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  • गुरुग्राम में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगी भीषण आग…. 100 से ज्यादा झुग्गियां जलीं

    गुरुग्राम में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगी भीषण आग…. 100 से ज्यादा झुग्गियां जलीं


    गुरुग्राम।
    हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन (Sikanderpur Metro Station) के पास झुग्गी बस्ती में भीषण आग (Massive Fire in Slum) लग गई. आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने देखते ही देखते झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया. इस भीषण हादसे में सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख हो गईं. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई.

    आग बुझाने के अभियान में सिविल डिफेंस और पुलिस की टीमें भी जुटी हुई हैं. प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. राहत की बात यह है कि अब तक इस आगजनी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

    सिकंदरपुर मेट्रो के पास लगी इस आग से इलाके में भारी अफरातफरी का माहौल बन गया. यातायात पर भी इसका असर पड़ा और आसपास के रास्तों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग बुझने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा. शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

  • कैबिनेटः मंत्रियों के वेतन में 50% कटौती कर 14,000 करोड़ का कर्ज चुकाएगी तेलंगाना सरकार

    कैबिनेटः मंत्रियों के वेतन में 50% कटौती कर 14,000 करोड़ का कर्ज चुकाएगी तेलंगाना सरकार


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) की रेवंत रेड्डी सरकार (Revanth Reddy Government) ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए एक मिसाल पेश की है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के वेतन में 50% की स्वैच्छिक कटौती करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 14,000 करोड़ रुपये के बकाया को 100 दिनों के अंदर निपटाने के लिए एक ठोस एक्शन प्लान को मंजूरी दी है।

    दरअसल, राज्य सरकार वर्तमान में भारी वित्तीय बोझ और लगभग 14,000 करोड़ रुपये की देनदारियों का सामना कर रही है, जिसमें से 8,000 करोड़ रुपये पेंशनभोगियों और 6,200 करोड़ रुपये सेवारत कर्मचारियों के बकाया हैं. पिछली सरकार के समय से रुके इन भुगतानों को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 100 दिनों की एक कार्य योजना तैयार की है. सरकार ने इसके साथ ही केलेश्वरम परियोजना की सीबीआई जांच तेज करने और गच्चीबोवली स्टेडियम को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले भी लिए हैं. संसाधनों की कमी को देखते हुए मंत्रियों ने खुद पहल कर ये वित्तीय योगदान देने का संकल्प लिया है।

    गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने हक के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

    सरकार ने स्पष्ट किया कि जब तेलंगाना राज्य बना था, तब कोई बकाया नहीं था, लेकिन अब ये राशि बहुत बढ़ गई है. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 8,000 करोड़ रुपये के भुगतान को प्राथमिकता देते हुए एक संसाधन जुटाव उप-समिति बनाई गई है. ये समिति कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संघों से बात कर समाधान निकालेगी. मंत्रियों के 50% वेतन कटौती के बाद अब अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी इसी तरह के उपायों पर विचार किया जा सकता है.


    कालेश्वर प्रोजेक्ट

    इसके अलावा कैबिनेट में कई मुद्दों पर चर्चा की और कई फैसले लिए. कैबिनेट ने कालेश्वरम परियोजना पर जस्टिस पी.सी. घोष आयोग की रिपोर्ट और हाई कोर्ट के हालिया फैसले पर भी चर्चा की.

    अदालत ने आयोग की वैधता को बरकरार रखा है. हालांकि, प्रक्रियात्मक कमियों की ओर इशारा किया है. सरकार ने पाया कि सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के नौ महीने बाद भी जांच शुरू नहीं हुई है. अब राज्य सरकार दिल्ली के कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार करेगी और सीबीआई से जांच में तेजी लाने की अपील करेगी.


    गच्चीबोवली स्टेडियम बनेगा स्पोर्ट्स हब

    बैठक में हैदराबाद के गच्चीबोवली स्टेडियम को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया गया है. इसे पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. 76 एकड़ में फैले इस परिसर के 64 एकड़ हिस्से में 21 खेलों के लिए सुविधाएं बनाई जाएंगी. स्टेडियम की क्षमता 20,000 से बढ़ाकर 50,000 की जाएगी और यहां एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी स्थापित होगी. बाकी 12 एकड़ जमीन का व्यावसायिक उपयोग होगा, जिससे होने वाली आय को खेलों और एथलीटों के विकास पर खर्च किया जाएगा।

    इसके अलावा मंथनी निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए कैबिनेट ने चिन्ना केलेश्वरम परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को हरी झंडी दे दी है. इसके लिए 166.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 45,000 एकड़ जमीन को सिंचाई का लाभ मिलेगा. साथ ही मंचेरियल जिले के हाजीपुर में श्रीपदा येल्लमपल्ली परियोजना के पास एक एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित करने के लिए 85.10 एकड़ जमीन आवंटित की गई है.

