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  • वर्ल्ड कप में भारतीय बल्लेबाजों का जलवा, इन 5 खिलाड़ियों ने बनाए सबसे ज्यादा रन

    वर्ल्ड कप में भारतीय बल्लेबाजों का जलवा, इन 5 खिलाड़ियों ने बनाए सबसे ज्यादा रन


    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप का इतिहास भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कई शानदार उपलब्धियों और यादगार पारियों का गवाह रहा है। अब तक खेले गए नौ संस्करणों में भारतीय टीम भले ही खिताब जीतने से चूक गई हो, लेकिन कई भारतीय बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से विश्व क्रिकेट में खास पहचान बनाई है। इनमें कुछ खिलाड़ियों ने लगातार रन बनाकर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई और विश्व कप के मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ी। आइए जानते हैं उन पांच भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने महिला टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं।

    इस सूची में सबसे ऊपर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पूर्व कप्तान मिताली राज संयुक्त रूप से मौजूद हैं। हरमनप्रीत कौर ने टी20 विश्व कप के 39 मुकाबलों में 726 रन बनाए हैं। उन्होंने 25.03 की औसत से बल्लेबाजी करते हुए एक शतक और चार अर्धशतक जड़े हैं। हरमनप्रीत की कई पारियां भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में यादगार मानी जाती हैं। लंबे समय से टीम की प्रमुख बल्लेबाज और कप्तान के रूप में उन्होंने बड़े टूर्नामेंटों में लगातार जिम्मेदारी निभाई है।

    उधर, भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में शामिल मिताली राज ने भी टी20 विश्व कप में 726 रन बनाए हैं। उन्होंने 24 मैचों में 40.33 की शानदार औसत से बल्लेबाजी करते हुए पांच अर्धशतक लगाए। मिताली की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी निरंतरता रही, जिसने वर्षों तक भारतीय टीम को मजबूती प्रदान की। टी20 विश्व कप में उनके नाम 79 चौके दर्ज हैं, जो उनकी तकनीकी दक्षता और भरोसेमंद बल्लेबाजी को दर्शाते हैं।

    तीसरे स्थान पर भारतीय टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना हैं। वर्ष 2014 से टी20 विश्व कप का हिस्सा रहीं मंधाना ने 25 मैचों में 524 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने चार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और आकर्षक शॉट्स के लिए प्रसिद्ध मंधाना ने कई मौकों पर भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई है। विश्व कप में उनके नाम 65 चौके और 11 छक्के दर्ज हैं।

    चौथे स्थान पर जेमिमा रोड्रिगेज हैं, जिन्होंने अपेक्षाकृत कम समय में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 2018 से 2024 के बीच खेले गए 19 टी20 विश्व कप मुकाबलों में उन्होंने 407 रन बनाए हैं। जेमिमा मध्यक्रम की भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में उभरी हैं और दबाव की परिस्थितियों में उपयोगी पारियां खेलने के लिए जानी जाती हैं। उनकी निरंतर प्रगति भारतीय टीम के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस सूची में पांचवें स्थान पर पूनम राउत का नाम आता है। उन्होंने 2009 से 2014 के बीच 15 मुकाबलों में 375 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन अर्धशतक निकले। पूनम ने उस दौर में भारतीय टीम को मजबूती दी, जब महिला क्रिकेट धीरे-धीरे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा था।

    इन खिलाड़ियों के योगदान ने महिला टी20 विश्व कप में भारत की पहचान मजबूत की है। आने वाले संस्करणों में हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना जैसी खिलाड़ी नए रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ सकती हैं, जबकि युवा बल्लेबाजों से भी भारतीय क्रिकेट को नई उम्मीदें हैं।

  • विश्व मंच पर दोहरी सफलता के बाद रितु का बड़ा सपना, ओलंपिक में तिरंगा लहराना चाहती हैं

    विश्व मंच पर दोहरी सफलता के बाद रितु का बड़ा सपना, ओलंपिक में तिरंगा लहराना चाहती हैं


