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  • ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री और AAP नेता आमने-सामने: भू-माफिया संरक्षण के आरोप पर बंगले के बाहर गरमाया माहौल

    ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री और AAP नेता आमने-सामने: भू-माफिया संरक्षण के आरोप पर बंगले के बाहर गरमाया माहौल


    ग्वालियर। ग्वालियर में गुरुवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता रोहित गुप्ता के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला मंत्री के रेस कोर्स रोड स्थित बंगले के बाहर उस समय गरमा गया जब AAP नेता ने मंत्री पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया। दोनों के बीच हुई बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार AAP नेता रोहित गुप्ता एडवोकेट गुरुवार दोपहर ओबीसी महासभा के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार के साथ ऊर्जा मंत्री के बंगले पर पहुंचे थे। उनका आरोप था कि गांधीनगर क्षेत्र में मंत्री के करीबी गुड्डू उर्फ गौरव बाजपेयी ने पानी की टंकी के पास स्थित विजय कुमार के फ्लैट पर अवैध कब्जा कर रखा है। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

    बताया गया कि जब रोहित गुप्ता ने मंत्री से इस मुद्दे पर सवाल उठाए तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इस दौरान मंत्री कथित तौर पर नाराज हो गए और कहा, “तुम्हारी औकात क्या है, बकवास मत करो। मुझे शिकायत करने क्यों आए हो, मैं कोई कार्रवाई नहीं करवाऊंगा।” घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी बातचीत का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पीड़ित विजय कुमार का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस थाना, कलेक्टर, आईजी और डीआईजी सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। इसके अलावा उन्होंने ऊर्जा मंत्री को भी कई बार आवेदन देकर मदद की मांग की, लेकिन अब तक फ्लैट खाली नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि आरोपी मंत्री के नाम का डर दिखाकर उन्हें लगातार धमका रहा है।

    घटना के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पीड़ित से माफी नहीं मांगते और फ्लैट को कब्जे से मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम ने ग्वालियर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • भोपाल में 'दोस्ती' की खूनी सजा: सेल्समैन का अपहरण कर बेल्ट-डंडों से पीटा, अधमरा कर अस्पताल में फेंका

    भोपाल में 'दोस्ती' की खूनी सजा: सेल्समैन का अपहरण कर बेल्ट-डंडों से पीटा, अधमरा कर अस्पताल में फेंका


    भोपाल। राजधानी के कोलार क्षेत्र में आपसी रंजिश और गैंगवार जैसी मानसिकता ने एक 22 वर्षीय युवक की जान जोखिम में डाल दी। गारमेंट्स शॉप में काम करने वाले दिनेश अहिरवार को सिर्फ इसलिए अगवा कर बेरहमी से पीटा गया क्योंकि वह बदमाशों के दुश्मन का दोस्त था। आरोपियों ने न केवल उसे मरणासन्न स्थिति में पहुंचाया, बल्कि पकड़े जाने के डर से ‘एक्सीडेंट’ की झूठी कहानी रचकर उसे अस्पताल छोड़ दिया।
    बांसखेड़ी पुलिया से ‘किडनैपिंग’ और 2 घंटे का टॉर्चर घटना 4 मार्च 2026 की दोपहर की है। दिनेश जब बांसखेड़ी पुलिया के पास से गुजर रहा था, तभी निक्की शुक्ला, आकाश प्रजापति और उनके 5-6 साथियों ने उसे घेर लिया।बदमाशों ने चिल्लाकर कहा, तू विशु शर्मा के साथ क्यों घूमता है? उससे हमारी पुरानी रंजिश है, अब उसकी दोस्ती का खामियाजा तुझे भुगतना होगा। बर्बरता: आरोपी उसे जबरन कार में डालकर सोम्या ग्रीन सिटी के पास एक सुनसान इलाके में ले गए।
    वहां करीब दो घंटे तक उसे लाठी, डंडों और बेल्ट से तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। मारपीट इतनी भीषण थी कि दिनेश की उंगलियां फ्रैक्चर हो गई और पूरा शरीर नीली चोटों से भर गया। शातिर दिमाग: पिटाई के बाद रचा ‘एक्सीडेंट’ का ड्रामा जब दिनेश बेहोश हो गया, तो आरोपी घबरा गए। खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक शातिर चाल चली वे दिनेश को कोलार रोड स्थित सीएचसी अस्पताल ले गए। दिनेश के ही मोबाइल से उसकी बहन शिवानी को फोन किया और झूठ बोला कि तुम्हारे भाई का एक्सीडेंट हो गया है, जल्दी अस्पताल पहुंचो।
    परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो वहां दिनेश लहूलुहान हालत में मिला, जिसके बाद सच्चाई सामने आई। पुलिसिया कार्रवाई: पुराने बदमाशों पर शिकंजा कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी के अनुसार, दिनेश के बयानों के आधार पर निक्की शुक्ला, आकाश, तिलक, दिव्यांशु, नन्नू, अजय और अमन प्रजापति के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। तलाश जारी: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। “यह घटना भोपाल में बढ़ते ‘स्ट्रीट क्राइम’ और बेखौफ बदमाशों की बानगी है, जहां किसी से दोस्ती रखना भी अब जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस के लिए इन आदतन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना एक बड़ी चुनौती है।”
  • दूसरे बच्चे के जन्म पर पेरेंट्स को मिलेंगे 25 हजार रुपये… इस राज्य के CM की बड़ी घोषणा

