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  • यूपी में मौसम का कहर: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट

    यूपी में मौसम का कहर: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और पिछले एक हफ्ते से कई जिलों में आंधी-बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। गुरुवार को बांदा, बिजनौर, शाहजहांपुर, कानपुर देहात और महोबा में तेज बारिश के साथ कई जगह ओले गिरे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। महोबा में करीब आधे घंटे की बारिश के दौरान ओले गिरने से फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है, वहीं बिजनौर में सड़क किनारे लगा एक CCTV टावर तेज हवा में गिर गया, जिससे इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

    बारिश और फिसलन की वजह से कई जगहों पर सड़क हादसे भी सामने आए हैं। बाराबंकी में हाईवे पर फिसलन के चलते दो डबल डेकर बसें, एक डीसीएम और कई वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें एक यात्री की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। वहीं, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, गाजियाबाद समेत 15 से ज्यादा जिलों में भी तड़के बारिश दर्ज की गई है।

    इसी बीच मौसम के खराब हालात का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। दिल्ली से पटना जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6497 को लैंडिंग से पहले टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिससे विमान हवा में डगमगाने लगा और यात्रियों में दहशत फैल गई। स्थिति को देखते हुए फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया, जहां सुरक्षित लैंडिंग हुई। विमान को केंद्रीय मंत्री और पायलट राजीव प्रताप रूडी उड़ा रहे थे, जिन्होंने उतरने के बाद यात्रियों से कहा कि अब आप सुरक्षित हैं।

    मौसम विभाग ने आज 44 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाओं के टकराव के कारण यह मौसमी बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    बाराबंकी में लखनऊ, अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे बारिश के दौरान बड़ा सड़क हादसा हो गया। दारापुर स्थित कलिका ढाबा के पास फिसलन भरी सड़क पर दो डबल डेकर बसें, एक डीसीएम और कई अन्य वाहन आपस में टकरा गए। सभी वाहन अयोध्या की ओर जा रहे थे, तभी अचानक हुए इस हादसे से हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश के चलते सड़क बेहद फिसलन भरी हो गई थी और आगे चल रही डीसीएम के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहे वाहन एक के बाद एक टकराते चले गए। इस हादसे में बस सवार बस्ती निवासी विनोद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आशीष, आजाद, संजय और अजमेर अली गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात सामान्य कराने और जांच शुरू कर दी है।

  • योगी सरकार ने शुरू की जनगणना-2027 की ऐतिहासिक शुरुआत, डिजिटल और जातीय गणना से बदलेगा विकास का चेहरा

    योगी सरकार ने शुरू की जनगणना-2027 की ऐतिहासिक शुरुआत, डिजिटल और जातीय गणना से बदलेगा विकास का चेहरा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण की शुरुआत करते हुए इसे देश के समग्र और सुनियोजित विकास की मजबूत आधारशिला बताया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने “हमारी जनगणना, हमारा विकास” के संकल्प के साथ मकान सूचीकरण और गणना कार्य का शुभारंभ किया।

    जनगणना को बताया विकास का आधार
    सीएम योगी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या का आंकलन नहीं, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार है। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा से ही अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाया जा सकता है।

    पहली बार डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया
    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की जा रही है। इसके तहत 7 से 21 मई 2026 तक नागरिकों को स्वगणना (self-enumeration) की सुविधा दी गई है, जिसमें लोग ऑनलाइन अपने विवरण दर्ज कर सकेंगे।इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सत्यापन और सूचीकरण करेंगे, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत जनगणना की जाएगी।

    जातीय गणना और वन ग्राम भी शामिल
    सीएम योगी ने कहा कि इस बार जनगणना में पहली बार जातीय गणना को भी शामिल किया गया है। साथ ही वन ग्रामों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिससे व्यापक और समावेशी डेटा तैयार किया जा सके।

    विशाल स्तर पर होगा कार्य
    उन्होंने बताया कि यह कार्य उत्तर प्रदेश के 75 जिलों, 18 मंडलों, 350 तहसीलों और हजारों ग्राम व नगर निकायों में किया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब 5.25 लाख कर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें प्रगणक, सुपरवाइजर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री की अपील
    योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व समझकर इसमें पूरी भागीदारी करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।जनगणना-2027 का यह डिजिटल और विस्तृत मॉडल भारत में डेटा आधारित प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे विकास योजनाओं को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

