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  • नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल

    नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल



    नई दिल्ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवती मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश का आरोप लगा है। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मृतका की मां रेनू नागर के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर करीब 2:50 बजे मोनिका ने उन्हें फोन किया था और रोते हुए कहा था कि उसके पति और ससुराल वाले उसे मार रहे हैं और प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। फोन कॉल के बाद कुछ ही घंटों में मोनिका की मौत की सूचना मिली।

    परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम दादरी थाना क्षेत्र के घोड़ी गांव में मोनिका की हत्या के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश की गई। परिवार का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो ससुराल पक्ष के लोग शव को एक गाड़ी में ले जा रहे थे और पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

    बताया गया कि आरोपियों ने शव को बोडाकी मेट्रो स्टेशन के पीछे ले जाकर चिता पर रखा और उसे जलाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली और मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जलती चिता से शव को बाहर निकाला। हालांकि तब तक शव काफी हद तक जल चुका था।

    परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने एक फॉर्च्युनर गाड़ी का इस्तेमाल किया, जिस पर “धर्मपाल सिंह चौधरी” नाम लिखा हुआ था। परिवार का दावा है कि उन्होंने गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी टक्कर मारकर फरार हो गए।

    मोनिका की मां का आरोप है कि उनकी बेटी की शादी इसी साल 17 फरवरी को अनुज चौहान से हुई थी। शादी के बाद से ही उस पर 5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।

    पुलिस के अनुसार, शव इतना ज्यादा जल चुका था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। फिलहाल इसे बर्न इंजरी के रूप में दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

    एसीपी दादरी प्रशाली गंगवार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। परिजन इसे सुनियोजित हत्या बताकर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    दो लाइन का सार:
    नोएडा में मोनिका की संदिग्ध मौत और जलती चिता से शव बरामद होने के मामले ने सनसनी फैला दी है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या और प्रॉपर्टी के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    Tags: Noida Crime, Dowry Case, Murder Investigation, Breaking News, Uttar Pradesh News, Domestic Violence, Police Investigation, Crime News

  • Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत

    Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत


    गाजियाबाद।
    गाजियाबाद (Ghaziabad) से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पटेल नगर में एयरकंडीशनर (AC) सर्विस सेंटर (Air Conditioner (AC) Service Center) में रखे गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) और एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से आज तड़के भीषण आग लगी। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग तीन मंजिला मकान में फैल गई। कई वाहन जल गए। फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया।

    इस दर्दनाक हादसे में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि सर्विस सेंटर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना कमिश्नरेट गाजियाबाद के पटेल नगर स्थित प्लॉट नंबर एफ-87 ‘ऑन स्पॉट एयरकंडीशनर सर्विस सेंटर’ की है।


    तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया

    जानकारी के अनुसार, रात लगभग 03:05 बजे कंट्रोल रूम को सर्विस सेंटर में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि सर्विस सेंटर के भीतर रखे एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडरों और कंप्रेसरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। सर्विस सेंटर घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और आग इतनी भीषण थी की आस पास के घरों में फैलने की संभावना बनी हुई थी।


    फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे

    सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली से अग्निशमन अधिकारी अपनी टीम और फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं विकराल आग को देखते हुए फायर स्टेशन वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर से भी गाड़ियो को घटना स्थल पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आसपास के दर्जनों घरों को जलने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


    कितना नुकसान हुआ?

