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  • महिला एशिया कप में भारत के बाद श्रीलंका अंतिम चार में पहुंचा, पाकिस्तान के पास आज सेमीफाइनल बचाने का आखिरी मौका

    महिला एशिया कप में भारत के बाद श्रीलंका अंतिम चार में पहुंचा, पाकिस्तान के पास आज सेमीफाइनल बचाने का आखिरी मौका

    नई दिल्ली । महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। श्रीलंका ने बांग्लादेश को चार विकेट से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत के बाद श्रीलंका टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है। अब बाकी दो स्थानों के लिए मुकाबला रोमांचक हो गया है और पाकिस्तान की नजर आज हांगकांग के खिलाफ होने वाले मैच पर टिकी है।

    श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच मुकाबला बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका के सामने 115 रन का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान चमारी अटापट्टू महज एक रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद लगातार विकेट गिरने से टीम मुश्किल स्थिति में पहुंच गई।

    पावरप्ले के दौरान श्रीलंका ने कई महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। इसके बाद विशमी गुणरत्ने और कविशा दिलहारी के आउट होने से परेशानी और बढ़ गई। एक समय श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट पर सिर्फ 44 रन था। ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना चुका है और श्रीलंका के लिए लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल होगा।

    इसी संकट के समय हर्षिता समरविक्रमा ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने नीलक्षिका सिल्वा के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों ने 38 रन जोड़कर श्रीलंका की उम्मीदों को जिंदा रखा। इसके बाद हर्षिता ने आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    श्रीलंका को आखिरी तीन ओवर में जीत के लिए 29 रन चाहिए थे। दबाव के बावजूद हर्षिता ने बड़े शॉट लगाने जारी रखे। 18वें ओवर में उन्होंने 16 रन जुटाए और अगले ओवर में 11 रन बनाकर टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। इसके बाद श्रीलंका ने 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया और चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ श्रीलंका ने ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। टीम ने ग्रुप चरण में लगातार तीन मुकाबले जीतकर अंतिम चार में जगह बनाई है। इससे पहले भारत भी ग्रुप चरण में लगातार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच चुका है।

    भारत ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है और उसका सेमीफाइनल मुकाबला 10 सितंबर को खेला जाएगा। ग्रुप बी की दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम भारत से भिड़ेगी। वहीं श्रीलंका 11 सितंबर को सेमीफाइनल में ग्रुप ए की दूसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ उतरेगा। दोनों सेमीफाइनल मुकाबले दुबई में खेले जाएंगे।

    अब पाकिस्तान के लिए आज का मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। पाकिस्तान को हांगकांग के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी ताकि वह सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। भारत के खिलाफ पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा था, इसलिए टीम के लिए अब किसी भी तरह की चूक भारी पड़ सकती है।

    ग्रुप बी में बांग्लादेश के पास अभी भी एक मुकाबला बाकी है, जबकि ग्रुप ए में पाकिस्तान और हांगकांग के बीच मुकाबला स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में महिला एशिया कप के अंतिम दो सेमीफाइनल स्थानों के लिए आने वाले मुकाबले बेहद निर्णायक रहने वाले हैं।

  • एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड बचाने उतरेगा भारत, 2023 की चैंपियन टीम से पुरुष और महिला स्क्वॉड में कितना बदलाव हुआ

    एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड बचाने उतरेगा भारत, 2023 की चैंपियन टीम से पुरुष और महिला स्क्वॉड में कितना बदलाव हुआ

    नई दिल्ली । एशियन गेम्स 2023 में क्रिकेट के मैदान पर भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे। अब 2026 में टीम इंडिया एक बार फिर उसी सफलता को दोहराने के इरादे से मैदान में उतरेगी। हालांकि चार साल के अंतराल में दोनों टीमों की तस्वीर काफी बदल गई है। पुरुष टीम में जहां बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है, वहीं महिला टीम अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिर नजर आ रही है।

    पुरुष टीम की बात करें तो 2023 में भारत की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाली थी, लेकिन 2026 में टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से सिर्फ पांच खिलाड़ी ही 2026 के स्क्वॉड में जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई और अर्शदीप सिंह अब भी टीम का हिस्सा हैं।

    इसके अलावा पुरुष टीम में 10 नए चेहरे शामिल किए गए हैं। बल्लेबाजी में श्रेयस अय्यर और युवा वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम हैं। ऑलराउंड विभाग में अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी और अक्षर पटेल के विकल्प मौजूद हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन और ईशान किशन संभाल सकते हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती जैसे नाम टीम को अतिरिक्त मजबूती देते हैं।