  • Rajasthan: 900 करोड़ के जल जीवv मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार

    Rajasthan: 900 करोड़ के जल जीवv मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार


    जयपुर।
    राजस्थान (Rajasthan) में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission- JJM) घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी (Mahesh Joshi) को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 900 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर रिश्वत ली थी।

    इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी महेश जोशी को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि उन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की और न ही कोई पैसा लिया। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें 3 दिसंबर 2025 को जमानत मिली थी।


    22 अधिकारियों समेत दर्ज हुई थी FIR

    ACB ने इस मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित 22 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इनमें जल जीवन मिशन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर टेंडर जारी कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया।


    ईमेल आईडी से मिला बड़ा सुराग

    ACB को जांच के दौरान कुछ संदिग्ध ईमेल आईडी से महत्वपूर्ण लीड मिली थी। इन्हीं के आधार पर अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत का खुलासा हुआ। अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।


    सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के बाद कार्रवाई

    इससे पहले 9 अप्रैल को जलदाय विभाग के पूर्व ACS सुबोध अग्रवाल को भी ACB ने गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान महेश जोशी की भूमिका को लेकर उनसे पूछताछ की गई थी। अब ACB ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए पूर्व मंत्री तक पहुंच बनाई है।

  • झारखंड सरकार का बड़ा फैसला…. तंबाकू युक्त गुटखा-पान मसाला पर लगाया एक साल का प्रतिबंध

    झारखंड सरकार का बड़ा फैसला…. तंबाकू युक्त गुटखा-पान मसाला पर लगाया एक साल का प्रतिबंध


    रांची।
    झारखंड (Jharkhand) में जन-स्वास्थ्य (Public Health) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार (State Government) ने तंबाकू और निकोटीन (Tobacco and Nicotine) युक्त गुटखा और पान मसाला (Gutkha and pan masala) के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से एक आदेश जारी किया गया है।

    अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा, जो किसी भी नाम से बाजार में बेचे जा रहे हों, यदि उनमें तंबाकू या निकोटीन की मात्रा पाई जाती है। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ने यह फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 की धारा 30(2)(ए) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियमन 2011 के नियम के तहत लिया है। इसमें कहा गया है कि प्रतिबंध का यह आदेश जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पकड़ा जाता है, तो कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • उत्तराखंड के चंपावत में 16 साल की किशोरी से गैंगरेप…. भाजपा नेता, एक अग्निवीर समेत 3 पर केस

    उत्तराखंड के चंपावत में 16 साल की किशोरी से गैंगरेप…. भाजपा नेता, एक अग्निवीर समेत 3 पर केस


    चंपावत।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के चम्पावत (Champawat) में दोस्त संग शादी में गई 16 वर्षीय किशोरी (16-Year-old Teenager) दरिंदगी का शिकार हो गई। उसके दोस्त, भाजपा नेता समेत तीन लोगों ने चाकू नोक पर उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता एक सुनसान घर में निर्वस्त्र मिली। उसके हाथ-पैर भी बंधे हुए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों फरार हैं। आरोपियों में एक अग्निवीर बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित के पिता ने तहरीर देकर बताया कि उनकी बेटी चम्पावत की एक दुकान में काम करती है। पांच मई की शाम को वह घर नहीं लौटी। फोन करने पर उसने बताया कि सल्ली निवासी उसका दोस्त विनोद सिंह रावत उसे एक शादी समारोह में ले गया है। लेकिन, देर रात तक वह घर नहीं लौटी। रात करीब डेढ़ बजे बेटी ने पिता को फोन किया, लेकिन तुरंत कट गया और फिर मोबाइल ऑफ हो गया। पिता ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। बुधवार तड़के चार बजे पुलिस और ग्रामीणों को किशोरी सल्ली गांव में एक बंद कमरे में रस्सी से बंधी मिली।


    चाकू की नोंक पर दरिंदगी

    किशोरी ने बताया कि सल्ली निवासी 20 वर्षीय विनोद सिंह रावत, 30 वर्षीय नवीन सिंह और भाजपा नेता 45 वर्षीय पूरन सिंह रावत ने गले पर चाकू रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद तीनों ने रस्सी से बांधकर उसे कमरे में बंद कर दिया। कोतवाल बीएस बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच एसआई प्रियंका मौर्या को सौंपी गई है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं।

