Category: Sports

  • लपीएल के छठे सीजन के आगाज से पहले क्रिकेट जगत में मची खलबली, खेल भ्रष्टाचार मामले में विशेष जांच इकाई की बड़ी कार्रवाई

    लपीएल के छठे सीजन के आगाज से पहले क्रिकेट जगत में मची खलबली, खेल भ्रष्टाचार मामले में विशेष जांच इकाई की बड़ी कार्रवाई

    नई दिल्ली । लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) 2026 के छठे सीजन के आधिकारिक आगाज से ठीक पहले क्रिकेट जगत को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रतियोगिता की वर्तमान चैंपियन टीम जाफना किंग्स के सह-मालिक को कथित मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों के तहत पुलिस विभाग द्वारा हिरासत में लिया गया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई को खेल संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए गठित विशेष जांच इकाई ने अंजाम दिया है। इस बड़ी गिरफ्तारी के कारण टी20 लीग की शुचिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसने उद्घाटन समारोह के ठीक पहले पूरे टूर्नामेंट के परिदृश्य को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।

    श्रीलंका पुलिस विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, जाफना किंग्स फ्रेंचाइजी के प्रबंधकीय ढांचे से जुड़े एक प्रमुख साझीदार को खेलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। विशेष जांच दल इस वित्तीय और प्रशासनिक हेराफेरी के नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस मामले के तार अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी और खेल को अवैध रूप से प्रभावित करने वाले बड़े सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस जांच के दायरे में कुछ अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और संदिग्धों के आने की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है, जिससे इस रैकेट का पूर्ण भंडाफोड़ हो सके।

    यह संपूर्ण विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब टूर्नामेंट का पहला उद्घाटन मुकाबला कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर खेला जाना निर्धारित था। यह मैच पूर्व चैंपियन जाफना किंग्स और गॉल गैलेंट्स के बीच खेला जाना था, जो पिछले सीजन के फाइनल मुकाबले का पुनरावृत्ति भी है। आयोजकों और स्थानीय क्रिकेट बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस प्रशासनिक विवाद और पुलिस कार्रवाई के बावजूद पूर्व निर्धारित खेल कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और सभी मैच योजना के अनुसार ही आयोजित होंगे। हालांकि, मैदान के बाहर हुई इस कानूनी कार्रवाई ने खेल प्रेमियों और प्रायोजकों के बीच एक अनिश्चितता का माहौल अवश्य निर्मित कर दिया है।

    उल्लेखनीय है कि खेल अपराधों और भ्रष्टाचार को रोकने के मामले में श्रीलंका के पास वैश्विक स्तर पर सबसे कठोर और सख्त कानूनी ढांचा मौजूद है। देश में खेल से संबंधित अपराधों की रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग और किसी भी प्रकार की अनैतिक हेराफेरी को एक गैर-जमानती और गंभीर श्रेणी के अपराध के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यदि आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो दोषियों के लिए भारी आर्थिक दंड के साथ-साथ दीर्घकालिक कारावास की सजा का स्पष्ट प्रावधान है। इस सख्त कानून के कारण ही विशेष जांच इकाई को इस स्तर पर त्वरित कार्रवाई करने के अधिकार प्राप्त हुए हैं।

    इस अभूतपूर्व घटनाक्रम ने न केवल लंका प्रीमियर लीग बल्कि संपूर्ण टी20 फ्रेंचाइजी क्रिकेट की साख को एक बड़ा झटका दिया है। जिस वैश्विक प्रतियोगिता की शुरुआत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उच्च स्तरीय खेल प्रतिस्पर्धा के रूप में होनी चाहिए थी, वह अब कानूनी और आपराधिक जांच के घेरे में आ चुकी है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मामले में ठोस साक्ष्य सामने आते हैं और आरोप सही साबित होते हैं, तो यह वैश्विक मंच पर लीग की विश्वसनीयता, ब्रांड वैल्यू और भविष्य के निवेश को दीर्घकालिक रूप से प्रभावित कर सकता है। फिलहाल देश की सर्वोच्च खेल जांच एजेंसी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है।

  • रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर सामने आ रही अटकलों के बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विराट कोहली को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में किसी भी खिलाड़ी की जगह केवल उसकी लोकप्रियता या पिछले रिकॉर्ड के आधार पर सुरक्षित नहीं रह सकती। टीम में बने रहने के लिए लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम के भविष्य और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन आने वाले वर्षों के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी कई तरह की अटकलें सामने आई हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार चर्चा जारी है।

    इसी पृष्ठभूमि में रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में हैं और उनकी बल्लेबाजी पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रही है। उन्होंने माना कि कोहली का अनुभव और निरंतरता भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी को अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना ही होगा। यदि प्रदर्शन में लंबी गिरावट आती है तो परिस्थितियां किसी के लिए भी बदल सकती हैं।

    विराट कोहली का हालिया वनडे रिकॉर्ड भी उनकी बेहतरीन लय की पुष्टि करता है। इस वर्ष खेले गए मुकाबलों में उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही संतुलित और प्रभावशाली रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा है। अश्विन का भी मानना है कि यदि कोहली इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

    अश्विन ने केवल प्रदर्शन की बात ही नहीं की, बल्कि चयन प्रक्रिया को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करना चयनकर्ताओं का अधिकार है, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक देश के लिए योगदान दिया है, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि किसी वरिष्ठ खिलाड़ी को भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं किया जा रहा है तो उसे स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनिश्चितता या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

    भारतीय क्रिकेट फिलहाल बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव भी टीम के लिए अमूल्य है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती पहले से अधिक बड़ी हो गई है। टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं और वर्तमान प्रदर्शन के बीच उचित तालमेल स्थापित करना होगा।

    रविचंद्रन अश्विन का यह बयान केवल विराट कोहली तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय क्रिकेट में बदलती चयन प्रक्रिया और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत भी समझा जा रहा है। आने वाले महीनों में टीम चयन से जुड़े फैसले यह तय करेंगे कि भारत 2027 विश्व कप की दिशा में किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और अनुभवी खिलाड़ियों तथा नई प्रतिभाओं के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित किया जाता है।

  • आखिरी मैच में शतक लगा दो यार…', रोहित शर्मा के संभावित संन्यास पर भावुक हुए आकाश चोपड़ा, लॉर्ड्स में यादगार विदाई की जताई उम्मीद

    आखिरी मैच में शतक लगा दो यार…', रोहित शर्मा के संभावित संन्यास पर भावुक हुए आकाश चोपड़ा, लॉर्ड्स में यादगार विदाई की जताई उम्मीद

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के संभावित वनडे संन्यास को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे श्रृंखला के बीच यह अटकलें सामने आई हैं कि तीसरे मुकाबले के बाद रोहित इस प्रारूप को भी अलविदा कह सकते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने रोहित शर्मा को लेकर भावुक टिप्पणी की है।

    आकाश चोपड़ा ने कहा कि यदि इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला वास्तव में रोहित शर्मा के वनडे करियर का अंतिम मैच साबित होता है, तो वह चाहेंगे कि भारतीय बल्लेबाज अपने करियर का समापन एक यादगार पारी के साथ करें। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि रोहित को अपने अंतिम मुकाबले में शतक बनाकर उसी अंदाज में विदाई लेनी चाहिए, जिस अंदाज में उन्होंने वर्षों तक वनडे क्रिकेट पर अपनी छाप छोड़ी है।

    पूर्व क्रिकेटर ने हाल के मैचों में रोहित शर्मा की बल्लेबाजी शैली में आए बदलाव की भी चर्चा की। उनके अनुसार पहले रोहित पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाते थे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ हालिया मुकाबलों में उनका दृष्टिकोण अलग दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे वनडे में रोहित ने अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी की और यह उनकी सामान्य शैली से अलग नजर आया।