    2023 में भारत ने पुरुष क्रिकेट के क्वार्टर फाइनल में नेपाल को 23 रन से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश को नौ विकेट से मात दी। फाइनल में भारत का सामना अफगानिस्तान से हुआ, लेकिन बारिश के कारण भारतीय पारी शुरू नहीं हो सकी और मुकाबला नो रिजल्ट रहा। बेहतर वरीयता के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दिया गया था।

    2026 में पुरुष टीम अपना पहला मुकाबला 28 सितंबर को निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेलेगी। बदली हुई टीम के सामने चुनौती पिछले प्रदर्शन को दोहराने के साथ नए खिलाड़ियों के तालमेल को मजबूत करने की होगी।

    महिला टीम में पुरुषों की तुलना में बदलाव थोड़ा कम है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से छह खिलाड़ी 2026 के स्क्वॉड में बरकरार हैं। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष अब भी टीम का हिस्सा हैं। सबसे अहम बात यह है कि हरमनप्रीत कौर इस बार भी टीम की कप्तान हैं।

    महिला टीम में बल्लेबाजी की मुख्य धुरी काफी हद तक वही है। गेंदबाजी विभाग में रेणुका सिंह ठाकुर, राधा यादव, श्री चरणी और क्रांति गौड़ जैसे विकल्प मौजूद हैं। विकेटकीपिंग में ऋचा घोष के साथ गुनालन कमलिनी नया विकल्प हैं।

    2023 में महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 19 रन से हराकर गोल्ड जीता था। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को आठ विकेट से मात दी थी। 2026 में महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को जापान के खिलाफ पहले क्वार्टर फाइनल से करेगी।

    कुल मिलाकर 2023 से 2026 के बीच पुरुष टीम में बदलाव ज्यादा बड़ा है, जबकि महिला टीम की मुख्य बल्लेबाजी और नेतृत्व संरचना काफी हद तक बरकरार है। दोनों टीमों के सामने अब बदले हुए स्क्वॉड के साथ एशियन गेम्स में भारत का दबदबा कायम रखने और लगातार दूसरी बार क्रिकेट में गोल्ड जीतने की चुनौती होगी।

  • JPN vs IND: पहली बार भारत से टी20 इंटरनेशनल खेलेगा जापान, जानिए टीम के स्टार खिलाड़ियों और बड़े रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी

    JPN vs IND: पहली बार भारत से टी20 इंटरनेशनल खेलेगा जापान, जानिए टीम के स्टार खिलाड़ियों और बड़े रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी

    नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर भारत और जापान की सीनियर पुरुष टीमें पहली बार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में आमने-सामने होने जा रही हैं। यह ऐतिहासिक मुकाबला 22 सितंबर 2026 को जापान के तोचिगी प्रांत स्थित सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला जापानी क्रिकेट के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

    भारत और जापान इससे पहले सीनियर पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आमने-सामने नहीं आए हैं। ऐसे में 22 सितंबर को होने वाला मुकाबला दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। यह मैच सुजुकी कप के तहत खेला जाएगा और एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम के लिए भी अहम मुकाबला होगा।

    जापान की क्रिकेट टीम भारत की तरह क्रिकेट की बड़ी ताकत नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में टीम ने टी20 क्रिकेट में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है। जापान ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला अक्टूबर 2022 में खेला था। इसके बाद टीम ने कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान बनाई है।

    जापानी टीम में केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग, सबाओरिश रविचंद्रन, लैकलन यामामोटो-लेक, इब्राहिम ताकाहाशी और डेक्लान सुजुकी जैसे खिलाड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। बल्लेबाजी की बात करें तो केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग जापान के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनके नाम 1760 रन दर्ज हैं।

    सबाओरिश रविचंद्रन जापान के प्रमुख ऑलराउंड खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टीम को योगदान दिया है। टी20 इंटरनेशनल में जापान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में भी उनका नाम सबसे ऊपर है। उनके नाम 54 विकेट दर्ज हैं।

    लैकलन यामामोटो-लेक भी जापानी क्रिकेट के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उनके नाम टी20 इंटरनेशनल में 825 रन दर्ज हैं। फरवरी 2024 में चीन के खिलाफ उन्होंने नाबाद 134 रन की शानदार पारी खेली थी। यह जापान की ओर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

    जापान के गेंदबाजी रिकॉर्ड में रियो सकुरानो-थॉमस का नाम भी खास है। उन्होंने फरवरी 2024 में थाईलैंड के खिलाफ 26 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे। यह जापान की ओर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत गेंदबाजी प्रदर्शन है।

    इब्राहिम ताकाहाशी भी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 623 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में 40 विकेट भी हासिल किए हैं। वहीं माकोटो तानियामा के नाम 38 विकेट दर्ज हैं। ऐसे में जापानी टीम के पास भारत जैसी मजबूत टीम के सामने खुद को साबित करने के लिए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं।

