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  • चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति

    चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति


    देहरादून।
    केदारनाथ यात्रा मार्ग (Kedarnath Route) पर एक मुस्लिम व्यक्ति (Muslim person) के मिलने पर विवाद हो गया। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के इस व्यक्ति को कुछ यात्रियों ने रोककर आपत्ति जताई। यात्रियों का कहना था कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) में मुस्लिम समुदाय के लोगों के आने पर प्रतिबंध है।

    यात्रियों ने व्यक्ति को घेरकर यात्रा मार्ग पर होने का कारण पूछा। व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि उसे यहां काम करने के लिए बुलाया गया है। इस घटना से यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

    बता दें कि इस वर्ष बदरी केदार मंदिर समिति ने चारधाम के मंदिर परिसर में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, यात्रा मार्ग पर इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

  • UP: GRP ने ट्रेन से 16 लाख रुपये के साथ युवक को दबोचा … दो बैगों में भरी थीं नोटों की गड्डियां

    UP: GRP ने ट्रेन से 16 लाख रुपये के साथ युवक को दबोचा … दो बैगों में भरी थीं नोटों की गड्डियां


    वाराणसी।
    यूपी (Up) के वाराणसी में कैंट स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) (Varanasi Cantt Station -Varanasi Junction) पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जीआरपी (GRP) ने ट्रेन के अंदर से दो बैग में भारी मात्रा में नई करंसी बरामद की। बेगमपुरा एक्सप्रेस (Begumpura Express) के जनरल कोच में सफर कर रहे एक युवक के पास से 16 लाख रुपये के नए नोट मिले। बैग खोलते ही उसमें भरीं 10 से लेकर 200 रुपये तक के नोटों की नई गड्डियां देखकर पुलिस टीम भी दंग रह गई।


    प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर बिछाया गया जाल

    जीआरपी प्रभारी निरीक्षक रजोल नागर ने बताया कि जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बेगमपुरा एक्सप्रेस के जनरल कंपार्टमेंट में तिलहर (शाहजहांपुर) निवासी रवि गुलाटी संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। जब उसके पिट्ठू और ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई, तो उसके अंदर नोटों का जखीरा मिला। थाने लाकर जब गिनती की गई तो 10, 20, 50, 100 और 200 रुपये की नई करंसी की गड्डियों का कुल मूल्य 16 लाख रुपये निकला।


    दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी

    पूछताछ के दौरान रवि गुलाटी ने दावा किया कि उसकी तिलहर में कॉस्मेटिक की दुकान है और उसने शादी-विवाह के सीजन में मांग को देखते हुए बाजार से यह नई करंसी जुटाई थी। वह मंगलवार सुबह काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से वाराणसी आया था और बेगमपुरा एक्सप्रेस से वापस जा रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी नकदी के संबंध में वह कोई भी वैध दस्तावेज या रसीद पेश नहीं कर सका।


    आयकर विभाग को सौंपी गई रकम

    जीआरपी प्रभारी ने बताया कि बरामद रकम और युवक को आयकर विभाग की टीम (निरीक्षक उमेश कुमार राम, अमित कुमार और कर सहायक नीरज) के हवाले कर दिया गया है। अंदेशा जताया जा रहा है कि पश्चिमी यूपी के बाजारों में नई करंसी की कालाबाजारी के लिए यह खेप ले जाई जा रही थी। इस कार्रवाई में आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप यादव और सीआईबी के एएसआई राकेश कुमार सिंह समेत पूरी टीम की मुख्य भूमिका रही।


    बैंकों की भूमिका संदिग्ध

    जो करंसी बरामद की गई है वह किसी न किसी बैंक से ही निकाली गई मानी जा रही है। इतनी बड़ी तादात में एक व्यक्ति को करेंसी देने वाले बैंककी भूमिका भी संदिग्ध हो गई है। माना जा रहा है कि पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा तो बैंक के अधिकारी और कर्मचारी भी शिकंजे में आएंगे। हालांकि पुलिस ने अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा है। लेकिन जांच से इनकार भी नहीं किया गया है।

  • MCD: दिल्ली में आज BJP की अहम बैठक….मेयर-डिप्टी मेयर के नामों का हो सकता है ऐलान

    MCD: दिल्ली में आज BJP की अहम बैठक….मेयर-डिप्टी मेयर के नामों का हो सकता है ऐलान


    नई दिल्ली।
    एमसीडी (MCD) में महापौर (Mayor), उपमहापौर (Deputy Mayor) और सदन से चुने जाने वाले स्थायी समिति के सदस्यों के नामों का फैसला बुधवार को होने की संभावना है। इस संबंध में एमसीडी में सत्तारूढ़ भाजपा (Ruling BJP) की बुधवार को एक बैठक होगी। लिहाजा सभी की निगाहें बैठक पर टिकी हैं। भाजपा (BJP) ने इन पदों पर पार्षदों के नामों पर फैसला करने के लिए आठ सदस्यीय कमेटी बनाई है।

    प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा (Virendra Sachdeva) की अगुवाई में बनाई गई कमेटी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta), केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद व प्रदेश महामंत्री योगेंद्र चांदोलिया व कमलजीत सहरावत और विष्णु मित्तल, प्रदेश सहप्रभारी अल्का गुर्जर और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा शामिल हैं। हालांकि इनमें कई नेता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने गए हैं। इस कारण वह विडियो एप के माध्यम से बैठक से जुड़ेंगे।

    पार्टी इस बार संतुलन और अनुभव दोनों को ध्यान में रखते हुए फैसपा लेने की तैयारी में है। महापौर और उपमहापौर जैसे अहम पदों के लिए वरिष्ठ पार्षदों के साथ-साथ पहली बार चुने गए पार्षद भी जोर-आजमाइश में लगे हैं। पिछले करीब 20 दिनों से संभावित उम्मीदवार अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के चक्कर काट रहे हैं और समर्थन जुटाने में जुटे हैं।

    इस तरह भाजपा के भीतर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। एक ओर अनुभवी पार्षद अपनी दावेदारी को मजबूत बता रहे हैं, वहीं नए चेहरे भी संगठन में अपनी सक्रियता और प्रदर्शन के आधार पर मौका मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती है कि ऐसा चेहरा चुना जाए जो न केवल संगठन में संतुलन बनाए रखे, बल्कि एमसीडी के कामकाज को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके।

    सदन से चुने जाने वाले भाजपा कोटे के दो सदस्यों के पद को लेकर भी खासी दिलचस्पी बनी हुई है। इन पदों पर चयन के जरिए पार्टी संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा जाएगा।

  • तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD

    तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD


    पटना।
    लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक मीडिया चैनल पर खास बात-चीत करते हुए तेज प्रताप ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former Chief Minister Nitish Kumar.) के कामकाज की जमकर सराहना की, बल्कि अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व वाली राजद (RJD) के भविष्य पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया।


    “मेरे अलग होने से कमजोर हुई राजद”

    तेज प्रताप यादव ने राजद की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि पार्टी अब बिखरने की कगार पर है। उन्होंने साफ लहजे में कहा, “जब से हम राजद से अलग हुए हैं, पार्टी कमजोर हुई है।” उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह जनता से दूरी बनाए हुए हैं। तेज प्रताप ने यहाँ तक चेतावनी दे डाली कि राजद की स्थिति फिलहाल ऐसी है कि उसके विधायकों पर अन्य दलों की नजर बनी हुई है और पार्टी कभी भी टूट सकती है। उनके बचे हुए 25 विधायकों को कोई भी कभी भी तोड़ सकता है।

    नीतीश कुमार को 10 में से 9 नंबर
    जब तेज प्रताप से पूछा गया कि वह नीतीश कुमार के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे हैं। वह हमारे चाचा के समान हैं और राजनीति में बहुत सीनियर हैं। हम लोग तो अभी उनके सामने बच्चे हैं।” दिलचस्प बात यह रही कि जब उन्हें याद दिलाया गया कि उनकी माता राबड़ी देवी को हटाकर ही नीतीश सीएम बने थे, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलटफेर चलते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार की एक खूबी भी गिनाई और कहाँ कि “चाचा काम के दौरान न्यूट्रल रहते थे और जिस तरह वह अपना पेट सहलाते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।”


    बदलते सियासी समीकरण के संकेत?

