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  • बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर

    बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर


    सीवान
    । बिहार पुलिस (Bihar Police) अपराधियों पर लगातार कहर बनकर टूट रही है। अब पुलिस ने रविवार की सुबह-सुबह एक और एनकाउंटर (Another Encounter) कर दिया है। सीवान जिले (Siwan district) में हाल ही में पूर्व बीजेपी एमएलसी मनोज सिंह (Former BJP MLC Manoj Singh) के भांजे की हुई हत्या के मामले के मुख्य आरोपी को अब पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है।भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गत 29 अप्रैल को गोली मारकर हत्या करनेवाले मुख्य आरोपित सोनू यादव को पुलिस के साथ मुठभेड़ में रविवार की अहले सुबह ढेर कर दिया गया है। वह हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया का रहनेवाला है। गाड़ी सटने के विवाद में पूर्व एमएलसी के भांजा व बहनोई को गोली मार दी गई थी।

    इस गोलीबारी में बीजेपी नेता मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की मौत हो गई थी। भाजपा नेता के बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और इस गोलीबारी का एक वीडियो भी सामने आया था। इस वीडियो में आरोपी गोली चलाता नजर आ रहा था। पुलिस ने इस मामले के एक अन्य आरोपी छोटू यादव का भी कुछ दिनों पहले हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने छोटू यादव के पैर में गोली मारी थी।


    हर्ष के आरोपितों की कार बरामद, चालक गिरफ्तार

    बहरहाल आपको बता दें कि सीवान जिले के चर्चित हर्ष हत्याकांड में नगर थाना पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन कार और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार चालक की पहचान हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खरसंडा गांव निवासी दिलीप यादव के पुत्र सुनील यादव के रूप में हुई है। बता दें कि बीते 29 अप्रैल को कार से धक्का लगने के बाद पिता-पुत्र को गोली मार दी गई थी। इस हमले में पुत्र हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले भर में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में गुप्त सूचना मिली कि वारदात में इस्तेमाल गाड़ी जामो थाना क्षेत्र के मझौलिया गांव में देखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और वाहन सहित चालक को गिरफ्तार कर लिया था।

    नगर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चालक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

  • गुरुग्राम में प्यार का क्रूर अंत… सनकी पति ने पत्नी और 4 बच्चों को सुलाया मौत की नींद, एक साथ उठी 5 अर्थियां

    गुरुग्राम में प्यार का क्रूर अंत… सनकी पति ने पत्नी और 4 बच्चों को सुलाया मौत की नींद, एक साथ उठी 5 अर्थियां


    गुरुग्राम।
    कहते हैं कि प्यार 7 जन्मों का साथ होता है और पिता बच्चों की ढाल, लेकिन गुरुग्राम (Gurugram) के वजीरपुर इलाके (Wazirpur area) में शनिवार की देर रात एक ऐसा मंजर सामने आया जिसने इंसानियत को शर्मसार (Shame on humanity) कर दिया और सुनने वालों की रूह कंपा दी. यहां कुछ सालों पहले जिस प्यार के लिए वादे और कसमें खाई गई थीं, उसका अंत 5 बेगुनाह जिंदगियों (Innocent lives) की लाशों के साथ हुआ.

    ​दरअसल शनिवार देर रात गुरुग्राम के वजीरपुर में एक मकान के अंदर जब पुलिस दाखिल हुई, तो वहां सन्नाटा पसरा था. कमरे के अंदर चार मासूम बच्चों और उनकी मां के बेजान शरीर पड़े थे. वे बच्चे जिन्होंने अभी दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं था, अपने ही पिता की नफरत या सनक का शिकार हो गए. मौके पर पहुंची पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लिया, वहीं पास में एक टूटा हुआ मोबाइल फोन भी मिला, जो शायद उस खूनी संघर्ष या आखिरी चीख का गवाह रहा होगा.