    नई दिल्ली। अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप भारतीय खेल जगत के लिए कई यादगार पल लेकर आई, लेकिन सबसे प्रेरणादायक कहानी पश्चिम बंगाल की युवा खिलाड़ी रितु मंडल की रही। एक साधारण परिवार से आने वाली 20 वर्षीय रितु ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर दो स्वर्ण पदक जीतकर न केवल भारत का गौरव बढ़ाया, बल्कि विश्व योगासन के इतिहास में अपना नाम भी दर्ज करा लिया। वह इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं।

    हुगली जिले के एक छोटे से गांव में पली-बढ़ी रितु का सफर संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं और सीमित संसाधनों के बीच परिवार ने हमेशा उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रितु ने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। वर्षों तक लगातार अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के साथ उन्होंने योगासन को अपना जीवन बना लिया।

    अहमदाबाद में आयोजित इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता के दौरान रितु के माता-पिता और उनके बड़े भाई भी मौजूद थे। जब रितु ने कंधों पर तिरंगा ओढ़कर अपनी जीत का जश्न मनाया तो पूरा परिवार भावुक हो उठा। यह केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं थी, बल्कि उन तमाम संघर्षों और त्यागों की भी जीत थी जो परिवार ने वर्षों तक किए थे।

    रितु अपनी सफलता का बड़ा श्रेय अपने भाई को देती हैं। उनका कहना है कि उनके भाई स्वयं योगासन से जुड़े रहे हैं और हमेशा उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते रहे। रितु बताती हैं कि उनके भाई ने कभी उन्हें पूर्ण या सर्वश्रेष्ठ नहीं कहा, बल्कि हर उपलब्धि के बाद सुधार की गुंजाइश तलाशने की सलाह दी। यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही है।

    विश्व स्तर पर सफलता हासिल करने से पहले भी रितु राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता साबित कर चुकी थीं। उन्होंने चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स और असम में हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इन प्रतियोगिताओं से मिले अनुभव ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा करने का आत्मविश्वास प्रदान किया।

    अहमदाबाद में दुनिया भर के श्रेष्ठ योगासन खिलाड़ियों के बीच रितु ने संतुलन, लचीलापन, शक्ति और तकनीकी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित किया तथा उन्हें दो स्वर्ण पदकों का गौरव दिलाया। इस उपलब्धि ने उन्हें विश्व योगासन के उभरते सितारों में शामिल कर दिया है।

    हालांकि इतनी बड़ी सफलता के बाद भी रितु खुद को मंजिल तक पहुंचा हुआ नहीं मानतीं। उनका कहना है कि यह तो उनके सफर की शुरुआत है। उनका सपना है कि योगासन को भविष्य में एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अंततः ओलंपिक खेलों में शामिल किया जाए। वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए ओलंपिक पदक जीतना चाहती हैं। रितु की यह कहानी साबित करती है कि यदि संकल्प मजबूत हो और परिवार का साथ मिले, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते।

  • तिलक पर सबसे बड़ी बोली, सीवी मिलिंद की कीमत ने क्रिकेट जगत को किया हैरान

    तिलक पर सबसे बड़ी बोली, सीवी मिलिंद की कीमत ने क्रिकेट जगत को किया हैरान


    नई दिल्ली। तेलंगाना क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय तब जुड़ गया जब रामोजी फिल्म सिटी स्थित प्रिंसेस कन्वेंशन सेंटर में टीजी20 लीग की पहली खिलाड़ी नीलामी का आयोजन किया गया। इस बहुप्रतीक्षित नीलामी में राज्य भर के 1,300 से अधिक एचसीए-पंजीकृत क्रिकेटरों ने हिस्सा लिया, जिन्हें आइकन, ए+ और ए कैटेगरी में विभाजित किया गया था। नीलामी ने न केवल अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मंच दिया, बल्कि उभरते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान किया।

    नीलामी का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा रहे। आइकन कैटेगरी में शामिल तिलक वर्मा को मेदक फाल्कन्स ने 33 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। इसके साथ ही वे टीजी20 के पहले संस्करण के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। तिलक पर लगी यह बोली उनके लगातार शानदार प्रदर्शन और बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।