    पीड़ित किशोरी का मेडिकल कराकर उसकी काउंसलिंग कराई गई है। पूरन सिंह रावत पूर्व में तल्लादेश से भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष और सल्ली गांव का प्रधान रह चुका है। भाजपा के तल्लादेश मंडल अध्यक्ष कैलाश सिंह बोहरा ने बताया कि कुछ समय पूर्व नई कार्यकारिणी के गठन में उसे पद से हटाया गया था।


    चम्पावत को चौथी गैंग रेप की वारदात ने दहलाया

    चम्पावत में हुए गैंगरैप की वारदात ने पहाड़ की शांत वादियों को झकझोर कर रख दिया है। गैंगरेप की घटना से महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 13 साल के भीतर ही यह चौथी शर्मशार करने वाली वारदात है।


    पीड़िता के पिता ने कराया मुकदमा

    चम्पावत में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने देवभूमि को एक बार फिर से हिला कर रख दिया है। इस घटना ने एक बार फिर से महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के पिता की दी तहरीर में कहा गया है कि तीन लोगों ने उसके साथ चाकू और धारदार हथियार बसूला को उसके गर्दन पर रख कर गैंग रेप किया। पुलिस पूछताछ में उसने ये भी बताया कि तीनों ने उसे रस्सी से बांध कर कमरे में बंद कर दिया। वैसे जिले में गैंगरेप की ये पहली वारदात नहीं है। इससे पूर्व भी जिले में गैंगरेप के मामले हो चुके हैं।


    पूर्व में गैंगरेप के मामले

    वर्ष 2003 में चम्पावत में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन को हिरासत में लिया गया था। अक्टूबर 2023 में सूखीढांग क्षेत्र में एक महिला के साथ तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। जबकि जुलाई 2024 में तल्लापाल बिलौना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ तीन युवकों ने दुष्कर्म किया था। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बहरहाल जो भी हो गैंगरेप से महिला सुरक्षा पर खतरा है।

    चंपावत एसपी रेखा यादव ने बताया कि चम्पावत के सल्ली गांव में 16 साल की एक नाबालिग बालिका से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ चम्पावत कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    गैंगरेप का एक आरोपी अग्निवीर में भर्ती!
    आरोपी विनोद का चयन अग्निवीर में हुआ था। कुछ समय पूर्व बनबसा में हुई भर्ती के दौरान विनोद ने शारीरिक दक्षता और मेडिकल पास किया था। बताया जाता है कि विनोद का अग्निवीर का कॉल लेटर आना शेष था।


    फॉरेंसिक टीम ने जांच की

    चम्पावत। गैंगरेप की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। फारेंसिक टीम ने सल्ली स्थित डेयरी के पास के कमरे में पहुंच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी के अनुसार फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए।


    पिता के संरक्षण में भेजी नाबालिग बालिका

    बुधवार को जिला अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल चेकअप किया गया। जिसके बाद सीडब्ल्यूसी ने पीड़िता की काउंसलिंग की। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष आनंदी अधिकारी ने बताया कि काउंसलिंग में पीड़िता ने बीमार पिता के साथ रहने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि इसके बाद पीड़िता को पिता के संरक्षण में भेज दिया। साथ ही किसी भी तरह की दिक्कत होने पर कमेटी को जानकारी देने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के बाद जांच अधिकारी पीड़िता को लेकर 164 के बयान लिए कोर्ट ले गई।

  • तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा… किसी भी दल के पास बहुमत नहीं, अब क्या करेंगे गवर्नर?

    तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा… किसी भी दल के पास बहुमत नहीं, अब क्या करेंगे गवर्नर?


