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  • भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी: ISI समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी का आतंकी नेटवर्क, रॉकेट लॉन्चर से उड़ाने की चेतावनी

    भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी: ISI समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी का आतंकी नेटवर्क, रॉकेट लॉन्चर से उड़ाने की चेतावनी

    लखनऊ। लखनऊ में भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को लेकर एक बड़ा और गंभीर सुरक्षा अलर्ट सामने आया है। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सक्रिय गैंगस्टर शहजाद भट्टी भारतीय यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को खुलेआम जान से मारने की धमकियां दे रहा है, जिसमें रॉकेट लॉन्चर और हैंड ग्रेनेड से हमला करने जैसी बातें शामिल हैं।

    सूत्रों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क उन भारतीय इन्फ्लुएंसरों को निशाना बना रहा है जो सोशल मीडिया पर गोरक्षा और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। आरोप है कि ये इन्फ्लुएंसर लगातार पाकिस्तानी सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स और गैंगस्टरों को चुनौती देते रहे हैं, जिसके बाद उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

    इस पूरे मामले का खुलासा उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की कार्रवाई के बाद हुआ है। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से दो आरोपियों तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान—को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और भारत में स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों को लखनऊ, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र और बिहार की कई संवेदनशील जगहों पर हमले की ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें हैंड ग्रेनेड जैसे हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी भी शामिल थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

    एटीएस को आरोपियों के मोबाइल से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिनमें भारतीय इन्फ्लुएंसरों को धमकाया जा रहा है। इनमें गाजियाबाद के दो यूट्यूबर अभिषेक ठाकुर और दक्ष चौधरी का नाम विशेष रूप से सामने आया है। रिकॉर्डिंग में उन्हें रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड से हमला करने की धमकी दी गई है, साथ ही बेहद आपत्तिजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल भी किया गया है।

    बताया जा रहा है कि दोनों इन्फ्लुएंसर लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और गोरक्षा व हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर मुखर रहते हैं। इसी कारण उन्हें लगातार टारगेट किया जा रहा है। हालांकि पहले इन दोनों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है।

    एटीएस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को गंभीरता से लिया जा रहा है और सोशल मीडिया पर सक्रिय बड़े इन्फ्लुएंसरों की सुरक्षा और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। खासकर उन लोगों पर नजर रखी जा रही है जिनकी पोस्ट धार्मिक या वैचारिक रूप से संवेदनशील मानी जाती हैं।

    सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह मामला केवल ऑनलाइन धमकियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित आतंकी और स्लीपर सेल नेटवर्क की आशंका भी है, जिसकी गहन जांच जारी है।

  • प्रयागराज में SSC परीक्षा के दौरान बवाल: सर्वर फेल होते ही छात्रों का हंगामा, कंप्यूटर-कुर्सियां तोड़ीं और हाईवे जाम

    प्रयागराज में SSC परीक्षा के दौरान बवाल: सर्वर फेल होते ही छात्रों का हंगामा, कंप्यूटर-कुर्सियां तोड़ीं और हाईवे जाम


    नई दिल्ली। प्रयागराज में मंगलवार को SSC-GD भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला, जब परीक्षा शुरू होते ही सर्वर फेल हो गया। तकनीकी खराबी से नाराज परीक्षार्थियों ने केंद्र पर जमकर बवाल किया और कंप्यूटर, कुर्सियां व अन्य फर्नीचर तोड़ दिए। इसके बाद छात्रों ने प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात करीब आधे घंटे तक प्रभावित रहा।

    मामला सरायइनायत थाना क्षेत्र के अंदावा स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महाविद्यालय का है, जहां परीक्षा तीन शिफ्टों में आयोजित की जानी थी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से 11 बजे निर्धारित थी। लगभग 600 परीक्षार्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी, लेकिन करीब 450 ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, अचानक सर्वर डाउन हो गया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया ठप पड़ गई और छात्र भड़क उठे।

    गुस्साए परीक्षार्थियों ने कमरे में रखे कंप्यूटर सिस्टम, कुर्सियां और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। कई छात्रों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और इसके बाद हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।