    आकाश चोपड़ा का मानना है कि कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा के खेल में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले रोहित शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब वह अधिक संयमित बल्लेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार यह बदलाव चर्चा का विषय है और क्रिकेट प्रेमियों ने भी इसे महसूस किया है।

    उन्होंने चयन प्रक्रिया पर भी अपनी राय रखी। आकाश चोपड़ा का कहना था कि यदि टीम प्रबंधन भविष्य की योजना बना रहा है, तब भी अनुभवी खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार अगले बड़े वैश्विक टूर्नामेंट में अभी समय बाकी है और ऐसे में रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी को कुछ और मौके दिए जाने पर भी विचार किया जा सकता था। उनका मानना है कि अनुभव और निरंतर प्रदर्शन किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में यदि वह वनडे क्रिकेट से भी विदाई लेते हैं तो भारतीय क्रिकेट का एक सफल अध्याय समाप्त होगा। अपने लंबे करियर में रोहित ने कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अनेक रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

    फिलहाल सभी की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर टिकी हैं। यदि संन्यास की चर्चाएं सही साबित होती हैं तो क्रिकेट प्रेमी रोहित शर्मा को एक यादगार पारी खेलते हुए देखना चाहेंगे। वहीं यदि ऐसा नहीं होता है, तो भी उनके भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार रहेगा। क्रिकेट जगत में आकाश चोपड़ा की भावुक प्रतिक्रिया ने इन चर्चाओं को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।

  • रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की बल्लेबाजी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। शुरुआती दो मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बाद उनके प्रदर्शन और भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया है। उनका कहना है कि रोहित जैसे अनुभवी और सफल खिलाड़ी पर किसी भी तरह का दबाव होने की बात सही नहीं है और कुछ मैचों के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन करना उचित नहीं होगा।

    कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सितांशु कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा विश्व क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने माना कि पिछले दो मैचों में रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन इससे उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। कोटक के अनुसार, दूसरे वनडे में भी रोहित अच्छी लय में दिखाई दे रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन एक गलती के कारण उन्हें अपना विकेट गंवाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन इस स्थिति को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं कर रहा है।

    इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों का सामना करते हुए 26 रन बनाए। वह शुरुआत में संभलकर खेलते नजर आए, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। मौजूदा वर्ष में वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। उन्होंने इस साल खेले गए आठ मुकाबलों में 241 रन बनाए हैं, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल है। यही कारण है कि उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

    रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि भारतीय टीम के चयनकर्ता अब वनडे टीम के लिए लंबी अवधि की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी क्रम में यह भी दावा किया गया है कि युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई घोषणा नहीं की गई है और टीम प्रबंधन की ओर से भी कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    चयन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। घरेलू और सीमित अवसरों में प्रभावशाली प्रदर्शन के बावजूद उन्हें वनडे टीम में नियमित मौका नहीं मिल पाया है। माना जा रहा है कि भविष्य की टीम तैयार करने की रणनीति के तहत चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय चयन समिति और टीम प्रबंधन की रणनीति पर ही निर्भर करेगा।

    फिलहाल भारतीय टीम की पूरी प्राथमिकता इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने पर है। ऐसे में टीम प्रबंधन का मानना है कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी का अनुभव और नेतृत्व अभी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण है। आगामी मुकाबलों में सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि रोहित अपनी फॉर्म में वापसी कर आलोचनाओं का जवाब बल्ले से देते हैं या नहीं। साथ ही चयन और भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी आने वाले दिनों में स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

  • विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 66 गेंदों में 65 रन बनाए। उनकी इस पारी में आठ चौके शामिल रहे। हालांकि वह शतक तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उनकी यह अर्धशतकीय पारी कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए पर्याप्त साबित हुई। लंबे समय बाद लय में दिखे कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत है।

