Category: Sports

  • सौरव गांगुली के जन्मदिन पर आया बड़ा सरप्राइज राजकुमार राव की फिल्म दादा का पहला पोस्टर रिलीज

    सौरव गांगुली के जन्मदिन पर आया बड़ा सरप्राइज राजकुमार राव की फिल्म दादा का पहला पोस्टर रिलीज


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल सौरव गांगुली के 54वें जन्मदिन पर उनके प्रशंसकों को खास तोहफा मिला। अभिनेता राजकुमार राव ने बहुप्रतीक्षित बायोपिक दादा द सौरव गांगुली स्टोरी का पहला पोस्टर जारी कर फिल्म की पहली झलक साझा की। पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

    पोस्टर में राजकुमार राव बिल्कुल सौरव गांगुली के अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की बालकनी में शर्ट लहराते हुए 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद के ऐतिहासिक जश्न को फिर से जीवंत कर दिया है। उनके पीछे लहराता विशाल तिरंगा पोस्टर को और अधिक भावनात्मक और प्रेरणादायक बनाता है। फिल्म के पोस्टर पर लिखी टैगलाइन यह संदेश देती है कि उन्होंने केवल क्रिकेट नहीं खेला बल्कि भारतीय क्रिकेट की सोच और पहचान को बदल दिया।

    राजकुमार राव ने पोस्टर साझा करते हुए सौरव गांगुली को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस पोस्ट के बाद फिल्म को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। क्रिकेट प्रशंसकों का मानना है कि यह फिल्म भारतीय क्रिकेट के एक सुनहरे दौर की कहानी बड़े पर्दे पर दिखाएगी।

    फिल्म का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवानी कर रहे हैं जबकि निर्माण लव रंजन और अंकुर गर्ग ने लव फिल्म्स के बैनर तले किया है। फिल्म में राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभाएंगे जबकि तान्या मानिकतला उनकी पत्नी डोना गांगुली का किरदार निभाती नजर आएंगी। यह फिल्म 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के उन कप्तानों में गिने जाते हैं जिन्होंने टीम इंडिया को नई आक्रामक पहचान दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त खिताब जीता और 2003 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल तक का शानदार सफर तय किया। इसके अलावा टीम ने कई ऐतिहासिक विदेशी जीत भी दर्ज कीं।

    साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल की जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल है। 326 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने रोमांचक जीत हासिल की थी। जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में सौरव गांगुली द्वारा शर्ट लहराने का दृश्य आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित जश्न माना जाता है और फिल्म के पहले पोस्टर में उसी पल को दोबारा जीवंत किया गया है।

    अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में सौरव गांगुली ने एकदिवसीय क्रिकेट में 11363 रन बनाए और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वर्ष 2004 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया। अब उनकी प्रेरणादायक यात्रा बड़े पर्दे पर दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार है।

  • एशिया कप 2027 की मेजबानी की रेस में बांग्लादेश सबसे आगे, वनडे फॉर्मेट में जून-जुलाई के दौरान खेला जा सकता है टूर्नामेंट

    एशिया कप 2027 की मेजबानी की रेस में बांग्लादेश सबसे आगे, वनडे फॉर्मेट में जून-जुलाई के दौरान खेला जा सकता है टूर्नामेंट

    नई दिल्ली । एशियन क्रिकेट काउंसिल आगामी एशिया कप 2027 के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियों और रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। इस प्रतिष्ठित क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी की दौड़ में बांग्लादेश सबसे आगे नजर आ रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने महाद्वीपीय टूर्नामेंट की सफल मेजबानी के लिए अपने देश के तीन प्रमुख शहरों मीरपुर, सिलहट और चटगांव को संभावित आयोजन स्थलों के रूप में प्रस्तावित किया है। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने इस प्रस्ताव पर आगे कदम बढ़ाते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से इन तीनों मैदानों की मौजूदा सुविधाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और अन्य प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद जल्द ही मेजबानी पर आधिकारिक मुहर लगाई जा सकती है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी एशिया कप 2027 का आयोजन एक दिवसीय यानी वनडे फॉर्मेट में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की संभावित तारीखें भी सामने आ गई हैं, जिसके तहत प्रतियोगिता की शुरुआत 18 जून 2027 से हो सकती है, जबकि इसका खिताबी मुकाबला 4 जुलाई 2027 को खेला जाएगा। हालांकि, काउंसिल की ओर से अभी तक इस कार्यक्रम की कोई आधिकारिक या अंतिम घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रारूप को लेकर सभी सदस्य देश पूरी तरह सहमत हैं। मध्य प्रदेश सहित पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर बेहद रोमांचक है क्योंकि वनडे फॉर्मेट में होने वाले इस टूर्नामेंट में एक बार फिर पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी।

