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  • न्यूजीलैंड को बताया दिलदार देश पीएम मोदी बोले रचिन सोढ़ी और एजाज पटेल जैसी प्रतिभाओं को मिला सम्मान

    न्यूजीलैंड को बताया दिलदार देश पीएम मोदी बोले रचिन सोढ़ी और एजाज पटेल जैसी प्रतिभाओं को मिला सम्मान


    नई दिल्ली। ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को नई ऊंचाई देने का संदेश दिया। उन्होंने न्यूजीलैंड को दिलदार देश बताते हुए कहा कि यह ऐसा राष्ट्र है जहां प्रतिभा की पहचान उसकी जन्मभूमि से नहीं बल्कि उसकी क्षमता से होती है। यही कारण है कि भारतीय मूल के कई खिलाड़ी आज न्यूजीलैंड की पहचान बन चुके हैं और पूरी दुनिया में अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ियों रचिन रवींद्र ईश सोढ़ी और एजाज पटेल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि मेहनत और प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती। भारतीय मूल के इन खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड ने अवसर दिया और उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का विश्वास भी जीता। यही भावना दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाती है।

    प्रधानमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग एक शताब्दी पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर पहुंची थी। उस समय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने शानदार खेल से न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था। उन्होंने कहा कि खेल हमेशा से दोनों देशों के बीच दोस्ती का मजबूत माध्यम रहा है और आज भी यही भावना दोनों देशों को और करीब ला रही है।

    उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड खेलों के क्षेत्र में नई साझेदारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और भारत रग्बी के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए इसे सकारात्मक शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि भारत में रग्बी को आगे बढ़ाने के लिए अनुभवी कोच विशेषज्ञ और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है और न्यूजीलैंड इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

    प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय रग्बी टीम ऑल ब्लैक्स की हालिया जीत पर भी बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच खेल प्रशिक्षण खिलाड़ियों के आदान प्रदान और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य में कई नए अवसर पैदा होंगे।

    उन्होंने अपने दौरे के दौरान स्पोर्ट्स स्टार्टअप कार्यक्रम में शामिल होने का अनुभव भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां प्रस्तुत किए गए नए विचार आधुनिक तकनीक और नवाचार ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। उनका मानना है कि खेल तकनीक डेटा एनालिटिक्स स्पोर्ट्स साइंस और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में भारत और न्यूजीलैंड मिलकर वैश्विक स्तर पर नई मिसाल कायम कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में न्यूजीलैंड जैसे अनुभवी देश के साथ सहयोग दोनों देशों के खिलाड़ियों युवाओं और खेल संस्थानों के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं रहेगा बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता नवाचार और आर्थिक सहयोग का भी मजबूत आधार बनेगा।

    प्रधानमंत्री के संबोधन ने भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल पैदा किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं बल्कि खेल संस्कृति नवाचार और मानवीय मूल्यों के साझा विश्वास पर भी आधारित हैं। यही साझेदारी आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी।

  • भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत

    भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन के रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज में 3-0 से पिछड़ चुकी भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल औपचारिक नहीं है। इस मैच में उसकी प्रतिष्ठा के साथ आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 स्थान भी दांव पर लगा है। यदि इंग्लैंड अंतिम मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन सकता है।

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरी सीरीज में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। बल्लेबाजी लगातार संघर्ष करती नजर आई। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मिले मौकों का फायदा नहीं उठा सके, जबकि अभिषेक शर्मा पिछले दो मैचों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। ईशान किशन भी रन बनाने के लिए जूझते दिखाई दिए। तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का बल्ला भी अब तक शांत रहा है।

    हालांकि चौथे मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों में 80 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी फॉर्म का परिचय दिया, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम संघर्ष करती नजर आई है। अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं रहे। स्पिन आक्रमण में भी अक्षर पटेल और अन्य गेंदबाज अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड का प्रदर्शन पूरी सीरीज में संतुलित और प्रभावशाली रहा है। कप्तान हैरी ब्रूक ने उदाहरण पेश करते हुए चौथे टी20 में 35 गेंदों पर 79 रन की विस्फोटक पारी खेली। फिल साल्ट, जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने भी बल्लेबाजी में लगातार योगदान दिया है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल राशिद ने मध्य ओवरों में विकेट निकालकर टीम को मजबूती दी।

