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  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ग्लासगो में गूंजा 'चीयर 4 भारत', खेल मंत्री मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ग्लासगो में गूंजा 'चीयर 4 भारत', खेल मंत्री मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला


    नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आगाज से पहले स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए ‘चीयर 4 भारत’ अभियान की शानदार शुरुआत हुई। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वहां मौजूद भारतीय समुदाय के साथ साइकिलिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और दुनिया को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

    इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने कहा कि फिटनेस केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ आज वैश्विक स्तर पर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय का आभार जताते हुए कहा कि ‘चीयर 4 भारत’ अभियान के माध्यम से प्रवासी भारतीय एकजुट होकर भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।

    खेल मंत्री ने साइकिलिंग को पर्यावरण संरक्षण और ट्रैफिक जाम की समस्या का प्रभावी समाधान बताते हुए कहा कि यह फिट रहने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वस्थ समाज और विकसित भारत के निर्माण के लिए नियमित व्यायाम और फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

    कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त पेरियासामी कुमारन भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल संस्कृति तेजी से विकसित हुई है। फिट इंडिया मूवमेंट ने लोगों में स्वास्थ्य के प्रति नई जागरूकता पैदा की है और आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय खिलाड़ी इस बार भी कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करेंगे और पदकों की संख्या में बढ़ोतरी करेंगे। साथ ही उन्होंने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर भी उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि भारत उस आयोजन की सफल मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत 124 सदस्यीय दल के साथ हिस्सा ले रहा है। भारतीय खिलाड़ी आठ खेलों और पांच पैरा स्पोर्ट्स स्पर्धाओं में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत पुरुष और महिला लॉन बाउल प्रतियोगिताओं से करेगा। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद के बीच ‘चीयर 4 भारत’ अभियान ने भारतीय दल को वैश्विक मंच पर मजबूत समर्थन और नया उत्साह देने का काम किया है।

  • टीम इंडिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग इंजरी ने छीना स्टार बल्लेबाज

    टीम इंडिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग इंजरी ने छीना स्टार बल्लेबाज


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज शुरू होने से ठीक पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। जिम्बाब्वे के बल्लेबाज मिल्टन शुम्बा हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पूरी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम प्रबंधन ने उनकी जगह अनुभवी बल्लेबाज इनोसेंट काइया को स्क्वॉड में शामिल किया है। शुम्बा की गैरमौजूदगी ऐसे समय में सामने आई है जब जिम्बाब्वे भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा था।

    मिल्टन शुम्बा का मंगलवार को मेडिकल स्कैन कराया गया था। जांच रिपोर्ट में हैमस्ट्रिंग की चोट गंभीर पाई गई जिसके बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर करने का फैसला लिया गया। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में शुम्बा ने जिम्बाब्वे की ओर से सभी मुकाबले खेले थे। साल 2022 के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले शुम्बा से इस सीरीज में भी अहम भूमिका निभाने की उम्मीद थी लेकिन चोट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

    शुम्बा की जगह टीम में शामिल किए गए इनोसेंट काइया के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव है। उन्होंने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2024 में भारत के खिलाफ हरारे में ही खेला था। काइया अब तक जिम्बाब्वे के लिए 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं जिनमें उन्होंने 290 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 104 का रहा है और उनके नाम इस प्रारूप में एक अर्धशतक भी दर्ज है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह शुम्बा की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकेंगे।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा जबकि दूसरा और तीसरा मैच क्रमशः 25 और 26 जुलाई को होगा। तीनों मुकाबलों के लिए दोनों टीमें अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।

    जिम्बाब्वे हाल के समय में अच्छी लय में नजर आया है। टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मुकाबला पारी और 85 रन के बड़े अंतर से जीता था। इसके बाद वनडे सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की। हालांकि टी20 सीरीज में उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। अब टीम भारत के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर मजबूत चुनौती पेश करना चाहेगी।

    दूसरी ओर भारतीय टीम भी हालिया प्रदर्शन के कारण दबाव में है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी भारत 0-4 से गंवा बैठा। ऐसे में भारतीय टीम इस दौरे पर जीत की राह पर लौटने के इरादे से मैदान में उतरेगी जबकि अय्यर बतौर कप्तान अपनी पहली टी20 सीरीज जीत दर्ज करने की कोशिश करेंगे।

