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  • आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    नई दिल्ली। आगरा के बल्केश्वर घाट पर मंगलवार सुबह यमुना नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसमें छह युवक-युवतियां और एक किशोर डूब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पांच लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन की मौत हो गई, जबकि दो घंटे की मशक्कत के बाद किशोर का शव भी बरामद हुआ।

    जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सभी लोग यमुना में नहाने उतरे थे, तभी अचानक गहरे पानी में चले जाने से एक के बाद एक सभी डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत के बाद पांच लोगों को बाहर निकाला और उन्हें एसएन अस्पताल भेजा गया, जहां कान्हा, महक और रिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं 11 वर्षीय विक्की का शव बाद में यमुना से बरामद किया गया।

    घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब विक्की का शव बाहर निकाला गया और उसके पिता बिलख पड़े। उन्होंने बताया कि चार बेटियों के बाद बड़ी मन्नत से मिला एक बेटा भी हादसे में खो दिया।

    डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

  • महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर

    महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर


    नई दिल्ली। महोबा कोतवाली क्षेत्र के पचपहरा गांव में एक 23 वर्षीय युवती द्वारा सल्फास का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, वीरसिंह की पुत्री पिंकी यादव ने यह कदम उठाया, हालांकि उसने ऐसा क्यों किया, इस बारे में अभी स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिजनों ने भी घटना के पीछे की वजह बताने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।

    अस्पताल प्रशासन के मुताबिक युवती की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे विशेषज्ञ उपचार की जरूरत है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।

    कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

  • महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    नई दिल्ली। महोबा में तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो ममेरे भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के लवकुशनगर क्षेत्र के ग्राम प्रकाश बम्हौरी निवासी 21 वर्षीय रामनरेश अपने 19 वर्षीय ममेरे भाई नवाब के साथ महोबा डीजल लेने आए थे। दोनों मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे।

    इसी दौरान शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पसवारा के पास स्थित इंडस वैली पब्लिक स्कूल के समीप तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली मनीष पांडेय ने बताया कि डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया है, जिसकी तलाश के लिए टीम लगाई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश

    चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश


    नई दिल्ली। चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में नवम दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2377 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों की उपलब्धियों की विशेष सराहना की गई और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया गया।

    समारोह में 140 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 6 विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक तथा 50 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने की।

    मुख्य अतिथि नरेंद्र कश्यप ने दिव्यांग विद्यार्थियों की मेहनत और सफलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय समाज में प्रेरणा का केंद्र बन रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

    इस अवसर पर सुहास एलवाई और अजीत कुमार को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

    अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने कहा कि सच्ची दीक्षा वही है, जो व्यक्ति को केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि उसे राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए प्रेरित भी करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन, सेवा और समर्पण को अपनाने का आह्वान किया।

  • चित्रकूट में पारंपरिक खजूर झाड़ू उद्योग संकट में, प्लास्टिक झाड़ुओं ने छीनी कारीगरों की आजीविका

    चित्रकूट में पारंपरिक खजूर झाड़ू उद्योग संकट में, प्लास्टिक झाड़ुओं ने छीनी कारीगरों की आजीविका



    नई दिल्ली। चित्रकूट जिले में खजूर के पत्तों से बनने वाली पारंपरिक झाड़ू का रोजगार तेजी से खत्म होता जा रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। कभी यह काम गांव-गांव में स्थायी आमदनी का साधन था, लेकिन अब प्लास्टिक और फैशनेबल झाड़ुओं की बढ़ती मांग ने इस घरेलू उद्योग को लगभग कमजोर कर दिया है।

    पाठा क्षेत्र सहित कई गांवों में 100 से ज्यादा परिवार पीढ़ियों से खजूर की झाड़ू बनाकर जीवन यापन करते थे, लेकिन अब बाजार में इसकी मांग काफी कम हो गई है। पहले जहां यह झाड़ू बेहद सस्ते दाम पर बिकती थी, वहीं अब लागत बढ़ने के बावजूद बिक्री घटने से कारीगर परेशान हैं।