    इस पूरे घटनाक्रम पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सईद इब्राहिम अहमद ने मीडिया से औपचारिक बातचीत में पुष्टि की है कि बोर्ड ने देश के तीन नियमित और उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदानों को ही इस बड़े टूर्नामेंट के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीरपुर, चट्टोग्राम और सिलहट में पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा मौजूद है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि यदि आगामी वर्ष में एशिया कप का सफल आयोजन बांग्लादेश की धरती पर होता है, तो इससे वहां के दर्शकों को अपनी घरेलू परिस्थितियों में शीर्ष एशियाई टीमों के बीच होने वाले कड़े मुकाबले को करीब से देखने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

    काउंसिल द्वारा मांगी गई विस्तृत जानकारी के संबंध में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ दिनों में दोनों संस्थाओं के बीच होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस मामले पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। मेजबानी मिलने की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए बांग्लादेश का क्रिकेट बोर्ड इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए अभी से हरसंभव प्रयास और आंतरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में व्यस्त है। क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, यदि बांग्लादेश को इस बार काउंसिल से हरी झंडी मिल जाती है, तो पूरे 11 साल के लंबे अंतराल के बाद देश को एक बार फिर से एशिया कप की प्रतिष्ठित मेजबानी का गौरव हासिल होगा।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना की चमत्कारिक वापसी, पेनल्टी चूकने के बाद लियोनेल मेसी के जादू से इजिप्ट को 3-2 से दी शिकस्त

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना की चमत्कारिक वापसी, पेनल्टी चूकने के बाद लियोनेल मेसी के जादू से इजिप्ट को 3-2 से दी शिकस्त

    नई दिल्ली । फुटबॉल विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे रोमांचक और यादगार वापसी दर्ज की है। अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेले गए इस बेहद हाई-वोल्टेज मुकाबले में अर्जेंटीना ने इजिप्ट को 3-2 से पराजित कर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली। एक समय इस नॉकआउट मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन टीम 0-2 के बड़े अंतर से पिछड़ रही थी और उस पर टूर्नामेंट से बाहर होने का गहरा संकट मंडरा रहा था, लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी की जादुई अगुआई में टीम ने खेल के अंतिम दस मिनटों में पासा पलट दिया।

    इस महामुकाबले की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही। मैच के शुरुआती पंद्रहवें मिनट में ही इजिप्ट के यासिर इब्राहिम ने एक बेहतरीन मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस अप्रत्याशित गोल के बाद अर्जेंटीना ने वापसी के लिए चौतरफा हमले तेज कर दिए। इस बीच टीम को बराबरी हासिल करने का एक स्वर्णिम अवसर पेनल्टी के रूप में मिला, लेकिन लियोनेल मेसी इस पर सटीक गोल करने से चूक गए। मध्य प्रदेश समेत दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों को स्तब्ध करते हुए इजिप्ट के मजबूत डिफेंस ने पहले हाफ की समाप्ति तक अपनी बढ़त को पूरी तरह बरकरार रखा।

    दूसरे हाफ में भी खेल का रुख काफी समय तक इजिप्ट के पक्ष में नजर आया। मैच के सड़सठवें मिनट में मोस्तफा जीको ने अर्जेंटीना के डिफेंस की कमियों का फायदा उठाते हुए एक और शानदार गोल कर इजिप्ट की बढ़त को 2-0 कर दिया। जब ऐसा प्रतीत होने लगा था कि विश्व कप में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर होने जा रहा है और इजिप्ट इतिहास रचने से महज दस मिनट की दूरी पर था, तभी लियोनेल मेसी का जादुई कौशल देखने को मिला। मेसी ने अपने जादुई बाएं पैर के शक्तिशाली प्रहार से इजिप्ट के गोलकीपर को छकाते हुए अर्जेंटीना का पहला गोल दागा और टीम की उम्मीदों को जीवित कर दिया। इसके ठीक बाद निर्धारित नब्बे मिनट का खेल समाप्त होने तक स्कोर 2-2 की बराबरी पर पहुंच गया।