    दोनों टीमों के बीच पिछली भिड़ंत टी20 विश्व कप 2026 में हुई थी जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया था। अब घरेलू मैदान पर जिम्बाब्वे उस हार का हिसाब चुकता करने की कोशिश करेगा जबकि भारत अपनी खोई हुई लय वापस पाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

  • रोहित यादव और चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी, भारत अंडर-19 ने श्रीलंका को किया चारों खाने चित

    रोहित यादव और चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी, भारत अंडर-19 ने श्रीलंका को किया चारों खाने चित


    नई दिल्ली । भारत अंडर-19 क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 211 रन की बड़ी जीत दर्ज की। कोलंबो के आर प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल दिखाया। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। पहला मुकाबला ड्रॉ रहने के कारण दूसरा टेस्ट निर्णायक साबित हुआ और भारतीय टीम ने किसी भी मौके पर श्रीलंका को वापसी का अवसर नहीं दिया।

    472 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर मेजबान टीम को दबाव में ला दिया। दिमंथा महाविथाना बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए जबकि अवीशा समश केवल 2 रन ही बना सके। विरन चामुदिथा ने तेज शुरुआत करते हुए 31 रन बनाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। महज 38 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद श्रीलंका मुश्किल में दिखाई देने लगा।

    इसके बाद सेनुजा वेकुनागोडा और कप्तान विमथ दिंसारा ने शानदार संघर्ष करते हुए चौथे विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी की। सेनुजा ने 64 रन की आकर्षक पारी खेली जबकि कप्तान विमथ ने भी 64 रन बनाए। कविजा गमागे ने 36 और सेथमिका सेनेविरात्ने ने 42 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी श्रीलंकाई टीम 260 रन पर सिमट गई।

    भारत की जीत के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज रोहित यादव रहे जिन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। चिगुरुपति वेंकटा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट हासिल किए। दोनों गेंदबाजों ने श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया और विपक्षी टीम को लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंचने दिया।

    इससे पहले भारत ने पहली पारी में 411 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। युवा बल्लेबाज मनाल चौहान ने शानदार 150 रन की यादगार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके अलावा कुशाग्र ओझा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 111 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहली पारी में विशाल बढ़त हासिल की।

    श्रीलंका की पहली पारी केवल 148 रन पर सिमट गई जिससे भारत को 263 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 208 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इस पारी में लक्ष्य राजेश रायचंदानी ने नाबाद 100 रन की शानदार शतकीय पारी खेली जबकि मनाल चौहान ने एक बार फिर अर्धशतक बनाकर अपनी बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया।

    पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हर विभाग में शानदार रहा। बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर बनाए तो गेंदबाजों ने विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। इस प्रभावशाली जीत ने यह भी साबित किया कि भारत की जूनियर टीम में भविष्य के कई सितारे मौजूद हैं जो आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना सकते हैं।

  • वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर

    वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन को ऐतिहासिक खिताब दिलाने वाले कप्तान रोड्री एक बार फिर चोट की वजह से सुर्खियों में हैं। शानदार नेतृत्व और दमदार प्रदर्शन से स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने वाले इस स्टार मिडफील्डर को अब पीठ की गंभीर चोट के कारण सर्जरी करानी पड़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रोड्री की चोट इतनी गंभीर है कि उन्हें लंबे समय तक फुटबॉल से दूर रहना पड़ सकता है। यह खबर न केवल स्पेनिश फुटबॉल टीम बल्कि उनके क्लब मैनचेस्टर सिटी के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

    विश्व कप 2026 में रोड्री ने स्पेन के मिडफील्ड को मजबूती देते हुए पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी कप्तानी में स्पेन ने खिताब अपने नाम किया और उनके बेहतरीन खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। गोल्डन बॉल जीतकर उन्होंने यह साबित किया कि वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली मिडफील्डरों में शामिल हैं। लेकिन विश्व कप की इस सफलता के कुछ ही समय बाद चोट ने उनके करियर की रफ्तार पर फिर से ब्रेक लगा दिया है।