    RTC कर्मचारियों से अपील
    कैबिनेट ने आरटीसी (RTC) कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने और बातचीत का रास्ता चुनने की अपील की है. डिप्टी सीएम के नेतृत्व में एक आधिकारिक समिति उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार है. इसके साथ ही, जिन प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां नामांकन के माध्यम से शासी निकायों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है. सरकार का ये पूरा रोडमैप वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

  • उत्तराखंड में अगले चुनाव में पुष्कर सिंह धामी ही होंगे CM का चेहरा- BJP अध्यक्ष ने किया ऐलान

    उत्तराखंड में अगले चुनाव में पुष्कर सिंह धामी ही होंगे CM का चेहरा- BJP अध्यक्ष ने किया ऐलान


    देहरादून।
    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (BJP National President Nitin Naveen) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उत्तराखंड (Uttarakhand) में अगले होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ही पार्टी का चेहरा होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भाजपा, मौजूदा नेतृत्व के साथ ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

    भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली में दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पुष्कर सिंह धामी और योगी आदित्यनाथ हमारे मुख्यमंत्री हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। निश्चित रूप से वे ही हमारे चेहरे होंगे। उन्हीं के नेतृत्व में भाजपा आगामी चुनाव में जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस बयान के बाद उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के संबंध में सभी किंतु-परंतु पर विराम लग गया है। हालांकि, बीती 20 मार्च को मंत्रिमंडल विस्तार कर धामी ने नेतृत्व को लेकर लग रही अटकलों का पटाक्षेप कर दिया था, पर अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्पष्ट बयान के बाद तस्वीर बिलकुल साफ हो गई है।


    धामी सरकार की तारीफ

    नवीन ने धामी सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद राज्य में विकास कार्यों पर प्रभावी ढंग से काम किया गया है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी परिस्थितियां होती हैं। कई चुनौतियां होती हैं। प्रदेश ट्रैक रिकार्ड देखा जाता है। विकास की समीक्षा की जाती है। आमजन के जीवन में क्या बदलाव हुए, उन्हें भी जांचा परखा जाता है। विकास के लिहाज से गुड गवर्नेंस सरकार की यूएसपी होती है। इनमें धामी सरकार बेहतर रूप में आगे बढ़ी है। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में निश्चित तौर पर और बेहतर परिणाम आएंगे।

    सियासी जानकारों की मानें तो सीएम धामी अपनी कार्यप्रणाली से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का विश्वास जीतने में सफल रहे हैं। हाल में उत्तराखंड के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, सभी ने धामी सरकार के कामकाज की सराहना की।

  • आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?

    आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?


    पिथौरागढ़।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) की प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा (Famous Adi Kailash and Om Parvat Yatra) इस साल 1 मई से शुरू होने जा रही है। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। इसके लिए 28 अप्रैल से ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने रास्ते में स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, पेयजल, संचार और सड़कों की मरम्मत के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि यात्रियों को कोई असुविधा ना हो।


    पहली मई से यात्रा, इसी दिन खुलेंगे कपाट

    पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि आदि कैलाश और ओम् पर्वत यात्रा पहली मई से शुरू होगी। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित पवित्र शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


    28 अप्रैल से जारी होंगे परमिट

    जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट की ऑनलाइन प्रक्रिया 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।


    कैसे करें आवेदन?

    प्रशासन की ओर से बताया गया है कि श्रद्धालु पोर्टल के जरिए यात्रा परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि परमिट धारचूला से जारी किए जाएंगे। जिलाधिकारी का मानना था कि इस साल की आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


    पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक

    यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें संबंधित विभागों को यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। यही नहीं यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, दूरसंचार, खाद्यान्न, शौचालय, सुरक्षा और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।


    पीएम के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी

    हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा शुरू करते हैं। हल्द्वानी से आदि कैलाश यात्रा 8 दिन की जबकि टनकपुर से 6 दिन और धारचूला से यात्रा 5 दिन में संपन्न होती है।साल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के भ्रमण से इस यात्रा को बहुत बढ़ावा मिला था। पहले हर साल करीब 2000 श्रद्धालु आदि कैलाश आते थे जबकि 2023 में पीएम मोदी के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या 28 हजार तक पहुंच गई। पिछले साल आंकड़ा 36 हजार को पार कर गया।


