Category: Sports

  • Lucknow Super Giants बाहर: लगातार गलतियों ने खत्म किया प्लेऑफ का सफर

    Lucknow Super Giants बाहर: लगातार गलतियों ने खत्म किया प्लेऑफ का सफर


    नई दिल्ली । IPL 2026 सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा। ऋषभ पंत की कप्तानी में टीम लगातार दूसरी बार प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही। पूरे सीजन में टीम का प्रदर्शन अस्थिर और कमजोर नजर आया। टीम की हार के पीछे कई कारण रहे, जिनमें बल्लेबाजों की नाकामी, मध्यक्रम की कमजोरी और गेंदबाजों की असंगत प्रदर्शन प्रमुख रहे।

    1. मार्करम और पूरन का फ्लॉप शो
    LSG की बल्लेबाजी की रीढ़ माने जा रहे एडेन मार्करम और निकोलस पूरन इस सीजन पूरी तरह फ्लॉप रहे।
    मार्करम 11 मैचों में सिर्फ 231 रन ही बना सके
    पूरन 11 मैचों में केवल 184 रन ही जोड़ पाए
    दोनों खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन ने टीम की शुरुआत ही कमजोर कर दी।

    2. ऋषभ पंत का निराशाजनक फॉर्म
    कप्तान ऋषभ पंत से इस सीजन बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन भी औसत से नीचे रहा।
    11 मैचों में 251 रन
    सिर्फ एक अर्धशतक
    पंत की खराब फॉर्म का सीधा असर टीम के स्कोरिंग पर पड़ा।

    3. कमजोर मध्यक्रम बना सबसे बड़ी समस्या
    LSG का मध्यक्रम इस सीजन पूरी तरह विफल साबित हुआ।
    आयुष बदोनी, हिम्मत सिंह और अब्दुल समद जैसे खिलाड़ी लगातार मौके मिलने के बावजूद प्रभाव छोड़ने में असफल रहे। टॉप ऑर्डर के फेल होने के बाद यह क्रम टीम को संभाल नहीं सका।

    4. दिग्वेश राठी का खराब प्रदर्शन
    पिछले सीजन के हीरो रहे दिग्वेश राठी इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
    8 मैचों में सिर्फ 5 विकेट
    इकोनॉमी रेट 10 के करीब
    स्पिन विभाग में उनकी नाकामी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुई।

    5. गेंदबाजों में निरंतरता की कमी
    LSG के गेंदबाज भी पूरे सीजन अस्थिर रहे।
    मोहम्मद शमी ने कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन किया
    लेकिन कई मुकाबलों में वह महंगे साबित हुए
    प्रिंस यादव ने जरूर निरंतरता दिखाई, लेकिन उन्हें अन्य गेंदबाजों का साथ नहीं मिला

    IPL 2026 में LSG का अभियान निराशाजनक रहा। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक टीम हर विभाग में कमजोर नजर आई। अगर टीम को अगले सीजन वापसी करनी है, तो उसे अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बड़े बदलाव करने होंगे।

  • PBKS vs DC: धर्मशाला की ठंडी पिच पर गेंदबाजों का राज, टॉस बनेगा गेम चेंजर

    PBKS vs DC: धर्मशाला की ठंडी पिच पर गेंदबाजों का राज, टॉस बनेगा गेम चेंजर


    नई दिल्ली। IPL 2026 में आज का मुकाबला Punjab Kings और Delhi Capitals के बीच हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत मैदान HPCA Stadium में खेला जाएगा। यह मैदान हमेशा से ही तेज गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता है। नई गेंद के साथ शुरुआती ओवरों में स्विंग और सीम मूवमेंट देखने को मिलता है, जिससे बल्लेबाजों को टिककर खेलने में मुश्किल हो सकती है। पावरप्ले के दौरान विकेट गिरने की संभावना अधिक रहती है और गेंदबाज इस मौके का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

    मिडल ओवर्स में बल्लेबाजों को मिलती है राहत
    जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच बल्लेबाजों के लिए बेहतर होती जाती है। गेंद बैट पर अच्छे से आती है और शॉट खेलना आसान हो जाता है। धर्मशाला का आउटफील्ड तेज होने के कारण टाइमिंग सही होते ही गेंद सीधे बाउंड्री तक पहुंच जाती है।
    यही वजह है कि इस मैदान पर कई बार हाई-स्कोरिंग मुकाबले भी देखने को मिले हैं। दोनों टीमें इस बात को ध्यान में रखते हुए आक्रामक रणनीति अपना सकती हैं।