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) की जनता ने इस विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में ऐसा फैसला सुनाया है कि वहां की राजनीति फंस सी गई है। किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। अभिनेता से राजनेता बने विजय (Vijay) की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (Tamilaga Vetri Kazhagam- TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर इतिहास तो रच दिया है, लेकिन सत्ता से अभी भी दूर ही नजर आ रही है। उनके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 117 विधायकों का समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर (Governor Rajendra Arlekar) ने विधानसभा तो भंग कर दी है, लेकिन विजय को सरकार बनाने का न्यौता देने से पहले बहुमत का ठोस सबूत पेश करने को कहा है।

    आपको यह भी बता दें कि विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है। नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इसके साथ पार्टी के विधायकों की संख्या 107 ही रह जाएगी। उन्हें बहुमत के लिए 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन को 59, एआईएडीएमके गठबंधन को 47, कांग्रेस को 5 और पीएमके को 4 सीटें मिली हैं। अन्य छोटे दलों के पास 2 सीटें हैं। कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का एलान किया है, जिससे आंकड़ा 112 तक पहुंचता है। हालांकि, अभी भी 5 और सीटों की दरकार है। चर्चा यह भी है कि भाजपा के समर्थन से टीवीके और एआईएडीएमके के बीच भी बातचीत चल रही है।


    त्रिशंकु विधानसभा के हालात में क्या करेंगे राज्यपाल?

    नियमों के मुताबिक, जब किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो राज्यपाल के पास शक्तियां होती हैं। न्यायमूर्ति आरएस सरकारिया के अनुसार, राज्यपाल का मुख्य कार्य सरकार का गठन करवाना है न कि अपनी पसंद की विचारधारा वाली सरकार चुनना। राज्यपाल को सबसे पहले चुनाव पूर्व गठबंधन, उसके बाद सबसे बड़ी पार्टी और सबसे अंत में चुनाव बाद का गठबंधन को मौका देना होता है। यह उस स्थिति में होता है जब उनके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल हो। मुख्यमंत्री को पद संभालने के 30 दिनों के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा। बहुमत का फैसला राजभवन में नहीं बल्कि विधानसभा के फ्लोर पर होना चाहिए।


    राज्यपालों के विवादित फैसले

    हालांकि, राज्यपालों ने अलग-अलग स्थितियों में अलग-अलग रुख अपनाए हैं, जिससे अक्सर विवाद पैदा हुए हैं। 2017 में गोवा और मिजोरम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन वहां के राज्यपालों ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए बुलाया क्योंकि भाजपा ने अन्य दलों के समर्थन के पत्र पहले पेश कर दिए थे। इसके एक साल बाद कर्नाटक में भी ऐसी ही स्थिति थी। यहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी थी। राज्यपाल ने बी.एस. येदियुरप्पा को शपथ दिला दी, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस के चुनाव बाद गठबंधन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने की चुनौती मिलने पर येदियुरप्पा को इस्तीफा देना पड़ा।

  • 66 दिन पहले हुई थी शादी, अब तिरंगे में लौटा पति: जालौन में शहीद सिपाही के शव से लिपटकर रोती रही पत्नी, चारों जवानों को दी गई अंतिम सलामी

    66 दिन पहले हुई थी शादी, अब तिरंगे में लौटा पति: जालौन में शहीद सिपाही के शव से लिपटकर रोती रही पत्नी, चारों जवानों को दी गई अंतिम सलामी

    नई दिल्ली। हरियाणा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने जालौन पुलिस महकमे को गहरे सदमे में डाल दिया। ड्यूटी से लौट रहे चार पुलिसकर्मियों की मौत के बाद जब उनके पार्थिव शरीर जालौन पहुंचे, तो पूरा पुलिस लाइन शोक और सन्नाटे में डूब गया। बुधवार सुबह जैसे ही ताबूत पहुंचे, हर आंख नम हो गई। गार्ड ऑफ ऑनर के बीच जब अंतिम सलामी दी जा रही थी, तभी सबसे भावुक दृश्य सामने आया। सिपाही प्रदीप कुमार की पत्नी मयूरी वर्मा अपने पति के शव से लिपटकर बिलख-बिलख कर रो पड़ीं।

    मयूरी को महिला पुलिसकर्मियों ने संभालने की कोशिश की, लेकिन उनका दर्द थमने का नाम नहीं ले रहा था। रोते-रोते वह बेहोश हो गईं। महज 66 दिन पहले ही दोनों ने सात फेरे लिए थे, और अब वही रिश्ता अचानक इस तरह टूट गया कि हर देखने वाले की आंखें भर आईं। वहां मौजूद हर शख्स इस मंजर को देखकर खुद को संभाल नहीं पा रहा था।

