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  • पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़

    पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह मेजबान टीम के नाम रहा। कप्तान रोस्टन चेज के पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को बल्लेबाजों ने सही साबित किया और दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने तीन विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली। शुरुआती झटकों के बावजूद केवम हॉज और शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को पूरे दिन कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।

    टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन किंग 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि तेगनारायण चंद्रपॉल भी 21 रन से आगे नहीं बढ़ सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद पाकिस्तान ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की लेकिन इसके बाद कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की।

    तीसरे विकेट के लिए आमिर जांगू और केवम हॉज ने महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए पारी को संभाला। दोनों ने 42 रन जोड़कर टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकाला। हालांकि आमिर जांगू 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद केवम हॉज ने अनुभवी बल्लेबाज शाई होप के साथ मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया।

    केवम हॉज ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक नाबाद 83 रन बनाए। अपनी शानदार पारी में उन्होंने नौ चौके लगाए और पाकिस्तान के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। दूसरी ओर शाई होप ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 39 रन बनाकर उनका शानदार साथ निभाया। दोनों बल्लेबाज चौथे विकेट के लिए 88 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं और दूसरे दिन वेस्टइंडीज इस साझेदारी को बड़ी पारी में बदलने की कोशिश करेगा।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में सबसे सफल प्रदर्शन अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का रहा। उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। आमिर जमाल को एक सफलता मिली लेकिन अन्य गेंदबाज कैरेबियाई बल्लेबाजों पर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। पाकिस्तान को दूसरे दिन जल्द विकेट निकालने होंगे ताकि वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सके।

    यह मुकाबला कई मायनों में खास भी है। पाकिस्तान की टीम की कमान एक बार फिर बाबर आजम के हाथों में है जिन्होंने टेस्ट कप्तान के रूप में वापसी की है। वहीं युवा खिलाड़ी अली उस्मान ने इस मैच के जरिए अपना टेस्ट डेब्यू किया। दूसरी ओर वेस्टइंडीज ने तीन तेज गेंदबाज एक स्पिनर और एक ऑलराउंडर के साथ संतुलित संयोजन मैदान में उतारा है।

    मैच शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ने महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब दूसरे दिन सभी की नजरें केवम हॉज पर रहेंगी जो अपने शतक के बेहद करीब हैं। यदि वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहते हैं तो वेस्टइंडीज इस टेस्ट में पाकिस्तान पर मजबूत बढ़त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकता है।

  • हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका

    हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरारे में मिली इस जीत ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर एक टीम बना दिया। भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया और यह साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उसकी ताकत आज भी बरकरार है।

    कुछ समय पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 0-4 की हार के बाद भारतीय टीम को नंबर एक की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उस हार के बाद इंग्लैंड ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने वापसी की और एक बार फिर विश्व रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गया। यह उपलब्धि टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन और खिलाड़ियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी नौ गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में जरूर आई लेकिन इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को शानदार ढंग से संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ईशान किशन पूरे मुकाबले में बेहतरीन लय में नजर आए। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इसके बाद तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। रिंकू सिंह ने भी 12 रन जोड़कर टीम का स्कोर 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि तदीवानाशे मारुमनी ने 24 रन का योगदान दिया लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। यश ठाकुर ने दो विकेट लिए जबकि प्रिंस यादव ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत की जीत को और भी आसान बना दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर वापसी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में लगातार अपनी श्रेष्ठता कायम रखने की क्षमता रखती है। अब टीम की नजर श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने और अपनी नंबर एक रैंकिंग को और मजबूत करने पर होगी।

  • अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा

    अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 90 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के कई नायक रहे लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी की रही। बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल अभिषेक ने इस मुकाबले में बल्ले से नहीं बल्कि गेंद से ऐसा कमाल दिखाया कि उनका नाम भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। उनकी बेहतरीन गेंदबाजी ने भारत की जीत को एकतरफा बना दिया और टीम को तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने केवल 2.5 ओवर की गेंदबाजी में 17 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज के रूप में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी स्पेल फेंकने वाले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि वह मुख्य रूप से आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस मैच में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से भी टीम के लिए मैच जिताऊ भूमिका निभाई।