    23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

    बता दें कि इस साल 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बद्रीनाथ धाम के पवित्र कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। मंदिर को इस साल खास तौर पर विदेश से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है।

  • चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति

    चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति


    देहरादून।
    केदारनाथ यात्रा मार्ग (Kedarnath Route) पर एक मुस्लिम व्यक्ति (Muslim person) के मिलने पर विवाद हो गया। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के इस व्यक्ति को कुछ यात्रियों ने रोककर आपत्ति जताई। यात्रियों का कहना था कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) में मुस्लिम समुदाय के लोगों के आने पर प्रतिबंध है।

    यात्रियों ने व्यक्ति को घेरकर यात्रा मार्ग पर होने का कारण पूछा। व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि उसे यहां काम करने के लिए बुलाया गया है। इस घटना से यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

    बता दें कि इस वर्ष बदरी केदार मंदिर समिति ने चारधाम के मंदिर परिसर में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, यात्रा मार्ग पर इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

  • UP: GRP ने ट्रेन से 16 लाख रुपये के साथ युवक को दबोचा … दो बैगों में भरी थीं नोटों की गड्डियां

    UP: GRP ने ट्रेन से 16 लाख रुपये के साथ युवक को दबोचा … दो बैगों में भरी थीं नोटों की गड्डियां


    वाराणसी।
    यूपी (Up) के वाराणसी में कैंट स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) (Varanasi Cantt Station -Varanasi Junction) पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जीआरपी (GRP) ने ट्रेन के अंदर से दो बैग में भारी मात्रा में नई करंसी बरामद की। बेगमपुरा एक्सप्रेस (Begumpura Express) के जनरल कोच में सफर कर रहे एक युवक के पास से 16 लाख रुपये के नए नोट मिले। बैग खोलते ही उसमें भरीं 10 से लेकर 200 रुपये तक के नोटों की नई गड्डियां देखकर पुलिस टीम भी दंग रह गई।


    प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर बिछाया गया जाल

    जीआरपी प्रभारी निरीक्षक रजोल नागर ने बताया कि जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बेगमपुरा एक्सप्रेस के जनरल कंपार्टमेंट में तिलहर (शाहजहांपुर) निवासी रवि गुलाटी संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। जब उसके पिट्ठू और ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई, तो उसके अंदर नोटों का जखीरा मिला। थाने लाकर जब गिनती की गई तो 10, 20, 50, 100 और 200 रुपये की नई करंसी की गड्डियों का कुल मूल्य 16 लाख रुपये निकला।


    दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी

    पूछताछ के दौरान रवि गुलाटी ने दावा किया कि उसकी तिलहर में कॉस्मेटिक की दुकान है और उसने शादी-विवाह के सीजन में मांग को देखते हुए बाजार से यह नई करंसी जुटाई थी। वह मंगलवार सुबह काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से वाराणसी आया था और बेगमपुरा एक्सप्रेस से वापस जा रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी नकदी के संबंध में वह कोई भी वैध दस्तावेज या रसीद पेश नहीं कर सका।


    आयकर विभाग को सौंपी गई रकम

    जीआरपी प्रभारी ने बताया कि बरामद रकम और युवक को आयकर विभाग की टीम (निरीक्षक उमेश कुमार राम, अमित कुमार और कर सहायक नीरज) के हवाले कर दिया गया है। अंदेशा जताया जा रहा है कि पश्चिमी यूपी के बाजारों में नई करंसी की कालाबाजारी के लिए यह खेप ले जाई जा रही थी। इस कार्रवाई में आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप यादव और सीआईबी के एएसआई राकेश कुमार सिंह समेत पूरी टीम की मुख्य भूमिका रही।


    बैंकों की भूमिका संदिग्ध

    जो करंसी बरामद की गई है वह किसी न किसी बैंक से ही निकाली गई मानी जा रही है। इतनी बड़ी तादात में एक व्यक्ति को करेंसी देने वाले बैंककी भूमिका भी संदिग्ध हो गई है। माना जा रहा है कि पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा तो बैंक के अधिकारी और कर्मचारी भी शिकंजे में आएंगे। हालांकि पुलिस ने अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा है। लेकिन जांच से इनकार भी नहीं किया गया है।

