025 में हार्दिक ने सोशल मीडिया पर माहिका के साथ समुद्र किनारे की तस्वीर साझा की थी। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं सामने आई थीं।

    वहीं अमीषा पटेल के फिल्मी करियर की बात करें तो अभिनेत्री ने कहो ना प्यार है और गदर जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2023 में वह सनी देओल के साथ गदर 2 में सकीना के किरदार में नजर आई थीं। फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। अमीषा ने मई में गदर 3 को लेकर भी पुष्टि की थी कि फिल्म पर काम चल रहा है। ऐसे में हार्दिक पांड्या के साथ वायरल वीडियो ने अभिनेत्री की निजी जिंदगी से जुड़ी चर्चाओं को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

  • पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज का बड़ा दावा, विश्व कप जीत के बाद खिलाड़ियों में बढ़ी कप्तानी की होड़ और जिम्मेदारी हुई कमजोर

    पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज का बड़ा दावा, विश्व कप जीत के बाद खिलाड़ियों में बढ़ी कप्तानी की होड़ और जिम्मेदारी हुई कमजोर

    नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मौजूदा प्रदर्शन और लगातार बदलते हालात को लेकर पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने टीम की मौजूदा स्थिति के पीछे कई कारणों का जिक्र करते हुए 2021 टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत को एक अहम मोड़ बताया। यूसुफ के मुताबिक उस मुकाबले के बाद टीम के कुछ खिलाड़ियों में आत्मसंतुष्टि बढ़ी और आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी निरंतरता कमजोर पड़ गई।

    2021 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। यह विश्व कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की पहली जीत थी। मुकाबले में पाकिस्तान ने 152 रन का लक्ष्य बिना कोई विकेट गंवाए हासिल किया था। बाबर आजम ने नाबाद 68 रन और मोहम्मद रिजवान ने 79 रन की पारी खेलकर टीम को शानदार जीत दिलाई थी। उस समय इस सफलता को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया था।

    हालांकि, मोहम्मद यूसुफ का मानना है कि इसी जीत के बाद टीम के भीतर अपेक्षाओं और रवैये में बदलाव आने लगा। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को लगा कि उन्होंने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है, जबकि किसी भी टीम के लिए एक बड़ी जीत के बाद भी लगातार सुधार और मेहनत जरूरी होती है। उनके मुताबिक सफलता के बाद जमीन से जुड़े रहना और अपनी कमियों पर काम करते रहना बेहद महत्वपूर्ण है।

    यूसुफ ने खिलाड़ियों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छे प्रदर्शन के बाद खुद को बहुत बड़ा समझने लगे और विरोधी टीम का सम्मान करना कम कर दे, तो इससे समस्याएं पैदा होती हैं। उनके मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ऐसी कई परेशानियां सामने आई हैं, जिनका असर टीम के प्रदर्शन पर दिखाई दिया।

    पूर्व क्रिकेटर ने टीम के भीतर कप्तानी को लेकर पैदा हुई प्रतिस्पर्धा को भी नुकसानदायक बताया। उनका दावा है कि 2021 की जीत के बाद टीम में कई लोग कप्तान बनने की कोशिश में लगे रहे। इससे खिलाड़ियों का ध्यान अपने प्रदर्शन और टीम की जरूरतों से हटकर व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की तरफ गया।

    पाकिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप, एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंटों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। लगातार अस्थिरता, कप्तानी में बदलाव और टीम संयोजन से जुड़े फैसलों ने भी पाकिस्तान क्रिकेट की मुश्किलें बढ़ाई हैं।

    यूसुफ ने क्रिकेट बोर्ड की भूमिका पर भी अपनी बात रखी। उनके अनुसार बोर्ड ने टीम को संभालने के लिए कई स्तरों पर बदलाव किए और अलग-अलग कोचों को जिम्मेदारी दी। इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आखिरकार बोर्ड को कुछ कड़े फैसले लेने पड़े और वह मौजूदा फैसलों का समर्थन करते हैं।

    उनकी टिप्पणियों से साफ है कि पाकिस्तान क्रिकेट की समस्या को वह केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं मानते। उनके मुताबिक टीम के भीतर अनुशासन, जिम्मेदारी, नेतृत्व और निरंतरता जैसे पहलुओं को मजबूत करना जरूरी है। पाकिस्तान क्रिकेट के लिए आगे की राह आसान नहीं है और टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पुरानी प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए प्रदर्शन के साथ-साथ सोच और कार्यशैली में भी सुधार करना होगा।

  • महिला एशिया कप में भारत के बाद श्रीलंका अंतिम चार में पहुंचा, पाकिस्तान के पास आज सेमीफाइनल बचाने का आखिरी मौका

    महिला एशिया कप में भारत के बाद श्रीलंका अंतिम चार में पहुंचा, पाकिस्तान के पास आज सेमीफाइनल बचाने का आखिरी मौका