    दूसरे बच्चे के जन्म पर पेरेंट्स को मिलेंगे 25 हजार रुपये… इस राज्य के CM की बड़ी घोषणा


    अमरावती।
    गिरते प्रजनन दर (Falling Rertility Rates) की समस्या को निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने बड़ा ऐलान किया है।गिरते प्रजनन दर (Falling Rertility Rates) की समस्या को निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने बड़ा ऐलान किया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister N. Chandrababu Naidu) ने गुरुवार को कहा है कि राज्य सरकार गिरती जन्म दर को बढ़ावा देने के लिए दूसरे बच्चे के जन्म पर दंपतियों को 25,000 रुपए की सौगात देने पर विचार कर रही है।

    चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य आंध्र प्रदेश की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) को वर्तमान 1.5 से बढ़ाकर 2.1 करना है। नायडू ने कहा, “हम एक नए तरीके पर विचार कर रहे हैं। हम दूसरे या उसके बाद होने वाले बच्चे के लिए माता-पिता को प्रसव के समय ही 25,000 रुपए देंगे। यह एक बड़ा बदलाव होगा। अगर हम ऐसा कर पाते हैं, तो यह बहुत उपयोगी होगा।”

    मुख्यमंत्री ने आगे जनसंख्या प्रबंधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कई देश बढ़ती उम्र वाली आबादी के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मार्च के अंत तक जनसंख्या प्रबंधन नीति लाने और अप्रैल से इसे लागू करने की योजना बना रही है।

    अमरावती में ‘क्वांटम वैली’ बनाने की योजना
    इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया है कि राज्य में 20 महीनों में 6.28 लाख नौकरियों का सृजन हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए काम कर रही है और विशाखापत्तनम, अमरावती और तिरुपति को आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “आंध्र प्रदेश का लक्ष्य 2047 तक 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।” उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम सूचना प्रौद्योगिकी और जीसीसी के लिए एक हब के रूप में उभरने को तैयार है। अमरावती में ‘क्वांटम वैली’ जैसा इकोसिस्टम बन रहा है। तिरुपति को अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। गूगल और टाटा-टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियां विशाखापत्तनम आई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्सेलर मित्तल एक स्टील प्लांट लगा रहा है।

  • उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में होली के दूसरे दिन फाग उत्सव बड़े भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भजन-कीर्तन के बीच फूलों और गुलाल से होली खेली। भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की शिक्षा स्थली पर श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए उत्सव का आनंद लिया।

    आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन की मधुर धुनें गूंजती रहीं। “रंग मत डाले रे कान्हा”, “जुल्म कर डारयो सितम कर डारयो” और “आज ब्रज में होली रे रसिया” जैसे भजनों पर महिलाएं झूमती और नाचती नजर आईं। भक्ति संगीत के बीच पूरा आश्रम परिसर उत्सवमय हो गया और श्रद्धालु भगवान की भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।

    उज्जैन को महाकाल की नगरी और भक्ति भाव की नगरी कहा जाता है। यहां अनेक प्राचीन मंदिर और धार्मिक परंपराएं हैं, जिनमें होली का पर्व भी विशेष तरीके से मनाया जाता है। सांदीपनि आश्रम में आयोजित यह फाग उत्सव इन्हीं प्राचीन परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    कीर्ति व्यास ने बताया कि होली का पर्व रंगपंचमी तक पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसी परंपरा के तहत दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ फूलों और गुलाल से होली खेली जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु भी आश्रम पहुंचते हैं और भजन-कीर्तन के बीच फाग उत्सव का आनंद लेते हैं।

    कमला देवी व्यास ने आगे कहा कि सांदीपनि आश्रम में हर साल फाग उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगकर इस आयोजन में शामिल होते हैं। यह उत्सव प्रतिवर्ष बड़े आनंद और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

  • J&K: खामेनेई की मौत के बाद जारी प्रदर्शनों के बीच घाटी में तनावपूर्ण शांति, स्कूल-कॉलेज 7 मार्च तक बंद

    J&K: खामेनेई की मौत के बाद जारी प्रदर्शनों के बीच घाटी में तनावपूर्ण शांति, स्कूल-कॉलेज 7 मार्च तक बंद


    जम्मू।
    ईरान के सर्वोच्च नेता (Iran’s Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की हमले में मौत के विरोध में कश्मीर (Kashmir) में जारी प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को तनावपूर्ण शांति रही। पाबंदियां लागू रहीं तो शिक्षण संस्थान बंद रहे। घाटी में स्कूल-कॉलेज की दो दिन की बंदी को एहतियात के तौर पर बढ़ाकर सात मार्च तक कर दिया गया है। राजोरी और पुंछ में बंद शांतिपूर्ण रहा। लद्दाख के कारगिल के बाजार भी बंद रहे।

    मंगलवार को श्रीनगर के सिविल लाइन इलाके में कुछ दुकानें खुली दिखीं और सड़कों पर वाहन चलते नजर आए। डाउनटाउन और शिया बहुल इलाकों में प्रदर्शन हुए। लाल चौक पर घंटा घर को अभी सील ही रखा गया है। इसके चारों ओर बैरिकेड लगे हुए हैं। शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को भी प्रतिबंध जारी रहेंगे। इंटरनेट सेवाएं भी बाधित रहेंगी। पुलिस ने लोगों से हिंसा और उकसावे से बचने की अपील की है।

    राजोरी शहर व आसपास के इलाकों में मुस्लिम संगठनों ने दुकानें बंद रखीं। पहाड़ी इलाकों में भी मुस्लिम समुदाय की ही दुकानें बंद रहीं। पुलिस की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रही। कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पुंछ पूरी तरह से बंद रहा। इस दौरान हिंदू-सिख के धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया।

    शांति बनाए रखना और समाज की तरक्की को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। अफसर हाई अलर्ट पर रहें। शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाए। -मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल

    कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों से गुजारिश है कि वे संयम रखें। गुस्सा-नाराजगी, दुख-दर्द का इजहार करें लेकिन कानून हाथ में न लें। -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री

  • बॉम्बे HC का बड़ा आदेश….हिन्दू श्मशान में दफनाए गए मुसलमान के शव को निकालने का दिया आदेश

    बॉम्बे HC का बड़ा आदेश….हिन्दू श्मशान में दफनाए गए मुसलमान के शव को निकालने का दिया आदेश


