Category: State

  • Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई

    Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई


    ग्रेटर नोएडा।
    गौतम बुद्ध नगर जिले (Gautam Buddha Nagar District) में धर्मांतरण (Conversion.) के लिए लोगों को प्रलोभन देकर उकसाने का मामला पिछले पन्द्रह साल से चल रहा है। दादरी (Dadri) से इसकी शुरुआत हुई जो धीरे-धीरे कस्बे से निकलकर शहर की ओर बढ़ रहा है। हिंदू संगठनों का कहना है कि पुलिस इसमें कार्रवाई करती है लेकिन, इसकी जड़ तक नहीं पहुंच पाती। इससे यह मामला अब बड़े स्तर पर पहुंच गया है।


    15 साल से चल रहा धर्मांतरण का रैकेट

    दादरी कस्बे के गौतमपुरी मोहल्ले में करीब पन्द्रह साल पहले ईसाई धर्म के लोग दूसरे धर्म के लोगों को प्रलोभन देने के लिए रविवार को प्रार्थना सभा कराते थे। एक हिंदू संगठन से जुड़े पदाधिकारी ने बताया कि मोहल्ले में सार्वजनिक स्थल पर चोरी छिपे सभा आयोजित की जाती थी, लेकिन इस धर्मांतरण को लेकर लोग जागरुक नहीं थे। कोई विरोध भी नहीं करता था। एक लाख रुपये का प्रलोभन देकर धर्म के प्रति लोगों को उकसाया जाता था। उसे दौरान कुछ लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी। पुलिस मौके पर पहुंचती थी। इसके बाद धर्म परिवर्तन कराने वाले लोग वहां से भाग जाते थे।


    सेक्टर डेल्टा दो में भी ऐसा मामला सामने आया था

    सेक्टर डेल्टा-2 में हिंदू परिवार की महिला को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच देने पहुंचीं महिलाओं समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया गया। सभी आरोपी घर में हिंदू परिवार की महिला को धन का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे।

  • Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत

    Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत


    दौसा।
    राजस्थान के दौसा (Dausa, Rajasthan) में मंगलवार रात एक भयानक हादसा हो गया। एनएच-2 पर एक तेज रफ्तार कार (High Speed Car) ने नियंत्रण खोने के बाद ट्रेलर में टक्कर मार दी। भीषण हादसे में छह दोस्तों (Six Friends) की मौत हो गई। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे।

    हादसा जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कैलाई गांव के पास रात करीब 11 बजे हुआ। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रेलर में जा घुसी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर में फंस गया और उसे क्रेन की मदद से बाहर निकालना पड़ा। कार में सवार सभी 6 युवक दौसा जिले के कालाखो गांव के रहने वाले थे। वे आभानेरी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

    समारोह से लौटते समय जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर उनकी कार तेज गति में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार अचानक अनियंत्रित हुई, डिवाइडर पार कर गई और दूसरी लेन में सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगवाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद कार को ट्रेलर से अलग किया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


    चार की सिकंदरा अस्पताल में और दो की दौसा में मौत

    सिकंदरा अस्पताल में डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य गंभीर रूप से घायल युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से एक युवक ने दौसा में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में कुल छह युवकों की जान चली गई।


    23 से 26 साल के सभी दोस्त

    मृतकों की पहचान समय सिंह (25) पुत्र राम सिंह योगी, लोकेश (24) पुत्र गोवर्धन योगी, दिलखुश (24) पुत्र बनवारी योगी, मनीष (23) पुत्र हरिमोहन योगी, अंकित (26) पुत्र लालाराम बैरवा और नवीन (23) के रूप में हुई है।


    हादसे के बाद मचा कोहरा

    घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। एक साथ छह युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।

  • असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग

    असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग


    नई दिल्ली।
    भाजपा (BJP) की असम इकाई (Assam Unit) द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो को कांग्रेस (Congress) ने नरसंहार का खुला आह्वान बताया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें ‘अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या’ दिखाई गई है, जो बेहद गंभीर है। साथ ही कहा कि न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए। अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए थे। इनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है, जबकि दूसरे की दाढ़ी है। वीडियो के कैप्शन में ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा गया था।

    कांग्रेस महासचिव ने क्या लिखा
    कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने कहाकि भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया। यह नरसंहार का खुला आह्वान है-एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।


