शोणितपुर (असम)। असम के ढेकियाजुली क्षेत्र में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा एक एम्बुलेंस और ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ।


मृतक की पत्नी उपिंदर कौर ने अपनी शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, पिछले कई महीनों से वेयरहाउस टेंडर के आवंटन को लेकर उनके पति पर भारी दबाव बनाया जा रहा था। आरोपी उन पर नियमों के विरुद्ध जाकर अपने पक्ष में टेंडर अलॉट करने का दबाव डाल रहे थे। आरोप है कि पूर्व मंत्री और उनके सहयोगियों ने रंधावा के साथ मारपीट की और उन पर पिस्तौल से वार भी किया। उन्हें इस हद तक अपमानित किया गया कि वे टूट गए।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रंधावा को बंदूक की नोक पर एक झूठा वीडियो बयान रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर किया गया था। रंधावा को धमकाया गया था कि यदि उन्होंने बात नहीं मानी, तो गैंगस्टरों के जरिए उन्हें और उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर आया आखिरी वीडियो
लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रंधावा ने शनिवार तड़के करीब 5:30 बजे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। अपनी मृत्यु से ठीक पहले उन्होंने एक छोटा वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी वीडियो और पत्नी के बयानों को पुलिस ने जांच का मुख्य आधार बनाया है।
विपक्ष ने खोला मोर्चा
इस घटना के बाद पंजाब की विपक्षी पार्टियों ने ‘आप’ सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने रंजीत एवेन्यू स्थित रंधावा के आवास पर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और रविवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। रंधावा की आत्महत्या ने राज्य में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईटानगर राजधानी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक न्येलम नेगा ने बताया कि असम पुलिस ने सूचना दी थी कि आरोपी ने वॉट्सऐप के जरिए मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेजा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पूछताछ के दौरान डोर्नाल ने पुलिस को बताया कि उसने शराब की एक दुकान से पैसे का गबन किया था। जब दुकान मालिक ने उससे हिसाब मांगा, तो उसने असम के मुख्यमंत्री के आधिकारिक ईमेल पर पैसे की मांग करते हुए संदेश भेजा।
इंटरनेट से हासिल किया नंबर
पुलिस ने बताया कि जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने इंटरनेट से एक वॉट्सऐप नंबर हासिल कर मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच के लिए आरोपी को असम पुलिस के हवाले कर दिया गया है। एसपी नेगा ने लोगों से संयम बरतने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का दुरुपयोग या कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नामांकन भर चुके हैं हिमंता
गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। सरमा ने नामांकन के दौरान कहा कि जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उसी के सहारे वे आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने नामांकन से पहले खानापारा वेटरनरी मैदान से कामरूप (मेट्रो) के उपायुक्त कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते में समर्थकों का उत्साह देखने लायक था और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से समर्थन और आशीर्वाद की अपील भी की।
सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहाकि जलुकबाड़ी की जनता उनके परिवार की तरह है और उनके आशीर्वाद से ही वह नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी मां के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए कहा कि व्यस्तता के कारण भले ही वे उनके साथ अधिक समय नहीं बिता पाते, लेकिन उनकी मां का आशीर्वाद उन्हें लगातार असम की सेवा के लिए प्रेरित करता है। सरमा ने धार्मिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहाकि मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के आशीर्वाद से उन्होंने यह नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने इसे अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा बताते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