    इस शानदार गोल के साथ ही महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी मौजूदा विश्व कप में सर्वाधिक आठ गोल दागकर गोल्डन बूट की दौड़ में फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड से एक बार फिर आगे निकल गए हैं। निर्धारित समय खत्म होने के बाद मिले बेहद तनावपूर्ण स्टॉपेज टाइम में अर्जेंटीना ने अपना आक्रमण और आक्रामक कर दिया। मैच के अंतिम क्षणों में एंजो फर्नांडीज ने एक बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में डालकर अर्जेंटीना को 3-2 की अकल्पनीय और ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस खिताबी जीत के साथ ही अर्जेंटीना ने विश्व कप इतिहास में लगातार 11वीं जीत का अपना अजेय सिलसिला भी कायम रखा है।

    मौजूदा फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना अब 5-0-0 के अजेय रिकॉर्ड के साथ आगे बढ़ रहा है। टीम की नजरें अब इटली और ब्राजील के बाद फुटबॉल इतिहास में लगातार दो बार विश्व कप खिताब जीतने वाला तीसरा देश बनने पर टिकी हैं। लियोनेल मेसी के करियर के दौरान अर्जेंटीना लगातार छठी बार विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बनाने में सफल रहा है। राउंड ऑफ 16 की इस ऐतिहासिक बाधा को पार करने के बाद अब अर्जेंटीना की टीम 11 जुलाई को कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कोलंबिया और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले मैच के विजेता से लोहा लेगी।

  • ट्रेंट ब्रिज में रनों के लिहाज से भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार, पांच मैचों की श्रृंखला में इंग्लैंड 2-0 से आगे

    ट्रेंट ब्रिज में रनों के लिहाज से भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार, पांच मैचों की श्रृंखला में इंग्लैंड 2-0 से आगे

    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का तीसरा मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ। नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस बेहद अहम मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इंग्लैंड द्वारा दिए गए 202 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम महज 11.4 ओवरों में सिर्फ 76 रनों पर सिमट गई। इस बेहद खराब प्रदर्शन के परिणामस्वरूप भारतीय टीम को रनों के लिहाज से अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है।

    इस करारी हार के बाद मेजबान इंग्लैंड ने श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है, जिससे भारतीय टीम के लिए अब श्रृंखला में वापसी की राह बेहद कठिन हो गई है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश सहित देश के सभी हिस्सों में फैले करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह नतीजा चौंकाने वाला है क्योंकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारतीय टीम का यह दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले साल 2019 में न्यूजीलैंड ने वेलिंगटन में भारत को 80 रनों से हराया था, लेकिन नॉटिंघम की इस 125 रनों की हार ने उस पुराने अनचाहे रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

    मैच की बात करें तो भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, जो बाद में पूरी तरह गलत साबित हुआ। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट ने भारतीय गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए महज 44 गेंदों में 70 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें सात चौके और तीन शानदार छक्के शामिल थे। इसके अलावा जोस बटलर ने 36 रन और निचले क्रम में सैम करन ने नाबाद 41 रनों का अमूल्य योगदान दिया, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 201 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से प्रिंस यादव और हर्षित राणा ने दो-दो विकेट अवश्य लिए, लेकिन वे रनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे।

    विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। टीम ने पावरप्ले के भीतर ही महज 52 रनों के स्कोर पर अपने 5 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। इंग्लिश तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की घातक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए। जोफ्रा आर्चर ने भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोरते हुए वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल को पवेलियन का रास्ता दिखाया। जोश टंग ने भी अपनी रफ्तार का कहर बरपाते हुए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को आउट कर भारत की कमर तोड़ दी। टीम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिकने का साहस नहीं दिखा सका और पूरी पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

