Category: State

  • यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार

    यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम का उतार-चढ़ाव फिलहाल थम गया है और रविवार सुबह से पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहा। तेज धूप के साथ दिन में गर्मी का असर बढ़ा है, हालांकि हल्की हवाओं के चलते फिलहाल गर्मी थोड़ी संतुलित बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर बिगड़ने वाला है।

    मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि झांसी सबसे गर्म जिला रहा। वहीं पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में बारिश दर्ज नहीं की गई। तापमान में अचानक आए इस बदलाव से कई इलाकों में गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में फिर से मौसम बदल जाएगा। इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाने के साथ आंधी, तेज हवाएं और बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी स्थिति भी बन सकती है। 13 और 14 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है, जबकि 15 मई तक कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।

    लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और बरेली जैसे बड़े शहरों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में हो रहे मौसम बदलाव का सीधा असर यूपी पर पड़ रहा है, जिससे लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों में बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, खासकर तेज हवाओं और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

  • यूपी में बिजली क्रांति की बड़ी योजना: 50% बढ़ेगी उत्पादन क्षमता, 4 पावर प्लांटों से जुड़ेगा 10,600 मेगावॉट का नया विस्तार

    यूपी में बिजली क्रांति की बड़ी योजना: 50% बढ़ेगी उत्पादन क्षमता, 4 पावर प्लांटों से जुड़ेगा 10,600 मेगावॉट का नया विस्तार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में बिजली क्षेत्र को लेकर सरकार ने बड़ा और महत्वाकांक्षी विस्तार प्लान तैयार किया है, जिसके तहत राज्य की उत्पादन क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। मौजूदा समय में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 22,000 मेगावॉट है, जिसे बढ़ाकर 32,600 मेगावॉट करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार योजना में ओबरा-डी, अनपरा-ई, मेजा और मिर्जापुर जैसे प्रमुख पावर प्लांटों को केंद्र में रखा गया है, जहां से कुल मिलाकर 10,600 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उत्पादन जोड़ा जाएगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

    ऊर्जा विभाग के अनुसार वर्ष 2017 में प्रदेश की उत्पादन क्षमता जहां 11,803 मेगावॉट थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 22,000 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है। अब इसे और आगे बढ़ाने के लिए थर्मल पावर के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने जालौन में 500 मेगावॉट का नया सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत राज्य में सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन तेजी से बढ़ रहे हैं और अब तक करीब 4 लाख से अधिक सोलर कनेक्शन के जरिए लगभग 1400 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन किया जा रहा है।

    ऊर्जा मंत्री के मुताबिक यूपी बायो एनर्जी के क्षेत्र में भी देश में अग्रणी बन चुका है। अयोध्या को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा चुका है और आने वाले समय में 11,000 मेगावॉट से अधिक सौर परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2034 तक प्रदेश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 55,840 मेगावॉट तक पहुंचाया जाए।

    इसी बीच बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में लाखों नए पोल लगाए गए हैं, हजारों किलोमीटर पुराने तार बदले गए हैं और सैकड़ों नए उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। इससे बिजली वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है और पीक डिमांड के दौरान आपूर्ति में सुधार देखने को मिला है।

    हालांकि इसी बीच ऊर्जा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब बिजली विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच स्टेट विजिलेंस को सौंपी जाएगी, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और प्रभावी हो सके।

    कुल मिलाकर यूपी सरकार का यह ऊर्जा रोडमैप राज्य को न केवल बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि इसे देश के सबसे मजबूत पावर हब के रूप में स्थापित करने की ओर भी इशारा करता है।

  • Bengal: चुनाव में करारी हार के बाद TMC में घमासान…. विधायकों ने खोला आलाकमान के खिलाफ मार्चा

    Bengal: चुनाव में करारी हार के बाद TMC में घमासान…. विधायकों ने खोला आलाकमान के खिलाफ मार्चा