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अलग अलग प्रारूपों में सलामी बल्लेबाजों द्वारा गेंदबाजी के कई यादगार प्रदर्शन दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में यह रिकॉर्ड महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ के नाम है जिन्होंने वर्ष 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ 52 रन देकर आठ विकेट हासिल किए थे। वहीं एकदिवसीय क्रिकेट में रवि शास्त्री ने 1991 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन देकर पांच विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभिषेक शर्मा ने अपने शानदार स्पेल के दम पर इस सूची में अपना नाम जोड़ लिया है।

    हालांकि बल्लेबाजी में अभिषेक लगातार दूसरे मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। पहले टी20 में एक रन पर आउट होने के बाद दूसरे मुकाबले में भी वह केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लेकिन गेंद से उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि बल्लेबाजी की कमी पूरी तरह छिप गई और वह मैच के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

    भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो ईशान किशन ने विस्फोटक अंदाज में 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए लेकिन उन्हें किसी दूसरे बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। अभिषेक शर्मा के तीन विकेटों के अलावा यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने भी दो दो विकेट लेकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही अभिषेक शर्मा ने यह साबित कर दिया कि वह केवल विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी गेंदबाजी से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।

  • मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास

    मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय युवा हॉकी ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दम दिखाया है। ओमान के मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम भी फाइनल तक पहुंची लेकिन चीन के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों टीमों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी का भविष्य बेहद मजबूत हाथों में है।

    पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के पांचवें मिनट में रोमित पाल ने शानदार गोल दागकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनकी तेज रफ्तार और बेहतरीन फिनिशिंग ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। पहले हाफ में मिली इस बढ़त के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए।

    दूसरे हाफ में भारत ने अपने खेल की रफ्तार और तेज कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में शानदार गोल कर बढ़त को 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद शाहरुख अली ने एक और गोल दागते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। पाकिस्तान की ओर से मुहम्मद उस्मान ने 16वें मिनट में एकमात्र गोल किया लेकिन तब तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। भारतीय डिफेंस ने अंत तक शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    इस शानदार प्रदर्शन का एक और बड़ा फायदा भारत को मिला। फाइनल में पहुंचने के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने जिस अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया उसने भविष्य के लिए उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं।

    महिला वर्ग में भी भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि खिताबी मुकाबले में चीन की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय रक्षा पंक्ति को कई बार भेदा और 4-2 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया लेकिन चीन की आक्रामक रणनीति के सामने वह जीत हासिल नहीं कर सकी। इसके बावजूद रजत पदक जीतना युवा भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    दोनों टीमों की सफलता पर हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सम्मानित करने का फैसला किया है। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को दो लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं रजत पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को पचास हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय टीमों का यह प्रदर्शन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह आने वाले वर्षों में भारतीय हॉकी की मजबूत नींव का संकेत भी है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और उनका प्रदर्शन यह भरोसा दिलाता है कि भविष्य में भारत विश्व हॉकी में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेगा।

  • 270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास

    270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 136वें एपिसोड में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की खुलकर सराहना की। लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मिली शानदार टेस्ट जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय नारी शक्ति ने एक बार फिर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री ने इस जीत को भारतीय खेल इतिहास का गौरवशाली अध्याय बताते हुए खिलाड़ियों की मेहनत समर्पण और जुझारूपन की प्रशंसा की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1983 में इसी ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने पहला विश्व कप जीतकर दुनिया को चौंका दिया था और अब उसी मैदान पर भारतीय महिला टीम ने शानदार जीत दर्ज कर देश का सम्मान बढ़ाया है। उनके अनुसार यह उपलब्धि केवल एक मैच जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है।

    लॉर्ड्स में खेले गए इस एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा। पहली पारी में भारत ने 285 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम केवल 170 रन पर सिमट गई। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में भी भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 186 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 270 रन के बड़े अंतर से ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।

    इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड भी बने जिन्होंने भारतीय जीत को और यादगार बना दिया। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच में पांच विकेट लेने वाली पहली महिला गेंदबाज बनीं। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 113 रन की शानदार पारी खेलते हुए लॉर्ड्स में महिला टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया। इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय जीत की मजबूत नींव रखी और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की उपलब्धि का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीतने पर सिंधु को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। साथ ही यह दो वर्षों के अंतराल के बाद उनका पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब भी रहा।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत और पीवी सिंधु की शानदार उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व खेल मंच पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री की ओर से मिली यह सराहना देशभर की युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है जो भविष्य में भारत का नाम रोशन करने का सपना देख रही हैं।

