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  • मथुरा: नेशनल हाईवे पर 4 किमी लंबा जाम, भीषण गर्मी में 4 घंटे तक फंसे रहे लोग; रेलवे पुल निर्माण बना वजह

    मथुरा: नेशनल हाईवे पर 4 किमी लंबा जाम, भीषण गर्मी में 4 घंटे तक फंसे रहे लोग; रेलवे पुल निर्माण बना वजह

    मथुरा। दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर रविवार को भीषण जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे पुल निर्माण कार्य के चलते हाईवे का एक हिस्सा संकरा हो जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

    जाम थाना हाईवे क्षेत्र से शुरू होकर रिफाइनरी तक फैल गया, जिसमें कई वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए। रविवार होने के कारण हाईवे पर वाहनों का दबाव भी अधिक था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    भीषण गर्मी और उमस के बीच जाम में फंसे लोग परेशान होते रहे। खासकर छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग पानी और छांव की तलाश करते नजर आए, जबकि वाहनों की लंबी कतारें सड़क पर लगातार बढ़ती रहीं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे थाना के पास रेलवे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण सड़क संकरी हो गई है और ट्रैफिक का दबाव बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है। रविवार को स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    सूचना मिलने पर ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू कराने का प्रयास किया। हालांकि जाम पूरी तरह खत्म होने में काफी समय लग गया।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्ग और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • झांसी: नयागांव में राशन दुकान आवंटन पर विवाद, धांधली के आरोप, निरस्त करने की मांग

    झांसी: नयागांव में राशन दुकान आवंटन पर विवाद, धांधली के आरोप, निरस्त करने की मांग



    झांसी। मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत नयागांव में सरकारी राशन दुकान के आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने आवंटन प्रक्रिया में धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आवंटन को निरस्त करने की मांग की है।

    जल्दबाजी में बैठक का आरोप
    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मुनादी होने के महज दूसरे ही दिन जल्दबाजी में राशन दुकान आवंटन के लिए खुली बैठक आयोजित कर दी गई। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई और नियमों की अनदेखी की गई।

    ग्राम पंचायत सदस्यों में नाराजगी
    ग्राम पंचायत सदस्यों ने भी आवंटन प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें गांव के लोगों की सहमति नहीं ली गई और न ही उचित प्रक्रिया का पालन किया गया।

    जांच की मांग
    ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में राशन दुकान का आवंटन निरस्त कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की बात कही जा रही है
    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।

  • झांसी में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी: 30 किमी शव ले जाने के लिए मांगे 6000 रुपए, परिजनों ने DM से लगाई गुहार

    झांसी में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी: 30 किमी शव ले जाने के लिए मांगे 6000 रुपए, परिजनों ने DM से लगाई गुहार



    झांसी। मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एंबुलेंस संचालकों की मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। एक गरीब परिवार से मात्र 30 किलोमीटर दूर शव ले जाने के लिए 6000 रुपए की मांग की गई, जबकि दूसरी एंबुलेंस 1200 से 1500 रुपए में जाने को तैयार थी।

    परिजनों ने 4000 रुपए देने की बात कही, लेकिन एंबुलेंस चालक 6000 रुपए पर अड़ा रहा। अंततः परिजनों ने डीएम ऑफिस में फोन कर अपनी पीड़ा बताई, जिसके बाद मामला 4000 रुपए में तय हुआ और शव को रवाना किया गया।

    ट्रेन के बाथरूम में मिला शव
    मृतक महेंद्र सिंह (47), बबीना क्षेत्र के ठकरास मोहल्ले के रहने वाले थे और अहमदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वे अहमदाबाद से साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान ट्रेन के बाथरूम में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वहीं उनकी मौत हो गई।ट्रेन जब झांसी स्टेशन पहुंची तो जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