इतनी बड़ी न्यायिक तैनाती के बावजूद कामकाज में सबसे बड़ी अड़चन भाषा बन रही है। एसआईआर के तहत आने वाले अधिकांश फॉर्म, दस्तावेज व गवाहों के बयान बांग्ला में हैं, जिन्हें दूसरे राज्यों से आए न्यायिक अधिकारी सीधे तौर पर समझ नहीं पा रहे हैं। बाहरी राज्य से आए एक न्यायाधीश ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि रोज सैकड़ों फाइलें देखनी होती हैं, जो बांग्ला में हैं। ऐसे में हर केस को समझने के लिए अनुवाद पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, काम प्रभावित न हो, इसके लिए कई न्यायाधीशों को ट्रांसलेटर खुद रखने पड़ रहे हैं।
फाइलें निपटाने में देरी संभव
न्यायाधीशों के सामने भाषा की चुनौती का सीधा असर प्रक्रिया पर पड़ सकता है। बांग्ला न समझ पाने के कारण फाइलों के अनुवाद पर निर्भरता बढ़ रही है, जिससे मामलों के निपटारे में देरी संभव है। चुनाव आयोग के अनुसार, पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट सोमवार को जारी होगी। इसमें उन वोटरों के नाम शामिल होंगे, जिनके दावे सही पाए गए हैं। फिर अपील और ट्रिब्यूनल प्रक्रिया से अंतिम सूची तैयार होगी।
एसआईआर की यह स्थिति
कुल दावे-आपत्तियां : 60 लाख से अधिक, 27 लाख मामले अब तक निपटाए गए।
हटाए गए नाम : करीब 63 लाख से ज्यादा, 30 लाख मामले पुनर्विचार/विचाराधीन…बड़े पैमाने पर जोड़-घटाव जारी है।

शुक्रवार को ज्यादातर जिलों में दोपहर बाद मौसम में बदला और तेज गति से हवा चलने लगी। मोतिहारी में 10, वाल्मीकिनगर व राजगीर में 8, पूसा में 7 मिलीमीटर बारिश हुई। गया जी, रोहतास सहित 11 जिलों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को कटिहार, किशनगंज और अररिया के एक-दो स्थानों पर 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलने का ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जगहों पर 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी। पटना, गयाजी, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार में बारिश के आसार हैं।
ओएचई पर गिरा पेड़, तीन घंटे तक रेल परिचालन बाधित
तेज आंधी और बारिश के कारण शुक्रवार की शाम करीब सात बजे मोकामा के शिवनार हॉल्ट के समीप ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) पर पेड़ गिर गया। इस कारण मोकामा-दानापुर रेलखंड की अप लाइन पर करीब तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुक गई। कई यात्रियों की गंगा दामोदर, साउथ बिहार सहित कई कनेक्टिंग ट्रेनें भी छूट गईं। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं
शुक्रवार की शाम सात बजे मोकामा-दानापुर रेलखंड के शिवनार हॉल्ट के निकट ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) के ऊपर एक पेड़ गिर गया। इसकी वजह से लगभग सात से 10 बजे तक अपलाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। इस दौरान औटा हॉल्ट पर टाटा-बक्सर एक्सप्रेस, सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस, किऊल जंक्शन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस, जमुई जंक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं। मोकामा के टीआरडी टेक्निशन ने करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर हटाया। इसके बाद ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर को सीधा कर रात 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया।