    पुलिस के अनुसार, इस घटना में कई कंप्यूटर और क्लासरूम के फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है। थाना प्रभारी संजय गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिन छात्रों ने तोड़फोड़ की है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी टीम को भी बुलाया गया है ताकि सर्वर फेलियर की वजह का पता लगाया जा सके।

    SSC की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई है। रीजनल हेड आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उन्होंने परीक्षार्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

    यह पहली बार नहीं है जब इस परीक्षा को लेकर हंगामा हुआ हो। एक दिन पहले सोमवार को भी इसी परीक्षा केंद्र पर ओवरक्राउडिंग के कारण विवाद हुआ था, जहां सीटों से अधिक अभ्यर्थी पहुंचने पर छात्रों ने तोड़फोड़ की थी और हाईवे जाम कर दिया था।

    बताया जा रहा है कि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी गई थी, लेकिन तकनीकी और प्रबंधन संबंधी खामियों के कारण लगातार अव्यवस्था देखने को मिल रही है। कई केंद्रों पर क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने की वजह से स्थिति और बिगड़ गई।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया जाएगा और सभी छात्रों को नए एडमिट कार्ड के साथ सूचना दी जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और परीक्षा व्यवस्था की खामियों की समीक्षा की जा रही है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी। झांसी में मंगलवार की सुबह से ही तेज गर्मी और लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह 10 बजे तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे शहर में भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलते समय मुंह और सिर को कपड़े से ढककर बाहर निकलने को मजबूर हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार दोपहर तक हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं और तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसी वजह से जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के मध्य समय में हीटवेव का असर सबसे ज्यादा रहेगा, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

    गर्मी के कारण सुबह से ही शहर की सड़कों पर आवाजाही कम देखी गई। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढककर चलते नजर आए। बाजारों और चौराहों पर दोपहर से पहले ही सन्नाटा जैसा माहौल बन गया, जिससे गर्मी की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत धूप में न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है, क्योंकि इस मौसम में वे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

    प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और लू से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि गर्मी के इस प्रकोप में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • 114 बैंक खाते, करोड़ों का ट्रांजेक्शन और विदेशी नेटवर्क: झांसी में इंडोनेशियाई सिम और चाइनीज ऐप से साइबर ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार

    114 बैंक खाते, करोड़ों का ट्रांजेक्शन और विदेशी नेटवर्क: झांसी में इंडोनेशियाई सिम और चाइनीज ऐप से साइबर ठगी, 7 आरोपी गिरफ्तार



    झांसी। झांसी में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी अभी फरार हैं। यह नेटवर्क चाइनीज वेबसाइटों, इंडोनेशियाई सिम कार्ड और हवाला चैनल के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 114 बैंक खातों का इस्तेमाल कर भारी पैमाने पर अवैध ट्रांजेक्शन किए। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और करोड़ों रुपये के डिजिटल लेनदेन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब तक 4.35 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज की जा चुकी है।

    गिरोह लोगों को ऑनलाइन गेमिंग, सट्टा और निवेश के नाम पर फंसाता था। इसके बाद ठगी की रकम को पहले यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदला जाता था और फिर उसे अमेरिकी डॉलर व चीनी युआन में कन्वर्ट कर हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेज दिया जाता था।

    इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड इंदौर निवासी ध्रुव बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल सदस्य इंडोनेशिया की सिम का इस्तेमाल कर बैंक खातों को ऑपरेट करते थे और किराए पर लिए गए खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे।

    फिलहाल साइबर सेल और अन्य एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, क्योंकि आशंका है कि यह गिरोह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशी साइबर नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।

  • तपती धूप में शहीद को नमन: सियाचिन के वीर कैप्टन प्रताप सिंह की याद में मेरठ में सेना ने बांटा शरबत

    तपती धूप में शहीद को नमन: सियाचिन के वीर कैप्टन प्रताप सिंह की याद में मेरठ में सेना ने बांटा शरबत



    मेरठ। मेरठ में 43 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच सेना के जवानों ने सियाचिन के वीर शहीद कैप्टन प्रताप सिंह को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी। बसंतर रेजीमेंट के जवानों ने सड़क पर राहगीरों को शरबत पिलाकर न सिर्फ लोगों की प्यास बुझाई, बल्कि शहीद के बलिदान को भी याद किया। इस दौरान लोगों ने सेना के इस मानवीय और प्रेरणादायक प्रयास की जमकर सराहना की।