    ओस बनेगी सबसे बड़ा फैक्टर
    धर्मशाला में शाम के समय मौसम ठंडा हो जाता है और दूसरी पारी में ओस गिरने की संभावना रहती है। ओस आने से गेंद गीली हो जाती है, जिससे गेंदबाजों को ग्रिप करने में परेशानी होती है। इस स्थिति में बल्लेबाजी आसान हो जाती है और रन बनाना तेज हो जाता है। यही कारण है कि टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है।

     दोनों टीमों पर रहेगा दबाव
    Punjab Kings और Delhi Capitals दोनों ही टीमें प्लेऑफ की रेस में बनी हुई हैं, इसलिए यह मुकाबला बेहद अहम है। एक तरफ जहां PBKS के पास मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है, वहीं DC की गेंदबाजी इस पिच पर बड़ा असर डाल सकती है। शुरुआती विकेट मैच का रुख तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    धर्मशाला का यह मुकाबला पूरी तरह से गेंद और बल्ले के बीच रोमांचक जंग साबित होने वाला है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों का दबदबा रहेगा, जबकि दूसरी पारी में ओस खेल का पूरा समीकरण बदल सकती है।

  • आईपीएल 2026: आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर पर गिरी गाज, मैच फीस का 15% जुर्माना

    आईपीएल 2026: आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर पर गिरी गाज, मैच फीस का 15% जुर्माना


    नई दिल्ली।  आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस को आखिरी गेंद तक चले संघर्ष में 2 विकेट से हरा दिया, लेकिन जीत के बाद टीम के हेड कोच एंडी फ्लावर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई ने सुर्खियां बटोर लीं। फ्लावर पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है क्योंकि उन्हें कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल 1 उल्लंघन का दोषी पाया गया।

    अंपायर से बहस बना विवाद की वज
    यह घटना आरसीबी की पारी के 17.2 ओवर में हुई, जब एक फैसले को लेकर मैदान पर असमंजस की स्थिति बनी। अल्लाह गजनफर की गेंद पर क्रुणाल पांड्या ने लॉन्ग-ऑन की दिशा में शॉट खेला, जहां नमन धीर ने शानदार फील्डिंग करते हुए गेंद को सीमा रेखा के पास से उछाल दिया।

    गेंद कैच के रूप में पूरी नहीं हुई और निर्णय को लेकर अंपायरों ने रिप्ले देखा, जिसके बाद इसे छक्का नहीं माना गया। इसी फैसले से नाराज होकर एंडी फ्लावर डगआउट से उठकर चौथे अंपायर के पास पहुंच गए और तीखी बहस करते नजर आए।

    कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन स्वीका
    आईपीएल आचार संहिता के आर्टिकल 2.3 के तहत यह मामला ‘अभद्र भाषा और अनुचित व्यवहार’ की श्रेणी में आया। एंडी फ्लावर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जुर्माना स्वीकार कर लिया है, जिससे मामला यहीं समाप्त हो गया।

    मैच का रोमांच: आखिरी गेंद पर आरसीबी की जी
    मैच की बात करें तो मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 166 रन बनाए। तिलक वर्मा ने 57 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि नमन धीर ने 47 रन जोड़े। जवाब में आरसीबी ने 168 रनों का लक्ष्य अंतिम गेंद पर हासिल किया। क्रुणाल पांड्या ने 73 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और टीम की जीत की नींव रखी। वहीं, भुवनेश्वर कुमार ने न सिर्फ 4 विकेट झटके बल्कि आखिरी गेंद पर अहम रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।

    हालांकि आरसीबी ने एक रोमांचक जीत दर्ज की, लेकिन एंडी फ्लावर पर लगे जुर्माने ने मैच को विवादों में भी ला दिया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि आईपीएल में दबाव केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ पर भी उतना ही रहता है।

  • आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की टूटी उम्मीदें, इन 5 बड़ी वजहों से डूबा प्लेऑफ का सपना

    आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की टूटी उम्मीदें, इन 5 बड़ी वजहों से डूबा प्लेऑफ का सपना