सहरसा-पटना इंटरसिटी में सवार सुप्रिया सुमन ने बताया कि वह सहरसा से पटना जा रही थीं। औंटा हॉल्ट के आगे लगभग चार घंटे से ट्रेन रुकी रही। इस दौरान एसी को बंद कर ब्लोअर चला दिया गया, जिस कारण कोच में घुटन होने लगी। खाना और पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन अंधेरा होने के कारण कहीं भी कुछ नहीं मिला। शनिवार को ईद की छुट्टी और रविवार के अवकाश के कारण ज्यादातर नौकरी करने वाले लोग अपने-अपने घर जा रहे थे। इस दौरान कई लोगों को कनेक्टिंग ट्रेन से झारखंड भी जाना था, लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई। ट्रेन में पानी खत्म हो गया था। इस कारण शौचालय जाने में भी लोगों को समस्या हो रही थी। पुरुष तो ट्रेन से उतरकर इधर-उधर चले जा रहे थे, लेकिन महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मोकामा रेलवे स्टेशन के प्रभारी प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि शिवनार हॉल्ट के पास तेज आंधी और पानी के कारण ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर के ऊपर एक पेड़ गिर गया। टीआरडी टेक्नीशियन ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ काटकर हटाया। इसके बाद रात करीब 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ।

पार्टी की ओर से जारी सूची:
1.कोकराझार (3) (अनुसूचित जनजाति) : मनिक ब्रह्मा
2.बाओखुंगग्री (4) : सपाली माराक
3.परबतझोरा (5) : अशराफुल इस्लाम शेख
4.धुबरी (8) : बेबी बेगम
5.जलेस्वर (12) : आफताब उद्दीन मोल्लाह
6.अभयापुरी (16) : प्रदीप सरकार
7.सिदली चिरांग (19) (अनुसूचित जनजाति) : मातिलाल नरजारी
8.चेंगा (23) : अब्दुर रहीम अहमद
9.पाकाबेटबारी (25) : जाकिर हुसैन सिकदार
10.बक्सा (42) (अनुसूचित जनजाति) : जगदीश मदाई
11.तामुलपुर (43) (अनुसूचित जनजाति) : रफी डैमारी
12.उदालगुड़ी (46) (अनुसूचित जनजाति) : सोरेन डैमारी
13.लाहरीघाट (53) : डॉ. आसिफ मोहम्मद नजर
14.नागांव-बतरद्राबा (60) : डॉ. दुरलव चमुआ
15.नदुआर (69) : सुनील चेत्री
16.रोंगोनादी (74) : जयोन्तो खौंड
17.लखीमपुर (76) : घना बुरागोहैं
18.धकुआखाना (77) (अनुसूचित जनजाति) : आनंद नाराह
19.माकुम (85) : सिबनाथ चेतिया
20.खुमताई (106) : रोसेलिना तिर्की
21.होवारघाट (109) (अनुसूचित जनजाति) : संजीब टेरोन
22.अल्गापुर-कटलीचेड़ा (122) : जुबैर अनाम मजूमदार

वहीं, नगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने अपने इस्तीफे पत्र में दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि अत्यंत दुख के साथ, मैं आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं। बता दें कि दोनों इस्तीफा असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जब पार्टी के अंदर टिकट वितरण और उम्मीदवार चयन को लेकर गहरी नाराजगी और अंतर्कलह सामने आ रही थी। बोरदोलोई ने हाल ही में पार्टी के असम प्रभारी और अन्य नेताओं को पत्र लिखकर लाहोरीघाट विधानसभा सीट के संभावित उम्मीदवार को लेकर गंभीर आपत्ति जताई थी और इस्तीफे की धमकी भी दी थी।
इस्तीफे में तालुकदार ने क्या लिखा है?
दूसरी ओर अपने इस्तीफे में तालुकदार ने साफ-साफ कहा है कि मैं नवज्योति तालुकदार तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद, एआईसीसी सदस्य पद तथा प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। इसे इस मामले पर मेरा अंतिम संदेश समझें। मुझे उम्मीद है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा और मेरी सभी जिम्मेदारियां बिना देरी के समाप्त कर दी जाएंगी। बता दें कि यह घटना भूपेन कुमार बोराह के बाद कांग्रेस के लिए बैंक टू बैक तीसरा बड़ा झटका है। फरवरी में एपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोराह ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।
बता दें कि चुनाव आयोग ने रविवार को असम विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। प्रदेश की सभी 126 सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा-नीत एनडीए सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस सत्ताधारी दल को हराकर सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरी है। 2021 के चुनाव में एनडीए (भाजपा, एजीपी और यूपीपीएल) ने 75 सीटें जीती थीं, जिसमें भाजपा अकेले 60 सीटों पर काबिज हुई थी। कांग्रेस और एआईयूडीएफ सहित महागठबंधन को मात्र 16 सीटें मिली थीं। 2016 में भाजपा ने 60 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 26 और एआईयूडीएफ को 13 सीटें प्राप्त हुई थीं।

इसके कुछ देर बाद ही दमकल की दो बड़ी गाड़ियां और एचपीसीएल की टीम के साथ जिलाधिकारी अनुनय झा और एसपी एके मीणा भी मौके पर पहुंचे। गैस रिसाव की वजह से इलाके की बिजली काटकर दोनों ओर का यातायात रोक दिया गया।
एचपीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में सवायजपुर से बावन और हरदोई होते हुए बम्हनाखेड़ा मुख्य यूनिट तक गैस पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसी लाइन की टेस्टिंग के लिए दोपहर तीन बजे पीएनजी गैस की सप्लाई चालू की गई। शाम तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा लेकिन रात 9:30 के आसपास बावन-हरदोई मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के नजदीक के चैंबर से धमाके के साथ गैस का रिसाव हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि गैस 35 बार के प्रेशर से छोड़ी गई थी। हादसा कैसे और क्यों हुआ इसकी जांच कराई जा रही है। फिलहाल पेट्रोल पंप के दोनों ओर के दूसरे चैंबरों की सप्लाई बंद करा दी गई है। वहीं, एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में किया जा सका। लीकेज की जांच एचपीसीएल के अलावा प्रशासन की टीम भी कराएगी। फिलहाल किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ और हालात देर रात 11:30 बजे तक सामान्य हो गए थे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक अक्तूबर से दिसंबर 2025 के बीच उन्होंने दहेज हत्या से जुड़े 510 नियमित जमानत मामलों में फैसला सुनाया। इनमें से 508 मामलों में उन्होंने आरोपी को जमानत दे दी। यह कुल मामलों का लगभग 99.61 प्रतिशत है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में इन जमानत आदेशों की भाषा, फैसले की संरचना और जमानत राशि भी लगभग एक जैसी पाई गई, जबकि अलग-अलग मामलों में पीड़ितों की मौत की परिस्थितियां अलग-अलग थीं।
रिपोर्ट में क्या?
रिपोर्ट के मुताबिक इन आदेशों में लगभग आधे मामलों में जस्टिस भाटिया ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह लगे कि मृत्यु से ठीक पहले दहेज के कारण प्रताड़ना हुई थी। जांच में पाया गया कि 340 मामलों में मृत्यु का कारण फांसी बताया गया। 27 मामलों में जहर खाने, 16 में गला घोंटने, 11 में जलने की चोट, 7 में दबाकर मारने और 7 में सिर पर चोट लगने का उल्लेख था। 4 मामलों में डूबने से मृत्यु दर्ज की गई। वहीं केवल 10 मामलों को छोड़कर बाकी सभी में अदालत ने कहा कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
इससे पहले बीते 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस भाटिया के फैसलों पर नाराजगी जताई थी। याचिका में जस्टिस भाटिया द्वारा 10 अक्टूबर, 2025 को दी गई जमानत को चुनौती दी थी। HC ने उस मामले में दहेज हत्या के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दी थी। आरोपी 27 जुलाई, 2025 से जेल में था और जमानत याचिका के अनुसार उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं था।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए टिप्पणी की, “10 अक्टूबर, 2025 का विवादित आदेश अब तक के सबसे चौंकाने वाले और निराशाजनक आदेशों में से एक है।” शीर्ष न्यायालय ने सवाल उठाया कि दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराध में आरोपी के पक्ष में फैसला सुनाते समय उच्च न्यायालय ने किन बातों को आधार बनाया। कोर्ट ने जमानत आदेश को रद्द करने के बाद निर्देश दिया कि जमानत आदेश पारित करने के तरीके के संबंध में समीक्षा के लिए निर्णय की एक प्रति इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजी जाए।
CJI के पास पहुंचे थे जस्टिस भाटिया
इसके बाद जस्टिस भाटिया ने उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि वह भविष्य में जमानत संबंधी मामलों की सुनवाई नहीं करना चाहते और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि उन्हें ऐसे मामले सुनवाई के लिए आवंटित ना किए जाएं। उन्होंने कहा था कि उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का उन पर बहुत निराशाजनक और हतोत्साहित करने वाला प्रभाव पड़ा है।

राजग नेताओं काे वाेट देने कब आना है,कैसे और किसकाे किसके लिए वाेट करना है सहित अन्य बाताें काे समझाया गया। वहीं राष्ट्रीय जनता (राजद) ने अपने समर्थन के विधायकाें काे हाेटल पनाश में ठहराया है। रविवार देर शाम तेजस्वी यादव एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान के आवास पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए।