    26 मई 1988 को सियाचिन ग्लेशियर के बाना पोस्ट पर तैनात कैप्टन प्रताप सिंह ने दुश्मन की घुसपैठ को नाकाम करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ऑपरेशन के दौरान हुए माइंस ब्लास्ट में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक साहस दिखाते हुए दुश्मन की मदद के लिए लगाई गई रस्सी की सीढ़ी को काट दिया, जिससे घुसपैठ पूरी तरह विफल हो गई। उनकी इसी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

    सेना के जवानों ने कहा कि शहीद सिर्फ इतिहास नहीं होते, बल्कि वे हर जवान और हर नागरिक के लिए प्रेरणा होते हैं। इसी भावना के तहत जवानों ने आम लोगों के बीच जाकर सेवा का संदेश दिया और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान सड़क से गुजर रहे लोग भी रुके और जवानों के साथ शहीद को नमन किया।

  • UP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल तय, सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलने की तैयारी; शीर्ष नेतृत्व में 50% तक बदलाव संभव

    UP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल तय, सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलने की तैयारी; शीर्ष नेतृत्व में 50% तक बदलाव संभव



    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यूपी बीजेपी का पुनर्गठन अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस बदलाव में राज्य इकाई से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक व्यापक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
    सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की यूपी इकाई में लगभग 50 प्रतिशत तक शीर्ष पदाधिकारियों में बदलाव संभव है। पार्टी का फोकस संगठन को अधिक मजबूत, सक्रिय और चुनावी दृष्टि से प्रभावी बनाने पर है।

    इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय इकाइयों के अध्यक्षों को भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। कुछ मौजूदा पदाधिकारियों को राज्य इकाई में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि नए चेहरों को क्षेत्रीय नेतृत्व सौंपा जाएगा।

    नई टीम का खाका तैयार
    जानकारी के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक बदलाव को लेकर गहन मंथन किया है। प्रदेश स्तर पर नए पदाधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।

    पार्टी का उद्देश्य ऐसे नेताओं को आगे लाना है जिनका संगठनात्मक अनुभव मजबूत हो और जो बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय करने में सक्षम हों।

    मोर्चों में भी बदलाव संभव
    बीजेपी अपने विभिन्न मोर्चों जैसे युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा में भी नए अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है। इन मोर्चों की भूमिका चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    चुनावी रणनीति के तहत पुनर्गठन
    सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल संगठनात्मक नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार कर रही है।

    बीजेपी का मानना है कि नए और युवा चेहरों को आगे लाने से संगठन में ऊर्जा आएगी और विपक्ष की रणनीति का बेहतर मुकाबला किया जा सकेगा।

    पहले भी हुए थे जिला स्तर पर बदलाव
    पार्टी पहले ही राज्य के करीब 95 संगठनात्मक जिलों में बड़े बदलाव कर चुकी है। कई जिला अध्यक्षों को हटाकर नए लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।

    पार्टी अब उन पदाधिकारियों का मूल्यांकन कर रही है जिन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में बेहतर प्रदर्शन किया हैयूपी बीजेपी का यह संभावित फेरबदल आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नई दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है। इससे राज्य में पार्टी की चुनावी रणनीति और अधिक आक्रामक और मजबूत होने की उम्मीद है।

  • बरेली में बकरीद पर कड़ी ट्रैफिक व्यवस्था: रूट डायवर्जन लागू, भारी वाहनों पर रोक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    बरेली में बकरीद पर कड़ी ट्रैफिक व्यवस्था: रूट डायवर्जन लागू, भारी वाहनों पर रोक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम



    बरेली। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर बरेली में यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। शहर में 28 मई को सुबह 5 बजे से लेकर कार्यक्रम समाप्ति तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। त्योहार के दौरान भीड़ और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया जाएगा।

    भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन
    एडवाइजरी के अनुसार दिल्ली, रामपुर और नैनीताल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को झुमका तिराहा बाईपास, बिल्वाधाम, नवदिया झादा और इन्वर्टिस तिराहा के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।