    क्या अदालतें सो रही हैं

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री शर्मा को मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते हुए दिखाने वाले वीडियो को केवल हटाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि यही असली भाजपा है। यह नफरत, जहर और हिंसा आपकी दी हुई है, मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी एक्स पर कहाकि नरेन्द्र मोदी जी, आप ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं। लेकिन आपके नेता हिमंता बिस्वा सरमा का मुसलमानों को गोली मारते दिखाने वाला वीडियो भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक खाते से पोस्ट किया गया। उन्होंने कहाकि यह भारतीय संविधान पर हमला है। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि उच्चतम न्यायालय मूकदर्शक बना हुआ है। न्यायालय की चुप्पी और स्वतः संज्ञान न लेने से उसकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।


    क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी

    शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि भाजपा की असम इकाई के एक्स अकाउंट पर ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत और लक्षित हिंसा से भरा वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बेशर्मी’ से नफरत फैलाने वाले और राजनीतिक रूप से लक्षित करने के इस सबसे घृणित रूप को नजरअंदाज करेगा जो भाजपा के सामने असल में असहाय और बेकार है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में कहाकि भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जो अल्पसंख्यकों की लक्षित, प्रत्यक्ष हत्या का महिमामंडन करता प्रतीत होता है।


    घृणित और परेशान करने वाला

    विपक्षी दल ने कहाकि यह बेहद घृणित और परेशान करने वाला है और इसे सामान्य ट्रोल सामग्री कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार का आह्वान है। इसमें कहा गया कि यह इस फासीवादी शासन के असली चेहरे का प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, समाज में अशांति और जहर फैलाने के इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहाकि नरेन्द्र मोदी ने अपने नेताओं को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से किया गया पोस्ट इसका सबूत है- जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ‘पॉइंट-ब्लैंक’ पर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

    इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा सत्ता के लिए समाज में जहर घोल रही है, लोगों को हिंसा के लिए भड़का रही है। उसकी इस शर्मनाक करतूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी मोदी के लाडले हिमंता ने मुसलमानों के खिलाफ खुलेआम बयान देकर, उन्हें परेशान करने की बात कही थी। कांग्रेस ने कहाकि नफरत भाजपा के डीएनए में हैं। ऐसी विचारधारा देश के लिए जहर है, जिसे परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

  • UP: आज राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, पहले ही दिन लाए जाएंगे 11 विधेयक

    UP: आज राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, पहले ही दिन लाए जाएंगे 11 विधेयक


    लखनऊ।
    यूपी विधानमंडल (UP Legislature) का बजट सत्र (Budget Session) सोमवार से शुरू हो रहा है। तय कार्यक्रम के मुताबिक बजट सत्र ((Budget Session) ) के लिए 20 फरवरी तक का कार्यक्रम जारी किया गया है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) का अभिभाषण होगा। पहले दिन ही सदन में 11 विधेयक को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। विधानसभा का बजट सत्र हंगामी होने के आसार है। सपा और कांग्रेस ने सरकार को एसआईआर, प्रदेश की कानून व्यवस्था, केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका से किए जा रहे ट्रेड डील के मसले पर घेरने की तैयारी की है।


    यूपी सरकार का बजट 11 को

    विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को 11 बजे शुरू होगा। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद अध्यादेशों, अधिसूचनाओं, नियमों आदि को सदन की पटल पर रखा जाएगा। मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही विधायक के निधन पर शोक बाद स्थगित हो जाएगी। इसके अगले दिन 11 फरवरी को यूपी सरकार का बजट आएगा।

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा बजट पढ़ा जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र में विरोधी दलों ने जहां सरकार को घेरने की तैयारी की है, वहीं सरकार की ओर से जवाब देने के लिए पुरी तरह से मुस्तैद रहेगी। कुल मिलाकर बजट सत्र में जोरदार हंगामे के आसार हैं।

    उधर, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बजट सत्र से एक दिन पहले रविवार को विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ ट्रेड डील से खेती किसानी पर संकट आएगा। सपा विधायक बजट सत्र में बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे।


    एसआईआर का काम प्रभावित न हो : सीएम

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में जुटे रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रविवार को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में कहा कि बजट सत्र के दौरान भी सभी विधायक अपना कार्यालय खोलें और एसआईआर का काम प्रभावित न होने दें। बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री, यूपी भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और विधायकगण भी मौजूद रहे। ब्योरा P04

    सदस्यों को मौके देने के लिए देर शाम तक चलाएंगे सदन: सतीश महाना
    विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दलीय नेताओं की बैठक में कहा है कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर देर शाम तक सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी, ताकि प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व के इतिहास पर दृष्टि डाली जाए तो विगत चार वर्षों में इस विधानसभा में सर्वाधिक चर्चा हुई है। विधान सभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने पक्ष को सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अंतर्गत रखें और प्रेमपूर्ण वातावरण में बहस करें।

