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  • हरारे में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 20 रन की तूफानी पारी से तोड़ा महेला जयवर्धने का रिकॉर्ड

    हरारे में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 20 रन की तूफानी पारी से तोड़ा महेला जयवर्धने का रिकॉर्ड


    नई दिल्ली।
    भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भले ही बड़ी पारी नहीं खेली, लेकिन अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में जगह बना ली। महज 9 गेंदों में 20 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआती पांच पारियों में सर्वाधिक स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरा स्थान हासिल कर लिया।

    9 गेंदों में 20 रन, गेंदबाजों पर बोला हमला

    वैभव ने क्रीज पर उतरते ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने 9 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौके और 1 छक्का लगाया तथा 222.22 की स्ट्राइक रेट से 20 रन बनाए। हालांकि, बड़ी पारी की ओर बढ़ते हुए पुल शॉट खेलने के प्रयास में वह बाउंड्री पर कैच आउट हो गए, लेकिन उनकी छोटी पारी भी रिकॉर्ड बनाने के लिए काफी साबित हुई।

    महेला जयवर्धने को छोड़ा पीछे

    इस पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआती पांच पारियों में सर्वाधिक स्ट्राइक रेट के मामले में श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने को पीछे छोड़ दिया। वैभव ने अपने पहले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 112 रन 211.32 की स्ट्राइक रेट से बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। वहीं, महेला जयवर्धने ने अपने शुरुआती पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 201.82 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे।

    युवराज सिंह अब भी नंबर-1

    इस खास सूची में भारत के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह अब भी शीर्ष पर बने हुए हैं। युवराज ने अपने शुरुआती पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 235.09 की शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की थी। अब तक कोई भी बल्लेबाज उनके इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सका है।

    सबसे अधिक स्ट्राइक रेट (पहली 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियां):

    • युवराज सिंह (भारत) – 235.09
    • वैभव सूर्यवंशी (भारत) – 211.32
    • महेला जयवर्धने (श्रीलंका) – 201.82
    • मोहम्मद अशरफुल (बांग्लादेश) – 201.67
    • रिचर्ड लेवी (दक्षिण अफ्रीका) – 200.00

    निडर बल्लेबाजी से बढ़ा भरोसा

    कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी का बेखौफ अंदाज भारतीय क्रिकेट के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। वह पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने में विश्वास रखते हैं और विपक्षी गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में उनकी पारी भले ही लंबी नहीं चली, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लगातार ऊंची स्ट्राइक रेट यह संकेत देती है कि आने वाले समय में वह भारतीय टी20 टीम के अहम मैच विजेता खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।

  • गरीबी नहीं रोक सकी हौसला, झंडू कुमार ने संघर्ष को ताकत बनाकर भारत को दिलाया कॉमनवेल्थ पदक

    गरीबी नहीं रोक सकी हौसला, झंडू कुमार ने संघर्ष को ताकत बनाकर भारत को दिलाया कॉमनवेल्थ पदक


    नई दिल्ली। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने केवल ब्रॉन्ज मेडल ही नहीं जीता, बल्कि अपने संघर्ष और जज्बे से करोड़ों लोगों का दिल भी जीत लिया। आर्थिक तंगी, कठिन परिस्थितियों और रोजमर्रा की चुनौतियों से लड़ते हुए उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना कभी उनके गांव के लोगों ने भी नहीं की थी। ई-रिक्शा चलाने और सब्जियां बेचकर जीवनयापन करने वाले झंडू आज देश के लिए अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं।

    पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। मुकाबले के बाद भावुक झंडू ने अपनी सफलता का श्रेय वर्षों की मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास को दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने कभी अपने सपनों को मरने नहीं दिया। उनका मानना था कि लगातार मेहनत करने वालों को एक दिन सफलता जरूर मिलती है और यही विश्वास उन्हें आगे बढ़ाता रहा।