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal ) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) के हाथों मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदरखाने भारी घमासान शुरू हो गया है। इतने सालों तक पार्टी लाइन का सख्ती से पालन करने वाले कई विधायक और दिग्गज नेता अब अपनी ही लीडरशिप के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर और मंत्री रहे मनोज तिवारी से लेकर सांसद-अभिनेता देव तक ने पार्टी आलाकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुछ नेताओं ने तो चुनाव में हुई इस हार का सीधा ठीकरा महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के सिर फोड़ दिया है। हार के बाद ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने के फैसले पर भी कई विधायकों ने असहमति जताई है।


    गुटबाजी और ‘लॉबी’ को ठहराया हार का जिम्मेदार

    पार्टी के कई विधायकों ने खुलेआम गुटबाजी को हार की सबसे बड़ी वजह बताया है। मुर्शिदाबाद के हरिहरपारा से टीएमसी विधायक नियामत शेख ने सीधे तौर पर कहा, “पार्टी में सिर्फ लॉबी और गुटबाजी हावी है।” उन्होंने इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। नियामत शेख ने बताया कि उन्होंने बार-बार आलाकमान को मुर्शिदाबाद में बढ़ती गुटबाजी को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आलाकमान पर आरोप लगाया कि जमीनी हकीकत यानी ‘ह्यूमन फैक्टर’ को नजरअंदाज कर सोशल मीडिया और तकनीक पर ज्यादा भरोसा किया गया।

    शेख ने चुनाव से ठीक पहले हुमायूं कबीर को सस्पेंड किए जाने को भी गलत फैसला बताया। हुमायूं कबीर ने बाद में अपनी नई पार्टी (AUJP) बनाई और दो सीटें जीतीं, जिससे मुस्लिम वोटों का बंटवारा हो गया।


    मुस्लिम वोटों का बंटवारा और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज से टीएमसी विधायक अखरुज्जमां ने भी अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में हार का कारण मुस्लिम वोटों के बंटवारे को माना है। उनका कहना था कि मुसलमानों ने टीएमसी और बीजेपी को छोड़कर बाकी सबको वोट दिया। एक अन्य टीएमसी विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमारा मुस्लिम वोट बैंक बिखर गया, जबकि हिंदू वोट पूरी तरह से एकजुट होकर बीजेपी के पक्ष में चला गया। इस विधायक ने चुनावी रणनीतिकार एजेंसी (I-PAC) पर अत्यधिक निर्भर रहने और उन्हें ‘बिचौलिया’ बना देने पर भी भारी नाराजगी जताई।

    ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार पर अपनों के ही सवाल
    विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। अब इस फैसले पर पार्टी के भीतर ही सवाल उठ रहे हैं। हावड़ा के बागनान से चार बार के विधायक अरुणभ सेन ने तंज कसते हुए कहा, “ममता बनर्जी एक बड़ा नाम हैं। लेकिन अगर मैं उनकी जगह होता, तो इतनी बड़ी हार के बाद निश्चित तौर पर इस्तीफा दे देता।”

    एक अन्य विधायक ने कहा कि हमें हार स्वीकार करनी चाहिए। हार न मानने की जिद लोगों के बीच पार्टी की छवि को और खराब कर रही है। हालांकि, वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने ममता बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि इस्तीफा न देने का फैसला ममता का अकेले का नहीं था, बल्कि यह सभी निर्वाचित विधायकों का सर्वसम्मत फैसला था।


    देव और मनोज तिवारी का सीधा हमला

    सांसद देव की नाराजगी: लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले और विधानसभा चुनाव में प्रचार करने वाले अभिनेता देव ने मीडिया से कहा कि वह ‘घाटल मास्टरप्लान’ को लेकर अब झूठ नहीं बोलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता और अभिषेक बनर्जी ने उन्हें झूठा भरोसा दिया था कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े इस लंबे समय से लटके प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किया जाएगा।

    मनोज तिवारी के गंभीर आरोप: चुनाव परिणाम आने के महज दो दिन बाद पूर्व खेल राज्य मंत्री मनोज तिवारी ने एक फेसबुक लाइव में टीएमसी सरकार को ‘भ्रष्ट’ बताते हुए कहा कि इसे सत्ता से उखाड़ फेंकना ही सही था। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास ने उन्हें सरकार में पूरी तरह किनारे कर दिया था। तिवारी ने बीजेपी को उसकी इस ‘प्रचंड जीत’ के लिए बधाई भी दी।

    वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: मालदा के मालतीपुर से विधायक अब्दुर रहीम बोक्सी और केएमसी के डिप्टी मेयर अतिन घोष ने चुनाव आयोग के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को हार का बड़ा कारण बताया। अतिन घोष ने राज्यभर में चल रही भारी सत्ता विरोधी लहर और धार्मिक ध्रुवीकरण को भी हार की वजह बताया।

    पार्टी के खिलाफ बढ़ती बयानबाजी को देखते हुए टीएमसी ने अपने 5 प्रवक्ताओं- रिजू दत्ता, कृष्णेंदु चौधरी, कोहिनूर मजूमदार, पापिया घोष और कार्तिक घोष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोहिनूर मजूमदार और कृष्णेंदु चौधरी ने सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के काम करने के तरीके की आलोचना की थी, जबकि रिजू दत्ता ने चुनाव के बाद हुई हिंसा को रोकने के लिए बीजेपी के उठाए गए कदमों की तारीफ की थी।

  • West Bengal: TMC ने चुना विपक्ष का नेता… दो डिप्टी लीटर का भी ऐलान, जानें किसे सौंपी जिम्मेदारी

    West Bengal: TMC ने चुना विपक्ष का नेता… दो डिप्टी लीटर का भी ऐलान, जानें किसे सौंपी जिम्मेदारी


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) ने चुनाव हारने के बाद नेता विपक्ष (Leader of Opposition) चुन लिया है। शोभनदेव चट्टोपाध्याय (Shobhandev Chattopadhyay.) को यह अहम जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा, असीमा पात्रा और नैना बंद्योपाध्याय विपक्ष की डिप्टी लीडर होंगी। वहीं, फिरहाद हकीम मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) होंगे।

    पश्चिम बंगाल में डेढ़ दशक तक राज करने के बाद तृणमूल कांग्रेस को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा है। इतिहास में पहली बार राज्य में भाजपा ने बहुमत हासिल किया और 207 विधायकों के साथ सरकार बनाई है। भवानीपुर से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री बने हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित प्रदेशों के तमाम मुख्यमंत्रियों समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

    चार मई को आए बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के अनुसार, भाजपा को 207, तृणमूल कांग्रेस को 80, कांग्रेस को दो, हुमायूं कबीर की पार्टी को दो, सीपीआईएम और एआईएसएफ को एक-एक सीट मिली है। 2011 से राज्य में ममता बनर्जी की सरकार थी।

    इससे पहले, ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में हालिया विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने के लिए शनिवार को सभी विपक्षी दलों से एक ”संयुक्त मंच” बनाने के वास्ते एकजुट होने की अपील की। पूर्व मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से जुड़े सभी छात्र संघों और गैर सरकारी संगठनों से भी भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। बनर्जी ने कहा, ”मैं सभी विपक्षी दलों, जिनमें वामपंथी और धुर-वामपंथी दल शामिल हैं, से भाजपा के खिलाफ एक संयुक्त मंच बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान करती हूं।”

  • शिंदे की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे PM मोदी….भरे मंच पर पूछा हेलीकॉप्टर हादसे का हाल

    शिंदे की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे PM मोदी….भरे मंच पर पूछा हेलीकॉप्टर हादसे का हाल


    कोलकाता।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy Chief Minister Eknath Shinde) की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। यह तब हुआ जब हाल ही में एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा था। शनिवार को जब पश्चिम बंगाल (West Bengal) में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अन्य नेताओं से मिल रहे थे, तभी उन्होंने अचानक उनके पास रुककर उनसे इस घटना के बारे में बात की। उन्होंने न सिर्फ उनका हालचाल पूछा बल्कि भविष्य में हवाई यात्रा के दौरान ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह भी दी। इस बातचीत को लेकर वहां मौजूद लोगों में काफी उत्सुकता देखी गई।


    खराब मौसम में फंसा था शिंदे का हेलीकॉप्टर

    दरअसल, गुरुवार को एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर उड़ान के दौरान खराब मौसम में फंस गया था। बताया गया कि पायलट को अचानक एक तूफानी सिस्टम आता दिखा, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर को वापस मोड़ दिया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर रास्ता भी थोड़ा भटक गया था, इसलिए उसे मुंबई के जुहू स्थित पवन हंस में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि शिंदे पूरी तरह सुरक्षित रहे।


    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दोनों का संवाद

    प्रधानमंत्री मोदी और शिंदे की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोग इस बातचीत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। हालांकि बाद में साफ हुआ कि प्रधानमंत्री ने केवल उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

    इस पूरे घटनाक्रम से यह भी देखने को मिला कि प्रधानमंत्री मोदी अपने सहयोगियों की सुरक्षा और भलाई को लेकर कितने सतर्क रहते हैं और व्यक्तिगत रूप से उनका हालचाल भी लेते हैं। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी मौजूद थे। वहीं पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

  • UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे

    UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे


    लखनऊ।
    यूपी (UP) में आज योगी सरकार (Yogi Government) का मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) होने जा रहा है। टीम योगी में छह नए चेहरे शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार को जनभवन में 3.30 से होगा। इससे पहले शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की सूची दी। बता दें कि योगी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार है।

    टीम योगी के विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत मनोज पांडेय, पूजा पाल, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्रिमंडल में जगह मिलने जा रही है। देर रात तक जनभवन से सभी नए चेहरों को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना भेज दी गई। योगी सरकार 2.0 का गठन 25 मार्च 2022 को हुआ था, तब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 20 राज्य मंत्री शामिल थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले 5 मार्च 2024 को पहला विस्तार हुआ, जिसमें ओमप्रकाश राजभर, अनिल कुमार, सुनील शर्मा और दारा सिंह चौहान को कैबिनेट में शामिल किया गया। तब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 56 हो गई थी। हालांकि, जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के सांसद चुने जाने के बाद यह संख्या घटकर 54 रह गई।


    मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना

    इस बार के विस्तार में कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने के साथ विपक्ष के पीडीए फार्मूले का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। खास बात यह है कि संभावित नए मंत्रियों में मनोज पांडेय और पूजा पाल पहले समाजवादी पार्टी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे।


    यूपी में अधिकतम 60 बन सकते हैं मंत्री

    यूपी में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अगले साल प्रस्तावित चुनावों से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश में जुटी है। पार्टी नए चेहरों को शामिल कर विभिन्न वर्गों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

    महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अभियान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा इस विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व पर भी जोर दे रही है। संभावित छह नए मंत्रियों में दो महिलाओं को मौका दिया जा रहा है, जिसे पार्टी महिला भागीदारी बढ़ाने के संदेश के तौर पर देख रही है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा कई राजनीतिक लक्ष्य साधने की तैयारी में है। इसी को लेकर रविवार को गोपन विभाग सक्रिय रहा, जबकि राज्य संपत्ति विभाग को नए मंत्रियों के लिए आधा दर्जन गाड़ियां तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

  • झांसी के जंगल में गूंजा राम नाम, 21 कुंडी महायज्ञ में उमड़ा आस्था का सैलाब; रासलीला ने बांधा समां

    झांसी के जंगल में गूंजा राम नाम, 21 कुंडी महायज्ञ में उमड़ा आस्था का सैलाब; रासलीला ने बांधा समां



    झांसी। झांसी जनपद के नोटा हाटी गांव के जंगल में स्थित प्राचीन पटना सरकार हनुमान मंदिर इन दिनों भक्ति और आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां आयोजित 21 कुंडी श्रीराम महायज्ञ में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से ही मंदिर परिसर और यज्ञ मंडप में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर रहे हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा ले रहे हैं।

    महायज्ञ में महिला, पुरुष और बच्चों सहित आसपास के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति संगीत, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण से श्रद्धालु भावविभोर नजर आ रहे हैं। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक माहौल में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है।

    मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा भव्य रासलीला का मंचन
    इस धार्मिक आयोजन की खास बात यह भी है कि दिन के समय मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा भव्य रासलीला का मंचन किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण और रामायण प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को खूब आकर्षित कर रही हैं। दूर-दराज से आए लोग देर रात तक रासलीला का आनंद ले रहे हैं। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।

    महायज्ञ का संचालन और नेतृत्व यज्ञ आयोजक श्री बिनेका बाबा जी महाराज साकेत धाम के निर्देशन में किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों और भक्तों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। गांव के लोग दिन-रात सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं और श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

    भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
    आयोजकों के अनुसार, यह 21 कुंडी श्रीराम महायज्ञ 12 तारीख तक चलेगा। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। आयोजकों का कहना है कि भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

    धार्मिक आयोजन के चलते पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस महायज्ञ में शामिल होने और पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन भी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है।

  • झांसी में बुंदेली लोक गायिका की बेरहमी से हत्या, शव जलाकर जंगल में फेंका; पुराने विवादों की भी जांच

    झांसी में बुंदेली लोक गायिका की बेरहमी से हत्या, शव जलाकर जंगल में फेंका; पुराने विवादों की भी जांच


    नई दिल्ली। झांसी में बुंदेली लोकगीत गायिका लाडकुंवर उर्फ लवली मौर्या की हत्या के बाद शव जलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह उल्दन थाना क्षेत्र के पठाकरका इलाके में खेतों के पास अधजली महिला की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी, क्योंकि चेहरा और शरीर का बड़ा हिस्सा आग से बुरी तरह झुलस चुका था। बाद में करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद परिवार ने चप्पल, पायल, अंगूठी और कपड़ों के अवशेषों के आधार पर शव की पहचान 45 वर्षीय लोक गायिका लाडकुंवर मौर्या के रूप में की।

    पुलिस के मुताबिक, लाडकुंवर गुरुवार शाम घर से गेहूं खरीदने की बात कहकर निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिवार वालों ने तलाश के बाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच शुक्रवार सुबह ग्रामीण खेतों की ओर गए तो उन्हें सुनसान इलाके में एक महिला का अधजला शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।

    घटनास्थल की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। शव के पास शराब की खाली बोतलें, बीयर के कैन, नमकीन के पैकेट, जला हुआ मोबाइल फोन और कपड़ों के अवशेष बरामद हुए हैं। इसके अलावा खेत की तारबंदी में लाल रंग के कपड़े का फटा टुकड़ा भी फंसा मिला है। पुलिस को शक है कि महिला को किसी वाहन से सुनसान इलाके में लाया गया और हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को आग लगा दी गई।

    ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात इलाके में एक संदिग्ध सफेद कार देखी गई थी। इसी आधार पर पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है और इसमें एक से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका है।

    मृतका के पति मोहनलाल कुशवाहा ने बताया कि उनकी पत्नी बुंदेली लोकगीतों की लोकप्रिय गायिका थीं और शादी-विवाह सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती थीं। क्षेत्र में लोग उन्हें लवली मौर्या नाम से जानते थे। उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, इसलिए पुलिस हर एंगल से निष्पक्ष जांच करे।

    जांच के दौरान पुलिस पुराने विवादों और आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 में बरुआसागर क्षेत्र के एक हत्या मामले में लाडकुंवर का नाम सामने आया था, जिसके चलते वह करीब दो साल तक जेल में भी रह चुकी थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या का संबंध किसी पुरानी रंजिश से तो नहीं है।

    झांसी की एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

    इस दर्दनाक वारदात के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। एक लोक कलाकार की इस तरह हत्या और शव जलाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस जांच से सामने आने की उम्मीद है।

  • गोंडा में अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय, संविधान की शपथ लेकर दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात जन्म साथ निभाने के संकल्प

    गोंडा में अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय, संविधान की शपथ लेकर दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात जन्म साथ निभाने के संकल्प



    नई दिल्ली। गोंडा में एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जहां आमतौर पर शादियां पारंपरिक रीति-रिवाजों, मंत्रों और धार्मिक रस्मों के बीच संपन्न होती हैं, वहीं जिले के नवाबगंज क्षेत्र में एक युवक ने संविधान की प्रस्तावना पढ़कर और उसकी शपथ लेकर विवाह रचाया। इस अनोखे “संवैधानिक विवाह” को लेकर अब सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक बहस छिड़ गई है।