    हालांकि नीलामी का सबसे बड़ा सरप्राइज अनकैप्ड खिलाड़ी सीवी मिलिंद रहे। अन्विता खम्मम एसेस ने उन्हें 17 लाख रुपये में खरीदकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। खास बात यह रही कि मिलिंद को भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज से भी अधिक कीमत मिली। सिराज को वारंगल वॉरियर्स ने 14 लाख रुपये में अपनी टीम का हिस्सा बनाया। इस नतीजे ने साबित किया कि फ्रेंचाइजी केवल बड़े नामों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं और टीम की जरूरतों के अनुसार भी निवेश कर रही हैं।

    आइकन कैटेगरी में कई अन्य चर्चित खिलाड़ियों पर भी अच्छी बोली लगी। रवि किरण को पालमुरु स्ट्राइकर्स, टी. रवितेजा को मेदक फाल्कन्स, तनाय त्यागराजन को प्रणव रंगा रेड्डी राइजर्स, राहुल बुद्धि को अनुराग नलगोंडा नाइट्स, तन्मय अग्रवाल को करीमनगर डायमंड्स और रोहित रायडू को पालमुरु स्ट्राइकर्स ने अपने साथ जोड़ा। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी से लीग की प्रतिस्पर्धा और भी रोचक होने की उम्मीद है।

    ए+ कैटेगरी में भी कई खिलाड़ियों ने फ्रेंचाइजी का ध्यान खींचा। अमन राव, प्रज्ञय रेड्डी, अजय देव गौड़, नितिन साई यादव, एरन जॉर्ज और रक्षण रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को विभिन्न टीमों ने चुनकर अपने स्क्वॉड को मजबूती प्रदान की। वहीं ए कैटेगरी में अरफाज अहमद और अभिरथ रेड्डी 11-11 लाख रुपये में बिककर संयुक्त रूप से सबसे महंगे खिलाड़ी बने। चंदन साहनी, प्रणव वर्मा और हिमा तेजा जैसे युवा खिलाड़ियों को भी आकर्षक बोली मिली।

    नीलामी प्रक्रिया का संचालन प्रसिद्ध खेल प्रस्तोता चारू शर्मा ने किया। इस दौरान सभी आठ फ्रेंचाइजी के मालिक, टीम प्रतिनिधि और लीग अधिकारी मौजूद रहे। टीजी20 लीग का पहला संस्करण 21 जून से राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, उप्पल में शुरू होगा। 21 दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में आठ टीमें कुल 32 मुकाबले खेलेंगी। आयोजकों को उम्मीद है कि यह लीग तेलंगाना के युवा क्रिकेटरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • भारतीय गेंदबाजों का कहर, अफगानिस्तान के 5 विकेट गिरे; मैच पर टीम इंडिया की मजबूत पकड़

    भारतीय गेंदबाजों का कहर, अफगानिस्तान के 5 विकेट गिरे; मैच पर टीम इंडिया की मजबूत पकड़



    नई दिल्ली। मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में मेजबान टीम ने दूसरे दिन के खेल के बाद अपना पलड़ा पूरी तरह भारी कर लिया है। भारतीय बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों ने भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए अफगानिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक अफगानिस्तान ने अपनी पहली पारी में 113 रन पर पांच विकेट गंवा दिए हैं और वह अब भी भारत के स्कोर से 459 रन पीछे है।

    भारत ने दूसरे दिन अपनी पहली पारी 564 रन पर 8 विकेट के स्कोर पर घोषित की। इस विशाल स्कोर की नींव शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने रखी। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि जायसवाल ज्यादा देर टिक नहीं सके और 24 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने दूसरे विकेट के लिए 139 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    साई सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 81 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला और राहुल के साथ मिलकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाया। राहुल ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा और 100 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजी का आक्रमण जारी रहा।

    कप्तान शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने चौथे विकेट के लिए 169 रन की बेहतरीन साझेदारी की। गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए 126 रन बनाए, जिसमें 16 चौके शामिल रहे। वहीं ऋषभ पंत ने अपने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 81 रन का योगदान दिया। निचले क्रम में वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन बनाकर टीम को 564 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    अफगानिस्तान की ओर से गेंदबाजी में मोहम्मद सलीम सैफी सबसे सफल रहे। उन्होंने 27 ओवर में 140 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। उनके अलावा जियाउर रहमान और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी को एक-एक सफलता मिली।