    झंडू ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। घर चलाने के लिए कभी ई-रिक्शा चलाना पड़ा तो कभी सब्जियां बेचनी पड़ीं। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को नहीं छोड़ा। दिनभर मेहनत करने के बाद भी अभ्यास जारी रखा और हर चुनौती को अपनी ताकत बनाया। उनका कहना है कि कठिनाइयों ने उन्हें कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत बनाया।

    प्रतियोगिता में झंडू ने ग्रुप बी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 130.9 अंक हासिल किए और अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उन्होंने युगांडा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए पदक की मजबूत दावेदारी पेश की। संयुक्त स्टैंडिंग में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने स्वर्ण पदक और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने रजत पदक जीता, जबकि झंडू केवल 0.1 अंक के बेहद मामूली अंतर से रजत पदक से चूक गए। इसके बावजूद उनका ब्रॉन्ज मेडल भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ क्योंकि इसी के साथ देश का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदकों का खाता खुला।

    झंडू की सफलता केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने कहा कि यह पदक सिर्फ उनका नहीं बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ दिया, उनका हौसला बढ़ाया और उन पर विश्वास बनाए रखा।

    उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि उनके सफर का अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत है। अब उनका लक्ष्य देश के लिए और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पदक जीतना है। झंडू का मानना है कि अगर मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी बाधा इंसान को उसकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।

    झंडू कुमार की यह कहानी साबित करती है कि सफलता केवल सुविधाओं से नहीं, बल्कि मजबूत इरादों, निरंतर मेहनत और अपने सपनों पर अटूट विश्वास से हासिल होती है। उनका संघर्ष आज देशभर के खिलाड़ियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार पंच, जादुमनी ने एकतरफा मुकाबले में दर्ज की शानदार जीत

    कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार पंच, जादुमनी ने एकतरफा मुकाबले में दर्ज की शानदार जीत


    नई दिल्ली। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग दल ने शानदार आगाज किया है। पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में भारत के युवा मुक्केबाज जादुमनी सिंह मंडेन्गबाम ने अपने पहले ही मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान स्कॉटलैंड के एरन कलन को 5-0 से करारी शिकस्त दी। इस प्रभावशाली जीत के साथ जादुमनी ने राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली और पदक की ओर एक मजबूत कदम बढ़ा दिया।

    एसईसी हॉल में खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही जादुमनी पूरी तरह लय में नजर आए। उन्होंने तेज रफ्तार, सटीक पंच और मजबूत डिफेंस का शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। पहले राउंड से लेकर आखिरी राउंड तक भारतीय मुक्केबाज का दबदबा साफ दिखाई दिया। घरेलू दर्शकों के जोरदार समर्थन के बावजूद स्कॉटलैंड के एरन कलन भारतीय खिलाड़ी की आक्रामक रणनीति के सामने बेबस नजर आए।

    मुकाबले के दौरान जादुमनी ने बेहतरीन फुटवर्क और सटीक काउंटर अटैक का प्रदर्शन किया। उनके लगातार सटीक पंचों ने विपक्षी खिलाड़ी को पूरे मुकाबले में दबाव में रखा। यही वजह रही कि पांचों जजों ने एकमत से जादुमनी को विजेता घोषित किया। सभी जजों ने प्रत्येक राउंड में भारतीय बॉक्सर के पक्ष में 30-27 का समान स्कोर दिया, जिससे उनकी एकतरफा जीत की तस्वीर साफ हो गई।

    इस शानदार जीत के बाद अब जादुमनी का अगला मुकाबला 26 जुलाई को पाकिस्तान के मुक्केबाज रहमान से होगा। दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच होने वाला यह मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है। यदि जादुमनी इस चुनौती को भी पार कर लेते हैं तो वह क्वार्टर फाइनल में पहुंच जाएंगे और पदक की उम्मीदें और मजबूत हो जाएंगी। भारतीय दल को उनसे इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम इस बार अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी है। हालांकि इस संस्करण में बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, शूटिंग और कुश्ती जैसे कई प्रमुख खेल शामिल नहीं किए गए हैं, जिनमें भारत पारंपरिक रूप से मजबूत रहा है। ऐसे में बॉक्सिंग से भारतीय दल को बड़ी उम्मीदें हैं।