    परिसर के अंदर खड़ी 02 कारें और 10 मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं। आग और धमाकों के कारण तीन मंजिला इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आग बुझने के बाद जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो ग्राउंड फ्लोर पर एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ के रूप में हुई है। यह सर्विस सेंटर ओंकार तोमर नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है।

    आग किस वजह से लगी फिलहाल इसका पता लगाया जा रहा है। चूंकि इमारत में एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडर थे इस वजह से आग काफी तेजी से फैली। गैस सिलेंडरों के फटने ने स्थिति को और अधिक विकराल बना दिया।

  • झांसी सड़क हादसा: कार ने बाइक को मारी टक्कर, युवती की मौत, दोस्त घायल; शादी तय होने से पहले टूटा परिवार

    झांसी सड़क हादसा: कार ने बाइक को मारी टक्कर, युवती की मौत, दोस्त घायल; शादी तय होने से पहले टूटा परिवार


    झांसी। सदर थाना क्षेत्र के मून सिटी के पास गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवती की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार ईको कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे में फरहा उर्फ फरबा (21) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा विनोद तिवारी (24) घायल हो गया, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

    घर से निकली थी ट्रेन पकड़ने, बाइक पर कैसे पहुंची परिजन हैरान
    मृतका की मां ने बताया कि फरहा घर से अपनी बहन के यहां झांसी जाने के लिए निकली थी और उसे ट्रेन पकड़नी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने बेटी को ऑटो से भेजा था, लेकिन वह युवक की बाइक पर कैसे पहुंची, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है।हादसे की सूचना पुलिस द्वारा मिलने के बाद जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो वहां बेटी का शव देखकर कोहराम मच गया।

    शादी तय थी, परिवार में चल रही थी तैयारियां
    परिजनों के अनुसार फरहा की शादी तय हो चुकी थी और जल्द ही शादी की तारीख भी फाइनल होनी थी। वह पांच बहनों में चौथे नंबर की थी। परिवार में पिता की चिकन शॉप है और घर में शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया।

    कार की टक्कर से हुआ हादसा
    पुलिस के अनुसार फरहा और विनोद बाइक से जा रहे थे, तभी मून सिटी के पास तेज रफ्तार ईको कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में युवती की मौत हो गई और युवक घायल हो गया।

    पुलिस जांच में जुटी
    सदर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, कैसरबाग कोर्ट परिसर के अतिक्रमण हटाने पर सख्ती, पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने के निर्देश

    हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, कैसरबाग कोर्ट परिसर के अतिक्रमण हटाने पर सख्ती, पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने के निर्देश


    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कैसरबाग स्थित जनपद न्यायालय परिसर के आसपास वकीलों और दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर बड़ा और सख्त आदेश जारी किया है। अदालत ने साफ कहा है कि अवैध कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए।

    मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने अनुराधा सिंह और अन्य की याचिका पर की।

    कोर्ट ने नगर निगम से अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है और अगली सुनवाई 25 मई को तय की गई है।

    नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में करीब 72 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अधिकांश वकीलों के चैंबर और अवैध दुकानें शामिल हैं। कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट किया था कि इन अतिक्रमणों को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह हटाया जाए और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता तुरंत दी जाए।

    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने पुलिस बल उपलब्ध न कराए जाने के कारणों से जुड़े डीसीपी स्तर के पत्र भी अदालत में प्रस्तुत किए।

    नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के लिए 12 मई की नई तारीख तय करने की जानकारी दी, जिस पर कोर्ट ने कहा कि प्रशासन सुनिश्चित करे कि उस दिन पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध रहे।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अतिक्रमण से आम जनता, मरीजों और यातायात व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। पहले भी अदालत ने इस क्षेत्र में एंबुलेंस फंसने और मरीज की मौत जैसी गंभीर घटना का संज्ञान लिया था।

    अब हाईकोर्ट ने प्रशासन को 15 दिन के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं और मामले की अगली सुनवाई पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

  • तमिलनाडु में फंसा पेंच… विजय के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए AIADMK-DMK मिला सकते हैं हाथ!

    तमिलनाडु में फंसा पेंच… विजय के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए AIADMK-DMK मिला सकते हैं हाथ!


