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  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में रामोस का वार, पुर्तगाल ने क्रोएशिया को किया बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में रामोस का वार, पुर्तगाल ने क्रोएशिया को किया बाहर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्जीरिया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्विस टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच में अल्जीरिया को दबाव में रखा।

    स्विट्जरलैंड ने मैच के 10वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। जोहान मंजांबी की तेज दौड़ और सटीक पास पर ब्रील एम्बोलो ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्विस टीम ने लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा जबकि अल्जीरिया बराबरी के लिए संघर्ष करता रहा। पहले हाफ में अल्जीरियाई खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन स्विट्जरलैंड की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।

    दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्विट्जरलैंड के नाम रही। खेल शुरू होने के महज एक मिनट बाद डेनिस जकारिया के क्रॉस को अल्जीरिया की टीम सही तरीके से क्लियर नहीं कर सकी। गेंद डैन नडोये के पास पहुंची और उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह नडोये का वर्ल्ड कप में पहला गोल रहा जिसे उन्होंने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया।

    दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया ने वापसी की कोशिश की लेकिन स्विट्जरलैंड ने विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मिडफील्ड और डिफेंस के बेहतरीन तालमेल की बदौलत स्विस टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और अंतिम सीटी तक बढ़त सुरक्षित रखी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ग्रुप चरण में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा कनाडा को भी मात दे चुकी है। खास बात यह रही कि वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार स्विट्जरलैंड ने लगातार तीन मुकाबले जीतने का कारनामा किया है।

    शानदार फॉर्म में चल रही स्विस टीम अब 7 जुलाई को होने वाले राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी। यह मुकाबला भी वैंकूवर में खेला जाएगा जहां स्विट्जरलैंड लगातार तीसरी बार मैदान पर उतरेगा। टीम की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बोलो-नडोये के गोल से स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को किया बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बोलो-नडोये के गोल से स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को किया बाहर


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्जीरिया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्विस टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच में अल्जीरिया को दबाव में रखा।

    स्विट्जरलैंड ने मैच के 10वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। जोहान मंजांबी की तेज दौड़ और सटीक पास पर ब्रील एम्बोलो ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्विस टीम ने लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा जबकि अल्जीरिया बराबरी के लिए संघर्ष करता रहा। पहले हाफ में अल्जीरियाई खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन स्विट्जरलैंड की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।

    दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्विट्जरलैंड के नाम रही। खेल शुरू होने के महज एक मिनट बाद डेनिस जकारिया के क्रॉस को अल्जीरिया की टीम सही तरीके से क्लियर नहीं कर सकी। गेंद डैन नडोये के पास पहुंची और उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह नडोये का वर्ल्ड कप में पहला गोल रहा जिसे उन्होंने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया।

    दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया ने वापसी की कोशिश की लेकिन स्विट्जरलैंड ने विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मिडफील्ड और डिफेंस के बेहतरीन तालमेल की बदौलत स्विस टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और अंतिम सीटी तक बढ़त सुरक्षित रखी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ग्रुप चरण में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा कनाडा को भी मात दे चुकी है। खास बात यह रही कि वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार स्विट्जरलैंड ने लगातार तीन मुकाबले जीतने का कारनामा किया है।

    शानदार फॉर्म में चल रही स्विस टीम अब 7 जुलाई को होने वाले राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी। यह मुकाबला भी वैंकूवर में खेला जाएगा जहां स्विट्जरलैंड लगातार तीसरी बार मैदान पर उतरेगा। टीम की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • क्रिस्टियानो रोनाल्डो का कमाल और गोंसालो रामोस का कहर; क्रोएशिया को रोमांचक मुकाबले में हराकर पुर्तगाल सेमीफाइनल में पहुंचा

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो का कमाल और गोंसालो रामोस का कहर; क्रोएशिया को रोमांचक मुकाबले में हराकर पुर्तगाल सेमीफाइनल में पहुंचा

    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 से एक बेहद रोमांचक और दिल दहला देने वाला परिणाम सामने आया है, जहां पुर्तगाल ने एक कड़े मुकाबले में क्रोएशियाई टीम को शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंतिम क्षणों में पुर्तगाल के रणनीतिक खेल और आक्रामक रुख ने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पुर्तगाल ने क्रोएशिया का विश्व विजेता बनने का सपना आखिरी मिनटों में तोड़ दिया और अब खिताबी दौड़ के अगले चरण में उसका सामना मजबूत स्पेनिश टीम से होने जा रहा है।