    नागपुर।
    मृत्यु के बाद भी गरिमा का संवैधानिक अधिकार (Constitutional Right After Death) बना रहता है, इस बात की पुष्टि बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने की है। हाई कोर्ट ने नागपुर (Nagpur) के एक हिंदू श्मशान घाट में गलती से दफनाए गए एक मुस्लिम व्यक्ति के शव को कब्र से निकालने का आदेश दिया। ट्रेन दुर्घटना के बाद मृतक को शुरू में अज्ञात माना गया था। हाई कोर्ट की नागपुर बेंच के न्यायमूर्ति अनिल किलोर और राज वाकोडे की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिका मृतक के भाई जावेद खान ने दायर की थी। हाई कोर्ट ने नागपुर ग्रामीण के तहसीलदार और उप-विभागीय अधिकारी के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें पहले शव को कब्र से निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।

    अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागपुर नगर निगम की देखरेख में घाट रोड स्थित मोक्षधाम घाट से साजिद खान का शव निकाला जाए। शव याचिकाकर्ता को सौंप दिया जाए ताकि इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा सके।


    25 जनवरी को नागपुर से लापता हुए थे साजिद खान

    मालेगांव निवासी साजिद खान 25 जनवरी को ताजुद्दीन बाबा के उर्स में शामिल होने के लिए दो मित्रों के साथ नागपुर गए थे। वे 26 जनवरी को लापता हो गए और बाद में बुटीबोरी के पास उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पहचान तुरंत न हो पाने के कारण पुलिस ने शव को अज्ञात मानकर हिंदू श्मशान घाट मोक्षधाम घाट में दफना दिया।


    स्थानीय अधिकारियों ने आवेदन किया खारिज

    पुलिस से पूछताछ के बाद याचिकाकर्ता ने अधिकारियों द्वारा दिखाई गई तस्वीरों के माध्यम से शव की पहचान की। उसके बाद शव को निकालने की अनुमति मांगी ताकि मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कब्रिस्तान, बड़ा ताजबाग में अंतिम संस्कार किया जा सके। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और उन्हें सक्षम न्यायालय से आदेश प्राप्त करने का निर्देश दिया।


    बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

    अदालत ने माना कि इस तरह के इनकार का कोई औचित्य नहीं था। हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार की न्यायिक व्याख्या में गरिमा के अधिकार को भी शामिल किया गया है, जो मृत्यु के बाद भी लागू रहता है। न्यायालय ने आश्रय अधिकार अभियान बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए टिप्पणी की।

    अनुच्छेद 25 धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, जिसमें आवश्यक धार्मिक अनुष्ठान करने का अधिकार भी शामिल है। इस न्यायालय के समक्ष ऐसा कोई वैधानिक निषेध नहीं दिखाया गया है जो कानूनी पर्यवेक्षण के तहत शव निकालने पर रोक लगाता हो।- बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच


    बॉम्बे हाई कोर्ट अनुच्छेद 14, 21 और 25 का जिक्र

    पूर्व प्रशासनिक आदेशों को अस्पष्ट बताते हुए, न्यायालय ने फैसला सुनाया कि परिवार को शव की अभिरक्षा से वंचित करना अनुच्छेद 14, 21 और 25 के तहत संवैधानिक संरक्षणों का उल्लंघन होगा। पीठ ने नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक और बुटीबोरी पुलिस को शव निकालने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि शव मृतक के भाई को सौंप दिया जाए।

  • Bihar: सीमांचल में अबैध घुसपैठ, जाली नोट, नशा-तस्करी के खिलाफ चलेगा बड़ा ऑपरेशन…

    Bihar: सीमांचल में अबैध घुसपैठ, जाली नोट, नशा-तस्करी के खिलाफ चलेगा बड़ा ऑपरेशन…


    पटना।
    बिहार (Bihar) के सीमांचल में अवैध घुसपैठ (Illegal Intrusion) के साथ ही भारतीय जाली नोट, मानव व्यापार और नशे के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के तीन दिवसीय दौरे के बाद केन्द्रीय एजेंसियां समेकित रूप से इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने में जुट गयी हैं। अभियान में एसएसबी, बीएसएफ, आईटीबीपी, एनआईए, ईडी, आईबी सहित स्थानीय प्रशासन और बिहार पुलिस का आपसी सहयोग रहेगा।