    भारत के खिलाफ मुकाबला जापान के खिलाड़ियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा। भारतीय टीम के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव और विश्व स्तर के खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद जापान अपने घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा।

    यह मुकाबला भारत और जापान के बीच खेल संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों से भी इस मैच को जोड़ा गया है। इस मुकाबले के जरिए जापान में क्रिकेट को और लोकप्रिय बनाने तथा दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने की कोशिश होगी।

    22 सितंबर को होने वाला भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल मुकाबला इसलिए भी खास रहेगा क्योंकि पहली बार दोनों देशों की सीनियर पुरुष टीमें क्रिकेट के सबसे तेज लोकप्रिय प्रारूप में आमने-सामने होंगी। जापानी खिलाड़ियों के रिकॉर्ड और भारत की मजबूत टीम के बीच यह मुकाबला क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक नया और यादगार अध्याय बन सकता है।

  • ND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के महामुकाबले की बढ़ सकती है संख्या, ICC ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाले टूर्नामेंट पर कर रहा विचार

    ND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के महामुकाबले की बढ़ सकती है संख्या, ICC ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाले टूर्नामेंट पर कर रहा विचार

    नई दिल्ली । क्रिकेट फैन्स के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबलों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा से दर्शकों के लिए बेहद खास रहे हैं और अब आने वाले समय में इनके बीच ज्यादा मैच देखने का रास्ता खुल सकता है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली जा रही है। दोनों टीमें मुख्य रूप से बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में आमने-सामने आती हैं। ऐसे में दोनों देशों के क्रिकेट फैन्स को भारत-पाकिस्तान मुकाबले के लिए बड़े टूर्नामेंट का इंतजार करना पड़ता है।

    अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम को लेकर एक नए प्रारूप पर विचार किया जा रहा है। इसमें भारत और पाकिस्तान को एक साथ शामिल करते हुए ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाली बहुराष्ट्रीय सीरीज आयोजित करने का विकल्प सामने आया है। इस तरह के आयोजन का उद्देश्य रोमांचक मुकाबलों के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यावसायिक आकर्षण को बढ़ाना भी हो सकता है।

    अगर इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाता है तो भारत और पाकिस्तान के बीच एक ही टूर्नामेंट में मुकाबले होने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि अभी इसे अंतिम कार्यक्रम या आधिकारिक तौर पर तय सीरीज नहीं माना जा सकता है। प्रस्तावित प्रारूप पर चर्चा और संभावनाओं के स्तर पर ही जानकारी सामने आई है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबलों की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। दोनों टीमों के बीच होने वाला मैच दुनियाभर में बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करता है। यही वजह है कि किसी भी बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दोनों टीमों के आमने-सामने आने पर मुकाबले को लेकर उत्साह काफी बढ़ जाता है।

    हाल के वर्षों में दोनों टीमों के बीच मुकाबले मुख्य रूप से आईसीसी और अन्य बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सीमित रहे हैं। ऐसे में अगर नया बहुराष्ट्रीय प्रारूप तैयार होता है और उसमें भारत तथा पाकिस्तान को जगह मिलती है, तो क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों टीमों के बीच ज्यादा मुकाबले देखने का अवसर मिल सकता है।

    ट्राई-सीरीज के प्रारूप में तीन टीमें हिस्सा लेती हैं और टूर्नामेंट के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेले जाते हैं। इसी तरह चार टीमों के प्रारूप में मुकाबलों की संख्या और संभावित कार्यक्रम को अलग तरीके से तैयार किया जा सकता है। भारत और पाकिस्तान की मौजूदगी ऐसे किसी आयोजन को दर्शकों के लिहाज से बेहद आकर्षक बना सकती है।

    फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह की किसी सीरीज को लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई है। प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला लिया जाता है और भारत तथा पाकिस्तान को इसमें किस तरह शामिल किया जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

    अगर यह योजना आकार लेती है तो क्रिकेट फैन्स के लिए यह बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर हमेशा रहने वाला रोमांच नए बहुराष्ट्रीय प्रारूप के जरिए और बढ़ सकता है। इससे दोनों टीमों के बीच मुकाबलों की संख्या बढ़ने की संभावना भी मजबूत हो सकती है।

  • महिला एशिया कप 2026: पाकिस्तान को धूल चटाकर सेमीफाइनल में टीम इंडिया, बने कई रिकॉर्ड

    महिला एशिया कप 2026: पाकिस्तान को धूल चटाकर सेमीफाइनल में टीम इंडिया, बने कई रिकॉर्ड


    दुबई।
    महिला एशिया कप 2026 (Women’s Asia Cup 2026) में भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women’s Cricket team) का जलवा बरकरार है. दुबई के मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत (India ने पाकिस्तान टीम (Pakistan team) को चारों खाने चित करते हुए टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की. इस धमाकेदार जीत के साथ ही हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम भारतीय स्पिनरों की घातक गेंदबाजी के आगे पस्त हो गई. पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में महज 55 रनों पर ढेर हो गई. यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में पाकिस्तान का अब तक का सबसे कम स्कोर रहा.