    आरोपी नाजिम (Nazim) ने दिल्ली की रहने वाली नजमा से प्रेम विवाह किया था. उस वक्त दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं, पर किसे पता था कि अंत इतना वीभत्स होगा. इस घटना में नजमा 35 साल, इकरा 14 साल, सिफा 12 साल, खतिना 10 साल व आयन 8 साल की मौत हो गई, जबकि नजीम को हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया है।


    घटना की जांच में जुटी पुलिस

    एसीपी नवीन शर्मा के मुताबिक आरोपी पति ने पहले अपने चार नाबालिग बच्चों और पत्नी को जहर देकर मौत के घाट उतारा और फिर खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की. घर की वे दीवारें जो कल तक बच्चों की हंसी और शोर से गूंजती थीं, आज वहां सिर्फ मातम और सन्नाटा है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति ने ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है. हमने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है.

    ​इस घटना ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या एक इंसान इतना पत्थर दिल हो सकता है कि उसे अपने ही खून पर तरस न आए? वह कौन सी मजबूरी या नफरत थी जिसने एक पिता को कसाई बना दिया? फिलहाल आरोपी अस्पताल में है, लेकिन उन चार मासूमों और उनकी मां की मौत का हिसाब शायद कभी पूरा न हो पाए. ​गुरुग्राम पुलिस मामले की जांच में जुटी है और टूटे हुए मोबाइल से कुछ अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.

  • UP में बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा नहाने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी…. 25 घायल

    UP में बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा नहाने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी…. 25 घायल


    शाहजहांपुर।
    यूपी (UP) के हरपालपुर (Harpalpur) से 60 यात्रियों को बैठाकर फर्रुखाबाद आ रही प्राइवेट बस (BUS) शाहजहांपुर (Shahjahanpur.) के अल्लाहगंज थाना क्षेत्र में गांव रघुनाथपुर के पास शुक्रवार को ओवरटेक करने के दौरान पलट गई। इससे 25 यात्री घायल हो गए। इनमें 11 को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य वहीं उपचार हुआ। बस में सवार अधिकांश यात्री बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के चलते पांचाल घाट पर गंगा स्नान करने जा रहे थे।

    हरदोई जनपद के हरपालपुर से सुबह प्राइवेट बस में करीब 60 यात्री सवार हुए। चालक बस को तेजी भगा रहा था। कुछ यात्रियों ने उससे सही से बस चलाने के लिए भी कहा। पर उसने एक नहीं सुनी। इस बीच गांव रघुनाथपुर के पास आगे चल रहे वाहन को ओवर टेक करने के प्रयास में बस पलट गई। इससे चीख पुकार मच गई। पुलिस व आसपास के ग्रामीणों ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसमें 25 यात्री घायल हो गए। एंबुलेंस से 11 घायल यात्रियों को लोहिया अस्पताल भेजा गया है। इनमें से नौ को भर्ती कर लिया गया। दो यात्रियों को मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की जानकारी होने पर एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय ने सीओ अभय वर्मा लोहिया अस्पताल में पहुंच कर मरीजों का हाल जाना है।

    हरदोई थाना पाली के गांव पांडेयपुरवा निवासी राधिका(45), नन्हीं देवी (60), सवायजपुर गांव सलउद्दीपुर के विश्व प्रताप सिंह (31), मिलरगवां की उमाकांती (55), माहरेपुर की गुड्डी (55), रामदेवी (65), अनुष्का (8) पुत्री प्रदीप पाल, नंदबाग के रामलड़ैते (47), जदुवीर सिंह (60), गोकुल बेहटा के गांव रामपुर मानपुर के रंजीत सिंह, अमरेखा के राजू (30) को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    लोहिया अस्पताल में भर्ती हरदोई जिले के थाना सवायजपुर क्षेत्र के गांव मिरगवां निवासी घायल उमाकांती के पुत्र राहुल ने बताया कि बस पलटने पर उनकी मां के कुंडल व छह हजार रुपये वहीं गिर गए थे। बस से निकालने के दौरान एक सिपाही ने कुंडल व रुपये उठा लिए थे। मांगने उसने कहा कि पहले अस्पताल जाकर इलाज कराओ बाद में थाने आकर ले जाना। पर जब राहुल रुपये व कुंडल मांगने गया तो सिपाही ने रुपये व कुंडल लेने से ही इनकार कर दिया। इससे परेशान व्यवस्था कोसता रहा।

  • पश्चिम बंगाल में Exit Poll से BJP में उत्साह….. दलितों के साथ मुसलमानों का वोट भी मिला