    दरअसल, केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि नेपाल से जुड़े बिहार के सीमाई इलाकों में अवैध घुसपैठ के साथ ही जाली भारतीय नोट, मानव व्यापार और नशीली दवाओं की तस्करी का बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। यह नेटवर्क भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन भी बिगाड़ रहा है। इसके लिए केन्द्रीय एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश मिला है। सूत्रों के मुताबिक एसएसबी, आईबी, बीएसएफ और आईटीबीपी को इंटेलिजेंस शेयरिंग कर तस्करी रूटों के लाइव मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मिली है।

    एनआईए और ईडी जाली नोट, नारकोटिक्स और मानव व्यापार के नेटवर्कों की बड़े स्तर पर जांच करेंगे। इसमें बिहार पुलिस का भी सहयोग मिलेगा। बैठक के बाद केन्द्रीय एजेंसियां इन नेटवर्क के अहम कड़ियों की पहचान और इसके फंडिंग पैटर्न को समझने में जुटी है।


    मदरसों की फंडिंग और चीनी भाषियों पर नजर

    केन्द्रीय बल और जांच एजेंसियों की सीमाई क्षेत्रों के मदरसों की विदेशी फंडिंग पर भी नजर है। संदिग्ध मदरसों के फंडिंग की जांच कराने का निर्देश है। खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि सीमाई क्षेत्र में चीनी भाषा सीखने-सिखाने वाले कई संस्थान खुल गए हैं। पहले इन संस्थानों को सिर्फ शैक्षिक इकाई के रूप में देखा जाता था, लेकिन, अब चीनी इंफ्लुएंसर्स की पहचान करते हुए उनके बैकग्राउंड को खंगाला जा सकता है। आशंका है कि जासूसी या सॉफ्ट वारफेयर के लिए चीनी भाषा प्रभावित लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीमा से सटे इलाके में सुनियोजित रूप से कई अवैध बस्तियां बसाये जाने की सूचना मिली है। केन्द्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर अब सीमा क्षेत्र के अंदर 10 किमी तक ऐसी अवैध बस्तियों को हटाया जाएगा। बॉर्डर इलाके में रोहिंग्याओं की बढ़ी हुई सक्रियता को देखते हुए किशनगंज इलाके में सैन्य संगठनों की तैनाती बढ़ाने पर भी विचार हो रहा है।

  • SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे

    SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे


    कोलकाता।
    आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस प्रक्रिया में करीब 63 लाख 66 हजार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि ड्राफ्ट सूची में दर्ज सात करोड़ 66 लाख मतदाताओं की संख्या अब सात करोड़ चार लाख रह गई है।

    अग्रवाल ने विस्तार से कहा, “विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण में ड्राफ्ट सूची से तीन लाख 75 हजार मतदाता हटाए गए, जबकि एक लाख 82 हजार नए मतदाता शामिल किए गए। इसके अलावा 60 लाख मतदाता ‘विचाराधीन’ श्रेणी में हैं, जिनके मताधिकार पर स्थानीय न्यायिक अधिकारी निर्णय लेंगे।”

    उन्होंने इस विशाल अभियान में हुई छोटी-मोटी गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि आयोग ने तुरंत सुधार किया। दिसंबर में जारी ड्राफ्ट सूची से पहले ही 58 लाख से अधिक नाम हटा चुके थे, और ‘विचाराधीन’ नामों के फैसले के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।

    प्रक्रिया में कुल सात करोड़ आठ लाख लोगों ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किया था, जिनमें से एक करोड़ 50 लाख से अधिक मतदाताओं, जिनमें तार्किक विसंगतियों और अननियोजित श्रेणी वाले शामिल थे, की विभिन्न केंद्रों पर सुनवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर से सभी जिलों में मतदाता सूची की भौतिक प्रतियां वितरित हो रही हैं, और शाम तक यह ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी।