    विशाल लक्ष्य के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 28 रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया, जब अब्दुल मलिक 16 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद भी भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रखने में सफल रहे। रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल और अफसर जजई भी बड़ी पारी नहीं खेल सके।

    हालांकि रहमत शाह ने एक छोर संभालकर अफगानिस्तान की पारी को कुछ हद तक स्थिरता देने की कोशिश की। उन्होंने कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की और दिन का खेल समाप्त होने तक 43 रन बनाकर नाबाद लौटे। अफगानिस्तान को अब तीसरे दिन बड़ी साझेदारियों की जरूरत होगी ताकि वह फॉलोऑन के खतरे से बच सके।

    भारतीय गेंदबाजी में पदार्पण कर रहे मानव सुथार ने सबसे अधिक प्रभावित किया। उन्होंने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 15.5 ओवर में केवल 21 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा ने दो विकेट लेकर अफगानिस्तान के शीर्ष क्रम को झटके दिए।

    दूसरे दिन के खेल के बाद भारत पूरी तरह नियंत्रण की स्थिति में दिखाई दे रहा है। यदि तीसरे दिन भी भारतीय गेंदबाज इसी लय में रहे तो मेजबान टीम जल्द ही मैच को एकतरफा बनाते हुए जीत की दिशा में निर्णायक बढ़त हासिल कर सकती है।

  • FIFA World Cup से पहले बढ़ा विवाद, इराक के दिग्गज फुटबॉलर के साथ एयरपोर्ट पर हुआ नाटकीय घटनाक्रम

    FIFA World Cup से पहले बढ़ा विवाद, इराक के दिग्गज फुटबॉलर के साथ एयरपोर्ट पर हुआ नाटकीय घटनाक्रम


    नई दिल्ली । FIFA विश्व कप 2026 के आगाज से पहले अमेरिका में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने खेल जगत में चर्चा छेड़ दी है। इराक की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के स्टार स्ट्राइकर आयमेन हुसैन को अमेरिका पहुंचने पर शिकागो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगभग सात घंटे तक रोककर पूछताछ की गई। हालांकि लंबी जांच के बाद उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति दे दी गई, लेकिन टीम के आधिकारिक फोटोग्राफर तलाल सलाह को अमेरिका में एंट्री नहीं मिली और उन्हें वापस भेज दिया गया।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयमेन हुसैन शनिवार तड़के अमेरिका पहुंचे थे, जहां इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ के दौरान उनके मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की गई। करीब सात घंटे तक चली प्रक्रिया के बाद अधिकारियों ने उन्हें क्लियरेंस देते हुए अमेरिका में प्रवेश की अनुमति प्रदान कर दी।

    आयमेन हुसैन इराकी फुटबॉल के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। 30 वर्षीय स्ट्राइकर ने विश्व कप क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन किया था और उनके अहम गोलों की बदौलत इराक ने चार दशकों बाद FIFA विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया। ऐसे में टूर्नामेंट से ठीक पहले उनके साथ हुई इस घटना ने इराकी फुटबॉल प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है।

    स्थिति और अधिक गंभीर तब हो गई जब इराकी राष्ट्रीय टीम के फोटोग्राफर तलाल सलाह को 10 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखने के बाद अमेरिका में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, उनसे भी विस्तृत पूछताछ की गई और उनके मोबाइल फोन की जांच की गई। इसके बावजूद अधिकारियों ने उन्हें देश में प्रवेश की मंजूरी नहीं दी।

    इराकी ओलंपिक समिति से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि दोनों मामलों में सुरक्षा और इमिग्रेशन जांच काफी विस्तृत रही। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इतनी लंबी पूछताछ का कारण क्या था। दूसरी ओर, अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से भी इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

    गौरतलब है कि FIFA विश्व कप 2026 की मेजबानी संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको कर रहे हैं। यह टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा विश्व कप माना जा रहा है, जिसमें रिकॉर्ड संख्या में टीमें हिस्सा ले रही हैं। इराक भी उन देशों में शामिल है जिसने लंबे इंतजार के बाद विश्व कप में जगह बनाई है।