    उन्होंने अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्व के सत्रों में सभी का सहयोग प्राप्त हुआ है, उसी प्रकार इस सत्र में भी सहयोग की आशा है। सतीश महाना की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

  • सूरजकुंड मेले में झूला गिरा, इंस्पेक्टर की मौत, 11 पर्यटक जख्मी

    सूरजकुंड मेले में झूला गिरा, इंस्पेक्टर की मौत, 11 पर्यटक जख्मी


    फरीदाबाद।
    फरीदाबाद (Faridabad) में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले (International Surajkund Fair) में शनिवार को झूला गिरने से हरियाणा पुलिस (Haryana Police) के एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य पर्यटक घायल हो गए। घायलों में से नौ को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तीन अन्य को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हरियाणा सरकार ने घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। हादसे के बाद मेला स्थल को खाली करवा लिया गया है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री तथा पर्यटन मंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। फरीदाबाद के जिला उपायुक्त से रविवार सुबह तक जांच रिपोर्ट मांग ली गई है। सूरजकुंड में शनिवार को एक के बाद एक दो हादसे हुए हैं।

    सूरजकुंड मेले में शनिवार व रविवार को अन्य दिनों के मुकाबले भारी भीड़ रहती है। आज शाम यहां गेट गिरने से एक बच्चा व एक युवा घायल हो गए। बताया जा रहा है गेट नंबर दो हिल रहा था। ऐसे में मेला प्रबंधन के कर्मचारी गेट को ठीक कर रहे थे। उन्होंने लोगों को उस तरफ जाने से रोका हुआ था। इस दौरान हवा के झोंके के साथ गेट गिर गया। वहां से गुजर रहे सेक्टर-28 निवासी सुमित मल्होत्रा घायल हो गए। उन्हें बादशाह खान अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसमें एक बच्चे को भी मामूली चोट आई।

    अभी मेला आयोजक इस स्थिति को सामान्य कर ही रहे थे कि मेला परिसर में लगा तूफानी नामक झूला टूट गया। झूले में 18 लोग सवार थे। झूला टूटने से मेला परिसर में भगदड़ मच गई। इस हादसे में पुलिस कर्मचारियों सहित एक दर्जन लोग जख्मी हो गए। हादसे का शिकार हुए झूले की चेन पुरानी होने के कारण यह घटना हुई है। हादसे के बाद यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल ने हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र को खाली करवा लिया।

    फरीदाबाद के उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि झूला टूटने की घटना में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिसमें नौ लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन लोगों का बादशाह खान सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। लोगों को बचाते हुए हरियाणा पुलिस के एक पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की जान चली गई, जो पलवल में तैनात थे और यहां मेला डयूटी पर आए हुए थे। झूला टूटने के बाद लोगों को बचाने के प्रयास में उनकी जान चली गई। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टूरिज्म विभाग द्वारा डेली इंस्पेक्शन रिपोर्ट बनाई जा रही थी। वेंडर की लापरवाही की जांच की जाएगी और दोषी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।

    इस बीच हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि आज शाम 39वें सूरजकुण्ड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 के दौरान झूला क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हमारी सबकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार पूरी तत्परता के साथ घायलों तथा उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

  • उड़ान भरते ही विमान के इंजन में लगी आग… कोलकाता एयरपोर्ट पर करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, बड़ा हादसा टला

    उड़ान भरते ही विमान के इंजन में लगी आग… कोलकाता एयरपोर्ट पर करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, बड़ा हादसा टला


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट (Kolkata Airport) पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब तुर्की एयरलाइंस (Turkish Airlines) की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान (International Flight) को बीच में ही इमरजेंसी लैंडिंग (Emergency Landing) करानी पड़ी। काठमांडू से इस्तांबुल जा रहे इस विमान के दाहिने इंजन में आग लगने की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद पायलट ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया। विमान में कुल 236 लोग सवार थे।


    इमरजेंसी लैंडिंग के बाद राहत की सांस

    एजेंसी के अनुसार, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग नेताजी सुभाषचंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NSCBI) पर बुधवार को दोपहर 2.49 बजे कराई गई। लैंडिंग के बाद सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं और अब विमान की सघन तकनीकी जांच की जा रही है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि विमान को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया है और विमान की स्थिति का पता लगाने के लिए एक विस्तृत तकनीकी निरीक्षण चल रहा है।


    तकनीकी जांच से मालूम होगा, क्या था असल कारण

    NSCBI एयरपोर्ट के निदेशक ने पुष्टि की कि विमान की तकनीकी जांच जारी है, ताकि यह पता चल सके कि इंजन में वास्तव में आग लगी थी या यह केवल एक चेतावनी संकेत (warning alert) था। एविएशन सूत्रों के अनुसार, उड़ान के दौरान इंजन से जुड़ी किसी भी तरह की चेतावनी को गंभीरता से लिया जाता है और पायलट की सतर्कता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