    इससे पहले भारत की स्टार मुक्केबाज और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन बिना मुकाबला खेले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। पहले दौर में बाय मिलने के कारण उनका कांस्य पदक पहले ही सुनिश्चित हो गया है। अब वह 31 जुलाई को अपना पहला मुकाबला खेलेंगी। यदि लवलीना जीत दर्ज करती हैं तो उनका कम से कम रजत पदक पक्का हो जाएगा।

    जादुमनी की दमदार शुरुआत ने भारतीय बॉक्सिंग टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें उनके अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज कर वह पदक की दौड़ में खुद को और मजबूती से स्थापित करना चाहेंगे।

  • भारत का डबल धमाका! पहले ओमान फिर पाकिस्तान को हराया, पुरुष टीम का शानदार प्रदर्शन जारी

    भारत का डबल धमाका! पहले ओमान फिर पाकिस्तान को हराया, पुरुष टीम का शानदार प्रदर्शन जारी


    नई दिल्ली। मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय सब जूनियर पुरुष टीम ने अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भारतीय खिलाड़ियों ने पहले मेजबान ओमान को 10-1 के बड़े अंतर से मात दी और इसके बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-3 से हराकर टूर्नामेंट में अपना दबदबा साबित कर दिया। लगातार दो प्रभावशाली जीत के साथ भारतीय टीम ने यह संकेत दे दिया है कि वह खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल है। हालांकि महिला टीम को चीन के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

    पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले हाफ में ही भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी। रोमित पाल ने आठवें मिनट में पहला गोल दागकर टीम का खाता खोला। इसके बाद करण गौतम और कप्तान केतन कुशवाहा ने लगातार गोल कर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया। भारतीय खिलाड़ियों की तेज रफ्तार और सटीक आक्रमण के सामने पाकिस्तानी टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई।

    दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। प्रहलाद राजभर ने चौथा गोल कर बढ़त को और मजबूत किया। पाकिस्तान ने मोहम्मद उस्मान के दो गोल और कप्तान अदील के एक गोल के दम पर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें ज्यादा मौका नहीं दिया। शाहरुख अली, राहुल यादव और कप्तान केतन कुशवाहा ने लगातार गोल दागकर भारत की 7-3 की शानदार जीत सुनिश्चित कर दी।

    इससे पहले मेजबान ओमान के खिलाफ भी भारतीय खिलाड़ियों ने एकतरफा प्रदर्शन किया। पहले हाफ में ही भारत ने 6-0 की बढ़त हासिल कर मुकाबले का रुख तय कर दिया था। शाहरुख अली और कप्तान केतन कुशवाहा ने दो-दो गोल किए, जबकि करण गौतम और प्रहलाद राजभर ने भी गोल कर टीम की बढ़त मजबूत की। ओमान की ओर से एकमात्र गोल खजराज सुबैत सुबैत अल मशराफी ने किया, लेकिन इससे मैच के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा और भारत ने 10-1 से बड़ी जीत दर्ज की।

    दूसरी ओर भारतीय सब जूनियर महिला टीम को चीन के खिलाफ 3-6 से हार झेलनी पड़ी। भारत ने शानदार शुरुआत करते हुए शुरुआती बढ़त बनाई। संदीप कुमार ने पहला गोल किया, जबकि किरण एक्का ने लगातार दो गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि चीन ने शानदार वापसी करते हुए हाफ टाइम तक मुकाबला 3-3 से बराबर कर लिया।

    दूसरे हाफ में चीनी टीम ने अपनी आक्रामकता और बढ़ा दी। गुओ जियाक्सिन ने हैट्रिक पूरी की, जबकि लू टोंगटोंग ने दूसरा गोल कर चीन की जीत पर मुहर लगा दी। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन वापसी नहीं कर सकी।

    यह टूर्नामेंट पहली बार आयोजित होने वाले एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए एशियाई क्वालीफायर भी है। ऐसे में भारतीय पुरुष टीम की लगातार दो जीत उसके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देने के साथ विश्व कप क्वालीफिकेशन की राह भी मजबूत कर रही है।

  • IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!

    IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी और उसकी कोशिश होगी कि जीत हासिल कर सीरीज पर कब्जा जमा लिया जाए। दूसरी ओर जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा। यदि मेजबान टीम को सीरीज में बने रहना है तो उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

    पहले मुकाबले में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़ते हुए साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर भी बेखौफ अंदाज में खेलने का माद्दा रखते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी थी। दूसरे मुकाबले में भी उनसे इसी तरह की धमाकेदार शुरुआत की उम्मीद रहेगी। यदि उनका बल्ला फिर चला तो भारतीय टीम को बड़ी बढ़त मिल सकती है।

    विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी शानदार लय में दिखाई दे रहे हैं। पहले मैच में उन्होंने तेज गति से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद ईशान अब लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी जगह और मजबूत करना चाहेंगे। उनकी तेज शुरुआत विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    गेंदबाजी विभाग में सबसे बड़ी उम्मीद तेज गेंदबाज मयंक यादव से होगी। चोट से वापसी के बाद उन्होंने पहले ही मुकाबले में अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यदि मयंक इसी लय में गेंदबाजी करते हैं तो जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा।

    हालांकि भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा से सतर्क रहना होगा। रजा बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। इस साल टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और घरेलू परिस्थितियों का उन्हें पूरा फायदा मिलता है। यदि वह लंबी पारी खेलने में सफल रहे तो भारत के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

    तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी भी जिम्बाब्वे के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में शामिल हैं। पहले मुकाबले में उन्होंने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था और दो अहम विकेट भी अपने नाम किए थे। उनकी अतिरिक्त उछाल और स्विंग भारतीय शीर्ष क्रम की परीक्षा ले सकती है।

    कुल मिलाकर दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के पास सीरीज जीतने का शानदार मौका है, लेकिन जिम्बाब्वे भी वापसी के लिए पूरा दम लगाएगा। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, मयंक यादव, सिकंदर रजा और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे खिलाड़ी इस मुकाबले के सबसे बड़े गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।

  • ई रिक्शा चलाने वाले बिहार के लाल ने रचा इतिहास कॉमनवेल्थ गेम्स में झंडू कुमार ने दिलाया भारत को पहला मेडल

    ई रिक्शा चलाने वाले बिहार के लाल ने रचा इतिहास कॉमनवेल्थ गेम्स में झंडू कुमार ने दिलाया भारत को पहला मेडल


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पहला पदक जीत लिया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने हासिल की जिन्होंने पुरुषों की हेवीवेट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूरे देश को गर्व का अवसर दिया। ग्लासगो में आयोजित इस मुकाबले में झंडू कुमार ने अपने दमदार प्रदर्शन से साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां कभी भी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकतीं। उनका यह पदक केवल भारत के लिए पहला मेडल नहीं बल्कि संघर्ष और मेहनत की जीत का प्रतीक भी बन गया।

    झंडू कुमार की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता है। कभी ई रिक्शा चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाले झंडू के पिता सड़क किनारे सब्जियां बेचकर घर चलाते थे। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया। लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा ऊंचा कर दिखाया।

    29 वर्षीय झंडू कुमार ने प्रतियोगिता की शुरुआत पूरे आत्मविश्वास के साथ की। दूसरे प्रयास में उन्होंने 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और खुद को पदक की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। यह वजन उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से थोड़ा कम जरूर था लेकिन प्रतियोगिता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने अंतिम प्रयास में 196 किलोग्राम वजन उठाकर बड़ा रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की लेकिन मामूली अंतर से सफल नहीं हो सके। हालांकि उनका पहले का प्रदर्शन उन्हें पदक दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

    मुकाबले में आखिरी क्षण तक रोमांच बना रहा। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने अंतिम प्रयास में 212 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की लेकिन वह इसमें असफल रहे। इसी के साथ झंडू कुमार का ब्रॉन्ज मेडल पूरी तरह पक्का हो गया। इस रोमांचक नतीजे के बाद भारतीय दल और दर्शकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