    वहीं बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को सुबह 7 बजे से पहले मंशाराम, बुखारा और कैंट मार्ग से शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।इसके अलावा दिल्ली और रामपुर की तरफ से आने वाली रोडवेज बसों को झुमका तिराहा से मिनी बाईपास, इन्वर्टिस तिराहा, डेलापीर और 100 फुटा रोड होते हुए सेटेलाइट बस स्टेशन तक भेजा जाएगा।

    चौकी चौराहा से मिनी बाईपास होकर डेलापीर मजार की ओर जाने वाले सभी भारी वाहन और बसें पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

    प्रशासन की अपील
    यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं। साथ ही वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है, जिसमें दोपहिया पर तीन सवारी न बैठाना, स्टंटबाजी से बचना, तेज गति से वाहन न चलाना और प्रेशर हॉर्न का उपयोग न करना शामिल है।

    सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
    बकरीद को लेकर प्रशासन ने शहर में 41 कुर्बानी स्थलों को चिन्हित किया है और वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने मिलकर साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। जिले में कुल 2423 मस्जिदों और 179 ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें कोतवाली, कैंट, किला, प्रेमनगर, सुभाषनगर, बारादरी और इज्जतनगर क्षेत्र प्रमुख हैं।

  • प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’

    प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’




    नई दिल्ली। प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के बाद देशभर से वृंदावन पहुंचे भक्त लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों से पदयात्रा और सार्वजनिक दर्शन बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। भक्तों का कहना है कि उन्हें अपने गुरुदेव और राधारानी पर पूरा भरोसा है और वे स्वस्थ होकर फिर से भक्तों के बीच लौटेंगे।

    करीब 1400 किलोमीटर दूर Kolkata से वृंदावन पहुंचीं श्रद्धालु जूही भावनी ने कहा कि महाराज जी अभी दर्शन नहीं दे रहे हैं तो भी कोई बात नहीं, वे यहीं रुककर इंतजार करेंगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें विश्वास है कि राधारानी की कृपा से प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होंगे और फिर भक्तों को आशीर्वाद देंगे। इसी तरह राजस्थान, असम, बिहार, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से भक्त वृंदावन पहुंच रहे हैं।

    हाल ही में प्रेमानंद महाराज का एक भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि “हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। चिंता मत करिए, खूब नाम जप करो।” इस संदेश के बाद भक्तों और शिष्यों में चिंता और भावुकता दोनों बढ़ गई। हालांकि आश्रम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अब उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वे केवल चुनिंदा शरणागत शिष्यों से ही मुलाकात कर रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज लंबे समय से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं। वर्ष 2006 में उन्हें पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज का पता चला था। उनकी दोनों किडनियां प्रभावित हैं और सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस किया जाता है। वृंदावन स्थित उनके फ्लैट में ही डायलिसिस की विशेष व्यवस्था बनाई गई है। कई बार उनकी डायलिसिस प्रक्रिया 4 से 5 घंटे तक चलती है।

    Vrindavan स्थित केली कुंज आश्रम के सेवादारों ने ऑन कैमरा कुछ भी बोलने से इनकार किया, लेकिन ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि महाराज जी फिलहाल एकांत भजन और साधना में लीन हैं। उन्होंने भक्तों से अपील की कि महाराज जी के पूरे संदेश को ध्यान से सुनें और उनके भाव को समझें।

    राजस्थान के पाली से आए श्रद्धालु जालम सिंह ने कहा कि गुरुदेव शरीर से दूर हो सकते हैं, लेकिन उनके बताए मार्ग पर चलने से वे हर भक्त के हृदय में हमेशा मौजूद रहेंगे। वहीं असम से आए भक्त ओमप्रकाश ने कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए सर्वस्व हैं और सभी भक्त उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

    17 मई से प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा भी स्थगित है। हर रोज हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते थे। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त पदयात्रा में शामिल होते थे, जबकि बड़े आयोजनों में यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी। हालांकि कुछ दिन पहले वे अपने आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित संत गोविंद शरण महाराज के दर्शन करने भी पहुंचे थे, जिससे भक्तों को उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद मिली है।