    सतर्कता से बचा बड़ा खतरा
    इस घटना के बाद, अब यह तय किया जाएगा कि विमान की तकनीकी जांच के बाद इसे फिर से उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी या यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान की जाएगी। तुर्की एयरलाइंस की ओर से इस घटना पर अभी तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, और इसके बारे में अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

  • Tamil Nadu में भाजपा को झटका… अन्नामलाई ने चुनाव से पहले प्रभारी पद से दिया इस्तीफा

    Tamil Nadu में भाजपा को झटका… अन्नामलाई ने चुनाव से पहले प्रभारी पद से दिया इस्तीफा


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu:) की सियासत में बड़ी हलचल मच गई है। भाजपा (BJP) के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई (Annamalai) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पिता की बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए तमिलनाडु के छह विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव प्रभारी पद से इस्तीफा (Resignation Post Election In-charge) लिया। अन्नामलाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस निर्णय की जानकारी तमिलनाडु भाजपा नेतृत्व को दे दी है और उनकी स्थिति को समझते हुए वह इस समय अपने पिता के पास रहना चाहते हैं।

    अन्नामलाई ने कहा, “मेरे पिता डायलिसिस पर हैं और उनके इलाज और देखभाल का जिम्मा लेना मेरी प्राथमिकता है। इस कारण से मैं फिलहाल यात्रा करने की स्थिति में नहीं हूं। मैंने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि वे इन छह विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी किसी अन्य नेता को सौंप दें।”

    अन्नामलाई को जिन छह विधानसभा क्षेत्रों का चुनाव प्रभारी बनाया गया था, वे हैं – सिंगानल्लूर, विरुगमबाक्कम (चेन्नई), करैक्कुडी, श्रीवैकुंटम, मदुरै (दक्षिण), और पद्मनाभपुरम (कन्याकुमारी)। अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भविष्य में पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि पार्टी उनके स्थान पर किसी अन्य नेता को नियुक्त कर सकती है।

    अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद राजनीतिक सियासत भी तेज हो गई। किल्लियूर के कांग्रेस विधायक राजेश कुमार ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा, “उन्हें चुनावी बुखार चढ़ गया था, और इसीलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया। मुझे लगता है कि चुनावी हार के डर से ही उन्होंने यह कदम उठाया है।” उन्होंने कहा, “कन्याकुमारी में भाजपा का कमल नहीं खिलेगा, चाहे वे कोई भी कदम उठाएं।”

  • उमर अब्दुल्ला बोले- Ind vs Pak मैचों को युद्ध जैसा दिखाने की वजह से होते हैं विवाद

    उमर अब्दुल्ला बोले- Ind vs Pak मैचों को युद्ध जैसा दिखाने की वजह से होते हैं विवाद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Chief Minister Omar Abdullah) ने मंगलवार को पाकिस्तान (Pakistan) के टी20 विश्व कप (T20 World Cup) से भारत (India) के खिलाफ मैच बहिष्कार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इसे खेल और राजनीति के जटिल रिश्ते का परिणाम बताया। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच मैचों को अक्सर युद्ध की तरह पेश किया जाता है, जिससे खेल को राजनीति से जोड़ने की प्रवृत्ति और विवादों का कारण बनती है।

    अब्दुल्ला ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के मैचों को हमेशा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। आप इसे कभी भी सामान्य मैच की तरह कवर नहीं करते।” उन्होंने कहा कि जब दूसरे देशों के खिलाफ मैच होते हैं, तो उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों को बेहद नाटकीय रूप से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे ऐसे विवादों की स्थिति उत्पन्न होती है।

    इस बीच, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर वह 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। पाकिस्तान ने यह फैसला अपनी सरकार के निर्देश पर लिया है, लेकिन उसने औपचारिक रूप से इस बारे में ICC को कोई जानकारी नहीं दी है।


    प्रसारक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का खतरा

    सूत्रों के मुताबिक, अगर पाकिस्तान ने मैच का बहिष्कार किया, तो टूर्नामेंट के आधिकारिक प्रसारक जियोस्टार की ओर से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, ICC पाकिस्तान का सालाना राजस्व हिस्सा (लगभग 3.5 करोड़ डॉलर) रोक सकता है। पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के एक सूत्र ने बताया कि बोर्ड ने इस मामले पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से पहले कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली थी, लेकिन वे इसके गंभीर परिणामों के लिए तैयार हैं।