    कारीगरों का कहना है कि पहले खजूर के पत्ते आसानी से मिल जाते थे और झाड़ू बनाने का खर्च भी कम था, लेकिन अब कच्चे माल की कीमत बढ़ने से मुनाफा लगभग खत्म हो गया है। एक झाड़ू तैयार करने में कई दिन लगते हैं, लेकिन फिर भी उचित दाम नहीं मिल पा रहा है।

    स्थानीय कारीगरों और महिलाओं ने बताया कि प्लास्टिक झाड़ुओं की बढ़ती मांग ने उनके पारंपरिक काम को लगभग खत्म कर दिया है। इससे कई परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और रोजगार का यह पुराना जरिया धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।

  • शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज

    शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज



    नई दिल्ली। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में शादी के महज 14 दिन बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। घटना मिशन कंपाउंड इलाके की है, जहां दूसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, मृतका प्रियंका मिश्रा (30) गोरखपुर की रहने वाली थी और उसकी शादी 28 अप्रैल को झांसी निवासी शुभम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान प्रियंका दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पति शुभम का कहना है कि प्रियंका छत की मुंडेर पर बैठी थी और उसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। वहीं परिवार का दावा है कि यह एक हादसा था, जबकि मायके पक्ष ने मामले पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की है।

    मृतका बीएड की पढ़ाई कर चुकी थी और उसकी मुलाकात पति शुभम से करीब डेढ़ साल पहले एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद हाल ही में विवाह हुआ था।

    घटना की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पति समेत परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार

    हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार




    नई दिल्ली। हापुड़ में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां सोमवार रात शादी समारोह से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर अतुल तोमर (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिलखुआ थाना क्षेत्र के रिलायंस रोड इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    जानकारी के अनुसार अतुल तोमर गाजियाबाद के भोजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले कार का शीशा तोड़ने की कोशिश की और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली अतुल के सीने में लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    परिजनों का आरोप है कि पिछले तीन साल से एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें कुछ स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर शामिल थे। इसी रंजिश के चलते हत्या को अंजाम दिया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि धमकियों के बावजूद पुलिस ने पहले गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।

    इस मामले में पुलिस ने बीजेपी जिला मंत्री नवीन तोमर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी मंजीत सहित अन्य फरार हैं। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    परिजनों में गुस्सा है और उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • यूपी में बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया और विदेशी नेटवर्क के जरिए युवाओं के ब्रेनवॉश का खतरनाक मॉडल सामने आया

    यूपी में बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया और विदेशी नेटवर्क के जरिए युवाओं के ब्रेनवॉश का खतरनाक मॉडल सामने आया



    नई दिल्ली। यूपी में पिछले कुछ वर्षों में एटीएस और पुलिस की जांचों के दौरान एक ऐसा गंभीर और जटिल पैटर्न सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया, हनीट्रैप, आर्थिक लालच और विदेशी फंडिंग के जरिए युवाओं को पहले प्रभावित किया गया और फिर कथित रूप से उन्हें अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क एक संगठित तरीके से काम करता है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके ब्रेनवॉश और संपर्क स्थापित किए जाते हैं।

    रिपोर्ट्स और जांचों के मुताबिक कुछ मामलों में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में ऐसे युवाओं को शामिल किया गया जिनकी पहचान बदलकर या फर्जी नामों के जरिए उन्हें आगे इस्तेमाल किया गया। एटीएस की कार्रवाई में कुछ ऐसे मॉड्यूल पकड़े गए हैं जिनमें धर्मांतरण से जुड़े मामलों के साथ-साथ संदिग्ध विदेशी संपर्क और फंडिंग के संकेत मिले हैं।

    वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश में एक बड़ा मामला सामने आया था, जिसमें उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी की गिरफ्तारी हुई थी। आरोप था कि ये लोग विदेशी फंडिंग के जरिए ट्रस्ट और संस्थानों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विभिन्न प्रलोभन देकर कथित रूप से धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल कर रहे थे। इसी तरह मौलाना कलीम सिद्दीकी का नाम भी एक अलग मामले में सामने आया था, जिसमें जांच एजेंसियों ने अवैध नेटवर्क से जुड़े आरोप लगाए थे।