    पाकिस्तान को सस्ते में समेटने में भारत की दो युवा स्पिनरों का सबसे बड़ा हाथ रहा. श्री चरणी ने कातिलाना गेंदबाजी करते हुए अपने 4 ओवर में सिर्फ 7 रन देकर 3 विकेट झटके, जिसमें एक ही ओवर में 2 झटके शामिल थे.

    वहीं लेग स्पिनर प्रेमा रावत ने भी अपनी फिरकी का कमाल दिखाते हुए 4 ओवर में केवल 9 रन दिए और 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. पाकिस्तान की तरफ से शावल जुल्फिकार (14) और मुनीबा अली (13) ही दहाई का आंकड़ा छू सकीं, जबकि कप्तान फातिमा सना समेत चार खिलाड़ी खाता भी नहीं खोल पाईं.


    शेफाली वर्मा ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    56 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिर गए, लेकिन शेफाली वर्मा ने आउट होने से पहले 12 रनों की पारी खेल इतिहास रच दिया. शेफाली अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 3,000 रन बनाने वाली दुनिया की सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं.

    उन्होंने महज 22 साल और 220 दिन की उम्र में यह कारनामा कर आयरलैंड की गेबी लुईस का रिकॉर्ड तोड़ दिया. शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बाद 3,000 टी20I रन बनाने वाली तीसरी भारतीय महिला बल्लेबाज भी बन गई हैं.


    कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम भी इस मैच में बड़ी उपलब्धि जुड़ गई. वह 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गईं. इस मामले में उन्होंने श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू (120 मैच) और ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग (100 मैच) को काफी पीछे छोड़ दिया है. शुरुआती झटकों के बाद कप्तान हरमनप्रीत (18 रन*) और दीप्ति शर्मा (12 रन*) ने बिना कोई और नुकसान पहुंचाए भारत को आसान जीत दिला दी.

  • संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन

    संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में प्रयोग का दौर अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले संजू सैमसन की वापसी ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ संजू सैमसन को पारी की शुरुआत करने का मौका दे सकता है। खास बात यह है कि भारत के लिए अभिषेक शर्मा के साथ संजू और वैभव दोनों ओपनिंग कर चुके हैं लेकिन संजू और वैभव की जोड़ी को अभी तक आजमाया नहीं गया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने अपनी पारी की शुरुआत को लेकर कई प्रयोग किए हैं। आईपीएल में अपने तूफानी अंदाज से पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में मौका मिला और उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते देखा गया। दूसरी तरफ संजू सैमसन भी अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत कर चुके हैं। ऐसे में अब टीम के सामने एक नया विकल्प मौजूद है जिसमें संजू का अनुभव और वैभव का बेखौफ अंदाज एक साथ दिखाई दे सकता है।

    इस संभावना को पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने भी दिलचस्प बताया है। उनका मानना है कि जब अभिषेक वैभव और अभिषेक संजू की जोड़ी को आजमाया जा चुका है तो संजू और वैभव को साथ भेजकर देखने में भी कोई नुकसान नहीं है। हालांकि यह सिर्फ एक संभावित प्रयोग है और अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा।

    संजू और वैभव की जोड़ी इसलिए भी खास हो सकती है क्योंकि दोनों बल्लेबाज आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए जाने जाते हैं। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है जबकि वैभव बेहद कम उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से सुर्खियां बटोर चुके हैं। अगर दोनों एक साथ पावरप्ले में उतरते हैं तो भारत शुरुआत के छह ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर जबरदस्त दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है।

    हालांकि इस प्रयोग के साथ एक बड़ा सवाल अभिषेक शर्मा की भूमिका को लेकर भी खड़ा होगा। अभिषेक खुद टी20 क्रिकेट में बेहद आक्रामक बल्लेबाज हैं और पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अगर संजू और वैभव को ओपनिंग का मौका मिलता है तो अभिषेक को किस नंबर पर उतारा जाएगा यह भी देखने वाली बात होगी। टीम मैनेजमेंट के पास विकल्पों की कमी नहीं है लेकिन सही संतुलन बनाना चुनौती जरूर होगी।