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का सफर निराशाजनक रहा। स्टार खिलाड़ियों की खराब फॉर्म, कमजोर मिडिल ऑर्डर और रणनीतिक गलतियों ने टीम को प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। आरसीबी से हार के बाद टीम की कमियां खुलकर सामने आ गईं।

    1. सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म बनी सबसे बड़ी कमजोरी
    मुंबई इंडियंस के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव इस सीजन पूरी तरह लय से बाहर नजर आए। 11 पारियों में सिर्फ 195 रन और औसत 17.72 ने टीम की बल्लेबाजी को गहरी चोट पहुंचाई। उनसे जिस आक्रामक शुरुआत की उम्मीद थी, वह पूरी तरह नदारद रही। सिर्फ एक अर्धशतक उनके नाम रहा, जिससे मध्यक्रम पर दबाव लगातार बढ़ता गया।

    2. जसप्रीत बुमराह का फीका प्रदर्शन, गेंदबाजी पड़ी कमजोर
    टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इस बार अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। 11 मैचों में केवल 3 विकेट लेना और 8.51 की इकोनॉमी रेट उनके लिए निराशाजनक रहा। डेथ ओवर्स में उनकी धार कम पड़ गई, जिसका खामियाजा टीम को लगातार हार के रूप में भुगतना पड़ा।

    3. हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर उठे सवाल
    कप्तान हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन भी इस सीजन चर्चा का विषय रहा। बल्ले से 146 रन और गेंद से 4 विकेट उनके प्रभाव को दर्शाते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या उनकी रणनीति रही, जिसमें सही समय पर गेंदबाजी परिवर्तन और प्लेइंग इलेवन का चयन लगातार गलत साबित हुआ। कई करीबी मुकाबले टीम की पकड़ से फिसल गए।

    4. मजबूत स्पिन विभाग का अभाव पड़ा भारी
    मुंबई इंडियंस इस सीजन एक प्रभावी स्पिनर की कमी से जूझती नजर आई। अल्लाह गजनफर लगातार प्रदर्शन करने में असफल रहे, जबकि मिचेल सैंटनर की चोट ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। बीच के ओवरों में रन रोकने और विकेट निकालने की क्षमता कमजोर रही, जिससे विपक्षी टीमों को खुलकर खेलने का मौका मिला।

    5. कमजोर मिडिल ऑर्डर ने किया निराश
    इस सीजन मुंबई इंडियंस का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह लड़खड़ाया हुआ दिखा। सूर्यकुमार के अलावा हार्दिक पांड्या, नमन धीर और विल जैक्स जैसे खिलाड़ी लगातार रन बनाने में असफल रहे। वहीं ओपनिंग जोड़ी भी स्थिर शुरुआत देने में नाकाम रही, जिससे पूरा बल्लेबाजी क्रम दबाव में आ गया।

    कुल मिलाकर मुंबई इंडियंस का आईपीएल 2026 अभियान उम्मीदों के विपरीत रहा। स्टार खिलाड़ियों की विफलता, कमजोर रणनीति और संतुलन की कमी ने टीम को प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया। अब फ्रेंचाइजी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले सीजन के लिए अपनी गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करना होगा।

  • IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराया, LSG प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर

    IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराया, LSG प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर

    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के 53वें मुकाबले में रविवार (10 मई) को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को रोमांचक मैच में 5 विकेट से हरा दिया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में लखनऊ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 204 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा, जिसे चेन्नई ने चार गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इस हार के साथ लखनऊ की प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं।

    लखनऊ की दमदार शुरुआत, इंग्लिस का तूफान
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत शानदार रही। जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श ने पहले विकेट के लिए 77 रनों की तेज साझेदारी की। मिचेल मार्श 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि निकोलस पूरन सिर्फ 1 रन ही बना सके।

    जोश इंग्लिस ने 33 गेंदों पर 85 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 6 छक्के शामिल थे। कप्तान ऋषभ पंत भी 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। अंत में शाहबाज अहमद (43* रन) की नाबाद पारी की बदौलत लखनऊ ने 203/8 का स्कोर खड़ा किया। सीएसके की ओर से जेमी ओवर्टन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए।