    ममता बनर्जी के भवानीपुर क्षेत्र में 47 हजार नाम हटे

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र (कुल एक लाख 61 हजार मतदाता) से 47 हजार 111 अनुपस्थित-स्थानांतरित-मृत-डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। साथ ही 14 हजार 154 नाम ‘विचाराधीन’ हैं, जिनका फैसला न्यायिक अधिकारियों को करना है। अप्रैल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के लिए गंभीर चुनौती है। ममता ने हाल ही में स्थानीय नेताओं, बूथ स्तरीय एजेंटों और कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें की हैं।

    शुभेंदु के विधानसभा में कटे 11 हजार नाम

    वहीं, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से करीब 11 हजार नाम हटे। 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने ममता को महज 1900 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। कोलकाता उत्तर जिले से चार लाख से अधिक और कोलकाता दक्षिण (भवानीपुर सहित) से दो लाख 15 हजार नाम हटाए गए। कुल मिलाकर दो प्रमुख कोलकाता जिलों से छह लाख से अधिक मतदाता सूची से बाहर हो गए।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप

    केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री व पूर्व बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मीडिया से कहा, “अभी तक हटे 65 लाख नामों में 24 लाख मृत मतदाता हैं। तृणमूल कांग्रेस इन मृत वोटरों के नाम पर झूठे वोट डलवाकर चुनाव जीतती रही है। इस बार सत्ताधारी दल की यह मशीनरी फेल हो जाएगी।” भाजपा ने इसे स्वच्छ चुनाव की दिशा में बड़ा कदम बताया।

    उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 से शुरू हुई यह तीन माह की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरे राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, सड़क प्रदर्शनों और अदालती लड़ाइयों के बीच संपन्न हुई। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना था, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हों। निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

  • राजस्थान के बालोतरा में भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत

    राजस्थान के बालोतरा में भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत


    जोधपुर/बालोतरा।
    जोधपुर संभाग के बालोतरा जिले के सरवड़ी गांव में नेशनल हाईवे-25 पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए, जिन्हेें बाद में जोधपुर रेफर किया गया। बस में ज्यादातर सवारियां जालोर और सांचौर की थीं। ट्रेलर-स्लीपर बस भिड़ंत इतनी भीषण थी कि बस का ड्राइवर साइड की तरफ का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बस में सवार यात्रियों के शव लटके नजर आए। तीन और छह साल के दो सगे भाइयों के सिर धड़ से अलग हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    हादसे में सांचौर निवासी अनुशा (22) पुत्री भगवाना राम दाता और जोधपुर में वाणिज्य कर विभाग में एलडीसी के पद पर तैनात नरपत (30) पुत्र सदराम की भी मौत हो गई। दोनों होली की छुट्टी पर गांव आ रहे थे। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां से 8 घायलों को जोधपुर रेफर कर दिया गया। शवों को बालोतरा के नाहटा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया।

    बालोतरा एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि हादसा शाम चार बजे का है। बस जोधपुर से सांचौर की ओर जा रही थी, जबकि ट्रेलर जोधपुर की ओर आ रहा था। बस ड्राइवर आगे चल रही दो गाडिय़ों को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर से ड्राइवर साइड का हिस्सा टकरा गया।

    हादसे में मृत 5 लोगों की पहचान नरपत (50) निवासी चितलवाना (जालोर), नगाराम (38) निवासी सायला (जालोर), अनुशा (22) निवासी दांता (जालोर), शिवराज (3) और युवराज (6) पुत्र धारूराम निवासी बागोड़ा (जालोर) के रूप में हुई है। शिवराज और युवराज सगे भाई थे।

  • Haryana: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला…. मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार

    Haryana: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला…. मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार


    चंडीगढ़।
    हरियाणा (Haryana) में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में 590 करोड़ रुपये के घोटाला में बड़ी खबर है. इस मामले में एसीबी की टीम ने घोटाला के मास्टर मांइड (Master Mind) रिभव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. फर्जीवाड़े में शामिल अभिषेक सिंगला, अभय और महिला स्वाति की गिरफ्तारी हुई है।

    देर रात पंचकूला के सेक्टर 6 हॉस्पिटल में सभी आरोपियों का मेडिकल करवाया गयया है. मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से मामला दर्ज किया गया है.गौर रहे है कि आरोपी रिषभ बैंक में पूर्व मैनेजर था, जिसे नौकरी से निकाल दिया गया था. हरियाणा सरकार के पंचायत विभाग के पैसों का गबन किया गया था।

    बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड रिषभ मोहाली का रहने वाला है और वह बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात रहा था. गौरतलब है कि बैंक की तरफ से अब तक 578 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार को लौटा दिए गए हैं. इस पूरे घोटाले में प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 180 करोड़ रुपये थे।


    आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के मास्टरमाइंड कौन

    दरअसल, हरियाणा सरकार के 18 विभागों के खातों से कुल 590 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई थी. आरोपी मास्टरमाइंड चंडीगढ़ में आईडीएफसी ब्रांच में तैनात था. 19 फरवरी को बैंक के हैडक्वार्टर में इस बारे में पता चला था. पिछले साल बैंक ने इंटर ऑडिट करवाया था और हेराफेरी की बात सामने आने पर मास्टरमाइंड पूर्व मैनेजर को नौकरी से निकाल लिया था. आरोपी ने दोस्तों और जानकारों के नाम पर कागजों में फर्जी कंपनियां बनाईं थी और सरकारी पैसे को इन खातों में ट्रांसफर किया. ये पैसा एफडी के रूप में दिया गया था. उधर, मामले को लेकर मंगलवार को बजट सत्र के दौरान हंगामा भी देखने को मिला था और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर सवाल उठाए थे. इस सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा था कि सारा पैसा वापस आ गया है और जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है।


    बैंक की प्रतिक्रिया भी आई

    आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने बताया कि हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों के खातों में मूलधन एवं ब्याज समेत पूरी राशि जमा करा दी है जो कुल मिलाकर 583 करोड़ रुपये है. बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, “मामले की जांच जारी होने के बावजूद बैंक ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों की ओर से दावा की गई मूलधन और ब्याज की समूची राशि का भुगतान कर दिया है, जो शुद्ध रूप से 583 करोड़ रुपये है.” बैंक ने कहा कि वह कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और राज्य सरकार के विभागों के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और अपनी देनदारियों की वसूली के लिए प्रयासरत रहेगा. बैंक ने चंडीगढ़ की एक शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था।

    सीएम सैनी को सदन में देना पड़ा जवाब
    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले पर विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक मामले में करीब 556 करोड़ रुपये की राशि वापस हासिल कर ली है. मुख्यमंत्री ने कहा, “लगभग 22 करोड़ रुपये के ब्याज समेत करीब 556 करोड़ रुपये 24 घंटे के भीतर ही वापस आ गए.” उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के विभागों से संबंधित पूरी राशि दोबारा खातों में जमा करा दी गई है और यह वसूली 24 घंटे के भीतर हुई है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, बैंक ने सरकार को सूचित किया है कि मामला चंडीगढ़ की एक शाखा से जुड़ा है, जिसमें मध्य और निचले स्तर के चार-पांच बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे बैंक कर्मचारी हों, निजी व्यक्ति हों या सरकारी कर्मचारी हों. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने पहले कहा था कि यह धोखाधड़ी हरियाणा सरकार से जुड़े सीमित खातों तक ही सीमित है और चंडीगढ़ शाखा के अन्य ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं है. मामला सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के साथ एयू स्माल फाइनेंस बैंक को भी सरकारी कामकाज की सूची से हटाने का निर्णय लिया है।