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  • श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से होगी जसप्रीत बुमराह की वापसी, लाल गेंद से अभ्यास करते हुए तेज गेंदबाज ने दिए संकेत

    श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से होगी जसप्रीत बुमराह की वापसी, लाल गेंद से अभ्यास करते हुए तेज गेंदबाज ने दिए संकेत

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे प्रमुख और घातक तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सफेद जर्सी में बल्लेबाजों के होश उड़ाने के लिए तैयार हैं। भारत और श्रीलंका के बीच आगामी अगस्त महीने में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है, जो आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 साइकल के तहत आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। अपनी सटीक यॉर्कर और तूफानी गति से विपक्षी टीमों की गिल्लियां बिखेरने वाले बुमराह के आने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की ताकत दोगुनी होना तय है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक 504 विकेट चटका चुके इस मैच विनर गेंदबाज की मौजूदगी दुनिया के किसी भी मैदान पर भारतीय टीम का पलड़ा भारी कर देती है।

    मध्य प्रदेश । जसप्रीत बुमराह ने नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था, जिसके बाद से उन्होंने खेल के इस सबसे लंबे प्रारूप में हिस्सा नहीं लिया है। हाल ही में समाप्त हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से भी वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे। बुमराह अब सीधे 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के जरिए मैदान पर वापसी करेंगे और इसके ठीक बाद अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपनी धार दिखाएंगे। हाल ही में इस दिग्गज तेज गेंदबाज ने सोशल मीडिया पर लाल गेंद से अभ्यास करते हुए अपनी तस्वीरें साझा की हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि उन्होंने आगामी टेस्ट असाइनमेंट के लिए अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत एशियन गेम्स के बाद बुमराह को टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप से आराम दिया जा सकता है, ताकि वह आगामी वनडे विश्व कप 2027 तक पूरी तरह टेस्ट और वनडे प्रारूप पर अपना ध्यान केंद्रित रख सकें।

    आगामी दौरा वर्ष 2017 के बाद श्रीलंका की धरती पर भारत की पहली टेस्ट सीरीज होगी। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट मैच 15 से 19 अगस्त तक गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट मुकाबला 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगा। वर्तमान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की अंक तालिका में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम नौ मैचों के बाद 48.15 के अंक प्रतिशत (पीसीटी) के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है, जबकि श्रीलंकाई टीम 44.44 पीसीटी के साथ छठे पायदान पर है। ऐसे में फाइनल की रेस में शीर्ष दो स्थानों पर जगह बनाने के लिहाज से दोनों टीमों के लिए यह सीरीज बेहद निर्णायक साबित होने वाली है।

    यदि 32 वर्षीय जसप्रीत बुमराह के टेस्ट करियर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने अब तक खेले 52 टेस्ट मैचों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 234 विकेट अपने नाम किए हैं। इस दौरान उन्होंने 16 बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है, जिसमें 86 रन देकर 9 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। इसके अलावा उन्होंने 89 वनडे मैचों में 149 विकेट और 95 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 121 विकेट चटकाए हैं। भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इन टेस्ट मैचों में बुमराह की वापसी न केवल भारतीय टीम के हौसलों को बढ़ाएगी, बल्कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश करेगी।

  • रवि बिश्नोई का फ्लॉप शो बना हार की बड़ी वजह, स्पिन अटैक और टीम चयन पर उठे गंभीर सवाल

    रवि बिश्नोई का फ्लॉप शो बना हार की बड़ी वजह, स्पिन अटैक और टीम चयन पर उठे गंभीर सवाल


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के कई कारण रहे लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई के प्रदर्शन की हो रही है। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में बिना कोई विकेट लिए 60 रन खर्च किए और तीन नो बॉल फेंक दीं। टी20 जैसे छोटे प्रारूप में किसी स्पिनर का इतना महंगा साबित होना और लगातार नो बॉल करना भारत की गेंदबाजी रणनीति पर बड़े सवाल खड़े करता है।

    भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही और शुरुआती ओवरों में दो विकेट जल्दी गिर गए। ऐसे समय भारतीय टीम के पास मैच पर पकड़ मजबूत करने का सुनहरा मौका था लेकिन बीच के ओवरों में रवि बिश्नोई की गेंदबाजी ने मेजबान टीम को मुकाबले में वापसी का रास्ता दे दिया।