    चेन्नई की जवाबी पारी, उर्विल पटेल का धमाका
    204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत तेज रही। संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ ने 22 गेंदों में 45 रन जोड़े। इसके बाद उर्विल पटेल ने मैदान पर आते ही आक्रामक बल्लेबाजी की और सिर्फ 13 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर ली। उन्होंने कुल 23 गेंदों में 63 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के शामिल थे। हालांकि वह शाहबाज अहमद की गेंद पर आउट हो गए। ऋतुराज गायकवाड़ ने 42 रनों की पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही सीएसके ने कुछ विकेट जल्दी गंवा दिए।

    अंत में दुबे और वीर ने दिलाई जीत
    आखिरी ओवरों में शिवम दुबे (15*) और प्रशांत वीर (18*) ने संयम से खेलते हुए टीम को जीत दिलाई। चेन्नई ने 19.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

    पॉइंट्स टेबल पर असर
    इस जीत के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने 11 मैचों में 12 अंक हासिल कर लिए हैं, जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स 11 मैचों में सिर्फ 3 जीत के साथ 6 अंकों पर ही सिमट गई है और प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है।

    हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
    दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मुकाबले हुए हैं, जिनमें चेन्नई और लखनऊ ने 3-3 मैच जीते हैं, जबकि 1 मैच बेनतीजा रहा है।

  • दीप दासगुप्ता का बड़ा बयान: राशिद खान ने फिर पकड़ी अपनी क्लासिक फॉर्म, बल्लेबाज़ों पर बरपाया कहर

    दीप दासगुप्ता का बड़ा बयान: राशिद खान ने फिर पकड़ी अपनी क्लासिक फॉर्म, बल्लेबाज़ों पर बरपाया कहर


    नई दिल्ली । क्रिकेट फैंस ने एक बार फिर उस राशिद खान को देखा, जो अपनी घातक स्पिन गेंदबाजी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। गुजरात टाइटंस (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेले गए मुकाबले में राशिद ने 4 ओवर में 33 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और अपनी टीम को 77 रनों की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने राशिद खान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राशिद इस मैच में पूरी तरह अपनी पुरानी लय में नजर आए और उनकी गेंदबाजी का फोकस लगातार स्टंप्स पर था।
    “हर गेंद स्टंप्स पर लग रही थी” दीप दासगुप्ता
    एक क्रिकेट चर्चा के दौरान दीप दासगुप्ता ने कहा कि जब राशिद अपने बेस्ट फॉर्म में होते हैं, तो उनकी गेंदें लगातार बल्लेबाज को परेशानी में डालती हैं। इस मैच में भी उन्होंने वही पुरानी धार दिखाई। उन्होंने खास तौर पर शुभम दुबे के विकेट का जिक्र करते हुए कहा कि राशिद ने बेहतरीन लाइन और लेंथ के साथ मिडिल स्टंप को लगातार टारगेट किया। दासगुप्ता के अनुसार, राशिद की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह लगातार स्टंप्स पर हमला करते हैं, जिससे बल्लेबाज के पास गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है।
    घातक गेंदबाजी से RR की पारी ध्वस्त
    राशिद खान ने इस मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, फरेरा और शुभम दुबे को पवेलियन भेजा। खास बात यह रही कि उनके तीन विकेट क्लीन बोल्ड और एक विकेट एलबीडब्ल्यू के रूप में आया, जो उनकी सटीकता को दर्शाता है। राजस्थान रॉयल्स की टीम 230 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 152 रन पर सिमट गई, और पूरी टीम ऑलआउट हो गई।
    GT की शानदार जीत और टॉप-2 में एंट्री
    गुजरात टाइटंस के लिए कप्तान शुभमन गिल ने 44 गेंदों में 84 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि साई सुदर्शन ने 55 रनों का योगदान दिया। टीम ने इस जीत के साथ अपना सातवां मुकाबला जीतकर अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल कर लिया।
    राशिद खान का यह प्रदर्शन न सिर्फ गुजरात टाइटंस के लिए अहम साबित हुआ, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वह एक बार फिर अपनी घातक फॉर्म में लौट आए हैं। दीप दासगुप्ता की टिप्पणी भी यही बताती है कि जब राशिद लय में होते हैं, तो उन्हें खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता।
  • जोश इंग्लिस ने मचाया धमाल, CSK के होम ग्राउंड पर IPL 2026 में ठोका तूफानी फिफ्टी