    इराक की टीम को ग्रुप-1 में फ्रांस, सेनेगल और नॉर्वे जैसी मजबूत टीमों के साथ रखा गया है। आयमेन हुसैन के अलावा टीम में इप्सविच टाउन के फॉरवर्ड अली अल-हमादी, युवा प्रतिभा अली जसीम और यूसुफ अमीन जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। ऐसे में टूर्नामेंट से पहले सामने आई यह घटना टीम की तैयारियों पर असर डाल सकती है।

    फिलहाल आयमेन हुसैन टीम के साथ जुड़ चुके हैं, लेकिन फोटोग्राफर तलाल सलाह को प्रवेश न मिलने का मामला इराकी फुटबॉल प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है। विश्व कप के माहौल के बीच यह घटना सुरक्षा, इमिग्रेशन प्रक्रियाओं और खिलाड़ियों के साथ व्यवहार को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रही है।

  • सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह

    सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में कप्तानी परिवर्तन के बाद सबसे अधिक चर्चा यदि किसी खिलाड़ी को लेकर हो रही है तो वह हैं सूर्यकुमार यादव। भारतीय टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और आयरलैंड, इंग्लैंड तथा एशियन गेम्स के लिए घोषित किसी भी टी20 स्क्वॉड में जगह नहीं मिलने के बाद यह माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने इस पूरे मुद्दे को नई दिशा दे दी है।

    एमएसके प्रसाद का दावा है कि सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें आराम दिया गया है। उनके मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चयन समिति ने जसप्रीत बुमराह तथा हार्दिक पांड्या की तरह सूर्यकुमार को भी कुछ समय का ब्रेक दिया है, ताकि वह तरोताजा होकर टीम में वापसी कर सकें।

    प्रसाद ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि कोई भी बोर्ड या चयन समिति विश्व कप विजेता कप्तान को अगले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बाहर नहीं करती। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार यादव भारतीय क्रिकेट के बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और उनकी गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उनके अनुसार इतने बड़े खिलाड़ी को केवल खराब फॉर्म के आधार पर पूरी तरह नजरअंदाज करना सही नहीं होगा।

    पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि सूर्यकुमार, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह लंबे समय तक आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बुमराह आज भी दुनिया के नंबर-1 गेंदबाजों में गिने जाते हैं। ऐसे में इन खिलाड़ियों को समय-समय पर आराम देना टीम प्रबंधन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि तीनों खिलाड़ी जल्द ही भारतीय टीम में फिर दिखाई देंगे।

    हालांकि दूसरी ओर चयनकर्ताओं के फैसले ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। बीसीसीआई द्वारा घोषित आयरलैंड दौरे, इंग्लैंड दौरे और 2026 एशियन गेम्स की टी20 टीमों में सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जसप्रीत बुमराह को एशियन गेम्स की टीम में जगह दी गई है, जबकि सूर्यकुमार पूरी तरह बाहर हैं। इसी वजह से कई क्रिकेट विशेषज्ञ इसे केवल आराम नहीं, बल्कि चयन संबंधी बड़ा फैसला मान रहे हैं।

    सूर्यकुमार यादव की हालिया फॉर्म भी चर्चा का विषय रही है। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और लगातार रन बनाने में उन्हें संघर्ष करना पड़ा। माना जा रहा है कि यही वजह चयनकर्ताओं के फैसले के पीछे प्रमुख कारण हो सकती है। वहीं उनकी बढ़ती उम्र भी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। 35 वर्षीय सूर्यकुमार के सामने अब युवा खिलाड़ियों की मजबूत चुनौती मौजूद है।

    इस बीच चयनकर्ताओं ने टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी है। अय्यर को भविष्य की टीम तैयार करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि सूर्यकुमार के अनुभव और उपलब्धियों को देखते हुए उनकी वापसी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल भारतीय क्रिकेट में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सूर्यकुमार यादव वास्तव में केवल आराम पर हैं या फिर यह भारतीय टी20 टीम में एक नए युग की शुरुआत है। आने वाले महीनों में उनका प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति इस सवाल का जवाब देगी।

  • श्रेयस अय्यर का कप्तानी धमाका! बल्लेबाजी से दिया बड़ा संदेश, बढ़ी टी20 टीम की दावेदारी