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) में सरकार बनाने को लेकर पेंच फंसता ही जा रहा है। किसी भी दल या गठबंधन के पास बहुमत नहीं होने के कारण अभी तक सरकार बनाने का रास्ता साफ नहीं हुआ है। इस बीच दक्षिण भारत (South India) के इस राज्य की राजनीति में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिल रहा है, जिसकी कल्पना पिछले 50 वर्षों में किसी ने नहीं की थी। अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए राज्य के दो सबसे बड़े कट्टर प्रतिद्वंद्वी डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) हाथ मिला सकते हैं। दोनों को साथ लाने में भाजपा (BJP) बड़ी भूमिका निभा सकती है।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, डीएमके के उदयनिधि स्टालिन गुट को डर है कि विजय का उदय पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (MGR) के दौर की याद दिला सकता है। एमजीआर ने अपने जीवनकाल में डीएमके को कभी सत्ता में नहीं आने दिया था। वहीं, जयललिता के निधन के बाद लगातार चार चुनाव हार चुकी AIADMK अपनी राजनीतिक वजूद बचाने के लिए इस गठबंधन पर विचार कर रही है।

    सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस गठबंधन को पर्दे के पीछे से समर्थन दे रही है ताकि कांग्रेस को सत्ता से दूर रखा जा सके। आपको बता दें कि अभी तक सिर्फ कांग्रेस ने ही अपने पांच विधायकों के साथ ऐक्टर विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है।


    क्या है प्रस्तावित फॉर्मूला?

    योजना के मुताबिक, ई. पलानीस्वामी (EPS) मुख्यमंत्री बनेंगे और DMK बाहर से समर्थन देगी। हालांकि पार्टी प्रमुख एम.के. स्टालिन और पुराने नेता इस अजीब प्रयोग से डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि इस बेमेल गठबंधन से समर्थकों के बीच भारी आक्रोश पैदा हो सकता है।


    विजय ने दी इस्तीफे की चेतावनी

    जैसे ही इस संभावित गठबंधन की खबरें फैलीं, विजय की पार्टी टीवीके ने बड़ा दांव चल दिया है। टीवीके ने घोषणा की है कि यदि DMK-AIADMK गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश करता है, तो उनके सभी 108 विधायक सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। यह कदम जनता और प्रशंसकों को सड़कों पर उतारने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।


    किसके पास कितनी सीटें

    आपको बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए। फिलहाल विजय की पार्टी टीवीके के पास सबसे अधिक 108 सीटें हैं। वहीं डीएमकी गठबंधन के पास 74 विधायक हैं। इनमें डीएमके 59, कांग्रेस पांच और अन्य की 10 सीटें हैं। एआईएडीएमके गठबंधन के पास यहां 53 सीटें हैं। वहीं, अन्य की संख्या 6 है।


    गवर्नर ने नहीं दिया सरकार बनाने का न्योता

    108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का न्यौता देने से इनकार कर दिया है। राज्यपाल का कहना है कि विजय पहले 118 विधायकों का समर्थन पत्र दिखाएं। कई दलों ने राज्यपाल की इस मांग की आलोचना की है। उनका तर्क है कि बहुमत सदन के पटल पर साबित किया जाना चाहिए, न कि राजभवन में। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है, जिससे राज्य में संवैधानिक संकट गहरा गया है।

    इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वामपंथी दलों और वीसीके की सहमति जरूरी है। विजय ने पहले ही इन पार्टियों से संपर्क साधा है, लेकिन वे फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं।

  • यूपी में योगी सरकार का बड़ा संदेश: बिना सिफारिश मिल रही नौकरी, 9 लाख से ज्यादा नियुक्तियों का दावा

    यूपी में योगी सरकार का बड़ा संदेश: बिना सिफारिश मिल रही नौकरी, 9 लाख से ज्यादा नियुक्तियों का दावा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर राज्य की भर्ती प्रक्रिया और युवाओं को मिलने वाले रोजगार को लेकर सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिनमें 202 प्रोफेसर, रीडर, चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स (आयुष विभाग), 272 अनुदेशक (व्यावसायिक शिक्षा विभाग) और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के 7 कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों की मौजूदगी रही।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में नौकरी पाने के लिए किसी सिफारिश या अनैतिक दबाव की जरूरत नहीं पड़ती है और पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से डिजिटल प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने चयन आयोगों को जवाबदेही के साथ काम करने की व्यवस्था दी है, जिससे निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित हो रही है।

    सीएम योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और यह चौथा बड़ा कार्यक्रम है, जिसमें हजारों युवाओं को अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिले, जिससे प्रदेश की विकास गति और तेज हो।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़े राज्य की छवि से बाहर निकलकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था और निवेश का केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है, उद्योगों की संख्या बढ़ी है और प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन रहा है।

    कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने भी इस मौके पर सरकार की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते थे, लेकिन अब पूरी व्यवस्था पारदर्शी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया और 7.5 लाख से अधिक को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट योजनाओं और नए तकनीकी ट्रेड्स के विस्तार का भी उल्लेख किया।

    कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की और कहा कि उनकी मेहनत ही प्रदेश के विकास की असली ताकत बनेगी।

  • यूपी में मौसम का कहर: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट

    यूपी में मौसम का कहर: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में अलर्ट


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और पिछले एक हफ्ते से कई जिलों में आंधी-बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। गुरुवार को बांदा, बिजनौर, शाहजहांपुर, कानपुर देहात और महोबा में तेज बारिश के साथ कई जगह ओले गिरे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। महोबा में करीब आधे घंटे की बारिश के दौरान ओले गिरने से फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है, वहीं बिजनौर में सड़क किनारे लगा एक CCTV टावर तेज हवा में गिर गया, जिससे इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

    बारिश और फिसलन की वजह से कई जगहों पर सड़क हादसे भी सामने आए हैं। बाराबंकी में हाईवे पर फिसलन के चलते दो डबल डेकर बसें, एक डीसीएम और कई वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें एक यात्री की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। वहीं, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, गाजियाबाद समेत 15 से ज्यादा जिलों में भी तड़के बारिश दर्ज की गई है।

    इसी बीच मौसम के खराब हालात का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। दिल्ली से पटना जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6497 को लैंडिंग से पहले टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिससे विमान हवा में डगमगाने लगा और यात्रियों में दहशत फैल गई। स्थिति को देखते हुए फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया, जहां सुरक्षित लैंडिंग हुई। विमान को केंद्रीय मंत्री और पायलट राजीव प्रताप रूडी उड़ा रहे थे, जिन्होंने उतरने के बाद यात्रियों से कहा कि अब आप सुरक्षित हैं।

    मौसम विभाग ने आज 44 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाओं के टकराव के कारण यह मौसमी बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    बाराबंकी में लखनऊ, अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे बारिश के दौरान बड़ा सड़क हादसा हो गया। दारापुर स्थित कलिका ढाबा के पास फिसलन भरी सड़क पर दो डबल डेकर बसें, एक डीसीएम और कई अन्य वाहन आपस में टकरा गए। सभी वाहन अयोध्या की ओर जा रहे थे, तभी अचानक हुए इस हादसे से हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश के चलते सड़क बेहद फिसलन भरी हो गई थी और आगे चल रही डीसीएम के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहे वाहन एक के बाद एक टकराते चले गए। इस हादसे में बस सवार बस्ती निवासी विनोद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आशीष, आजाद, संजय और अजमेर अली गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात सामान्य कराने और जांच शुरू कर दी है।

  • योगी सरकार ने शुरू की जनगणना-2027 की ऐतिहासिक शुरुआत, डिजिटल और जातीय गणना से बदलेगा विकास का चेहरा

    योगी सरकार ने शुरू की जनगणना-2027 की ऐतिहासिक शुरुआत, डिजिटल और जातीय गणना से बदलेगा विकास का चेहरा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण की शुरुआत करते हुए इसे देश के समग्र और सुनियोजित विकास की मजबूत आधारशिला बताया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने “हमारी जनगणना, हमारा विकास” के संकल्प के साथ मकान सूचीकरण और गणना कार्य का शुभारंभ किया।