    रोज बाउल की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 166 रन है, जबकि दूसरी पारी का औसत 138 रन रहा है। आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को अधिक सफलता मिली है। अब तक खेले गए 24 टी20 मुकाबलों में 16 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 8 मुकाबलों में जीत मिली है।

    मौसम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। पूर्वानुमान के अनुसार साउथैम्पटन में शनिवार को आसमान साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। ऐसे में पूरे 40 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है।

    भारतीय टीम के लिए यह मैच सीरीज में सम्मानजनक विदाई के साथ-साथ अपनी नंबर-1 रैंकिंग बचाने का सुनहरा मौका भी है। वहीं इंग्लैंड इस जीत के साथ सीरीज पर पूरी तरह अपना दबदबा साबित करने और टी20 क्रिकेट की नई नंबर-1 टीम बनने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • सेमीफाइनल हार के बाद भी नहीं टूटा जोकोविच का हौसला, 25वें ग्रैंड स्लैम के लिए जारी रहेगी जंग

    सेमीफाइनल हार के बाद भी नहीं टूटा जोकोविच का हौसला, 25वें ग्रैंड स्लैम के लिए जारी रहेगी जंग


    नई दिल्ली। विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार झेलने के बावजूद टेनिस महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने साफ कर दिया कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। सात बार के विंबलडन चैंपियन ने संन्यास की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह कम से कम एक बार और इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम में वापसी करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब का सपना भी बरकरार रहने की बात कही।

    39 वर्षीय सर्बियाई स्टार को सेमीफाइनल में जैनिक सिनर ने 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पूरे मुकाबले में सिनर ने आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा जोकोविच को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हार के बाद जब जोकोविच सेंटर कोर्ट से बाहर निकले तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका सम्मान किया। इसके बाद उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं, लेकिन जोकोविच ने इन सभी अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया।

    जोकोविच ने कहा कि वह कम से कम एक बार और विंबलडन में खेलना चाहते हैं। उन्होंने माना कि इस हार से उन्हें निराशा हुई है क्योंकि उनका लक्ष्य एक और विंबलडन खिताब जीतना था। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वह लगातार मेहनत करते हैं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।

    उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन को सकारात्मक बताया। खास तौर पर क्वार्टर फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ मिली जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस मुकाबले ने साबित किया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है और बताता है कि वह अब भी शीर्ष स्तर का टेनिस खेल सकते हैं।

    जोकोविच ने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने जैनिक सिनर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार टेनिस खेली और जीत के पूरी तरह हकदार रहे। हालांकि इस हार का दुख रहेगा, लेकिन वह इसे पीछे छोड़कर आगे की चुनौतियों पर ध्यान देना चाहते हैं।

    24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके जोकोविच की अब नजर यूएस ओपन 2026 पर होगी। यदि वह वहां खिताब जीतने में सफल रहते हैं तो यह उनके करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम होगा और वह इस मामले में मार्गरेट कोर्ट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। यही लक्ष्य उन्हें लगातार प्रेरित कर रहा है।

    जोकोविच ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी रिकॉर्ड या बाहरी दबाव के कारण नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी टेनिस से उतना ही प्यार है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ जीत हासिल करने में सक्षम हैं। यही विश्वास उन्हें आगे भी कोर्ट पर उतरने और नई उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा देता रहेगा।

  • मंधाना-हरमनप्रीत का दम, लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन भारत का दबदबा; इंग्लैंड को शुरुआती झटका

    मंधाना-हरमनप्रीत का दम, लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन भारत का दबदबा; इंग्लैंड को शुरुआती झटका


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली। बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए और दिन का खेल समाप्त होने से पहले इंग्लैंड को शुरुआती झटका देकर दबाव भी बना दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने एक विकेट के नुकसान पर 21 रन बनाए हैं और वह अभी भारत के स्कोर से 264 रन पीछे है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। इसके बाद यास्तिका भाटिया भी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं और 12 रन बनाकर आउट हो गईं। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद जेमिमा रोड्रिग्स और स्मृति मंधाना ने पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़कर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। जेमिमा ने 38 गेंदों में 35 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें पांच चौके शामिल रहे।

    इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने स्मृति मंधाना का बेहतरीन साथ निभाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 89 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारतीय पारी को मजबूती दी। स्मृति मंधाना शानदार लय में नजर आईं और 108 गेंदों में 11 चौकों तथा एक छक्के की मदद से 83 रन बनाए। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 58 रन का अहम योगदान दिया।