    श्रेयस अय्यर का कप्तानी धमाका! बल्लेबाजी से दिया बड़ा संदेश, बढ़ी टी20 टीम की दावेदारी


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में कप्तानी परिवर्तन के बीच श्रेयस अय्यर ने अपने बल्ले से ऐसा जवाब दिया है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भारतीय टी20 टीम का नया कप्तान घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद श्रेयस अय्यर ने मुंबई टी20 लीग में धमाकेदार अर्धशतक जड़कर यह संकेत दे दिया कि वह नई जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    बीसीसीआई ने शनिवार को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी20 टीम की घोषणा की। इस टीम में श्रेयस अय्यर को कप्तान नियुक्त किया गया, जबकि पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव को टीम में जगह नहीं मिली। इस बड़े फैसले के बाद सभी की नजरें दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर थीं और शाम को मुंबई टी20 लीग में दोनों आमने-सामने भी आ गए।

    मुंबई टी20 लीग का 12वां मुकाबला ट्रायम्फ्स नाइट्स एमएनई और सोबो मुंबई फाल्कन्स के बीच खेला गया। ट्रायम्फ्स नाइट्स की कप्तानी सूर्यकुमार यादव कर रहे थे, जबकि सोबो मुंबई फाल्कन्स की ओर से श्रेयस अय्यर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मुकाबला केवल दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि भारतीय टी20 क्रिकेट के दो बड़े चेहरों के बीच भी माना जा रहा था।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए ट्रायम्फ्स नाइट्स एमएनई ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 147 रन बनाए। टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संघर्षपूर्ण पारी खेलते हुए 48 रन बनाए। अपनी इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 4 शानदार छक्के लगाए। हालांकि उनका अर्धशतक पूरा नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    148 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सोबो मुंबई फाल्कन्स की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में नजर आ रही थी। ऐसे समय में नंबर चार पर बल्लेबाजी करने उतरे श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों में 61 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 4 छक्के शामिल रहे।

    अय्यर की यह पारी केवल तेज रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने मैच की दिशा भी पूरी तरह बदल दी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के सामने विपक्षी गेंदबाज बेबस नजर आए। परिणामस्वरूप सोबो मुंबई फाल्कन्स ने 20 गेंदें शेष रहते ही पांच विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    श्रेयस अय्यर की इस शानदार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। खास बात यह रही कि जिस दिन उन्हें भारतीय टी20 टीम की कप्तानी मिली, उसी दिन उन्होंने बल्ले से भी अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर दिया।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। टी20 विश्व कप विजेता कप्तान होने के बावजूद हालिया खराब फॉर्म के चलते उन्हें राष्ट्रीय टीम से बाहर किया गया है। आईपीएल 2026 में भी उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। हालांकि मुंबई टी20 लीग में उनकी 48 रन की पारी ने यह जरूर दिखाया कि वह अभी भी वापसी की क्षमता रखते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें श्रेयस अय्यर पर टिकी हैं, जो अब भारतीय टी20 टीम को नई दिशा देने की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। कप्तानी की शुरुआत जिस अंदाज में हुई है, उसने उनके समर्थकों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है।

  • ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान

    ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक ऐसे मुकाम के करीब पहुंच चुके हैं, जहां से इतिहास उनका इंतजार कर रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में पंत ने पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जमाया और साथ ही एक बड़े विश्व रिकॉर्ड की ओर भी कदम बढ़ा दिए। अब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों का आंकड़ा छूने के लिए केवल तीन और छक्कों की जरूरत है।

    पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान केएल राहुल के शानदार शतकों के बीच ऋषभ पंत ने भी अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन करते हुए अर्धशतक जड़ा। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले, जिनमें तीन लंबे छक्के भी शामिल रहे। इन छक्कों के साथ पंत के टेस्ट करियर में कुल 97 छक्के हो गए हैं।

    अगर पंत मैच के दूसरे दिन तीन और छक्के लगाने में सफल रहते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज है, जिन्होंने 137 पारियों में 100 टेस्ट छक्के पूरे किए थे। वहीं न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्कुलम ने यह उपलब्धि 176 पारियों में हासिल की थी, जबकि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 178 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।