    प्रेमानंद महाराज का जीवन भी बेहद प्रेरणादायक माना जाता है। कानपुर के अखरी गांव में जन्मे अनिरुद्ध कुमार पांडे ने महज 13 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया था। बाद में वे वृंदावन पहुंचे और राधा-कृष्ण भक्ति में लीन होकर राधावल्लभी परंपरा के प्रमुख संतों में शामिल हो गए। आज देशभर में करोड़ों लोग उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में मानते हैं।

  • शादी के अगले दिन फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, लाखों के जेवर लेकर भागी, पुलिस ने घंटों में दबोचा

    शादी के अगले दिन फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, लाखों के जेवर लेकर भागी, पुलिस ने घंटों में दबोचा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फिल्मी अंदाज में ‘लुटेरी दुल्हन’ का मामला सामने आया है। शादी के अगले ही दिन दुल्हन लाखों रुपये के जेवर समेटकर फरार हो गई, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में दुल्हन, उसकी मां और रिश्ता कराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की गई ज्वेलरी भी बरामद कर ली है।

    मामला छपार थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का है। पीड़ित मांगेराम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात घुमावटी गांव निवासी रविंद्र से हुई थी। रविंद्र ने उसके बेटे के लिए सोनाक्षी नाम की युवती का रिश्ता बताया। परिवार ने बातचीत के बाद रिश्ता तय कर दिया। आरोप है कि शादी तय कराने के नाम पर मोटी रकम भी ली गई थी।

    10 मई को हरिद्वार के एक मैरिज होम में दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई। शादी में दुल्हन को सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान दिया गया। परिवार खुश था, लेकिन शादी के अगले ही दिन नई नवेली दुल्हन अचानक घर से गायब हो गई। जब परिजनों ने तलाश की तो पता चला कि घर में रखी ज्वेलरी भी गायब है। इसके बाद परिवार के होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    छपार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कथित लुटेरी दुल्हन सोनाक्षी, उसकी मां कामिनी और बिचौलिया महिला आशा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने चोरी की गई ज्वेलरी भी बरामद कर ली।

    प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ऐसे परिवारों को निशाना बनाता था जिनके बेटों की शादी किसी कारण से नहीं हो पा रही थी या उम्र ज्यादा हो चुकी थी। पहले भरोसा जीतकर शादी तय कराई जाती थी और फिर शादी के एक-दो दिन बाद दुल्हन जेवर लेकर फरार हो जाती थी। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि अब तक कितने परिवार इस ठगी का शिकार बन चुके हैं।

  • ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा

    ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने एक मजेदार लेकिन गंभीर उदाहरण देते हुए बताया कि लोग महंगी कारों में घूमते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा लगाए गए 45 रुपये के गमले तक चोरी कर ले जाते हैं। सीएम योगी की यह टिप्पणी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे।

    दरअसल, मुख्यमंत्री लखनऊ नगर निगम के “स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 413 करोड़ रुपये की विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने साफ-सफाई और शहर की सुंदरता बनाए रखने में नागरिकों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया।

    सीएम योगी ने कहा कि शहर को साफ और सुंदर बनाए रखना सिर्फ नगर निगम, महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालें, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, नालियों में कचरा न फेंकें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा लगाए गए गमलों को लोग चोरी कर ले जाते हैं। उन्होंने बताया, “हमने देखा कि एक बहुत महंगी कार आई और उसमें बैठे लोग 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए। सीसीटीवी कैमरों में सब रिकॉर्ड हो गया। जितना पैसा उस कार में तेल भराने में लग रहा होगा, उतने में कई नए गमले आ जाते।”

    मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि एक समय उनके मन में आया कि गमला चोरी करने वालों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए, ताकि लोगों को समझ में आए कि छोटी लालच की वजह से शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जो पैसा विकास कार्यों पर खर्च करती है, वह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि जनता का पैसा होता है। इसलिए उसकी रक्षा करना और सही उपयोग सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन के अनुसार जनता का पैसा जनता के हित में खर्च किया जा रहा है और इसी वजह से प्रदेश में विकास साफ दिखाई दे रहा है।

    सीएम योगी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया, जहां लोग इसे मजेदार अंदाज में साझा कर रहे हैं, लेकिन साथ ही सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर गंभीर संदेश भी बता रहे हैं।