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  • राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, उच्च न्यायिक आयोग की मांग से बढ़ी हलचल

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, उच्च न्यायिक आयोग की मांग से बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और दान सामग्री के कथित गबन को लेकर मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस पूरे विवाद ने अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर नया मोड़ ले लिया है, जहां जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच न्यायिक हस्तक्षेप की मांग तेज होती जा रही है।

    मामले की जांच पहले ही एसआईटी द्वारा की जा चुकी है और टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया के लिए उच्च अधिकारियों को सौंपने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि जांच टीम लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है। इसी बीच इस प्रकरण को लेकर एक नई जनहित याचिका लखनऊ स्थित उच्च न्यायालय की पीठ में दाखिल की गई है।

    अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दाखिल इस याचिका में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए। याचिका में राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक, अयोध्या के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मंदिर ट्रस्ट के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है।

    इसी बीच आरोपों की श्रृंखला और भी गंभीर होती जा रही है। सराफा व्यापार से जुड़े एक संगठन के नॉर्थ इंडिया हेड द्वारा यह दावा किया गया है कि लगभग 60 किलो चांदी, जो देशभर के दानदाताओं द्वारा मंदिर के लिए भेजी गई थी, उसका उचित उपयोग या सार्वजनिक विवरण सामने नहीं आया है। आरोपों के अनुसार, यह चांदी गलाकर धार्मिक उपयोग के लिए ईंटों और अन्य सामग्री में बदली गई थी, लेकिन बाद में इन वस्तुओं का हिसाब स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया।

    इसके अलावा कुछ दानदाताओं का यह भी कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चांदी के दीपक, कटोरे और अन्य धार्मिक वस्तुएं मंदिर को दान की थीं, लेकिन मंदिर निर्माण के बाद वे वस्तुएं दिखाई नहीं दीं। दानदाताओं ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए दान सामग्री का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की अपील की है।

    इस विवाद के चलते मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं और श्रद्धालुओं के बीच भी असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि लगातार उठ रहे विवादों का असर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और दान की मात्रा पर भी पड़ा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    फिलहाल यह मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच आगे बढ़ रहा है। एक ओर एसआईटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक आयोग की मांग ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।

  • बुंदेलखंड के किसानों की बदली तस्वीर, सिंचाई और योजनाओं से बढ़ी आय सीएम योगी

    बुंदेलखंड के किसानों की बदली तस्वीर, सिंचाई और योजनाओं से बढ़ी आय सीएम योगी


    ललितपुर । ललितपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ी बातें कही और कहा कि यह इलाका अब तेजी से बदलते हुए एक मॉडल क्षेत्र के रूप में उभर रहा है उन्होंने कहा कि पहले जहां इस क्षेत्र को पिछड़ेपन और पानी की समस्या के लिए जाना जाता था वहीं अब सरकार की योजनाओं और विकास परियोजनाओं के कारण यहां की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ललितपुर जनपद में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और चेक भी वितरित किए और कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं को नई मजबूती प्रदान करेंगी

    सीएम ने कहा कि आज ललितपुर में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध है अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किया गया है और लगभग 1500 एकड़ क्षेत्र में प्रदेश का पहला फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगी बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी

    उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही क्षेत्र में कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार हुआ है और अब उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर BIDA भी इसी क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में यह इलाका औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बनेगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल योजना के माध्यम से बुंदेलखंड के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम किया जा रहा है जिससे वर्षों पुरानी पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो रही है उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया गया है और दशकों से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना को पूरा कर लिया गया है साथ ही रतौली बांध भावनी बांध कचनौदा बांध और मझगांव चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजनाओं ने किसानों की स्थिति में बड़ा सुधार किया है

    सीएम योगी ने बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में विशेषकर झांसी और ललितपुर में इस मॉडल के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन सभी विकास कार्यों के चलते बुंदेलखंड के अन्नदाता किसानों की स्थिति में ऐतिहासिक बदलाव आया है और अब किसान पहले की तुलना में कई गुना अधिक आय अर्जित कर रहे हैं उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास करना नहीं बल्कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है जिससे क्षेत्र आत्मनिर्भर और समृद्ध बन सके

  • वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश

    वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश


    वाराणसी । वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजाबाद बंधा रोड पर उस समय सनसनी फैल गई जब एक बंद मकान में अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया घटना उस वक्त हुई जब घर के मालिक अपने पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे और इसी दौरान चोरों ने सूने घर को निशाना बना लिया

    जानकारी के अनुसार सुजाबाद निवासी अभिलाष सहानी पुत्र राजेंद्र प्रसाद अपने परिवार के साथ शुक्रवार की शाम चौबेपुर थाना क्षेत्र के मल्लापुर गांव में अपनी बुआ के घर आयोजित बहन की शादी में शामिल होने गए थे परिवार के सभी सदस्य खुशी-खुशी समारोह में व्यस्त थे और घर पूरी तरह से खाली पड़ा था इसी सुनसान मौके का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया

    बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह जब पूरा परिवार शादी समारोह से वापस अपने घर लौटा तो जैसे ही मुख्य दरवाजा खोला गया अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए घर का सामान बिखरा हुआ था और अलमारियों व कमरों में रखा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था शुरुआती जांच में सामने आया कि चोरों ने दरवाजे का ताला तोड़ने के बजाय उसके कब्जे उखाड़कर घर के अंदर प्रवेश किया जिससे उनकी सटीक योजना और सूझबूझ का अंदाजा लगाया जा रहा है

    घर के अंदर पहुंचने पर पता चला कि चोरों ने सोने और चांदी के आभूषणों के साथ-साथ हजारों रुपये की नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया है जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए

    सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आया और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा सुजाबाद चौकी प्रभारी प्रशांत पांडेय सहित फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र करने का प्रयास किया

    पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर घटना को संदिग्ध मानते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही इस चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके

  • एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते पकड़ा गया लम्भुआ तहसील का कानूनगो

    एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते पकड़ा गया लम्भुआ तहसील का कानूनगो

    सुलतानपुर । सुलतानपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है जहां एंटी करप्शन टीम ने लम्भुआ तहसील में तैनात कानूनगो राजित राम शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है

    मामला जमीन की पैमाइश से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है जहां एक पीड़ित अपनी भूमि की नाप जोख और पैमाइश के काम को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा था पीड़ित का आरोप है कि काम को आगे बढ़ाने के लिए कानूनगो द्वारा अवैध रूप से पैसों की मांग की गई और बिना रिश्वत के फाइल आगे न बढ़ाने की बात कही गई

    बताया जाता है कि शुरुआत में पीड़ित ने रिश्वत देने से इनकार किया लेकिन लगातार दबाव और काम अटकने की स्थिति के चलते वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और अंत में उसे 12 हजार रुपये देने पर मजबूर होना पड़ा इसके बाद पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए पूरी घटना की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दे दी

    सूचना मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और पीड़ित को तय समय और स्थान पर भेजा जहां पहले से टीम के सदस्य निगरानी में थे जैसे ही पीड़ित ने कानूनगो को रिश्वत की रकम सौंपी और उसने पैसे अपने हाथ में लिए वैसे ही टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया

    गिरफ्तारी के दौरान टीम ने रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली जिससे आरोपी के खिलाफ आरोप और मजबूत हो गए हैं इस अचानक हुई कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया और अन्य कर्मचारी भी कुछ समय के लिए असहज स्थिति में नजर आए

    जानकारी के अनुसार गिरफ्तार कानूनगो राजित राम शर्मा का नाम पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है और वह पूर्व में भी रिश्वतखोरी के आरोपों में पकड़ा जा चुका है इसके बावजूद उसकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं देखा गया जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग में जमीन से जुड़े कामों को लेकर अक्सर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं और इस तरह की घटनाएं आम जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं फिलहाल एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है

  • खनन माफिया पर कार्रवाई या सिस्टम की चूक, कुशीनगर में अफसर सस्पेंशन से गरमाई राजनीति और प्रशासनिक बहस

    खनन माफिया पर कार्रवाई या सिस्टम की चूक, कुशीनगर में अफसर सस्पेंशन से गरमाई राजनीति और प्रशासनिक बहस