    ऋषभ पंत की बात करें तो वह अभी अपने टेस्ट करियर की 87वीं पारी खेल रहे हैं। ऐसे में यदि वह इस मैच में 100 छक्कों का आंकड़ा छू लेते हैं तो न केवल गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त होगा, बल्कि वह 100 से कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। यह उपलब्धि उनके 50वें टेस्ट मैच में दर्ज हो सकती है, जो इसे और भी खास बना देगी।

    टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के नाम है, जिन्होंने 136 छक्के लगाए हैं। उनके बाद ब्रेंडन मैक्कुलम 107 और एडम गिलक्रिस्ट 100 छक्कों के साथ सूची में शामिल हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी और वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल भी 98-98 छक्कों के साथ शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान टेस्ट से पहले टीम प्रबंधन ने ऋषभ पंत से उप-कप्तानी की जिम्मेदारी वापस लेकर केएल राहुल को यह भूमिका सौंपी है। चयनकर्ताओं का मानना है कि पंत को फिलहाल अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान देना चाहिए। ऐसा लगता है कि पंत ने इस फैसले का जवाब अपने बल्ले से देना शुरू कर दिया है।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब मैच के दूसरे दिन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि पंत न केवल अपना शतक पूरा करेंगे, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 100 छक्कों का नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर भारतीय क्रिकेट को एक और गौरवपूर्ण क्षण देंगे।

  • रोहित शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में नया अध्याय लिखेंगे श्रेयस अय्यर

    रोहित शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में नया अध्याय लिखेंगे श्रेयस अय्यर

     

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट(Indian cricket) में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।(Board of Control for Cricket) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा श्रेयस अय्यर को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का नया कप्तान नियुक्त किए जाने के बाद क्रिकेट जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा(Rohit Sharma) ने श्रेयस अय्यर(Shreyas Iyer) को लेकर बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि वह भारतीय टीम की कप्तानी में सफल साबित होंगे और उनके पास इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पर्याप्त अनुभव और नेतृत्व क्षमता मौजूद है।

    मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रोहित शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आईपीएल में श्रेयस अय्यर ने जिस तरह अपनी टीमों का नेतृत्व किया है, वह उनके नेतृत्व कौशल का सबसे बड़ा प्रमाण है। रोहित के अनुसार, आईपीएल जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में दबाव के बीच टीम को संभालना आसान नहीं होता और श्रेयस ने यह काम लगातार प्रभावशाली ढंग से किया है।

    श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाया था, जबकि 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने आगामी एशिया कप, 2028 ओलंपिक और टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए उन्हें टीम की कमान सौंपने का फैसला किया।

    रोहित शर्मा ने कहा कि कप्तानी केवल एक पद नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसे मेहनत और प्रदर्शन के दम पर हासिल करना पड़ता है। उन्होंने मुंबई क्रिकेट संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां किसी खिलाड़ी को कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। हर उपलब्धि के पीछे संघर्ष, अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन होता है। रोहित का मानना है कि श्रेयस इस माहौल में पले-बढ़े हैं, इसलिए वे कप्तानी के महत्व और उससे जुड़ी चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं।

    पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि एक सफल कप्तान वही होता है जो अपने साथियों का सम्मान अर्जित करे और टीम को साथ लेकर चले। उनके मुताबिक श्रेयस में यह गुण मौजूद हैं और यही विशेषताएं उन्हें एक प्रभावशाली कप्तान बना सकती हैं।

    हालांकि कप्तानी में बदलाव के बीच रोहित शर्मा ने सूर्यकुमार यादव के योगदान को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सूर्या का क्रिकेट सफर संघर्ष और धैर्य का बेहतरीन उदाहरण है। 30 वर्ष की उम्र के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और मिले हर अवसर का भरपूर लाभ उठाया। रोहित ने कहा कि सूर्यकुमार ने अपने प्रदर्शन और नेतृत्व से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव ने भी बड़े दिल का परिचय देते हुए श्रेयस अय्यर को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है कि मुंबई का एक और खिलाड़ी भारतीय टी20 टीम का कप्तान बना है। सूर्या ने कहा कि उन्होंने और श्रेयस ने वर्षों तक साथ क्रिकेट खेला है और उन्हें पूरा विश्वास है कि श्रेयस इस नई जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाएंगे।