राजग जहां अपने संख्या बल के आधार पर चार सीटों पर जीत सुनिश्चित मान रहा है। वहीं पांचवीं सीट को लेकर राजद और राजग दोनों खेमों में रणनीतिक गणित और सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है।
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। 202 विधायक होने से राजग खेमे की स्थिति मजबूत है और 4 सीट आसानी से जीत सकते हैं। पांचवीं सीट के लिए 38 विधायकों का समर्थन है ऐसे ओं उन्हें 3 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होगी।
जबकि विपक्षी खेमे की स्थिति काे देखा जाये ताे राजद के 25 विधायक, कांग्रेस के 6 विधायक, वाम दल के 3 विधायक, आईपीपी के 1 विधायक है। राजद काे 6 विधायकाें की आवश्यकता है। इसके लिए राजद की ओवैसी की पार्टी का समर्थन के लिए सकारात्मक बातचीत हुई है। बसपा के भी एक विधायक का समर्थन पाने की उम्मीद में है।
एआईएमआईएम के निमंत्रण पर तेजस्वी यादव रविवार की शाम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान के आवास पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि ओवैसी के पांचों विधायक कल महागठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में वोट कर सकते हैं। अब देखना है कि कौन सियासी बाजी मारता है? इस प्रकार पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
बिहार विधानसभा में संख्या बल के साथ साथ यदि राजद और राजग दोनों खेमों में जातीय समीकरण काे देखा जाये ताे एनडीए काे इसके लिए भी खास तैयारी करनी हाेगी। जदयू से उम्मीदवार नीतीश कुमार कुर्मी जाति से आते हैं, जबकि रामनाथ ठाकुर नाई समुदाय से हैं। भाजपा के उम्मीदवार नितिन नवीन कायस्थ जाति से हैं और शिवेश कुमार दलित समाज से आते हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा कुशवाहा समुदाय से हैं। ऐसे में राजग के पांच उम्मीदवारों में कोई भी सवर्ण चेहरा नहीं है।
जबकि राष्ट्रीय जनता (राजद) ने राज्यसभा के लिए एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जो जाति से भूमिहार हैं। बिहार विधानसभा में एनडीए के भीतर भी बड़ी संख्या में भूमिहार विधायक हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंगकी आशंका काे राजनीति में पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता। सत्तारूढ़ गठबंधन में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ विधायक स्वजातीय उम्मीदवार होने के कारण राजद उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।
जदयू भाजपा दलों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजग ने अंदरूनी स्तर पर एक रणनीति बनाई है। इसके तहत जदयू के भूमिहार विधायकों से कहा गया है कि वे नीतीश कुमार को वोट दें, जबकि भाजपा के भूमिहार विधायक नितिन नवीन को वोट करेंगे। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए एनडीए क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम करना चाहता है।
पूर्व मंत्री और भाजपा नेता जीवेश मिश्रा ने कहा कि हम लोग बिहार को रफ्तार दे रहे हैं और तेजस्वी यादव इफ्तार में लगे हुए है, यही अंतर हैं हममें और तेजस्वी यादव में। कल राज्यसभा का चुनाव होने वाला है। कल के इलेक्शन में राजग की जीत तय है।
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि राजग के सभी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित है। वोट खराब ना हो इसे लेकर विधायकों को बताया गया है कि कैसे वोटिंग करना है। राजद के होटल पनाश में विधायकाें काे रहने के लिए 40 कमरा बुक कराये जाने पर मदन सहनी ने कहा कि वैसे ही वोट कम रहा है उनका 40 कमरा के बजाय 41 कमरा बुक करते तो कुछ कहा भी जा सकता है।
तेजस्वी का कहना था कि अख्तरूल इमान के निमंत्रण के बाद आज हम इफ्तार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। कल होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए ओवैसी की पार्टी से हमलोगों ने समर्थन मांगा है। कल के चुनाव में हम सभी सेक्यूलर दल मिलकर भाजपा के लोगों को परास्त करेंगे और चुनाव जीतेंगे।