    वैभव के लिए यह सीरीज खास महत्व रखती है। महज 15 साल की उम्र में सीनियर टीम का हिस्सा बनना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन पर हर किसी की नजर है और टीम मैनेजमेंट भी उन्हें लंबे समय के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में उन्हें अलग अलग बल्लेबाजी संयोजनों में मौका देना भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज 13 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को होगा। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा उत्सुकता इसी बात को लेकर है कि टीम इंडिया पारी की शुरुआत के लिए किस संयोजन पर भरोसा करती है। अभिषेक संजू और वैभव तीनों विकल्प मौजूद हैं लेकिन अगर संजू और वैभव को साथ उतारा गया तो यह टीम इंडिया का एक नया और बेहद आक्रामक ओपनिंग प्रयोग होगा।

  • मेडल की जंग से पहले कंटेनर में रात गुजार रहे एथलीट, जानिए जापान के लिए SAI की ये अनोखी तैयारी क्यों है खास

    मेडल की जंग से पहले कंटेनर में रात गुजार रहे एथलीट, जानिए जापान के लिए SAI की ये अनोखी तैयारी क्यों है खास


    नई दिल्ली । जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट सिर्फ मैदान पर मेडल जीतने की तैयारी नहीं कर रहे हैं बल्कि उन्हें प्रतियोगिता स्थल पर मिलने वाली रहने की अलग व्यवस्था के लिए भी पहले से तैयार किया जा रहा है। इस बार आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स की सबसे बड़ी खासियतों में से एक यह है कि खिलाड़ियों के लिए पारंपरिक एथलीट्स विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों को कंटेनर क्रूज और दूसरी जगहों पर ठहराने की व्यवस्था की गई है। ऐसी स्थिति में भारतीय खिलाड़ियों को अचानक नए और सीमित माहौल का सामना न करना पड़े इसके लिए Sports Authority of India यानी SAI ने देश में ही एक अनोखी तैयारी शुरू कर दी है।

    पटियाला और बेंगलुरु में कंटेनर आधारित कमरे तैयार किए गए हैं जहां भारतीय एथलीट बारी बारी से रात गुजार रहे हैं। पहली नजर में यह व्यवस्था थोड़ी हैरान करने वाली लग सकती है क्योंकि कंटेनर में जगह सीमित होती है और खिलाड़ी आमतौर पर ट्रेनिंग के साथ आराम और रिकवरी के लिए पर्याप्त जगह के आदी होते हैं। लेकिन इस पहल का मकसद खिलाड़ियों को किसी असुविधा में डालना नहीं बल्कि उन्हें उस माहौल से पहले ही परिचित कराना है जिसका सामना उन्हें जापान पहुंचने के बाद करना पड़ सकता है।

    SAI अधिकारियों के मुताबिक करीब दो साल पहले ही यह स्पष्ट हो गया था कि एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों के लिए पारंपरिक एथलीट्स विलेज की व्यवस्था नहीं होगी। इसके बाद योजना बनाई गई कि भारतीय खिलाड़ियों को भारत में ही वैसा माहौल देकर मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया जाए। कोशिश यह है कि जापान पहुंचने पर कम जगह या अलग तरह की रहने की व्यवस्था खिलाड़ियों के प्रदर्शन और एकाग्रता पर असर न डाले।

    पटियाला में तैयार किया गया कंटेनर करीब 13 मीटर लंबा और लगभग तीन मीटर चौड़ा है। सीमित जगह का अधिकतम इस्तेमाल करते हुए इसमें खिलाड़ियों की जरूरत के मुताबिक कई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इसके दोनों सिरों पर ट्विन शेयरिंग बेडरूम बनाए गए हैं जबकि बीच में एक संकरी गैलरी है। कंटेनर में एयर कंडीशनिंग के साथ छोटी लॉन्ड्री एरिया वॉशिंग मशीन फ्रिज और सिंक वाली कॉम्पैक्ट किचन जैसी सुविधाएं भी हैं। बाथरूम में वॉश बेसिन टॉयलेट और शॉवर के लिए अलग हिस्से बनाए गए हैं। खिलाड़ियों का सामान रखने के लिए कैबिनेट और भारी किट बैग के लिए बेड के नीचे जगह भी बनाई गई है।

    दो बार के एशियन गेम्स चैंपियन शॉटपुटर तजिंदरपाल सिंह तूर ने भी इस अनुभव को उपयोगी बताया। करीब 6 फीट 4 इंच लंबे तजिंदर के लिए सीमित जगह में रहना सामान्य अनुभव से अलग था लेकिन उन्होंने माना कि अंदर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उनका मानना है कि अगर खिलाड़ी पहली बार जापान पहुंचकर ऐसी जगह देखते तो शुरुआती समय उस माहौल को समझने और उसके साथ तालमेल बैठाने में निकल सकता था। भारत में पहले से अनुभव मिलने से यह परेशानी काफी कम हो सकती है।

    डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरामणा ने भी कंटेनर में दो रातें बिताईं। थ्रो इवेंट के खिलाड़ियों के लिए जगह की जरूरत कुछ ज्यादा होती है इसलिए शुरुआत में उन्हें भी थोड़ी परेशानी महसूस हुई। हालांकि दूसरे दिन तक उन्होंने इस वातावरण के साथ तालमेल बैठा लिया। यही इस पूरी पहल का उद्देश्य भी है कि खिलाड़ी छोटी से छोटी असुविधा के साथ जल्दी से जल्दी एडजस्ट करना सीखें।

    दिलचस्प बात यह है कि इन कंटेनरों को विशेष रूप से खरीदकर तैयार नहीं किया गया है। कोविड महामारी के दौरान NSNIS पटियाला में इनका इस्तेमाल वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स के उपकरण रखने के लिए किया जाता था। अब इन्हीं पुराने कंटेनरों को एशियन गेम्स की तैयारी के लिए आवासीय सिमुलेटर में बदल दिया गया है। प्रतियोगिता के बाद भी इनका इस्तेमाल जारी रहेगा और इन्हें गेस्ट हाउस में तब्दील करने की योजना है।

    28 अगस्त से शुरू हुई इस कवायद में अब तक करीब आठ खिलाड़ी कंटेनर में रात गुजार चुके हैं और आगे भी तय कार्यक्रम के अनुसार अन्य एथलीट यहां रुकेंगे। असल में यह तैयारी सिर्फ रहने की जगह को लेकर नहीं बल्कि खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती से जुड़ी है। भारतीय एथलीट जब जापान में मैदान पर उतरें तो उनके सामने कमरे की जगह उसकी सीमाएं या सुविधाएं नहीं बल्कि सिर्फ मेडल का लक्ष्य होना चाहिए। इसी सोच के साथ SAI ने पटियाला में एक छोटा सा जापान पहले ही तैयार कर दिया है।

  • टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर BCCI का मंथन! कप्तान और कोच पहुंचे बैठक में लेकिन चीफ सेलेक्टर अगरकर नहीं आए

    टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर BCCI का मंथन! कप्तान और कोच पहुंचे बैठक में लेकिन चीफ सेलेक्टर अगरकर नहीं आए


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के हालिया विदेशी दौरों पर खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बड़ी रिव्यू मीटिंग की लेकिन इस अहम बैठक से चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए। मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में हुई इस बैठक में टीम इंडिया के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की समीक्षा की गई। भारतीय टीम को दोनों विदेशी दौरों पर लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली जिसके बाद बोर्ड ने प्रदर्शन से लेकर खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार सामने आ रही चोटों तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

    बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा अजीत अगरकर के शामिल नहीं होने को लेकर रही। अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट सितंबर के अंत में समाप्त होने वाला है और ऐसे में यह माना जा रहा था कि बोर्ड की इस बैठक में उनके भविष्य और कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन को लेकर भी कोई बड़ा फैसला हो सकता है। हालांकि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कर दिया कि इस रिव्यू मीटिंग में अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को आगे बढ़ाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।

    सैकिया ने चीफ सेलेक्टर की गैरमौजूदगी की वजह भी बताई। उनके मुताबिक बैठक काफी कम समय के नोटिस पर बुलाई गई थी और उस समय अजीत अगरकर मुंबई से बाहर थे। बताया गया कि वह ऐसी जगह मौजूद थे जहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक में शामिल होना संभव नहीं हो सका। अगरकर की अनुपस्थिति इसलिए भी सुर्खियों में रही क्योंकि टीम के खराब प्रदर्शन की समीक्षा करने वाली बैठक में चयन समिति के प्रमुख का मौजूद न होना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया।

    दरअसल भारतीय टीम के लिए हाल के दोनों विदेशी दौरे निराशाजनक रहे। भारत ने आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की T20I सीरीज खेली जिसमें टीम को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पांच मैचों की T20I सीरीज में भारत को 1-4 से हार मिली जबकि तीन मैचों की ODI सीरीज में भी टीम को 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। लगातार विदेशी दौरों पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में खराब नतीजों के बाद BCCI ने टीम के प्रदर्शन का गहराई से विश्लेषण करने का फैसला किया।