  • MCD: दिल्ली में आज BJP की अहम बैठक….मेयर-डिप्टी मेयर के नामों का हो सकता है ऐलान

    MCD: दिल्ली में आज BJP की अहम बैठक….मेयर-डिप्टी मेयर के नामों का हो सकता है ऐलान


    नई दिल्ली।
    एमसीडी (MCD) में महापौर (Mayor), उपमहापौर (Deputy Mayor) और सदन से चुने जाने वाले स्थायी समिति के सदस्यों के नामों का फैसला बुधवार को होने की संभावना है। इस संबंध में एमसीडी में सत्तारूढ़ भाजपा (Ruling BJP) की बुधवार को एक बैठक होगी। लिहाजा सभी की निगाहें बैठक पर टिकी हैं। भाजपा (BJP) ने इन पदों पर पार्षदों के नामों पर फैसला करने के लिए आठ सदस्यीय कमेटी बनाई है।

    प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा (Virendra Sachdeva) की अगुवाई में बनाई गई कमेटी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta), केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद व प्रदेश महामंत्री योगेंद्र चांदोलिया व कमलजीत सहरावत और विष्णु मित्तल, प्रदेश सहप्रभारी अल्का गुर्जर और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा शामिल हैं। हालांकि इनमें कई नेता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने गए हैं। इस कारण वह विडियो एप के माध्यम से बैठक से जुड़ेंगे।

    पार्टी इस बार संतुलन और अनुभव दोनों को ध्यान में रखते हुए फैसपा लेने की तैयारी में है। महापौर और उपमहापौर जैसे अहम पदों के लिए वरिष्ठ पार्षदों के साथ-साथ पहली बार चुने गए पार्षद भी जोर-आजमाइश में लगे हैं। पिछले करीब 20 दिनों से संभावित उम्मीदवार अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के चक्कर काट रहे हैं और समर्थन जुटाने में जुटे हैं।

    इस तरह भाजपा के भीतर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। एक ओर अनुभवी पार्षद अपनी दावेदारी को मजबूत बता रहे हैं, वहीं नए चेहरे भी संगठन में अपनी सक्रियता और प्रदर्शन के आधार पर मौका मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती है कि ऐसा चेहरा चुना जाए जो न केवल संगठन में संतुलन बनाए रखे, बल्कि एमसीडी के कामकाज को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके।

    सदन से चुने जाने वाले भाजपा कोटे के दो सदस्यों के पद को लेकर भी खासी दिलचस्पी बनी हुई है। इन पदों पर चयन के जरिए पार्टी संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा जाएगा।

  • तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD

    तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD


    पटना।
    लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक मीडिया चैनल पर खास बात-चीत करते हुए तेज प्रताप ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former Chief Minister Nitish Kumar.) के कामकाज की जमकर सराहना की, बल्कि अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व वाली राजद (RJD) के भविष्य पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया।


    “मेरे अलग होने से कमजोर हुई राजद”

    तेज प्रताप यादव ने राजद की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि पार्टी अब बिखरने की कगार पर है। उन्होंने साफ लहजे में कहा, “जब से हम राजद से अलग हुए हैं, पार्टी कमजोर हुई है।” उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह जनता से दूरी बनाए हुए हैं। तेज प्रताप ने यहाँ तक चेतावनी दे डाली कि राजद की स्थिति फिलहाल ऐसी है कि उसके विधायकों पर अन्य दलों की नजर बनी हुई है और पार्टी कभी भी टूट सकती है। उनके बचे हुए 25 विधायकों को कोई भी कभी भी तोड़ सकता है।

    नीतीश कुमार को 10 में से 9 नंबर
    जब तेज प्रताप से पूछा गया कि वह नीतीश कुमार के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे हैं। वह हमारे चाचा के समान हैं और राजनीति में बहुत सीनियर हैं। हम लोग तो अभी उनके सामने बच्चे हैं।” दिलचस्प बात यह रही कि जब उन्हें याद दिलाया गया कि उनकी माता राबड़ी देवी को हटाकर ही नीतीश सीएम बने थे, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलटफेर चलते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार की एक खूबी भी गिनाई और कहाँ कि “चाचा काम के दौरान न्यूट्रल रहते थे और जिस तरह वह अपना पेट सहलाते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।”


    बदलते सियासी समीकरण के संकेत?