    इस मुकाबले में पुर्तगाल के स्टार फॉरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो और युवा सनसनी गोंसालो रामोस ने अपनी टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैच की शुरुआत से ही क्रोएशिया के मजबूत डिफेंस ने पुर्तगाली आक्रमण को रोकने की हरसंभव कोशिश की और ल्यूका मॉड्रिच के नेतृत्व में कुछ बेहतरीन काउंटर-अटैक भी किए। खेल के अधिकांश समय दोनों टीमें एक-दूसरे पर बढ़त बनाने के लिए संघर्ष करती रहीं और मुकाबला बराबरी पर चलता रहा। मैदान पर मौजूद दर्शकों को एक बेहद कड़ा और रक्षात्मक खेल देखने को मिल रहा था, जहां कोई भी टीम गलती करने को तैयार नहीं थी।

    मैच के अंतिम मिनटों में पुर्तगाल ने अपने आक्रमण को और तेज किया, जिसका नेतृत्व स्वयं क्रिस्टियानो रोनाल्डो कर रहे थे। रोनाल्डो के बेहतरीन पासिंग गेम और मैदान पर उनकी जादुई उपस्थिति ने क्रोएशियाई रक्षकों पर भारी दबाव बना दिया। इसी दबाव का फायदा उठाते हुए गोंसालो रामोस ने विपक्षी टीम के खेमे में तहलका मचा दिया और अंतिम सीटी बजने से ठीक पहले एक शानदार मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को निर्णायक बढ़त दिला दी। क्रोएशिया की टीम इस अप्रत्याशित गोल के बाद संभलने का मौका भी नहीं पा सकी और निर्धारित समय समाप्त होने के साथ ही मुकाबला पुर्तगाल के पक्ष में चला गया।

    क्रोएशियाई टीम के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि उनके अनुभवी खिलाड़ियों ने मैच को अतिरिक्त समय में खींचने और पेनल्टी शूटआउट तक ले जाने की पूरी रणनीति बना ली थी। अंतिम पलों में रक्षापंक्ति की एक छोटी सी चूक ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। इस जीत के साथ ही पुर्तगाल ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। अब फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें पुर्तगाल और स्पेन के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिक गई हैं, जिसे इस विश्व कप का सबसे बड़ा और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

  • विंबलडन 2026: नोवाक जोकोविच ने बनाई तीसरे राउंड में जगह, सिटसिपास को सीधे सेटों में हराया

    विंबलडन 2026: नोवाक जोकोविच ने बनाई तीसरे राउंड में जगह, सिटसिपास को सीधे सेटों में हराया


    नई दिल्ली । सात बार के विंबलडन चैंपियन नोवाक जोकोविच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को ग्रीस के स्टेफानोस सिटसिपास को सीधे सेटों में हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जोकोविच ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिटसिपास को 6-3, 6-4, 6-2 से हराया।

    जोकोविच को सिटसिपास से पार पाने में सिर्फ 98 मिनट लगे और उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार खेल दिखाया। टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में चार सेट तक मुकाबले में जीत दर्ज करने वाले जोकोविच इस मैच में पूरी तरह लय में नजर आए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और सिटसिपास को ज्यादा मौके नहीं दिए। पहला सेट उन्होंने केवल 27 मिनट में 6-3 से अपने नाम किया।

    दूसरे सेट में सिटसिपास ने वापसी की कोशिश की। उन्होंने बेहतर सर्विस की और जोकोविच को कड़ी चुनौती दी। कुछ समय तक मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन अहम मौकों पर जोकोविच ने अपना अनुभव दिखाया। लंबे रैलियों में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर सेट को 6-4 से जीत लिया।
    दूसरे सेट में सिटसिपास ने वापसी की कोशिश की। उन्होंने बेहतर सर्विस की और जोकोविच को कड़ी चुनौती दी। कुछ समय तक मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन अहम मौकों पर जोकोविच ने अपना अनुभव दिखाया। लंबे रैलियों में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर सेट को 6-4 से जीत लिया।

