Category: State

  • गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है

    गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है



    गोरखपुर। गोरखपुर में शनिवार को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भव्य शिलान्यास किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी मौजूद रहे। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम CM योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

    “उत्तर प्रदेश अब सिर्फ संभावनाओं का नहीं, परिणामों का राज्य है” – हरदीप पुरी
    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में जिस तरह विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है, वह देश के लिए उदाहरण बन गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार से निवेश बढ़ा है और गोरखपुर का यह स्टेडियम युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।

    18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य, अंतरराष्ट्रीय मैच की उम्मीद
    मंत्री पुरी ने दावा किया कि स्टेडियम का निर्माण तेजी से पूरा होगा और 18 महीने के भीतर इसे तैयार करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित किए जा सकेंगे, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलेगी।

    VIP कारपूल से पहुंचे रवि किशन, नेताओं ने दिखाई एकजुटता
    शिलान्यास समारोह में सांसद रवि किशन केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और अन्य नेताओं के साथ कारपूल करके पहुंचे। इस दौरान गोरखपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण स्तर पर स्टेडियम विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।

    स्टेडियम से बदल जाएगी गोरखपुर की पहचान
    केंद्रीय राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोरखपुर का यह स्टेडियम भविष्य में कई बड़े क्रिकेट सितारे तैयार करेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगा।

  • प्रतीक यादव की अस्थियां लेकर हरिद्वार रवाना हुआ परिवार, अपर्णा यादव चार्टर्ड प्लेन से पहुंचीं गंगा घाट

    प्रतीक यादव की अस्थियां लेकर हरिद्वार रवाना हुआ परिवार, अपर्णा यादव चार्टर्ड प्लेन से पहुंचीं गंगा घाट



    लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की अस्थियां आज हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी। इसके लिए पत्नी अपर्णा यादव चार्टर्ड प्लेन से अस्थि कलश लेकर परिवार के साथ लखनऊ से रवाना हुईं। इस दौरान उनके साथ शिवपाल यादव के सांसद पुत्र आदित्य यादव, बेटियां प्रथमा और पद्मजा, पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन भी मौजूद रहे।

    अमौसी एयरपोर्ट से लेकर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट तक पूरे सफर में परिवार के सदस्य अस्थि कलश के साथ रहे। इसके बाद सड़क मार्ग से हरिद्वार पहुंचकर जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर और स्वामी अवधेशानंद गिरि की मौजूदगी में गंगा तट पर विधिवत अस्थि विसर्जन किया जाएगा। सुरक्षा और निजीता को देखते हुए पूरा कार्यक्रम बेहद सीमित और वीवीआईपी स्तर पर आयोजित किया गया है।

    निजी जीवन और अंतिम विदाई की प्रक्रिया
    प्रतीक यादव का 13 मई को 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था, जिसके बाद 14 मई को लखनऊ में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी थी। प्रतीक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे और राजनीति से दूर रहते हुए रियल एस्टेट और फिटनेस व्यवसाय से जुड़े थे।

    पत्नी अपर्णा यादव, जो वर्तमान में भाजपा नेता और यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं, पूरे परिवार के साथ इस अंतिम यात्रा का हिस्सा बनीं। अपर्णा के पैतृक गांव उत्तराखंड में भी शोक का माहौल है, जहां लोग दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

  • श्रद्धा और आस्था के साथ बरेली में मनाया गया वट सावित्री पर्व, सुहागिन महिलाओं ने की पूजा-अर्चना

    श्रद्धा और आस्था के साथ बरेली में मनाया गया वट सावित्री पर्व, सुहागिन महिलाओं ने की पूजा-अर्चना




    बरेली । बरेली में शनिवार को वट सावित्री व्रत पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखा और पारंपरिक विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा की। सुबह से ही शहर के मंदिरों और बरगद के पेड़ों के पास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।

    शहर के अलखनाथ मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर और तपेश्वरनाथ मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा की। इसके अलावा बन्नूवाल नगर, मॉडल टाउन और अन्य कॉलोनियों में भी सामूहिक रूप से वट सावित्री पूजन किया गया। 16 श्रृंगार में सजी महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर परंपराओं का पालन किया और अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना की।

  • चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार

    चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार


    चेन्नई।
    चेन्नई (Chennai) के शोलिंगनल्लूर (Sholinganallur) के पास करपक्कम (Karapakkam) में एलकॉट सेज के अंदर टेक महिंद्रा परिसर (Tech Mahindra Campus) में शुक्रवार को आग लग गई। सूत्रों के मुताबिक, आईटी सेवा कंपनी कैंपस (IT Services Company Campus.) में स्थित वेयरहाउस में भयंकर आग लगी। हालांकि किसी को चोट नहीं आई है। घटना के वक्त सभी कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया। दुर्घटना के बाद, शोलिंगनल्लूर के पूरे क्षेत्र में कैंपस में घना धुआं उठता देखा गया। इसके बाद वहां पर सड़कें भी खाली कर दी गईं। एक टेक महिंद्रा प्रवक्ता ने चेन्नई वेयरहाउस सुविधा में आग की घटना की पुष्टि की है।