    जनगणना को बताया विकास का आधार
    सीएम योगी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या का आंकलन नहीं, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार है। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा से ही अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाया जा सकता है।

    पहली बार डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया
    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की जा रही है। इसके तहत 7 से 21 मई 2026 तक नागरिकों को स्वगणना (self-enumeration) की सुविधा दी गई है, जिसमें लोग ऑनलाइन अपने विवरण दर्ज कर सकेंगे।इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सत्यापन और सूचीकरण करेंगे, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत जनगणना की जाएगी।

    जातीय गणना और वन ग्राम भी शामिल
    सीएम योगी ने कहा कि इस बार जनगणना में पहली बार जातीय गणना को भी शामिल किया गया है। साथ ही वन ग्रामों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिससे व्यापक और समावेशी डेटा तैयार किया जा सके।

    विशाल स्तर पर होगा कार्य
    उन्होंने बताया कि यह कार्य उत्तर प्रदेश के 75 जिलों, 18 मंडलों, 350 तहसीलों और हजारों ग्राम व नगर निकायों में किया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब 5.25 लाख कर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें प्रगणक, सुपरवाइजर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री की अपील
    योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व समझकर इसमें पूरी भागीदारी करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।जनगणना-2027 का यह डिजिटल और विस्तृत मॉडल भारत में डेटा आधारित प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे विकास योजनाओं को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

  • Rajasthan: 900 करोड़ के जल जीवv मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार

    Rajasthan: 900 करोड़ के जल जीवv मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार


    जयपुर।
    राजस्थान (Rajasthan) में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission- JJM) घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी (Mahesh Joshi) को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 900 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर रिश्वत ली थी।

    इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी महेश जोशी को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि उन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की और न ही कोई पैसा लिया। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें 3 दिसंबर 2025 को जमानत मिली थी।


    22 अधिकारियों समेत दर्ज हुई थी FIR

    ACB ने इस मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित 22 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इनमें जल जीवन मिशन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर टेंडर जारी कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया।


    ईमेल आईडी से मिला बड़ा सुराग

    ACB को जांच के दौरान कुछ संदिग्ध ईमेल आईडी से महत्वपूर्ण लीड मिली थी। इन्हीं के आधार पर अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत का खुलासा हुआ। अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।


    सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के बाद कार्रवाई

    इससे पहले 9 अप्रैल को जलदाय विभाग के पूर्व ACS सुबोध अग्रवाल को भी ACB ने गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान महेश जोशी की भूमिका को लेकर उनसे पूछताछ की गई थी। अब ACB ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए पूर्व मंत्री तक पहुंच बनाई है।

  • झारखंड सरकार का बड़ा फैसला…. तंबाकू युक्त गुटखा-पान मसाला पर लगाया एक साल का प्रतिबंध

    झारखंड सरकार का बड़ा फैसला…. तंबाकू युक्त गुटखा-पान मसाला पर लगाया एक साल का प्रतिबंध


    रांची।
    झारखंड (Jharkhand) में जन-स्वास्थ्य (Public Health) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार (State Government) ने तंबाकू और निकोटीन (Tobacco and Nicotine) युक्त गुटखा और पान मसाला (Gutkha and pan masala) के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से एक आदेश जारी किया गया है।

    अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा, जो किसी भी नाम से बाजार में बेचे जा रहे हों, यदि उनमें तंबाकू या निकोटीन की मात्रा पाई जाती है। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ने यह फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 की धारा 30(2)(ए) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियमन 2011 के नियम के तहत लिया है। इसमें कहा गया है कि प्रतिबंध का यह आदेश जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पकड़ा जाता है, तो कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।