    पश्चिम बंगाल में Exit Poll से BJP में उत्साह….. दलितों के साथ मुसलमानों का वोट भी मिला


    कोलकाता।
    ज्यादातर एग्जिट पोल्स (Exit Polls) में इस बार पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भाजपा (BJP) की जीत का अनुमान लगाया गया है। गुरुवार को सामने आए टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल (Todays Chanakya Exit Poll) में भाजपा को बंपर जीत मिलती दिख रही। बीजेपी को 192 तो टीएमसी (TMC) को 100 सीटें मिल सकती हैं। दोनों के बीच 10 फीसदी वोट शेयर का अंतर रह सकता है। सर्वे में दावा किया गया है कि इस बार भाजपा को पश्चिम बंगाल में मुसलमानों का भी वोट मिल रहा, जबकि 67 फीसदी दलित भी भाजपा पर भरोसा जता रहे।

    टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को आठ फीसदी मुस्लिम वोट मिल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस को 71 फीसदी वोट मुस्लिमों का मिल सकता है। 67 फीसदी दलित वोट भाजपा को, जबकि 22 फीसदी टीएमसी को मिलने का अनुमान है। 61 फीसदी ओबीसी वोट भाजपा के खाते में जा सकते हैं, जबकि 27 फीसदी वोट टीएमसी को मिल सकता है। 53 फीसदी एसटी वोट भाजपा को और 40 फीसदी टीएमसी को मिल सकता है। वहीं, इसमें तीन फीसदी प्लस माइनस मार्जिन दिया गया है।

    भाजपा 48 फीसदी वोटों के साथ इस बार राज्य में 192 सीटें जीत सकती है। इसमें मार्जिन 11 सीटों का दिया गया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा सकता है। ममता बनर्जी की पार्टी महज 100 सीटों पर सिमट सकती है। उसे 38 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। वहीं, 14 फीसदी वोट अन्य के खाते में जा सकते हैं, जोकि सीटों में कन्वर्ट होकर दो होंगे। इसमें भी मार्जिन दो का रखा गया है।


    ममता ने उठाए एग्जिट पोल पर सवाल

    ममता बनर्जी ने विभिन्न एग्जिट पोल्स पर सवाल उठाते हुए टीएमसी की बड़ी जीत का दावा किया। बनर्जी ने भरोसा जताया कि चार मई को बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद TMC ही सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी गिनती के दौरान किसी भी तरह का खेल नहीं होने देगी। बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा, “एग्जिट पोल भाजपा के दफ्तर से आए हैं। ये आंकड़े मनगढ़ंत हैं, जिनका मकसद TMC कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराना है।”

    ज्यादातर बंगाल एग्जिट पोल्स में भाजपा की जीत का अनुमान है। मैट्रिज के अनुसार, टीएमसी को 125-140 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा 146-161 सीटें जीत सकती है। इसके अलावा, पी मार्क्यू के अनुसार, भाजपा को 150-175 सीटें, टीएमसी को 118-138 सीटें मिल सकती हैं। पोल डायरी के अनुसार, भाजपा 142-171 और टीएमसी 99-127 सीटें जीत सकती है। वहीं, पीपुल्स पल्स एग्जिट पोल ने बताया है कि टीएमसी की जीत होगी और उसे 177-187 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 95-110 सीटें मिलेंगी।

  • Maharashtra: दागी MPs-MLAs के सामने खड़े नहीं होंगे अधिकारी… प्रोटोकॉल नियम में बदलाव

    Maharashtra: दागी MPs-MLAs के सामने खड़े नहीं होंगे अधिकारी… प्रोटोकॉल नियम में बदलाव


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की देवेंद्र फडणवीस सरकार (Devendra Fadnavis government) ने एक नया सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी करते हुए प्रोटोकॉल नियमों (Protocol Rules) में अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, राज्य के अधिकारियों को अब से वैसे माननीय विधायकों या सांसदों के लिए खड़े होकर उनका अभिवादन करने की जरूरत नहीं है, जिन्हें दोषी ठहराया गया है, या जिन्हें किसी जांच/सुनवाई के लिए बुलाया गया है, या जो चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए किसी सरकारी दफ्तर में मौजूद हैं।