    प्रतियोगिता में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 208 किलोग्राम की सफल लिफ्ट के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम की सफल लिफ्ट और 130.9 अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए भारत की झोली में पहला पदक डाल दिया।

    इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दिन की शुरुआत भारत के लिए निराशाजनक रही थी। पुरुषों की लाइटवेट स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ी पदक से चूक गया था लेकिन झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे भारतीय दल का मनोबल बढ़ा दिया। उनकी जीत ने यह संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

    झंडू कुमार की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित किया कि सफलता पाने के लिए महंगे संसाधनों से ज्यादा जरूरी मजबूत इरादे और लगातार मेहनत होती है। बिहार के एक साधारण परिवार से निकलकर कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच पर देश के लिए पदक जीतना उनके संघर्ष और समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण है। अब पूरे देश को उम्मीद है कि इस पहले पदक के बाद भारतीय खिलाड़ी आने वाले मुकाबलों में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की संख्या लगातार बढ़ाएंगे।

  • हरारे में फिर होगा वैभव का धमाका टीम इंडिया की नजर सीरीज पर जिम्बाब्वे के लिए करो या मरो का मुकाबला

    हरारे में फिर होगा वैभव का धमाका टीम इंडिया की नजर सीरीज पर जिम्बाब्वे के लिए करो या मरो का मुकाबला


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा जहां टीम इंडिया की नजरें जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने सात विकेट से जीत दर्ज की थी और अब उसके पास अजेय बढ़त हासिल करने का सुनहरा मौका है। दूसरी ओर मेजबान जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा क्योंकि हार के साथ सीरीज भी हाथ से निकल जाएगी। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को एक बार फिर रोमांच से भरपूर मुकाबले की उम्मीद है।

    पहले मैच के सबसे बड़े हीरो युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे जिन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया। महज 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का दमदार परिचय दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया था। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वैभव दूसरे मुकाबले में भी उसी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर कहर बरपा पाएंगे। अगर उनका बल्ला एक बार फिर चल पड़ा तो जिम्बाब्वे की मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।

    टीम इंडिया के लिए सिर्फ वैभव ही नहीं बल्कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी बेहद अहम खिलाड़ी होंगे। टी20 क्रिकेट में उनकी तेज शुरुआत किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती है। यदि अभिषेक और वैभव शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं तो भारत एक बार फिर बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है। मध्यक्रम में मौजूद बल्लेबाज भी अच्छी लय में दिखाई दे रहे हैं जिससे भारतीय बल्लेबाजी पहले से अधिक मजबूत नजर आ रही है।

    गेंदबाजी विभाग में तेज रफ्तार के लिए मशहूर मयंक यादव पर भी सभी की नजरें रहेंगी। पहले मुकाबले में उन्होंने अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था। दो महत्वपूर्ण विकेट लेने के साथ उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था। उनकी 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार विपक्षी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। अगर मयंक एक बार फिर नई गेंद से शुरुआती झटके दिलाते हैं तो भारत की जीत की राह और आसान हो जाएगी।

    भारतीय टीम पहले मुकाबले की तरह बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन दोहराना चाहेगी। कप्तान की कोशिश होगी कि टीम शुरुआती बढ़त का पूरा फायदा उठाए और सीरीज पर कब्जा जमाए। वहीं जिम्बाब्वे अपनी घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाकर वापसी करने की पूरी कोशिश करेगा। मेजबान टीम जानती है कि इस मुकाबले में हार का मतलब सीरीज गंवाना होगा इसलिए वह पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरेगी।

    हरारे में होने वाला यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर भी माना जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर पूरे क्रिकेट जगत की नजरें टिकी होंगी क्योंकि उन्होंने कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज का परिचय दिया है उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है। यदि वह दूसरी बार भी धमाकेदार पारी खेलते हैं तो यह सीरीज उनके करियर का एक और यादगार अध्याय बन सकती है।

  • आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट

    आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दौरान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड के बीच कथित विवाद ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। एक मैच के बाद कैमरों में कैद हुए एक छोटे से दृश्य को लेकर यह दावा किया जाने लगा कि दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों में खटास आ गई है। हालांकि अब पहली बार ट्रेविस हेड ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और उन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि विराट कोहली के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं है और जिस तरह इस पूरे मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया वह वास्तविकता से बिल्कुल अलग था।

    ट्रेविस हेड ने कहा कि मैदान पर होने वाली घटनाएं खेल का सामान्य हिस्सा होती हैं और हर खिलाड़ी उन्हें पेशेवर तरीके से लेता है। उन्होंने कहा कि मैच के बाद हाथ मिलाने को लेकर जो चर्चा शुरू हुई वह बेवजह थी क्योंकि उनके और विराट के बीच किसी तरह का विवाद था ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैचअप जैसी कोई स्थिति कभी बनी ही नहीं क्योंकि दोनों खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव मौजूद नहीं था। उनके अनुसार टूर्नामेंट अपने सामान्य तरीके से आगे बढ़ा और जो कुछ भी हुआ उसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं उसने ट्रेविस हेड को जरूर आहत किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते वह आलोचना और टिप्पणियों के आदी हैं लेकिन जब उनके परिवार को इस विवाद में घसीटा गया तब स्थिति काफी दुखद हो गई। हेड ने बताया कि उनकी पत्नी जेसिका को भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेवजह निशाना बनाया गया।

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि वह और उनकी पत्नी इस तरह की परिस्थितियों को समझते हैं क्योंकि सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाएं कभी कभी होती रहती हैं लेकिन परिवार के बाकी लोग इस माहौल के अभ्यस्त नहीं होते। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना खेल का हिस्सा हो सकती है लेकिन उनके परिवार को ऑनलाइन नफरत का शिकार बनाना किसी भी तरह उचित नहीं कहा जा सकता।

    ट्रेविस हेड ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार अधूरी जानकारी और अनुमान के आधार पर कहानियां बना दी जाती हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने माना कि कुछ दिनों बाद लोग इन बातों को भूल जाते हैं लेकिन उस दौरान परिवार पर पड़ने वाला मानसिक दबाव काफी बड़ा होता है। यही वजह है कि उन्होंने खिलाड़ियों के निजी जीवन और परिवार का सम्मान करने की अपील की।

    हेड के इस बयान के बाद विराट कोहली और उनके बीच विवाद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। उनका कहना है कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है लेकिन उसके आधार पर खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर गलत निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि खेल को खेल की भावना से देखा जाना चाहिए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर बात को सच मानने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। ट्रेविस हेड की यह प्रतिक्रिया न सिर्फ विवाद पर पूर्ण विराम लगाती है बल्कि यह भी याद दिलाती है कि खिलाड़ियों के साथ साथ उनके परिवार की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना भी खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • क्रिकेट में नाम अब पुलिस सेवा में सम्मान बिहार के आकाशदीप और मुकेश कुमार को मिला डीएसपी का पद

    क्रिकेट में नाम अब पुलिस सेवा में सम्मान बिहार के आकाशदीप और मुकेश कुमार को मिला डीएसपी का पद


    नई दिल्ली। बिहार के खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक दिन तब बना जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार को राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में उप पुलिस अधीक्षक यानी डीएसपी पद पर नियुक्त किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह के दौरान दोनों खिलाड़ियों सहित कुल 21 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह नियुक्तियां मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत दी गईं जिसका उद्देश्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानजनक सरकारी सेवा प्रदान कर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।

    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम खिलाड़ियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पहली बार बिहार में किसी खिलाड़ी को डीएसपी जैसे उच्च पद पर नियुक्त किया गया है और इससे युवा खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक एशियन गेम्स कॉमनवेल्थ गेम्स विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर देश और राज्य का गौरव बढ़ाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने खेलों के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 15 सितंबर से पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान अभियान शुरू किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना और राज्य में खेल अधोसंरचना के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।