    रोड्री पिछले कुछ वर्षों से लगातार फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं। सितंबर 2024 में उन्हें लिगामेंट की गंभीर चोट लगी थी जिसके कारण वह लगभग पूरा 2024-25 सीजन नहीं खेल सके थे। इसके बाद हैमस्ट्रिंग और ग्रोइन की परेशानियों ने भी उनकी वापसी को प्रभावित किया। पिछले सीजन में वह सभी प्रतियोगिताओं में केवल 33 मुकाबले खेल पाए जबकि प्रीमियर लीग में भी सिर्फ 17 मैचों की शुरुआती एकादश का हिस्सा बने।

    चोट से वापसी के बाद भी रोड्री अपनी पुरानी लय हासिल नहीं कर सके। मैनचेस्टर सिटी के तत्कालीन कोच पेप गार्डियोला ने भी स्वीकार किया था कि उन्हें पूरी तरह फिट होने से पहले मैदान पर उतार दिया गया था। अब नई पीठ की चोट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं तथा सर्जरी की संभावना ने उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रोड्री की चोट ऐसे समय सामने आई है जब मैनचेस्टर सिटी के साथ उनके अनुबंध की अवधि भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 30 वर्षीय स्टार मिडफील्डर अपने पुराने क्लब रियल मैड्रिड में वापसी करने के इच्छुक हैं। हालांकि उनकी मौजूदा फिटनेस और संभावित सर्जरी इस ट्रांसफर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    रोड्री की अनुपस्थिति को देखते हुए मैनचेस्टर सिटी ने पहले ही अपने मिडफील्ड को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। क्लब ने नॉटिंघम फॉरेस्ट से इलियट एंडरसन को बड़ी रकम खर्च कर टीम में शामिल किया है ताकि रोड्री की गैरमौजूदगी का असर कम किया जा सके। वहीं दूसरी ओर रोड्री के संभावित रियल मैड्रिड जाने की अटकलों के बीच ऑरेलियन चौमेनी और एडुआर्डो कैमाविंगा के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई प्रीमियर लीग क्लब इन खिलाड़ियों पर नजर बनाए हुए हैं।

    अब सभी की निगाहें रोड्री की सर्जरी और उनकी रिकवरी पर टिकी हैं। यदि वह जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर लौटते हैं तो स्पेन और मैनचेस्टर सिटी दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन फिलहाल चोट ने विश्व फुटबॉल के इस स्टार खिलाड़ी के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल जरूर खड़े कर दिए हैं।

  • रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम

    रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम


    नई दिल्ली । वनडे विश्व कप 2027 को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने अपनी पसंदीदा 15 सदस्यीय भारतीय टीम का चयन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मुकुंद की टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है जबकि कुछ बड़े नामों को बाहर रखकर उन्होंने चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सबसे ज्यादा चर्चा तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के बाहर रहने की हो रही है। इसके अलावा युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा और रिंकू सिंह को भी मुकुंद ने अपनी टीम में शामिल नहीं किया।

    ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत के दौरान अभिनव मुकुंद ने अपनी टीम का खुलासा किया। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में शुभमन गिल और रोहित शर्मा को चुना। हाल के समय में रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं लेकिन मुकुंद का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव और नेतृत्व भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यही वजह रही कि उन्होंने रोहित पर भरोसा कायम रखा जबकि यशस्वी जायसवाल को अपनी टीम में जगह नहीं दी।

    मुकुंद ने तीसरे नंबर पर विराट कोहली को रखा है जबकि चौथे स्थान के लिए श्रेयस अय्यर को चुना। मध्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर केएल राहुल और ईशान किशन को शामिल किया है। संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने का फैसला सबसे चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में कई प्रभावशाली पारियां खेली हैं।

    ऑलराउंडर विभाग में मुकुंद ने हार्दिक पांड्या अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर पर भरोसा जताया है। उनका मानना है कि ये तीनों खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान कर सकते हैं। स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी उन्होंने कुलदीप यादव को सौंपी है जो पिछले कुछ समय से लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण में मुकुंद ने जसप्रीत बुमराह को मुख्य हथियार माना है। उनके साथ अनुभवी मोहम्मद सिराज को शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा हर्षित राणा और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार का चयन विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया है और मुकुंद ने उनके प्रदर्शन पर भरोसा दिखाया है।