    सबसे निर्णायक मोड़ उनके 17वें ओवर में आया। इस ओवर में उन्होंने तीन नो बॉल फेंकी जिससे इंग्लैंड को लगातार फ्री हिट मिली। बल्लेबाज जैकब बेथेल ने इन अतिरिक्त मौकों का पूरा फायदा उठाया और तेजी से रन बटोरकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। टी20 क्रिकेट में अनुशासन बेहद अहम माना जाता है और किसी स्पिनर से ऐसी गलती की उम्मीद नहीं की जाती।

    बिश्नोई की गेंदबाजी शैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्हें लेग स्पिनर माना जाता है लेकिन उनकी गेंदबाजी मुख्य रूप से गुगली पर आधारित रहती है। जब बल्लेबाज उनकी गुगली को पढ़ लेते हैं तब उनके पास न तो ज्यादा टर्न का विकल्प बचता है और न ही बल्लेबाजों को चकमा देने वाली विविधता दिखाई देती है। मैनचेस्टर में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उनकी रणनीति को आसानी से समझ लिया और खुलकर रन बनाए।

    हाल के समय में आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय रहा है। लखनऊ सुपर जायंट्स से अलग होने के बाद वह राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बने लेकिन वहां भी उनकी भूमिका पूरी तरह स्थिर नहीं रही। ऐसे में भारतीय टीम में लगातार मौके मिलने को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञ और प्रशंसक सवाल उठा रहे हैं। उनका मानना है कि टीम प्रबंधन को प्रदर्शन के आधार पर स्पष्ट चयन नीति अपनानी चाहिए।

    हालांकि केवल एक खराब मैच के आधार पर किसी खिलाड़ी के करियर पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा। रवि बिश्नोई युवा गेंदबाज हैं और उन्होंने पहले भी कई मैचों में टीम को जीत दिलाई है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रभावी बने रहने के लिए उन्हें अपनी पारंपरिक लेग ब्रेक पर काम करना होगा और गेंदबाजी में अधिक विविधता लानी होगी। साथ ही नो बॉल जैसी बुनियादी गलतियों से बचना भी बेहद जरूरी होगा।

    भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज अभी बाकी है और टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगले मुकाबले में स्पिन विभाग में बदलाव किया जाए या फिर बिश्नोई पर भरोसा बरकरार रखा जाए। आने वाले मैचों में उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह आलोचनाओं का जवाब मैदान पर किस तरह देते हैं।

  • खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड पस्त, लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीत रचा नया इतिहास

    खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड पस्त, लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीत रचा नया इतिहास

    नई दिल्ली । महिला टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई टीम का एकछत्र साम्राज्य लगातार जारी है। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को एकतरफा अंदाज में 7 विकेट से शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया है। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 150 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड के बीच हुई शतकीय साझेदारी की बदौलत इस लक्ष्य को महज 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर बेहद आसानी से हासिल कर लिया।

    मध्य प्रदेश । खिताबी मुकाबले में 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम ने दूसरे ही ओवर में सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वॉल का विकेट गंवा दिया था। शुरुआती झटके के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड ने मोर्चा संभाला और दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की शानदार मैच जिताऊ साझेदारी कर इंग्लिश गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। लिचफील्ड ने अपनी आक्रामक पारी में 35 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके और 2 छक्कों की मदद से 48 रन बनाए। वहीं दूसरी छोर पर जमीं बेथ मूनी ने कप्तानी पारी खेलते हुए 49 गेंदों पर 64 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया, जिसमें 10 शानदार चौके शामिल रहे। मूनी के आउट होने के बाद अनुभवी एलिस पेरी ने नाबाद 13 रन और एश्ले गार्डनर ने नाबाद 3 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से चार्लोट डीन, सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन बेल ने एक-एक विकेट लिया, लेकिन वे अपनी टीम को हार से नहीं बचा सकीं।

    इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान इंग्लैंड की टीम शुरुआत में लड़खड़ा गई थी। एमी जोन्स मात्र 6 रन, डैनी वायट-हॉज 8 रन और हीदर नाइट सिर्फ 2 रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गईं। इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और फ्रेया केम्प ने पारी को संभाला और पांचवें विकेट के लिए 80 रनों की अटूट साझेदारी कर टीम को 150 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से नाबाद 58 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों पर 4 चौके और 1 छक्के की सहायता से नाबाद 44 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से धारदार गेंदबाजी करते हुए किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक सफलता हासिल की।