  • मैच के दौरान सिर के बल गिरे गैब्रियल लैंगटन अब पूरी तरह सुरक्षित स्कैन रिपोर्ट सामान्य आने पर अस्पताल से मिली छुट्टी

    मैच के दौरान सिर के बल गिरे गैब्रियल लैंगटन अब पूरी तरह सुरक्षित स्कैन रिपोर्ट सामान्य आने पर अस्पताल से मिली छुट्टी


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने खेल प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी थी लेकिन अब इस घटना से जुड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। इंग्लैंड के युवा जिम्नास्ट गैब्रियल लैंगटन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने पुष्टि की है कि विस्तृत मेडिकल जांच और कई स्कैन के बाद उनके शरीर में किसी भी तरह की गंभीर चोट नहीं पाई गई। इसके बाद उन्हें टीम इंग्लैंड की मेडिकल टीम की निगरानी में अस्पताल से सीधे टीम होटल भेज दिया गया।

    19 वर्षीय गैब्रियल लैंगटन पुरुष टीम फाइनल के दौरान हॉरिजॉन्टल बार इवेंट में अपना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान हवा में लगभग तीन मीटर की ऊंचाई पर उन्होंने बार पर अपनी पकड़ खो दी और सिर के बल जमीन पर गिर पड़े। हादसा इतना गंभीर था कि पूरे एरिना में सन्नाटा छा गया और मुकाबला काफी देर तक रोकना पड़ा। मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लंबे समय तक मैट पर उनका इलाज किया गया। इसके बाद सिर और गर्दन को पूरी सुरक्षा देते हुए उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया। हालांकि उस समय भी वह होश में थे और अपने हाथ पैर हिला पा रहे थे जिससे सभी को कुछ राहत मिली।

    ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि एहतियात के तौर पर गैब्रियल लैंगटन को पूरी रात अस्पताल में निगरानी में रखा गया। इस दौरान उनके कई मेडिकल स्कैन किए गए जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य रही। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी है और उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है। संस्था ने यह भी बताया कि खिलाड़ी का मनोबल अच्छा है और वह दुनियाभर से मिले शुभकामना संदेशों तथा मेडिकल टीम की देखभाल के लिए सभी का आभार व्यक्त कर रहे हैं।

    इस हादसे के बावजूद गैब्रियल लैंगटन का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने फ्लोर और रिंग्स इवेंट में इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण अंक जुटाए और टीम को स्वर्ण पदक की दौड़ में बनाए रखा। हालांकि अंतिम चरण में कनाडा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगभग दो दशक बाद कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीत लिया जबकि इंग्लैंड को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

    हादसे के कारण गैब्रियल लैंगटन पदक वितरण समारोह में अपनी टीम के साथ मौजूद नहीं रह सके। बाद में जब वह अस्पताल से टीम होटल पहुंचे तो साथियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें उनका सिल्वर मेडल सौंपा गया। टीम इंग्लैंड ने उनकी वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गैब्रियल को स्वस्थ देखकर पूरी टीम बेहद खुश है और उनके चेहरे की मुस्कान सभी के लिए सबसे बड़ी जीत है।

    यह घटना खेलों में सुरक्षा और त्वरित चिकित्सा व्यवस्था की अहमियत को भी उजागर करती है। समय पर मिले उपचार और विशेषज्ञों की निगरानी के कारण एक संभावित गंभीर हादसा बड़ी राहत में बदल गया। अब खेल प्रेमी यही उम्मीद कर रहे हैं कि गैब्रियल लैंगटन जल्द पूरी तरह फिट होकर फिर से जिम्नास्टिक्स के मंच पर शानदार वापसी करेंगे।

  • अनाहत सिंह ने रचा इतिहास…. जीता वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैम्पियन का खिताब

    अनाहत सिंह ने रचा इतिहास…. जीता वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैम्पियन का खिताब


    नियाग्रा-ऑन-द-लेक।
    भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी (Indian squash player) अनाहत सिंह (Anahat Singh) ने इतिहास रच दिया है. 18 वर्षीय अनाहत ने कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 (World Junior Squash Championships 2026) में गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीत लिया. 25 जुलाई (शनिवार) को आयोजित फाइनल में टॉप सीड अनाहत ने दूसरे वरीयता प्राप्त मिस्र की रुकय्या सलेम को लगातार गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराया।