    जोश इंग्लिस ने मचाया धमाल, CSK के होम ग्राउंड पर IPL 2026 में ठोका तूफानी फिफ्टी


    नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बल्लेबाज जोश इंग्लिस ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ इंग्लिस ने मात्र 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इस मैदान पर सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।  इंग्लिस ने इस मुकाबले में 33 गेंदों पर 85 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 257 के आसपास रहा, जो इस मैच की सबसे बड़ी खासियत रही।

    LSG की धमाकेदार शुरुआत, पावरप्ले में ही दबदब
    जोश इंग्लिस की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने बेहद तेज शुरुआत की। टीम ने सिर्फ 3.4 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए, जो फ्रेंचाइजी के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतकों में से एक रहा। पावरप्ले के दौरान इंग्लिस ने अकेले 25 गेंदों में 74 रन बनाकर गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।

    इंग्लिस और मिचेल मार्श के बीच पहले विकेट के लिए 31 गेंदों में 77 रनों की साझेदारी ने LSG को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि मार्श 10 रन बनाकर आउट हो गए और इसके बाद निकोलस पूरन और कप्तान ऋषभ पंत भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। पूरन सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ऋषभ पंत 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद इंग्लिस ने एक छोर संभाले रखा और लगातार रन बरसाते रहे।

    शतक से चूके, लेकिन छोड़ दिया बड़ा असर
    जोश इंग्लिस शतक के बेहद करीब पहुंचकर भी उसे पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया। उनकी बल्लेबाजी ने यह साफ कर दिया कि वह LSG के लिए एक मैच विनिंग बल्लेबाज बनते जा रहे हैं।

    टीम में वापसी और रणनीतिक बदलाव
    इस मुकाबले के लिए LSG ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलाव किए थे। जोश इंग्लिस की टीम में वापसी हुई, जबकि आवेश खान को मयंक यादव की जगह शामिल किया गया। यह बदलाव पूरी तरह सफल साबित हुआ, खासकर इंग्लिस के प्रदर्शन के कारण।

    जोश इंग्लिस की यह पारी IPL 2026 की सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई है। चेपॉक जैसे मुश्किल मैदान पर इतनी तेज बल्लेबाजी करना उनके आत्मविश्वास और आक्रामक शैली को दर्शाता है। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने मैच को पूरी तरह LSG के पक्ष में मोड़ दिया।

  • मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने


    नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने भले ही छोटी पारी खेली हो, लेकिन उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मात्र 10 रन की पारी खेलते हुए मार्श ने LSG के लिए सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का कीर्तिमान स्थापित किया।

    इस मैच में मार्श ने 10 गेंदों में 10 रन बनाए, जिसमें एक शानदार छक्का भी शामिल था। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने जोश इंग्लिस के साथ मिलकर 5.1 ओवर में 77 रनों की तेज साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    IPL में लगातार शानदार प्रदर्श
    मिचेल मार्श ने IPL 2025 में पहली बार LSG का प्रतिनिधित्व किया था और तभी से वे टीम के अहम खिलाड़ी बन गए। अपने पहले सीजन में उन्होंने 13 पारियों में 48.23 की औसत से 627 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें टीम का प्रमुख सलामी बल्लेबाज बना दिया।

    IPL 2026 के मौजूदा सीजन में भी उनका फॉर्म जारी है। 11 मैचों में उन्होंने 34.27 की औसत से 377 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। खास बात यह है कि पिछले ही मुकाबले में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 111 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिससे LSG ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 9 रन से जीत दर्ज की थी।

    इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले खिलाड़
    LSG के लिए 1,000 रन सबसे कम पारियों में पूरा करने के साथ मिचेल मार्श ने कई बड़े नामों के क्लब में जगह बना ली है। हालांकि यह रिकॉर्ड IPL इतिहास में सबसे तेज नहीं है, लेकिन LSG फ्रेंचाइजी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।

    IPL इतिहास में सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए सिर्फ 20 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके बाद शॉन मार्श, लिंडल सिमंस, केएल राहुल और डेवोन कॉन्वे जैसे दिग्गज बल्लेबाज इस सूची में शामिल हैं, जिन्होंने 21 से 24 पारियों के बीच यह आंकड़ा छुआ था।

    मिचेल मार्श का यह प्रदर्शन साबित करता है कि वे LSG के लिए लगातार मैच विनिंग खिलाड़ी बनते जा रहे हैं। भले ही इस मैच में उनका योगदान छोटा रहा हो, लेकिन इतिहास रचने वाली यह उपलब्धि उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की गवाही देती है। आने वाले मैचों में उनसे और भी बड़े धमाकों की उम्मीद की जा रही है।

  • आईपीएल 2026 में इन 5 भारतीय सितारों को नहीं मिला मैदान पर उतरने का मौका..