    बबीना ले जाने को लेकर विवाद
    पोस्टमार्टम के बाद शव को बबीना ले जाने को लेकर एंबुलेंस संचालकों में मनमानी वसूली का आरोप लगा। परिजनों का कहना है कि बाहर खड़ी एंबुलेंस 1200–1500 रुपए में जाने को तैयार थी, लेकिन अंदर मौजूद संचालक अधिक पैसे की मांग पर अड़े रहे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    मृतक के परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी हैं। सभी अभी अविवाहित हैं। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर बताई जा रही है।

    प्रशासन पर उठे सवाल
    यह कोई पहला मामला नहीं है जब पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एंबुलेंस संचालकों पर मनमानी वसूली के आरोप लगे हों। दूर-दराज से आने वाले परिजनों से कई गुना अधिक किराया वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • यूपी के मदरसों में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की तैयारी, ओपी राजभर के बयान से सियासत गरमाई

    यूपी के मदरसों में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की तैयारी, ओपी राजभर के बयान से सियासत गरमाई



    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने संकेत दिए हैं कि यूपी के मदरसों में भी ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।

    राजभर ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि जिस तरह अन्य शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान कराया जाता है, उसी तरह मदरसों में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि विभाग उनके पास है और इस तरह की व्यवस्था लागू करने में कोई बुराई नहीं है।

    शिक्षा और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने की बात
    मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मदरसा संस्थानों के छात्रों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर देना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अमन, चैन और भाईचारे के साथ आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।उनके अनुसार, “राष्ट्रगीत का सम्मान किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”

    विपक्ष पर तीखा हमला
    ओपी राजभर ने अपने बयान में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे केवल राजनीति के लिए समाज में नफरत फैलाने की बात करते हैं।

    उन्होंने कहा कि मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है और उन्हें शिक्षा एवं विकास से दूर रखा गया है। राजभर ने दावा किया कि उनकी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है।

    विवाद की पृष्ठभूमि
    यह मुद्दा ऐसे समय पर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में भी कुछ मदरसों में ‘वंदे मातरम’ को लेकर बहस चल रही है। वहां कई मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया है, जबकि कुछ राजनीतिक दलों ने इसे समर्थन दिया है।अब उत्तर प्रदेश में भी इस तरह का प्रस्ताव सामने आने के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

    सियासी माहौल गर्म
    उत्तर प्रदेश में पहले से ही 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। ऐसे में ओपी राजभर का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। इसे सरकार की शिक्षा नीति और सामाजिक संतुलन की दिशा में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    मदरसा शिक्षा प्रणाली में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की चर्चा ने राज्य में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां सरकार इसे राष्ट्रभक्ति और एकता से जोड़कर देख रही है, वहीं विरोधी इसे संवेदनशील मुद्दा मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।

  • पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश

    पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश



    एटा । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में ‘लव जिहाद’ के नाम पर झूठी शिकायत का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई। दिल्ली निवासी एक महिला शनिवार को एटा के अवागढ़ थाने पहुंची और खुद को ‘लव जिहाद’ का शिकार बताते हुए दिल्ली के मयूर विहार निवासी आरिफ नाम के युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग करने लगी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन पूछताछ में कहानी पूरी तरह बदलती नजर आई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला मूल रूप से आगरा की रहने वाली है और उसकी मुलाकात दिल्ली में एक कंपनी में काम करने के दौरान आरिफ से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद दोनों ने हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों से शादी की थी। मंदिर में विवाह करने के साथ-साथ मौलाना की मौजूदगी में निकाह भी पढ़ा गया था। यानी महिला को शुरुआत से ही युवक के धर्म और पहचान की पूरी जानकारी थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहने के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे थे। बाद में वर्ष 2025 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। तलाक के बाद मामला और बिगड़ गया। आरिफ ने दिल्ली के मयूर विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पूर्व पत्नी अपनी डेढ़ साल की बच्ची, घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और जरूरी सामान लेकर घर से चली गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, विवाद के दौरान महिला ने आरिफ और उसके परिवार को ‘लव जिहाद’ के केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि महिला की पहले एक हिंदू युवक से शादी हो चुकी थी, लेकिन उसने यह बात आरिफ से छिपाई थी। जब दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा तो मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।