    इस टूर्नामेंट में सोफी मोलिनक्स की कप्तानी में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन बेहद असाधारण रहा, जहां पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीम ने एक भी मैच नहीं गंवाया और अजेय रहते हुए विश्व विजेता का खिताब चूमा। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने वर्ष 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में भी विश्व कप अपने नाम किया था। क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप के इतिहास में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड की टीमें केवल एक-एक बार ही यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने में सफल रही हैं, जो महिला क्रिकेट जगत में ऑस्ट्रेलियाई टीम के बेजोड़ दबदबे को स्पष्ट रूप से बयां करता है।

  • संजू सैमसन की वापसी पर अंबाती रायुडू का भरोसा, बोले- तीन मैच खराब होने से नहीं भूल सकते उनका योगदान

    संजू सैमसन की वापसी पर अंबाती रायुडू का भरोसा, बोले- तीन मैच खराब होने से नहीं भूल सकते उनका योगदान


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उनके डेब्यू को लेकर पूरे देश में उत्साह देखने को मिला, लेकिन इस मुकाबले में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। इस फैसले के बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज अंबाती रायुडू ने संजू के समर्थन में बयान देते हुए उनके हालिया योगदान को याद रखने की अपील की है।

    रायुडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण भारतीय क्रिकेट के लिए खुशी का पल है और इसका जश्न मनाया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि इस उत्साह के बीच यह नहीं भूलना चाहिए कि महज तीन टी20 मैच पहले संजू सैमसन टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे और भारत को खिताब दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका थी।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि संजू सैमसन एक बार फिर मजबूत वापसी करेंगे। साथ ही उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना करते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज लंबा और रिकॉर्ड बनाने वाला करियर बनाए।

    दरअसल टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन का बल्ला पिछले कुछ मुकाबलों में खामोश रहा। आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी वह केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। लगातार तीन मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के कारण टीम प्रबंधन ने दूसरे टी20 में उनकी जगह आईपीएल 2026 के ऑरेंज कैप विजेता वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया।

    वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और दो आकर्षक छक्के लगाए। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई। अब तीसरे टी20 मुकाबले में एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी पर सभी की नजरें रहेंगी।

    संजू सैमसन के करियर में टीम से बाहर होना और फिर दमदार वापसी करना नई बात नहीं है। इससे पहले भी वह कई बार वापसी कर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें फिर कब मौका देता है और वह उस अवसर को किस तरह भुनाते हैं।

  • पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव, बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, चार नए खिलाड़ियों को मिला मौका

    पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव, बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, चार नए खिलाड़ियों को मिला मौका


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान करते हुए बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने एक बार फिर बाबर आजम को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी है। लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शान मसूद को कप्तानी से हटा दिया गया है। इस फैसले के साथ पाकिस्तान टीम नए नेतृत्व में विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लेकर मैदान में उतरेगी।

    शान मसूद के नेतृत्व में पाकिस्तान का टेस्ट प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। उनकी कप्तानी में टीम ने 16 टेस्ट मुकाबले खेले जिनमें से 12 में हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी टीम एक भी टेस्ट जीतने में सफल नहीं हो सकी थी। लगातार खराब नतीजों के बाद चयनकर्ताओं ने कप्तानी में बदलाव का फैसला लिया।

    चयन समिति ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित की है। वहीं इंग्लैंड दौरे के लिए सऊद शकील को अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि उन्हें टीम से जुड़ने से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। इस बार चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए चार नए खिलाड़ियों को पहली बार टेस्ट टीम में मौका दिया है। इनमें बाएं हाथ के स्पिनर अली उस्मान बल्लेबाज मोहम्मद अवैस जफर तेज गेंदबाज उबैद शाह और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद गाजी गोरी शामिल हैं।

    पाकिस्तान टीम सबसे पहले वेस्टइंडीज का दौरा करेगी जहां दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला मुकाबला 25 से 29 जुलाई तक खेला जाएगा जबकि दूसरा टेस्ट 2 से 6 अगस्त के बीच पोर्ट ऑफ स्पेन में होगा। इसके बाद टीम इंग्लैंड रवाना होगी जहां तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 19 अगस्त से 13 सितंबर के बीच लीड्स लॉर्ड्स और बर्मिंघम में खेली जाएगी।