    अनाहत सिंह की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जूनियर विश्व स्क्वैश चैम्पियनशिप के इतिहास में इससे पहले कोई भी भारतीय खिलाड़ी चैम्पियन नहीं बन सका था. अनाहत ने 2005 में फाइनल तक पहुंचने वाली जोशना चिनप्पा से भी एक कदम आगे बढ़ते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

    खिताबी मुकाबले में अनाहत सिंह शुरू से ही पूरी तरह हावी रहीं. पहले गेम में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए सलेम को सिर्फ तीन अंक लेने दिए. दूसरे गेम में मिस्र की खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय स्टार ने संयम बनाए रखा और बढ़त को बरकरार रखा. तीसरे गेम में भी सलेम ने कड़ी चुनौती दी, लेकिन निर्णायक क्षणों में अनाहत ने शानदार शॉट्स खेलते हुए मुकाबला सीधे गेमों में खत्म कर दिया।

    अनाहत सिंह का प्रदर्शन सिर्फ फाइनल तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने खेल से दबदबा बनाए रखा. छह मुकाबलों के दौरान उन्होंने केवल दो गेम गंवाए, जबकि शुरुआती तीन मैच बिना एक भी गेम हारे जीत लिए. अपने अभियान की शुरुआत उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की लिली विल्सन को 3-0 से हराकर की. इसके बाद हॉन्ग कॉन्ग की क्लोई लो और मलेशिया की डॉयस ये सान ली को भी सीधे गेमों में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

    नॉकआउट स्टेज में अनाहत ,सिंह का सामना लगातार मिस्र की तीन खिलाड़ियों से हुआ. क्वार्टर फाइनल में उन्होंने हबीबा रिज्क को 3-1, सेमीफाइनल में बार्ब सामेह को 3-1 और फाइनल में रुकय्या सलेम को 3-0 से हराकर साबित कर दिया कि वह इस खिताब की सबसे मजबूत दावेदार थीं।


    मिस्त्र का दबदबा हुआ खत्म

    अनाहत सिंह की जीत ने जूनियर स्क्वैश में मिस्र के लंबे वर्चस्व को भी समाप्त कर दिया. 2011 से लगातार 13 संस्करणों तक गर्ल्स सिंगल्स का खिताब मिस्र की खिलाड़ियों के नाम रहा था. अब अनाहत ने इस सिलसिले को तोड़ते हुए नया इतिहास लिखा. इतना ही नहीं, वह 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद जूनियर विश्व चैम्पियन बनने वाली पहली गैर-मिस्री खिलाड़ी भी बन गई हैं।

    अनाहत सिंह की यह सफलता अचानक नहीं आई. पिछले साल काहिरा में आयोजित जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर भारत का 15 साल का इंतजार खत्म किया था. उस प्रदर्शन ने उनके उज्ज्वल भविष्य के संकेत दिए थे और इस बार उन्होंने उससे भी आगे बढ़ते हुए विश्व चैम्पियन बनने का सपना साकार कर दिखाया. 18 साल की उम्र में सीनियर PSA टूर रैंकिंग में 20वें नंबर पर पहुंच चुकीं अनाहत सिंह अब भारतीय स्क्वैश की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल हैं।

  • घरेलू क्रिकेट के स्टार से भारत के नए तेज गेंदबाज बने यश ठाकुर जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू कर शुरू किया अंतरराष्ट्रीय सफर

    घरेलू क्रिकेट के स्टार से भारत के नए तेज गेंदबाज बने यश ठाकुर जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू कर शुरू किया अंतरराष्ट्रीय सफर


    नई दिल्ली। भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में एक नया तेज गेंदबाज मिला जब विदर्भ के यश ठाकुर ने भारतीय टीम के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। यह पल केवल एक खिलाड़ी के करियर की नई शुरुआत नहीं था बल्कि वर्षों की मेहनत संघर्ष और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम भी था। घरेलू क्रिकेट में अपनी तेज रफ्तार सटीक लाइन लेंथ और डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी के दम पर पहचान बनाने वाले यश ठाकुर ने आखिरकार भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने का सपना पूरा कर लिया।

    28 दिसंबर 1998 को कोलकाता में जन्मे यश ठाकुर ने घरेलू क्रिकेट में विदर्भ का प्रतिनिधित्व किया और वहीं से अपने क्रिकेट करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। शुरुआत से ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी में अनुशासन बनाए रखा और हर टूर्नामेंट में लगातार विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। रणजी ट्रॉफी विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन ने उन्हें देश के उभरते तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल कर दिया।