    एटा के एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने बताया कि महिला की ओर से एक प्रार्थना पत्र जरूर मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में मामला एटा क्षेत्राधिकार का नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि घटना दिल्ली से जुड़ी है और आरोपी परिवार करीब 20 साल पहले एटा छोड़ चुका है। इसके बावजूद पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    इस मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि गंभीर कानूनों का गलत इस्तेमाल न सिर्फ निर्दोष लोगों के लिए परेशानी खड़ी करता है, बल्कि असली पीड़ितों के मामलों की गंभीरता भी कम कर देता है।

  • मायावती का सख्त संदेश- मैं आयरन लेडी, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त; 2027 फतह के लिए BSP को दिया जीत का मंत्र

    मायावती का सख्त संदेश- मैं आयरन लेडी, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त; 2027 फतह के लिए BSP को दिया जीत का मंत्र



    लखनऊ। लखनऊ में रविवार को आयोजित बहुजन समाज पार्टी की अहम बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को सख्त संदेश दिया। तीन घंटे से ज्यादा चली इस बैठक में बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में मायावती ने साफ कहा कि चुनाव की तैयारी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संगठन को पहले से ज्यादा सक्रिय, मजबूत और मुस्तैद रहना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विरोधी दलों की हर चाल का मजबूती से जवाब देने के लिए अभी से मैदान में उतरना होगा।

    बैठक में मायावती ने खुद को “आयरन लेडी” बताते हुए कहा कि बसपा को 2007 की तरह फिर से सत्ता में लाने के लिए कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ जुटना होगा। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि बसपा ही सर्वसमाज को सम्मान और सुरक्षा देने वाली पार्टी है, इसलिए लोगों को फिर से पार्टी और उसके नेतृत्व पर भरोसा जताना चाहिए। उन्होंने कहा कि बसपा हमेशा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर काम करती रही है और यही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।

    मायावती ने मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं, जिनसे बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों को फायदा मिल रहा है, जबकि आम जनता लगातार परेशान हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय राजनीतिक दल बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनहित के मुद्दों को भूल जाते हैं। इसी वजह से जनता खुद को ठगा हुआ महसूस करती है।

    बैठक के दौरान संगठन की समीक्षा करते हुए मायावती ने सभी जिलाध्यक्षों और प्रभारियों से बूथ कमेटियों को जल्द से जल्द मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जमीनी संगठन सबसे जरूरी होता है। साथ ही पार्टी के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने और सभी वर्गों में जनाधार बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने संकेत दिए कि आगामी चुनाव में टिकट उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनकी छवि साफ होगी और जिनका क्षेत्र में मजबूत जनाधार होगा।

    बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को विपक्षी दलों की “भ्रामक राजनीति” और “साजिशों” से सतर्क रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि जनता को यह बताना जरूरी है कि कई दल चुनाव के समय खुद को जनहितैषी दिखाते हैं, लेकिन बाद में अपने वादों से मुकर जाते हैं। मायावती ने कहा कि देश और प्रदेश का भला बांटने वाली राजनीति से नहीं हो सकता।

    बैठक में शामिल नेताओं के मुताबिक, मायावती ने 2027 के चुनाव को मिशन मोड में लड़ने का आह्वान किया और कहा कि “हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है” का नारा हर गांव और बूथ तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कांशीराम के सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के मिशन को याद करते हुए कहा कि बसपा उसी विचारधारा पर लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में पार्टी फिर से मजबूत होकर उभरेगी।

  • खौफनाक साजिश का पर्दाफाश: पति को करंट देकर तड़पाया, सामने प्रेमी संग बनाए संबंध, फिर जहर देकर उतारा मौत के घाट

    खौफनाक साजिश का पर्दाफाश: पति को करंट देकर तड़पाया, सामने प्रेमी संग बनाए संबंध, फिर जहर देकर उतारा मौत के घाट