    टीम में बाबर आजम के अलावा मोहम्मद रिजवान सलमान अली आगा इमाम उल हक आमिर जमाल मोहम्मद अब्बास मोहम्मद अली खुर्रम शहजाद साजिद खान और शान मसूद जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि अनुभवी खिलाड़ियों और नए चेहरों का यह संतुलन पाकिस्तान को विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा।

    अब सभी की नजरें बाबर आजम की कप्तानी पर होंगी। एक बार फिर टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने वाले बाबर के सामने पाकिस्तान को जीत की राह पर लौटाने और विदेशी सरजमीं पर मजबूत प्रदर्शन करने की बड़ी चुनौती होगी।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल में क्या बदलेगा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड पर तीन हार का साया

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल में क्या बदलेगा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड पर तीन हार का साया


    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा। खिताब के लिए एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए फाइनल तक का सफर तय किया है। हालांकि खिताबी मुकाबलों का इतिहास इंग्लैंड के पक्ष में नहीं रहा है और यही बात इस बार भी चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।

    टी20 विश्व कप के इतिहास में यह चौथी बार होगा जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड फाइनल में भिड़ेंगे। इससे पहले हुए तीनों खिताबी मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज कर इंग्लैंड के चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया था। पहली बार वर्ष 2012 के फाइनल में कंगारू टीम ने इंग्लैंड को हराया। इसके बाद 2014 और 2018 के फाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की।

    अगर दोनों टीमों के टी20 विश्व कप मुकाबलों का रिकॉर्ड देखें तो अब तक सात बार आमना-सामना हुआ है। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने चार मुकाबले अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड को केवल दो जीत मिली हैं। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। आंकड़े साफ तौर पर ऑस्ट्रेलिया की बढ़त दिखाते हैं लेकिन इस बार इंग्लैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलने की उम्मीद है।

    मेजबान इंग्लैंड का रिकॉर्ड अपने घर में बेहद शानदार रहा है। टीम ने अपनी सरजमीं पर खेले गए महिला टी20 विश्व कप के सभी 11 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। यही वजह है कि इंग्लिश टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ फाइनल में उतरने वाली है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था।

    इंग्लैंड की बल्लेबाजी में डैनी व्याट सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी हैं। वह छह पारियों में 294 रन बनाकर टूर्नामेंट की सबसे सफल बल्लेबाज हैं। वहीं कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने भी अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई है। गेंदबाजी में सोफी एक्लेस्टोन लगातार किफायती और प्रभावी रही हैं तथा फाइनल में भी उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।

    दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर संतुलित और मजबूत टीम के रूप में सामने आई है। अनुभवी ऑलराउंडर एलिसा पेरी शानदार फॉर्म में हैं और बल्ले के साथ गेंद से भी उपयोगी योगदान दे रही हैं। कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने छह मैचों में 10 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े मुकाबलों का अनुभव भी अपने साथ लेकर मैदान पर उतरेगी।

    अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर इतिहास बदलकर पहली बार टी20 विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हरा पाएगा या फिर कंगारू टीम एक बार फिर खिताबी मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखेगी।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल में इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें, एलिसा पेरी से इंग्लैंड को सबसे बड़ा खतरा

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल में इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें, एलिसा पेरी से इंग्लैंड को सबसे बड़ा खतरा


    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा, जहां मेजबान इंग्लैंड और छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में रही हैं और अब सबकी निगाहें उन खिलाड़ियों पर होंगी जो अपने दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं।

    इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी व्याट इस विश्व कप की सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने छह पारियों में 294 रन बनाए हैं और उनका औसत 73 रहा है। पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले हैं। यदि फाइनल में भी व्याट को अच्छी शुरुआत मिलती है तो ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है।

    गेंदबाजी में इंग्लैंड की सबसे बड़ी उम्मीद सोफी एक्लेस्टोन हैं। उन्होंने छह मैचों में नौ विकेट हासिल किए हैं और उनकी इकॉनमी मात्र 5.79 रही है। बीच के ओवरों में रन रोकने और महत्वपूर्ण विकेट लेने की उनकी क्षमता इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है।

    इंग्लैंड की कप्तान नेट साइवर-ब्रंट भी शानदार फॉर्म में हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर टीम को फाइनल तक पहुंचाया। बल्लेबाजी के साथ-साथ वह गेंद से भी योगदान देने में सक्षम हैं, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को उनसे विशेष सावधान रहना होगा।

    ऑस्ट्रेलिया की सबसे अनुभवी ऑलराउंडर एलिसा पेरी एक बार फिर बड़े मुकाबले में सबसे बड़ी मैच विनर मानी जा रही हैं। उन्होंने इस विश्व कप में 185 रन बनाने के साथ चार विकेट भी अपने नाम किए हैं। बड़े मंच पर दबाव झेलने और मैच जिताने का उनका अनुभव इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

    ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनेक्स भी शानदार लय में हैं। उन्होंने छह मुकाबलों में 10 विकेट चटकाए हैं और उनकी इकॉनमी सिर्फ 6.50 रही है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर वह बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने की क्षमता रखती हैं, जिससे उनका महत्व और बढ़ जाता है।

    दोनों टीमों के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन इन पांच सितारों का प्रदर्शन खिताबी मुकाबले का नतीजा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों को लॉर्ड्स में एक रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला फाइनल देखने की उम्मीद है।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल आज, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच होगी खिताबी जंग; जानें पिच और मौसम का हाल

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल आज, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच होगी खिताबी जंग; जानें पिच और मौसम का हाल


    नई दिल्ली। अमहिला टी20 विश्व कप 2026 का बहुप्रतीक्षित फाइनल रविवार को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का सामना मेजबान इंग्लैंड से होगा। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए फाइनल में जगह बनाई है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भरपूर मुकाबले की उम्मीद है।

    ऑस्ट्रेलिया लगातार आठवीं बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है और एक बार फिर अपने दबदबे को कायम रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दूसरी ओर इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए पांचवीं बार फाइनल खेलेगा। खास बात यह है कि इंग्लैंड ने अपनी सरजमीं पर अब तक महिला टी20 विश्व कप का एक भी मैच नहीं गंवाया है। घरेलू मैदान पर खेले गए सभी 11 मुकाबलों में टीम ने जीत दर्ज की है।

    इंग्लैंड की बल्लेबाजी में डैनी व्याट शानदार लय में हैं। उन्होंने छह पारियों में 294 रन बनाकर टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने भी अहम मौकों पर बेहतरीन बल्लेबाजी की है। गेंदबाजी विभाग में सोफी एक्लेस्टोन लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं और फाइनल में भी उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।

    वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम भी हर विभाग में संतुलित नजर आ रही है। अनुभवी बल्लेबाज एलिसा पेरी पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रही हैं और छह मैचों में 185 रन बना चुकी हैं। बेथ मूनी ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई है। गेंदबाजी में कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने छह मैचों में 10 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है जबकि जॉर्जिया वेयरहम ने भी सात विकेट अपने नाम किए हैं।

    अगर पिच की बात करें तो लॉर्ड्स की सतह शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। नई गेंद से अच्छा उछाल और स्विंग मिलने की संभावना रहती है। हालांकि इस विश्व कप में इसी मैदान पर बल्लेबाजों ने भी बड़े स्कोर बनाए हैं। ऐसे में शुरुआती ओवर निकालने वाली टीम बाद में तेजी से रन बना सकती है।

    लॉर्ड्स में अब तक खेले गए 16 महिला टी20 मुकाबलों में आठ मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं जबकि सात बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को सफलता मिली है। इससे साफ है कि टॉस अहम हो सकता है लेकिन मैच का नतीजा प्रदर्शन पर ज्यादा निर्भर करेगा।

    मौसम की बात करें तो क्रिकेट प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। पूर्वानुमान के अनुसार लंदन में पूरे दिन आसमान साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम यानी लगभग पांच प्रतिशत है। ऐसे में पूरे 40 ओवर का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर

    अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर


    नई दिल्ली।  भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अक्षर पटेल का प्रदर्शन गेंद से इस मुकाबले में शानदार रहा। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर अक्षर ने बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली है।