    मुंबई में हुई इस अहम बैठक में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम मौजूद रहे। टेस्ट और ODI कप्तान शुभमन गिल T20I कप्तान श्रेयस अय्यर हेड कोच गौतम गंभीर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट डायरेक्टर वीवीएस लक्ष्मण और BCCI के कई अधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान सिर्फ टीम के प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार हो रही चोटों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आने वाले मुकाबलों को देखते हुए टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों को फिट रखने और बेहतर संयोजन तैयार करने की चुनौती भी अहम मानी जा रही है।

    अजीत अगरकर के कार्यकाल पर नजर डालें तो उनके नेतृत्व वाली चयन समिति के दौर में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत ने 2023 ODI वर्ल्ड कप का फाइनल खेला और इसके बाद 2024 तथा 2026 में लगातार दो T20 वर्ल्ड कप जीतने में सफलता हासिल की। हालांकि इसी दौर में भारतीय क्रिकेट में कई बड़े बदलाव भी देखने को मिले और विराट कोहली तथा रोहित शर्मा ने टेस्ट और T20I क्रिकेट से संन्यास लिया जबकि दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

    अब सबकी नजर सितंबर के अंत पर टिकी है जब अजीत अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होगा। फिलहाल BCCI ने उनके एक्सटेंशन को लेकर किसी चर्चा से इनकार किया है लेकिन आने वाले दिनों में चयन समिति और भारतीय टीम के भविष्य को लेकर बोर्ड का फैसला क्रिकेट जगत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

  • टीम इंडिया का व्यस्त शेड्यूल: 4 महीनों में 29 मैचों की चुनौती, चार देशों से होगी जोरदार टक्कर

    टीम इंडिया का व्यस्त शेड्यूल: 4 महीनों में 29 मैचों की चुनौती, चार देशों से होगी जोरदार टक्कर


    नई दिल्ली । साल 2026 के करीब आठ महीने बीत चुके हैं लेकिन टीम इंडिया के लिए क्रिकेट का रोमांच अभी खत्म नहीं हुआ है। सितंबर से दिसंबर तक भारतीय क्रिकेट टीम बेहद व्यस्त रहने वाली है और इन चार महीनों के दौरान उसे कई बड़े और महत्वपूर्ण इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं। टीम इंडिया अफगानिस्तान वेस्टइंडीज न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ अलग-अलग फॉर्मेट में कुल 29 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। इसके अलावा भारतीय टीम एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेगी जिससे साल के आखिरी महीनों में खिलाड़ियों के सामने लगातार क्रिकेट का चुनौतीपूर्ण शेड्यूल रहेगा।

    सितंबर में टीम इंडिया की शुरुआत अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों से होगी। पहला मुकाबला 13 सितंबर को नई दिल्ली में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को नई दिल्ली में ही होगा। इसके बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में उतरेगी। दोनों टीमों के बीच तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे जिनकी शुरुआत 27 सितंबर से होगी। यह सीरीज 3 अक्टूबर तक चलेगी।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद टीम इंडिया पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। यह मुकाबले 6 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक लखनऊ रांची इंदौर हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। इस सीरीज के बाद भारतीय टीम सीधे न्यूजीलैंड दौरे के लिए रवाना होगी जहां उसे अक्टूबर और नवंबर में लंबा और बेहद चुनौतीपूर्ण दौरा करना है।

    न्यूजीलैंड में टीम इंडिया पहले पांच टी20 मुकाबले खेलेगी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज होगी। दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दो टेस्ट मैचों की सीरीज होगी जो भारत के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान के लिए भी अहम मानी जा रही है। न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया कुल 12 इंटरनेशनल मैच खेलेगी और इस दौरान उसे विदेशी परिस्थितियों में अपनी ताकत साबित करनी होगी।

    साल के आखिरी महीने दिसंबर में भारतीय टीम अपने घर में श्रीलंका का सामना करेगी। दोनों देशों के बीच तीन वनडे और तीन टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। वनडे सीरीज की शुरुआत 13 दिसंबर से दिल्ली में होगी जबकि इसके बाद बेंगलुरु और अहमदाबाद में मुकाबले खेले जाएंगे। टी20 सीरीज 22 दिसंबर से शुरू होगी और राजकोट कटक तथा पुणे में मैच आयोजित किए जाएंगे।

    अगर पूरे शेड्यूल पर नजर डालें तो टीम इंडिया को अफगानिस्तान के खिलाफ 3 टी20 वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 वनडे और 5 टी20 न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 टी20 5 वनडे और 2 टेस्ट जबकि श्रीलंका के खिलाफ 3 वनडे और 3 टी20 मुकाबले खेलने हैं। इस तरह चार महीनों में कुल 29 इंटरनेशनल मैच टीम इंडिया के इंतजार में हैं। एशियन गेम्स के मुकाबलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है और उनके जुड़ने से मैचों की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में साल 2026 के आखिरी चार महीने भारतीय क्रिकेट टीम और क्रिकेट प्रशंसकों दोनों के लिए बेहद रोमांचक और व्यस्त रहने वाले हैं।