    भारतीय क्रिकेट में यह बदलाव केवल कप्तान बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि श्रेयस अय्यर अपने नेतृत्व में भारतीय टी20 टीम को किस नई ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

  • अंडर-18 एशिया कप हॉकी के फाइनल में पहुंचा भारत, रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से रौंदा

    अंडर-18 एशिया कप हॉकी के फाइनल में पहुंचा भारत, रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से रौंदा

    नई दिल्ली । भारतीय युवा हॉकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए मेन्स अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 के खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है। कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज हॉकी स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5-3 से करारी शिकस्त दी। इस महामुकाबले में भारतीय टीम की जीत के सबसे बड़े नायक स्टार खिलाड़ी पूर्ति आशीष तानी रहे, जिन्होंने विरोधी टीम के डिफेंस को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए अकेले ही चार शानदार गोल दागे और पाकिस्तान की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को तोड़ दिया।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पहले क्वार्टर में दोनों ही टीमों ने आक्रामक रणनीति अपनाई और एक-दूसरे के गोल पोस्ट पर लगातार हमले किए। मुकाबले के 12वें मिनट में भारतीय टीम को एक पेनल्टी स्ट्रोक हासिल हुआ, जिस पर पाकिस्तान ने अंपायर के फैसले के खिलाफ रिव्यू भी लिया। हालांकि, वीडियो अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद पूर्ति आशीष तानी ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी।

    दूसरे क्वार्टर में पाकिस्तानी टीम ने खेल की रफ्तार बढ़ाई और मैच में जोरदार वापसी की। इस दौरान पाकिस्तान को लगातार कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनके हमलों को नाकाम कर दिया। हालांकि, खेल के 27वें मिनट में पाकिस्तान के अदील ने भारतीय डिफेंस में सेंध लगाते हुए एक बेहतरीन मैदानी गोल दागा और स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। हाफ टाइम तक दोनों ही टीमें बराबरी पर थीं और मैच का रुख किसी भी ओर पलट सकता था।

    तीसरे क्वार्टर में भारत ने एक बार फिर अपने आक्रमण को तेज किया, जिसके परिणामस्वरूप 35वें मिनट में अली शाहरुख ने गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। भारत की यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी और महज दो मिनट बाद ही पाकिस्तान के मुहम्मद फरहान असलम ने गोल कर स्कोर फिर से 2-2 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने मैच में पहली बार मानसिक बढ़त हासिल की, जब 42वें मिनट में उजैर अहमद ने एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर पाकिस्तान को 3-2 से आगे कर दिया। इस समय भारतीय टीम गहरे दबाव में नजर आ रही थी।

    मुकाबले के आखिरी और चौथे क्वार्टर में भारतीय युवाओं ने अपनी असली क्षमता और जुझारूपन का परिचय दिया। पूर्ति आशीष तानी ने पहले भारत को 3-3 की बराबरी दिलाई और फिर खेल के 53वें मिनट में अपना तीसरा गोल दागकर न केवल अपनी हैट्रिक पूरी की, बल्कि भारत को 4-3 की बेहद महत्वपूर्ण बढ़त भी दिला दी। इस अचानक हुए हमले से पाकिस्तानी टीम पूरी तरह बिखर गई और दबाव में आ गई। मैच के अंतिम पलों में तानी ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मैच का चौथा और टीम का पांचवां गोल दागकर भारत की 5-3 से जीत पूरी तरह सुनिश्चित कर दी।

    इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने यह साबित कर दिया है कि यह युवा ब्रिगेड बड़े और दबाव वाले मुकाबलों में किसी भी विपरीत परिस्थिति से वापसी करने का माद्दा रखती है। अब भारतीय टीम का पूरा ध्यान खिताबी मुकाबले पर केंद्रित है, जहां शनिवार को इसी मैदान पर उसका सामना मेजबान जापान की मजबूत टीम से होना है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि सेमीफाइनल के स्टार रहे पूर्ति आशीष तानी फाइनल मैच में भी अपनी इसी जादुई फॉर्म को जारी रखेंगे और देश के लिए एशिया कप का खिताब जीतकर लाएंगे।