    कार्डिफ का मैदान विराट कोहली के लिए पहले भी खास रहा है और इस बार भी उन्होंने यहां यादगार प्रदर्शन किया। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने इस मामले में राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड में वर्ष 2011 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे कोहली अब तीनों प्रारूपों को मिलाकर यहां सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं।

    इस मुकाबले में बनाया गया अर्धशतक इंग्लैंड में विराट कोहली का 19वां अर्धशतक रहा। इसके साथ ही वह इंग्लैंड में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ दिया। कोहली के नाम इंग्लैंड में अब तीन शतक और 19 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाते हैं।

    मैच के दौरान विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारत के लिए 8000 से अधिक रनों की साझेदारी पूरी कर ली। इस उपलब्धि के साथ रोहित और विराट की जोड़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल साझेदारियों में शामिल हो गई। उन्होंने इस मामले में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की प्रसिद्ध जोड़ी को पीछे छोड़ते हुए नया स्थान हासिल किया।

    विराट कोहली का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके थे। पहले वनडे में वह केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कार्डिफ में खेली गई यह संयमित और जिम्मेदार पारी उन सभी सवालों का जवाब मानी जा रही है। उन्होंने शुरुआत में धैर्य दिखाया और बाद में मौके मिलने पर आकर्षक स्ट्रोक्स भी लगाए।

    वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का रिकॉर्ड पहले से ही बेहद शानदार रहा है। वह इस प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। कार्डिफ में खेली गई यह पारी उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई, जिसने साबित किया कि बड़े मुकाबलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के लिए कितना अहम है। भारतीय टीम को भी इस प्रदर्शन से आगे की श्रृंखला के लिए आत्मविश्वास मिला है और उम्मीद रहेगी कि विराट आगामी मुकाबलों में भी इसी तरह की निरंतरता बनाए रखेंगे।

  • स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी रण से पहले वायरल हुई 'टाइम ट्रैवलर' की पोस्ट, क्या सच होगी अर्जेंटीना की खिताबी जीत का दावा

    स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी रण से पहले वायरल हुई 'टाइम ट्रैवलर' की पोस्ट, क्या सच होगी अर्जेंटीना की खिताबी जीत का दावा

    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के सबसे बड़े महाकुंभ, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर पूरी दुनिया में रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। खिताबी भिड़ंत स्पेन और डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के बीच होनी तय हुई है। इस महामुकाबले से पहले एक अविश्वसनीय और हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने खेल प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स के होश उड़ा दिए हैं। इंटरनेट पर करीब पांच साल पुराना एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इस बात की सटीक भविष्यवाणी की गई थी कि साल 2026 के विश्व कप फाइनल में कौन सी टीमें पहुंचेंगी और कौन ट्रॉफी उठाएगा।

    इस पूरे कौतूहल की शुरुआत ‘actuallyimthe’ नामक एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से हुई है। इस अकाउंट द्वारा 12 जुलाई 2021 को एक पोस्ट साझा की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि साल 2026 के वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना की टीम स्पेन को 3-2 के कड़े अंतर से हराकर विश्व विजेता बनेगी। जैसे ही दोनों टीमों ने मौजूदा टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया, यह पांच साल पुरानी पोस्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जंगल में आग की तरह फैल गई। फुटबॉल प्रशंसक इस पोस्ट को देखकर पूरी तरह अचंभित हैं और कई लोग इस अकाउंट संचालक को मजाकिया लहजे में ‘टाइम ट्रैवलर’ की संज्ञा दे रहे हैं।