    भारतीय टीम की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ईशान किशन ही सर्वाधिक 13-13 रन बना सके, जो टीम के खराब बल्लेबाजी दृष्टिकोण को दर्शाता है। पूरी पारी के दौरान शॉट चयन में भारी लापरवाही देखने को मिली और बल्लेबाजों में पिच पर रुककर संघर्ष करने का कोई जज्बा नजर नहीं आया। इस हार के साथ ही भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब टीम लगातार पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक भी जीत दर्ज करने में असफल रही है। श्रृंखला का चौथा मुकाबला अब ब्रिस्टल में खेला जाना है, जहां भारतीय टीम को अपनी साख बचाने और श्रृंखला में बने रहने के लिए आत्ममंथन कर मैदान पर उतरना होगा।

  • विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक

    विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक


    नई दिल्ली । दुनिया के महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल नोवाक जोकोविच ने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि वह जल्द भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की कि भारत दौरे के दौरान वह विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस दोनों खेलना चाहेंगे। जोकोविच ने कहा कि उनके मन में विराट और भारतीय क्रिकेट के प्रति बेहद सम्मान है और वह भारत आकर इस दोस्ती को और मजबूत बनाना चाहते हैं।

    एक बातचीत के दौरान जोकोविच ने कहा कि वह लंबे समय से भारत आने की योजना बना रहे हैं और इस संबंध में विराट कोहली से भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विराट केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे बड़े खेल सितारों में शामिल हैं। यदि उन्हें भारत आने का अवसर मिला तो वह चाहेंगे कि विराट उनके मेजबान बनें और उन्हें देश की संस्कृति तथा प्रमुख स्थानों से परिचित कराएं।

    सर्बिया के रहने वाले जोकोविच ने बताया कि उनके देश में क्रिकेट लोकप्रिय खेल नहीं है, लेकिन उनकी टीम के कुछ सदस्य ब्रिटेन से हैं और उन्हें क्रिकेट का काफी शौक है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों में उन्होंने क्रिकेट को समझने और उसके नियम सीखने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया कि उनकी क्रिकेट तकनीक अभी भी बहुत बेहतर नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि विराट कोहली उनकी बैटिंग तकनीक और बैट स्विंग सुधारने में मदद करेंगे।

    जोकोविच ने कहा कि विराट कोहली की खेल भावना, अनुशासन और मैदान पर समर्पण उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट ने विश्व खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और उसके लिए उनके मन में विशेष सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आकर विराट के साथ समय बिताना उनके लिए यादगार अनुभव होगा।

    इस बीच जोकोविच ने विंबलडन में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने चौथे दौर के मुकाबले में रोमन सफीउलिन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने विंबलडन पुरुष एकल में सबसे अधिक जीत दर्ज करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। लगातार नौवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जोकोविच ने अपनी इस उपलब्धि को बेहद खास बताया।

    उन्होंने कहा कि विंबलडन उनके लिए केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि बचपन का सपना है। बचपन से ही वह यहां चैंपियन बनने और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने का सपना देखते थे। सात बार विंबलडन का खिताब जीतना और इतने वर्षों तक लगातार शीर्ष स्तर पर खेलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सेंटर कोर्ट पर खेलने का अनुभव हमेशा उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा और आत्मविश्वास देता है तथा वह इस वर्ष भी खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

    अब क्वार्टर फाइनल में जोकोविच का मुकाबला फेलिक्स ऑगर अलियासिमे और एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के बीच होने वाले विजेता से होगा। टेनिस प्रेमियों की नजर एक बार फिर इस दिग्गज खिलाड़ी के अगले मुकाबले पर टिकी हुई है।

  • फेक बयान पर सूर्यकुमार यादव की सफाई: भारतीय टीम के साथ खड़ा हूं, अफवाहों पर न करें भरोसा

    फेक बयान पर सूर्यकुमार यादव की सफाई: भारतीय टीम के साथ खड़ा हूं, अफवाहों पर न करें भरोसा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे कथित बयानों को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर प्रसारित किए जा रहे कई बयान पूरी तरह भ्रामक हैं और उनका उन बयानों से कोई संबंध नहीं है। सूर्यकुमार ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें।

    सूर्यकुमार यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि वह भारतीय टीम के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और हमेशा टीम की सफलता की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें हमेशा उनका पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने भारतीय टीम के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा जताते हुए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