    बता दें कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही है। भाई तेजस्वी यादव पर तंज और चाचा नीतीश की इतनी बड़ी रेटिंग, कहीं न कहीं बिहार में एक नए सियासी समीकरण की आहट दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह ‘नंबर गेम’ आने वाले दिनों में राजद के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को

    पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) (Central Paramilitary Forces – CAPF) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी (Intelligence Agency) और निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन अति संवेदनशील बूथों की पहचान की गई है, जहां पर हिंसा या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो सकती है।

    ऐसे सभी बूथों को अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के हवाले किया जा रहा है। किसी बूथ पर कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस तैनात करने का आदेश जारी किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने 18 अप्रैल को एडीजी ‘लीगल’ एंड स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ), आईजी सीआरपीएफ एवं पश्चिम बंगाल स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेटर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि अति संवेदनशील बूथों पर केवल सीआरपीएफ को ही तैनात किया जाएं। प. बंगाल की सड़कों पर सीआरपीएफ के मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं।

    कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित
    अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर के पत्र में कहा गया है कि बूथों की स्थिति को लेकर कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा अति संवेदनशील बूथों की एक सूची तैयार कराई गई है। मौजूदा चुनाव में जो खुफिया अलर्ट मिल रहे हैं, उनके साथ उक्त सूची का मिलान किया गया है। ऐसे में जितने भी अति संवेदनशील बूथ, जहां पर हिंसा होने या मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका है, वहां केवल सीआरपीएफ ही तैनात होगी।

    पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन के लिए देश के चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की है। उसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, जवानों और अधिकारियों को ‘वन इलेक्शन फोर्स’ बनकर ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी केंद्रीय बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

  • असम के CM बोले- घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी मुसलमानों को लात मार-मारकर भगाऊंगा

    असम के CM बोले- घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी मुसलमानों को लात मार-मारकर भगाऊंगा


    कोलकाता
    । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) में असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) भी प्रचार कर रहे हैं। वे बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) पर हमलावर हैं और उनपर बांग्लादेशी मुस्लिमों की घुसपैठ करवाने का आरोप लगा रहे। हाल ही में एक चुनावी रैली करते हुए हिमंत सरमा ने दो टूक कहा कि वह जितने भी बांग्लादेशी मुसलमान हैं, उन्हें लात मार-मारकर भगाने वाले हैं। वह किसी से डरते नहीं हैं।

    उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल की सीमाओं को बांग्लादेश के साथ खोलकर रखा है। हर दिन बांग्लादेशी मुसलमान लोग, बंगाल की सीमा से आते हैं, मैं लात मारकर असम से भगाता हूं, लेकिन फिर आ जाते हैं। इसलिए अगर भारत को बांग्लादेशी मुसलमानों से मुक्त करना है तो पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सरकार चाहिए।

    सरमा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से बनर्जी ने पूरे बंगाल को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा, “हमें ममता बनर्जी को बंगाल के मुख्यमंत्री पद से हटाना होगा, अन्यथा एक दिन बांग्लादेशी मुसलमान हमसे यह राज्य छीन लेंगे।” भाजपा नेता ने दावा किया कि बनर्जी के कार्यकाल में उत्तर बंगाल में कोई विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ”जैसे ही बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, हम इस क्षेत्र से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर कर देंगे।” उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में सत्ता में आने पर गोरखालैंड मुद्दे का संवैधानिक समाधान तलाशेगी और ”गोरखाओं के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी।”


    TMC ने दर्ज करवाई शिकायत

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान ‘ध्रुवीकरण करने वाले और आपराधिक रूप से धमकी भरे बयान” दिए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए गए एक पत्र में, सत्तारूढ़ पार्टी ने वरिष्ठ भाजपा नेता पर चुनाव आचार संहिता (एमसीसी), भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया, ”16 अप्रैल को, सरमा ने कूचबिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भड़काऊ, ध्रुवीकरण करने वाले और आपराधिक रूप से डराने वाले बयान दिए, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति मानहानिकारक भी थे।”

    इसमें यह भी दावा किया गया कि इस तरह के बयान पश्चिम बंगाल में विभिन्न समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं, जिससे शांतिपूर्ण चुनाव बाधित हो सकता है। पार्टी ने दावा किया कि बनर्जी के खिलाफ की गई टिप्पणियां मानहानिकारक थीं और सार्वजनिक भाषण में गरिमा बनाए रखने के संबंध में एमसीसी का उल्लंघन करती हैं। शिकायत में कहा गया कि सरमा की टिप्पणियां चुनाव प्रचार अभियान में धर्म का उपयोग करने से परहेज करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का भी उल्लंघन करती हैं।