  • स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास…. सर्वाधिक रन बनाने वाली नंबर-1 महिला क्रिकेटर बनी, मिताली को छोड़ा पीछा

    स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास…. सर्वाधिक रन बनाने वाली नंबर-1 महिला क्रिकेटर बनी, मिताली को छोड़ा पीछा


    दुबई।
    भारतीय महिला क्रिकेट (Indian Women’s Cricket) की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (Women’s International Cricket) में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने इस मामले में भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) को पीछे छोड़ दिया है। भारत ने महिला एशिया कप में मंधाना की शतक की बदौलत हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ 20 ओवर में पांच विकेट पर 193 रन बनाए।


    मंधाना का शतक

    मंधाना ने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 36वां अर्धशतक लगाया। उन्होंने छक्का मारकर अर्धशतक पूरा किया था। हालांकि, इसके लिए उन्होंने 40 गेंदें लीं थीं। हालांकि, इसके बाद मंधाना ने सीधे चौथी गीयर में बल्लेबाजी की। उन्होंने अगले 50 रन के लिए केवल 17 गेंदें लीं। मंधाना ने 57 गेंद में टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा शतक लगाया। स्मृति मंधाना ने 64 गेंद में 14 चौके और सात छक्के की मदद से 124 रन की पारी खेली। वह रन आउट हुईं।


    महान मिताली राज का कौन सा रिकॉर्ड टूटा?

    मंधाना के नाम अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,880 रन हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मिताली राज के 10,868 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मिताली लंबे समय तक इस सूची में शीर्ष पर थीं और भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रही हैं। मिताली के बाद इस लिस्ट में सूजी बेट्स, शार्लोट एडवर्ड्स और स्टेफनी टेलर जैसी दिग्गज बल्लेबाज हैं।

    मिताली राज के संन्यास के बाद अब मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी स्टार के रूप में लगातार नए मुकाम हासिल कर रही हैं। स्मृति मंधाना ने सिर्फ मिताली का रिकॉर्ड नहीं तोड़ा, बल्कि महिला क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी के एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी दिया है।


    भारत के लिए टी20 में शतक का कौन सा रिकॉर्ड?

    भारत की महिला टीम की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक तीन शतक दर्ज किए गए हैं। स्मृति मंधाना ने इस सूची में दो बार अपना नाम दर्ज कराया है। उन्होंने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में 112 रन की शानदार पारी खेली थी। हालांकि, मंधाना की 124 रन की पारी भारतीय महिला खिलाड़ी की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। वहीं हरमनप्रीत कौर ने 2018 टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 रन की पारी खेलकर यह उपलब्धि हासिल की थी।


    मंधाना का शतक के मामले में कौन सा रिकॉर्ड?

    स्मृति मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में भी नया रिकॉर्ड बना लिया है। उनके नाम अब 18 अंतरराष्ट्रीय शतक हो गए हैं। वह इस सूची में ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट से आगे निकल गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की स्टार बल्लेबाज एल वोल्वार्ड्ट 17-17 शतकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज 15 शतकों के साथ चौथे और न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स तथा इंग्लैंड की टैमी ब्यूमोंट 14-14 शतकों के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर हैं।


    महिला T20I में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के

    स्मृति मंधाना ने हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ दुबई में खेली अपनी शानदार पारी के दौरान सात छक्के लगाए। इसके साथ ही उन्होंने भारत की महिला टीम के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। मंधाना के नाम अब इस फॉर्मेट में 95 छक्के हैं, जबकि हरमनप्रीत कौर ने 89 छक्के लगाए हैं।


    महिला टी20 एशिया कप का कौन सा रिकॉर्ड टूटा?

    स्मृति मंधाना ने महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 2026 में दुबई में हांगकांग के खिलाफ नाबाद 120 रन बनाए, जो इस टूर्नामेंट में अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने श्रीलंका की चमारी अटापट्टू का 2024 में मलयेशिया के खिलाफ बनाया गया नाबाद 119 रन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा।


    महिला टी20 एशिया कप में सबसे बड़े टीम स्कोर

    महिला टी20 एशिया कप में सबसे बड़े टीम स्कोर के मामले में भारत का दबदबा नजर आता है। भारत ने 2024 में दांबुला में यूएई के खिलाफ 201/5 रन बनाकर टूर्नामेंट का सर्वोच्च स्कोर खड़ा किया था। वहीं 2026 में दुबई में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ भारत ने 193/5 रन बनाए, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है।