    मोहम्मद शमी का टीम से बाहर होना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आश्चर्य माना जा रहा है। शमी लंबे समय से भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और बड़े टूर्नामेंटों में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। इसके बावजूद मुकुंद ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा गेंदबाजों को प्राथमिकता दी है।

    हालांकि यह केवल अभिनव मुकुंद की व्यक्तिगत पसंद की टीम है और इसका भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या राष्ट्रीय चयन समिति से कोई संबंध नहीं है। अंतिम टीम का चयन खिलाड़ियों की फॉर्म फिटनेस प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति के आधार पर किया जाएगा। फिर भी मुकुंद की इस टीम ने वनडे विश्व कप 2027 को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज इबादत हुसैन इस महत्वपूर्ण दौरे का हिस्सा नहीं होंगे। पारिवारिक कारणों की वजह से उन्होंने खुद को इस सीरीज से अलग रखने का फैसला किया है। उनकी पत्नी जल्द ही अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं और इसी खास मौके पर परिवार के साथ रहने को प्राथमिकता देते हुए इबादत ने राष्ट्रीय टीम से अस्थायी दूरी बनाई है। ऐसे में बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपने प्रमुख तेज गेंदबाज के बिना मैदान में उतरना पड़ेगा।

    बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 13 अगस्त से डार्विन में होगी जबकि दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से खेला जाएगा। यह सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इबादत हुसैन की गैरमौजूदगी बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर कर सकती है क्योंकि वह नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और विदेशी परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं।

    इधर टीम के एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बेहतर तैयारी के लिए लंका प्रीमियर लीग से अपना नाम वापस ले लिया है। तस्कीन का मानना है कि यदि वह लीग क्रिकेट खेलते तो टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अवसर बार बार नहीं मिलता इसलिए उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बजाय राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दी।

    तस्कीन ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीएल से हटने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है लेकिन देश के लिए खेलने और टेस्ट क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरना टीम के हित में होगा और यही फैसला भविष्य में बेहतर परिणाम देने में मदद करेगा।

    उधर बांग्लादेश टीम की चिंता केवल इबादत हुसैन तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। उनकी चोट का स्कैन कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वह पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास भी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह समय रहते पूरी तरह फिट होकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

    बांग्लादेश की टीम अगले महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी जहां 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के जरिए खिलाड़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश करेंगे। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती होगी और टीम चाहेगी कि उपलब्ध खिलाड़ियों के दम पर मजबूत प्रदर्शन कर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अहम अंक हासिल किए जा सकें।

  • पहले टी20 के लिए आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी, रिंकू सिंह को नहीं मिली जगह, हर्ष दुबे बने सरप्राइज पिक

    पहले टी20 के लिए आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी, रिंकू सिंह को नहीं मिली जगह, हर्ष दुबे बने सरप्राइज पिक


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने अपनी पसंदीदा भारतीय प्लेइंग इलेवन का चयन किया है। उनकी टीम में युवा खिलाड़ियों पर खास भरोसा दिखाई देता है। खास बात यह रही कि उन्होंने ऑलराउंडर हर्ष दुबे को अंतिम एकादश में शामिल किया, जबकि रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों को जगह नहीं दी।

    आकाश चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में टीम का चयन करते हुए सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को सौंपी है। वैभव ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। हालांकि शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन आकाश का मानना है कि जिम्बाब्वे दौरा उनके लिए खुद को साबित करने का अच्छा अवसर हो सकता है।

    तीसरे नंबर पर उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को रखा है। इंग्लैंड के खिलाफ ईशान का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन आकाश को भरोसा है कि वह इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई है। आकाश का मानना है कि अय्यर कप्तानी के साथ साथ बल्लेबाजी में भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।

    मध्यक्रम में उपकप्तान तिलक वर्मा को पांचवें स्थान पर रखा गया है। इसके बाद ऑलराउंडरों के रूप में शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे और हर्ष दुबे को मौका दिया गया है। हर्ष दुबे को टीम में शामिल करना आकाश चोपड़ा की सबसे बड़ी पसंद माना जा रहा है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार इतनी अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है।