    मुरादाबाद। मुरादाबाद में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पत्नी ने प्रेमी और साथियों के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पहले युवक को बांधकर कई बार करंट लगाया गया, फिर जहर देकर मार डाला गया।

    मुरादाबाद के मझोला इलाके में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। मृतक पवन ठाकुर की पत्नी आंचल का अपने ही रिश्तेदार अंकित से पिछले दो साल से प्रेम संबंध चल रहा था। पवन को जब इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उसने कई बार विरोध किया, लेकिन पत्नी ने संबंध खत्म करने से इनकार कर दिया। धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ता गया और आखिरकार इस रिश्ते का अंत खौफनाक हत्या में हुआ।

    पुलिस जांच के मुताबिक, वारदात की साजिश करीब 15 दिन पहले रची गई थी। आंचल मायके गई और वहीं प्रेमी अंकित, बहन शिखा और उसके साथी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया गया। गुरुवार रात पवन को फोन कर घर बुलाया गया। जैसे ही वह घर पहुंचा, चारों आरोपियों ने उसे पकड़कर चारपाई से बांध दिया।

    इसके बाद पवन को लगातार बिजली के झटके दिए गए। पुलिस के अनुसार उसे करीब नौ बार करंट लगाया गया, लेकिन जब उसकी मौत नहीं हुई तो आरोपियों ने पानी में जहर मिलाकर जबरन पिला दिया। जांच में यह भी सामने आया कि पवन की हालत बिगड़ने के दौरान पत्नी ने उसके सामने ही प्रेमी के साथ संबंध बनाए। इस खुलासे ने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

    हत्या के बाद आरोपी काफी देर तक घर में ही मौजूद रहे और फिर सामान्य मौत का दिखावा करने की कोशिश की। आंचल ने बाद में पवन की बहनों को फोन कर तबीयत खराब होने की सूचना दी। जब शव अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों और पुलिस को शरीर पर चोट और जलने जैसे निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बिजली के झटकों और जहर देने की पुष्टि हुई।

    पुलिस ने शक के आधार पर पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। पूछताछ में आंचल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रेमी अंकित, बहन शिखा और अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।

    बताया जा रहा है कि पवन को पहले ही अपनी हत्या की आशंका थी। उसने अपनी बहनों से कहा था कि अगर उसकी मौत हो जाए तो उसे आत्महत्या न समझा जाए। हालांकि उसे अंदाजा नहीं था कि उसकी पत्नी ही उसकी मौत की सबसे बड़ी वजह बनेगी।फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

  • बुलंदशहर में सनसनी: अफेयर के शक में बेटे ने पिता और पत्नी को गोलियों से भूना, 10 दिन पहले बना था पिता

    बुलंदशहर में सनसनी: अफेयर के शक में बेटे ने पिता और पत्नी को गोलियों से भूना, 10 दिन पहले बना था पिता


    बुलंदशहर । बुलंदशहर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर ने अपनी पत्नी और पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि उसके पिता और पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं। इसी शक में उसने लाइसेंसी पिस्टल से दोनों को मौत के घाट उतार दिया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी मोबिन (26) ने रविवार दोपहर अपने पिता रियाजुद्दीन (55) और पत्नी सना (22) पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पिता की कनपटी पर गोली मारी गई, जबकि पत्नी के सीने और पेट में गोलियां दागी गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    घटना की जानकारी उस समय हुई जब घर से गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर रियाजुद्दीन और सना खून से लथपथ पड़े मिले। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    बताया जा रहा है कि कलंदरगढ़ी गांव निवासी रियाजुद्दीन अपने परिवार के साथ दो मंजिला मकान में रहते थे। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और वेल्डिंग का काम करते थे, जबकि उनका बेटा मोबिन इलाके में निजी क्लीनिक चलाता था। पड़ोसियों के अनुसार घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे और रविवार सुबह से भी विवाद की आवाजें आ रही थीं।