    चारों शहीद पुलिसकर्मियों दरोगा मोहित यादव, दरोगा सत्यभान, कॉन्स्टेबल अशोक कुमार और सिपाही प्रदीप कुमार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पुलिस लाइन में डीजी आलोक सिंह, आईजी आकाश कुलहरी और डीएम राजेश पांडेय समेत कई अधिकारियों ने कंधा देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्मारक पर गूंजती सलामी की आवाजें हर दिल को झकझोर रही थीं।

    बताया जा रहा है कि ये सभी पुलिसकर्मी हरियाणा में एक केस में दबिश देने गए थे। मंगलवार सुबह जब वे स्कॉर्पियो से लौट रहे थे, तभी कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर ओवरटेक के दौरान वाहन अनियंत्रित हो गया और सामने चल रही गाड़ी से टकरा गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही चारों पुलिसकर्मियों और एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई।

    श्रद्धांजलि के बाद सभी पार्थिव शरीर उनके गृह जिलों के लिए रवाना कर दिए गए—कासगंज, कन्नौज, बांदा और रायबरेली। हर गांव और हर घर में मातम पसरा हुआ है, जहां इन जवानों का इंतजार अब कभी पूरा नहीं होगा।

    इस दुखद घटना के बीच राज्य सरकार ने परिजनों के लिए बड़ी घोषणा की है। डीजी आलोक सिंह ने प्रत्येक शहीद के परिवार को 1 करोड़ 90 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। यह मदद भले ही कुछ सहारा दे, लेकिन जो खालीपन इन परिवारों में आया है, उसे कोई भर नहीं सकता।

    यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि ड्यूटी पर निकले जवान हर दिन खतरे के साए में जीते हैं। उनके बलिदान के पीछे सिर्फ वर्दी नहीं, बल्कि टूटते हुए कई परिवारों की कहानी छिपी होती है।

  • PCS ज्योति मौर्य विवाद में नया मोड़: पति आलोक मौर्य बोले- अब राजनीति में उतरूंगा, अफसर पत्नी ने सुलह से किया साफ इनकार

    PCS ज्योति मौर्य विवाद में नया मोड़: पति आलोक मौर्य बोले- अब राजनीति में उतरूंगा, अफसर पत्नी ने सुलह से किया साफ इनकार



    नई दिल्ली। यूपी की चर्चित PCS अफसर ज्योति मौर्य और उनके सफाईकर्मी पति आलोक मौर्य का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ पारिवारिक नहीं बल्कि राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात के बाद आलोक मौर्य ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे जल्द ही राजनीति में कदम रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि वे आगे आएं और समाज की सेवा करें, खासकर युवाओं के मुद्दों को लेकर।

    5 मई को जब डिप्टी सीएम का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा, तो आलोक मौर्य अपने समर्थकों के साथ स्वागत के लिए पहले से मौजूद थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करते हैं और वे भी उसी राह पर आगे बढ़ने की सोच रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला पार्टी और जनता की इच्छा पर निर्भर करेगा।

    इस बीच, ज्योति और आलोक के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामला फिलहाल मीडिएशन सेंटर में है, जहां सुलह की कोशिशें जारी हैं। आलोक मौर्य का कहना है कि वे परिवार को टूटने से बचाना चाहते हैं और उम्मीद है कि जल्द कोई सकारात्मक नतीजा सामने आएगा। लेकिन दूसरी तरफ PCS अफसर ज्योति मौर्य ने साफ कर दिया है कि अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर अब कुछ नहीं कहना चाहतीं और पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी हैं।

    गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात ज्योति मौर्य पहले भी कह चुकी हैं कि तलाक की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अब यह रिश्ता बच पाना मुश्किल है। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ चुका है कि मामला जिला कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। जहां एक ओर आलोक ने गुजारा भत्ता की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है, वहीं ज्योति ने तलाक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

    आलोक मौर्य ने इस पूरे विवाद को एक बड़े सामाजिक मुद्दे से भी जोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने पुरुषों के अधिकारों की बात करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ‘पुरुष आयोग’ बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुरुषों को अपनी बात रखने का मंच नहीं मिल रहा, जिसकी वजह से कई लोग मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या तक कर रहे हैं।