    कंपनी ने क्या कहा

    प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया कि हम आग अपने कैंपस में आग लगने की घटना की पुष्टि करते हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन और इमरजेंसी टीम की मदद से खतरा टाल दिया गया। बयान में कहा गया है कि घटना के दौरान वहां मौजूद सभी कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। प्रवक्ता ने आगे बताया कि हालात फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। हम चीजों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं और जरूरत में मुताबिक मदद मुहैया कराई जा रही है।


    काफी ज्यादा दहशत

    घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक आग बहुत तेजी से फैली। कुछ ही देर के बाद वहां पर घना धुआं उठने लगा। धुआं इतना घना और तेज था कि दूर से ही नजर आ रहा था। इस भीषण हादसे के चलते आसपास के इलाके में काफी ज्यादा दशहत फैल गई। लोग काफी ज्यादा डर गए थे। सिक्योरिटी के लिहाज से वहां की तमाम सड़कों को बंद कर दिया गया। इससे राहत और बचाव कार्य में काफी आसानी हुई। हालांकि घटना के बारे में जानकारी होते ही फायर ब्रिगेड और बचाव की टीमें पहुंच गई थीं।

  • रतिंद्र बोस ने रचा इतिहास…. पहली बार उत्तर बंगाल से कोई MLA बना विधानसभा अध्यक्ष

    रतिंद्र बोस ने रचा इतिहास…. पहली बार उत्तर बंगाल से कोई MLA बना विधानसभा अध्यक्ष


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) की नवगठित 18वीं विधानसभा ने शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया। भारतीय जनता पार्टी के विधायक (Bharatiya Janata Party MLA) रतिंद्र बोस (Ratindra Bose.) को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष (Speaker Assembly ) चुना गया। आजादी के बाद यह पहली बार है जब उत्तर बंगाल के किसी विधायक को विधानसभा अध्यक्ष जैसे अहम और प्रतिष्ठित पद की जिम्मेदारी मिली है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने रतिंद्र बोसे के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने ध्वनि मत के माध्यम से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सदन में मौजूद सभी 207 भाजपा विधायकों ने एकमत होकर बोस के पक्ष में समर्थन दिया।

    विपक्ष की भूमिका में बैठी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस पद के लिए अपना कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा था, जिससे बोस के निर्वाचन का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया और वे निर्विरोध चुन लिए गए।

    विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए रतिंद्र बोस ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे और जरूरत पड़ने पर अनुभवी विधायकों से मार्गदर्शन लेंगे। स्पीकर की कुर्सी संभालने से पहले उन्होंने कहा, “अगर मैं चुना जाता हूं तो मैं ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाऊंगा।”

    294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में हालिया चुनावों में मिली भारी जीत के बाद भाजपा के पास 207 विधायकों का प्रचंड बहुमत है। ऐसे में रतिंद्र बोस का चयन महज एक औपचारिकता माना जा रहा था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को ही कूचबिहार दक्षिण से विधायक बोस के नाम की घोषणा पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कर दी थी।

    उत्तर बंगाल को बड़ा राजनीतिक संदेश
    रतिंद्र बोस का अध्यक्ष चुना जाना केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। वह उत्तर बंगाल के पहले ऐसे विधायक हैं जो विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे। पिछले एक दशक में उत्तर बंगाल भाजपा के सबसे मजबूत गढ़ के रूप में उभरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नियुक्ति के जरिए भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र के मतदाताओं और नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का एक रणनीतिक संदेश दिया है।

  • उन्नाव में शिक्षिका का दर्दनाक कदम: VIDEO बनाकर बोलीं- ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है, फिर खा लिया जहर

    उन्नाव में शिक्षिका का दर्दनाक कदम: VIDEO बनाकर बोलीं- ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है, फिर खा लिया जहर


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्राथमिक विद्यालय में तैनात 40 वर्षीय शिक्षिका नाजिया सुल्ताना ने कथित मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। गंभीर हालत में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

    आत्महत्या का प्रयास करने से पहले नाजिया सुल्ताना ने करीब एक मिनट का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह रोते हुए शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी पर गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही हैं। नाजिया ने कहा कि पिछले दो से ढाई साल से उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और पिछले कई महीनों से उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई थी।

    वीडियो में नाजिया कहती हैं, “मैं आज खुदकुशी कर रही हूं और इसका जिम्मेदार शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी है। इन्होंने मेरी जिंदगी दुश्वार कर दी है। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता। ये सुसाइड नहीं, मेरा मर्डर है।” शिक्षिका की भावुक अपील ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

    यह मामला सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बदरका प्रथम का बताया जा रहा है, जहां नाजिया और शिक्षामित्र पुष्कर वाजपेयी दोनों तैनात हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि विवाद की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    घटना की जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश पांडेय अस्पताल पहुंचे और शिक्षिका का हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि स्कूल में तैनात शिक्षिका और शिक्षामित्र के बीच मतभेद की बात सामने आई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

    वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अचलगंज थाने के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न और तनाव जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। सोशल मीडिया पर लोग शिक्षिका को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी लंबी अवधि तक विवाद चलने के बावजूद समाधान क्यों नहीं निकाला गया।

  • हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम

    हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम



    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद अब परिवार हरिद्वार में अस्थि विसर्जन की तैयारी में जुट गया है। जानकारी के मुताबिक, उनकी पत्नी अपर्णा यादव जल्द ही पूरे परिवार के साथ हरिद्वार रवाना होंगी, जहां गंगा घाट पर विधि-विधान के साथ अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

    प्रतीक यादव का बुधवार तड़के निधन हो गया था। उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को लखनऊ के भैंसाकुंड धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शुक्रवार को फूल चुनने की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद अब परिवार हरिद्वार जाकर गंगा में अस्थि विसर्जन करेगा।

    सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें फेफड़ों से जुड़ी दिक्कत बताई जा रही थी और कुछ समय पहले उनका इलाज मेदांता अस्पताल में भी चला था। वहीं, पोस्टमॉर्टम से पहले उनके शरीर पर चोट के निशान मिलने की चर्चा भी सामने आई, जिसके बाद मामले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि परिवार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    बताया जा रहा है कि घटना के समय अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। वह असम के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ लौट आईं।

    प्रतीक और अपर्णा यादव की शादी साल 2011 में हुई थी। दोनों एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और बाद में यह दोस्ती रिश्ते में बदल गई। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, दोनों के बीच गहरी समझ और मजबूत रिश्ता था। अब प्रतीक यादव के निधन से परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

  • झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। झांसी-कानपुर हाईवे पर चिरगांव थाना क्षेत्र के बाईपास के पास तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि दोनों को ट्रक करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। टक्कर और घसीटने की वजह से एक युवक का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि शव के कई टुकड़े सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

    जानकारी के अनुसार, दोनों रिश्तेदार बाजार से सब्जी खरीदकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश करता रहा और बाइक समेत दोनों युवकों को काफी दूर तक घसीटता चला गया। सड़क पर खून और शव के टुकड़े बिखरने से वहां मौजूद लोग सहम गए।

    बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले भतीजे की शादी दो दिन पहले ही तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, लेकिन एक पल में मातम छा गया। परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

    हादसे के बाद बाइक ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से सड़क पर बिखरे शव के टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। हादसे की भयावह तस्वीरें देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।

    पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाले हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन रहे हैं। झांसी की यह घटना भी उन दर्दनाक हादसों में शामिल हो गई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

  • महोबा थाने में शिकायत लेकर पहुंचे युवक पर दरोगा का कहर, 1 मिनट में 5 थप्पड़ और पैर से हमला; वीडियो वायरल के बाद लाइन हाजिर

    महोबा थाने में शिकायत लेकर पहुंचे युवक पर दरोगा का कहर, 1 मिनट में 5 थप्पड़ और पैर से हमला; वीडियो वायरल के बाद लाइन हाजिर



    नई दिल्ली। महोबा जिले के महोबकंठ थाने में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मारपीट और लूट की शिकायत लेकर पहुंचे युवक को दरोगा द्वारा ही कथित तौर पर पीट दिया गया। पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे न्याय दिलाने के बजाय दरोगा ने गांव ले जाकर दूसरे पक्ष के सामने ही 1 मिनट से ज्यादा समय तक थप्पड़ मारे और पैर से भी मारा, साथ ही गाली-गलौज की गई।

    यह पूरा मामला वीडियो में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी शशांक सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है।

    हालांकि पुलिस जांच में युवक की मूल शिकायत को झूठा बताया गया है, लेकिन अधिकारी ने यह भी माना कि दरोगा का व्यवहार अनुशासन के खिलाफ था और इस तरह की कार्रवाई किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

    पीड़ित युवक संदीप ने बताया कि वह 10 मई की शाम हरपालपुर (मध्य प्रदेश) से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उसे रोककर मारपीट और लूटपाट की थी। न्याय की उम्मीद में वह थाने पहुंचा था, लेकिन वहां उसे उल्टा मार का सामना करना पड़ा।

  • लखनऊ में आजम परिवार की अखिलेश यादव से मुलाकात, प्रतीक यादव के निधन पर जताया शोक

    लखनऊ में आजम परिवार की अखिलेश यादव से मुलाकात, प्रतीक यादव के निधन पर जताया शोक



    नई दिल्ली। लखनऊ में समाजवादी राजनीति के बीच शुक्रवार को भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जब वरिष्ठ सपा नेता आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा और उनके बेटे अदीब आजम खान ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात हाल ही में दिवंगत हुए मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए की गई।

    मुलाकात के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि “दुख की घड़ी में सब साथ हैं।” इस मुलाकात को राजनीतिक औपचारिकता से ज्यादा मानवीय संवेदना और आपसी समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।

    बता दें कि प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में बुधवार को हृदय और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के चलते निधन हो गया था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को लखनऊ के बैकुंठ धाम में किया गया, जहां उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने उन्हें मुखाग्नि दी।

    परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, अंतिम यात्रा विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में परिजन और समर्थक शामिल हुए।

    आजम परिवार की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब समाजवादी पार्टी पहले से ही शोक की स्थिति से गुजर रही है। राजनीतिक गलियारों में इसे एकजुटता और संवेदना के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।