    सांख्यिकीय और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो स्पेन और अर्जेंटीना का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 14 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस कड़े मुक़ाबले में दोनों ही टीमों का पलड़ा हमेशा बराबरी पर रहा है, जहां दोनों देशों ने 6-6 बार जीत का स्वाद चखा है, जबकि 2 मैच बराबरी यानी ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। इतने लंबे इतिहास के बावजूद फीफा विश्व कप के मुख्य मंच पर दोनों टीमें केवल एक ही बार, साल 1966 के विश्व कप ग्रुप स्टेज में आमने-सामने आई थीं, जहां अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से पराजित किया था। मैदान पर कड़ी प्रतिद्वंद्विता के बाद भी दोनों टीमों के बीच हमेशा गहरा सम्मान देखा जाता है।

    वायरल हो रही इस ऐतिहासिक भविष्यवाणी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधा हिस्सा पूरी तरह सच साबित हो चुका है, जिसने दोनों टीमों को फाइनल के मुहाने पर ला खड़ा किया है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को 2-0 के एकतरफा अंतर से मात देकर बेहद शान से फाइनल का टिकट कटाया था। मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते के मार्गदर्शन में स्पेनिश टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने सिग्नेचर पासिंग गेम, आक्रामक रणनीति और अभेद्य डिफेंस के दम पर अब तक पूरी तरह अजेय और बेहद खतरनाक नजर आई है।

    दूसरी तरफ, दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने भी चमत्कारी प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के शुरुआती मिनटों में ही एक गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। कप्तान लियोनेल मेसी के दो जादुई असिस्ट और स्टार स्ट्राइकर लाउतारो मार्टिनेज के निर्णायक विनिंग गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से धूल चटाकर फाइनल में प्रवेश किया। इस रविवार को होने वाले महामुकाबले में अर्जेंटीना के पास इस 5 साल पुरानी भविष्यवाणी को सच साबित करने का सुनहरा मौका होगा। यदि अर्जेंटीना यह फाइनल मुकाबला जीतने में सफल रहती है, तो वह लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम कर इतिहास रच देगी। पुरुष फुटबॉल के इतिहास में साल 1962 में ब्राजील के बाद से आज तक कोई भी टीम अपने विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव नहीं कर पाई है।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद भी कायम है 'कैप्टन कूल' का जादू, इंग्लैंड दौरे पर दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने पूर्व कप्तान एमएस धोनी

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद भी कायम है 'कैप्टन कूल' का जादू, इंग्लैंड दौरे पर दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने पूर्व कप्तान एमएस धोनी

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विश्व प्रसिद्ध क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर अपने सहज और सादगी भरे व्यवहार को लेकर देश-विदेश के प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान पूर्व कप्तान स्टैंड्स में बैठकर मैच का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। इस मैच की लाइव कवरेज के दौरान एक नन्हे प्रशंसक के साथ उनका एक बेहद आत्मीय और भावनात्मक पल कैमरे में कैद हो गया, जो अब विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी बनाने के कई वर्षों बाद भी उनकी यह लोकप्रियता खेल जगत में उनके ऊंचे कद को बयां करती है।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, मुकाबले के दौरान जैसे ही ब्रॉडकास्टिंग कैमरों का रुख स्टैंड्स में बैठे महेंद्र सिंह धोनी की तरफ हुआ, पूरे एजबेस्टन स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर और तालियां बजाकर अपने चहेते खिलाड़ी का जोरदार स्वागत किया। इसी बीच धोनी के ठीक पास बैठे एक छोटे बच्चे ने अत्यंत मासूमियत के साथ उन्हें अपने पास रखे पॉपकॉर्न खाने का आग्रह किया। पूर्व कप्तान ने बच्चे की इस निश्छल भावना और आदर का सम्मान करते हुए मुस्कुराकर उसकी दी हुई चीज को स्वीकार कर लिया और उससे कुछ पल बातचीत भी की। कुछ देर पश्चात जब उस नन्हे प्रशंसक ने पुनः उन्हें पॉपकॉर्न देने का प्रयास किया, तो धोनी ने मुस्कुराते हुए बेहद शालीनता से हाथ के इशारे से उसे मना कर दिया कि वे पहले ही खा चुके हैं। उनका यह सहज और जमीन से जुड़ा व्यवहार खेल प्रेमियों को अत्यधिक प्रभावित कर रहा है।

    महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों इंग्लैंड के विभिन्न दौरों पर भारतीय टीम के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार स्टेडियमों में उपस्थित हो रहे हैं। इससे पूर्व, मार्च के महीने में मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित भारत और इंग्लैंड के मध्य टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भी वे स्टैंड्स में मैच देखते हुए पाए गए थे। इसके पश्चात, वे अहमदाबाद में खेले गए विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भी भारतीय टीम का समर्थन करने के लिए मौजूद थे, जहां भारत ने न्यूजीलैंड को पराजित कर लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया था। हाल ही में धोनी ने अपना 45वां जन्मदिवस भी इंग्लैंड के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच आयोजित तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान मनाया था, जहां उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।

    इस वैश्विक लोकप्रियता और सक्रियता के बीच महेंद्र सिंह धोनी के इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के भविष्य को लेकर खेल समीक्षकों और प्रशंसकों के बीच सस्पेंस अभी भी पूरी तरह बरकरार है। वे आईपीएल 2026 के सत्र में चेन्नई सुपर किंग्स की पीली जर्सी में मैदान पर खेलते हुए नजर नहीं आए थे, जिसके कारण उनके आधिकारिक संन्यास को लेकर क्रिकेट जगत में अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। हालांकि, यह सर्वविदित है कि ‘कैप्टन कूल’ अपने करियर, संन्यास अथवा मैदान पर वापसी से जुड़े बड़े और अप्रत्याशित फैसले स्वयं लेने के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल 2027 के आगामी सत्र में वे एक खिलाड़ी के रूप में मैदान पर वापसी करेंगे अथवा नहीं, इस विषय पर अभी तक न तो धोनी की ओर से और न ही चेन्नई सुपर किंग्स फ्रैंचाइजी की ओर से कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी किया गया है।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने के लंबे समय बाद भी महेंद्र सिंह धोनी की ब्रांड वैल्यू और जनमानस में उनकी लोकप्रियता में तनिक भी गिरावट दर्ज नहीं की गई है। वे मैदान के भीतर खेल रहे हों या मैदान के बाहर एक आम दर्शक की भूमिका में मौजूद हों, उनका प्रत्येक अंदाज प्रशंसकों के लिए अत्यंत विशेष बन जाता है। बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में एक छोटे बच्चे के साथ हुई उनकी यह संक्षिप्त मुलाकात एक बार फिर यह प्रमाणित करती है कि धोनी केवल अपनी उत्कृष्ट खेल तकनीक और कप्तानी के कारण ही महान नहीं हैं, बल्कि अपने सहज, वि

  • एजबेस्टन में गिल और अक्षर का शानदार प्रदर्शन, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, भारत की जीत की ये हैं 5 बड़ी वजहें

    एजबेस्टन में गिल और अक्षर का शानदार प्रदर्शन, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, भारत की जीत की ये हैं 5 बड़ी वजहें


    बर्मिंघम। भारतीय टीम ने एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में इंग्लैंड को छह विकेट से हराकर न सिर्फ तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। कप्तान शुभमन गिल की शानदार बल्लेबाजी और अक्षर पटेल के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को यादगार जीत दिलाई।

    259 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट गंवाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान शुभमन गिल ने 75 गेंदों में 80 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। हालांकि, क्रैम्प और हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा।

    इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 102 रनों की साझेदारी कर भारत की जीत पक्की कर दी। अक्षर ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि सुंदर ने नाबाद 52 रनों का योगदान दिया।

    गेंदबाजों ने पलटी इंग्लैंड की पारी
    इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआत में मेजबान टीम मजबूत स्थिति में थी और एक समय उसका स्कोर 61 रन पर बिना विकेट के था।

    लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 107 रन तक पहुंचते-पहुंचते छह विकेट गंवाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि जो रूट (76*) और लियाम डॉसन (68) ने सातवें विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड को 258 रन तक पहुंचाया।

    भारत की ओर से अक्षर पटेल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को नियंत्रित रखा।

    भारत की जीत के 5 बड़े कारण

    1. 11 साल बाद एजबेस्टन में इंग्लैंड को मिली हार
    एजबेस्टन मैदान पर इंग्लैंड का वनडे रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा था। 2015 के बाद उसने इस मैदान पर लगातार आठ वनडे मुकाबले जीते थे। भारत ने 2014 के बाद पहली बार इसी मैदान पर इंग्लैंड को हराकर उसका विजयी सिलसिला तोड़ दिया।

    2. इंग्लैंड के खिलाफ लगातार छठी वनडे जीत
    भारत की यह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में लगातार छठी जीत है। यह किसी भी दौर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सबसे लंबी जीत की श्रृंखला बन गई है।

    3. गिल का एजबेस्टन में लगातार शानदार प्रदर्शन
    शुभमन गिल का एजबेस्टन से खास रिश्ता बनता जा रहा है। पिछले साल इसी मैदान पर टेस्ट मैच में 269 और 161 रन की यादगार पारियां खेलने वाले गिल ने अब वनडे में भी कप्तानी पारी खेलकर अपनी छाप छोड़ी।

    4. अक्षर पटेल का ऑलराउंड जवाब
    टी20 सीरीज में आलोचनाओं का सामना करने वाले अक्षर पटेल ने वनडे में शानदार वापसी की। उन्होंने पहले गेंद से चार विकेट लिए और फिर नाबाद 57 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    5. यूके दौरे पर भारत की पहली जीत
    इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारत को मौजूदा यूनाइटेड किंगडम दौरे पर पहली जीत मिली। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है।

    एजबेस्टन की इस जीत में कप्तान गिल का नेतृत्व, गेंदबाजों की वापसी और अक्षर पटेल का ऑलराउंड प्रदर्शन भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बातें रहीं।

  • 968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड

    968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड


    बर्मिंघम। लंबे इंतजार के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करने वाले जसप्रीत बुमराह ने अपनी वापसी को यादगार बना दिया। 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद पहली बार 50 ओवर के प्रारूप में उतरे बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेले गए मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    968 दिन बाद वनडे मैदान पर लौटे बुमराह ने न सिर्फ अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए, बल्कि इंग्लैंड की धरती पर भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए।

    150 वनडे विकेट पूरे, शमी और कुलदीप के खास क्लब में शामिल
    जसप्रीत बुमराह ने वनडे क्रिकेट में 150 विकेट का आंकड़ा महज 4605 गेंदों में पूरा किया। इसके साथ ही वह भारत के लिए सबसे कम गेंदों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए।

    भारत के लिए सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    मोहम्मद शमी – 4070 गेंद
    कुलदीप यादव – 4513 गेंद
    जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंद
    अजीत आगरकर – 5027 गेंद
    इरफान पठान – 5131 गेंद

    बुमराह ने मुकाबले के 13.1वें ओवर में अपनी पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर दिया। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिसमें अतिरिक्त उछाल और बाहर की ओर मूवमेंट देखने को मिला। ब्रूक ने गेंद को थर्ड मैन की दिशा में खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ले का बाहरी किनारा लग गया। पहली स्लिप पर मौजूद रोहित शर्मा ने आसान कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेज दिया।

    लंबे अंतराल के बाद वापसी के बावजूद बुमराह की गेंदबाजी में वही पुरानी धार नजर आई। उनकी रफ्तार, सटीक लाइन और खतरनाक मूवमेंट ने साबित कर दिया कि वह अब भी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सबसे बड़े हथियारों में शामिल हैं।