    गौरतलब है कि इस विवाद ने पहले भी देशभर में बहस छेड़ दी थी, जब आलोक ने ज्योति पर अफेयर और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में वे इन आरोपों को साबित नहीं कर पाए और वापस लेना पड़ा। दूसरी ओर, ज्योति मौर्य ने आलोक के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है, जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।

    एक साधारण परिवार से निकलकर PCS अफसर बनने तक का ज्योति मौर्य का सफर जितना प्रेरणादायक रहा, उतना ही उनका निजी जीवन विवादों में घिर गया। अब इस पूरे मामले में राजनीति की एंट्री ने इसे और ज्यादा चर्चित बना दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि आलोक मौर्य सच में राजनीति में कदम रखते हैं या नहीं, और कोर्ट में चल रहा यह हाई-प्रोफाइल विवाद किस दिशा में जाता है।

  • पंजाब में धमाकों से दहशत! BSF HQ और आर्मी कैंप बने निशाना, DGP ने बताया PAK लिंक,CM ने लगाया सियासी साजिश का आरोप

    पंजाब में धमाकों से दहशत! BSF HQ और आर्मी कैंप बने निशाना, DGP ने बताया PAK लिंक,CM ने लगाया सियासी साजिश का आरोप


    नई दिल्ली। पंजाब में एक ही रात के भीतर हुए दो धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और सियासत भी गरमा गई है। जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर और अमृतसर में आर्मी कैंप के पास हुए धमाकों को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

    मंगलवार रात करीब 8 बजे जालंधर के BSF चौक के पास एक एक्टिवा के नजदीक जोरदार धमाका हुआ। शुरुआती जांच में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति पॉलिथीन में लिपटा पैकेट एक्टिवा के पास रखकर भागता दिखा, जिसके कुछ ही सेकेंड बाद विस्फोट हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

    इसके करीब तीन घंटे बाद अमृतसर के खासा इलाके में आर्मी कैंप को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड अटैक की कोशिश की गई। बाइक सवार दो नकाबपोशों ने ग्रेनेड फेंका, जो दीवार से टकराकर फट गया। धमाके से कैंप की बाहरी संरचना को नुकसान पहुंचा और टीन शेड ढह गया, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

    घटनाओं के बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मौके का दौरा कर जांच की और कहा कि दोनों हमलों में IED का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। उन्होंने शुरुआती तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों की भूमिका से इनकार नहीं किया और इसे एक सुनियोजित साजिश बताया।

    वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऐसे धमाके चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए कराए जा सकते हैं और इसके पीछे राजनीतिक साजिश भी हो सकती है।

    इस बीच, एक उग्र संगठन खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को धमकी भी दी है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की भी जांच कर रही हैं।

    इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं ताकि इस साजिश के पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल, एक रात में दो धमाकों ने पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं राजनीतिक बयानबाजी ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। अब जांच के नतीजों पर ही आगे की तस्वीर साफ होगी।

  • राहुल गांधी पर CBI जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में बड़ा मामला… क्या आज आएगा अहम फैसला? देशभर की नजर लखनऊ बेंच पर!

    राहुल गांधी पर CBI जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में बड़ा मामला… क्या आज आएगा अहम फैसला? देशभर की नजर लखनऊ बेंच पर!



    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक याचिका पर आज महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। यह मामला कथित आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ा बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, याचिका में मांग की गई है कि राहुल गांधी और उनके परिवार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा विस्तृत जांच की जाए और इस मामले में नियमित आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

    यह याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफर अहमद की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध की गई है। मामले की सुनवाई पहले 6 मई को नए मामलों की सूची में शामिल थी, लेकिन याची की अर्जेंट अपील पर इसे चैंबर में सुनवाई के लिए मंजूरी दी गई। अब इस पर आज दोपहर 2:15 बजे सुनवाई होनी है।

    याचिकाकर्ता कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दावा किया है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीर जांच आवश्यक है। याचिका में सीबीआई के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग, गृह मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को भी पक्षकार बनाया गया है।

    इस पूरे मामले में आरोप है कि राहुल गांधी की संपत्ति उनके ज्ञात आय स्रोतों से अधिक हो सकती है, जिसकी जांच की मांग की गई है।

    फिलहाल अदालत में इस याचिका की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।