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  • मेक्सिको फुटबॉल में नए दौर की शुरुआत, पूर्व कप्तान राफेल मार्केज बने हेड कोच, 2030 तक तैयार करेंगे मजबूत टीम

    मेक्सिको फुटबॉल में नए दौर की शुरुआत, पूर्व कप्तान राफेल मार्केज बने हेड कोच, 2030 तक तैयार करेंगे मजबूत टीम


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के बीच बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हो सके हैं और इसी वजह से उन्हें पूरी वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा है। बांग्लादेश क्रिकेट टीम प्रबंधन ने उनकी जगह बाएं हाथ के बल्लेबाज परवेज हुसैन को टीम में शामिल किया है। लिटन अब आगे के उपचार और रिहैबिलिटेशन के लिए ढाका लौटेंगे।

    लिटन दास पहले वनडे मुकाबले में भी चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। इसके बाद टीम के मेडिकल स्टाफ ने उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी। दूसरे मुकाबले से पहले उनका फिटनेस टेस्ट कराया गया लेकिन परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। मेडिकल टीम का मानना है कि लगातार कम अंतराल में होने वाले मुकाबलों को देखते हुए उनका पूरी तरह फिट होकर मैदान में लौटना संभव नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी की लंबी अवधि की फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पूरी सीरीज से बाहर रखने का फैसला लिया गया।

    बांग्लादेश टीम के फिजियो बैजेदुल इस्लाम खान ने बताया कि लिटन अभी मैच खेलने की स्थिति में नहीं हैं। फिटनेस टेस्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वह अगले दोनों मुकाबलों तक भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएंगे। इसी कारण टीम प्रबंधन ने जोखिम लेने के बजाय उन्हें आराम देने का फैसला किया है।

    लिटन की गैरमौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश पहले ही सीरीज में पिछड़ चुका है। पहले वनडे में टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ 25 रन से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को केवल 141 रन पर समेट दिया था। तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर छह विकेट झटके जबकि तस्कीन अहमद ने दो विकेट हासिल किए।

    हालांकि आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम 116 रन पर सिमट गई और आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। विकेटकीपर बल्लेबाज नुरुल हसन ने सबसे अधिक 31 रन बनाए जबकि तौहीद हृदय ने 25 रन का योगदान दिया। बाकी बल्लेबाज जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए।

    जिम्बाब्वे की जीत में रिचर्ड नगारवा और ब्रैड इवांस की तेज गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों ने तीन-तीन विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी जबकि ब्लेसिंग मुजारबानी ने भी दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

    अब सीरीज बचाने की जिम्मेदारी बांग्लादेश के बाकी बल्लेबाजों और नए शामिल किए गए परवेज हुसैन पर होगी। युवा बल्लेबाज के पास खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का अच्छा मौका है। दूसरी ओर जिम्बाब्वे जीत की लय बरकरार रखते हुए सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दोनों टीमों के बीच दूसरा वनडे 9 जुलाई और तीसरा मुकाबला 11 जुलाई को खेला जाएगा। बांग्लादेश के लिए ये दोनों मैच करो या मरो की स्थिति वाले होंगे।

  • विश्व कप के बाद बड़ा बदलाव, मेक्सिको ने राफेल मार्केज को बनाया हेड कोच, 2030 तक रहेगा नया मिशन

    विश्व कप के बाद बड़ा बदलाव, मेक्सिको ने राफेल मार्केज को बनाया हेड कोच, 2030 तक रहेगा नया मिशन


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मेक्सिको फुटबॉल टीम ने भविष्य की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। मैक्सिकन फुटबॉल फेडरेशन ने टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज डिफेंडर राफेल मार्केज को राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। 47 वर्षीय मार्केज अब वर्ष 2030 तक टीम की कमान संभालेंगे और आने वाले चार वर्षों में मेक्सिको को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

    राफेल मार्केज की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब मेक्सिको को फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड के हाथों 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद तत्कालीन मुख्य कोच जेवियर एगुइरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि मार्केज की नियुक्ति कोई तात्कालिक फैसला नहीं बल्कि पहले से तैयार की गई दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पिछले वर्षों में तैयार की गई टीम को आगे बढ़ाना और 2030 विश्व कप सहित अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए मजबूत आधार तैयार करना है।

    राफेल मार्केज मेक्सिको फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 148 मुकाबले खेलते हुए कई वर्षों तक टीम का नेतृत्व किया और अपनी मजबूत रक्षात्मक शैली तथा नेतृत्व क्षमता से अलग पहचान बनाई। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने विश्व फुटबॉल में मेक्सिको का सम्मान बढ़ाया और अब वही अनुभव बतौर मुख्य कोच टीम के काम आएगा।

    कोचिंग की बात करें तो जुलाई 2024 से वह जेवियर एगुइरे के सहयोगी के रूप में राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के साथ नजदीक से काम किया और टीम की रणनीतियों को समझा। अब पहली बार उन्हें पूरी टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी और सहायक कोच के रूप में उनके अनुभव का लाभ मेक्सिको को आने वाले वर्षों में मिल सकता है।

    पूर्व कोच जेवियर एगुइरे का तीसरा कार्यकाल लगभग दो वर्षों तक चला और इस दौरान उन्होंने टीम को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं। उनके नेतृत्व में मेक्सिको ने 2025 में कॉनकाकाफ गोल्ड कप और नेशंस लीग का खिताब अपने नाम किया। उनके कार्यकाल में टीम ने कुल 50 मुकाबले खेले जिनमें 33 जीत दर्ज कीं जबकि 9 मैच ड्रॉ रहे और केवल 8 में हार मिली। इस प्रदर्शन को मेक्सिको फुटबॉल के हालिया वर्षों के सबसे सफल दौरों में माना जाता है।

    मैक्सिकन फुटबॉल फेडरेशन ने एगुइरे के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने टीम को नई दिशा दी और ऐसी मजबूत नींव तैयार की जिस पर भविष्य की सफल टीम बनाई जा सकती है। स्वयं एगुइरे ने भी पद छोड़ते समय संकेत दिया था कि राफेल मार्केज इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। उन्होंने कहा था कि टीम का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और आने वाले चार वर्षों में मार्केज मेक्सिको फुटबॉल को नई पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं।

    अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि महान खिलाड़ी के रूप में अपनी छाप छोड़ने वाले राफेल मार्केज क्या कोच के रूप में भी वही सफलता दोहरा पाते हैं। मेक्सिको के प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में टीम 2030 विश्व कप तक दुनिया की मजबूत फुटबॉल टीमों में अपनी जगह और मजबूत करेगी।

  • फीफा विश्व कप के बीच अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ पर एफबीआई का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से मेसी की टीम की बढ़ी मुश्किलें

    फीफा विश्व कप के बीच अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ पर एफबीआई का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से मेसी की टीम की बढ़ी मुश्किलें

    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के रोमांच के बीच डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना की मुश्किलें मैदान के बाहर काफी बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। मिस्र के खिलाफ हुए मुकाबले में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) के विवादास्पद फैसलों को लेकर चल रही बहस अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ (एएफए) एक गंभीर कानूनी संकट में घिर गया है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने महासंघ की वित्तीय गतिविधियों और संदिग्ध लेन-देन को लेकर एक व्यापक जांच शुरू कर दी है। इस जांच के सामने आने के बाद वैश्विक फुटबॉल जगत में हड़कंप मच गया है और टूर्नामेंट के बीच अर्जेंटीना की टीम पर मानसिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ ने अमेरिकी बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली का उपयोग करके सैकड़ों मिलियन डॉलर की राशि को किस प्रकार स्थानांतरित किया। एफबीआई इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इन भारी-भरकम वित्तीय लेन-देन के पीछे मनी लॉन्ड्रिंग अथवा कोई अन्य वित्तीय अपराध छिपा हुआ है। अमेरिकी कानूनों के उल्लंघन के संदेह में शुरू हुई इस कार्रवाई ने एएफए के शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया है। इस वित्तीय नेटवर्क के तार अमेरिका के फ्लोरिडा से लेकर अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स तक फैले हुए हैं।

    इस पूरे मामले में अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित एक निजी कंपनी मुख्य संदिग्ध के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कंपनी विदेशों में अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ की तमाम वित्तीय जिम्मेदारियों और व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करती है। दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चला है कि इस कंपनी के मालिकों ने अमेरिका के पांच प्रमुख वित्तीय संस्थानों में खाते खोल रखे थे। इन खातों के माध्यम से बीते कुछ समय में सैकड़ों मिलियन डॉलर का लेन-देन किया गया, जिसने अमेरिकी सुरक्षा और वित्तीय निगरानी एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, इस निजी कंपनी ने महासंघ की करीब 260 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम आय का प्रबंधन किया था। हालांकि, बैंक रिकॉर्ड की प्रारंभिक समीक्षा में यह बात सामने आई है कि इस विशाल राशि का केवल एक छोटा हिस्सा ही फुटबॉल महासंघ के वास्तविक संचालन और आवश्यक खर्चों में इस्तेमाल हुआ दिखाई देता है। इसके विपरीत, लगभग 57 मिलियन डॉलर की एक बड़ी रकम विभिन्न अज्ञात कंपनियों और लाभार्थियों को स्थानांतरित कर दी गई। इस विशाल ट्रांसफर के पीछे दस्तावेजों में कोई स्पष्ट आर्थिक कारण या व्यावसायिक औचित्य नजर नहीं आ रहा है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

    जांचकर्ताओं को शक है कि जिन कंपनियों को करोड़ों डॉलर भेजे गए, उनमें से कई कागजी थीं और उनकी तरफ से किसी भी प्रकार की वास्तविक सेवा प्रदान करने का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, कुछ संदिग्ध कंपनियों का नियंत्रण ऐसे व्यक्तियों के हाथों में पाया गया है जो ब्यूनस आयर्स और बारिलोचे जैसे क्षेत्रों में रहते हैं और सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। एक तरफ जहां देश की आम जनता सरकारी मदद पर निर्भर है, वहीं उनके नाम पर चल रही कंपनियों के खातों में करोड़ों डॉलर का यह संदिग्ध लेन-देन मिलना गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है।

    एएफए के अध्यक्ष क्लाउडियो टैपिया इस मेगा इवेंट से पहले ही कई तरह के विवादों के कारण लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे थे। उनके कार्यकाल में घरेलू लीग के ढांचे में किए गए अलोकप्रिय बदलाव और विश्व कप की तैयारियों के दौरान बेहद कमजोर टीमों के खिलाफ खेले गए मैत्री मैचों को लेकर फुटबॉल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने गंभीर सवाल उठाए थे। अब एफबीआई की इस ताजा कार्रवाई ने उनके नेतृत्व पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। टैपिया पर पहले से ही भ्रष्टाचार से जुड़ी कुछ अन्य आंतरिक जांचों का साया मंडरा रहा था।

    इसके अलावा, 58 वर्षीय क्लाउडियो टैपिया का अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के साथ भी लंबे समय से तीखा टकराव चल रहा है। दोनों के बीच अर्जेंटीना के फुटबॉल क्लबों के मालिकाना हक और उनके व्यावसायिक मॉडल को लेकर गंभीर वैचारिक मतभेद हैं। कुछ समय पहले ही सरकार की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद टैपिया पर टैक्स चोरी के गंभीर आरोप भी लगे थे। इस राजनीतिक और प्रशासनिक गतिरोध के कारण घरेलू मैदानों पर भी टैपिया को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है, जहां एक मुकाबले के दौरान दर्शकों ने सार्वजनिक रूप से उनकी हूटिंग की थी।

    मैदान के भीतर अर्जेंटीना की टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन तो किया है, लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी और मिस्र के कोच के बीच हुई तीखी बहस और रेफरी के फैसलों पर मचे बवाल ने पहले ही टीम को विवादों में रखा था। अब इस सब के बीच एएफए की वित्तीय गड़बड़ियों पर एफबीआई की इस बड़ी जांच ने अर्जेंटीना फुटबॉल के भविष्य और उसकी प्रतिष्ठा पर एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यदि अमेरिकी एजेंसियां कोई सख्त कदम उठाती हैं, तो इसका सीधा असर विश्व कप में टीम के अभियान और खिलाड़ियों के मनोबल पर पड़ना तय माना जा रहा है।

  • Ind vs Eng: टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज ब्रिस्टल में…. जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

    Ind vs Eng: टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज ब्रिस्टल में…. जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस इंग्लैंड (India vs England) 5 मैच की टी20 सीरीज (T20 Series) का चौथा मुकाबला आज यानी गुरुवार, 9 जुलाई को ब्रिस्टल में खेला जाना है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) के पास अब इस सीरीज को जीतने का तो कोई मौका नहीं है, वह बस अब ज्यादा से ज्यादा ड्रॉ करा सकती है। IND vs ENG टी20 सीरीज का पहला मैच बारिश की वजह से धुल गया था, वहीं दूसरे और तीसरे मुकाबले में मेजबानों ने भारत को धूल चटाई। भारत बनाम इंग्लैंड आज के मैच की टाइमिंग को लेकर भी सवाल है। इस सीरीज के मैच भारतीय समयानुसार काफी देरी से शुरू हो रहे हैं, वहीं एक मैच शाम 7 बजे भी खेला गया था। तो आईए मैच से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर एक नजर डालते हैं-

    India vs England चौथा टी20 आज यानी गुरुवार, 9 जुलाई को खेला जाएगा।
    इंडिया वर्सेस इंग्लैंड चौथा टी20 ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेला जाएगा।
    IND vs ENG 4th T20I भारतीय समयानुसार रात 10 बजे ही शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे।


    इंडिया वर्सेस इंग्लैंड चौथा टी20 फ्री में कैसे देखें लाइव?

    भारतीय फैंस DD स्पोर्ट्स पर इंडिया बनाम इंग्लैंड क्रिकेट मैच लाइव देख सकते हैं। हालांकि, फ्री लाइव टेलीकास्ट सिर्फ उन दर्शकों के लिए उपलब्ध है जो DD फ्री डिश और टेरेस्ट्रियल नेटवर्क के जरिए चैनल एक्सेस कर रहे हैं। ब्रॉडकास्टिंग राइट्स की पाबंदियों के कारण यह एयरटेल, टाटा प्ले, या डिश टीवी जैसे प्राइवेट DTH प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।


    IND vs ENG 4th T20I की लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी पर कैसे देखें लाइव?

    India vs England चौथे टी20 का मजा आप टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर उठा सकते हैं। वहीं इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग दो प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार और सोनी लिव पर होगी। आप कहीं भी भारत बनाम इंग्लैंड मैच लाइव देख सकते हैं। इसके अलावा लाइव स्कोर और मैच से जुड़ी अहम जानकारियों के लिए लाइवहिंदुस्तान के क्रिकेट पेज पर विजिट कर सकते हैं।


    इंडिया वर्सेस इंग्लैंड स्क्वॉड

    इंडिया स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन, प्रसिद्ध कृष्णा, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, सूर्यांश शेडगे

    इंग्लैंड स्क्वॉड: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टंग, सोनी बेकर, रेहान अहमद, जॉर्डन कॉक्स, साकिब महमूद, ल्यूक वुड

  • आईसीसी टी20 रैंकिंग जारी, ईशान किशन शीर्ष पर, आदिल रशीद और जैकब बेथेल को बड़ा फायदा

    आईसीसी टी20 रैंकिंग जारी, ईशान किशन शीर्ष पर, आदिल रशीद और जैकब बेथेल को बड़ा फायदा


    नई दिल्ली ।  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की नई रैंकिंग जारी कर दी है। बल्लेबाजों की सूची में भारतीय टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपना नंबर-1 स्थान बरकरार रखा है, जबकि युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह दबदबा एक बार फिर टी20 क्रिकेट में उनकी निरंतरता को दर्शाता है।

    ताजा रैंकिंग में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान तीसरे स्थान पर हैं, जबकि इंग्लैंड के विस्फोटक ओपनर फिल साल्ट चौथे नंबर पर कायम हैं। श्रीलंका के पाथुम निसांका पांचवें स्थान पर हैं। भारत के तिलक वर्मा छठे और इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जोस बटलर सातवें स्थान पर हैं।

    इस सप्ताह की रैंकिंग में सबसे बड़ी छलांग इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने लगाई है। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में नाबाद 76 रन की शानदार पारी खेलने का उन्हें बड़ा फायदा मिला। बेथेल सात स्थान ऊपर चढ़कर सीधे आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के मिशेल मार्श नौवें और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस दसवें स्थान पर हैं।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान पहले स्थान पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने एक स्थान की बढ़त के साथ तीसरा स्थान हासिल कर लिया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के एडम जांपा भी एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं।

    भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को दो स्थान का नुकसान हुआ है और अब वह पांचवें स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस और दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बोश ने एक-एक स्थान की बढ़त के साथ क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया है। भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दो स्थान फिसलकर आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं। श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा नौवें और अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान दसवें स्थान पर काबिज हैं।

    भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में अभी दो मुकाबले और बाकी हैं। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के पास अपने प्रदर्शन के दम पर अगली आईसीसी रैंकिंग में और सुधार करने का अच्छा मौका रहेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब आगामी मुकाबलों पर होगी, जहां कई खिलाड़ी अपनी रैंकिंग बेहतर करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।

  • टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत

    टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। फिल साल्ट और जोस बटलर ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि फिल साल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 16 रन का योगदान दिया, जबकि जैकब बेथेल ने 13 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों पर नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।

    202 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज जरूर रही। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले दो ओवर से पहले ही 23 रन जोड़ दिए, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ढह गया। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 13 रन की छोटी लेकिन तेज पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

    इसके बाद कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। ईशान किशन ने 13 रन और अक्षर पटेल ने 10 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। पूरी भारतीय टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे निराशाजनक प्रदर्शनों में से एक रहा।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट अपने नाम किए। विल जैक्स को भी एक सफलता मिली।

    सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था, जबकि दूसरा मैच इंग्लैंड ने चार विकेट से जीता था। अब तीसरे मैच में मिली बड़ी जीत के बाद मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। शेष दो मुकाबले 9 और 11 जुलाई को क्रमशः ब्रिस्टल और साउथैम्प्टन में खेले जाएंगे, जहां भारत के सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती होगी।

  • विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया

    विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने जुझारू खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अटलांटा में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की। इस यादगार मुकाबले में कप्तान लियोनेल मेसी ने एक गोल करने के साथ एक गोल में असिस्ट भी किया, जबकि एंजो फर्नांडीज ने स्टॉपेज टाइम में विजयी गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की।

    मुकाबले की शुरुआत मिस्र के लिए शानदार रही। 15वें मिनट में यासर इब्राहिम ने शानदार हेडर के जरिए गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। अर्जेंटीना ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबीर ने बेहतरीन बचाव करते हुए मेसी की पेनाल्टी समेत कई खतरनाक प्रयास नाकाम कर दिए। पहले हाफ में अर्जेंटीना गोल नहीं कर सकी और दबाव लगातार बढ़ता गया।

    दूसरे हाफ में मिस्र ने 62वें मिनट में मुस्तफा जिको के गोल की बदौलत बढ़त को 2-0 कर दिया। उस समय ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। हालांकि अर्जेंटीना ने हार नहीं मानी और लगातार आक्रामक खेल जारी रखा।

    79वें मिनट में लियोनेल मेसी ने शानदार मूव बनाते हुए क्रिस्टियन रोमेरो के गोल में अहम भूमिका निभाई, जिससे स्कोर 2-1 हो गया। इसके बाद 83वें मिनट में मेसी ने खुद शानदार फिनिश करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। लुटारो मार्टिनेज की लंबी गेंद पर मेसी ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और गेंद को गोल में पहुंचाकर अर्जेंटीना को मुकाबले में वापस ला खड़ा किया।

    जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता नजर आ रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने शानदार गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 की बढ़त दिला दी। यह गोल अंततः निर्णायक साबित हुआ और अर्जेंटीना ने रोमांचक जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    इस मुकाबले में अर्जेंटीना ने शानदार मानसिक मजबूती और संघर्ष का परिचय दिया। दो गोल से पिछड़ने के बावजूद टीम ने धैर्य बनाए रखा और लगातार हमले करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान मेसी ने एक बार फिर बड़े मुकाबले में अपनी अहमियत साबित की, जबकि एंजो फर्नांडीज ने निर्णायक गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    अब अर्जेंटीना की नजर क्वार्टर फाइनल में जीत की लय बरकरार रखते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब की ओर कदम बढ़ाने पर होगी।

  • ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट

    ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने तीसरे टी20 मुकाबले में हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 125 रन से शिकस्त दी। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई। यह रनों के अंतर से भारत की टी20 इंटरनेशनल में अब तक की सबसे बड़ी हार है।

    इससे पहले भारत को वर्ष 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन से हार मिली थी, लेकिन नॉटिंघम में मिली 125 रन की हार ने वह रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, 76 रन का स्कोर भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे कम टीम स्कोर भी रहा। इससे पहले 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम 74 रन पर सिमट गई थी।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल 10 रन बनाकर जोश टंग का शिकार बने। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कुछ आकर्षक शॉट जरूर लगाए, लेकिन वह भी सिर्फ 13 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।

    ईशान किशन 13 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर बिना प्रभाव छोड़े पवेलियन लौट गए। अक्षर पटेल 10 रन, तिलक वर्मा 3 रन, हर्षित राणा 2 रन और शिवम दुबे भी केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी भारतीय बल्लेबाजी इंग्लैंड के तेज और स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने सबसे सफल गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान जोस बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि सैम करन ने अंतिम ओवरों में नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को 200 के पार पहुंचाया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी क्रम का पूरी तरह फ्लॉप होना और बड़े लक्ष्य के सामने संघर्ष किए बिना ढह जाना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब सीरीज में वापसी के लिए भारत को अगले मुकाबले में हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने

    आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने


    नई दिल्ली । टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारत के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने दो विकेट झटके और इसी के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। रशीद के नाम अब 166 विकेट दर्ज हो चुके हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी के 165 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान 193 विकेट के साथ शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी 164 विकेट के साथ तीसरे और श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा 161 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं।

    यह उपलब्धि ऐसे मुकाबले में आई जिसमें इंग्लैंड ने हर विभाग में भारत पर दबदबा बनाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 201 रन बनाए। टीम के लिए फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान जोस बटलर ने 21 गेंदों में 36 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों में 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया। पूरी भारतीय टीम महज 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई। सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके, जिससे भारत को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

    गेंदबाजी में जोश टंग ने चार विकेट लेकर भारत की कमर तोड़ दी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट अपने नाम किए। आदिल रशीद ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। वहीं आदिल रशीद का यह रिकॉर्ड उनके लंबे और सफल टी20 करियर की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इंग्लैंड को उम्मीद होगी कि उनका अनुभवी स्पिनर आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर टीम को सीरीज में निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड का कमाल 1954 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड का कमाल 1954 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। टीम ने राउंड ऑफ 16 के बेहद रोमांचक मुकाबले में कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने 1954 के बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बनाई है। अब क्वार्टर फाइनल में उसका मुकाबला मजबूत अर्जेंटीना से होगा।

    वैंकूवर में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही सावधानी के साथ खेल दिखाया। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दोनों ओर से कई अच्छे आक्रमण हुए लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और शानदार गोलकीपिंग के कारण स्कोर गोलरहित बना रहा। आखिरकार मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ जहां स्विट्जरलैंड ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम कर ली।

    स्विट्जरलैंड की जीत के सबसे बड़े नायक रूबेन वर्गास रहे जिन्होंने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। मुकाबले के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें मैच खेलने को लेकर भी संशय था लेकिन टीम के लिए जीत दिलाना उनके करियर का सबसे यादगार पल बन गया। उन्होंने बताया कि पेनल्टी लेने के समय वह पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे हुए थे और खुश हैं कि टीम की उम्मीदों पर खरे उतर सके।

    मैच शुरू होने से पहले स्विट्जरलैंड को बड़ा झटका तब लगा जब टीम के प्रमुख खिलाड़ी जोहान मंजांबी घुटने की चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए। उनके नहीं खेलने से पहले हाफ में टीम के आक्रमण की धार कुछ कमजोर दिखाई दी। दूसरी ओर कोलंबिया ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सकी।

    कोलंबिया की ओर से गुस्तावो पुएर्ता ने शानदार प्रयास किया लेकिन स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगर कोबेल ने बेहतरीन बचाव कर टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। दूसरे हाफ में लुइस सुआरेज को भी गोल करने का अवसर मिला लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से बाहर निकल गया। वहीं स्विट्जरलैंड के फैबियन रीडर की दमदार वॉली को कोलंबिया के गोलकीपर कैमिलो वर्गास ने शानदार तरीके से रोक दिया।

    अतिरिक्त समय में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। कोलंबिया के जॉन लुकुमी का हेडर क्रॉसबार से टकराकर बाहर चला गया जबकि स्विट्जरलैंड के जेकी अमदौनी के प्रयास को भी गोलकीपर ने विफल कर दिया। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में ग्रेगर कोबेल ने अहम बचाव किया और रूबेन वर्गास की निर्णायक किक ने स्विट्जरलैंड को सात दशक बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाकर नया इतिहास रच दिया।

    अब फुटबॉल प्रेमियों की नजरें क्वार्टर फाइनल पर होंगी जहां स्विट्जरलैंड की चुनौती मौजूदा दावेदार अर्जेंटीना के सामने होगी। यह मुकाबला विश्व कप के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है।