    हाल के वर्षों में बलरामपुर और आगरा जैसे जिलों में भी इसी तरह के अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जहां सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए संपर्क बनाकर लोगों को प्रभावित करने और कट्टरपंथी सामग्री तक पहुंचाने की बात जांच में सामने आई है। कुछ मामलों में विदेश से फंडिंग और संपर्क के संकेत भी जांच एजेंसियों द्वारा बताए गए हैं, हालांकि हर केस की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार ऐसे नेटवर्क आमतौर पर तीन चरणों में काम करते हैं—पहला भावनात्मक या डिजिटल संपर्क, दूसरा आर्थिक या सामाजिक प्रलोभन, और तीसरा विचारधारा आधारित प्रभाव। इसके लिए टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और अन्य मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।

    एटीएस का कहना है कि यह एक गंभीर सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है, जिसकी जांच लगातार जारी है और कई मामलों में गिरफ्तारियां और पूछताछ की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, हर मामले में निष्कर्ष अदालत और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

  • धामपुर शुगर मिल के संस्थापक विजय कुमार गोयल का निधन, किडनी दान जैसी मिसाल से समाज में छोड़ी अमिट छाप

    धामपुर शुगर मिल के संस्थापक विजय कुमार गोयल का निधन, किडनी दान जैसी मिसाल से समाज में छोड़ी अमिट छाप





    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले स्थित धामपुर शुगर मिल्स (DSM) के संस्थापक और वरिष्ठ उद्योगपति कुंवर विजय कुमार गोयल का 86 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से उद्योग जगत और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है।

    विजय कुमार गोयल को उत्तर भारत के चीनी उद्योग का एक प्रमुख स्तंभ माना जाता था। उन्होंने धामपुर शुगर मिल सहित कई शुगर यूनिट्स की स्थापना की और गन्ना उत्पादन व चीनी उद्योग में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया। उनके नेतृत्व में यह उद्योग न सिर्फ मजबूत हुआ बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिला। उन्हें उनके योगदान के लिए “चीनी उद्योग का भीष्म पितामह” भी कहा जाता था।

    गोयल केवल एक सफल उद्योगपति ही नहीं बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी भी थे। उनके जीवन की सबसे प्रेरणादायक घटना तब सामने आई जब उन्होंने एक अनजान व्यक्ति को अपनी एक किडनी दान कर दी थी। बताया जाता है कि उन्होंने अखबार में एक मेधावी इंजीनियर की गंभीर हालत के बारे में पढ़ने के बाद बिना किसी को बताए हैदराबाद जाकर किडनी ट्रांसप्लांट कर दिया था। यह घटना उनके निस्वार्थ स्वभाव का बड़ा उदाहरण मानी जाती है।

    उनके परिवार और कर्मचारियों के अनुसार, विजय कुमार गोयल हमेशा अपने उद्योग से जुड़े लोगों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए काम करते रहे। वे कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा, खेल और विकास में विशेष रुचि लेते थे। उन्होंने स्क्वैश जैसे खेलों के लिए सुविधाएं भी विकसित कराईं, जिससे कई युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिला।

    गोयल को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। उनका पूरा जीवन उद्योग, सेवा और मानवता के समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

    उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में किया गया, जहां उनके पुत्र गौतम गोयल ने मुखाग्नि दी। उद्योग जगत के कई दिग्गजों, कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    विजय कुमार गोयल का निधन न केवल एक उद्योगपति की विदाई है, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व का अंत है जिसने अपने काम और सेवा दोनों से समाज में गहरी छाप छोड़ी।

  • झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल

    झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल



    नई दिल्ली। झांसी में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर गर्मी का तीखा रूप दिखाया, जहां सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। शहर में सुबह 11 बजे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, सड़कों पर गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया गया और दोपहर होते-होते लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई।

    भीषण गर्मी के कारण बाजारों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर या सिर ढककर बाहर निकलते दिखे। सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क पर काम करने वाले लोगों पर पड़ा, जो छांव और पेड़ों के नीचे राहत तलाशते नजर आए।

    गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। शिकंजी, जूस और ठंडे पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिन के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और वृद्धि हो सकती है और दोपहर बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    हालांकि मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की संभावना भी जताई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दोपहर बाद आसमान में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे दिन तेज गर्मी और उमस बने रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।