    तीसरे सेट में जोकोविच पूरी तरह हावी रहे। उन्होंने 3-2 की बढ़त के बाद सिटसिपास की सर्विस तोड़ी और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार शानदार शॉट्स लगाते हुए उन्होंने सेट को 6-2 से अपने नाम करते हुए शानदार जीत हासिल की। मैच के दौरान जोकोविच ने 33 विनर्स लगाए और सिर्फ सात अनफोर्स्ड एरर्स किए, जो उनके बेहतरीन खेल का सबूत रहे। इस जीत के साथ उन्होंने 20वीं बार विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बनाई है।

    जोकोविच और सिटसिपास के बीच यह 14वीं भिड़ंत थी। इसमें जोकोविच ने 12वीं जीत दर्ज की। खास बात यह है कि सिटसिपास के खिलाफ जोकोविच ने पिछले 11 मुकाबलों में लगातार जीत हासिल की है। जीत के बाद जोकोविच ने कहा कि जब कोर्ट पर इस तरह का खेल निकलता है तो बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है।

    उन्होंने कहा कि एक बार लय मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। उन्होंने खास तौर पर उस गेम का जिक्र किया, जिसमें वह 5-2 से आगे थे। जोकोविच के मुताबिक, वह हाल के समय में उनके सबसे बेहतरीन रिटर्न गेम्स में से एक था। उन्होंने कहा कि उस समय वह पूरी तरह रिलेक्स थे और बिना किसी दबाव के अपने शॉट्स खेल रहे थे।

  • न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, चोटिल बेन सियर्स वनडे सीरीज से बाहर, वेस्टइंडीज दौरे पर बदली टीम की रणनीति

    न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, चोटिल बेन सियर्स वनडे सीरीज से बाहर, वेस्टइंडीज दौरे पर बदली टीम की रणनीति


    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज बेन सियर्स टखने की चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अनुभवी तेज गेंदबाज बेन लिस्टर को 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। लगातार बढ़ती चोटों ने न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजी इकाई की चिंता और बढ़ा दी है।

    न्यूजीलैंड क्रिकेट के अनुसार बेन सियर्स पिछले कुछ समय से टखने की समस्या से जूझ रहे थे। मई में आयरलैंड के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबले के बाद उनके टखने में दर्द बना हुआ था। इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन यह परेशानी और बढ़ गई। मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें आगे जोखिम से बचाने के लिए स्वदेश भेजने का फैसला लिया गया ताकि उनका इलाज और पुनर्वास समय पर किया जा सके।

    सियर्स की गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन ने बेन लिस्टर पर भरोसा जताया है। 30 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज लिस्टर आने वाले दिनों में गुयाना में टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने वर्ष 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची में अपना वनडे पदार्पण किया था। अब तक वह न्यूजीलैंड के लिए चार वनडे और 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं और कुल 17 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। हाल ही में वह बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में भी टीम का हिस्सा थे और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

    न्यूजीलैंड के लिए चिंता की बात सिर्फ सियर्स की चोट नहीं है। टीम पहले से ही कई प्रमुख तेज गेंदबाजों की अनुपस्थिति का सामना कर रही है। ब्लेयर टिकनर टखने की सर्जरी के कारण पहले ही टीम से बाहर हो चुके हैं। जैकब डफी पारिवारिक कारणों से हाल के इंग्लैंड दौरे पर उपलब्ध नहीं थे जबकि काइल जैमीसन मैट हेनरी और विल ओरूर्के को कार्यभार प्रबंधन के तहत इस सीरीज से आराम दिया गया है। ऐसे में गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी नए और अपेक्षाकृत कम अनुभवी खिलाड़ियों पर होगी।

    वनडे सीरीज की शुरुआत 11 जुलाई से गुयाना में होगी। पहले तीन मुकाबले 11 13 और 16 जुलाई को खेले जाएंगे। इसके बाद सीरीज के अंतिम दो मैच 19 और 21 जुलाई को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में होंगे। कप्तान मिचेल सैंटनर के नेतृत्व में न्यूजीलैंड की टीम इस चुनौतीपूर्ण दौरे पर संतुलित प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।