    यश ठाकुर की सबसे बड़ी ताकत उनकी सटीक लाइन लेंथ धीमी गेंदों का प्रभावी इस्तेमाल और डेथ ओवरों में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता है। यही वजह रही कि आईपीएल में भी उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स जैसी टीमों की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई अहम मौकों पर विकेट हासिल किए और अपनी उपयोगिता साबित की। आईपीएल में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने उनके लिए भारतीय टीम के दरवाजे खोल दिए।

    भारतीय चयनकर्ताओं ने पहले उन्हें इंडिया ए टीम में शामिल किया जहां श्रीलंका दौरे पर भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी की। ट्राई सीरीज के तीन मुकाबलों में पांच विकेट लेने के साथ ही श्रीलंका ए के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में भी पांच विकेट हासिल कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह बड़े स्तर पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चयन के रूप में मिला और दूसरे टी20 मुकाबले में उन्हें डेब्यू कैप पहनने का अवसर प्राप्त हुआ।

    यश ठाकुर का सफर केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह संघर्ष और समर्पण की कहानी भी है। उनके पिता हमेशा चाहते थे कि उनका बेटा एक दिन भारत के लिए खेले और अब यश ने टीम इंडिया के लिए मैदान पर उतरकर उस सपने को साकार कर दिया। यह उपलब्धि उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं।

    अगर उनके क्रिकेट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यश ठाकुर ने टी20 क्रिकेट के 74 मुकाबलों में 110 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है। आईपीएल के 22 मैचों में उनके नाम 27 विकेट दर्ज हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 32 मैचों में 93 विकेट हासिल किए हैं जबकि लिस्ट ए क्रिकेट के 57 मुकाबलों में 90 विकेट लेकर अपनी निरंतरता साबित की है। यही आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक ऐसा तेज गेंदबाज मिला है जो आने वाले वर्षों में टीम की गेंदबाजी आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

  • टीम इंडिया की फिर बादशाहत, जिम्बाब्वे पर जीत के साथ ICC टी20 रैंकिंग में नंबर-1 पर कब्जा

    टीम इंडिया की फिर बादशाहत, जिम्बाब्वे पर जीत के साथ ICC टी20 रैंकिंग में नंबर-1 पर कब्जा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ सीरीज अपने नाम कर ली, बल्कि आईसीसी टी20 टीम रैंकिंग में भी एक बार फिर दुनिया की नंबर-1 टीम बनने का गौरव हासिल कर लिया। हरारे में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने मेजबान जिम्बाब्वे को 90 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए टी20 रैंकिंग का शीर्ष स्थान भी वापस हासिल कर लिया।

    आईसीसी की 25 जुलाई को जारी ताजा टीम रैंकिंग के अनुसार भारत और इंग्लैंड दोनों के 268 रेटिंग अंक हैं, लेकिन बेहतर दशमलव रेटिंग के आधार पर भारत पहले स्थान पर पहुंच गया है। इंग्लैंड अब दूसरे नंबर पर खिसक गया है। भारत ने करीब दो सप्ताह पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने के बाद नंबर-1 की कुर्सी खो दी थी, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उसने फिर से शीर्ष पर वापसी कर ली।

    टी20 रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 260 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि न्यूजीलैंड 247 अंकों के साथ चौथे नंबर पर मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं। जिम्बाब्वे 202 अंकों के साथ 12वें स्थान पर बना हुआ है। भारत यदि सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला भी जीत लेता है तो उसकी नंबर-1 स्थिति और मजबूत हो जाएगी।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 81 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। दूसरी ओर तिलक वर्मा ने केवल 20 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उनकी विस्फोटक पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया, जबकि युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 20 रन बनाए। निर्धारित 20 ओवर में भारत ने पांच विकेट के नुकसान पर 219 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। ब्रायन बेनेट ने 32 रन और तादिवानाशे मारुमानी ने 24 रन बनाए, जबकि रेयान बर्ल ने 20 रन की पारी खेली। हालांकि कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके। यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ईशान किशन को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

    टी20 प्रारूप में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही टीम इंडिया अब वनडे और टी20 दोनों प्रारूपों में दुनिया की नंबर-1 टीम बन चुकी है। वहीं टेस्ट रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर है और भारत चौथे स्थान पर मौजूद है। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर सीरीज के अंतिम मुकाबले पर होगी, जहां भारत क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगा।