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  • ब्रिस्टल में टीम इंडिया का बुरा हाल, हैरी ब्रूक की तूफानी पारी से इंग्लैंड ने सीरीज पर किया कब्जा

    ब्रिस्टल में टीम इंडिया का बुरा हाल, हैरी ब्रूक की तूफानी पारी से इंग्लैंड ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली । ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने 2019 के बाद पहली बार लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज गंवाई हैं। इससे पहले भारत आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज 0-2 से हार चुका था।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन ही बना सकी। बल्लेबाज एक बार फिर बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे और टीम चुनौतीपूर्ण स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। जवाब में इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर 159 रन बनाते हुए मुकाबला 37 गेंद शेष रहते अपने नाम कर लिया।

    गेंदों के लिहाज से यह भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरी सबसे बड़ी हार रही। वहीं 150 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने विकेटों के लिहाज से अपनी संयुक्त रूप से दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    इंग्लैंड की जीत के हीरो कप्तान हैरी ब्रूक रहे, जिन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में 79 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दूसरी ओर फिल साल्ट ने 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 68 गेंदों में 146 रन की अविजित साझेदारी कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में कर दिया।

    यह जीत इंग्लैंड के लिए ऐतिहासिक भी रही। पहली बार उसने भारत को दो या उससे अधिक मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज में हराया है। इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई छह टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई थी।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 11 जुलाई को साउथेम्प्टन के द रोज बाउल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि इंग्लैंड की नजर क्लीन स्वीप पर होगी।

  • एमसीजी से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स रोडमैप लॉन्च, खेल साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार

    एमसीजी से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स रोडमैप लॉन्च, खेल साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में भारत और ऑस्ट्रेलिया के खेल संबंधों को नई दिशा देने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप लॉन्च किया। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने खेलों को दोनों देशों की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का मजबूत आधार बताते हुए भविष्य में सहयोग को और विस्तार देने का संकल्प जताया।

    एमसीजी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ियों से मुलाकात की। क्रिकेट, कबड्डी और ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल से जुड़े खिलाड़ियों ने उनसे बातचीत की, ऑटोग्राफ लिए और सामूहिक तस्वीरें खिंचवाईं। कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान स्टीव वॉ और पूर्व महिला कप्तान लीसा स्टालेकर भी मौजूद रहीं।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड हर भारतीय के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां आते ही भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मुकाबलों की यादें ताजा हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि साझा जुनून और मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री ने युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें देखकर भविष्य के चैंपियनों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि खेल देशों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में खेलों की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।

    स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप के तहत दोनों देश क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाएंगे। इसमें स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, खेल अवसंरचना, निवेश और प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में खेलों को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे खेलो इंडिया कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने भारत की 2036 ओलंपिक मेजबानी की महत्वाकांक्षा का भी जिक्र किया, जबकि 2032 ओलंपिक खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में होगी।

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिग बैश लीग 2026-27 का उद्घाटन मुकाबला भारत के चेन्नई में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने का बड़ा अवसर है और इससे दोनों देशों के खेल संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

    कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी खेलों के साथ-साथ शिक्षा, नवाचार और युवा विकास जैसे क्षेत्रों में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देश खेल भावना के साथ आगे बढ़ेंगे और “हम साथ खेलेंगे, हम साथ जीतेंगे” की भावना को और मजबूत करेंगे।

  • चेन्नई बनेगा बिग बैश का नया मंच: पहली बार भारत में खेला जाएगा विदेशी टी20 लीग का मुकाबला

    चेन्नई बनेगा बिग बैश का नया मंच: पहली बार भारत में खेला जाएगा विदेशी टी20 लीग का मुकाबला


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित टी20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग (बीबीएल) 2026-27 इतिहास रचने जा रही है। पहली बार इस लीग का कोई मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से बाहर आयोजित होगा और इसकी मेजबानी भारत करेगा। टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 12 दिसंबर को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स आमने-सामने होंगे।

    यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। पहली बार भारत में किसी विदेशी फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग का आधिकारिक मैच आयोजित होगा। मेलबर्न रेनेगेड्स इस मुकाबले में मेजबान टीम की भूमिका निभाएगी। मैच का सीधा प्रसारण ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख प्रसारण नेटवर्क के साथ भारत में जियोस्टार पर भी किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के करोड़ों क्रिकेट प्रशंसक इस मुकाबले का आनंद ले सकेंगे।

    इस ऐतिहासिक आयोजन की घोषणा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में आयोजित द्विपक्षीय कार्यक्रम के दौरान की। दोनों नेताओं ने इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया के मजबूत खेल संबंधों और क्रिकेट सहयोग का नया अध्याय बताया।

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि भारत में मैच आयोजित होने से बिग बैश लीग की वैश्विक पहचान और लोकप्रियता को नई ऊंचाई मिलेगी। भारतीय समयानुसार यह मुकाबला सुबह 10 बजे शुरू होगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया में इसका प्रसारण दोपहर 2:40 बजे होगा।

    बिग बैश लीग के महाप्रबंधक एलिस्टेयर डॉब्सन ने कहा कि भारत में क्रिकेट के प्रति जबरदस्त जुनून है और यहां बीबीएल की भी बड़ी फैन फॉलोइंग मौजूद है। उनके अनुसार यह पहल केवल एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और खेल सहयोग को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की किसी भी घरेलू खेल प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे अधिक देखा जाने वाला मैच बन सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बीबीएल का पहला मुकाबला आयोजित होने से लीग को नए दर्शक मिलेंगे, व्यावसायिक अवसर बढ़ेंगे और वैश्विक क्रिकेट बाजार में बिग बैश लीग की मौजूदगी और मजबूत होगी। यह कदम अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी क्रिकेट के विस्तार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

  • एमसीजी से पीएम मोदी का बड़ा स्पोर्ट्स विजन: चेन्नई में होगा बीबीएल मुकाबला, भारत-ऑस्ट्रेलिया ने लॉन्च किया नया रोडमैप

    एमसीजी से पीएम मोदी का बड़ा स्पोर्ट्स विजन: चेन्नई में होगा बीबीएल मुकाबला, भारत-ऑस्ट्रेलिया ने लॉन्च किया नया रोडमैप


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में आयोजित विशेष कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ भारत और ऑस्ट्रेलिया के खेल संबंधों को नई मजबूती देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान दोनों देशों ने क्रिकेट से लेकर खेल विज्ञान, युवा विकास और खेल उद्योग तक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

    सबसे बड़ी घोषणा बिग बैश लीग (बीबीएल) को लेकर हुई। दोनों प्रधानमंत्रियों ने बताया कि 12 दिसंबर को बीबीएल के 16वें सीजन का उद्घाटन मुकाबला चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच होगा। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में पहली बार बिग बैश लीग का कोई मैच विदेशी धरती पर आयोजित किया जाएगा, जिसे दोनों देशों के खेल संबंधों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

    एमसीजी में प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले युवा खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। उन्होंने क्रिकेट, कबड्डी और ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल खेल रहे बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल लोगों और देशों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में दोनों देश युवा प्रतिभाओं के विकास, खेल प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल विज्ञान के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त रूप से स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप भी लॉन्च किया। इस पहल के तहत खेल प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, खेल विज्ञान, निवेश और खेल उद्योग में सहयोग को नई दिशा दी जाएगी। साथ ही दोनों देशों के युवा खिलाड़ियों के लिए यूथ स्पोर्ट्स फेस्टिवल आयोजित करने की भी घोषणा की गई, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और सीखने का बेहतर अवसर मिलेगा।

    एमसीजी कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ और पूर्व महिला कप्तान लीसा स्थालेकर भी मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्टीव वॉ के साथ मुलाकात कर तस्वीर खिंचवाई, जबकि लीसा स्थालेकर ने प्रधानमंत्री का ऑटोग्राफ लिया। प्रधानमंत्री ने शेन वॉर्न स्टैंड का भी दौरा किया और हाल ही में महिला टी20 विश्व कप जीतने पर ऑस्ट्रेलियाई टीम को बधाई दी।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक की मेजबानी करेगा। ऐसे में दोनों देशों के पास खेल, खेल उद्योग और युवा विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के व्यापक अवसर मौजूद हैं। यह पहल भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को खेल कूटनीति के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • आईपीएल के 'नेट हीरो' वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल पिच पर हुए फेल, जोफ्रा आर्चर की सिर्फ 13 गेंदों ने खोली 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज की तकनीकी पोल

    आईपीएल के 'नेट हीरो' वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल पिच पर हुए फेल, जोफ्रा आर्चर की सिर्फ 13 गेंदों ने खोली 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज की तकनीकी पोल

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड दौरा और उनका अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर गई भारतीय टीम के साथ जुड़े वैभव को भविष्य का एक उभरता हुआ सितारा माना जा रहा था। हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ मैच खेलने का मौका न मिलने के बाद जब उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में पदार्पण का अवसर मिला, तो वे इंग्लिश पिचों की रफ्तार और अतिरिक्त उछाल के सामने लगातार संघर्ष करते हुए नजर आए। इस श्रृंखला ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी तकनीकी कमियों को उजागर कर दिया है।

    दिलचस्प बात यह है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के दौरान वैभव सूर्यवंशी और इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर दोनों ही राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी का हिस्सा थे। उस दौरान अभ्यास सत्रों के कई ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिसमें वैभव नेट्स पर आर्चर की तेजतर्रार गेंदों के खिलाफ बेहद बेखौफ होकर बड़े शॉट्स खेलते हुए दिखाई दिए थे। यही नहीं, आईपीएल के मुख्य मुकाबलों में भी इस युवा खिलाड़ी ने जसप्रीत बुमराह, मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस जैसे दुनिया के सबसे घातक और अनुभवी तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना किसी डर के बल्लेबाजी की थी और कई शानदार छक्के भी जड़े थे।

    मगर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की असली चुनौती आईपीएल के नेट्स और भारतीय पिचों से बिल्कुल अलग साबित हुई। इंग्लैंड की तेज और अतिरिक्त उछाल वाली पिचों पर जोफ्रा आर्चर ने वैभव के खिलाफ अपनी गति और सटीक बाउंस का बेहतरीन इस्तेमाल किया। श्रृंखला के पहले टी20 मैच में भले ही वैभव स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर आउट हुए थे, लेकिन उस मुकाबले में भी आर्चर ने अपनी शॉर्ट पिच गेंदों से उन्हें फ्रंट फुट पर आने का कोई मौका नहीं दिया था। इसके बाद दूसरे और तीसरे टी20 मुकाबले में आर्चर ने इसी रणनीति को आगे बढ़ाया और दोनों ही बार वैभव को शॉर्ट गेंद के जाल में फंसाकर अपना शिकार बनाया।

    मैच के आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं कि जोफ्रा आर्चर ने इस युवा बल्लेबाज के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति के तहत गेंदबाजी की। आर्चर ने इस टी20 श्रृंखला में वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ कुल मिलाकर सिर्फ 13 गेंदें फेंकीं। इन 13 गेंदों के भीतर ही उन्होंने वैभव को दो बार आउट कर पवेलियन की राह दिखाई। इस दौरान वैभव आर्चर के खिलाफ केवल 18 रन ही बनाने में कामयाब हो सके, जिसमें दो छक्के शामिल थे। आर्चर की इस घातक और अनुशासित गेंदबाजी ने वैभव को क्रीज पर खुलकर खेलने की आजादी बिल्कुल नहीं दी।

    इंग्लैंड दौरे पर खेले गए तीनों टी20 मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी को अच्छी शुरुआत तो मिली, लेकिन वे उसे किसी बड़ी और मैच जिताऊ पारी में तब्दील करने में पूरी तरह नाकाम रहे। उन्होंने इन मैचों में क्रमशः 14, 13 और 15 रनों का स्कोर बनाया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की प्रतिभा और क्षमता पर किसी को कोई शक नहीं है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लंबी रेस का घोड़ा बनने के लिए उन्हें शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ अपनी तकनीक, फुटवर्क और शॉट चयन में भारी सुधार करना होगा, क्योंकि विदेशी दौरों पर यही तकनीक बल्लेबाजों की असली परीक्षा लेती है।

  • Ind vs Eng Test : लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर आज इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम

    Ind vs Eng Test : लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर आज इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम


    लंदन ।
    लॉर्ड्स (Lord’s) के ऐतिहासिक मैदान पर शुक्रवार से भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच टेस्ट मुकाबला खेला जाएगा। भारत की कप्तान (India captain) हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने लॉर्ड्स (Lord’s) में इंग्लैंड (England) के खिलाफ होने वाले ऐतिहासिक महिला टेस्ट (Historic Women’s Test) को टीम के लिए टर्निंग प्वाइंट बताया है. उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में जीत T20 वर्ल्ड कप से मिली निराशा को खत्म कर सकती है और टीम का आत्मविश्वास लौटाएगी. कप्तान ने पहली बार लॉर्ड्स में महिला टेस्ट होने, रेड-बॉल क्रिकेट, श्री चरणी और महिला टेस्ट के भविष्य पर भी खुलकर बात की।

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि अगर भारत इस मुकाबले में जीत दर्ज करता है तो हालिया T20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से बाहर होने का दर्द काफी हद तक कम हो जाएगा और टीम नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगी। हरमनप्रीत ने कहा कि T20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. कुछ मुकाबलों में टीम ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई. यही वजह है कि लॉर्ड्स टेस्ट टीम के लिए नई शुरुआत साबित हो सकता है।

    उन्होंने कहा- अगर हम यह टेस्ट जीतते हैं तो टीम के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी. वर्ल्ड कप के बाद हर खिलाड़ी निराश था, लेकिन इस टेस्ट के जरिए हम अपना आत्मविश्वास वापस हासिल कर सकते हैं. जीत के बाद आपको महसूस होता है कि आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल हैं।

    कप्तान ने कहा कि जब परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आते तो खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है. ऐसे समय में टीम का एकजुट रहना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. उन्होंने भरोसा जताया कि अगर सभी खिलाड़ी एक-दूसरे का साथ दें और टीम के लिए खेलें तो यह जीत आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी भारत के लिए फायदेमंद साबित होगी।


    142 साल बाद लॉर्ड्स में पहली बार महिला टेस्ट

    लॉर्ड्स में यह पहला महिला टेस्ट मैच होगा. इस ऐतिहासिक मौके पर हरमनप्रीत ने कहा कि हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह लॉर्ड्स में टेस्ट खेले. उन्हें यह जानकर भी हैरानी हुई कि इस प्रतिष्ठित मैदान पर अब तक महिला टेस्ट आयोजित नहीं हुआ था।

    उन्होंने कहा- जब हमें पता चला कि इतने साल बाद यहां पहला महिला टेस्ट होने जा रहा है तो हम सभी हैरान थे. मुझे पहले इसकी जानकारी नहीं थी. लेकिन मैं यही कहूंगी कि देर हुई है, बहुत ज्यादा देर नहीं हुई. मैं खुश हूं कि अपने करियर में मुझे इस ऐतिहासिक मैच का हिस्सा बनने का मौका मिला।

    उन्होंने बताया कि पूरी भारतीय टीम इस मुकाबले को लेकर बेहद उत्साहित है और सभी खिलाड़ी इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाना चाहते हैं।


    रेड-बॉल क्रिकेट चुनौती भी, मौका भी

    हरमनप्रीत ने माना कि महिला खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते, इसलिए यह फॉर्मेट चुनौतीपूर्ण जरूर है. हालांकि उन्होंने कहा कि टीम ने पिछले कुछ दिनों में कई प्रैक्ट‍िस सेशन किए हैं और खिलाड़ी अच्छी लय में नजर आए। उन्होंने कहा- हम रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के आदी नहीं हैं, लेकिन जब किसी चीज को लेकर उत्साह होता है तो खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं.”


    ज्यादा महिला टेस्ट खेलने की जताई इच्छा

    भारतीय कप्तान ने महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी के तौर पर वह ज्यादा से ज्यादा टेस्ट मैच खेलना चाहती हैं, लेकिन इसका फैसला ICC और संबंधित क्रिकेट बोर्डों को करना है। हरमनप्रीत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट लगातार आगे बढ़ा है. पिछले साल मार्च में भारत ने टेस्ट खेला था और अब लॉर्ड्स में एक और मौका मिला है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में महिला टेस्ट मैचों की संख्या और बढ़ेगी।


    इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड से बढ़ा भरोसा

    हरमनप्रीत ने कहा कि भारत ने हाल के टेस्ट मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया है और इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम का रिकॉर्ड मजबूत रहा है. ऐसे में खिलाड़ियों ने तय किया है कि वे एकजुट होकर मैदान पर उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे.


    श्री चरणी पर कप्तान को पूरा भरोसा

    कप्तान ने बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी की जमकर तारीफ की, जो लॉर्ड्स टेस्ट में डेब्यू करने जा रही हैं. T20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे सफल गेंदबाज रहीं चरणी को लेकर हरमनप्रीत ने कहा कि वह टीम की सबसे अहम गेंदबाजों में से एक हैं.

    उन्होंने कहा कि चरणी ने केवल वर्ल्ड कप ही नहीं, उससे पहले भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. जब भी टीम को विकेट की जरूरत होती है, वह कप्तान की उम्मीदों पर खरी उतरती हैं. ऐसे खिलाड़ी कप्तान का आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाते हैं।

  • फीफा विश्व कप 2026: सैबारी की चोट ने मोरक्को को दिया झटका, फ्रांस के खिलाफ नहीं उतरेंगे मैदान में

    फीफा विश्व कप 2026: सैबारी की चोट ने मोरक्को को दिया झटका, फ्रांस के खिलाफ नहीं उतरेंगे मैदान में


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले मोरक्को की टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख फॉरवर्ड इस्माइल सैबारी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण फ्रांस के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी मोरक्को के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है, क्योंकि मौजूदा टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

    मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओआबी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैबारी के बाहर होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कनाडा के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले के दौरान सैबारी की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। मेडिकल टीम की कोशिशों के बावजूद वह समय पर पूरी तरह फिट नहीं हो सके। हालांकि कोच ने उम्मीद जताई कि यदि मोरक्को सेमीफाइनल में जगह बनाता है तो 25 वर्षीय खिलाड़ी वापसी कर सकते हैं।

    ओआबी ने कहा कि सैबारी फिलहाल खेलने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि उनका विश्व कप अभियान यहीं खत्म नहीं होगा और वह आगे टीम के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।

    सैबारी इस विश्व कप में मोरक्को के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने ग्रुप चरण के तीनों मुकाबलों में गोल दागे, जबकि नॉकआउट दौर में नीदरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में निर्णायक गोल कर टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। ऐसे में उनके बाहर होने से फ्रांस के खिलाफ मोरक्को के आक्रमण की धार कमजोर पड़ सकती है और टीम को अधिक रक्षात्मक रणनीति अपनानी पड़ सकती है।

    इस मुकाबले से पहले रेफरी नियुक्ति को लेकर भी चर्चा तेज है। फीफा ने फ्रांस और मोरक्को के क्वार्टर फाइनल के लिए पूरी तरह अर्जेंटीना के अधिकारियों की टीम नियुक्त की है। मौजूदा विश्व कप में यह पहला मौका है जब किसी मैच का संचालन एक ही देश के रेफरी पैनल द्वारा किया जाएगा। हालांकि मोरक्को के कोच ने इस पर किसी तरह की चिंता जताने से इनकार किया।

    उन्होंने कहा कि अनुभवी रेफरी बड़े मुकाबलों को संभालना जानते हैं और उनकी टीम पूरी तरह अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे रही है। ओआबी ने कहा कि रेफरी का काम निष्पक्ष फैसले लेना है और उन्हें भरोसा है कि मैच का संचालन भी उसी स्तर पर होगा।

    फ्रांस और मोरक्को के बीच अब तक छह अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस ने चार मैच जीते हैं, एक मुकाबला ड्रॉ रहा है, जबकि मोरक्को को सिर्फ एक जीत मिली है। दोनों टीमें 2022 फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में भी आमने-सामने थीं, जहां फ्रांस ने 2-0 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया था। ऐसे में इस बार मोरक्को के पास पुरानी हार का हिसाब चुकता करने का मौका होगा, हालांकि सैबारी की अनुपस्थिति उसके लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

  • वियतनाम में गूंजेगा भारत का दम, पिकलबॉल वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम का ऐलान, हर्ष मेहता बने कप्तान

    वियतनाम में गूंजेगा भारत का दम, पिकलबॉल वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम का ऐलान, हर्ष मेहता बने कप्तान


    नई दिल्ली । भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन ने पिकलबॉल वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 30 अगस्त से 6 सितंबर तक वियतनाम के दा नांग शहर में खेला जाएगा, जहां दुनिया की शीर्ष टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। कड़े ट्रायल और चयन प्रक्रिया के बाद चुनी गई भारतीय टीम इस बार विश्व मंच पर दमदार प्रदर्शन करने और खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।

    भारतीय टीम की कमान अनुभवी खिलाड़ी हर्ष मेहता को सौंपी गई है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हर्ष से टीम को काफी उम्मीदें हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी दी है। वहीं युवा प्रतिभा अर्जुन सिंह को अंडर 18 वर्ग की टीम का कप्तान बनाया गया है। अर्जुन पिछले कुछ समय से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें भारतीय पिकलबॉल का भविष्य माना जा रहा है।

    पुरुष टीम में हर्ष मेहता के अलावा अर्जुन सिंह, अनीश फ्रोलियन और अमन पटेल को जगह मिली है। महिला वर्ग में मिहिका यादव, आलिया इब्राहिम, पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संतुलित मिश्रण टीम को विश्व कप में मजबूत दावेदार बनाएगा।

    कप्तान बनाए जाने के बाद हर्ष मेहता ने खुशी जताते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत प्रतिभा मैच जिता सकती है, लेकिन चैंपियन वही टीम बनती है जो एकजुट होकर खेलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी टीम अपनी क्षमता के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी और भारत को विश्व कप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने के लिए भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन का आभार भी व्यक्त किया।

    महिला टीम की खिलाड़ियों पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला ने पिछले एक वर्ष में घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दोनों खिलाड़ियों ने महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं में कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि नाओमी अमलसदीवाला और अर्जुन सिंह की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में भारत की सबसे मजबूत जोड़ियों में गिनी जाती है। हाल के महीनों में इस जोड़ी ने विश्व रैंकिंग की कई शीर्ष टीमों को हराकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया है।

    भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह भुल्लर ने टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार भारत के पास संतुलित और बेहद मजबूत टीम है। उन्होंने कहा कि हर्ष मेहता के नेतृत्व में सभी खिलाड़ी केवल भागीदारी के लिए नहीं बल्कि विश्व खिताब जीतने के इरादे से वियतनाम जाएंगे। उनका विश्वास है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।

    पिछले पिकलबॉल वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इस बार लक्ष्य उससे एक कदम आगे बढ़कर स्वर्ण पदक जीतने का है। इसी उद्देश्य से चयनित खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें तकनीकी कौशल, फिटनेस, मानसिक मजबूती और खेल पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ विश्व कप में उतरकर एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने की कोशिश करेगी।

  • नॉर्वे से महामुकाबले से पहले इंग्लैंड मुश्किल में, रीस जेम्स की चोट बनी चिंता, टीम चयन पर बड़ा सवाल

    नॉर्वे से महामुकाबले से पहले इंग्लैंड मुश्किल में, रीस जेम्स की चोट बनी चिंता, टीम चयन पर बड़ा सवाल


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में पहुंच चुकी इंग्लैंड फुटबॉल टीम को क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार डिफेंडर रीस जेम्स की फिटनेस अब भी चिंता का विषय बनी हुई है और नॉर्वे के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले में उनके खेलने पर संशय बरकरार है। हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे जेम्स बुधवार को भी टीम के साथ अभ्यास नहीं कर सके जिससे इंग्लैंड के कोचिंग स्टाफ की चिंता और बढ़ गई है।

    रीस जेम्स को घाना के खिलाफ ग्रुप चरण के दूसरे मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। वह मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ था और उसी के बाद से जेम्स टीम से बाहर चल रहे हैं। चोट के कारण वह मेक्सिको के खिलाफ खेले गए प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी मैदान पर नहीं उतर सके थे। इंग्लैंड ने उस रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको को 3-2 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई थी लेकिन अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रमुख डिफेंडर की उपलब्धता को लेकर है।

    इंग्लैंड के लिए मुश्किलें केवल रीस जेम्स तक सीमित नहीं हैं। मेक्सिको के खिलाफ मुकाबले में युवा डिफेंडर जेरेल क्वांसाह को रेड कार्ड मिला था जिसके कारण वह नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में नहीं खेल पाएंगे। ऐसे में राइट बैक और डिफेंस की अन्य पोजीशन पर टीम के विकल्प काफी सीमित हो गए हैं। यही वजह है कि कोच थॉमस ट्यूशेल के लिए अंतिम एकादश का चयन आसान नहीं रहने वाला।