    नई दिल्ली । महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। श्रीलंका ने बांग्लादेश को चार विकेट से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत के बाद श्रीलंका टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है। अब बाकी दो स्थानों के लिए मुकाबला रोमांचक हो गया है और पाकिस्तान की नजर आज हांगकांग के खिलाफ होने वाले मैच पर टिकी है।

    श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच मुकाबला बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका के सामने 115 रन का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान चमारी अटापट्टू महज एक रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद लगातार विकेट गिरने से टीम मुश्किल स्थिति में पहुंच गई।

    पावरप्ले के दौरान श्रीलंका ने कई महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। इसके बाद विशमी गुणरत्ने और कविशा दिलहारी के आउट होने से परेशानी और बढ़ गई। एक समय श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट पर सिर्फ 44 रन था। ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना चुका है और श्रीलंका के लिए लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल होगा।

    इसी संकट के समय हर्षिता समरविक्रमा ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने नीलक्षिका सिल्वा के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों ने 38 रन जोड़कर श्रीलंका की उम्मीदों को जिंदा रखा। इसके बाद हर्षिता ने आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    श्रीलंका को आखिरी तीन ओवर में जीत के लिए 29 रन चाहिए थे। दबाव के बावजूद हर्षिता ने बड़े शॉट लगाने जारी रखे। 18वें ओवर में उन्होंने 16 रन जुटाए और अगले ओवर में 11 रन बनाकर टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। इसके बाद श्रीलंका ने 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया और चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ श्रीलंका ने ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। टीम ने ग्रुप चरण में लगातार तीन मुकाबले जीतकर अंतिम चार में जगह बनाई है। इससे पहले भारत भी ग्रुप चरण में लगातार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच चुका है।

    भारत ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है और उसका सेमीफाइनल मुकाबला 10 सितंबर को खेला जाएगा। ग्रुप बी की दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम भारत से भिड़ेगी। वहीं श्रीलंका 11 सितंबर को सेमीफाइनल में ग्रुप ए की दूसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ उतरेगा। दोनों सेमीफाइनल मुकाबले दुबई में खेले जाएंगे।

    अब पाकिस्तान के लिए आज का मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। पाकिस्तान को हांगकांग के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी ताकि वह सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। भारत के खिलाफ पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा था, इसलिए टीम के लिए अब किसी भी तरह की चूक भारी पड़ सकती है।

    ग्रुप बी में बांग्लादेश के पास अभी भी एक मुकाबला बाकी है, जबकि ग्रुप ए में पाकिस्तान और हांगकांग के बीच मुकाबला स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में महिला एशिया कप के अंतिम दो सेमीफाइनल स्थानों के लिए आने वाले मुकाबले बेहद निर्णायक रहने वाले हैं।

  • एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड बचाने उतरेगा भारत, 2023 की चैंपियन टीम से पुरुष और महिला स्क्वॉड में कितना बदलाव हुआ

    एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड बचाने उतरेगा भारत, 2023 की चैंपियन टीम से पुरुष और महिला स्क्वॉड में कितना बदलाव हुआ

    नई दिल्ली । एशियन गेम्स 2023 में क्रिकेट के मैदान पर भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे। अब 2026 में टीम इंडिया एक बार फिर उसी सफलता को दोहराने के इरादे से मैदान में उतरेगी। हालांकि चार साल के अंतराल में दोनों टीमों की तस्वीर काफी बदल गई है। पुरुष टीम में जहां बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है, वहीं महिला टीम अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिर नजर आ रही है।

    पुरुष टीम की बात करें तो 2023 में भारत की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाली थी, लेकिन 2026 में टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से सिर्फ पांच खिलाड़ी ही 2026 के स्क्वॉड में जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई और अर्शदीप सिंह अब भी टीम का हिस्सा हैं।

    इसके अलावा पुरुष टीम में 10 नए चेहरे शामिल किए गए हैं। बल्लेबाजी में श्रेयस अय्यर और युवा वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम हैं। ऑलराउंड विभाग में अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी और अक्षर पटेल के विकल्प मौजूद हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन और ईशान किशन संभाल सकते हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती जैसे नाम टीम को अतिरिक्त मजबूती देते हैं।

    2023 में भारत ने पुरुष क्रिकेट के क्वार्टर फाइनल में नेपाल को 23 रन से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश को नौ विकेट से मात दी। फाइनल में भारत का सामना अफगानिस्तान से हुआ, लेकिन बारिश के कारण भारतीय पारी शुरू नहीं हो सकी और मुकाबला नो रिजल्ट रहा। बेहतर वरीयता के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दिया गया था।

    2026 में पुरुष टीम अपना पहला मुकाबला 28 सितंबर को निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेलेगी। बदली हुई टीम के सामने चुनौती पिछले प्रदर्शन को दोहराने के साथ नए खिलाड़ियों के तालमेल को मजबूत करने की होगी।