    अपने संदेश में सूर्यकुमार यादव ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए भी विशेष शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वैभव अपने क्रिकेट करियर के बेहद रोमांचक दौर की शुरुआत कर रहे हैं और उन्हें हर पल का आनंद लेते हुए देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।

    सूर्यकुमार यादव ने अपने नाम से प्रसारित किए जा रहे कथित बयानों पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर जो बयान उनके नाम से साझा किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने ऐसा कोई बयान न तो दिया है और न ही किसी को इसकी अनुमति दी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी खबर या पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें ताकि गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाई जा सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट, अपने साथी खिलाड़ियों और खेल के प्रति उनका समर्पण किसी भी अफवाह या झूठे बयान से कहीं अधिक मजबूत है। उनके लिए देश और टीम सर्वोपरि है तथा वह हमेशा भारतीय क्रिकेट के हित में खड़े रहेंगे। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट प्रेमी इसे जिम्मेदार और सकारात्मक पहल मान रहे हैं।

    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 टीम की कप्तानी, अपने चयन और युवा खिलाड़ियों को लेकर कुछ विवादित टिप्पणियां की हैं। हालांकि अब स्वयं सूर्यकुमार यादव ने इन दावों का खंडन कर दिया है। उनकी इस स्पष्ट प्रतिक्रिया के बाद उनके नाम से फैलाए जा रहे भ्रामक बयानों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार

    एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपना 45वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर देश और विदेश से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलीं। रांची स्थित उनके आवास के बाहर सुबह से ही प्रशंसकों का जमावड़ा लगा रहा। कई फैंस सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके केवल अपने पसंदीदा क्रिकेटर की एक झलक पाने और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे।

    धोनी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओडिशा और कोलकाता सहित कई राज्यों से प्रशंसक रांची पहुंचे। कुछ फैंस कई दिनों से वहीं ठहरे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि धोनी बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे। उनके हाथों में पोस्टर, बैनर और जन्मदिन की शुभकामनाओं वाले संदेश नजर आए। कई प्रशंसकों ने केक काटने की भी तैयारी की थी।

    ओडिशा से पहुंचे एक प्रशंसक ने बताया कि वह पिछले छह दिनों से रांची में हैं और केवल एक बार अपने पसंदीदा खिलाड़ी से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना था कि धोनी ने अपने खेल और नेतृत्व से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है और वह उनके स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हैं।

    कोलकाता से पहुंचे एक अन्य प्रशंसक ने बताया कि वह हर साल धोनी का जन्मदिन मनाने रांची आते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम हर वर्ष धोनी के जन्मदिन और उनके एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण दिवस पर सामाजिक सेवा के कार्यक्रम भी आयोजित करती है। उनके अनुसार धोनी केवल एक महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।

    युवा प्रशंसकों में भी धोनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई फैंस ने उम्मीद जताई कि माही बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे, उनके साथ केक काटेंगे और कुछ समय बिताएंगे। प्रशंसकों ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना करते हुए यह इच्छा भी जताई कि वह आने वाले वर्षों में भी इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते रहें।

    महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए। शांत स्वभाव, बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और मैच फिनिश करने की कला के कारण उन्हें दुनिया भर में कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि क्रिकेट से जुड़े उनके हर खास दिन पर प्रशंसकों का उत्साह देखते ही बनता है।

  • अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स केस पर 9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगे अतिरिक्त सबूत

    अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स केस पर 9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगे अतिरिक्त सबूत


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई तय करते हुए याचिकाकर्ता को विवादित ऑनलाइन सामग्री से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और स्क्रीनशॉट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का कहना है कि संबंधित सामग्री की जांच किए बिना कोई आदेश पारित करना उचित नहीं होगा।

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच बहुत बारीक अंतर होता है। कई मामलों में मानहानि से जुड़े विवादों में व्यक्तित्व अधिकारों का पहलू भी शामिल हो सकता है। इसलिए अदालत को किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और रिकॉर्ड का सावधानीपूर्वक परीक्षण करना आवश्यक है।

    सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में आया कि याचिका के साथ उन यूआरएल के स्क्रीनशॉट संलग्न नहीं किए गए थे जिनके माध्यम से कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित होने का दावा किया गया है। इस पर अदालत ने अभिषेक शर्मा की ओर से पेश अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करें जिसमें सभी विवादित पोस्ट और यूआरएल से संबंधित स्क्रीनशॉट शामिल हों तथा वे याचिका में दी गई सूची से मेल खाते हों।

    सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिका में दिए गए आठ यूआरएल में से दो उपलब्ध नहीं थे और उन तक पहुंच संभव नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि एक यूआरएल पर मौजूद सामग्री पैपराजी द्वारा अपलोड की गई प्रतीत होती है और प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि वह पर्सनैलिटी राइट्स के दायरे में आती है या नहीं। इस पर अभिषेक शर्मा की ओर से दलील दी गई कि संबंधित सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के माध्यम से तैयार की गई थी। साथ ही यह भी कहा गया कि एक पोस्ट में उनकी मैनेजर को उनकी गर्लफ्रेंड के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो गलत और भ्रामक है।

    याचिका में अभिषेक शर्मा ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की जाए और सोशल मीडिया तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कथित रूप से भ्रामक, मानहानिकारक और एआई से तैयार सामग्री को हटाने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि ऐसी सामग्री उनकी प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।

    फिलहाल अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं और पांच मैचों की टी20 श्रृंखला का हिस्सा हैं। अब इस मामले में सभी की नजर 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी, जब अदालत अतिरिक्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगी।

  • जिम्बाब्वे दौरे से संजू सैमसन को रखा बाहर, रिंकू-मयंक की हुई वापसी

    जिम्बाब्वे दौरे से संजू सैमसन को रखा बाहर, रिंकू-मयंक की हुई वापसी


    नई दिल्‍ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी महीने होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा 6 जुलाई (सोमवार) को की गई. भारतीय चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की है, जिसकी कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है. वहीं तिलक वर्मा उप-कप्तान बने रहेंगे.

    चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है. भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी20 इंटरनेशनल मुकाबले 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे में खेले जाएंगे. आइए जिम्बाब्वे टूर के लिए टीम सेलेक्शन से जुड़ी 5 बड़ी चीजों पर नजर डालते हैं.

    संजू सैमसन को ‘आराम’, प्रभसिमरन को मिली जगह 
    जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में संजू सैमसन का नाम नहीं है. उनकी गैरमौजूदगी टीम चयन की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक है. माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने लगातार क्रिकेट और वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए संजू सैमसन को इस सीरीज से आराम दिया है. हालांकि संजू सैमसन सिर्फ एक ही फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए खेलते हैं, ऐसे में उन्हें सेलेक्ट नहीं किया जाना काफी चौंकाने वाला निर्णय है.

    संजू सैमसन की जगह प्रभसिमरन सिंह को विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर स्क्वॉड में जगह मिली है. प्रभसिमरन इससे पहले एशियन गेम्स 2023 के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन उन्हें तब एक भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला था. ऐसे में अगर जिम्बाब्वे दौरे पर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे. ईशान किशन फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर के तौर पर स्क्वॉड में शामिल हैं.

    रिंकू सिंह का इंतजार खत्म
    विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह की भारतीय टी20 टीम में वापसी हो गई है. रिंकू आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिए भी भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए थे. अब चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है. रिंकू को टी20 क्रिकेट में भारत के सबसे बेहतरीन फिनिशर्स में गिना जाता है.

    रिंकू सिंह आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं. उनकी वापसी से टीम इंडिया के मिडिल और लोअर ऑर्डर को मजबूती मिलने की उम्मीद है. जिम्बाब्वे दौरा रिंकू के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में उन्हें मिले मौकों का पूरा फायदा उठाना होगा.

    मयंक यादव की लंबे समय बाद वापसी
    अपनी तूफानी रफ्तार से पहचान बनाने वाले मयंक यादव की भी भारतीय टीम में वापसी हुई है. मयंक ने अक्टूबर 2024 में भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेला था. इसके बाद फिटनेस और चोट से जुड़ी समस्याओं के कारण वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे. अब चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए एक बार फिर मयंक पर भरोसा जताया है. मयंक की फिटनेस पर भी सभी की नजरें रहने वाली हैं. अगर वह पूरी सीरीज में फिट रहते हुए अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वो आने वाले समय में भारतीय टी20 टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं.

    वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा कायम
    15 साल के वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी टीम इंडिया में बरकरार रखा गया है. वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20I मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. महज 15 साल और 99 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू कर इतिहास रचने वाले वैभव अपने पहले मुकाबले में सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हुए थे. हालांकि दो छक्के जड़कर उन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई थी.

    वैभव सूर्यवंशी के अलावा सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी टीम में जगह मिली है. इससे साफ है कि चयनकर्ता जिम्बाब्वे दौरे को भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने के मौके के रूप में देख रहे हैं. इन युवा खिलाड़ियों के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण होगा. जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन उन्हें भारतीय टी20 टीम की भविष्य की योजनाओं में शामिल कर सकता है.

    अशोक शर्मा-यश ठाकुर की सरप्राइज एंट्री
    चयनकर्ताओं ने तेज गेंदबाजों अशोक शर्मा और यश ठाकुर को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया है. दोनों खिलाड़ियों के लिए यह करियर का बड़ा मौका होगा. वहीं संजू सैमसन के अलावा अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को भी स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि व्यस्त कार्यक्रम और वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए इनमें से कई खिलाड़ियों को आराम दिया गया है.

    जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर).

    भारत के जिम्बाब्वे दौरे का शेड्यूल
    पहला टी20- 23 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
    दूसरा टी20- 25 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
    तीसरा टी20- 26 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे

  • स्पेन से हार के साथ रोनाल्डो के वर्ल्ड कप सफर का अंत, 1-0 की जीत से क्वार्टर फाइनल में पहुंची स्पेन

    स्पेन से हार के साथ रोनाल्डो के वर्ल्ड कप सफर का अंत, 1-0 की जीत से क्वार्टर फाइनल में पहुंची स्पेन


    नई दिल्ली। फुटबॉल के महान खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वर्ल्ड कप सफर स्पेन के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। राउंड ऑफ 16 में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अर्लिंगटन में खेले गए इस मुकाबले के बाद 41 वर्षीय रोनाल्डो का छठा और अंतिम वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो गया।

    मैच समाप्त होने के बाद रोनाल्डो भावुक नजर आए। उन्होंने मैदान से बाहर जाते समय दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और समर्थन के लिए आभार जताया। उनकी नम आंखों ने प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया।

    गोल करने के कई मौके, लेकिन सफल नहीं हुए रोनाल्डो
    मुकाबले में रोनाल्डो के पास गोल करने के कुछ अच्छे अवसर आए, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्हें सफल नहीं होने दिया। रोनाल्डो ने पूरे मैच में तीन शॉट लगाए, जिनमें दो सीधे गोलपोस्ट की ओर थे।

    एक अहम मौके पर जोआओ फेलिक्स के हेडर के बाद गेंद सिमोन के कंधे से टकराई। इसके बाद रोनाल्डो ने बैक-किक से गोल करने की कोशिश की, लेकिन हवा में रहते हुए भी सिमोन ने दोनों हाथों से गेंद को सुरक्षित पकड़ लिया।

    आखिरी मैच नहीं बनाना चाहते थे
    मैच से एक दिन पहले रोनाल्डो ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह उम्मीद करते हैं कि यह उनका आखिरी मुकाबला साबित न हो और वह अपने अंतिम वर्ल्ड कप के हर पल का आनंद लेना चाहते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में रोनाल्डो के नाम सर्वाधिक 146 गोल दर्ज हैं। वर्ल्ड कप इतिहास में उन्होंने कुल 11 गोल किए हैं, जिससे वह सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नौवें स्थान पर हैं। वर्ष 2006 में अपने पहले वर्ल्ड कप में वह पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक ले गए थे, जो इस टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

    स्पेन ने बनाया नया रिकॉर्ड
    स्पेन ने इस जीत के साथ एक नया वर्ल्ड कप रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम ने लगातार छठे मैच में क्लीन शीट बरकरार रखी, जो टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली और स्विट्जरलैंड के नाम था।

    स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने भी लगातार 609 मिनट तक गोल नहीं खाने का नया कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस मामले में इटली के दिग्गज गोलकीपर वाल्टर जेंगा का 1990 का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।