    इंग्लैंड में बुमराह का जलवा, बने नंबर-1 भारतीय गेंदबाज
    इंग्लैंड की परिस्थितियों में बुमराह का प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है। इस मुकाबले के बाद वह इंग्लैंड की धरती पर वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए।

    इंग्लैंड में भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    जसप्रीत बुमराह – 31 विकेट
    रवींद्र जडेजा – 30 विकेट
    भुवनेश्वर कुमार – 28 विकेट
    मदन लाल – 27 विकेट
    मोहम्मद शमी – 26 विकेट

    वापसी के साथ मिला रिकॉर्ड का तोहफा
    बुमराह के लिए यह मुकाबला केवल टीम में वापसी का मौका नहीं था, बल्कि अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का भी अवसर था। चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर उतरते ही उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। करीब 968 दिन का इंतजार खत्म हुआ और बुमराह ने अपनी वापसी में वही पुराना अंदाज दिखाया—सटीक गेंदबाजी, घातक रफ्तार और रिकॉर्ड बनाने की क्षमता।

  • एमबाप्पे बनाम यामल की टक्कर विश्व कप सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन के बीच होगा हाई वोल्टेज मुकाबला

    एमबाप्पे बनाम यामल की टक्कर विश्व कप सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन के बीच होगा हाई वोल्टेज मुकाबला


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन और दो बार की विश्व विजेता फ्रांस के बीच खेला जाएगा। टेक्सास के डलास स्टेडियम में होने वाले इस हाई वोल्टेज मुकाबले में दोनों टीमें फाइनल का टिकट हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें इस मुकाबले पर टिकी हैं क्योंकि दोनों टीमों के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी और शानदार फॉर्म मौजूद है।

    फ्रांस लगातार तीसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर है। कोच डिडियर डेसचैम्प्स की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ग्रुप चरण में सेनेगल इराक और नॉर्वे को हराकर फ्रांस ने शानदार शुरुआत की। इसके बाद नॉकआउट चरण में स्वीडन पैराग्वे और मोरक्को जैसी मजबूत टीमों को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे के अलावा ओस्मान डेम्बेले माइकल ओलिस और मार्कस थुरम जैसे खिलाड़ी फ्रांस के आक्रमण को बेहद मजबूत बनाते हैं।

    दूसरी ओर स्पेन ने भी शानदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया है। ग्रुप चरण के पहले मुकाबले में काबो वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद टीम ने सऊदी अरब और उरुग्वे को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद स्पेन ने ऑस्ट्रिया पुर्तगाल और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमों को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। युवा स्टार लैमिन यामल पेड्री फैबियन रुइज निको विलियम्स और मिकेल मेरिनो ने टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

    अगर दोनों टीमों के आपसी रिकॉर्ड की बात करें तो अब तक फ्रांस और स्पेन के बीच कुल 38 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें स्पेन ने 18 मैच जीते हैं जबकि फ्रांस को 13 मुकाबलों में जीत मिली है। सात मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से स्पेन का पलड़ा थोड़ा भारी जरूर नजर आता है लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर दोनों टीमें बराबरी की चुनौती पेश करती हैं।

    यह मुकाबला भारतीय समयानुसार बुधवार देर रात 12 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। भारत में फुटबॉल प्रशंसक इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जी5 पर देख सकेंगे। वहीं इसका सीधा प्रसारण यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1 यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1 एचडी यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 और यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 एचडी चैनलों पर किया जाएगा।

    फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा है। एक तरफ किलियन एमबाप्पे की रफ्तार और अनुभव होगा तो दूसरी ओर लैमिन यामल और स्पेन की युवा ब्रिगेड अपनी आक्रामक शैली से चुनौती पेश करेगी। ऐसे में डलास का यह सेमीफाइनल रोमांच चरम पर पहुंचाने वाला मुकाबला साबित हो सकता है और जीतने वाली टीम विश्व कप ट्रॉफी से सिर्फ एक कदम दूर रह जाएगी।