    मध्यक्रम में दीप्ति शर्मा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 87 गेंदों पर 57 रन की संयमित पारी खेली, जिसमें सात चौके शामिल रहे। हालांकि मंधाना के आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी थोड़ी लड़खड़ा गई और टीम ने अपने अंतिम छह विकेट केवल 95 रन जोड़कर गंवा दिए। ऋचा घोष और स्नेह राणा दोनों 13-13 रन बनाकर आउट हुईं।

    इंग्लैंड की ओर से अनुभवी स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 68 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। इस्सी वोंग और मैडी विलियर्स ने दो-दो विकेट लिए, जबकि लॉरेन बेल को एक सफलता मिली।

    दिन का खेल समाप्त होने से पहले भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार शुरुआत की। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को सिर्फ दो रन पर आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। स्टंप्स तक हीथर नाइट एक रन और मैया बाउचियर 17 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड को अभी भारत की पहली पारी के स्कोर तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना है।

    पहले दिन के खेल के बाद भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। अब दूसरे दिन गेंदबाजों की कोशिश इंग्लैंड को कम स्कोर पर समेटकर पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने की होगी।

  • स्पेन ने 16 साल बाद रचा इतिहास, बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एंट्री

    स्पेन ने 16 साल बाद रचा इतिहास, बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एंट्री


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले का फैसला अंतिम मिनटों में हुआ, जब सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल कर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। अब सेमीफाइनल में स्पेन की भिड़ंत पिछले विश्व कप की फाइनलिस्ट फ्रांस से होगी।

    लॉस एंजिल्स में खेले गए मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक रवैया अपनाया और बेल्जियम के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। गेंद पर बेहतर नियंत्रण और तेज पासिंग के दम पर स्पेन ने कई मौके बनाए। आखिरकार 30वें मिनट में उसकी मेहनत रंग लाई। लैमिन यामल के शानदार मूव के बाद पेड्रो पोरो ने बॉक्स में सटीक लो क्रॉस दिया। गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने डैनी ओल्मो का पहला प्रयास रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर फैबियन रुइज ने गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी।

    हालांकि बेल्जियम ने भी शानदार वापसी की। 41वें मिनट में टिमोथी कास्टेग्ने के बेहतरीन क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलेयर ने दमदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन की लगातार छह क्लीन शीट का सिलसिला भी समाप्त हो गया। साथ ही विश्व कप में बिना गोल खाए उनके लगातार 650 मिनट खेलने का रिकॉर्ड भी टूट गया।

    दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन गोल नहीं हो सका। मैच के 71वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका तब लगा, जब अनुभवी गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हो गए। उनकी जगह युवा गोलकीपर सेने लैमेंस को उतारा गया। कोर्टुआ का यह विश्व कप में 21वां मुकाबला था और वह टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले गोलकीपरों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।

    जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी स्पेन के कोच ने 86वें मिनट में मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। महज दो मिनट बाद ही मेरिनो ने अपनी मौजूदगी का असर दिखा दिया। पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को बेल्जियम के नए गोलकीपर ठीक से नियंत्रित नहीं कर सके। गेंद उनके हाथों से छिटक गई और मेरिनो ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यही गोल स्पेन की जीत का कारण बना।

    यह लगातार दूसरा मुकाबला रहा, जिसमें मिकेल मेरिनो ने सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरकर स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया। इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ भी अंतिम समय में विजयी गोल दागकर टीम को जीत दिलाई थी।

    इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है और अब उसकी नजर फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल करने पर होगी।

  • हेली मैथ्यूज का तूफानी शतक, आयरलैंड को 9 विकेट से रौंदकर वेस्टइंडीज ने सीरीज में बनाई बढ़त

    हेली मैथ्यूज का तूफानी शतक, आयरलैंड को 9 विकेट से रौंदकर वेस्टइंडीज ने सीरीज में बनाई बढ़त


    नई दिल्ली। ब्रेडी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पहले महिला वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने कप्तान हेली मैथ्यूज के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत आयरलैंड को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मैथ्यूज ने पहले गेंद से तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके और फिर बल्ले से नाबाद 159 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने आयरलैंड को 49 ओवर में 269 रन पर समेट दिया। आयरलैंड की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज एमी हंटर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 90 गेंदों में 96 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके लगाए और शतक से केवल चार रन दूर रह गईं। कप्तान गेबी लेविस ने 39 रन, ओर्ला प्रेंडरगैस्ट ने 30 और लुइस लिटिल ने 27 रन का योगदान दिया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।