    राज्य सरकार ने इस संबंध में मंगलवार (28 अप्रैल) को एक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया, जिसमें 20 नवंबर, 2025 के पिछले निर्देशों में संशोधन किया गया है। पहले के निर्देशों में अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य था कि जब चुने हुए प्रतिनिधि किसी बैठक के लिए आएं और बैठक खत्म होने के बाद जाएं, तो वे खड़े होकर उनका अभिवादन करें।


    नए नियमों के मुख्य बिंदु:

    मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा 28 अप्रैल, 2026 को हस्ताक्षरित इस आदेश के अनुसार, अधिकारियों को उन स्थितियों में माननीयों को विशेष प्रोटोकॉल (जैसे खड़ा होना या विशेष अभिवादन) देने की जरूरत नहीं है, जब उनके सामने कोई ऐसे जनप्रतिनिधि आते हों जो किसी आपराधिक या अन्य मामले में दोषी ठहराए गए हों, या अगर उन्हें किसी जांच/सुनवाई के लिए अपीलकर्ता या पक्षकार के तौर पर बुलाया गया है, या अगर वे चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं (जैसे नामांकन पत्र दाखिल करना, जांच-पड़ताल या सुनवाई) के लिए किसी सरकारी दफ़्तर में मौजूद हैं।

    आम नागरिकों जैसा ही व्यवहार करें
    GR में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ऐसे मामलों में, संबंधित अधिकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे कानून, नियमों और मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार, बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ आम नागरिकों जैसा ही व्यवहार करें। इससे पहले नवंबर 2025 में, तत्कालीन मुख्य सचिव राजेश कुमार ने सरकारी अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे कि वे विधायकों या सांसदों के साथ सम्मानपूर्वक और सौहार्दपूर्ण ढंग से व्यवहार करें। संशोधित खंड में कहा गया था, “अधिकारियों को विधानसभा/संसद के सदस्यों के बैठक के लिए आने पर और बैठक खत्म होने के बाद उनके जाने पर खड़े होकर उनका अभिवादन करना चाहिए।”


    मूल दिशानिर्देशों में संशोधन क्यों?

    सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव केवल दोषी ठहराए गए व्यक्तियों और उन लोगों के संबंध में किया गया है जो जांच का सामना कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, “यह जरूरी है कि सरकारी अधिकारी निष्पक्ष तरीके से व्यवहार करें। जांच के लिए बुलाए गए लोगों के लिए खड़े होने का स्वाभाविक मतलब यह होगा कि अधिकारी दूसरे पक्ष के प्रति जरूरत से ज्यादा विनम्रता दिखा रहा है, जिसका असर सुनवाई के नतीजे पर पड़ सकता है। नतीजतन, हमने मूल दिशानिर्देशों में संशोधन करने का फैसला किया है।”


    एक सावधानी भी

    हालांकि, नए प्रोटोकॉल में यह बात स्पष्ट तौर पर कही गई है कि जो विधायक या सांसद किसी अपराध में दोषी नहीं हैं या किसी सामान्य काम से आए हैं, उनके लिए पुराना प्रोटोकॉल लागू रहेगा। यानी अधिकारियों को उन्हें सम्मानपूर्वक खड़े होकर अभिवादन करना होगा। उनके पत्रों का जवाब भी दो महीने के भीतर देना अनिवार्य होगा।

  • LS में AAP को लग सकता है बड़ा झटका…. मजीठिया का दावा- इस्तीफा देने को तैयार 2 MP

    LS में AAP को लग सकता है बड़ा झटका…. मजीठिया का दावा- इस्तीफा देने को तैयार 2 MP


    चंडीगढ़।
    आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party- AAP) के लिए पंजाब में सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यसभा (Rajya Sabha) में अपने सांसदों की बड़ी बगावत का सामना कर रही पार्टी को अब निचले सदन (लोकसभा) में भी बड़े झटके का सामना करना पड़ सकता है। शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal- SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि पंजाब से AAP के 2 लोकसभा सांसद भी पार्टी से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।

    बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी में मची भगदड़ केवल उच्च सदन (राज्यसभा) तक सीमित नहीं रहने वाली है। उनके अनुसार, पंजाब में AAP सरकार की कार्यप्रणाली, नेतृत्व की अनदेखी और अंदरूनी कलह से नाराज होकर अब लोकसभा के 2 सांसद भी जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं।

    2024 के लोकसभा चुनावों में पंजाब से आम आदमी पार्टी के केवल 3 सांसद ही जीतकर संसद पहुंचे थे। ये सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर, मलविंदर सिंह कंग और राज कुमार चब्बेवाल हैं। अगर मजीठिया का यह दावा सच साबित होता है और 2 सांसद इस्तीफा दे देते हैं, तो यह लोकसभा में आम आदमी पार्टी के लगभग सफाए के बराबर होगा।

    मजीठिया ने एक पोस्ट में लिखा, ‘एक और दिन, एक और विदाई की तैयारी… सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के 2 लोकसभा सांसद जल्द ही पार्टी छोड़कर जा सकते हैं। ‘बार-बार सफर करने वालों’ की यह सूची बस बढ़ती ही जा रही है।’


    राज्यसभा में लगा करारा झटका

    अकाली दल के नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब AAP इतिहास के अपने सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। हाल ही में पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने एक साथ बगावत कर दी है। प्रमुख बागी नेता: इनमें पार्टी के मुख्य रणनीतिकार रहे राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा (BJP) का दामन थाम लिया है।


    पंजाब की भगवंत मान सरकार पर मंडराता खतरा?

    बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य विपक्षी दल इस स्थिति का पूरा राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। मजीठिया ने इस भगदड़ को AAP सरकार के पतन की शुरुआत बताया है। हाल ही में मजीठिया ने कहा है कि सांसदों के बाद अब बड़ी संख्या में AAP के विधायक भी पार्टी छोड़ने की कतार में हैं, जो जल्द ही भाजपा या अन्य दलों में शामिल हो सकते हैं।


    फ्लोर टेस्ट की मांग

    अकाली दल ने दावा किया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जल्द ही अल्पमत में आ सकती है। इसके मद्देनजर उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से विधानसभा में ‘फ्लोर टेस्ट’ (बहुमत परीक्षण) कर अपना बहुमत साबित करने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि ‘बदलाव’ का नारा देकर सत्ता में आई AAP की सरकार अब भ्रष्टाचार, लचर कानून-व्यवस्था और गुटबाजी का शिकार हो चुकी है, जिसके चलते उनके अपने ही संस्थापक सदस्य और नेता “डूबते जहाज” से कूद रहे हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बगावत को सिरे से खारिज करते हुए बागी नेताओं को ‘गद्दार’ करार दिया है। उनका कहना है कि जो लोग छोड़कर गए हैं उनका अपना कोई जनाधार नहीं था और पंजाब सरकार को विधायकों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। हालांकि, 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह राजनीतिक अस्थिरता आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। यदि लोकसभा सांसदों के इस्तीफे की खबर हकीकत में बदलती है, तो यह पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक रूप से एक बहुत बड़ा नुकसान साबित होगा।

  • UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम

    UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अब पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी (More Simple and Transparent) होने जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन नियमों में बदलाव के बाद अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट की जा रही है. इसका मकसद है लोगों को तेज, सुरक्षित और बिना झंझट के वाहन खरीदने-बेचने की सुविधा देना।


    क्या है नई ADRV व्यवस्था?

    सरकार ने अधिकृत पंजीकृत वाहन डीलर यानी ADRV system को कानूनी मान्यता दी है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद पुराने वाहनों की बिक्री से जुड़ी लगभग सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी होंगी. अब वाहन ट्रांसफर, दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्रेशन जैसे काम डिजिटल तरीके से होंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी भी बनेगी।


    डीलरों के लिए ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट जरूरी

    नई व्यवस्था के तहत अब जो भी डीलर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करेंगे, उन्हें रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी से ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा. यह सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन के जरिए ही जारी किया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वैध और अधिकृत डीलर ही इस बाजार में काम करें, जिससे ग्राहकों को ठगी का सामना न करना पड़े।


    पांच साल तक मान्य रहेगा सर्टिफिकेट

    डीलरों को मिलने वाला यह ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट पांच साल तक वैलिड रहेगा. इससे उनकी जिम्मेदारी तय होगी और किसी भी तरह के फर्जी लेनदेन पर रोक लगेगी. अगर कोई डीलर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना भी आसान हो जाएगा.


    वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा फायदा

    इस नई डिजिटल व्यवस्था से वाहन मालिकों को बड़ा फायदा होगा. अब वे अपने वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी.


    पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम

    सरकार का यह कदम पुराने वाहन बाजार को संगठित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. ऑनलाइन प्रक्रिया से हर लेनदेन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे विवाद और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी. कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था यूपी में वाहन खरीद-फरोख्त को आसान, तेज और सुरक्षित बनाएगी।

  • बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल

    बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

    हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

    इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

    दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

    प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

  • Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत

    Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत


    पटना।
    बिहार (Bihar) में मौसम (Weather) का मिजाज बदल चुका है। रविवार देर रात कोसी-सीमांचल (Kosi Seemanchal) के जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। पूर्णिया समेत कुछ जिलों में तो ओले भी गिरे। सहरसा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया और अररिया में तेज आंधी कई कच्चे मकानों को गिरा दिया। कई पेड़ गिर गए। इन जिलों में वज्रपात (Thunderstorm) के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में कटिहार के तीन लोग, पूर्णिया और अररिया एक-एक महिला की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने इन घटना पर शोक जताया जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने सभी मृतक के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उत्तर और उत्तर पूर्वी बिहार के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में आंधी और बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने के भी आसार हैं।


    28 अप्रैल को पूरे बिहार में बारिश के आसार

    इधर, दक्षिण बिहार, दक्षिण-पश्चिम बिहार के लिए कोई भी चेतावनी जारी नहीं की गई है। पटना समेत कुछ जिलों में रविवार रात को हवा चलने से गर्मी से राहत जरूर मिली। सोमवार सुबह धूप निकली है लेकिन उतनी तपिश नहीं है। मौसम विभाग ने रोहतास, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, गया समेत कुछ जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 28 अप्रैल को पूरे बिहार में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में भी एक से तीन डिग्री तक कमी आने की संभावना है।


    कहां कितनी बारिश हुई?

    बारिश के प्रमुख आंकड़ों पर नजर डालें तो ठाकुरगंज में 75.4 मिमी, पलासी में 52.4 मिमी, कुर्साकांटा में 38.4 मिमी, बैसा में 32.4 मिमी और कोचाधामन में 30.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा किशनगंज (28.4 मिमी), सिकटी (26.4 मिमी), फॉरबिसगंज (25.4 मिमी) और अररिया (25.2 मिमी) समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।


    कहां कितनी गर्मी पड़ी?

    राज्य में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रोहतास के डेहरी में दर्ज किया गया। पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस से 44.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि, बीते 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो सबसे कम 21.0 डिग्री सेल्सियस अररिया के फॉरबिसगंज में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस से 30.3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और इसमें भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।

  • Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग

    Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) के यादद्री भुवनगिरी ज़िले (Yadadri Bhuvanagiri district) में स्थित अलेर रेलवे स्टेशन के पास चारमीनार एक्सप्रेस (Charminar Express) में आग लग गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना ट्रेन के S5 कोच में हुई, जहां अचानक धुआं उठता देखा गया और कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन जैसे ही अलेर स्टेशन के नज़दीक पहुंची, यात्रियों ने कोच के अंदर धुआं देखा. स्थिति को भांपते हुए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग तत्काल कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. बताया जा रहा है कि ट्रेन को तुरंत रोका गया, जिससे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिला. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अभी इस घटना पर रेलवे की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

    आग कैसे लगी, जांच के बाद ही होगा साफ
    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और स्थानीय राहत दल मौके पर पहुंचे. आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है. कुछ सूत्रों का कहना है कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    ट्रेन में आग की घटना के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. जिनमें कोच से धुआं और आग निकलती दिखाई दे रही है. वहीं ट्रेन में यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि ट्रेन में अचानक आग लग गई. जिससे कोच धुएं से भर गया. घबराए यात्रियों ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई. हालांकि, ट्रेन रुकने से पहले ही कई यात्री कूद गए थे।