    मेक्सिको पर शानदार जीत के बाद खिलाड़ियों को रिकवरी का समय दिया गया था। इसके बाद अधिकांश खिलाड़ी स्वोप सॉकर विलेज में अभ्यास के लिए लौटे लेकिन रीस जेम्स के अलावा मार्क गुएही और डेक्लान राइस ने भी टीम के साथ नियमित ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि टीम प्रबंधन का कहना है कि इन खिलाड़ियों के लिए अलग फिटनेस कार्यक्रम तैयार किया गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    मिडफील्डर डेक्लान राइस ने संकेत दिया है कि मामूली परेशानी के बावजूद वह क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं मार्क गुएही की अनुपस्थिति को केवल मांसपेशियों की थकान से जोड़ा गया है और उनके समय पर फिट होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इसी बीच अनुभवी मिडफील्डर जॉर्डन हेंडरसन को लेकर राहत की खबर सामने आई है। मेक्सिको के खिलाफ जीत का जश्न मनाने के दौरान उनकी कलाई में गंभीर चोट लग गई थी जिसके बाद उनकी सर्जरी करानी पड़ी। सफल ऑपरेशन के बाद वह फिर से टीम के साथ जुड़ गए हैं और फिलहाल होटल में आराम कर रहे हैं। टीम प्रबंधन के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और वह खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कैंप में मौजूद हैं।

    इंग्लैंड के पास क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले केवल दो दिन का अभ्यास समय बचा है। इस दौरान टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी कोशिश रीस जेम्स को पूरी तरह फिट करने की होगी। यदि वह उपलब्ध नहीं होते हैं तो इंग्लैंड को अपनी रक्षात्मक रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। नॉर्वे के खिलाफ मुकाबला जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले विजेता से भिड़ेगी। ऐसे में इंग्लैंड किसी भी कीमत पर अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता।

  • करो या मरो मुकाबले में भारत की नजर ब्रिस्टल पर, इसी मैदान पर रोहित के शतक से इंग्लैंड को मिली थी करारी शिकस्त

    करो या मरो मुकाबले में भारत की नजर ब्रिस्टल पर, इसी मैदान पर रोहित के शतक से इंग्लैंड को मिली थी करारी शिकस्त


    नई दिल्ली ।भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती तीन मुकाबलों में दो हार झेलने के बाद भारतीय टीम सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है और अब ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में होने वाला चौथा मुकाबला उसके लिए करो या मरो की स्थिति बन गया है। यदि भारत यह मैच हारता है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा, जबकि जीत मिलने पर भारतीय टीम वापसी की उम्मीदें जिंदा रख सकेगी।

    ब्रिस्टल का मैदान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास महत्व रखता है। टीम इंडिया ने यहां अब तक केवल एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला है, लेकिन उस मैच की याद आज भी भारतीय फैंस के दिलों में ताजा है। वर्ष 2018 में इसी मैदान पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की थी और उस मुकाबले के नायक रहे थे रोहित शर्मा। उन्होंने महज 56 गेंदों में नाबाद 100 रन की विस्फोटक पारी खेलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। विराट कोहली ने भी 43 रनों की अहम पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने 199 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य केवल 18.4 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया था।

    उस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए थे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा जिस अंदाज में किया, उसने मेजबान टीम को पूरी तरह बेबस कर दिया। यही वजह है कि ब्रिस्टल का मैदान भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

    हालांकि मौजूदा सीरीज में परिस्थितियां भारत के पक्ष में नहीं हैं। तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन बनाए। फिल साल्ट ने 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जोस बटलर और सैम करन ने भी तेज बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। पूरी टीम केवल 76 रन पर सिमट गई और सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। यह हार भारतीय टीम की टी20 इतिहास की सबसे निराशाजनक हारों में गिनी जा रही है। अब बल्लेबाजों के सामने खुद को साबित करने और सीरीज में वापसी करने की बड़ी चुनौती है।

    दूसरी ओर इंग्लैंड का ब्रिस्टल में रिकॉर्ड भी बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। मेजबान टीम ने इस मैदान पर अब तक पांच टी20 मुकाबले खेले हैं, जिनमें केवल दो में जीत मिली जबकि तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि वर्ष 2025 में इंग्लैंड ने इसी मैदान पर वेस्टइंडीज को हराकर जीत दर्ज की थी, जिससे टीम का आत्मविश्वास भी ऊंचा है।

    अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारतीय टीम 2018 की सुनहरी यादों को दोहराते हुए ब्रिस्टल में एक बार फिर जीत हासिल कर पाएगी या इंग्लैंड इसी मैदान पर सीरीज अपने नाम करने में सफल रहेगा। क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-वोल्टेज मुकाबले की उम्मीद है जिसमें दोनों टीमें पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगी।