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  • Maharashtra: दागी MPs-MLAs के सामने खड़े नहीं होंगे अधिकारी… प्रोटोकॉल नियम में बदलाव

    Maharashtra: दागी MPs-MLAs के सामने खड़े नहीं होंगे अधिकारी… प्रोटोकॉल नियम में बदलाव


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की देवेंद्र फडणवीस सरकार (Devendra Fadnavis government) ने एक नया सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी करते हुए प्रोटोकॉल नियमों (Protocol Rules) में अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, राज्य के अधिकारियों को अब से वैसे माननीय विधायकों या सांसदों के लिए खड़े होकर उनका अभिवादन करने की जरूरत नहीं है, जिन्हें दोषी ठहराया गया है, या जिन्हें किसी जांच/सुनवाई के लिए बुलाया गया है, या जो चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए किसी सरकारी दफ्तर में मौजूद हैं।

    राज्य सरकार ने इस संबंध में मंगलवार (28 अप्रैल) को एक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया, जिसमें 20 नवंबर, 2025 के पिछले निर्देशों में संशोधन किया गया है। पहले के निर्देशों में अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य था कि जब चुने हुए प्रतिनिधि किसी बैठक के लिए आएं और बैठक खत्म होने के बाद जाएं, तो वे खड़े होकर उनका अभिवादन करें।


    नए नियमों के मुख्य बिंदु:

    मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा 28 अप्रैल, 2026 को हस्ताक्षरित इस आदेश के अनुसार, अधिकारियों को उन स्थितियों में माननीयों को विशेष प्रोटोकॉल (जैसे खड़ा होना या विशेष अभिवादन) देने की जरूरत नहीं है, जब उनके सामने कोई ऐसे जनप्रतिनिधि आते हों जो किसी आपराधिक या अन्य मामले में दोषी ठहराए गए हों, या अगर उन्हें किसी जांच/सुनवाई के लिए अपीलकर्ता या पक्षकार के तौर पर बुलाया गया है, या अगर वे चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं (जैसे नामांकन पत्र दाखिल करना, जांच-पड़ताल या सुनवाई) के लिए किसी सरकारी दफ़्तर में मौजूद हैं।

    आम नागरिकों जैसा ही व्यवहार करें
    GR में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ऐसे मामलों में, संबंधित अधिकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे कानून, नियमों और मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार, बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ आम नागरिकों जैसा ही व्यवहार करें। इससे पहले नवंबर 2025 में, तत्कालीन मुख्य सचिव राजेश कुमार ने सरकारी अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे कि वे विधायकों या सांसदों के साथ सम्मानपूर्वक और सौहार्दपूर्ण ढंग से व्यवहार करें। संशोधित खंड में कहा गया था, “अधिकारियों को विधानसभा/संसद के सदस्यों के बैठक के लिए आने पर और बैठक खत्म होने के बाद उनके जाने पर खड़े होकर उनका अभिवादन करना चाहिए।”


    मूल दिशानिर्देशों में संशोधन क्यों?

    सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव केवल दोषी ठहराए गए व्यक्तियों और उन लोगों के संबंध में किया गया है जो जांच का सामना कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, “यह जरूरी है कि सरकारी अधिकारी निष्पक्ष तरीके से व्यवहार करें। जांच के लिए बुलाए गए लोगों के लिए खड़े होने का स्वाभाविक मतलब यह होगा कि अधिकारी दूसरे पक्ष के प्रति जरूरत से ज्यादा विनम्रता दिखा रहा है, जिसका असर सुनवाई के नतीजे पर पड़ सकता है। नतीजतन, हमने मूल दिशानिर्देशों में संशोधन करने का फैसला किया है।”


    एक सावधानी भी

    हालांकि, नए प्रोटोकॉल में यह बात स्पष्ट तौर पर कही गई है कि जो विधायक या सांसद किसी अपराध में दोषी नहीं हैं या किसी सामान्य काम से आए हैं, उनके लिए पुराना प्रोटोकॉल लागू रहेगा। यानी अधिकारियों को उन्हें सम्मानपूर्वक खड़े होकर अभिवादन करना होगा। उनके पत्रों का जवाब भी दो महीने के भीतर देना अनिवार्य होगा।

  • LS में AAP को लग सकता है बड़ा झटका…. मजीठिया का दावा- इस्तीफा देने को तैयार 2 MP

    LS में AAP को लग सकता है बड़ा झटका…. मजीठिया का दावा- इस्तीफा देने को तैयार 2 MP


    चंडीगढ़।
    आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party- AAP) के लिए पंजाब में सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यसभा (Rajya Sabha) में अपने सांसदों की बड़ी बगावत का सामना कर रही पार्टी को अब निचले सदन (लोकसभा) में भी बड़े झटके का सामना करना पड़ सकता है। शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal- SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि पंजाब से AAP के 2 लोकसभा सांसद भी पार्टी से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।

    बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी में मची भगदड़ केवल उच्च सदन (राज्यसभा) तक सीमित नहीं रहने वाली है। उनके अनुसार, पंजाब में AAP सरकार की कार्यप्रणाली, नेतृत्व की अनदेखी और अंदरूनी कलह से नाराज होकर अब लोकसभा के 2 सांसद भी जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं।

    2024 के लोकसभा चुनावों में पंजाब से आम आदमी पार्टी के केवल 3 सांसद ही जीतकर संसद पहुंचे थे। ये सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर, मलविंदर सिंह कंग और राज कुमार चब्बेवाल हैं। अगर मजीठिया का यह दावा सच साबित होता है और 2 सांसद इस्तीफा दे देते हैं, तो यह लोकसभा में आम आदमी पार्टी के लगभग सफाए के बराबर होगा।

    मजीठिया ने एक पोस्ट में लिखा, ‘एक और दिन, एक और विदाई की तैयारी… सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के 2 लोकसभा सांसद जल्द ही पार्टी छोड़कर जा सकते हैं। ‘बार-बार सफर करने वालों’ की यह सूची बस बढ़ती ही जा रही है।’


    राज्यसभा में लगा करारा झटका

    अकाली दल के नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब AAP इतिहास के अपने सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। हाल ही में पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने एक साथ बगावत कर दी है। प्रमुख बागी नेता: इनमें पार्टी के मुख्य रणनीतिकार रहे राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा (BJP) का दामन थाम लिया है।


    पंजाब की भगवंत मान सरकार पर मंडराता खतरा?

    बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य विपक्षी दल इस स्थिति का पूरा राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। मजीठिया ने इस भगदड़ को AAP सरकार के पतन की शुरुआत बताया है। हाल ही में मजीठिया ने कहा है कि सांसदों के बाद अब बड़ी संख्या में AAP के विधायक भी पार्टी छोड़ने की कतार में हैं, जो जल्द ही भाजपा या अन्य दलों में शामिल हो सकते हैं।


    फ्लोर टेस्ट की मांग

    अकाली दल ने दावा किया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जल्द ही अल्पमत में आ सकती है। इसके मद्देनजर उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से विधानसभा में ‘फ्लोर टेस्ट’ (बहुमत परीक्षण) कर अपना बहुमत साबित करने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि ‘बदलाव’ का नारा देकर सत्ता में आई AAP की सरकार अब भ्रष्टाचार, लचर कानून-व्यवस्था और गुटबाजी का शिकार हो चुकी है, जिसके चलते उनके अपने ही संस्थापक सदस्य और नेता “डूबते जहाज” से कूद रहे हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बगावत को सिरे से खारिज करते हुए बागी नेताओं को ‘गद्दार’ करार दिया है। उनका कहना है कि जो लोग छोड़कर गए हैं उनका अपना कोई जनाधार नहीं था और पंजाब सरकार को विधायकों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। हालांकि, 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह राजनीतिक अस्थिरता आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। यदि लोकसभा सांसदों के इस्तीफे की खबर हकीकत में बदलती है, तो यह पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक रूप से एक बहुत बड़ा नुकसान साबित होगा।

  • UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम

    UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अब पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी (More Simple and Transparent) होने जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन नियमों में बदलाव के बाद अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट की जा रही है. इसका मकसद है लोगों को तेज, सुरक्षित और बिना झंझट के वाहन खरीदने-बेचने की सुविधा देना।


    क्या है नई ADRV व्यवस्था?

    सरकार ने अधिकृत पंजीकृत वाहन डीलर यानी ADRV system को कानूनी मान्यता दी है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद पुराने वाहनों की बिक्री से जुड़ी लगभग सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी होंगी. अब वाहन ट्रांसफर, दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्रेशन जैसे काम डिजिटल तरीके से होंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी भी बनेगी।


    डीलरों के लिए ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट जरूरी

    नई व्यवस्था के तहत अब जो भी डीलर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करेंगे, उन्हें रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी से ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा. यह सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन के जरिए ही जारी किया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वैध और अधिकृत डीलर ही इस बाजार में काम करें, जिससे ग्राहकों को ठगी का सामना न करना पड़े।


    पांच साल तक मान्य रहेगा सर्टिफिकेट

    डीलरों को मिलने वाला यह ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट पांच साल तक वैलिड रहेगा. इससे उनकी जिम्मेदारी तय होगी और किसी भी तरह के फर्जी लेनदेन पर रोक लगेगी. अगर कोई डीलर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना भी आसान हो जाएगा.


    वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा फायदा

    इस नई डिजिटल व्यवस्था से वाहन मालिकों को बड़ा फायदा होगा. अब वे अपने वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी.


    पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम

    सरकार का यह कदम पुराने वाहन बाजार को संगठित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. ऑनलाइन प्रक्रिया से हर लेनदेन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे विवाद और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी. कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था यूपी में वाहन खरीद-फरोख्त को आसान, तेज और सुरक्षित बनाएगी।

  • बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल

    बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

    हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

    इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

    दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

    प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

  • Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत

    Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत


    पटना।
    बिहार (Bihar) में मौसम (Weather) का मिजाज बदल चुका है। रविवार देर रात कोसी-सीमांचल (Kosi Seemanchal) के जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। पूर्णिया समेत कुछ जिलों में तो ओले भी गिरे। सहरसा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया और अररिया में तेज आंधी कई कच्चे मकानों को गिरा दिया। कई पेड़ गिर गए। इन जिलों में वज्रपात (Thunderstorm) के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में कटिहार के तीन लोग, पूर्णिया और अररिया एक-एक महिला की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने इन घटना पर शोक जताया जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने सभी मृतक के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उत्तर और उत्तर पूर्वी बिहार के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में आंधी और बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने के भी आसार हैं।


    28 अप्रैल को पूरे बिहार में बारिश के आसार

    इधर, दक्षिण बिहार, दक्षिण-पश्चिम बिहार के लिए कोई भी चेतावनी जारी नहीं की गई है। पटना समेत कुछ जिलों में रविवार रात को हवा चलने से गर्मी से राहत जरूर मिली। सोमवार सुबह धूप निकली है लेकिन उतनी तपिश नहीं है। मौसम विभाग ने रोहतास, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, गया समेत कुछ जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 28 अप्रैल को पूरे बिहार में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में भी एक से तीन डिग्री तक कमी आने की संभावना है।


    कहां कितनी बारिश हुई?

    बारिश के प्रमुख आंकड़ों पर नजर डालें तो ठाकुरगंज में 75.4 मिमी, पलासी में 52.4 मिमी, कुर्साकांटा में 38.4 मिमी, बैसा में 32.4 मिमी और कोचाधामन में 30.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा किशनगंज (28.4 मिमी), सिकटी (26.4 मिमी), फॉरबिसगंज (25.4 मिमी) और अररिया (25.2 मिमी) समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।


    कहां कितनी गर्मी पड़ी?

    राज्य में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रोहतास के डेहरी में दर्ज किया गया। पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस से 44.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि, बीते 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो सबसे कम 21.0 डिग्री सेल्सियस अररिया के फॉरबिसगंज में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस से 30.3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और इसमें भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।

  • Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग

    Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) के यादद्री भुवनगिरी ज़िले (Yadadri Bhuvanagiri district) में स्थित अलेर रेलवे स्टेशन के पास चारमीनार एक्सप्रेस (Charminar Express) में आग लग गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना ट्रेन के S5 कोच में हुई, जहां अचानक धुआं उठता देखा गया और कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन जैसे ही अलेर स्टेशन के नज़दीक पहुंची, यात्रियों ने कोच के अंदर धुआं देखा. स्थिति को भांपते हुए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग तत्काल कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. बताया जा रहा है कि ट्रेन को तुरंत रोका गया, जिससे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिला. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अभी इस घटना पर रेलवे की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

    आग कैसे लगी, जांच के बाद ही होगा साफ
    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और स्थानीय राहत दल मौके पर पहुंचे. आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है. कुछ सूत्रों का कहना है कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    ट्रेन में आग की घटना के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. जिनमें कोच से धुआं और आग निकलती दिखाई दे रही है. वहीं ट्रेन में यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि ट्रेन में अचानक आग लग गई. जिससे कोच धुएं से भर गया. घबराए यात्रियों ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई. हालांकि, ट्रेन रुकने से पहले ही कई यात्री कूद गए थे।

  • गुरुग्राम में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगी भीषण आग…. 100 से ज्यादा झुग्गियां जलीं

    गुरुग्राम में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगी भीषण आग…. 100 से ज्यादा झुग्गियां जलीं


    गुरुग्राम।
    हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन (Sikanderpur Metro Station) के पास झुग्गी बस्ती में भीषण आग (Massive Fire in Slum) लग गई. आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने देखते ही देखते झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया. इस भीषण हादसे में सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख हो गईं. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई.

    आग बुझाने के अभियान में सिविल डिफेंस और पुलिस की टीमें भी जुटी हुई हैं. प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. राहत की बात यह है कि अब तक इस आगजनी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

    सिकंदरपुर मेट्रो के पास लगी इस आग से इलाके में भारी अफरातफरी का माहौल बन गया. यातायात पर भी इसका असर पड़ा और आसपास के रास्तों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग बुझने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा. शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

  • कैबिनेटः मंत्रियों के वेतन में 50% कटौती कर 14,000 करोड़ का कर्ज चुकाएगी तेलंगाना सरकार

    कैबिनेटः मंत्रियों के वेतन में 50% कटौती कर 14,000 करोड़ का कर्ज चुकाएगी तेलंगाना सरकार


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) की रेवंत रेड्डी सरकार (Revanth Reddy Government) ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए एक मिसाल पेश की है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के वेतन में 50% की स्वैच्छिक कटौती करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 14,000 करोड़ रुपये के बकाया को 100 दिनों के अंदर निपटाने के लिए एक ठोस एक्शन प्लान को मंजूरी दी है।

    दरअसल, राज्य सरकार वर्तमान में भारी वित्तीय बोझ और लगभग 14,000 करोड़ रुपये की देनदारियों का सामना कर रही है, जिसमें से 8,000 करोड़ रुपये पेंशनभोगियों और 6,200 करोड़ रुपये सेवारत कर्मचारियों के बकाया हैं. पिछली सरकार के समय से रुके इन भुगतानों को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 100 दिनों की एक कार्य योजना तैयार की है. सरकार ने इसके साथ ही केलेश्वरम परियोजना की सीबीआई जांच तेज करने और गच्चीबोवली स्टेडियम को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले भी लिए हैं. संसाधनों की कमी को देखते हुए मंत्रियों ने खुद पहल कर ये वित्तीय योगदान देने का संकल्प लिया है।

    गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने हक के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

    सरकार ने स्पष्ट किया कि जब तेलंगाना राज्य बना था, तब कोई बकाया नहीं था, लेकिन अब ये राशि बहुत बढ़ गई है. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 8,000 करोड़ रुपये के भुगतान को प्राथमिकता देते हुए एक संसाधन जुटाव उप-समिति बनाई गई है. ये समिति कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संघों से बात कर समाधान निकालेगी. मंत्रियों के 50% वेतन कटौती के बाद अब अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी इसी तरह के उपायों पर विचार किया जा सकता है.


    कालेश्वर प्रोजेक्ट

    इसके अलावा कैबिनेट में कई मुद्दों पर चर्चा की और कई फैसले लिए. कैबिनेट ने कालेश्वरम परियोजना पर जस्टिस पी.सी. घोष आयोग की रिपोर्ट और हाई कोर्ट के हालिया फैसले पर भी चर्चा की.

    अदालत ने आयोग की वैधता को बरकरार रखा है. हालांकि, प्रक्रियात्मक कमियों की ओर इशारा किया है. सरकार ने पाया कि सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के नौ महीने बाद भी जांच शुरू नहीं हुई है. अब राज्य सरकार दिल्ली के कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार करेगी और सीबीआई से जांच में तेजी लाने की अपील करेगी.


    गच्चीबोवली स्टेडियम बनेगा स्पोर्ट्स हब

    बैठक में हैदराबाद के गच्चीबोवली स्टेडियम को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया गया है. इसे पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. 76 एकड़ में फैले इस परिसर के 64 एकड़ हिस्से में 21 खेलों के लिए सुविधाएं बनाई जाएंगी. स्टेडियम की क्षमता 20,000 से बढ़ाकर 50,000 की जाएगी और यहां एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी स्थापित होगी. बाकी 12 एकड़ जमीन का व्यावसायिक उपयोग होगा, जिससे होने वाली आय को खेलों और एथलीटों के विकास पर खर्च किया जाएगा।

    इसके अलावा मंथनी निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए कैबिनेट ने चिन्ना केलेश्वरम परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को हरी झंडी दे दी है. इसके लिए 166.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 45,000 एकड़ जमीन को सिंचाई का लाभ मिलेगा. साथ ही मंचेरियल जिले के हाजीपुर में श्रीपदा येल्लमपल्ली परियोजना के पास एक एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित करने के लिए 85.10 एकड़ जमीन आवंटित की गई है.

    RTC कर्मचारियों से अपील
    कैबिनेट ने आरटीसी (RTC) कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने और बातचीत का रास्ता चुनने की अपील की है. डिप्टी सीएम के नेतृत्व में एक आधिकारिक समिति उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार है. इसके साथ ही, जिन प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां नामांकन के माध्यम से शासी निकायों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है. सरकार का ये पूरा रोडमैप वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

  • उत्तराखंड में अगले चुनाव में पुष्कर सिंह धामी ही होंगे CM का चेहरा- BJP अध्यक्ष ने किया ऐलान

    उत्तराखंड में अगले चुनाव में पुष्कर सिंह धामी ही होंगे CM का चेहरा- BJP अध्यक्ष ने किया ऐलान


    देहरादून।
    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (BJP National President Nitin Naveen) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उत्तराखंड (Uttarakhand) में अगले होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ही पार्टी का चेहरा होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भाजपा, मौजूदा नेतृत्व के साथ ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

    भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली में दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पुष्कर सिंह धामी और योगी आदित्यनाथ हमारे मुख्यमंत्री हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। निश्चित रूप से वे ही हमारे चेहरे होंगे। उन्हीं के नेतृत्व में भाजपा आगामी चुनाव में जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस बयान के बाद उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के संबंध में सभी किंतु-परंतु पर विराम लग गया है। हालांकि, बीती 20 मार्च को मंत्रिमंडल विस्तार कर धामी ने नेतृत्व को लेकर लग रही अटकलों का पटाक्षेप कर दिया था, पर अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्पष्ट बयान के बाद तस्वीर बिलकुल साफ हो गई है।


    धामी सरकार की तारीफ

    नवीन ने धामी सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद राज्य में विकास कार्यों पर प्रभावी ढंग से काम किया गया है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की अपनी परिस्थितियां होती हैं। कई चुनौतियां होती हैं। प्रदेश ट्रैक रिकार्ड देखा जाता है। विकास की समीक्षा की जाती है। आमजन के जीवन में क्या बदलाव हुए, उन्हें भी जांचा परखा जाता है। विकास के लिहाज से गुड गवर्नेंस सरकार की यूएसपी होती है। इनमें धामी सरकार बेहतर रूप में आगे बढ़ी है। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में निश्चित तौर पर और बेहतर परिणाम आएंगे।

    सियासी जानकारों की मानें तो सीएम धामी अपनी कार्यप्रणाली से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का विश्वास जीतने में सफल रहे हैं। हाल में उत्तराखंड के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, सभी ने धामी सरकार के कामकाज की सराहना की।

  • आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?

    आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?


    पिथौरागढ़।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) की प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा (Famous Adi Kailash and Om Parvat Yatra) इस साल 1 मई से शुरू होने जा रही है। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। इसके लिए 28 अप्रैल से ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने रास्ते में स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, पेयजल, संचार और सड़कों की मरम्मत के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि यात्रियों को कोई असुविधा ना हो।


    पहली मई से यात्रा, इसी दिन खुलेंगे कपाट

    पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि आदि कैलाश और ओम् पर्वत यात्रा पहली मई से शुरू होगी। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित पवित्र शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


    28 अप्रैल से जारी होंगे परमिट

    जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट की ऑनलाइन प्रक्रिया 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।


    कैसे करें आवेदन?

    प्रशासन की ओर से बताया गया है कि श्रद्धालु पोर्टल के जरिए यात्रा परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि परमिट धारचूला से जारी किए जाएंगे। जिलाधिकारी का मानना था कि इस साल की आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


    पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक

    यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें संबंधित विभागों को यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। यही नहीं यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, दूरसंचार, खाद्यान्न, शौचालय, सुरक्षा और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।


    पीएम के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी

    हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा शुरू करते हैं। हल्द्वानी से आदि कैलाश यात्रा 8 दिन की जबकि टनकपुर से 6 दिन और धारचूला से यात्रा 5 दिन में संपन्न होती है।साल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के भ्रमण से इस यात्रा को बहुत बढ़ावा मिला था। पहले हर साल करीब 2000 श्रद्धालु आदि कैलाश आते थे जबकि 2023 में पीएम मोदी के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या 28 हजार तक पहुंच गई। पिछले साल आंकड़ा 36 हजार को पार कर गया।


    23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

    बता दें कि इस साल 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बद्रीनाथ धाम के पवित्र कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। मंदिर को इस साल खास तौर पर विदेश से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है।