    जानकारी के मुताबिक, मोबिन एक साल पहले ही सना से शादी की थी और करीब 10 दिन पहले ही वह पिता बना था। इसके बावजूद परिवार में लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को लंबे समय से अपने पिता और पत्नी के रिश्ते पर शक था, जिसको लेकर कई बार विवाद भी हो चुका था।

    वारदात के बाद पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और आरोपी को घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है।

  • गोरखपुर में सरयू नदी बनी काल, नहाने गए भाई-बहन की डूबकर मौत; मौसी को गोताखोरों ने बचाया

    गोरखपुर में सरयू नदी बनी काल, नहाने गए भाई-बहन की डूबकर मौत; मौसी को गोताखोरों ने बचाया

    नई दिल्ली। गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में रविवार को सरयू नदी में नहाने गए भाई-बहन की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी मौसी को गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

    जानकारी के मुताबिक सिकरीगंज थाना क्षेत्र के उसरी गांव निवासी ओमकार के बच्चे प्रिंस (11) और शिवानी (13) गर्मी की छुट्टियों में अपनी मां के साथ ननिहाल मेहड़ा गांव आए थे। रविवार सुबह दोनों बच्चे अपनी मौसी माया (16) के साथ गांव के बाहर स्थित हनुमान मंदिर घूमने गए थे। दर्शन करने के बाद तीनों सरयू नदी में नहाने उतर गए।

    नहाने के दौरान अचानक प्रिंस का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। भाई को डूबता देख शिवानी उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन वह भी पानी के तेज बहाव और गहराई में फंस गई। दोनों को बचाने के प्रयास में मौसी माया भी नदी में डूबने लगी। बताया जा रहा है कि तीनों करीब 40 फीट गहरे पानी में चले गए थे।

    घटना के दौरान घाट पर मौजूद एक बच्ची ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़े। गांव के चंद्रमाल यादव ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। सबसे पहले उन्होंने माया को बाहर निकाला और फिर दोबारा नदी में कूदकर प्रिंस को बाहर लाए। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया, जबकि माया का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    उधर शिवानी का काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिला। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद उसका शव नदी से बाहर निकाला गया। उसे भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मासूम भाई-बहन की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • लखनऊ पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, तीन दिवसीय दौरे में संगठन और सरकार के कामकाज की होगी समीक्षा

    लखनऊ पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, तीन दिवसीय दौरे में संगठन और सरकार के कामकाज की होगी समीक्षा

    नई दिल्ली। मोहन भागवत रविवार को तीन दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे, जहां वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान संघ के संगठनात्मक कामकाज, अभियान और आगामी रणनीति पर विस्तृत मंथन किया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक, भागवत का यह दौरा उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संघ की तैयारियों की समीक्षा करेंगे और जमीनी स्तर पर काम कर रहे प्रचारकों से सीधा फीडबैक लेंगे।

    लखनऊ प्रवास के दौरान संघ प्रमुख विभिन्न आयामों से जुड़े पदाधिकारियों और प्रचारकों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में संगठन के विस्तार, सामाजिक अभियानों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर चर्चा होगी। साथ ही प्रदेश में चल रही गतिविधियों और उनके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

    जानकारी के अनुसार, इस दौरे में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हो सकती है। संघ नेतृत्व प्रदेश सरकार के कामकाज और संगठन की सक्रियता को लेकर फीडबैक जुटाएगा, ताकि आगे की रणनीति को और मजबूत बनाया जा सके।

    संघ के प्रचारकों से मिलने वाले सुझावों और अनुभवों के आधार पर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। संगठन की कोशिश जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और प्रभाव को और मजबूत करने की है।

    गौरतलब है कि मोहन भागवत इससे पहले फरवरी में भी लखनऊ आए थे। उस दौरान भी उन्होंने कई संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लिया था। मौजूदा दौरे को उसी सिलसिले का विस्तार माना जा रहा है, जिसमें संघ लगातार अपने नेटवर्क और रणनीति की समीक्षा कर रहा है।