    बल्लेबाजी में टॉम लैथम डेरिल मिशेल मार्क चैपमैन और विल यंग जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी जबकि गेंदबाजी में बेन लिस्टर और अन्य युवा तेज गेंदबाजों को अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा। वेस्टइंडीज अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेगा इसलिए यह सीरीज दोनों टीमों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

  • इंग्लैंड से हार के बाद डीआर कांगो के कोच पर टूटा दुखों का पहाड़, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली पिता के निधन की खबर

    इंग्लैंड से हार के बाद डीआर कांगो के कोच पर टूटा दुखों का पहाड़, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली पिता के निधन की खबर


    नई दिल्ली । DR Congo national football team के मुख्य कोच Sébastien Desabre के लिए फीफा विश्व कप 2026 का राउंड ऑफ 32 मुकाबला बेहद दर्दनाक साबित हुआ। इंग्लैंड से 2-1 की हार के कुछ घंटों बाद उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने पिता के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद पूरा माहौल भावुक हो गया और मीडिया वार्ता तत्काल समाप्त कर दी गई।

    अटलांटा में खेले गए मुकाबले में डीआर कांगो ने दमदार शुरुआत की थी। सातवें मिनट में Bryan Sipeŋga ने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि, इंग्लैंड के कप्तान Harry Kane ने दो गोल कर मैच का रुख पलट दिया और इंग्लैंड को 2-1 से जीत दिलाकर अगले दौर में पहुंचा दिया।

    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अधिकारी ने फ्रेंच भाषा में देसाब्रे को उनके पिता के निधन की सूचना दी। यह खबर सुनते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल पूरी तरह बदल गया। अधिकारी ने संवेदना व्यक्त करते हुए बातचीत समाप्त करने की घोषणा की। कुछ क्षणों तक स्तब्ध रहने के बाद देसाब्रे ने सभी का धन्यवाद किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर बाहर चले गए।

    हालांकि टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, लेकिन डीआर कांगो ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रचा। 1974 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली टीम ने अपने पहले नॉकआउट चरण तक पहुंचकर दुनिया का ध्यान खींचा। ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने अंतिम 32 में जगह बनाई और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी संघर्षपूर्ण खेल दिखाया।

    हार के बाद देसाब्रे ने कहा कि उनकी टीम ने पूरी मेहनत की, लेकिन अनुभव की कमी निर्णायक साबित हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि खिलाड़ियों ने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन उनका फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैरी केन ने मिले मौकों का पूरा लाभ उठाया।

    कोच ने अपने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पूरी टीम पर गर्व है। उनके अनुसार यह विश्व कप डीआर कांगो फुटबॉल के लिए एक बड़ा सीखने का अनुभव है और इस स्तर पर खेलने से युवा खिलाड़ी भविष्य में और मजबूत होकर लौटेंगे।

  • महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती

    महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती


    नई दिल्ली । महिला ICC Women’s T20 World Cup 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को England women’s cricket team और South Africa women’s national cricket team आमने-सामने होंगी। मुकाबला लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेला जाएगा। रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में जरूर है, लेकिन हाल के बड़े टूर्नामेंटों में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लिश टीम को कड़ी चुनौती दी है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच अब तक 28 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 23 मैच जीते हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका को केवल 5 जीत मिली हैं। यह आंकड़ा इंग्लैंड के स्पष्ट दबदबे को दर्शाता है।

    हालांकि, नॉकआउट मुकाबलों की कहानी अलग रही है। ICC Women’s T20 World Cup 2023 के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को हराया था। इसके बाद ICC Women’s Cricket World Cup 2025 के सेमीफाइनल में भी प्रोटियाज टीम ने इंग्लैंड का सफर रोक दिया था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी।

    इंग्लैंड ने इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप चरण के सभी पांच मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। बल्लेबाजी में Danni Wyatt-Hodge बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में 94 की औसत और 153 के स्ट्राइक रेट से 282 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में Sophie Ecclestone विरोधी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

    दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने कठिन ग्रुप से बाहर निकलकर अंतिम चार में जगह बनाई है। Marizanne Kapp ने गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा है, जबकि Tazmin Brits ने एक शतक सहित तीन मैचों में 174 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी संभाली है। तेज गेंदबाज Shabnim Ismail नई गेंद से लगातार असरदार साबित हुई हैं।

    हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के लिए चिंता की बात कप्तान Laura Wolvaardt की फॉर्म है। उन्होंने पांच पारियों में 117 रन बनाए हैं और सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

    रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में है, लेकिन हालिया नॉकआउट इतिहास और दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा लय को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला होने की उम्मीद है।

  • पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया

    पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया


    नई दिल्ली ।  भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया का मानना है कि ग्रुप चरण में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद पुर्तगाल फीफा विश्व कप 2026 के खिताब का मजबूत दावेदार बना हुआ है। उनका कहना है कि नॉकआउट मुकाबलों में टीम का खेल पूरी तरह बदल सकता है और राउंड ऑफ 32 में वह क्रोएशिया को हराने में सफल रहेगी।

    जी5 के फीफा विश्व कप 2026 विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा बने भूटिया ने कहा कि नॉकआउट चरण का दबाव और माहौल अलग होता है। उनके अनुसार पुर्तगाल के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े मैचों में मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और इसी वजह से वे क्रोएशिया के खिलाफ उसे मजबूत दावेदार मानते हैं।

    भूटिया ने कहा कि पुर्तगाल की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं बल्कि पूरी टीम की गहराई है। उनके अनुसार टीम में कई ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबले का परिणाम बदल सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुर्तगाल के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि उसका रचनात्मक मिडफील्ड रोनाल्डो के लिए लगातार गोल करने के मौके बना पाता है या नहीं।

    उन्होंने माना कि पुर्तगाल की आक्रामक शैली उसे बढ़त दिला सकती है, खासकर यदि टीम तेज काउंटर अटैक और ट्रांजिशन फुटबॉल खेलने में सफल रहती है। हालांकि टीम की एक कमजोरी की ओर भी उन्होंने इशारा किया। भूटिया के मुताबिक पुर्तगाल के पास ऐसा मजबूत रक्षात्मक मिडफील्डर नहीं है जो लगातार गेंद छीनकर खेल को तेजी से आक्रमण में बदल सके।

    पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि पुर्तगाल के पास पहले से ही बेहतरीन आक्रामक मिडफील्डर, मजबूत फॉरवर्ड लाइन और आगे बढ़कर खेलने वाले फुल बैक हैं। यदि टीम के पास बीच के हिस्से में संतुलन बनाने वाला खिलाड़ी होता तो वह और भी खतरनाक साबित होती।

    क्रोएशिया पर टिप्पणी करते हुए भूटिया ने कहा कि मौजूदा टीम में पिछली पीढ़ी जैसी गुणवत्ता नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि क्रोएशिया हमेशा संघर्ष करने वाली टीम रही है और मुश्किल परिस्थितियों में भी परिणाम निकालने का तरीका जानती है, लेकिन इस बार उसके पास पहले जैसी धार नहीं दिख रही।

    भूटिया का मानना है कि लुका मोड्रिक अब भी टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण उनकी रफ्तार और प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यदि क्रोएशिया को पुर्तगाल के खिलाफ जीत हासिल करनी है तो मोड्रिक को असाधारण प्रदर्शन करना होगा। दूसरी ओर पुर्तगाल केवल रोनाल्डो पर निर्भर नहीं है, क्योंकि उसके पास कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं।

    शुक्रवार सुबह टोरंटो में होने वाला पुर्तगाल और क्रोएशिया का राउंड ऑफ 32 मुकाबला विश्व फुटबॉल के दो दिग्गज सितारों क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लुका मोड्रिक की संभावित आखिरी विश्व कप भिड़ंत के कारण भी खास माना जा रहा है। दोनों अनुभवी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम को अगले दौर में पहुंचाने के लिए पूरा दम लगाएंगे।

  • ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता

    ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता


    नई दिल्ली । यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग 2026 के पहले प्लेयर ड्राफ्ट के बाद एम्स्टर्डम फ्लेम्स के को ओनर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने टीम की चयन रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी का मुख्य फोकस ऐसे खिलाड़ियों को चुनना था जो एक से अधिक भूमिकाएं निभाने की क्षमता रखते हों। इसी सोच के तहत विशेषज्ञ बल्लेबाजों की तुलना में ऑलराउंडर्स को अधिक प्राथमिकता दी गई।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स ने ड्राफ्ट में पहले से ही मजबूत कोर टीम के साथ प्रवेश किया था। टीम में ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिचेल मार्श अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड और नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स जैसे खिलाड़ी पहले से शामिल थे। ऐसे में टीम प्रबंधन का ध्यान शेष टीम को संतुलित बनाने और हर परिस्थिति के लिए तैयार करने पर रहा।

    ड्राफ्ट के दौरान फ्रेंचाइजी ने अपने छह में से चार चयन ऑलराउंडर्स पर किए। इनमें आयरलैंड के कर्टिस कैंपर सबसे प्रमुख नाम रहे। इसके अलावा काइल क्लेन टिम प्रिंगल आर्यन दत्त जॉर्डन नील और मैक्स ओ डॉड को भी टीम में शामिल किया गया।

    ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में स्टीव वॉ ने कहा कि यह रणनीति मुख्य कोच रयान कुक के साथ मिलकर तैयार की गई थी। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों का महत्व अधिक है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें और जरूरत पड़ने पर अपनी भूमिका बदल सकें। इससे टीम को हर परिस्थिति में बेहतर संतुलन मिलता है।

    वॉ ने कहा कि टीम के पास पहले से ही मिचेल मार्श स्टीव स्मिथ और टिम डेविड जैसे विश्वस्तरीय बल्लेबाज मौजूद हैं। ऐसे में अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाजों की बजाय उन खिलाड़ियों को चुनना अधिक उपयोगी था जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनके अनुसार आधुनिक टी20 क्रिकेट में बहु-प्रतिभाशाली खिलाड़ी किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग एक नया टूर्नामेंट है और पूरे यूरोप में अलग अलग परिस्थितियों में मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में बहुमुखी खिलाड़ी टीम को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने में मदद करेंगे। स्टीव वॉ ने नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी और कनाडा के युवराज समरा की भी सराहना करते हुए उनके प्रदर्शन और क्षमता की प्रशंसा की।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स को उम्मीद है कि संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंडर्स पर आधारित रणनीति उन्हें ईटीपीएल के पहले ही सीजन में मजबूत दावेदार बनाएगी।

  • हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह

    हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए डीआर कांगो को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम 15 मिनट में दो गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिलाई। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको से होगा। हालांकि जीत के बाद केन ने साफ कहा कि यह सफलता टीम की अंतिम पहचान नहीं है और अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।

    मैच में इंग्लैंड को पहले हाफ में झटका लगा और टीम ब्रेक तक पिछड़ रही थी। इसके बावजूद दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबले में दमदार वापसी की। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने हाफ टाइम तक पिछड़ने के बाद कोई मुकाबला जीतने में सफलता हासिल की। इससे पहले ऐसे नौ मुकाबलों में टीम सात बार हार चुकी थी जबकि दो मैच ड्रॉ रहे थे।

    जीत के बाद टीम के विंगर एंथनी गॉर्डन ने हैरी केन के नेतृत्व और सोच की सराहना की। उन्होंने बताया कि मैच समाप्त होने के बाद केन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत टीम को परिभाषित नहीं करती और इससे विश्व कप नहीं जीता जाता लेकिन इस उपलब्धि का आनंद जरूर लेना चाहिए। इसके बाद पूरी टीम ने प्रशंसकों के साथ जीत का जश्न भी मनाया।

    गॉर्डन ने कहा कि कई बार बड़ी टीमों पर उम्मीदों का दबाव इतना अधिक होता है कि खिलाड़ी महत्वपूर्ण जीत का भी खुलकर जश्न नहीं मना पाते। लेकिन डीआर कांगो जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह जीत खास है और इसका आनंद लेना जरूरी है क्योंकि टीम ने कठिन परिस्थितियों में शानदार वापसी की है।

    इस मुकाबले में एंथनी गॉर्डन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने हैरी केन के दोनों गोल के लिए बेहतरीन मौके तैयार किए। हालांकि उन्होंने अपनी बजाय केन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी ने ही उन्हें सही फैसला लेने का भरोसा दिया। गॉर्डन के अनुसार यदि केन मैदान पर नहीं होते तो शायद वह उन मौकों पर अलग निर्णय लेते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि केन गेंद को गोल में बदल देंगे।

    अब इंग्लैंड की नजर राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है। टीम का लक्ष्य इस लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाना होगा।