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड…. CBI ने 'वीआईपी' पर दर्ज किया केस

    अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड…. CBI ने 'वीआईपी' पर दर्ज किया केस


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के बहुचर्चित अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation – CBI) ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की जांच के लिए दिल्ली स्थित अपनी एससी-2 यूनिट में मामला दर्ज किया है। यह मुकदमा अज्ञात ‘वीआईपी’ पर दर्ज किया गया है, और अब सीबीआई इस हत्याकांड से जुड़ी सभी पुरानी जानकारियों की छानबीन करेगी।

    अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। अंकिता के पिता ने साफ तौर पर कहा था कि उनकी बेटी की हत्या एक ‘वीआईपी’ की वजह से हुई, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद सीबीआई ने पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और अब एक विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है।


    सीबीआई का टेकओवर: अब पुलिस से जांच ली अपने हाथ में

    सीबीआई की विशेष टीम ने राज्य पुलिस से केस से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं। सीबीआई का मुख्य ध्यान इस समय पुलिस द्वारा की गई जांच और उससे जुड़े तथ्यों, विशेष रूप से कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और भूमिका की जांच पर केंद्रित होगा।


    हत्याकांड की टाइमलाइन

    यह मामला 18 सितंबर 2022 को शुरू हुआ, जब ऋषिकेश स्थित वंतारा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम कर रही अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई। लगभग एक सप्ताह बाद, 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।


    वायरल वीडियो और ऑडियो के बाद मामला फिर सुर्खियों में

    इस मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ा, जब सोशल मीडिया पर कुछ कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल हो गए। इनमें ज्वालापुर से एक पूर्व भाजपा विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का उल्लेख किया था। इसके बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए, और सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कथित ‘वीआईपी’ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, और जांच तेज कर दी है।

    अंकिता के माता-पिता इस वक्त सीबीआई से यह उम्मीद लगाए हुए हैं कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। परिवार का मानना है कि अब जब सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लिया है, तो इस केस में नई दिशा में जांच हो सकती है और तथ्यों की गहराई से छानबीन की जा सकती है। यह जांच इस हत्याकांड के बाकी रहस्यों को उजागर करने और न्याय की उम्मीदों को पंख देने का एक बड़ा कदम हो सकता है।

  • न्यायालय ने कहा केवल अदालत को है सजा देने का अधिकार पुलिस नहीं कर सकती एनकाउंटर

    न्यायालय ने कहा केवल अदालत को है सजा देने का अधिकार पुलिस नहीं कर सकती एनकाउंटर

    नई दिल्ली। प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की हाफ एनकाउंटर प्रथा पर गहरी चिंता और तीखी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने इस मामले में प्रदेश के डीजीपी और गृह सचिव को तलब किया है और स्पष्ट जवाब देने को कहा है। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के पैरों या शरीर के किसी अन्य हिस्से में गोली मारने के संबंध में कोई मौखिक या लिखित निर्देश दिए गए हैं।

    जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने यह आदेश मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसी मुठभेड़ अब नियमित होती जा रही हैं और कथित तौर पर इसका उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना या आरोपियों को सबक सिखाना हो सकता है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस आरोपी के पैरों में गोली मारकर इसे मुठभेड़ बताती है और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। न्यायालय ने कहा कि संविधान के अनुसार किसी भी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार केवल अदालत के पास है पुलिस के पास नहीं है। कोर्ट ने चिंता जताई कि छोटे मोटे अपराधों जैसे चोरी के मामलों में भी पुलिस एनकाउंटर का सहारा ले रही है।

    कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे निर्देश जारी किए गए और उनका पालन किया गया तो संबंधित जिले के पुलिस प्रमुख यानी SP SSP या कमिश्नर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट की अवमानना के लिए जिम्मेदार होंगे। इस स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे निर्देश और प्रथाएं कानून व्यवस्था के नाम पर अनुचित और असंवैधानिक हैं।अदालत ने यह भी कहा कि हाफ एनकाउंटर प्रथा से न केवल आरोपी का जीवन खतरे में पड़ता है बल्कि यह पुलिस के प्रति आम जनता के विश्वास को भी प्रभावित करती है। न्यायालय ने डीजीपी और गृह सचिव से पूछा कि इस तरह के निर्देश किसी प्रकार से नीति या प्रशिक्षण का हिस्सा तो नहीं बन गए।

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद यूपी पुलिस में हलचल मची है और सभी वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में लिखित रूप से स्पष्ट जवाब देने की तैयारी में हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि कानून का पालन किया जाएगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की असंवैधानिक कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।इस आदेश को पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका के बीच जवाबदेही और संवैधानिक अधिकारों की सीमा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।