    बता दें कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही है। भाई तेजस्वी यादव पर तंज और चाचा नीतीश की इतनी बड़ी रेटिंग, कहीं न कहीं बिहार में एक नए सियासी समीकरण की आहट दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह ‘नंबर गेम’ आने वाले दिनों में राजद के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को

    पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) (Central Paramilitary Forces – CAPF) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी (Intelligence Agency) और निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन अति संवेदनशील बूथों की पहचान की गई है, जहां पर हिंसा या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो सकती है।

    ऐसे सभी बूथों को अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के हवाले किया जा रहा है। किसी बूथ पर कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस तैनात करने का आदेश जारी किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने 18 अप्रैल को एडीजी ‘लीगल’ एंड स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ), आईजी सीआरपीएफ एवं पश्चिम बंगाल स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेटर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि अति संवेदनशील बूथों पर केवल सीआरपीएफ को ही तैनात किया जाएं। प. बंगाल की सड़कों पर सीआरपीएफ के मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं।

    कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित
    अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर के पत्र में कहा गया है कि बूथों की स्थिति को लेकर कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा अति संवेदनशील बूथों की एक सूची तैयार कराई गई है। मौजूदा चुनाव में जो खुफिया अलर्ट मिल रहे हैं, उनके साथ उक्त सूची का मिलान किया गया है। ऐसे में जितने भी अति संवेदनशील बूथ, जहां पर हिंसा होने या मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका है, वहां केवल सीआरपीएफ ही तैनात होगी।

    पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन के लिए देश के चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की है। उसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, जवानों और अधिकारियों को ‘वन इलेक्शन फोर्स’ बनकर ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी केंद्रीय बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

  • असम के CM बोले- घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी मुसलमानों को लात मार-मारकर भगाऊंगा

    असम के CM बोले- घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी मुसलमानों को लात मार-मारकर भगाऊंगा


    कोलकाता
    । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) में असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) भी प्रचार कर रहे हैं। वे बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) पर हमलावर हैं और उनपर बांग्लादेशी मुस्लिमों की घुसपैठ करवाने का आरोप लगा रहे। हाल ही में एक चुनावी रैली करते हुए हिमंत सरमा ने दो टूक कहा कि वह जितने भी बांग्लादेशी मुसलमान हैं, उन्हें लात मार-मारकर भगाने वाले हैं। वह किसी से डरते नहीं हैं।

    उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल की सीमाओं को बांग्लादेश के साथ खोलकर रखा है। हर दिन बांग्लादेशी मुसलमान लोग, बंगाल की सीमा से आते हैं, मैं लात मारकर असम से भगाता हूं, लेकिन फिर आ जाते हैं। इसलिए अगर भारत को बांग्लादेशी मुसलमानों से मुक्त करना है तो पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सरकार चाहिए।

    सरमा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से बनर्जी ने पूरे बंगाल को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा, “हमें ममता बनर्जी को बंगाल के मुख्यमंत्री पद से हटाना होगा, अन्यथा एक दिन बांग्लादेशी मुसलमान हमसे यह राज्य छीन लेंगे।” भाजपा नेता ने दावा किया कि बनर्जी के कार्यकाल में उत्तर बंगाल में कोई विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ”जैसे ही बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, हम इस क्षेत्र से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर कर देंगे।” उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में सत्ता में आने पर गोरखालैंड मुद्दे का संवैधानिक समाधान तलाशेगी और ”गोरखाओं के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी।”


    TMC ने दर्ज करवाई शिकायत

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान ‘ध्रुवीकरण करने वाले और आपराधिक रूप से धमकी भरे बयान” दिए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए गए एक पत्र में, सत्तारूढ़ पार्टी ने वरिष्ठ भाजपा नेता पर चुनाव आचार संहिता (एमसीसी), भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया, ”16 अप्रैल को, सरमा ने कूचबिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भड़काऊ, ध्रुवीकरण करने वाले और आपराधिक रूप से डराने वाले बयान दिए, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति मानहानिकारक भी थे।”

    इसमें यह भी दावा किया गया कि इस तरह के बयान पश्चिम बंगाल में विभिन्न समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं, जिससे शांतिपूर्ण चुनाव बाधित हो सकता है। पार्टी ने दावा किया कि बनर्जी के खिलाफ की गई टिप्पणियां मानहानिकारक थीं और सार्वजनिक भाषण में गरिमा बनाए रखने के संबंध में एमसीसी का उल्लंघन करती हैं। शिकायत में कहा गया कि सरमा की टिप्पणियां चुनाव प्रचार अभियान में धर्म का उपयोग करने से परहेज करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का भी उल्लंघन करती हैं।

  • नोएडा: निजी कंपनी में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार..

    नोएडा: निजी कंपनी में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार..


    नोएडा।
    यूपी (UP) के नोएडा (Noida) में प्राइवेट कंपनियों (Private Companies) के कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में पुलिस का एक्शन जारी है. नोएडा पुलिस (Noida Police) ने हिंसा में शामिल दो और आरोपियों (Two more accused) को गिरफ्तार किया है।

    दोनों आरोपी हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा बिगुल मजदूर दस्ता के एक्टिव सदस्य हैं. हिमांशु लगातार हिंसा के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के संपर्क में था. हिंसा के दिन वह नोएडा में ही मौजूद था. हिमांशु और सत्यम के खिलाफ पुलिस को भड़काऊ गतिविधियों को अंजाम देने के सबूत मिले हैं।

    इससे पहले पुलिस ने नोएडा हिंसा के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से अरेस्ट किया था. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसे रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।


    पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है आदित्य आनंद

    पुलिस जांच में सामने आया है कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद ने श्रमिक प्रदर्शन को हिंसा में बदलने की साजिश रची. उसने पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया. थाना फेज-2 में उसके खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

    जांच में सामने आया कि बिहार के हाजीपुर का रहने वाला 28 वर्षीय आदित्य आनंद पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. वह इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है. आरोपी के खिलाफ 16 अप्रैल को कोर्ट से वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद वह फरार होकर चेन्नई और फिर तिरुचिरापल्ली भाग गया था।

    पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय हिंसा तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है. एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश के लिए फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट कहां से मिल रहा था. आने वाले दिनों में इस केस में कई और बड़े संगठनों के नाम सामने आ सकते हैं।

  • नोएडा में श्रमिक सप्लाई करने वाली 203 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट…. 1.16 करोड़ जुर्माना भी लगा

    नोएडा में श्रमिक सप्लाई करने वाली 203 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट…. 1.16 करोड़ जुर्माना भी लगा


    नोएडा।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Noida and Greater Noida) में हाल के श्रमिक प्रदर्शनों, श्रम कानूनों के उल्लंघन और कंपनियों में बढ़ते असंतोष के बीच प्रशासन ने एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं। एक तरफ श्रम विभाग (Labor Department) ने 24 कंपनियों को मैनपावर सप्लाई करने वाली 203 एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों को राहत देते हुए 21 प्रतिशत वेतन वृद्धि का ऐलान किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस जांच में प्रदर्शन के पीछे साजिश और बाहरी कनेक्शन के संकेत भी सामने आए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।


    203 मैनपावर एजेंसियों पर गाज

    श्रम विभाग ने गौतमबुद्ध नगर में श्रम कानूनों का पालन न करने वाली 203 मैनपावर सप्लाई एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। ये एजेंसियां 24 कंपनियों में श्रमिक उपलब्ध कराती थीं, लेकिन जांच में सामने आया कि इन्होंने कर्मचारियों को मिलने वाले कई वैधानिक लाभ नहीं दिए।

    इन एजेंसियों पर 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है और इनके लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। श्रमिकों के बकाया भुगतान के लिए 1,16,05,067 रुपये का नोटिस भी जारी किया गया है, जबकि अन्य एजेंसियों की पहचान का काम जारी है।
    राकेश द्विवेदी, अपर श्रमायुक्त


    1 मई से लागू होगी 21 प्रतिशत वेतन वृद्धि

    श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने वेतन बढ़ोतरी की सिफारिश की है। इसके तहत गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी और मई में 7 से 10 तारीख के बीच भुगतान किया जाएगा। यह बढ़ोतरी संविदा और स्थायी दोनों प्रकार के कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के वेतन से केवल ईपीएफ और ईएसआई की कटौती ही मान्य होगी, इसके अलावा किसी भी अन्य कटौती पर सख्त कार्रवाई होगी।


    सड़कों पर उतरे कर्मचारी

    नोएडा के सेक्टर-8 स्थित एक कंपनी के बाहर शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। महिला और पुरुष कर्मचारी कंपनी गेट पर इकट्ठा होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बातचीत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।

    इसी तरह यमुना सिटी के सेक्टर-24ए स्थित एक बड़ी मोबाइल निर्माण कंपनी में भी कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आवाज उठाई। शिफ्ट बदलने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए और नारेबाजी की, जिसके बाद अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।


    उच्चस्तरीय समिति का दौरा और निरीक्षण

    श्रमिकों के आंदोलन को देखते हुए शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का दौरा किया और वहां काम कर रहे कर्मचारियों से बातचीत की। समिति के सदस्य डॉ. एमकेएस सुन्दरम ने इकोटेक-3 स्थित एक फैक्ट्री का निरीक्षण किया, जहां कर्मचारियों को दी जा रही सुविधाओं और स्किल डिवेलपमेंट ट्रेनिंग का जायजा लिया गया। इस दौरान यह भी देखा गया कि किस प्रकार कर्मचारी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहे हैं।


    प्रदर्शन के पीछे साजिश के संकेत, जांच तेज

    श्रमिक प्रदर्शनों को लेकर पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि यह प्रदर्शन अचानक भड़का हुआ गुस्सा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों को क्यूआर कोड के जरिए व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया था, जिन्हें तमिलनाडु और कर्नाटक से संचालित किया जा रहा था।

    इन ग्रुपों के माध्यम से भड़काऊ संदेश भेजकर श्रमिकों को उकसाया गया। सीसीटीवी फुटेज में 8 से 9 संदिग्ध लोगों को हुलिया बदलकर भीड़ में घुसते हुए देखा गया है। जांच में कुछ मोबाइल नंबर नेपाल से जुड़े पाए गए हैं, जबकि अन्य संदिग्ध कनेक्शनों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कई आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

  • TCS धर्म परिवर्तन मामले में जांच का दायरा बढ़ा…. फरार HR मैनेजर निदा खान की तलाश तेज

    TCS धर्म परिवर्तन मामले में जांच का दायरा बढ़ा…. फरार HR मैनेजर निदा खान की तलाश तेज


    नासिक।
    टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) (Tata Consultancy Services – TCS) में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन मामले में जांच का दायरा अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए गठित विशेष जांच दल ने अब राज्य खुफिया विभाग (एसआईडी) (State Intelligence Department – SID)), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) (Anti-Terrorism Squad -ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से तकनीकी सहायता मांगी है। उधर, जांच एजेंसियों ने फरार एचआर मैनेजर निदा खान की तलाश तेज कर दी है। 

    पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने बताया कि आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की गहन छानबीन के लिए जांच एजेंसियों को पत्र लिखकर सभी विवरण सौंप दिए गए हैं। अब तक कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें यौन उत्पीड़न, धमकी देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस ने मामले में अब तक छह कर्मचारियों और यूनिट ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चैनानी को गिरफ्तार किया है, जो 28 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में हैं। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता एचआर मैनेजर निदा खान अभी भी फरार है।

    सुरक्षा के चलते वर्क फ्रॉम होम के निर्देश
    मामले के तूल पकड़ने के बाद टीसीएस ने नासिक कार्यालय में बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग (बीपीओ) का परिचालन अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। कंपनी ने सभी कर्मचारियों को अगले आदेश तक घर से काम करने के निर्देश दिए हैं। कंपनी सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

  • Delhi: रोहिणी की झुग्गियों में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 3 लोगों की जलकर मौत

    Delhi: रोहिणी की झुग्गियों में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 3 लोगों की जलकर मौत


    नई दिल्ली ।
    देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में रोहिणी क्षेत्र की झुग्गियों (Rohini) और कबाड़ में लगी आग में तीन लोगों की मौत हो गई है। दमकल अधिकारी के अनुसार आग कल देर रात लगी। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है और अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

    दिल्ली के रोहिणी जिला अंतर्गत बुध विहार थाना क्षेत्र के मांगेराम पार्क इलाके (Mangeram Park area) का यह मामला है. यहां मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं। इस अग्निकांड में एक ही परिवार के तीन लोगों की जलकर मौत हो गई. मरने वालो में पति, पत्नी और 2 साल की बच्ची शामिल है।

    दमकल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि बुध विहार में एक ऐसे भूखंड में आग लग गई, जहां झुग्गियां बनी हुई थीं और कबाड़ जमा किया जाता था। आग रात करीब 1:25 बजे लगी और छह दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। तीन लोगों की मौत हो गई। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।

    बताया जा रहा है कि जिस प्लॉट में आग लगी, वहां करीब 5-6 परिवार रहते थे. इनमें करीब 18 से 20 लोग थे, जो कबाड़ बीनने का काम करते हैं. देर रात अचानक लगी आग ने पूरे प्लॉट में रद्दी प्लास्टिक और रद्दी कबाड़ को अपनी चपेट में ले लिया. इससे झुग्गियों में रखा सारा घर का सारा सामान जैसे बेड कूलर, फ्रिज आदि जलकर खाक हो गया. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों (माता-पिता और 2 साल के मासूम) की मौत हो गई. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ये मृतक परिवार बाहर नहीं निकल पाया. .

    मृतकों की पहचान मुसीबुर 25, मुरार 23, और मोइमोना 2 साल के रूप में हुई है. फिलहाल 3 शवो क़ो कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. वहीं मृतक के रिश्तेदारों का आरोप है कि आग लगाई गई है, जिस कारण इतना बड़ा हादसा हो गया.