    अक्षर टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से 100 विकेट लेने वाले पहले स्पिनर बन गए हैं। उन्होंने यह मुकाम इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करने के साथ हासिल किया। अक्षर भारत की तरफ से खेले 98 मुकाबलों में 100 विकेट निकाल चुके हैं। इस दौरान उनका इकोनॉमी 7.37 का रहा है। अक्षर के बाद इस लिस्ट में युजवेंद्र चहल दूसरे नंबर पर काबिज हैं। चहल 80 मैचों में 96 विकेट हासिल कर चुके हैं। वहीं, कुलदीप यादव 54 मुकाबलों में 95 विकेट अपने नाम कर चुके हैं और वह सूची में तीसरे नंबर पर मौजूद हैं। हालांकि, बल्लेबाजी में अक्षर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और सिर्फ 2 रन बनाकर रनआउट हुए।

    इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। टीम की ओर से अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के की मदद से 43 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों में 49 रनों की अहम पारी खेली। वहीं, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रनों का योगदान दिया। तिलक वर्मा ने अंत के ओवरों में 11 गेंदों में एक चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 24 रन बनाए।

    हालांकि, इंग्लैंड ने 191 रनों के लक्ष्य को 19 ओवर में 6 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। इंग्लिश टीम की तरफ से जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस पारी में बेथेल ने 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 39 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि टॉम बैंटन ने भी 39 रनों का योगदान दिया।

  • दूसरे टेस्ट में श्रीलंका की मजबूत पकड़, मेंडिस और सोनल की शानदार पारियों से वेस्टइंडीज पर बनाया दबाव

    दूसरे टेस्ट में श्रीलंका की मजबूत पकड़, मेंडिस और सोनल की शानदार पारियों से वेस्टइंडीज पर बनाया दबाव


    नई दिल्ली। एंटीगुआ में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट मैच में दूसरे दिन का खेल पूरी तरह श्रीलंका के नाम रहा। मेहमान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 549 रन बनाकर घोषित कर दी। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट के नुकसान पर 58 रन बनाए। मेजबान टीम अभी भी श्रीलंका के विशाल स्कोर से 491 रन पीछे है और मुकाबले में वापसी के लिए उसे बड़ी साझेदारियों की जरूरत होगी।

    दूसरे दिन श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमान कुशल मेंडिस और सोनल दिनुशा ने संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 143 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कुशल मेंडिस ने 115 गेंदों पर 69 रन की उपयोगी पारी खेली जिसमें आठ चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे।

    दूसरी ओर सोनल दिनुशा अपने पहले टेस्ट शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए। उन्होंने 92 रन की शानदार पारी खेली और इस दौरान 12 चौके लगाए। उनकी संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंका को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    निचले क्रम में मिलन रत्नायके ने 15 रन का योगदान दिया जबकि प्रभात जयसूर्या 17 रन बनाकर नाबाद लौटे। टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे इसिथा विजेसुंदरा ने भी 14 रन जोड़कर टीम के स्कोर को मजबूती दी।

    वेस्टइंडीज की ओर से जेडन सील्स और शेमार जोसेफ सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने दो-दो विकेट हासिल किए। अल्जारी जोसेफ जस्टिन ग्रीव्स और रोस्टन चेज को एक-एक सफलता मिली लेकिन कोई भी गेंदबाज श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव नहीं बना सका।

    विशाल लक्ष्य के जवाब में वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ब्रैंडन किंग 17 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि जॉन कैंपबेल ने एक छोर संभाले रखा और दिन का खेल समाप्त होने तक 31 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके साथ केवम हॉज छह रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।

    पहले टेस्ट में मिली करारी हार के बाद श्रीलंका ने इस मुकाबले के लिए टीम में तीन बदलाव किए थे। प्रभात जयसूर्या लाहिरू उदारा और इसिथा विजेसुंदरा को अंतिम एकादश में शामिल किया गया। पथुम निसांका और लाहिरू कुमारा चोट के कारण बाहर रहे जबकि कसुन रजिथा को खराब प्रदर्शन के चलते टीम में जगह नहीं मिली।

    पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को एक पारी और 217 रन से हराया था लेकिन दूसरे टेस्ट में श्रीलंका ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। अब तीसरे दिन वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी यह तय करेगी कि मैच किस दिशा में आगे बढ़ेगा।