    गेंदबाजी विभाग में आकाश ने तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव पर भरोसा जताया है। दोनों अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी रवि बिश्नोई को सौंपी गई है, जिन्हें उन्होंने टीम का इकलौता विशेषज्ञ स्पिनर चुना है।

    आकाश चोपड़ा की इस संभावित प्लेइंग इलेवन में सबसे बड़ा फैसला रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह को बाहर रखना रहा। दोनों खिलाड़ी उनकी अंतिम एकादश में जगह नहीं बना सके। इससे साफ है कि उन्होंने इस मुकाबले के लिए संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंड विकल्पों को प्राथमिकता दी है।

    हालांकि यह केवल आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन है। अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और कप्तान श्रेयस अय्यर मैच की परिस्थितियों और पिच को ध्यान में रखते हुए करेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय टीम पहले मुकाबले में किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरती है।

    आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन:
    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे, मयंक यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई।

  • भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज का रोमांच शुरू, इन पांच खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय कर सकता है मुकाबले का रुख

    भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज का रोमांच शुरू, इन पांच खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय कर सकता है मुकाबले का रुख


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज गुरुवार से होने जा रहा है। इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया अब नई चुनौती के लिए तैयार है। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और उनका लक्ष्य कप्तान के रूप में विजयी शुरुआत करना होगा। सीरीज में कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा, जबकि कुछ अनुभवी चेहरे भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में पांच भारतीय खिलाड़ियों पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहने वाली है।

    सबसे पहले बात करें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले वैभव उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके थे। लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहने के बाद अब उनके पास जिम्बाब्वे के खिलाफ खुद को साबित करने का शानदार अवसर है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वैभव से टीम इंडिया को तेज शुरुआत की उम्मीद होगी।

    सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी इस सीरीज के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है और उन्होंने छह टी20 मुकाबलों में 179 रन बनाए हैं। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम तीन मैचों में उनका बल्ला शांत रहा था। ऐसे में वह इस दौरे पर दमदार वापसी करने के इरादे से उतरेंगे। अभिषेक के पास कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी मौका है।

    कप्तान श्रेयस अय्यर पर भी सभी की नजरें रहेंगी। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी और अब उसी लय को टी20 प्रारूप में भी बरकरार रखना चाहेंगे। अय्यर की सबसे बड़ी ताकत परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करना है। वह जरूरत पड़ने पर पारी को संभाल भी सकते हैं और तेजी से रन भी बना सकते हैं। कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

    तेज गेंदबाज प्रिंस यादव भी इस सीरीज में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपनी रफ्तार और सटीक यॉर्कर से प्रभावित किया था, हालांकि विकेट उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिले। जिम्बाब्वे के खिलाफ वह नई गेंद और डेथ ओवरों दोनों में टीम के लिए प्रभावी साबित हो सकते हैं। उनकी गति विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

    वहीं तेज गेंदबाज मयंक यादव की वापसी भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए उत्साह का विषय है। अपनी तेज रफ्तार के कारण आईपीएल में सुर्खियां बटोर चुके मयंक लंबे समय तक चोट से जूझते रहे हैं। अनुभवी गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की संभावना है। यदि वह अपनी पुरानी लय में दिखाई देते हैं तो भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को नई धार मिल सकती है।

    युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के इस संतुलित संयोजन के साथ टीम इंडिया जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। अब देखना होगा कि इन पांच खिलाड़ियों में कौन अपने प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ता है और भारत को सीरीज में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।

  • टी20 क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने की दहलीज पर अभिषेक शर्मा, 16 रन बनाते ही बनेंगे भारत के चौथे बल्लेबाज

    टी20 क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने की दहलीज पर अभिषेक शर्मा, 16 रन बनाते ही बनेंगे भारत के चौथे बल्लेबाज


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज गुरुवार से होने जा रहा है। इस मुकाबले में टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करने का सुनहरा अवसर होगा। अगर वह पहले मुकाबले में सिर्फ 16 रन बना लेते हैं तो टी20 क्रिकेट में अपने छह हजार रन पूरे कर लेंगे और इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के चौथे बल्लेबाज बन जाएंगे।

    अभिषेक शर्मा ने अब तक टी20 क्रिकेट की 199 पारियों में 5984 रन बनाए हैं। उन्हें छह हजार रन का आंकड़ा छूने के लिए केवल 16 रन की जरूरत है। यह उपलब्धि हासिल करते ही वह विराट कोहली, केएल राहुल और शुभमन गिल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो जाएंगे। भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि अभिषेक ने बेहद कम समय में खुद को टी20 प्रारूप के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया है।

    भारत की ओर से टी20 क्रिकेट में सबसे तेज छह हजार रन बनाने का रिकॉर्ड केएल राहुल के नाम है। उन्होंने यह उपलब्धि 166 पारियों में हासिल की थी। विराट कोहली ने 184 पारियों में यह मुकाम छुआ, जबकि शुभमन गिल ने 185 पारियों में छह हजार रन पूरे किए। अब अभिषेक शर्मा भी इस खास क्लब में शामिल होने से महज एक छोटी पारी दूर हैं।

    अभिषेक के पास इस सीरीज में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है। यदि वह तीन मैचों की इस श्रृंखला में 142 रन बनाने में सफल रहते हैं तो भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शिखर धवन को पीछे छोड़ देंगे। फिलहाल अभिषेक के नाम 53 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1618 रन दर्ज हैं, जबकि शिखर धवन ने 68 मुकाबलों में 1759 रन बनाए थे।

    इतना ही नहीं, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 मुकाबलों में भी अभिषेक इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। उन्होंने इस टीम के खिलाफ अब तक छह मैचों में 179 रन बनाए हैं और वह इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा हैं, जिन्होंने 11 मैचों में 194 रन बनाए हैं। ऐसे में अभिषेक यदि पहले मुकाबले में 16 रन बना लेते हैं तो वह भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 मुकाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    हालांकि हालिया इंग्लैंड दौरे पर खेले गए आखिरी तीन टी20 मुकाबलों में अभिषेक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए शानदार वापसी का अवसर भी मानी जा रही है। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ उनका रिकॉर्ड भी शानदार रहा है और टीम इंडिया को उनसे एक बार फिर आक्रामक शुरुआत की उम्मीद होगी।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें पहले टी20 मुकाबले पर टिकी हैं, जहां अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकले सिर्फ 16 रन उन्हें भारतीय टी20 क्रिकेट के एक खास रिकॉर्ड क्लब में जगह दिला सकते हैं।

  • ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, टॉप-5 में भारत के तीन बल्लेबाज बरकरार

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज के बाद जारी ताजा ICC ODI बल्लेबाजी रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा कायम है। कप्तान शुभमन गिल नंबर-1 बल्लेबाज बनने से सिर्फ एक रेटिंग अंक दूर हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा टॉप-5 में बने हुए हैं।

    बल्लेबाजी रैंकिंग: मुख्य बातें
    शुभमन गिल: इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 188 रन बनाने के बाद गिल के खाते में 801 रेटिंग अंक हो गए हैं। वह शीर्ष पर मौजूद न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल (802 अंक) से सिर्फ एक अंक पीछे हैं।

    विराट कोहली: 767 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    रोहित शर्मा: 758 अंकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज हैं।

    श्रेयस अय्यर: दो स्थान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    इंग्लैंड के खिलाड़ियों को फायदा

    जो रूट: भारत के खिलाफ सीरीज में 249 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुने गए जो रूट ने चार स्थान की छलांग लगाई है और अब आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं।

    बेन डकेट: 11 पायदान चढ़कर संयुक्त रूप से 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    जैकब बेथेल: पांच स्थान के सुधार के साथ 64वें नंबर पर आ गए हैं।

    गेंदबाजी रैंकिंग का हाल
    कुलदीप यादव: भारत के स्टार स्पिनर को नुकसान हुआ है और वह टॉप-10 से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गए हैं।

    राशिद खान: अफगानिस्तान के राशिद खान गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं।

    जोफ्रा आर्चर: भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में 5 विकेट लेने के बाद इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के अबरार अहमद उनसे ऊपर दूसरे स्थान पर हैं।