    वेस्टइंडीज की गेंदबाजी में एफी फ्लेचर सबसे सफल रहीं। उन्होंने 10 ओवर में 49 रन देकर चार विकेट हासिल किए। कप्तान हेली मैथ्यूज ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 52 रन देकर तीन विकेट लिए। जैनिलेया ग्लासगो और करिश्मा रामहरक ने एक-एक विकेट लेकर आयरलैंड की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।

    270 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बना ली। कप्तान हेली मैथ्यूज और रीलियाना ग्रिमंड ने पहले विकेट के लिए 258 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर आयरलैंड की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। यह महिला वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज की ओर से पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।

    मैथ्यूज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 123 गेंदों में 24 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 159 रन बनाए। यह उनके वनडे करियर का 11वां शतक होने के साथ-साथ इस प्रारूप में उनकी अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी रही। दूसरी ओर रीलियाना ग्रिमंड शतक से चूक गईं और 107 गेंदों में 91 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। इसके बाद स्टेफनी टेलर दो रन बनाकर नाबाद लौटीं और वेस्टइंडीज ने केवल एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    इस शानदार जीत के साथ वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कप्तान हेली मैथ्यूज का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए बड़ा आत्मविश्वास लेकर आया है। अब दूसरे वनडे में आयरलैंड वापसी की कोशिश करेगा, जबकि वेस्टइंडीज की नजर सीरीज अपने नाम करने पर होगी।

  • टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत

    टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जरूर निराश किया है लेकिन अब उम्मीदों का नया अध्याय वनडे सीरीज के साथ शुरू होने जा रहा है। तीन मैचों की इस अहम सीरीज में टीम इंडिया अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ मैदान में उतरेगी। दोनों दिग्गजों की वापसी ने भारतीय टीम के हौसले को नई ऊर्जा दी है और फैंस को भरोसा है कि भारत इस बार दमदार पलटवार करेगा।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम का टी20 प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद इंग्लैंड ने भी भारतीय टीम को लगातार मुकाबलों में मात देकर सीरीज अपने नाम कर ली। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम दबाव के क्षणों में प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रही। ऐसे में अब वनडे प्रारूप में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन सीमित ओवरों के इस प्रारूप में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों बल्लेबाजों का अनुभव टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

    रोहित शर्मा से उम्मीद होगी कि वह शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत आधार दें। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले रोहित किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर विराट कोहली कठिन परिस्थितियों में पारी संभालने और लक्ष्य का पीछा करने की अपनी शानदार क्षमता के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। उनका अनुभव युवा बल्लेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

    भारतीय टीम को एक और बड़ी मजबूती जसप्रीत बुमराह की वापसी से मिली है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी मौजूदगी विरोधी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। कप्तान शुभमन गिल उपकप्तान श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल पर भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी कि वे बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दें और टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाएं।

    भारत के लिए यह वनडे सीरीज सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने का मौका नहीं बल्कि आत्मविश्वास और लय हासिल करने की भी परीक्षा है। लगातार मिली हार के बाद टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीरीज पर रहेगी। यदि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन सही बैठा तो भारत एक बार फिर जीत की राह पर लौट सकता है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे 14 जुलाई को बर्मिंघम में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ में जबकि तीसरा और अंतिम मैच 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली अपनी शानदार बल्लेबाजी से टीम इंडिया को जीत दिलाकर टी20 की निराशा भुला पाएंगे।

  • चौथे टी20 में टीम इंडिया पस्त, साल्ट और ब्रूक ने 146 रन जोड़कर इंग्लैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत

    चौथे टी20 में टीम इंडिया पस्त, साल्ट और ब्रूक ने 146 रन जोड़कर इंग्लैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त के साथ सीरीज अपने नाम कर ली। बारिश के कारण पहला मुकाबला रद्द होने के बाद इंग्लैंड ने लगातार तीन मैच जीतकर भारत के खिलाफ ऐतिहासिक टी20 द्विपक्षीय सीरीज जीत दर्ज की।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। महज 48 रन तक तीन विकेट गिरने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने पहले शिवम दुबे के साथ 53 रन, फिर तिलक वर्मा के साथ 29 रन और वॉशिंगटन सुंदर के साथ 27 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    अय्यर ने 49 गेंदों में 80 रन की शानदार नाबाद पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनके अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। शिवम दुबे ने 22, तिलक वर्मा ने 11 और वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन बनाए। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने दो-दो विकेट लिए, जबकि आदिल रशीद और विल जैक्स को एक-एक सफलता मिली।