    आईपीएल 2026 में इन 5 भारतीय सितारों को नहीं मिला मैदान पर उतरने का मौका..

    नई दिल्ली । क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर जहाँ एक ओर युवाओं की नई पौध अपनी चमक बिखेर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे नामी खिलाड़ी भी हैं जिनका पूरा सीजन केवल डगआउट की सफेद कुर्सियों पर बैठकर बीत गया। इस सूची में सबसे ऊपर पृथ्वी शॉ का नाम आता है, जो कभी भारतीय बल्लेबाजी की अगली पीढ़ी के ध्वजवाहक माने जाते थे। दिल्ली की टीम ने उन्हें नीलामी में दोबारा अपने साथ जोड़ा तो था, लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान कप्तान और प्रबंधन ने उन्हें एक भी मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह देना मुनासिब नहीं समझा। 75 लाख रुपये में बिकने वाले शॉ के लिए यह साल उनके करियर की सबसे बड़ी गिरावट के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि कभी उनकी गिनती टीम के सबसे महंगे और अनिवार्य खिलाड़ियों में होती थी। अब उनका पूरा सीजन बिना एक भी गेंद खेले खत्म होने की कगार पर है।

    अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा की स्थिति भी कुछ इसी तरह की रही। गुजरात की टीम ने उन्हें रिटेन कर उन पर भरोसा तो जताया, लेकिन मैदान की हकीकत कुछ और ही रही। युवा तेज गेंदबाजों की बढ़ती रफ्तार और टी-20 क्रिकेट की बदलती मांग के बीच ईशांत की अनुभव वाली रणनीति टीम के समीकरणों में फिट नहीं बैठ सकी। पिछले सीजन के महंगे इकोनॉमी रेट ने उनकी राह और मुश्किल कर दी, जिसके चलते वह पूरे सीजन केवल नेट प्रैक्टिस और ड्रेसिंग रूम तक ही सीमित रह गए। उनके साथ ही अर्जुन तेंदुलकर की चर्चा भी काफी रही, जो मुंबई से ट्रेड होकर लखनऊ की टीम में पहुंचे थे। सचिन तेंदुलकर के पुत्र होने के नाते उन पर हमेशा कैमरे की नजर रही, लेकिन मैदान पर वह अपनी गेंदबाजी का जौहर दिखाने को तरसते रहे। पिछले दो वर्षों से लगातार मौकों का इंतजार कर रहे अर्जुन के लिए यह सीजन पेशेवर तौर पर बेहद निराशाजनक साबित हुआ है।

    वहीं घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने वाले युवा मुशीर खान के लिए भी पंजाब की टीम का सफर केवल सीखने तक ही सीमित रहा। अपने भाई सरफराज खान की तरह आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर मुशीर को इस साल एक भी मुकाबले में खुद को साबित करने की चुनौती नहीं मिली। टीम के पास मौजूद विदेशी विकल्पों और सीनियर ऑलराउंडर्स की मौजूदगी ने उन्हें बाउंड्री के बाहर ही रोके रखा। इसी फेहरिस्त में अनुभवी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी का नाम भी जुड़ गया है, जिनकी कोलकाता की टीम में वापसी तो हुई लेकिन वापसी का यह जश्न मैदान तक नहीं पहुंच सका। पिछले साल के खराब प्रदर्शन का असर उनके चयन पर साफ दिखा, जहाँ मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा जताने के बजाय नए चेहरों के साथ जाना बेहतर समझा।