    कुशीनगर । कुशीनगर जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के बीच एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र और कानून व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस अभियान को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का मजबूत उदाहरण माना जा रहा था उसी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारी अभिषेक सिंह के निलंबन ने पूरे मामले को अचानक सुर्खियों में ला दिया है

    और इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा था जिसमें नदी घाटों से लेकर खनन के संभावित और संदिग्ध क्षेत्रों तक लगातार छापेमारी की जा रही थी।

    इस दौरान बिना वैध परमिट चल रहे वाहनों और ओवरलोड ट्रकों पर भी सख्त कार्रवाई की गई थी जिससे अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति बन गई थी। खासकर बिहार सीमा से आने वाले ट्रकों पर निगरानी बढ़ाए जाने के बाद इस अवैध कारोबार पर प्रशासन का दबाव काफी बढ़ गया था और कई स्थानों पर जुर्माना जब्ती और कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।

    इन कार्रवाइयों के चलते यह संकेत मिल रहा था कि प्रशासन इस बार अवैध खनन के खिलाफ पूरी सख्ती के मूड में है। लेकिन इसी बीच अचानक अधिकारी अभिषेक सिंह के निलंबन की कार्रवाई ने पूरे अभियान की दिशा और उसकी मंशा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि जब अवैध खनन पर कार्रवाई का असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा था

    और माफिया नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा था तो ऐसे समय में कार्रवाई करने वाले अधिकारी को ही क्यों हटाया गया। जनपद में यह भी माना जा रहा है कि अवैध खनन का यह पूरा कारोबार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक मजबूत आर्थिक तंत्र और प्रभावशाली संरक्षण का नेटवर्क सक्रिय रहता है जो लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित और सुरक्षित करता आया है।

    ऐसे में जब किसी अधिकारी की सख्ती से करोड़ों के इस अवैध कारोबार पर सीधा असर पड़ता है तो कई बड़े हित प्रभावित होना स्वाभाविक माना जाता है। फिलहाल स्थिति यह है कि जहां एक ओर अवैध खनन से जुड़े तत्वों में राहत की भावना देखी जा रही है वहीं दूसरी ओर अभियान का नेतृत्व करने वाला अधिकारी खुद प्रशासनिक कार्रवाई के घेरे में आ गया है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन और खनन विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है और यह सवाल उठने लगा है कि क्या अवैध कारोबार पर सख्ती दिखाने की कोई कीमत भी चुकानी पड़ती है।

    अब पूरे मामले में शासन स्तर पर अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं क्योंकि यह मामला केवल एक अधिकारी के निलंबन का नहीं बल्कि अवैध खनन के खिलाफ चल रही पूरी मुहिम की विश्वसनीयता और उसके भविष्य से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

  • दतिया दौरे पर योगी आदित्यनाथ ने पीतांबरा पीठ में की पूजा, सुरक्षा के चलते मंदिर खाली कराया गया

    दतिया दौरे पर योगी आदित्यनाथ ने पीतांबरा पीठ में की पूजा, सुरक्षा के चलते मंदिर खाली कराया गया


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मध्य प्रदेश के दतिया जिले पहुंचे जहां उनका दौरा धार्मिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। दतिया हवाई पट्टी पर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें बुके भेंट कर अभिनंदन किया।

    इसके बाद सीएम योगी सीधे मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ पीतांबरा पीठ पहुंचे जहां उन्होंने मां बगलामुखी देवी के दर्शन कर विधि विधान से पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर में ही स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी उन्होंने किया और देश तथा प्रदेश की समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही और वीआईपी मूवमेंट के चलते पूरे मंदिर क्षेत्र को आम श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से खाली करा दिया गया। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई जिससे दूर दराज से आए भक्तों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
    कई श्रद्धालु एक घंटे से अधिक समय तक बाहर इंतजार करते रहे और तेज धूप में खड़े रहने के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। इस व्यवस्था को लेकर कुछ श्रद्धालुओं में नाराजगी भी देखने को मिली। वहीं दौरे के दौरान मीडिया कर्मियों को भी मुख्यमंत्री के करीब जाने की अनुमति नहीं दी गई और कवरेज को सीमित रखा गया।
    पूजा संपन्न होने के बाद सीएम योगी बिना मीडिया से बातचीत किए सीधे हवाई पट्टी की ओर रवाना हो गए। पूरा दौरा सुरक्षा और प्रोटोकॉल के सख्त घेरे में संपन्न हुआ जिससे एक ओर प्रशासनिक सतर्कता दिखी तो दूसरी ओर आम श्रद्धालुओं की असुविधा भी सामने आई।

  • धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत

    धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है जहां खेत में करंट फैलने से दो किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के हरपालपुर गांव की है जहां धान की रोपाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे एक विद्युत पोल से अचानक केबल टूटकर पानी से भरे खेत में गिर गई जिससे पूरे खेत में करंट फैल गया।

    इसी दौरान किसान हीरालाल प्रजापति उम्र 52 वर्ष और रामबोध यादव उम्र 55 वर्ष काम कर रहे थे। करंट लगने से हीरालाल मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए जबकि उन्हें बचाने पहुंचे रामबोध यादव भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों बुरी तरह घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर अमेठी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिजली के तार की मरम्मत या रखरखाव में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।  प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • योगी आदित्यनाथ का ललितपुर दौरा ,स्वास्थ्य शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

    योगी आदित्यनाथ का ललितपुर दौरा ,स्वास्थ्य शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ललितपुर जिले के दौरे पर रहेंगे जहां वे 1766 करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित कुल 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरे को बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं शिक्षा और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री का यह दौरा कई धार्मिक और विकासात्मक कार्यक्रमों से जुड़ा रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीएम योगी सुबह मध्य प्रदेश के दतिया स्थित प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ मंदिर में विधि विधान से दर्शन पूजन करेंगे और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इसके बाद वह राजकीय हेलीकॉप्टर से ललितपुर पहुंचेंगे जहां पुलिस लाइन हेलीपैड पर उनका आगमन होगा।

    वहां से वे सीधे तुवन मंदिर जाएंगे और दर्शन पूजन के बाद कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। इस पूरे दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ललितपुर की धरती वीरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है और आज यह विकास के एक नए अध्याय की साक्षी बनेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का यह प्रयास बुंदेलखंड को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।

    सीएम के अनुसार 1766 करोड़ की इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण से स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी जिससे लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके साथ ही 221 परियोजनाओं में सड़कें, भवन, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य शामिल हैं जो क्षेत्र के समग्र विकास को गति देंगे।

    सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस दौरे को आगामी विकास योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ट्रस्ट में हलचल, जांच के बीच बड़े अधिकारियों के हटने और कई कर्मियों पर शिकंजे के संकेत

    ट्रस्ट में हलचल, जांच के बीच बड़े अधिकारियों के हटने और कई कर्मियों पर शिकंजे के संकेत


    नई दिल्ली । राम मंदिर से जुड़े दान संग्रह में कथित अनियमितताओं की जांच अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। जांच एजेंसियों और ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी स्वेच्छा से अपने पदों से अलग हो सकते हैं। माना जा रहा है कि यह कदम जांच की पारदर्शिता बनाए रखने और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया के तहत उठाया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट नहीं है।

    सूत्रों के मुताबिक जांच के दायरे में अब केवल संदिग्ध कर्मचारियों तक ही मामला सीमित नहीं रहा, बल्कि उन सभी जिम्मेदार पदों की भूमिका भी परखी जा रही है जिन पर दान प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी थी। इसमें गणना करने वाले कर्मियों, कैश हैंडलिंग से जुड़े कर्मचारियों और कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि किसी भी वित्तीय प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी होती है, और यदि इसमें चूक हुई है तो उसकी भी जांच जरूरी है।

    जांच से जुड़े संकेतों के अनुसार कुछ नाम ऐसे भी सामने आए हैं जिन पर आगे चलकर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इनमें कथित रूप से रकम के हेरफेर में शामिल कर्मचारियों के साथ कुछ बैंकिंग स्तर के लोग भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, हालांकि यह जांच की दिशा और निष्कर्ष पर निर्भर करेगा।

    इसी बीच ट्रस्ट प्रशासन से जुड़े कुछ वरिष्ठ नाम भी चर्चा में आए हैं। सूत्रों के अनुसार महासचिव स्तर के पदाधिकारियों सहित कुछ अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के ट्रस्ट से अलग होने की संभावना जताई जा रही है। इसे प्रशासनिक जवाबदेही और संगठनात्मक शुद्धिकरण के तौर पर देखा जा रहा है।

    जांच टीम ने मंदिर परिसर में नियुक्तियों और व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा भी शुरू कर दी है। 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक की नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। मंदिर परिसर में लगभग 800 कर्मी कार्यरत बताए जाते हैं, जिनमें एक बड़ा हिस्सा ट्रस्ट द्वारा नियुक्त है।

    सूत्रों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े एक लंबे समय से तैनात कर्मी की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिसकी सेवा अवधि लगभग 17 वर्षों से अधिक बताई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि इतने लंबे कार्यकाल में उसकी जिम्मेदारियां और कार्यक्षेत्र किस प्रकार का रहा और क्या उसमें किसी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत के संकेत मिलते हैं।

    फिलहाल पूरा मामला जांच के प्रारंभिक लेकिन महत्वपूर्ण चरण में है, जहां दस्तावेज, बयान और प्रशासनिक रिकॉर्ड के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि यह जांच किन बड़े निष्कर्षों और कार्रवाई तक पहुंचती है।

  • राम मंदिर दान घोटाला जांच में उलझन, सीसीटीवी बैकअप और फुटेज विवाद बना बड़ी चुनौती

    राम मंदिर दान घोटाला जांच में उलझन, सीसीटीवी बैकअप और फुटेज विवाद बना बड़ी चुनौती


    नई दिल्ली । अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान संग्रह में कथित अनियमितताओं के मामले ने जांच एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विशेष जांच दल यानी एसआईटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ठोस डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र करना है, क्योंकि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों का बैकअप सीमित अवधि का ही है। जानकारी के अनुसार, सिस्टम में केवल लगभग 45 दिन का ही रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे पुराने समय की गतिविधियों की पुष्टि कर पाना बेहद कठिन हो गया है।

    जांच में सामने आया है कि उपलब्ध फुटेज में कुछ जगहों पर छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई है। इसी कारण अब जांच मुख्य रूप से फोरेंसिक विश्लेषण, कर्मचारियों के बयान और पूछताछ में सामने आ रहे तथ्यों पर केंद्रित हो गई है। एसआईटी लगातार संदिग्ध कर्मचारियों और संबंधित पदाधिकारियों से अलग अलग पूछताछ कर रही है ताकि घटनाक्रम की परतें खोली जा सकें।

    राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े एक पूर्व पदाधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों में यह भी कहा गया था कि कुछ महीनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग डिलीट की गई थी। हालांकि तकनीकी सीमाओं और बैकअप उपलब्ध न होने के कारण इन दावों की पुष्टि करना कठिन साबित हो रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि हाल के 45 दिनों में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसके साक्ष्य मिलने की संभावना अधिक है, लेकिन उससे पहले की घटनाओं को प्रमाणित करना चुनौतीपूर्ण है।

    सूत्रों के अनुसार, जांच में अब तक पूछताछ के दौरान कई विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। कुछ संदिग्धों ने लंबे समय से वित्तीय हेरफेर की बात स्वीकार करने के संकेत दिए हैं, जिससे जांच को एक नई दिशा मिली है। हालांकि यह स्पष्ट करना अभी बाकी है कि कथित गड़बड़ी कब से और किस स्तर पर चल रही थी।

    जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कथित रूप से नकदी और अन्य चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। लेकिन बिना मजबूत डिजिटल साक्ष्य के केवल बयानों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसी वजह से एसआईटी का फोकस अब तकनीकी जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और क्रॉस वेरिफिकेशन पर बढ़ गया है।

    पूरे मामले में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि सीमित सीसीटीवी डेटा और विवादित आरोपों के बीच वास्तविक सच्चाई को निष्पक्ष तरीके से सामने लाया जाए। जांच आगे बढ़ने के साथ ही उम्मीद है कि नए तथ्य सामने आएंगे, जो पूरे प्रकरण की परतें खोल सकते हैं।