    महिला टीम में पुरुषों की तुलना में बदलाव थोड़ा कम है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से छह खिलाड़ी 2026 के स्क्वॉड में बरकरार हैं। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष अब भी टीम का हिस्सा हैं। सबसे अहम बात यह है कि हरमनप्रीत कौर इस बार भी टीम की कप्तान हैं।

    महिला टीम में बल्लेबाजी की मुख्य धुरी काफी हद तक वही है। गेंदबाजी विभाग में रेणुका सिंह ठाकुर, राधा यादव, श्री चरणी और क्रांति गौड़ जैसे विकल्प मौजूद हैं। विकेटकीपिंग में ऋचा घोष के साथ गुनालन कमलिनी नया विकल्प हैं।

    2023 में महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 19 रन से हराकर गोल्ड जीता था। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को आठ विकेट से मात दी थी। 2026 में महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को जापान के खिलाफ पहले क्वार्टर फाइनल से करेगी।

    कुल मिलाकर 2023 से 2026 के बीच पुरुष टीम में बदलाव ज्यादा बड़ा है, जबकि महिला टीम की मुख्य बल्लेबाजी और नेतृत्व संरचना काफी हद तक बरकरार है। दोनों टीमों के सामने अब बदले हुए स्क्वॉड के साथ एशियन गेम्स में भारत का दबदबा कायम रखने और लगातार दूसरी बार क्रिकेट में गोल्ड जीतने की चुनौती होगी।

  • JPN vs IND: पहली बार भारत से टी20 इंटरनेशनल खेलेगा जापान, जानिए टीम के स्टार खिलाड़ियों और बड़े रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी

    JPN vs IND: पहली बार भारत से टी20 इंटरनेशनल खेलेगा जापान, जानिए टीम के स्टार खिलाड़ियों और बड़े रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी

    नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर भारत और जापान की सीनियर पुरुष टीमें पहली बार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में आमने-सामने होने जा रही हैं। यह ऐतिहासिक मुकाबला 22 सितंबर 2026 को जापान के तोचिगी प्रांत स्थित सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला जापानी क्रिकेट के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

    भारत और जापान इससे पहले सीनियर पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आमने-सामने नहीं आए हैं। ऐसे में 22 सितंबर को होने वाला मुकाबला दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। यह मैच सुजुकी कप के तहत खेला जाएगा और एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम के लिए भी अहम मुकाबला होगा।

    जापान की क्रिकेट टीम भारत की तरह क्रिकेट की बड़ी ताकत नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में टीम ने टी20 क्रिकेट में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है। जापान ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला अक्टूबर 2022 में खेला था। इसके बाद टीम ने कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान बनाई है।

    जापानी टीम में केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग, सबाओरिश रविचंद्रन, लैकलन यामामोटो-लेक, इब्राहिम ताकाहाशी और डेक्लान सुजुकी जैसे खिलाड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। बल्लेबाजी की बात करें तो केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग जापान के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनके नाम 1760 रन दर्ज हैं।

    सबाओरिश रविचंद्रन जापान के प्रमुख ऑलराउंड खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टीम को योगदान दिया है। टी20 इंटरनेशनल में जापान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में भी उनका नाम सबसे ऊपर है। उनके नाम 54 विकेट दर्ज हैं।

    लैकलन यामामोटो-लेक भी जापानी क्रिकेट के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उनके नाम टी20 इंटरनेशनल में 825 रन दर्ज हैं। फरवरी 2024 में चीन के खिलाफ उन्होंने नाबाद 134 रन की शानदार पारी खेली थी। यह जापान की ओर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

    जापान के गेंदबाजी रिकॉर्ड में रियो सकुरानो-थॉमस का नाम भी खास है। उन्होंने फरवरी 2024 में थाईलैंड के खिलाफ 26 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे। यह जापान की ओर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत गेंदबाजी प्रदर्शन है।

    इब्राहिम ताकाहाशी भी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 623 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में 40 विकेट भी हासिल किए हैं। वहीं माकोटो तानियामा के नाम 38 विकेट दर्ज हैं। ऐसे में जापानी टीम के पास भारत जैसी मजबूत टीम के सामने खुद को साबित करने के लिए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं।

    भारत के खिलाफ मुकाबला जापान के खिलाड़ियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा। भारतीय टीम के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव और विश्व स्तर के खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद जापान अपने घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा।

    यह मुकाबला भारत और जापान के बीच खेल संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों से भी इस मैच को जोड़ा गया है। इस मुकाबले के जरिए जापान में क्रिकेट को और लोकप्रिय बनाने तथा दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने की कोशिश होगी।

    22 सितंबर को होने वाला भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल मुकाबला इसलिए भी खास रहेगा क्योंकि पहली बार दोनों देशों की सीनियर पुरुष टीमें क्रिकेट के सबसे तेज लोकप्रिय प्रारूप में आमने-सामने होंगी। जापानी खिलाड़ियों के रिकॉर्ड और भारत की मजबूत टीम के बीच यह मुकाबला क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक नया और यादगार अध्याय बन सकता है।