    159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड को शुरुआती झटका जोस बटलर के रूप में लगा, जो सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक और फिल साल्ट ने भारतीय गेंदबाजों पर पूरी तरह दबदबा बना लिया।

    दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 68 गेंदों में नाबाद 146 रन की विस्फोटक साझेदारी की। हैरी ब्रूक ने 35 गेंदों पर 79 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वहीं फिल साल्ट ने 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। दोनों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने लक्ष्य सिर्फ 13.5 ओवर में हासिल कर लिया।

    भारत की ओर से एकमात्र विकेट अर्शदीप सिंह ने लिया। हालांकि बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर कोई दबाव नहीं बना सके। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथैम्पटन में खेला जाएगा, जहां भारत क्लीन स्वीप से बचने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा

    टीम इंडिया फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप, इंग्लैंड ने 9 विकेट से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने इतिहास रचते हुए पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों वाली टी20 द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम कर ली।

    इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई छह टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी। वहीं टीम इंडिया को आयरलैंड के बाद लगातार दूसरी टी20 सीरीज में हार झेलनी पड़ी। इससे पहले 2019 में भारत लगातार दो टी20 सीरीज न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से हारा था।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 158 रन ही बना सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 80 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी 15 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि अभिषेक शर्मा 16 रन ही बना सके। ईशान किशन का खराब फॉर्म जारी रहा और वह केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शिवम दुबे ने 22 रन, तिलक वर्मा ने 11 रन, वॉशिंगटन सुंदर ने 5 रन और अक्षर पटेल ने सिर्फ 1 रन का योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजी एक बार फिर बड़े स्कोर तक पहुंचने में नाकाम रही।

    159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। फिल साल्ट ने नाबाद 59 रन बनाए, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 35 गेंदों में 79 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। ब्रूक ने अपनी पारी में 8 चौके और 4 छक्के लगाए। हालांकि जोस बटलर केवल 8 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने कोई और विकेट नहीं गंवाया।

    इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर भारत को 9 विकेट से हराया और सीरीज पर कब्जा जमा लिया। अब दोनों टीमों के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथेम्प्टन में खेला जाएगा, जहां भारत सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • फ्रांस सेमीफाइनल में, मोरक्को को 2-0 से हराकर वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी बार अंतिम चार में पहुंचा

    फ्रांस सेमीफाइनल में, मोरक्को को 2-0 से हराकर वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी बार अंतिम चार में पहुंचा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीसरी बार विश्व कप के अंतिम चार में पहुंच गया, जबकि मोरक्को का अभियान क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया।

    मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया और मोरक्को के गोल पर लगातार दबाव बनाया। पांचवें मिनट में दायोट उपामेकानो के हेडर को गोलकीपर यासीन बुनू ने शानदार बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया। इसके बाद फ्रांस को पेनल्टी भी मिली, लेकिन कप्तान किलियन एम्बाप्पे उसे गोल में नहीं बदल सके। बुनू ने बेहतरीन सेव कर अपनी टीम को शुरुआती झटका लगने से बचाया।

    पहले हाफ में फ्रांस ने कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को का मजबूत डिफेंस और गोलकीपर लगातार दीवार बने रहे। नतीजतन शुरुआती 45 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रफ्तार और तेज कर दी। मैच के 60वें मिनट में कप्तान एम्बाप्पे ने शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए गोल दागकर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह इस विश्व कप में उनका आठवां गोल रहा। इसके सिर्फ छह मिनट बाद उस्मान डेम्बेले ने एम्बाप्पे के सटीक पास पर गोल करते हुए बढ़त को 2-0 कर दिया।

    दो गोल की बढ़त मिलने के बाद फ्रांस ने पूरे मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मजबूत डिफेंस और बेहतरीन मिडफील्ड खेल के दम पर फ्रांस ने आसानी से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटाया।

    फ्रांस अब 15 जुलाई को सेमीफाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरेगा। टीम की नजर लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने और एक बार फिर खिताब जीतने पर होगी। वहीं मोरक्को का अभियान समाप्त होने के बावजूद टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने जुझारू प्रदर्शन से फुटबॉल प्रशंसकों का दिल जीता।