    इन पांचों खिलाड़ियों का भाग्य यह स्पष्ट करता है कि इस खेल के सबसे छोटे और ग्लैमरस प्रारूप में आपका नाम चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, तात्कालिक प्रदर्शन और टीम का संतुलन ही आपकी जगह तय करता है। करोड़ों के अनुबंध और प्रशंसकों की भारी उम्मीदों के बीच शुरू हुआ इन खिलाड़ियों का सफर अब प्लेऑफ के करीब आते-आते केवल डगआउट की यादों तक सीमित रह गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले सीजन की नीलामी से पहले ये खिलाड़ी खुद को मानसिक रूप से कैसे तैयार करते हैं, क्योंकि मैदान से दूर रहकर अपनी लय बनाए रखना किसी भी पेशेवर खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। फिलहाल, इनके लिए यह सीजन केवल एक लंबा इंतजार बनकर रह गया है।

  • IPL 2026 Playoff Race: GT टॉप-2 में फिर भी सबसे पीछे! जानिए किस टीम के कितने प्रतिशत चांस

    IPL 2026 Playoff Race: GT टॉप-2 में फिर भी सबसे पीछे! जानिए किस टीम के कितने प्रतिशत चांस


    नई दिल्ली ।  आईपीएल 2026 अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मैच प्लेऑफ की तस्वीर बदल रहा है। शनिवार को गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 77 रनों से हराकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की, बल्कि पॉइंट्स टेबल में भी दूसरा स्थान हासिल कर लिया। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम ने इस मुकाबले में ऐसा दमदार प्रदर्शन किया, जिसने बाकी टीमों की टेंशन बढ़ा दी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी जीत के बावजूद गुजरात टाइटंस को प्लेऑफ की दौड़ में सबसे कमजोर दावेदार माना जा रहा है।
    आंकड़ों के मुताबिक गुजरात टाइटंस के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 72.52 प्रतिशत है, जो टॉप-5 टीमों में सबसे कम है। जबकि सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उससे आगे हैं। क्रिकेट फैंस के लिए यह आंकड़ा चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन इसके पीछे टीमों का आगामी शेड्यूल सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
    SRH बनी सबसे मजबूत दावेदार
    इस समय प्लेऑफ की रेस में सबसे मजबूत स्थिति सनराइजर्स हैदराबाद की नजर आ रही है। हैदराबाद के प्लेऑफ में पहुंचने के चांस 89.59 प्रतिशत बताए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, टीम के टॉप-2 में फिनिश करने की संभावना भी 60 प्रतिशत से ज्यादा है। लगातार संतुलित प्रदर्शन ने SRH को इस सीजन की सबसे खतरनाक टीम बना दिया है।
    पंजाब और राजस्थान भी मजबूत स्थिति में
    पंजाब किंग्स के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 84.81 प्रतिशत आंकी गई है। टीम ने इस सीजन कई करीबी मुकाबले जीतकर खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। वहीं राजस्थान रॉयल्स, हालिया हार के बावजूद 80.31 प्रतिशत चांस के साथ रेस में बनी हुई है। हालांकि खराब नेट रन रेट उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो सकती है।
    RCB और GT के बीच कांटे की टक्कर
    आरसीबी के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 77.55 प्रतिशत है, जबकि गुजरात 72.52 प्रतिशत पर है। दोनों टीमों के बीच फर्क ज्यादा नहीं है, लेकिन गुजरात का बाकी शेड्यूल उसे मुश्किल में डाल रहा है। GT को अपने आखिरी लीग मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद, कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। दूसरी ओर राजस्थान के मुकाबले अपेक्षाकृत कमजोर टीमों के खिलाफ हैं, जिससे उसके चांस ज्यादा माने जा रहे हैं।
    चेन्नई अब भी रेस में जिंदा
    चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बावजूद वापसी की है। टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना फिलहाल 38.81 प्रतिशत है। हालांकि अगर ऋतुराज गायकवाड़ की टीम अपने बाकी मुकाबले जीत जाती है, तो पूरा समीकरण बदल सकता है।
    इन टीमों का सपना लगभग खत्म
    कोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें अब लगभग खत्म मानी जा रही हैं। दिल्ली के प्लेऑफ चांस शून्य प्रतिशत बताए गए हैं, जबकि मुंबई और लखनऊ भी 2 प्रतिशत से नीचे पहुंच चुके हैं। अब आईपीएल 2026 का हर मुकाबला करो या मरो जैसा बन चुका है। आने वाले दिनों में पॉइंट्स टेबल में और बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।