    सरकार ने यह भी घोषणा की कि पटना के मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास कराया जा रहा है और इसके संचालन की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सौंपी गई है। साथ ही पूरे बिहार में पिछले दो वर्षों के दौरान पांच हजार खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है ताकि गांव स्तर तक खेल सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।

    नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद तेज गेंदबाज आकाशदीप ने इसे अपने जीवन का गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वह रोहतास जिले के एक छोटे से गांव से आते हैं और शुरुआती दिनों में सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट खेलते थे। उस समय खेल को करियर के रूप में ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन अब सरकार की ऐसी योजनाओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने सासाराम में आधुनिक मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की इच्छा भी जताई ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने भी बिहार सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उनके अनुसार बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है बल्कि जरूरत केवल उचित अवसर और बेहतर प्रशिक्षण की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की नई नीति आने वाले वर्षों में राज्य से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बिहार सरकार की यह पहल केवल सरकारी नियुक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह संदेश भी देती है कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और सुरक्षित भविष्य दोनों मिल सकते हैं। इससे राज्य के हजारों युवा खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे और बिहार खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।

  • सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, हरारे में दूसरे टी20 में भारत का पलड़ा फिर दिख रहा भारी

    सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, हरारे में दूसरे टी20 में भारत का पलड़ा फिर दिख रहा भारी

    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला 25 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच सात विकेट से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम अब दूसरा मुकाबला जीतकर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम ने पहले मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन किया था, जिससे टीम प्रबंधन के सामने विजयी संयोजन को बरकरार रखने का विकल्प मजबूत माना जा रहा है।

    पहले मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन किया। शीर्ष क्रम ने टीम को मजबूत शुरुआत दी, जबकि मध्यक्रम ने बिना किसी दबाव के जीत सुनिश्चित कर दी। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तेज अर्धशतक लगाकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया और टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी संयमित नेतृत्व करते हुए खिलाड़ियों का प्रभावी उपयोग किया, जिससे टीम पूरे मैच में नियंत्रण में दिखाई दी।

    गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। नई गेंद से मिले अतिरिक्त उछाल का भारतीय गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। मयंक यादव की रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ ने विपक्षी बल्लेबाजी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अन्य युवा गेंदबाजों ने भी अनुशासित प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत की मजबूत नींव रखी। ऐसे में दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम उसी गेंदबाजी संयोजन के साथ उतर सकती है।

    संभावित प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। पहले मैच में सभी विभागों के संतुलित प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन विजयी संयोजन पर भरोसा जता सकता है। हालांकि अंतिम एकादश को लेकर फैसला मैच से पहले पिच और परिस्थितियों का आकलन करने के बाद लिया जाएगा। यदि कोई बदलाव होता भी है तो वह गेंदबाजी विभाग में सीमित हो सकता है।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों के लिए उपयोगी मानी जाती है। मैच के शुरुआती चरण में नई गेंद को अतिरिक्त उछाल और हल्की मूवमेंट मिल सकती है, जिससे तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना रहती है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजी अपेक्षाकृत आसान होती जाती है। स्पिनरों को यहां बहुत अधिक सहायता मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए तेज गेंदबाज एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इस मैदान पर 170 से 180 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जाता है।

    रिकॉर्ड की बात करें तो हरारे में भारत का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत रहा है। हाल के मुकाबलों में भारतीय टीम ने लगातार प्रभावशाली जीत दर्ज की है और मौजूदा फॉर्म भी उसके पक्ष में दिखाई देता है। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे अपने घरेलू मैदान का लाभ उठाकर सीरीज में वापसी की कोशिश करेगा। मेजबान टीम के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा, क्योंकि हार की स्थिति में वह सीरीज गंवा देगी।

    मौजूदा फॉर्म, टीम संतुलन और पहले मैच के प्रदर्शन को देखते हुए भारत को दूसरे टी20 में भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। यदि भारतीय बल्लेबाज शुरुआती बढ़त बनाए रखते हैं और तेज गेंदबाज नई गेंद का प्रभावी उपयोग करते हैं, तो टीम के पास लगातार दूसरी जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने का सुनहरा अवसर रहेगा।