    दरअसल, नवाबगंज ब्लॉक के ग्राम सतिया सुरजापुर निवासी जयश वर्मा, जो समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के भतीजे बताए जा रहे हैं, ने अपनी शादी को अलग अंदाज देने का फैसला किया। उन्होंने पारंपरिक धार्मिक रस्मों के बजाय भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए विवाह किया और समानता, स्वतंत्रता तथा आपसी सम्मान के मूल्यों को अपने वैवाहिक जीवन का आधार बताया।

    शादी समारोह में मौजूद लोगों के सामने जयश वर्मा और उनकी जीवनसाथी ने संविधान के प्रति आस्था जताते हुए नई जिंदगी की शुरुआत की। इस दौरान समारोह में शामिल लोगों ने भी इस अनोखी पहल को उत्सुकता से देखा। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है।

    जयश वर्मा का कहना है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में हर धर्म और समुदाय की अपनी परंपराएं हैं, लेकिन सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुरक्षा भारतीय संविधान देता है। उनका मानना है कि जब संविधान हर व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करता है, तो जीवन के सबसे महत्वपूर्ण फैसले की शुरुआत भी उसी मूल भावना के साथ होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी परंपरा का विरोध करना नहीं, बल्कि संविधान में निहित समानता, न्याय और सम्मान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना है। जयश के इस फैसले को कुछ लोग नई सोच और सामाजिक बदलाव की मिसाल बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे परंपराओं से अलग कदम मानकर चर्चा कर रहे हैं।

    फिलहाल गोंडा की यह अनोखी शादी लोगों के बीच बहस और जिज्ञासा दोनों का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे आधुनिक सोच और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ी नई पहल बता रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक परंपराओं से हटकर उठाया गया साहसिक कदम मान रहे हैं।

  • ब्रज को बनाओ पूरी तरह सात्विक, प्रेमानंद महाराज की योगी सरकार से बड़ी मांग; मांस-मदिरा बैन पर फिर छिड़ी बहस

    ब्रज को बनाओ पूरी तरह सात्विक, प्रेमानंद महाराज की योगी सरकार से बड़ी मांग; मांस-मदिरा बैन पर फिर छिड़ी बहस



    नई दिल्ली। वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने एक बार फिर ब्रज क्षेत्र को मांस और मदिरा मुक्त बनाने की मांग उठाकर धार्मिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज मंडल की पवित्रता बनाए रखने के लिए यहां मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    अपने दैनिक सत्संग में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ब्रज केवल एक धार्मिक स्थान नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की लीलाभूमि है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर भगवान कृष्ण ने बाल लीलाएं कीं और प्रेम, भक्ति व करुणा का संदेश दिया, वहां मांस और मदिरा की बिक्री उचित नहीं मानी जा सकती। महाराज ने कहा कि ब्रज की पहचान उसकी आध्यात्मिकता और सात्विक संस्कृति से है, इसलिए इसकी गरिमा को बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन जैसे पवित्र स्थलों पर दर्शन और भक्ति के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ब्रज क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और शांतिपूर्ण होना चाहिए। प्रेमानंद महाराज का मानना है कि यदि पूरे ब्रज क्षेत्र को मांस और मदिरा मुक्त घोषित किया जाता है, तो इससे यहां की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।

    गौरतलब है कि इससे पहले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी ब्रज क्षेत्र में शराब और मांस बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली से मथुरा तक पदयात्रा निकालते हुए कहा था कि धार्मिक नगरी में शराब की दुकानों की मौजूदगी श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।

    हालांकि, इस मुद्दे पर पहले विवाद भी हो चुके हैं। कुछ समय पहले मथुरा में कुछ युवकों ने कथित तौर पर जबरन शराब की दुकान बंद कराने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया था। प्रशासन ने साफ किया था कि कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

    अब प्रेमानंद महाराज के ताजा बयान के बाद ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा प्रतिबंध की मांग फिर सुर्खियों में आ गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग इसे ब्रज की धार्मिक पहचान से जोड़कर समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इस विषय पर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर संतुलित फैसला लिया जाना चाहिए।